train me sex Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/train-me-sex/ Hindipornstories.org Mon, 14 Jun 2021 14:26:41 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 Chalti Train Mein Ho Gaya Kand https://sexstories.one/chalti-train-mein-chudai-ki-kahani/ Mon, 14 Jun 2021 14:26:41 +0000 https://sexstories.one/?p=3785 मेरा नाम शान हे. में चाची के घर से वापस नागपुर मेरे कॉलेज जा रहा था. अचानक जाना हुआ इसलिए रिज़र्वेशन नही मिला. मैने सोचा अकेला हूँ समान भी नही है जनरल में ही चला ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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मेरा नाम शान हे. में चाची के घर से वापस नागपुर मेरे कॉलेज जा रहा था. अचानक जाना हुआ इसलिए रिज़र्वेशन नही मिला. मैने सोचा अकेला हूँ समान भी नही है जनरल में ही चला जाता हूँ. जनरल की भीड-भाड तो आपको पता ही है. मैं एक्सप्रेस के जनरल बोगी मे चढ़ा ही था की ट्रेन चल पड़ी. धक्का मुक्की करते करते हुए किसी तरह थोड़ी सी जगह मिल गई.

मैने राहत महसूस की. जहाँ मैं बैठा था मेरे दाये में एक 22-23 साल की महिला या यूँ कहिए की लड़की बैठी थी. पर शादीशुदा थी इसलिए मैने महिला कहा।

पर शायद वो बहुत गरीब परिवार से थी जैसा की उसके कपड़े से लग रहा था. वो विंडो के पास थी. और में उसके जस्ट साइड मे था और मेरे बाद एक 50साल का बुड्डा बैठा था. ठंड का मौसम था इसलिए मेने उनसे कहा खिड़की बंद कर दीजिए. उसने विंडो बंद कर दिया. शाम के लगभग 7:30 बज़ रहे थे. सभी यात्री लगभग सोने ही लगे थे वो भी खिड़की पर सिर टीका कर सो गयी. मुझे भी नींद लगी थी.

पर ट्रेन के हिलने से उसकी जांघे मेरी जांघों से टकरा रही थी अच्छा लग रहा था. थोड़ी देर मे झपकी लेते हुए मैने सिर उनके कंधे पर रख दिया. फिर एकदम से होश आया और मैने सिर हटा लिया. उनको भी लगा मैने जान बुझ कर नही रखा है इसलिए कुछ नही बोली. कुछ देर बाद फिर ऐसा ही हुआ मेने फिर सिर हटा लिया. इस तरह जब 3-4 बार ऐसा हो गया तो वो बोली कोई बात नही आप आराम से सिर रख लीजिए क्योंकि जब जब मेरा सीर से टकराता था उनकी भी नींद खुल जाती थी।

मैं उनके कंधे पर सिर रख कर सो गया. मुझे पता नही था की नींद मे ही मेरा लेफ्ट हाथ उनके जांघ पर था और ट्रेन के हिलने से उनकी कोमल जांघे रग़ड खा रही थी. मैने अपना राईट हाथ उनके गले मे डाल दिया उसने मेरी हथेली पर अपना सिर रख दिया. क्योकि विंडो से शायद उसे चोट लग रही थी. थोड़ी देर बाद. मेरी नींद आधी खुली मैं अपनी पोज़िशन देख कर चौंक गया. पर मैं वैसे ही पड़ा रहा क्योकि कुछ करने से वो जाग सकती थी. पर मुझे लगा शायद उसे भी अच्छा लग रहा है।

फिर मैं सीधा होकर बेठ गया और उसका सिर अपने कंधे पर रख लिया उसने भी आराम से अपना सिर मेरे कंधे पर रख दिया. इसी दौरान उसका गाल मेरे गाल से टच हुआ मुझे तो झटका लगा. उधर मेरा लेफ्ट हाथ उसकी जांघों को रगड़ रही थी. मेरा लंड पैंट के अंदर टाइट होने लगा और चुदाई का भूत मन मे जागने लगा. मैने उसे साल ओढ़ने के बहाने अपना हाथ उसकी चुचियों पर रखा और शांत हो गया की उसे लगे की मैने जान बुझ कर नही किया है. थोड़ी देर जब वो कुछ नही बोली तो मेरा साहस बढ़ गया और मैं उसकी चुचियाँ हल्के से सहलाने लगा. वो कुछ नही बोली और मेरी तरफ और सरक गई. मैने उसके मन की बात जान ली अपना काम चालू रखा।

थोड़ी देर मे मैने उसका हाथ मेरे पैंट पर महसूस किया. वो पैंट के उपर से मेरे लंड को सहला रही थी. मैने नज़र घुमा कर देखा सभी पॅसेंजर सो रहे थे. मैने उसे अच्छी तरह अपने साल में छुपा लिया और उसकी साड़ी उपर कर दी और उसकी पेंटी पर हाथ लगाया. उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी. वो मेरे पैंट का ज़ीप खोल रही थी. तभी कोई स्टेशन आया हम लोग उसी तरह पड़े रहे. उस स्टेशन पर बहुत सारे लोग उतर गये. शायद वो लोग जनरल पॅसेंजर थे. रात के 11:30 बज रहे थे. ट्रेन चल पड़ी.

अब सामने वाली सीट पर 4 पॅसेंजर थे और मेरे सीट पर हम लोग और वही बुड्डा बेठा था. ट्रेन रुकने से सभी जाग गये थे. मैने सामने वाले से पूछा आप लोग कहाँ उतरेंगे तो वो लोग बोले अगले स्टॉप पर. तो बुड्डा बोला मुझे भी जगा देना भाई. मैने पूछा अगला स्टॉप कब आएगा तो वो बोले 40मिनट बाद।

मैने शाल से एक हाथ उसके बेग से कंबल निकाल कर उन दोनो को पूरी तरह से ढक लिया. 10 मिनट में फिर सभी सो गये. मैने अब उनसे नाम पूछा तो उसने अपना नाम सुनीता बताया और बोली उसका पति मुंबई में रिक्शा चलाता है और शादी के अभी 8 महीने ही हुए हैं. सास से नही बनती थी इसलिए अपने मायके जा रही हूँ जो नागपुर से 5-6स्टॉप पहले है और शायद 3:30 बजे आएगा. मैने पूछा सुनीता तुम्हे सब बुरा तो नही लग रहा है.

वो बोली अच्छा लग रहा है साहब मेरे पति ने तो आज तक मुझे तन का सुख नही दिया. दारू पीकर आता है और सो जाता है और वो रोने लगी मेने उसे सिने से लगा लिया और बोला रो मत. फिर मैं उसकी चूचिया दबाने लगा।

सुनीता : आ..आ.. सी…सी…तोड़ा धीरे साहिब….

मैं : ब्लाउस खोल दूँ…

सुनीता : खोल दीजिए साहब….

मैने ब्लाउस खोल दिया अंदर बहुत ही टाइट ब्रा पहन रखी थी जो मुझसे खुल नही रही थी. फिर उसने हाथ पीछे करके ब्रा खोल दिया. मैं उसकी चुचियों को सहलाने लगा और वो मेरे लंड को प्यार से सहला रही थी. जब मैं उसके निप्पल को पकड़ता था तो उसके मूह से उई…आ…ईईईईईई निकल जाती थी।

सुनीता : साहब मैं आपका लंड मूह में लू? मैने कहा हां ले लो और चूसो… वो मेरा लंड चूसने लगी और मैं अपना हाथ पीछे ले जाकर पैंटी उतार दी और चूत पर रखा. उसकी चूत गर्म थी और उस पर घने बाल थे. पूरी चूत और बाल गीले थे. मेरा पुरा हाथ गीला हो गया. मैने अपना हाथ सूंघ कर देखा क्या खुशबू थी. फिर मिने उसके चूत का पानी चाट लिया सच कहता हूँ मज़ा आ गया. तभी सामने वाले ने बुड्ढे से कहा चाचा जी चलो बैतूल आ गया. हम दोनो जैसे थे वैसे ही पड़े रहे. थोड़ी देर मे जब ट्रेन चली तो करीब पूरा कंपार्टमेंट खाली था।

मैं : सुनीता कभी किसी से चूत चुसवाई हो…

सुनीता : नही साहब…

मैं : आज मैं चूसता हूँ…

सुनीता : साहब दर्द तो नही होगा…

मैं : बहुत मज़ा आएगा… तुम्हे मेरा लंड चूसने मे मज़ा तो आ रहा है ना…

सुनीता : बहुत मज़ा आ रहा है साहब… आपका लंड तो बहुत बड़ा है (9”) मेरे पति का तो बहुत ही छोटा है…

मैं समझ गया की लड़की सेक्स की भूखी है. मैने 69 का पोज़िशन बनाया और चालू हो गये. मैने उसके बालों को हटाकर दोनो हाथों से चूत के दोनो होंठो को अलग किया और अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी. साहब क्या कर रहे हो? मैने उसका सिर पकड़कर अपने लंड पर दबा दिया. अब वो भी ज़ोर ज़ोर से मेरा लंड चूसने लगी. मेने अपनी स्पीड बढ़ा दी. थोड़ी देर मे उसने पानी छोड़ दिया.

मैने उसके चूत के एक एक बूँद रस को चाट लिया. फिर मेरे लंड ने पानी छोड़ा तो मूह हटाने लगी. शायद उसे अच्छा नही लग रहा था. मैने उसका सिर पकड़ कर लंड पर दबा दिया और कहा क्या कर रही हे इस अमृत के लिए तो लड़कियाँ मरती हे और तुम बर्बाद कर रही हो…

फिर वो पूरा वीर्य पी गयी और बोली. साहब ये तो बहुत अच्छा लगा. फिर हम दोनों ने एक ही बाथरूम मे जाकर पेशाब किया और वहीं एक दुसरे को फिर से गर्म करने लगे. में उसके टाँगों के नीचे बैठकर उसकी चूत पीने लगा. थोड़ी देर बाद वो बोली क्या करते हो साहब अब तो अपने लंड का स्वाद मेरी चूत को चखाओ… मेने उसका एक पैर उपर करके अपना लंड उसकी चूत पर लगाया और हल्का सा धक्का मारा उसकी चीख निकल गई उउउइईईईईई साहब मर जाउंगी निकालो नाआआअ…

मेने उसका होंठ अपने मूह मे ले लिया और एक जोरदार धक्का मारा इस बार उसकी चूत को चीरता हुआ पूरा अंदर चला गया. उसके मूह से सिर्फ़ हु.. हु.. की आवाज़ निकली।

थोड़ी देर मे उसकी चूत में रास्ता बन गया और मेरा लंड आसानी से आ जा रहा था. अब उसे भी मज़ा आ रहा था पर उसने कहा साहब पैर दर्द कर रहा है… मैने उसे कमोड पर बिठा दिया और चोदना चालू किया और वो साहब ओर और सी… मेरी चूत को फाड़ डालो साहब… बहुत मजा आ रहा है… आआहह.. ऊहह.. चोदो साआआहब मेरी चूत की प्यास बुझा दों… मैं भी जोश में आकर झठके मारने लगा वो भी गांड उचकाने लगी. 10 मिनट बाद साहब और तेज… मेने समझ लिया वो झड़ने वाली है.

मैने स्पीड बढ़ा दिया. फिर हम दोनो एक साथ झडे उसने मुझे कसकर अपने सिने से लगा लिया और तभी छोड़ा जब मेरा लंड सिकुड कर छोटा होकर उसकी चूत से निकल गया।

फिर उसने पानी से मेरा लंड धोया फिर अपनी चूत साफ की और हम लोग सीट पर आकर कपड़े पहनकर बैठ गये. सर्दी में भी हम लोग पसीने पसीने हो गये थे. थोड़ी देर में मुझे नींद आ गई और मैं उसके गोद में सिर रख कर सो गया. मेरी नींद को चाय वाले ने तोड़ा. मैने देखा वो लड़की नही थी. मैने चाय वाले से पूछा भैया गाड़ी कहाँ खड़ी है… वो बोला साब नागपुर से एक स्टेशन पहले…

मैं रात की बात याद करके मन ही मन मुस्कुराने लगा।

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Chalti Train Me Poonam Ki Chudai https://sexstories.one/chalti-train-me-poonam-ki-chudai/ Fri, 05 Feb 2021 05:09:08 +0000 https://sexstories.one/chalti-train-mein-poonam-ki-chudai-xxx-storiez/ मेरा नाम राहुल है। मेरा रंग गोरा भूरा कद 5.10 फिट है। मै बहुत सुन्दर हूँ। में दिल्ली का रहने वाला हूँ। ये मेरी पहली कहानी है। मैं एक बार दिल्ली से कानपुर ट्रेन के ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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मेरा नाम राहुल है। मेरा रंग गोरा भूरा कद 5.10 फिट है। मै बहुत सुन्दर हूँ। में दिल्ली का रहने वाला हूँ। ये मेरी पहली कहानी है। मैं एक बार दिल्ली से कानपुर ट्रेन के 1st एसी में सफ़र कर रहा रहा था और जैसा आप को पता ही होगा की 1st एसी मैं एक केबिन होता है। जिसमे चार बर्थ होती है। तो में दिल्ली से ट्रेन में बैठा और मेरे अलावा कोई भी उस ट्रेन के केबिन में नही था। chalti train me chudai

कुछ समय बाद ट्रेन चल पड़ी और ग़ाज़ियाबाद स्टेशन पर पहली बार रुकी।

वहाँ से एक सेक्सी औरत ट्रेन मै चड़ी उसकी उम्र 32 साल की होगी फिगर 38-30-38 होंगे। उसने सफेद और गुलाबी कलर की गहरे गले की कुर्ती पहनी थी। जिसमे से उसकी ब्रा का रंग साफ झलक रहा था। और गुलाबी कलर की पेंट पहने हुई थी वो अंदर आई और अपना सामान रखा और मेरे पास बैठ गयी और वो मुझसे पूछने लगी की आप अकेले है??

और मैने जवाब दिया जी हाँ मै अकेला हूँ। chalti train me chudai

और फिर हमारी जनरल बातचीत शुरु हो गयी। उसने अपना नाम पूनम बताया । कुछ समय बाद ट्रेन चल पड़ी और हम बैठे बाते कर रहे थे। इतने में उनको बाथरूम जाना था वो खड़ी हो गई। और उसी समय अचानक ट्रेन का झटके से ब्रेक लगा और वो एक दम से मेरे उपर आ गिरी और उसके बूब्स जो की आधे खुले हुए थे मेरे मुहँ पर आकर के चिपक गये। वो मुझसे कहने लगी ऊ..सॉरी सॉरी..

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मैने उनसे कहा कोई बात नही मेडम वो हंसी और फिर उठ कर बाथरूम करने चली गयी… जब वो वापस आई फिर इतने समय में टीटी आया उसने हम दोनों की टिकट चेक की मैंने उनसे पूछा टीटी साहब कोई इन दोनों उपर वाली बर्थ पर सवारी नहीं आयेगी क्या? उन्होने कहा शायद जिसकी बर्थ थी वो नही आए रिज़र्वेशन उनका दिल्ली से ही था। और फिर पूनम जी उठी उन्होने केबिन लॉक कर दिया।

कुछ समय बाद वापस लोटी तब वो मेरे पास आकर बैठ गयी। हमारी फिर से बातचीत शुरु हो गयी। लेकिन इस बार थोड़ी खुलकर बातें होने लगी। फिर मैने पूछा पूनम तुम क्या करती हो। उसने कहा की वो किसी ऑफिस में काम करती है। लेकिन मेरी नज़र उसके आधे खुले बूब्स पर थी। वो मुझे देख रही थी की मैं उसके बूब्स को ही देख रहा हूँ। एक दम से उसने पूछा अच्छे लग रहे है क्या?? मैने कहा क्या मतलब?? उसने कहा की जो तुम देख रहे हो मेरे बूब्स।

मेरे तो एक दम से तोते उड़ गये। chalti train me chudai

मैने कहा सॉरी डियर।

असल में कुछ सोच रहा था। मेरी नज़र उधर थी पर ध्यान कही और था। पूनम हँसने लगी और कहने लगी इधर भी ध्यान दे दो यार। मैने कहा अब तो पूरा ध्यान दिमाग़ और नज़र सब उधर ही है। इतने मै वो मेरे पास मै आ कर बैठ गयी और मेरा हाथ पकड़ कर मसलने लगी यारो क्या बताउ वो बहुत सेक्सी होती जा रही थी। फिर हम दोनो आखों में आखें डाल कर एक दूसरे को देख रहे थे। उनकी आँखों में पूरा सेक्स का नशा चड़ा हुआ था।

फिर मैं पूनम के नज़दीक गया हो उसकी सांसो को महसूस करते हुए उसे किस करने लगा हम दोनों एक दूसरे को अपनी बाहों मै पकड़ कर स्मूच करने लगे। उसने अपना एक पैर मेरे उपर चड़ा लिया। और में अपने एक हाथ से उसके बाल पकड़ कर और दूसरे हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था। और वो मदहोश होती जा रही थी। मैने उसके लिप्स पर किस कर डाली। फिर उसके आधे ख़ूले बूब्स के बीच मै अपना फेस डाल कर किस करने लगा। और दूसरा हाथ बालो से हटा कर उसकी कुर्ती के अंदर पीछे से डाल कर उसे नशीली मसाज देते हुए उसकी कुर्ती उतार दी।

यारो वो लाल कलर की ब्रा मै खूब लग रही थी। chalti train me chudai

और मैंने अपना चहरा उसके एक दम मखमली सॉफ्ट बूब्स मै लगाये जा रहा था। उसे और मुझे दोनों को बहुत ही मज़ा आ रहा था। फिर मेने उसकी ब्रा निकाल दी उसके बूब्स बहुत बड़े और गोल थे और मे उसके निप्पल चूसने लगा उसके निप्पल एक दम मुलायम थे। उसने एक दम से मेरा पेंट के उपर से मेरा लंड पकड़ लिया। जो की पूरा बड़ा होकर 8 इंच का हो चुका था। और वो चुदने के लिए फड़ फड़ा रहा थी वो बहुत कामुक हो चुकी थी। पूनम ने जल्दी से मेरी पेंट और अंडरवेर को एक साथ उतार फेका। और वो जुट गयी मेरा लंड चूसने और दोनों हाथो से मेरी गांड दबाते हुए कस कस कर चूस रही थी वो मेरे लंड को।

फिर मैने उसकी टाइट पेंट उतारी तो उसके साथ उसकी पेंटी भी उतर गयी। अब हम दोनों एक दम से एक दूसरे के सामने नंगे थे। अब हम 69 मूड में थे। पूनम मेरे उपर थी और वो मेरा लंड मानो एक दम जंगली बिल्ली की तरह चूस रही थी। लेकिन ये मेरा पहला टाइम था मुझे चूत को चूसने मै परेशानी हो रही थी। फिर भी मैने अपनी दो उंगलिया डालते हुए उसे पूरा मज़ा दिया। मैने पूनम को बर्थ पर लेटाया और अपना लंड उसकी गीली चूत पर रगड़ने लगा।

पूनम बोली चोद दो मुझे राहुल चोदो मुझे। chalti train me chudai

मैने अपना लंड जैसे ही उसकी चूत मै अड़ाया और अंदर डालने लगा मेरा पूरा 8 इंच का लम्बा लंड उसकी चूत मैं फिसलता हुआ समा गया। और उसने चीखते हुए अपने लंबे नाख़ून से मेरी पीठ पर निशान कर दिये। अब मै अपना लंड अंदर बाहर कर के उसे चोद रहा था वो मेरे चेहरे को अपनी चुचियो मै दबाते हुए चोदो राहुल……आआहह कह रही थी।

अब मैने पूनम से कहाँ पूनम तुम ऊपर आओ। chalti train me chudai

मैं बर्थ पर लेट गया और पूनम मेरी जाँघो पर बैठ कर मेरा लंड अपनी चूत मै रगड़ रही थी। और चुदाई कर रही थी। फिर उसने लंड अंदर डाल कर धीरे धीरे चुदाई चालू कर दी। और मै एक हाथ से उसकी चूचीयों को दबा रहा था। और दूसरे हाथ की उंगली उसके गांड के छेद मै डालने की कोशिश कर रहा था। फिर अपनी उंगली को उसकी चूत के पानी से गीला कर के उसकी गांड मै डालने लगा। तभी वो बहुत जोर से चिल्लाई राहुल मत करो दर्द हो रहा है। और वो अपनी गांड उठा उठा कर चूत चुदाई कर रही थी। मैने कहा पूनम मुझे तुम्हारी गांड मारनी है।

पहले तो उसने मना करा फिर समझाने पर मान गयी।

मैने उसको कुतिया की तरह स्टाईल मै करने को कहाँ वो गांड उठा कर ज़मीन पर घुटनो के बल झुक कर बैठ गयी। मैने अपनी अटेची से सिर मै लगाने वाला तेल निकाला। और बहुत सारा तेल अपने लंड पर और उसकी गांड के छेद पर लगाया। और धीरे से उसकी गांड पर लंड टिकाया। और एक ज़ोर का झटका मारा मेरा थोड़ा सा लंड अंदर गया और वो चीख पड़ी और कहने लगी प्लीज छोड दो मुझे बहुत दर्द हो रहा है।

थोड़ा समय ठहर कर फिर दूसरा झटका मारा लगभग आधा लंड अंदर गया। उसे बहुत दर्द हो रहा था। थोड़ी देर मैं बिना हिले ही लेटा रहा। उसे कुछ आराम मिला तो आधा ही लंड अंदर बाहर करने लगा। उसे अब मज़ा आने लगा था। वो चुदाई करने में मेरा पूरा साथ दे रही थी। फिर मैने तीसरा ज़ोर का झटका मारा थोड़ा लंड और अंदर गया। अब उसे बहुत मज़ा आने लगा था।

अब मेंरा काम होने वाला था। मेने उसे पूछा वीर्य कहाँ निकालूं। chalti train me chudai

पूनम ने कहाँ की में उसे पीउंगी मैने लंड बाहर निकाला और उसके मुह में दे दिया। और वो अपने हाथो से लंड को पकड़ कर चाटने लगी। मेरा वीर्य निकलने लगा मुझे झटके लगने लगे। उसने पूरा वीर्य मुहँ में भर लिया। और कहने लगी बहुत नमकीन नमकीन है।

फिर सब कुछ साफ कर के हमने अपने कपड़े पहने और एक ही बर्थ पर एक साथ लेट गये फिर रात मै करीब 3:00 बजे हमने दोबारा एक बार से चुदाई की और हम सो गये। सुबह उठ कर पूनम ने पूछा की राहुल तुम करते क्या हो?? मैने कहा में एक स्टूडेंट हूँ। वो मुझे घूर कर शैतानी नज़र से देखने लगी और कहने लगी तुमने बहुत कुछ कर दिया लेकिन अपना चार्ज नही बताया। मैने कहाँ मेडम मैं बहुत खुश हो कर अपना पेमेंट नहीं लेता हूँ।

उसने बताया की उसके पति हमेशा एक ही स्टाइल मै और कई महीने मै 3 या 4 बार ही चोदते है। और उनका लंड भी केवल लगभग 5 इंच का ही है। बिल्कुल मज़ा नही आता पर आज तो तुमने मुझे पूरी तरहा से बहुत मज़ा दिया है। फिर उसने अपने पर्स से मुझे 1000 रू निकाल कर दिए और मेरा सेल नंबर लिया और कहने लगी की अगर दिल्ली या कही भी बुलाउंगी तो तुम आओगे। मैने कहा हाँ मेडम किसी भी समय। और वो चली गयी अब में हर समय उसी को सोचता रहता हूँ। उस दिन के बाद हम लोग कई बार चुदाई का काम कर चुके है।

उसको चोदने में बहुत मज़ा आता है और वो भी बहुत मज़े से चुदवाती है। chalti train me chudai

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