sister sex stories Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/sister-sex-stories/ Hindipornstories.org Tue, 22 Mar 2022 11:15:50 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 भाई के ऑफिस में बहन चुद गयी https://sexstories.one/bhai-ke-office-mein-behan-chud-gayi/ Tue, 22 Mar 2022 11:15:50 +0000 https://sexstories.one/?p=3520 मैं अपने कपड़े बदल चुकी थी और जब अपने छोटे भाई को देखा तो सिर पर दुपटा लेकर उसका स्वागत करने पहुची. मैने अपने भाई के चरण स्पर्श किए जैसे की हमारा रिवाज़ है...

The post भाई के ऑफिस में बहन चुद गयी appeared first on Antarvasna.

]]>
Bhai Ke Office Mein Behan Chud Gayi – मैं सीमा हूँ..और मेरी फिगर 36-25-38 है. गणेश मेरा भाई अभी कुँवारा है.मैं भी कई महीनो से एक अच्छे लंड की तलाश में थी, जो कहीं आज मिला था मुझे. मेरा पति साला 4 इंच का लंड लेकर मुझे चोदने लगता है तो मैं संतुष्ट नहीं हो पाती. कई मर्दों के साथ संबंध बना चुकी हूँ, लेकिन
मेरी चूत हमेशा भूखी रह जाती है.

मेरे पति के बॉस ने मुझे एक बार अपने पार्ट्नर के साथ मिल कर दो दो लंड के साथ चोदा था, लेकिन कुछ वक्त से पति के बॉस का भी तबादला हो गया और अब मुझे लंड की कमी महसूस होती है.” सीमा, मेरी प्यारी दीदी, तू भी हमारी मम्मी जैसी चुदकर हो. मम्मी का भी एक मर्द से गुज़ारा नहीं होता।

आज सुबह जब वो रसोई में खाना बना रही थी तो उसकी चुचि ब्लाउस से बाहर झाँक रही थी. उसी वक्त फोन आया तो मम्मी ने उठाया. दूसरी तरफ से मनोहर अंकल ने कहा” रानी, आज अपनी चूत को शेव कर लो, तुझे मैं और दिलबाघ दोनो चोदने वाले हैं… दिलबाघ तुझे ना जाने कब से चोदने के लिए मिन्नते कर रहा है… तुम ठीक 5 बजे होटल संगम पहुँच जाना, मेरी रानी.., आज तेरी दीवाली मनाएँगे…” मैं उस वक्त उन दोनो की बातें सुन रहा था. मेरा तो दिल कर रहा था की मम्मी को वहीं चोद डालूं, पर मैं इस बात पर खुश था की आज शाम को अपनी सीमा दीदी के साथ मजे करूँगा. सच सीमा, मैने आज तक तेरे जैसी औरत नहीं चोदी…”

Chudai story भाभी ने बुझाई हवस ही आग

मेरे बारे में मेरे भाई को कुछ दिन पहले ही पता चला था. मेरा भाई मुझसे मिलने आया था. मेरा पति अपनी दुकान और मेरी सास बाज़ार गयी हुई थी. मुझे यही मौका था और मैं अपने जवान नौकर से चुदवाने लगी. मेरा नौकर रामू भी जानता था की मैं लंड की प्यासी हूँ क्योंकी वो मेरे पति की नामर्दानगी के बारे में जानता था।

रामू उस वक्त टेबल सॉफ कर रहा था जब मेरी सास बाज़ार गयी. मैने रामू को पीछे से पकड़ लिया और उसके मस्ताने लंड से खेलने लगी, ” क्या बात है.., मालकिन, आज बड़ी मस्ती में हो.., कहीं मेरा केला खाने का इरादा तो नहीं है?” मैने उसके पजामे को नीचे सरकाते हुए उसका लंड मुहँ में डाल लिया. रामू मेरी आदत जानता था की मुझे केला खाने की आदत है।

रामू बोला,” सीमा मालकिन क्यों ना आज तुझे तेरी सास के बिस्तर पर चोदा जाए… उसको भी मेरा केला बहुत पसंद है..अब तो सास बहू दोनो को एक ही लंड से गुज़ारा करना पड़ेगा… साली बुडिया भी लंड की शौकीन है, आपकी तरह..”

रामू मुझे उठा कर सासू माँ के बिस्तर पर ले गया और मुझे नंगा करने लगा. मेरे चूतड़ पर हाथ फेर कर बोला,” सीमा आज ना जाने क्यों तुझे कुत्तिया बनाने का मन कर रहा है… तुम मालकिन भी हो और मेरी रांड़ भी… अगर मैने अपनी मालकिन की सवारी नहीं की तो दुनिया क्या कहेगी? आपकी सास तो मेरे लंड की सवारी करने का शौक रखती है… आपके चूतड़ मुझे बहुत आकर्षित करते है..अगर एतराज़ ना हो तो जल्दी घोड़ी बन जाओ… बुडिया का कोई पता नहीं कब आ टपके..”

मैं झट से घोड़ी बन गयी. वैसे तो मैं हर आसन में चुदाई का आनंद ले चुकी हूँ, लेकिन घोड़ी बन के मर्द के सामने झुकना मुझे मर्द के आगे समर्पण करने के बराबर लगता है. मैं नौकर के आगे झुकी तो उसके चेहरे पर जीत भरी मुस्कान थी. उसने एक ही धक्के में अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया. उसके हाथों ने मुझे चूतड़ से कस के पकड़ रखा था. लंड मेरी चूत चोद रहा था और मेरी चूत सावन के गीत गा रही थी. रामू ने मुझे बालों से खींच कर चुदाई शुरू कर दी. वो मेरे बालों को एसे खींच रहा था जैसे घोड़ी की लगाम खींच रहा हो।

हम दोनो को पता ही नहीं चला की कब से मेरा भाई गणेश हम दोनो को देख रहा था. हम जल्दी में डोर बंद करना भूल गये. मैने उत्तेजना वश आँखें बंद कर रखी थी और एक कुत्तिया की तरह हाँफ रही थी. रामू का लंड किसी पिस्टन की तरह मुझे चोद रहा था,” अहह…..ज़ोर से चोद….रामू….चोद मुझे माँदरचोद….मेरी चूत की आग बुझा साले रामू, चोद ज़ोर से मेरी चूत….है मैं मरी जा रही हूँ…बहनचोद ज़ोर से डाल,” मैं चीख रही थी और रामू लगातार तेज़ धक्के मार रहा था।

उसका लंड भी अब झड़ने को था और वो बोल रहा था,” सीमा…साली रांड़…क्या मस्त माल है तू….अच्छी है तेरा पति नामर्द है वरना एसी मख्खन जैसी चूत मेरी किस्मत में कहा होती….वा मालकिन…मेरी रंडी मालकिन…..चुदवा रामू के मस्त लंड से,”

हम दोनो थोड़ी देर में झड़ गये और रामू काम करने लग गया. गणेश शायद हमारी बेशर्मी देख कर दरवाज़े से हट गया और बाहर चला गया था क्युकि वो थोड़ी देर से घर में दाखिल हुआ. मैं अपने कपड़े बदल चुकी थी और जब अपने छोटे भाई को देखा तो सिर पर दुपटा लेकर उसका स्वागत करने पहुची. मैने अपने भाई के चरण स्पर्श किए जैसे की हमारा रिवाज़ है. कमरे में कोई नहीं था. गणेश मुझे अजीब नज़रों से देख रहा था. उसने मुझे आलिंगन में लेते हुए सीने से लगा लिया।

मेरी चुचिजो के बहुत बड़ी है, मेरे भाई के सीने में धस गयी. उसने मेरे चेहरे को अपने हाथों में लेते हुए पूछा,” दीदी, क्या नौकर अब पति से बढ़ कर है तेरे लिए? जब मैने आपको उसके सामने मर्दजात नंगी होकर घोड़ी बने हुए देखा तो मुझे बहुत शर्म आई… क्या अब रामू का दर्ज़ा मेरे जीजा का हो चुका है? क्या अब मेरे घर की इज़्ज़त नौकर के लंड की मोहताज़ हो चुकी है? क्या अब इस घर में मर्दों की कमी है? अगर जीजा जी में दम नहीं था तो कम से कम अपने भाई तो अपना लिया होता… गणेश साला, रंडी के कोठे पर पैसे देकर चूत मागता फिरता है और उसकी बहन नौकरों को फ्री में बाँट रही है… सीमा, तुझे नंगी देख कर मैं पागल हो चुका हूँ… अब से रामू की छुट्टी कर दो और मुझे अपना पति बना लो… मेरे लंड को देख लो, पूरा 9 इंच का है,” कहते ही उसने अपनी पेंट की ज़िप खोल डाली।

उसका मोटा लंड बहुत प्यारा लगा. लेकिन एक बात मुझे सता रही थी,” गणेश, बहनचोद साले अपनी ही बहन को चोदोगे तुम? अगर ऐसा ही करना था तो मेरी शादी उस नपुंसक से क्यों की थी, जिसकी कमी मैं नौकर से पूरी कर रही हूँ… भाई, बहन को भाई नहीं चोदा करते… भाई के लिए तो भाभी होती है..”

गणेश मेरी बात पर हंस कर बोला,”सीमा, अगर रामू तुझे चोद सकता है तो गणेश में क्या कमी है? जीजा जी की कमज़ोरी का दुख तुझे ही क्यों उठना पड़े? भाई का फ़र्ज़ बनता है की अपनी बहन को हर मुश्किल से निकाले, उसको हर खुशी दे जिस पर उसका हक बनता है… और दीदी, तुझ जैसी सुन्दर और सेक्सी औरत की सेवा करना तो खुशकिस्मत भाई को ही मिलता है… मेरा बस चलता तो मैं तेरी शादी कभी ना होने देता… तुझे अपना बना कर रखता… लेकिन फिकर मत करना… अब तुम मेरी हो… आज से तुझे चूत ठंडी करवाने के लिए किसी के पास जाने की ज़रूरत नहीं है… मैं तेरी सास को बोल दूँगा की मेरे पास अपनी दीदी के लिए अपने ऑफीस में काम है जिसको कर के दीदी के पैसे भी बन जाएँगे और टाइम भी पास हो जाएगा… बुडिया लालची है, शक नहीं करेगी और मान जाएगी… तुम रोज़ मेरे ऑफीस चली आना और हम मेरे कमरे में खूब मौज करेगे… मैने वहाँ बिस्तर पहले ही लगा रखा है.” गणेश ने अपनी पूरी स्कीम मुझे बता डाली।

“लेकिन गणेश, लोग क्या कहेंगे? किसी को शक नहीं होगा?” मैने अपने मन की आशंका बताई.” दीदी, शक कैसा? तुम मेरी बहन हो… क्या बहन अपने भाई के ऑफीस में जॉब नहीं कर सकती? अब सोच विचार का वक्त नहीं है, तुम हां कर दो… बाकी मैं खुद देख लूँगा.” मेरी चूत ने मुझे सोचने का मौका ही नहीं दिया. साली अपने भईया के लंड की खुशबू सूंघ कर मस्ती से भर गयी और मैने भईया की ऑफर मान ली. सासू माँ ने गणेश की बात झट से स्वीकार कर ली. शायद उसके लिए अब रामू से चुदवाने का खुला मौका था. खैर अगले दिन मैं गणेश के ऑफीस जा पहुँची।

आगे कि कहानी अगले भाग में . . .

The post भाई के ऑफिस में बहन चुद गयी appeared first on Antarvasna.

]]>
एक भाई की दो हॉट बहने https://sexstories.one/bhai-ki-do-hot-bahne/ Wed, 21 Jul 2021 10:04:36 +0000 https://sexstories.one/?p=3997 हैल्लो दोस्तों, मेरे बारे में आप सभी पहले से ही जानते है, क्योंकि में भी आप सभी की तरह अब तक ना जाने कितनी कहानियों के मज़े ले चुका हूँ और आज की मेरी इस ... >> पूरी कहानी पढ़ें

The post एक भाई की दो हॉट बहने appeared first on Antarvasna.

]]>
हैल्लो दोस्तों, मेरे बारे में आप सभी पहले से ही जानते है, क्योंकि में भी आप सभी की तरह अब तक ना जाने कितनी कहानियों के मज़े ले चुका हूँ और आज की मेरी इस कहानी से पहले भी मैंने अपनी घटना को आप सभी की सेवा में हाजिर किया था. दोस्तों में फिर भी अपनी कहानी को शुरू करने से पहले अपना परिचय दे देती हूँ.

मेरी उम्र 22 साल है और में अभी एक कॉलेज से बी.कॉम की पढ़ाई कर रही हूँ और आज में बहुत दिनों के बाद अपनी एक सच्ची घटना को लिखने जा रही हूँ. दोस्तों ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि में आज कल पढ़ाई में बहुत व्यस्त रहती हूँ इसलिए मुझे लिखने का समय नहीं मिलता, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि मैंने सेक्सी कहानियों को पढ़ना बंद कर दिया है. अब भी में आप लोगों की घटनाओ को पढ़कर मज़े जरुर करती हूँ. दोस्तों में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रही हूँ, उस खेल में मुझे भी बहुत मस्त मज़ा आया और आज आप सभी को भी जरुर मज़ा आएगा ऐसा मेरा मन कहता है और अब शुरू करते है. दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मेरे पेपर के बाद कुछ दिनों की छुट्टियाँ चल रही थी और इसलिए में अपने घर में ही थी.

फिर मुझे दो दिन के बाद पता चला कि मेरी चचेरी बहन जिसका नाम सुमन है, उसकी उम्र 20 है वो हमारे घर आने वाली है और वो मेरे साथ ही कुछ दिन रहेगी. दोस्तों वो रिश्ते में मेरे मामा जी की लड़की थी, लेकिन उसको मिले हुए मुझे करीब तीन चार साल हो चुके थे और इस बीच हम दोनों कभी नहीं मिले. फिर वो लोग रविवार के दिन ही हमारे घर आ गए और सुमन भी उनके साथ ही थी, लेकिन में उसको इतने दिनों के बाद मिलने की वजह से पहचान भी नहीं सकी. दोस्तों वो दिखने में बहुत ही सुंदर थी, इसलिए में उसकी तरफ बड़ी आकर्षित थी, क्योंकि उसका वो गोरा बदन बड़े आकार के एकदम गोलमटोल बूब्स मेरे पूरा ध्यान अपनी तरफ खीच रहे थे.

अब हम दोनों ने एक दूसरे की तरफ मुस्कुराते हुए बड़े ही प्यार से हालचाल पूछने के बाद बैठकर बहुत सारी बातें की मुझे उसके साथ बैठना बातें करना बहुत अच्छा लगा और इसलिए मुझे पता ही नहीं चला कि इतनी जल्दी रात भी हो गई. फिर हम दोनों ने साथ में बैठकर खाना खाया, मुझे उसका व्यहवार बात करने का तरीका बड़ा पसंद आया और कुछ देर के बाद रात को वो मेरे कमरे में सोने के लिए आ गयी और उसने उस समय मेक्सी पहनी हुई थी. दोस्तों मैंने भी उस समय मेक्सी पहनी हुई थी, वो बहुत हॉट सेक्सी नजर आ रही थी और बार बार मेरी नजर उसके बदन को घूरने लगी थी. अब हम दोनों बातों ही बातों में बहुत अच्छी तरह से खुल चुके थे, इसलिए अब हम बातें हंसी मजाक करने लगे थे.

में : सुमन यार एक बात तो तुम मुझे सच सच बताओ क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है?

सुमन : हाँ है ना यार और वैसे आजकल यह सभी का होता है.

में : अच्छा तो यह बात है.

सुमन : और तुम्हारा है कि नहीं वो भी तो तुम मुझे बताओ?

में : हाँ यार मेरा भी है.

सुमन : अच्छा मतलब कि तुम भी पीछे नहीं हो.

में : अच्छा ठीक है, अब तुम मुझे सच सच एक बात बताओ क्या कभी तुमने उसके साथ कुछ किया है?

सुमन : मतलब वो नहीं ऐसा मैंने कुछ भी नहीं किया.

में : सच में.

सुमन : हाँ मैंने नहीं किया, लेकिन क्या तुमने किया है?

में : सच बताऊँ तो हाँ मैंने उसके साथ कई बार किया है.

सुमन : ओह क्या तुम सच कह रही हो? अच्छा यह बताओ कि वो सब करने में कैसा लगता है?

में : बहुत अच्छा लगता है और बहुत मज़ा भी आता है.

सुमन : अच्छा ऐसा है, लेकिन क्या वो सब करने से डर नहीं लगता?

में : जब उस काम को करने में मज़ा आने लगता है, तो उसके बाद बिल्कुल भी डर नहीं लगता.

सुमन : अच्छा मुझे लगता है कि उस काम को करने में बहुत मज़ा आता है यह बात मुझे तुम्हारे चेहरे से पता चल रही है.

में : हाँ तुमने ठीक पहचाना, मेरी ब्रा का नंबर 34 इंच है और तुम्हारा क्या आकार है?

सुमन : मेरी ब्रा का आकार 32 इंच है.

में : वैसे यार तेरा पिछवाड़ा बहुत अच्छा है.

सुमन : हाँ आपका भी बहुत अच्छा है.

अब मेरा मन करने लगा कि अगर बॉयफ्रेंड नहीं है तो क्यों ना में अपनी बहन के साथ ही मज़ा ले लूँ? और में अब यह बात अपने मन में सोचकर उत्साहित होकर उसको उकसाने लगी थी.

में : यार क्या कभी तुमने किसी के साथ चुम्मा किया है?

सुमन : नहीं यार मुझे यह सब करने से बहुत डर लगता है.

में : अच्छा तुम्हारा मन तो यह सब करने के लिए करता ही होगा ना? मेरा तो बहुत दिल करता है.

सुमन : हाँ, लेकिन में क्या करूँ मुझे बहुत डर भी लगता है?

में : क्या तुम वो सब करना चाहोगी?

अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर एकदम चकित होकर मेरी तरफ बहुत ध्यान से देखने लगी थी, लेकिन वो चुप ही रही शायद उसके मन में यह काम करने की इच्छा थी.

में : सुमन चलो आज हम दोनों एक दूसरे को मज़ा देते है, चलो आ जाओ सुमन आज हम दोनों अलग दुनिया में चले जाते है

दोस्तों अब तब तो गरम हो चुकी थी और अब उसका भी चेहरा मेरे साथ यह बातें करके पूरा लाल हो गया था और अब में अच्छी तरह से समझ सकती थी कि उसका मन दो तरफ जा रहा है और वो मन ही मन सोच रही है कि में क्या करूं हाँ करूं या ना? मैंने उसको अपने हाथों में उसके चेहरे को जकड़ लिया और इससे पहले कि वो कुछ बोलती, मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए.

फिर उसी समय में जब उसके होंठों को चूस रही थी तब मैंने महसूस किया कि उसने भी अब जोश में आकर मुझे कसकर जकड़ लिया है और इस वजह से में प्रसन्न होकर उसके होठों को कस कसकर चूस रही थी और मेरी बाहों में जकड़े होने की वजह से उसके बूब्स भी मेरे बूब्स से दबे हुए थे और रगड़ खा रहे थे. फिर मैंने बिना देर किए उसकी मेक्सी को खोल दिया और बिना समय खराब किए मैंने तुरंत ही उसको अपने सामने नंगा कर दिया और देखा कि वो बिना कपड़ो के बहुत ही अच्छी लग रही थी. अब मैंने अपनी मेक्सी को भी उतार दिया और अब हम दोनों एक दूसरे के सामने बिल्कुल नंगे हो चुके थे और अपनी चकित नजरों से हम एक दूसरे के नंगे गोरे बदन को लगातार घूरकर देख रहे थे, लेकिन अब वो थोड़ा सा शरमा रही थी.

अब में उसके पास गयी और मैंने तुरंत ही उसके एक बूब्स को अपने मुहं में भर लिया और फिर में गपगप करके चूसने लगी, जिसकी वजह से उसको भी अब बहुत मज़ा आने लगा था. अब उसने मज़े और जोश के मिलेजुले असर की वजह से हिम्मत करके मेरे बूब्स की निप्पल को मसलना शुरू कर दिया और मैंने खुश होकर उसका साथ देते हुए उसके दोनों बूब्स को बार बार बूब्स को अपने हाथ से दबाते हुए चूसा और उसकी उठी हुई निप्पल को छोटे बच्चो की अपने मुहं में भरकर अच्छी तरह चूसा और चूस चूसकर एकदम लाल कर दिया.

The post एक भाई की दो हॉट बहने appeared first on Antarvasna.

]]>
रंडी बहन की सामूहिक चुदाई https://sexstories.one/randi-bahan-ki-samuhik-chudai/ Wed, 21 Jul 2021 03:25:53 +0000 https://sexstories.one/?p=3960 हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम राजीव है और में मुंबई का रहने वाला हूँ. में एक सीधा साधा सा दिखने वाला लड़का हूँ.. मुझे सेक्स का बहुत शौक है और में जब भी अपनी सभी कामों ... >> पूरी कहानी पढ़ें

The post रंडी बहन की सामूहिक चुदाई appeared first on Antarvasna.

]]>
हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम राजीव है और में मुंबई का रहने वाला हूँ. में एक सीधा साधा सा दिखने वाला लड़का हूँ.. मुझे सेक्स का बहुत शौक है और में जब भी अपनी सभी कामों से फ्री होता हूँ तो में वेबसाईट पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता हूँ. दोस्तों में आज आप सभी को अपने जीवन की एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ.. जिसको में आप सभी को सुनाने की बहुत समय से सोच रहा था.. लेकिन मुझे अब लिखने का समय मिला और अब में थोड़ा अपने परिवार का परिचय आप सभी से करा देता हूँ.

दोस्तों मेरे घर में मेरी मम्मी में और मेरी बड़ी दीदी रहती है.. मेरी उम्र 22 साल है और मेरी दीदी की उम्र 26 साल है. में एक प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करता हूँ और काम के लिए सुबह जल्दी घर से निकल जाता हूँ.. मेरा पापा का अपना एक बिजनेस है और अब कुछ समय पहले पापा की म्रत्यु होने के बाद में खुद उसे चला रहा हूँ. तो में हर सुबह घर से 9 बजे निकल जाता हूँ और घर पर 11 बजे तक आ जाता हूँ और मेरी मम्मी की बहन (मतलब मेरी मौसी) हमसे एक घंटे की दूरी पर रहती है.

तो घर पर अकेले होने के कारण मम्मी ज़्यादातर मौसी के घर चली जाती है.. लेकिन मेरी बहन घर पर पूरा दिन एकदम अकेली रहती है. मेरी बहन का नाम सलोनी है और वो थोड़ा सावले रंग की है.. लेकिन उसकी कमर, फिगर बहुत मस्त है और वो एक बहुत सुंदर दिखने वाली लड़की है. उसके पीछे बहुत लड़के पड़ते है और वो भी उन लड़कों से मोबाइल पर घंटों बात करती रहती है.. लेकिन मैंने कभी भी उनसे उस बारें में कुछ नहीं कहा.

एक दिन में सुबह उठकर अपने ऑफिस जाने के लिए तैयार हुआ और फिर मम्मी ने कहा कि आज वो अपनी बहन के घर पर जाएगी और में तैयार होकर ऑफिस के लिए निकल पड़ा. तो मैंने वहां पर पहुंच कर देखा कि ऑफीस में कुछ ज़्यादा काम नहीं था इसलिए मैंने सोचा कि क्यों ना आज में घर जल्दी चला जाऊँ और कोई अच्छी फिल्म देख लूँ. तो में जल्दी घर के लिए निकल पड़ा और घर के दरवाजे की एक चाबी मेरे पास भी थी.

तो में घर पर आया और वो दोपहर का टाईम था.. तो मैंने सोचा कि शायद दीदी सो रही होगी में उसे नींद से उठाकर परेशान नहीं करूँगा और फिर मैंने धीरे से दरवाजा खोला और घर के अंदर घुसते ही मुझे कुछ अजीब आवाजें आने लगी.. तो मैंने सोचा कि शायद दीदी बेडरूम में टीवी देख रही होगी और हो सकता है कि यह उसी की आवाज हो?

मैंने उस आवाज पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और में अपने कमरे में पहुंचकर कपड़े बदले लगा और फिर में कपड़े बदल कर अचानक से अपनी दीदी के बेडरूम में चला गया.. लेकिन दीदी के बेडरूम का वो नज़ारा देखकर मेरी आखें खुली की खुली रह गयी. मैंने वहां पर देखा कि मेरी दीदी अपने बेड पर पड़ी हुई है और उन्होंने अपने दोनों पैरों को फैलाया हुआ है और वो अपनी चूत में उंगली डाल रही थी.

तो यह सब देखकर मेरा लंड बहुत बुरी तरह से तनकर खड़ा हो गया और मेरे पूरे शरीर में एकदम जोश आ गया और में दरवाज़े के कोने से उन्हें देख रहा था और अपने लंड को सहला रहा था और अब कुछ देर बाद मैंने अपना लंड हिलाना शुरू कर दिया.

फिर कुछ मिनट बाद उन्होंने अपनी स्पीड बड़ा दी और फिर वो झड़ गई और एकदम शांत होकर बेड पर पड़ी रही और उनकी चूत से रस बहता हुआ बाहर आने लगा. दोस्तों उन्हे इस हालत में यह सब करता हुआ देखकर एक बार तो मैंने सोचा कि में अभी जाकर अपनी दीदी को जबरदस्ती पकड़कर चोद डालूं..

लेकिन उस वक्त मैंने अपनी भावनाओ को काबू में रखा और उस पल को हमेशा याद रखने के लिए मैंने उसका वीडियो बना लिया और अब में हर रात को सोते समय उस वीडियो को देखकर अपना लंड हिलाता हूँ और मुठ मारकर अपने लंड को शांत करता हूँ. दोस्तों जब से मैंने अपनी दीदी को उस हालत में वो सब करते हुए देखा है..

तब से में उसे चोदने की तरकीब ढूँडने लगा और मैंने कई बार अपनी मम्मी की गैर हाज़री में दीदी को अपनी तरफ कई बार आकर्षित करने की कोशिश की.. दोस्तों में कभी कभी अंडरवियर में अपना लंड खड़ा करके दीदी के पास खड़ा हो जाता.. लेकिन उससे कुछ खास काम नहीं बना.

फिर एक दिन मेरी मम्मी फिर से अपनी बहन के घर जाने वाली थी और उस दिन मैंने ऑफिस से घर पर जल्दी आने का प्लान बनाया और फिर में उस दिन की तरह घर पर जल्दी आ गया. तो जब में अपनी बिल्डिंग में लिफ्ट की तरफ जा रहा था.. तब मेरी सोसाइटी के एक बच्चे ने मुझसे बोला कि यह लिफ्ट खराब है और वॉचमेन उसे ठीक करने के लिए छत पर गया हुआ है.

दोस्तों हमारा घर आखरी मंजिल पर है और बिल्डिंग एकदम नई थी.. इसलिए बहुत कम लोग ही लोग उसमे रहने आए थे. फिर में सीड़ियों पर चलता हुआ अपने घर पर पहुंच गया और मैंने वहां पर पहुंच कर बहुत धीरे से घर का दरवाज़ा खोला और अंदर घुसते ही मुझे उस दिन की तरह वही आवाज़ आ रही थी.

तो मैंने सोचा कि शायद दीदी आज फिर से अपनी चूत में उंगली डाल रही है? तभी मैंने एक नाटक करने के बारे में सोचा और मैंने अपने कपड़े खोले और पूरा नंगा होकर अपनी बहन के बेडरूम में अंजाने में जाने का प्लान बनाया और फिर में वैसे ही चला गया. तो आज जब में कमरे के अंदर गया तो नज़ारा और भी चौंकाने वाला था.

दोस्तों मेरी रंडी बहन अपने दोनों पैरों को फैलाए हुए बेड पर पड़ी हुई थी और वो वॉचमेन नीचे जमीन पर खड़ा हुआ अपना लंड मेरी रंडी बहन की चूत में डालकर ज़ोर ज़ोर से धक्के दे रहा था और यह सब देखकर मेरा लंड तो एकदम खड़ा हो गया.. लेकिन अब मुझे बहुत गुस्सा भी आ रहा था कि वो वॉचमेन मेरी बहन की चूत मारकर जा सकता है और अब तक में कुछ नहीं कर पाया.

फिर मेरी बहन की चूत में वॉचमेन करीब एक घंटे तक लंड डालता रहा.. वो उनकी चूत पर ताबड़तोड़ धक्के दे रहा था और वो नीचे पड़ी पड़ी सिसकियाँ ले रही थी. तभी अचानक से उसने अपनी स्पीड और बड़ा दी और कुछ धक्को के बाद उसने अपना वीर्य मेरी बहन की चूत में डाल दिया और वो सब चुदाई के द्रश्य मैंने अपने मोबाईल में रिकॉर्ड कर लिए थे.

फिर में कमरे से बाहर आकर अपने कपड़े पहनकर जल्दी से घर के बाहर चला गया और जब वॉचमेन मेरे घर से बाहर निकल गया.. तब मैंने अपने घर की घंटी बजाई और मेरी दीदी ने दरवाज़ा खोला और वो मुझे देखकर एकदम चकित हो गई.. लेकिन वो मुझसे कुछ नहीं बोली और में भी उसे देखकर समझ गया कि यह अपनी चुदाई से बहुत थक चुकी है.. वो उसके चेहरे से झलक रहा था.. उसके बिखरे हुए बाल और चेहरे का उड़ा हुआ रंग साफ साफ बता रहा था कि वो अभी अभी चुदकर आ रही है

फिर वो मेरे आगे आगे अपनी गांड मटकाती हुई चलने लगी और में उसके पीछे पीछे उसकी गांड को देखता हुआ अंदर चला आया. फिर मैंने थोड़ा नाश्ता किया और हॉल में दीदी और में साथ बैठकर फिल्म देखने लगे और मैंने सोच ही लिया था कि आज इस साली रंडी को में किसी भी हालत में जरुर चोदूंगा.

में टीवी देखते हुए एकदम से उठा और अपने बेडरूम में चला गया और कुछ देर के बाद सिर्फ़ अंडरवियर और बनियान में बाहर आया. फिर मैंने अपनी दीदी के थोड़ा पास आकर कहा कि मेरे पास एक बहुत अच्छी नयी फिल्म आई है और अब हम उसे देखेंगे तो उसने हाँ कर दिया.. लेकिन उसकी नजर मेरे खड़े हुये लंड पर थी और मेरी उसके बड़े बड़े बूब्स पर.. जो मुझे अपनी और आकर्षित कर रहे थे. तो मैंने फिल्म शुरू की.. पहले तो फिल्म ठीक ठाक चल रही थी.. लेकिन थोड़ी देर बाद उसमे गंदे गंदे सीन चालू हो गये और फिर धीरे धीरे उसमे चुदाई वाले सीन चालू हो गए.

मेरी बहन एकदम उठकर खड़ी हुई और वो बनावटी गुस्से में मुझसे बोली कि यह क्या बदतमीजी है? यह तुम मुझे क्या दिखा रहे हो.. में तुम्हारी बड़ी बहन हूँ और में यह सब गंदी चीज़े नहीं देखती और अभी के अभी यह सब बंद करो. फिर में उठकर खड़ा हुआ और मैंने सबसे पहले उसे अपनी चूत में उंगली डालने वाली वीडियो दिखाई.. वो उसे देखकर एकदम भड़क गयी और उसने मुझे एक जोरदार थप्पड़ लगा दिया और कहा कि तुम भी तो बाथरूम में जाकर अपना लंड हिलाते हो.. तुमने मेरा ऐसा वीडियो क्यों लिया?

और हिलाते तो सब ही है और हाँ, में भी कभी कभी चूत में ऊँगली करती हूँ.. लेकिन मैंने कभी किसी के साथ सेक्स किया नहीं है. तो मैंने फिर उसे वॉचमेन से उसकी चुदाई वाली वो वीडियो दिखाई और फिर पूछा कि अब बोल साली रंडी तब तो पैर फैलाकर बड़े मज़े से लंड ले रही थी और जब मैंने कुछ सेक्स वाली फिल्म दिखाई तो मेरे ऊपर भड़क गयी? तो वो ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और मेरे पैरों पर गिर पड़ी और वो मुझसे माफ़ी मांगने लगी.. बोली कि प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो.. मैंने बहुत बड़ी ग़लती कर दी.

(TBC)…

The post रंडी बहन की सामूहिक चुदाई appeared first on Antarvasna.

]]>