sexy kahani Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/sexy-kahani/ Hindipornstories.org Wed, 17 Nov 2021 06:38:33 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 पहले पहले प्यार का लम्बा इंतजार – 2 https://sexstories.one/pyar-me-chudai-antarwasnax/ Wed, 17 Nov 2021 06:38:33 +0000 https://sexstories.one/?p=3332 मैं तब उसके पेट पर चुम्बन करके हुए उसकी गहरी नाभि में अपनी जीभ को लगाकर कर चटाने लगा | मैं जब उसकी गहरी नाभि को चाटने लगा | उसने मुझे कस के पकड लिए और मुझसे लिपट गयी | दोस्तों मेरे चुम्बन का असर उस पर हो रहा था..

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antarwasnax हेल्लो दोस्तों मैं अपनी कहानी पहले पहले प्यार का लम्बा इंतजार  का दूसरा भाग लेकर हाज़िर हूँ | दोस्तों अब लोग इस भाग को पढ़कर मज़े ले और अपने लंड को हाथ में पकड रक्खे क्यूंकि इस कहानी को पढने के बाद आप लोगो के लंड का पानी निकल ही जायेगा |

मैं आप लोगो को पहले भाग में बता रहा था की मैं अनामिका से अपने प्यार का इजहार कर दिया था और वो भी मुझसे पट गयी थी | अब इसके आगे ?

उस रात वो मेरे साथ बिस्तर पर लेट गयी थी और मैंने उसकी होठो को चूम लिया था | दोस्तों उस रात मेरी और उसकी वो पहली किस थी जिसको करने में मुझे बहुत मज़ा आया था |

मैं उसकी होठो को चूमने के साथ उसके छोटे और संतरे जैसे दूध को हाथ में पकड लिया था और हल्के हाथ से दबा दिया था जिससे उसके मुंह से आ..ह.. ह…. ऊ… की बहुत हल्की आवाज निकल गयी थी |

जब मैं उसके साथ इससे ज्यादा करने लगा तो वो मुझे माना करने लगी और बोली यार ये क्या कर रहे हो मुझे कुछ भी अच्छा नही लग रहा है |

मैं – कुछ नही करूँगा बस देख रहा हूँ जान ?

वो – हाँ यार कुछ मत करना |

मैं – हाँ सच में कुछ नही करूँगा |

दोस्तों क्यूंकि अगर मैं उसके साथ उस रात कुछ कर देता तो उस रात के बाद वो मुझसे बात भी नही करती इसलिए मैंने उसके साथ कुछ वैसा नही किया |

दोस्तों कच्ची कली थी उसके साथ ऐसे कुछ करना सही भी नही था | उसकी उम्र भी स्वीट 18 थी और आप लोगो को तो पता ही होगा इस उम्र में लड़की कितनी सेक्सी लगने लगती है |

मैं उस रात उसके साथ केवल मस्ती कर रहा था और कुछ देर तक उसकी होठो को चूमने के बाद मैंने उससे कहा की जान मुझे ये दिखाओ ?

अनामिका – ये क्या बोल रहे हो ?

मैंने उसकी दोनों चुचियों को कपडे के ऊपर से पकड लिया और कहा इन्हें दिखाओ ना |

वो – नही ये मुझे सही नही लग रहा है |

मैं – यार बस देखूंगा और कुछ भी नही करूँगा तुम मुझे दिखाओ तो |

दोस्तों वो शरमा रही थी और बोली पहले तुम अपनी आंखे बंद करो | मैंने उसके कहने पर अपनी आंखे बंद कर ली और उसने अपनी कुर्ती को ऊपर उठा दिया | दोस्तों तब मैंने आंखे खोली और देखा क्या जिस्म था ? और उसकी चूचियां तो एकदम लाल हो रक्खी थी जैसे कश्मीरी सेब | मेरा मन हुआ की मैं इसकी चुचियों को खा जाऊं पर मैं उससे कहा था की कुछ नही करूँगा तो मैंने सिर्फ हाथ में पकड कर देखा |

वो उस रात मेरे साथ केवल 10 मिनट ही रुकी थी और फिर जाने लगी तो मैंने उससे कहा जान रुक जाओ न कुछ देर और | वो बोली मैं नही रुक सकती हूँ मैं आज मम्मी के साथ ही सोई थी अगर वो जग गयी तो मुझे धुधने लगेंगी | मैं कल फिर तुमसे मिलने आ जाउंगी पर मुझे आज जाने दो प्लीज़ ?

मैं भी उसकी बात से सहमत था की अगर उसकी मम्मी जान गयी तो क्या होगा ? मैं सोच सकता हूँ इसलिए मैंने उस रात उसे जाने दिया | दोस्तों उस रात के बाद वो दूसरी रात भी आई और उस रात मैंने उसे अपना बनाने के बारे में सो लिया था | जब वो उस रात आई और मैंने उसे उस रात पूछा क्या आज भी मम्मी के पास लेटी थी |

वो नही जी आज नही लेटी थी और ये कहती हुई अपने सर को नीचे कर लिया | उस रात वो काले शूट में आई थी और बहुत ज्यादा मस्त लग रही थी | तब मैंने उसे अपने दोनों हाथो से पकड कर बैठाया और वो बिना कुछ बोले ही बैठ गयी | मैंने तब अपने कमरे का दरवाजा बंद किया और उसके पास जाकर बैठ गया | उस रात वो मेरी आँखों में देखने लगी और मैं उसकी आँखों में झाकने लगा | मैं उसकी आँखों में झाँक रहा था |

वो मुझे ऐसे देखते देखकर बोली – ऐसे क्या देख रहे हो ?

मैं – जान तुम्हारी आँखों में डूबने का मन हो रहा है ?

वो – ये कैसे होगा ?

तब मैंने उसकी टांगो पर अपने सर को रख लिया और लेट गया | मैं अब उसकी आँखों में देख रहा था वो मेरी आँखों में देखती रही | हम दोनों ऐसे ही एक दुसरे की आँखों में 10 मिनट तक देखते रहे और मुझे अब उसकी आँखों का नशा हो गया था |

अब क्या था… मैंने बिना टाइम को बर्बाद किये ही उसकी होठो पर अपनी होठे रखे और चूमना शुरू किया | उसके रसीली होठ मुझे अमृत लग रहे थे और मैं उन्हें चूसता जा रहा था | सायद अनामिका भी यही चाहती थी की मैं उसकी होठो को चुसू ?

कुछ देर बाद उसने भी जवाब में मेरी होठो को चूसना शुरू किया और मैं उसकी होठो को चूसने लगा | मैं उसकी होठो को और वो मेरी होठो को 10 मिनट तक ऐसे ही चूसते रहे जिससे उसकी होठे लाल हो गयी थी और वो अब मदहोश होने लगी थी |

मैं उसकी होठो को चूसने के बाद मैं उसके गले को चूमने लगा और ऐसे चूमने लगा था जैसे की मैं इस काम में एक्सपर्ट हूँ | मैं उसके गले को चूम रहा था और वो मदहोश हो रही थी | मैं जब उसको चूमने लगा तो उसकी सांसे तेज हो गयी और वो मुझे कस के पकड लिया और मुझसे लिपट गयी | दोस्तों मुझे उस टाइम ऐसा लगा की वो मुझे सेक्स करने के लिए कह रही है | तब मैंने बिना कुछ सोचे ही उससे अगल हो गया और अपने कपडे निकाल दिए | फिर उस कच्ची कली के साथ सेक्सी करने की तैयारी करने लगा |

वो मुझे ऐसा करते देखकर बोली – आप ये कपडे क्यूँ निकाल दिए हो ?

मैं – यार तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुम्हे प्यार देना चाहता हूँ |

वो – प्यार कैसे दिया जाता है ?

मैं – तुम्हे करके बताऊँ ?

वो – नही पहले ऐसे ही बता दो कैसे ?

तब मैंने अपने फ़ोन को निकाला और उसमे एक सेक्सी मूवी चलाई और उसे देखने को कहा |

वो ये देखकर मुझसे बोली – आप कितने गंदे हो ये मुझे नही करना है |

Sexy Antarwasnax  गायत्री – मेरी सेक्सी बहन

मैं – क्यूँ नही करना है यार मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ तुम मुझसे प्यार नही करती हो क्या ?

वो – मैं तुमसे प्यार करती हूँ पर मेरी मम्मी ने कहा था की ये शादी के बाद किया जाता है ? अगर इससे पहले करो तो इज्जत चली… जाती.. है |

मैं – यार वो तो ऐसे ही बोल रही होंगी अगर तुमको ऐसा लगता है तो हम आज अभी शादी कर ले ?

वो – नही.. नही… अभी मैं बहुत छोटी हूँ जब मम्मी की तरह हो जाउंगी तब करुँगी ?

दोस्तों उसे अभी प्यार का अहसास नही हुआ था की प्यार किसे कहते थे | उसको तो ये भी नही पता था की प्यार क्या होता है पर सायद मैं उसे अच्छा लगता था इसलिए मिलने आ जाती है | दोस्तों मुझे भी सेक्स के बारे में नही पता था और धन्यवाद सेक्सी कहानियों को जो मुझे इतना ज्ञान दिया |

फिर मैंने उससे कहा की यार तुम मुझसे प्यार भी करती हो ?

वो बोली मुझे नही… पता ?

मैं उसके मुंह से ये बात सुनकर समझ नही पा रहा था की वो क्या कह रही है |

तब मैंने उससे कहा तो तुम मुझे इतनी रात में मिलने क्यूँ आई हो ?

वो बोली की अगर तुम नराज़ हो जाते तो इसलिए ?

मैं यार तो इसे ही तो प्यार कहते हैं ? अगर तुमको मुझे प्यार नही होता तो तुम रात को मुझे मिलने क्यूँ आती ? वो मुझे आप बहुत अच्छे लगते हो और आपसे बात करना बहुत अच्छा लगता है इसलिए मैं तुम्हसे मिलने आती हूँ |

तब मैंने उसे फिर से अपनी बाँहों में भर लिया और उसे बिस्तर पर लेकर लेट गया और चूमने चाटने लगा | दोस्तों मैं समझ गया था की अगर मैं इसके साथ कुछ करता हूँ तो ये मुझे माना जरुर करेगी पर अगर मैं नाराज़ होने का नाटक करूँगा तो ये मान भी जाएगी |

मैंने तब उसकी कुर्ती को ऊपर किया और उसकी चोचियों को पकड कर दबा दिया जिससे उसके मुंह से आह.. ह.. ह..ह..ह…. की आवाजे निकाल गयी | वो मुझसे बोली यार ये मत करो मुझे कुछ कुछ हो रहा है | मैंने तब अपने मुंह घुमा लिया और ऐसा करने लगा जैसे मुझे उसकी बात बहुत बुरी लगी हो | अनामिका को ऐसा ही लगा की मैं नाराज़ हो गया हूँ तो उसने मुझसे कहा सॉरी जी नाराज़ हो गए क्या ?

मैं – हाँ और क्या नही मैं तुमसे इतना प्यार करता हूँ और तुम मुझे प्यार ही नही करती हो |

वो – तो क्या करूँ जो तुम्हे लगे की मैं तुमसे प्यार करती हूँ ?

मैं – बस मेरा साथ दो |

वो बोली – तुम मुझे कभी छोड़कर मत जाना और जो मन हो तुम्हारा कर लो मेरे साथ | दोस्तों मैं उसके यहीं कहने का इंतजार कर रहा था | तब मैं उसकी कुर्ती की निकाल दिया | क्या नज़ारा था मैं तो देखता ही रह गया | उसके छोटी छोटी चूचियां और मैं उनको हाथ में पकड कर दबा दिया |

फिर उसकी होठो को चुम्बन करना शुरू किया और नीचे की और करते हुए बढ़ने लगा | जब मैं उसके जिस्म पर चुम्बन करने लगा तो उसकी सांसे तेज हो गयी और उसके जिस्म ने सर्दी के मोसम में भी पसीना छोड़ दिया |

मैं तब उसके पेट पर चुम्बन करके हुए उसकी गहरी नाभि में अपनी जीभ को लगाकर कर चटाने लगा | मैं जब उसकी गहरी नाभि को चाटने लगा | उसने मुझे कस के पकड लिए और मुझसे लिपट गयी | दोस्तों मेरे चुम्बन का असर उस पर हो रहा था और वो गर्म भी होने लगी थी | मैं उसकी नाभि को जितने जोर से चाटता वो उतने ही जोर से आह… हय… ह..सी… अह.. ओह…. की सिसकियाँ पर सिसकियाँ लेने लगी | मैं उसकी नाभि को चूमने के बाद उसके सिलवार भी उतारनी शुरू की तो उसने मेरे हाथ को पकड लिए और मुझे लगा की वो मुझे माना कर रही है पर वो मेरा साथ दे रही थी और अपनी सिलवार को खुद ही निकाल दिया | दोस्तों क्या नीचे का नज़ारा था | मैं तो देखता ही रह गया था | अब मुझसे रुका नही जा रहा था क्यूंकि मेरा लंड लोहे की तरह खड़ा हो गया था | मेरा लंड 6 इंच लम्बा और मोटा 2.5 इंच का हो चूका था |

वो भी मदहोश हो चुकी थी और तेज सांसे ले रही थी | अब मैं उसे जन्नत में ले जाने वाला था | दोस्तों आप लोगो को मज़ा तो आ ही रहा होगा और ज्यादा मज़ा मैं आप लोगो को इसकी अगली कहानी में दूंगा |

मेरी कहानी पढने के लिए धन्यवाद…………….. और कैसी लगी मुझे जरुर बताये |

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प्रेमिका का पहला कदम https://sexstories.one/girlfriend-ko-dost-se-chudwaya/ Mon, 15 Nov 2021 07:39:36 +0000 https://sexstories.one/?p=4785 अंजलि की उंगलियां उसकी पैंटी की इलास्टिक में फीकी पड़ गईं। धीरे-धीरे, बहुत धीरे-धीरे, अंजलि ने लोचदार कमरबंद को नीचे खींच लिया उसकी गांड को मेरे सामने बेनकाब किया। फिर उसने उन्हें वापस ऊपर खींच लिया...

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Girlfriend ko dost se chudwaya – कुछ साल पहले, मैंने अंजलि नाम की एक प्यारी लड़की को डेट किया। वह औसत कद की थी, मध्यम लंबाई के काले बाल थे। और हालाँकि वह थोड़ी मोटी थी, फिर भी वह बहुत सुंदर लड़की बनी रही। उसकी सबसे अच्छी विशेषता उसके बड़े, ढीले स्तन थे।

अंजलि बहुत रूढ़िवादी मूल्यों के साथ पली-बढ़ी है। मुझे यकीन है कि हमारे मिलने से पहले, उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि वह एक दिन अजनबी के सामने अपना पूरा बदन नंगा करके दिखाएगी। हमारे रिश्ते की शुरुआत में कुछ घटनाएं हुई थीं जहां मैंने उसे खुलेआम अजनबियों को अपना शरीर दिखाया। आप जानते हैं कि लड़कियां किस तरह का हानिरहित न्यूड शो करती हैं। जब हम अपनी कार में सवार होते थे तो मैं हमेशा उसे अपने स्तन दिखाने के लिए मनाता था। यह सब बहुत रोमांचक था, लेकिन मैंने उसे कभी किसी को नहीं दिखाया था जिसे मैं व्यक्तिगत रूप से जानता था।

एक बार मैं और मेरा दोस्त जतिन अंजलि के अपार्टमेंट में टीवी देख रहे थे। अंजलि खुजली में थी। उसने हमें पुकारा, “तुम लोग कुछ पीना चाहते हो?”

“ज़रूर!” हमने जवाब दिया।

जतिन ने मजाक में कहा, “वाह! कितनी अच्छी सेवा है।”

मेरे दिमाग में विचार आया। मैं किचन में गया, जहां अंजलि हमारे लिए एक-दो ड्रिंक बना रही थी। मैं उसके पीछे आया और उसकी गर्दन को चूमने लगा। वह इसका आनंद ले रही थी और इससे पहले कि वह जानती कि क्या हो रहा है, मैंने उसकी शर्ट लगभग उतार दी थी।

“आप क्या कर रहे हो?” उसने विरोध में कहा। “जतिन यहाँ है!”

“चिंता मत करो,” मैंने कहा। “वह नहीं देख सकता!”

इसके साथ ही मैंने उसकी कमीज को उसके सिर के ऊपर से खींच लिया और पूरी तरह से उतार दिया। मैं उसे फर्श पर गिरा दिया और फिर से उसकी गर्दन को चूमने लगा.. मैंने तुरंत उसकी ब्रा खोल दी!

“वह किसी भी सेकंड में चल सकता है!” अंजलि ने विरोध किया।

“मुझे पता है कि मैं क्या कर रहा हूँ,” मैंने उसे आश्वासन दिया।

मैंने उसकी ब्रा खोल दी और उसे उतार दिया… उसके जबरदस्त सॉफ्ट डी-कप के स्तन बाहर आ गए। उसके काले निपल्स तुरंत सूज गए। मैं उनके साथ एक पल के लिए अपनी उंगलियों से खेला। अंजलि धीरे से कराह उठी और मैंने उसके बाएं स्तन को अपने हाथ में पकड़ लिया और उसके निप्पल को अपने मुंह में भर लिया।

मैंने काउंटर पर लगे 2 गिलासों की ओर इशारा किया। अंजलि मुड़ी और उन्हें उठा लिया। उसने उन्हें मेरे पास ले जाने के लिए बढ़ाया। मैं जल्दी से उसके पीछे गया और उसे लिविंग रूम के दरवाजे की ओर धकेल दिया।

अंजलि रुक ​​गई। “आपको क्या लगता है कि आप क्या कर रहे हैं?!” उसने पूछा।

“तुम आज मेरी दासी हो और तुम सेवा करने जा रही हो हमारा,” मैंने जवाब दिया..

“नहीं!!.. मैं ऐसा नहीं हूँ!” उसने कहा और अपनी कमीज़ ढूँढ़ने लगी। जैसे ही मैंने उसे एक और धक्का दिया, वह आगे की ओर झुकी। झटके ने उसके बड़े स्तनों को झकझोर कर रख दिया। ड्रिंक्स को पकड़ते हुए उसने अपने स्तनों को अपनी बाहों से ढँक लिया।

मैंने उसका सिर अपने हाथों में लिया और उसके होठों पर एक लंबा चुंबन लगाया और उसे बताया कि कैसे जतिन ने कबूल किया था कि वह चुपके से उसके नग्न स्तन देखने की लालसा रखता है। मैंने उसे बताया कि यह मेरे लिए कितना अद्भुत दृश्य होगा। मेरी प्रेमिका मेरे दोस्त के सामने टॉपलेस है। “और इसके अलावा,” मैंने उससे कहा, “वह मेरा सबसे अच्छा दोस्त है! वह किसी को नहीं बताएगा”

यह सोचकर वह निश्चल खड़ी रही। मैंने उसके कंधे पकड़े और उसे फिर से लिविंग रूम के प्रवेश द्वार की ओर घुमाया। मैंने उसे कहते सुना ‘मुझे विश्वास नहीं हो रहा है’ मैं यह कर रही हूँ’।

इस बार उसे दरवाजे की ओर धकेलने में बस थोड़ा सा बल लगा..

जैसे ही हमने दरवाजा पार किया, जतिन नज़र आया। मेरी प्रेमिका को केवल एक जोड़ी शॉर्ट्स पहने हुए देखकर उसकी आँखें विस्मय और सदमे से चौड़ी हो गईं।

“अंजलि के पास तुम्हारे लिए कुछ है,” मैंने कहा। मैं जल्दी से सोफे पर बैठ गया और अपनी आधी नग्न प्रेमिका को देखा, जो हमारे सामने खड़ी थी। उसका चेहरा लाल रंग की एक प्यारी सी छटा में बदल रहा था क्योंकि वह वहाँ 2 गिलास पकड़े खड़ी थी। वह उन्हें अपने स्तनों को ढँकने के लिए पकड़ रही थी।

जतिन की पहली नज़र उसके बड़े, गुलाबी निप्पल पर पड़ी और उसने उसे ड्रिंक देने के लिए अपना हाथ बढ़ाया। अंजलि को गिलास देने के लिए आगे झुकना पड़ा जिससे उसके बड़े, गोल स्तन उसके शरीर से दूर लटक गए।

जतिन मुस्कुराया।

अंजलि का चेहरा बहुत लाल था। जैसे ही जतिन ने शराब पी, अंजलि ने अपने स्तनों पर हाथ रखा और एक हाथ से अपने अधिकांश नंगे स्तनों को ढकने में कामयाब रही और दूसरे हाथ से उसने मुझे मेरा पेय दिया।

“अब इसे मैं सेवा कहता हूँ!” जतिन ने कहा।

“तो जतिन,” मैंने कहा, “अंजलि मेरी प्रेमिका है और उसका शरीर मेरी संपत्ति है। अगर मैं इसे दिखाना चाहता हूं, तो यह मेरी कॉल है।” तर्क उस समय उचित लग रहा था। अंजलि वैसे भी इसके लिए राजी हो गई थी।

अंजलि ने मुझे मेरा ड्रिंक थमाने के बाद जल्दी से अपने दोनों हाथों से अपने बड़े स्तनों को ढँक लिया। वह जाने के लिए मुड़ी।

“रुको,” मैंने कहा। अंजलि रुक ​​गई।

“ये किसके स्तन हैं?” मैंने उसके हल्के सफेद स्तनों की ओर इशारा करते हुए पूछा।

अंजलि ने एक पल के लिए सोचा। वह बस इतना करना चाहती थी कि रसोई में वापस चली जाए और इस अपमान को समाप्त कर दे। लेकिन साथ ही, मैं कह सकता था कि वह इस सब ध्यान से आकर्षित हो रही थी।

“तुम्हारा,” उसने कहा चुपचाप। वह जतिन या मुझे छोड़कर कहीं और देख रही थी।

“और आपने टॉपलेस होकर हमें ड्रिंक क्यों परोसी?” मैंने पूछ लिया।

अंजलि ने दोनों स्तनों को ढँकने के लिए एक हाथ बढ़ाया और दूसरे हाथ से अपना चेहरा ढँक लिया। भले ही वह हमारा सामना कर रही थी, वह हमें आँखों में नहीं देख पा रही थी। शर्मिंदगी उसे मार रही थी।

“क्योंकि तुमने मुझसे कहा था,” उसने कहा।

“हां। अब अपना हाथ नीचे करो, ”मैंने कहा।

अंजलि ने अपना हाथ अपने चेहरे से हटा लिया और अपनी छाती को फिर से ढक लिया।

“क्या तुमने मुझे सुना, अंजलि? अपने हाथों को अपने स्तनों से हटाओ। उन्हें अपनी पीठ के पीछे रखो। ”

अंजलि ने एक हाथ अपनी पीठ के पीछे रखा और एक हाथ उसके स्तन पर छोड़ दिया। वह जानती थी कि आगे क्या होने वाला है।

“ये किसके स्तन हैं?” मैंने उससे फिर पूछा।

“तुम्हारा,” उसने कहा।

उसने अपनी आँखें बंद कर लीं। उसके गाल लगभग चमकीले लाल हो गए थे।

मैंने जतिन की तरफ देखा। उसकी निगाहें अंजलि के सीने पर टिकी थीं।

“अपना हाथ अपनी पीठ के पीछे रखो,” मैंने कहा
शांति से।

एक पल बीत गया। यह सच्चाई का क्षण था। वह जम गई। वह तय कर रही थी कि क्या करना है।

“आप उन्हें देखना चाहते हैं?” अंजलि ने पूछा। “यह लो!”

और इतना कहकर उसने अपना हाथ नीचे कर लिया और दोनों हाथों को अपने कूल्हों पर रख लिया। अपने जीवन में पहली बार, अंजलि एक ही समय में दो पुरुषों को खुद को दिखाते हुए नग्न थी। जतिन और मैंने अंजलि के पूरी तरह से खुले, बड़े स्तनों को देखा। उसके कंधे-लंबे काले बाल, उसके मांसल स्तन के हल्के-सफेद रंग के विपरीत थे। उसके गुलाबी निप्पल चट्टानों की तरह थे।

एक पल बीत जाने के बाद, मैंने कहा, “देखो, अब इतना बुरा नहीं था! तुझे कैसा लग रहा है?”

“आपको क्या लगता है कि मुझे कैसा लग रहा है?” उसने नकली व्यंग्य में कहा। “मैं यहाँ तुम्हारे दोस्त के सामने आधी नंगी खड़ी हूँ!”

मैंने और अधिक धक्का देने का फैसला किया।

“अपने हाथ अपने सिर के पीछे रखो ताकि जतिन तुझे पूरा देख सके,” मैंने उससे कहा।

उसने अपनी आँखें घुमाईं, और अपनी बाहें उठायीं और उन्हें अपने सिर के पीछे रख लिया। इससे उसके स्तनों को थोड़ा कसने और अधिक कामुक बनाने का प्रभाव पड़ा।

“क्या मैं अब जा सकती हूं?” उसने पूछा।

मैं कह सकता था कि वह चुपके से सब कुछ पसंद कर रही थी, लेकिन मैंने फैसला किया कि इस पल के लिए मैंने काफी मज़ा किया था और मैंने उसे जाने दिया।

जतिन और मैंने कुछ देर बात की। हमने अंजलि और उसके शरीर के बारे में बात की। हमने उसकी प्रेमिका के बारे में बात की, और कैसे उसके स्तन बहुत छोटे थे। मैंने उससे पूछा कि क्या उसकी प्रेमिका ने कभी उसकी चूत का मुंडन किया है। उन्होंने कहा कि थोड़ा किया, लेकिन केवल गर्मियों में बिकिनी पहनने के लिए।

मैंने अंजलि को वापस कमरे में बुलाया। जब वह लौटी तो मैंने देखा कि उसने अपनी टी-शर्ट वापस पहन रखी थी।

“क्या मैंने कहा था कि आप उस टीशर्ट को वापस पहन सकते हैं?” मैंने कहा।

इस बार, विरोध के रूप में केवल एक तेज आह के साथ, अंजलि शर्ट को ऊपर और उसके सिर के ऊपर खींच लिया, उसके स्तनों को फिर से हमारे सामने प्रकट किया।

“मुझे कमीज़ दे दो, क्योंकि जल्द ही तुम्हें इसकी कभी ज़रूरत नहीं पड़ेगी,” मैंने कहा।

अंजलि ने मुझे शर्ट थमा दी और इस बार, उसने अपनी जेब में हाथ डाला, खुद को ढकने की कोशिश नहीं की। मैं कह सकता था कि उसे अब और अधिक आत्मविश्वास था। मुझे संदेह था कि वह हमारी बातचीत सुन रही थी, और अब मैं जो कहने जा रहा था उसे करने के लिए कुछ और उत्सुक थी।

“जतिन को बताओ कि हमने कल रात क्या किया,” मैंने कहा।

अंजलि ने जतिन की ओर देखा और कहा, “हमने साथ में नहाया।”

“और मैंने क्या शेव किया?” मैंने पूछ लिया।

अंजलि की आंखें बड़ी हो गईं। उसने मुझे एक नज़र गोली मार दी। “आपका क्या मतलब है?” उसने पूछा।

“उसे बताओ, या उसे दिखाओ … यह और भी बेहतर होगा,” मैंने कहा।

अंजलि ने एक पल के लिए सोचा। “वह श…,”

“क्या?” जतिन ने पूछा

अंजलि ने दूर देखा। उसके चेहरे पर लाली लौट आई। “उसने मेरी चूत के बाल का शेव किया!” वह चिल्लाई।

“यहाँ आओ,” मैंने उससे कहा।

अंजलि धीरे-धीरे मेरे पास आई। वो सामने खड़ी थी मैं, सोफे और कॉफी टेबल के बीच। मैंने उसके सफेद शॉर्ट्स को खोल दिया। उसने तुरंत मेरा हाथ पकड़ लिया। मैंने खाली भाव से उसकी ओर देखा। उसने पीछे मुड़कर मेरी तरफ देखा और धीरे से… बहुत धीरे से, अपने हाथ नीचे कर लिए।

“ठीक है,” उसने कहा, “आप मुझे जाँघिया में देखना चाहते हैं? आगे बढ़ो!” वह अच्छी तरह जानती थी कि मेरे मन में क्या है। लेकिन उसने कुछ चेहरा बचाने की कोशिश की.. उसे क्या पता था कि अब क्या होने वाला है..

मैंने उसके शॉर्ट्स की चेन को खोलना जारी रखा और उसे फर्श पर गिरा दिया। अंजलि अब मेरे सामने केवल सफेद पैंटी पहने खड़ी थी, जिस पर थोड़ा कढ़ाई वाला गुलाबी फूल था…

“ये अच्छे हैं,” मैंने लोचदार कमरबंद को तड़कते हुए कहा, “क्या ये नए हैं?”

अंजलि ने कोई उत्तर नहीं दिया।

मैंने उसके कूल्हों को पकड़ा और उसे जतिन की ओर घुमाया, जो सोफे के दूसरे छोर पर बैठा था, जिसकी आँखें चौड़ी थीं। फिर, मैंने अंजलि का हाथ लिया और उनकी पैंटी के कमरबंद पर रख दिया और वापस बैठ गया।

“उन्हें उतारो,” मैंने कहा। “जतिन को दिखाओ कि मैंने कितना अच्छा काम किया है, तुम्हारी चूत के बाल मुंडवाए हैं और कितनी प्यारी लगती है!”

अंजलि नहीं हिली। मैंने अपने पैर कॉफी टेबल पर रख दिए, अब अंजलि मेरी टांगों के बीच में, अब वह नहीं जा सकती थी।

“कभी नहीं,” उसने कहा। “मैं आप दोनों के सामने पूर्ण नग्न नहीं होने जा रहा हूँ”

लेकिन वह नहीं हिली। हमने प्रतीक्षा की।

वह जानती थी कि अगर वह ऐसा करती है – अगर वह हमारे लिए नग्न हो जाती है तो वह इसे कभी नहीं रोक सकती। जतिन को हमेशा ठीक-ठीक पता होता था कि वह नग्न होकर कैसी दिखती है। अंजलि की उंगलियां उसकी पैंटी की इलास्टिक में फीकी पड़ गईं। धीरे-धीरे, बहुत धीरे-धीरे, अंजलि ने लोचदार कमरबंद को नीचे खींच लिया उसकी गांड को मेरे सामने बेनकाब किया। फिर उसने उन्हें वापस ऊपर खींच लिया।

“मैं ऐसा नहीं करूंगी,” उसने कहा।

मैं कुछ नहीं बोला। कुछ पल बीत गए।

अंजलि ने इस निर्णय पर व्यथित होकर, अंत में, अपनी सफेद जाँघिया को अपनी गांड के ऊपर, अपने कूल्हों के ऊपर से उतार दिया, और झुकती रही, धीरे-धीरे उन्हें नीचे खींचती रही जब तक कि वे उसके घुटनों तक नहीं पहुँच गईं।

उसके बड़े नग्न स्तन लगभग अश्लील मुद्रा में उसके शरीर से दूर लटक गए। उसने अपनी पैंटी उतार दी और उन्हें फर्श पर गिरा दिया। वह अपनी चूत को हाथों से ढँक कर खड़ी हो गई। उसकी आँखें कसकर बंद हो गईं। मैं उठा और धीरे से उसके हाथों को उसकी चूत से दूर खींच लिया।

जतिन का जबड़ा नीचे गिर गया। उसकी निगाहें हमारे सामने खड़ी मेरी नग्न प्रेमिका पर नाच रही थीं। मैंने अपनी टांगें गिरा दीं ताकि जतिन को मेरी नग्न प्रेमिका का पूरा नजारा मिल सके।

उसकी चूत वाकई साफ थी। उसके चिकने चूत के होठों के ऊपर लगभग 2 इंच चौड़ी गहरे-भूरे जघन बालों की एक छोटी सी पट्टी थी।

to be continued…

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मां बेटी के साथ चुदाई का खेल https://sexstories.one/maa-beti-ke-sath-chudai-khel/ Thu, 11 Nov 2021 06:06:57 +0000 https://sexstories.one/?p=3309 मैने उसको नंगा कर दिया और मैने उसकी जांघ को चूमना शुरु कर दिया। भरपूर जवान लड़की थी 17 साल की मैने उसको मस्त कर दिया चूम चूम के मैने उसको पलट के उसके छोटे छोटे कुल्हो को मुहँ मे भर के चूसा वो और चूम लो मज़ा आ रहा हे कहने लगी...

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Maa Beti Ki chudai ka khel – आज से 5 महीने पहले मैने करीब 10-11 दिन से चुदाई नहीं की थी। कोई जुगाड़ नहीं लग रहा था मुझे समझ में नहीं आ रहा था की क्या करूँ। तभी मुझे पता चला की यहाँ कुछ बंजारे लोग अपना डेरा डाले है में ये अच्छे से जानता था की इन फैमिली की औरते दिन मे भीख माँगने के साथ अपने ग्राहक सेट करती है और रात मे उनसे चुदवाती है जबकि उनके पति टेंट मे रह के झाड़ू बनाते है या खाना पकाते है अगले दिन सुबह। मैने तुरंत अपनी बाइक उठाई और उनके टेंट के पास पहुचं गया दूर से खड़े हो के सिगरेट पीते हुये। वहाँ मौजूद लडकियों और औरतो मे से अपने लायक औरत तलाश रहा था।

उनमे कई लडकियाँ थी जिनकी उम्र 12 या 13 साल थी लेकिन उनके स्तन इतने बड़े लग रहे थे साफ था की उनको कई मजबूत हाथो ने बड़ा किया था। में उनमे से कोई अपने लायक नही पा सका फिर भी मैने सोचा कोई भी हो यार अब तो चाहिये ही है मैने पास जाकर वहाँ खड़ी एक लड़की को बुलाया थोड़ी देर यहाँ वहाँ की बाते की फिर मैने ऑफर किया चलना है मेरे साथ लेती हो ले लेना वो बोली में अम्मा से पूछ के बताऊँगी। मैने कहाँ जल्दी से जाकर पूछो वो गई।
थोड़ी देर बाद वो आती दिखी लेकिन उसके पीछे पीछे से एक औरत आई। मेंरी उस पर नज़र पड़ते ही सोच लिया लड़की नहीं चाहिये।

अब तो ये औरत चाहिये वो भरे जिस्म की औरत ऊँचे कद की बड़े बड़े स्तन मोटी गांड का अंदाज़ा तो उसको सामने से देख के ही लग रहा था वो पास आई मेरे से बोली क्या कह रहे थे ये अभी कही नहीं जायेगी। मैने लड़की की तरफ देख के कहाँ अरे तो जितने पैसे लगते हो उससे 100 ज़्यादा दूगां। लेकिन मुझे ये लड़की नहीं चाहिये। मुझे तू चाहिये वो एकदम से देख के बोली में, मैने कहाँ हाँ तुम वो बोली कहाँ चलना है मैने उसको अपने घर का पता दिया और 50 रुपये एड्वान्स के दिये वो बोली दोपहर मे आऊँगी अभी (उस लड़की के पापा) बापू के साथ दंवाई बनानी है रविवार को बाजार मे बेचने के लिए मैने ठीक है कहाँ और 1 बजे आ जाने के लिए कहाँ में वापस आ गया।

1 बज गये में दरवाजे के पास खड़ा होकर उसका इन्तजार कर रहा था लेकिन उसका पता नहीं था मेरा दिमाग़ खराब हो रहा था मैने सिगरेट जलाई टाइम देखा ओर फिर से बाहर आया। तो मुझे वो लड़की आती दिखी मैने कहाँ चलो लड़की ही सही चूत तो मिलेगी पर उसके पीछे पीछे उसकी माँ आती दिखी में खुश हो गया वो मुझे देख के मेरे पास आ गई में उनको अंदर ले गया खिड़की दरवाजा लगा के उनको बेड मे बिठा के पानी के लिऐ पूछा उन्होंने मना कर दिया मैने पूछा देर क्यों कर दी वो बोली हम पढ़े लिखे नहीं है कई लोगो से पूछा तब जाकर आ पाये है में उन दोनो के बीच मे जाकर बैठ गया और दोनो की एक एक जाँघ पर अपना हाथ रख दिया। लेकिन उनके शरीर से बदबू आ रही थी। मैने कहाँ बाथरूम मे जाकर नहा ले वो लड़की को मैने कहाँ पहले तू जाकर नहा ले वो कपड़े नहीं लाई थी मैने अपने कपड़े देकर कहाँ ये पहन लेना वो नहाने जाने लगी और पूछने लगी कहाँ जाना है तो मैने जाकर उसको साबुन दिया बाथरूम दिखाया।

मैने कहाँ रूको और दौड़ के वापस आया अपना रेजर ब्लेड दिया कहाँ चूत के बाल हटा ले और उसके स्तन और गांड को अच्छे से साफ करना और जल्दी से नहाना वो हँसने लगी तो में वहाँ से उसकी अम्मा के पास आ गया उसकी अम्मा को देख के मैने उसके शरीर से आने वाली बदबू की परवाह नहीं की ओर पास मे जाकर स्तन दबाने लगा मैने पूछा कितने कमा लेती है वो बोली ग्राहक अच्छा मिल गया तो 200 या 300 रुपये मिल जाते है मैने कहाँ तुम लोगो का अच्छा है दिन मे चुदो तो पैसे लो और रात मे पति से चुदो तो……..

वो बोली नहीं ऐसा नहीं है रात मे हरामी पुलिस वाले आकर लडकियों को चोदते है और पैसे भी नहीं देते लड़की से मन नही भरा तो हम लोगो पर चढ़ जाते हे।

chudai ka khel मामी की चुदाई 

मैने कहाँ कोई बात नहीं मैने उसकी फटी हुई साड़ी उतारी नीचे से वो नंगी हो गई कुछ नहीं पहने थी मैने ब्लाउज भी उतार दिया उसका पूरा काला जिस्म मादक लग रहा था। उसका जिस्म सुडोल था। मैने उसकी चूत को देखा काली एकदम बालो से भरी थी जैसी भी थी लेकिन उसकी चूत अच्छी लग रही थी मैने सोचा जब तक लड़की नहा रही है। तब तक इसको चोद लेता हूँ वो सुंदर तो थी नही लेकिन उसके बदन का आकार लंड खड़ा कर रहा था में उसके उपर ही लेट गया स्तन को दबाने का मज़ा लेने लगा वो भी मज़ा ले रही थी मैने स्तन पर किस किया और फिर मैने अपने लंड को चूसने को कहाँ वो मुहँ में थोड़ा सा लंड भर के चूसने लगी में जोश मे आ रहा था मैने तुरंत कन्डोम लिया और लंड पर चड़ाया जब पलट के उसकी तरफ देखा तो वो टाँगे फैला के चूत खोल के चुदने के लिऐ तैयार थी बोली आओ मारो।

मैने लंड को पकड़ा और उसकी चूत मे लगाकर अंदर करता गया उसकी चूत मे मेरा सवा सात इंच का लंड आसानी से पूरा चला गया वो इतनी चूत चुकी थी की लंड की लंबाई शायद कम पड़ रही थी लेकिन जब मैने लंड को खीचके दोबारा झटका मारा तो उसकी सिसक शुरू हो गई तो मैने चुदाई शुरू कर दी में उसके स्तन दबाते हुये उसे चोद रहा था। ओ आआह्ह्ह्ह आह आहहहहहहः अहहहाः आआ करने लगी तो में और चोदने लगा मुझे अब कुछ कुछ मज़ा आने लगा था उसकी चूत के बाल मेरे लंड की जड़ के पास टकरा रहे थे तो मुझे गुदगुदी हो रही थी में चोद ही रहा था। तभी वो बोली गांड मारोगे मैने कहा हाँ मारनी है तुम्हे देखते ही मैने तुम्हारी गांड मारने के बारे मे सोच लिया था अच्छी मोटी गांड है तुम्हारी। वो उल्टी लेट गई उसकी गांड के पहाड़ जैसे कूल्हे मस्त लग रहे थे

मैने कुल्हो को फैलाया ओर गांड के छेद मे थूक दिया और लंड लगा के गांड मे डालने लगा। वहाँ भी आसानी से लंड घुस गया मैने उसकी गांड मारनी चालू कर दी वो सस्स्स्स्स्स्स्स्सस्स सस्ससा आ आ आह्ह्ह्हह्हह्ह्ह सस्स्स्स्स्स्स्सिस… सिसीसिस कहती रही में गांड मारता रहा…. मज़ा आ रहा था वो हाथ फैला के लेटी थी मैने पीछे से उसके हाथो को दबाया ओर पंपिंग स्टाइल मे गांड मारने लगा। वो हा अहहः अहहः हः हाही आ कह के मारो गांड मार… मार गांड कह रही थी। तभी उसकी लड़की आ गई मैने उसको देखा लोवर टी शर्ट मे गीले बालो मे तौलिया लपेटे खूबसूरत लग रही थी।

वो चुदाई देख के शरमा गई उसकी अम्मा उसको बोली तू थोड़ी देर बैठ। में गांड मरवा लू तो वो हाँ कह के मुझे गांड मारते हुये गोर से देखने लगी मैने उसको दिखाने के लिऐ लंड को निकाला और एक ही बार मे लंड को अंदर किया तो वो ज़ोर से आहह चीखी लड़की मुस्कुराने लगी मैने जल्दी जल्दी अम्मा की गांड मारी और अपना पानी गांड मारते वक़्त निकाल दिया और तुरंत ही हट गया कन्डोम उतार के लंड को बाथरूम मे जाकर साफ किया वापस आया तो वो कपड़े पहन चुकी थी।

मैने कहा जा रही हो, वो हाँ बोली तो मैने उसको 100 का नोट दिया कहाँ बाकी में इसको दे दूगां। तो वो लड़की से बोली रज्जो जब इनका हो जाये तो सीधा आ जाना उसने हाँ मे सर हिलाया तो वो जाने लगी मैने तौलिया लपेटा और दरवाजे तक आया वो मुझसे बोली आराम से करना मैने हाँ कहा। वो चली गई। में दरवाजा बंद करके आया उसकी लड़की से कहाँ रज्जो तू अच्छी लगती है इन कपड़ो मे तो तू शहर की छोरी लग रही है वो हँसने लगी। मैने उसका लोवर उतारा तो चिकनी चूत थी में खुश हो गया और मैने कहाँ तुम्हारी चूत तो चिकनी हो गई मैने उसका लोवर ऊपर करके कहाँ। कुछ खायेगी वो हाँ बोली तो मैने उसको अपने पास रखे चिप्स के 2 पैकट दिये और एक बिस्कीट का पैकट दिया और टी.वी. चालू कर दी और नहाने चला गया उसने खा लिया पानी पिया तब तक में वापस आ गया।

मैने खुद को तौलिया से पोछा ओर नंगा ही उसके पास जाकर कहाँ इससे खेलो वो हाथ मे लेकर सहलाने लगी वो दोनो हाथो मे पकड़ कर सहलाने लगी लंड अपने आकार मे आने लगा था तब तक मैने उसकी टी शर्ट उतार दी नंगे स्तन खिल गये। मैने उनको मसलना चालू कर दिया मैने पूछा कितनी बार चुदाई की तुमने.. वो बोली याद नहीं पहले नहीं करवाती थी एक दो साल से करवाने लगी हूँ। मैने कहाँ तुम्हे किसने पहली बार चोदा था याद है वो बोली हाँ काका ने… मैने कहा कौन काका वो बोली बापू का भाई यानी की उसके चाचा ने… मैने कहा किसी ने कुछ नहीं कहा उसको… तो वो बोली नहीं यहाँ तो सब एक दूसरे की छोरी पकड़ते है

मैने उसको नंगा कर दिया और मैने उसकी जांघ को चूमना शुरु कर दिया। भरपूर जवान लड़की थी 17 साल की मैने उसको मस्त कर दिया चूम चूम के मैने उसको पलट के उसके छोटे छोटे कुल्हो को मुहँ मे भर के चूसा वो और चूम लो मज़ा आ रहा हे कहने लगी। मैने उसको पकड़ के पलटाया और चूत को मुहँ मे लेकर चूसने लगा वो आआईईईईई आ कहँती रही। मैने उसको लंड चुसवाया अम्मा जितने खराब तरीके से लंड चूस के गई थी। ये उतने ही अच्छे तरीके से चूस रही थी में जान रहा था की इसको नये लड़को ने चोद के ये सब सिखाया है उस लड़की ने मुझे जोश मे ला दिया था मैने तुरंत कन्डोम चड़ाया।

उसको लेटा कर उसकी टाँगे अपने दोनो कंधो पे रखी आगे को होकर चूत के पास लंड किया और धक्का देने लगा लंड घुसने लगा वो आममामा आ आहः अहहाहा मममा कहने लगी। मैने और अंदर किया तो वो आ अहाहाः कहने लगी में काफ़ी जोश मे था तो शुरुआत से ही लंबे लंबे धक्के मारने लगा वो सीसी सिस सीसीसी आह आहा आहा हा आह कहती गई और में डालता रहा। में उसकी चूत को जल्दी जल्दी चोद रहा था गजब की लड़की थी यार कसम से ऐसा जोश चड़ाया था जो उसी को भारी पड़ रहा था।

मैने हालत खराब कर दी थी मैने उसको थका दिया था और 10 मिनिट बाद में खुद थक गया मैने पूरी ताक़त से पूरे दम से चुदाई की उसके मुहँ में मुहँ लगा के होठों को चूसते हुए जो चोदा उसको हिला के रख दिया मैने 4,5 लंबे धक्के मार के उसको जकड़ के लिपट गया वो भी मुझसे लिपट गई कुछ देर हम दोनो लिपटे पड़े रहे फिर अलग हुये। वो वैसे ही लेटी रही मैने पूछा कैसी लगी चुदाई वो हल्की सी मुस्कान लिये मुझे देखने लगी फिर बोली मज़ा आया, में खुश था। लेकिन अभी तो उसकी गांड मारनी थी। मैने उसको करीब आधे घंटे तक नंगा लेटाया फिर उसकी गांड मारने लगा छोटे छोटे कुल्हो के बीच की गांड मैने अपने लंड से जम के चोदी.. वो सिर्फ़ चिल्हाती रही मैं गांड मारता रहा। हालांकी वो गांड मरवा चुकी थी। लेकिन मेरा लंड शायद उसके लिए बड़ा था इसी कारण वो दर्द महसूस कर रही थी। लेकिन शायद में उस वक़्त कई दिनों की चुदाई की प्यास बुझाने मे भूल गया और जोर से चोद के माना। मैने उसकी गांड से लंड निकाल के पूरा वीर्य उसकी पीठ मे गिरा दिया।

उसने तौलिया से पोछा ओर थक के आराम से कपड़े पहन के लेट गई। थोड़ी देर बाद वो बोली अब में जाऊँगी। मैने उसको 500 रूपये दिऐ शायद उसको पहली बार इतने रुपये मिले थे। वो खुश हो गई मैने कहाँ अगर रात मे वो यही रुक जाये तो 500 रुपये और दूगाँ वो बोली अम्मा मारेगी मैने कहाँ तब तो तुम रुक जाओ अम्मा आयेगी तो उसको पैसे देकर लौटा दूगाँ। वो मान गई और सच मे थोड़ी ही देर मे अम्मा आ गई वो उसको डाटने लगी। मैने उसको कहा चिल्ला के बात मत करो ये पैसे लो आज रात इसको यही रहने दो वो कुछ सोचने लगी लेकिन 500 के नोट ने अपना दम दिखा दिया उसने कहा रज्जो रुकना है रज्जो हाँ बोली… तो वो चुपचाप चली गई मैने उसको ठीक ठाक कपड़े पहनाये शाम को घूमने ले गया खाया पीया घर आ गये वो काफ़ी खुश थी। वो बोली तुम अच्छे हो। मैने कहाँ तुम अच्छे से चुदी हो इसीलिए ये सब किया वो बोली अच्छा तो इस बार और मज़ा दूंगी चोद लेना ओर ऐसा ही किया उसने मुझे इतना मज़ा दिया की दिल खुश हो गया।

मैने रात में उसको ब्लू फिल्म दिखा के उन सब पोज़ मे चोदा वो इतनी मस्ती मे आ गई थी की अगर वो कोई नया पोज़ देखती तो उसी तरह से चुदवाने को कहती। में भी तो यही चाहता था उस रात मैने 2 बार उसको चोदा लेकिन मुझमे ताक़त ख़त्म हो गई थी हम रात मे 3:30 बजे लिपट के पति पत्नी की तरह सो गये। सुबह 9 बजे जागे मैने जागते ही उसको पकड़ लिया क्योकि में जब जगा तो वो मेरे लंड से खेल रही थी। मैने उसको फिर से चोद लिया वो बोल रही थी कितना चोदोगे। अब बहुत हो गया जबकि वो खुद चुद रही थी मैने उसको चोद दिया फिर ब्रश किया उसके बाद चाय बनाई और हम दोनों ने पी तब तक उसकी अम्मा आ गई।

मैने फिर 500 रुपये दिये और किसी दिन फिर से आने को कह के जाने दिया करीब 1 हफ्ते बाद पूरी रात को उसने फिर से रंगीन किया उसके बाद वो चली गई और ऐसी गई की शहर से ही चली गई ये थी मेरी कहानी।

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बन जा तू मेरी रंडी तेरी गांड मार लूँगा https://sexstories.one/meri-chut-aur-gand-chudai/ Mon, 01 Nov 2021 08:18:52 +0000 https://sexstories.one/?p=3216 उसके बाद उसने अपने पेंट को उतारा और चड्डी भी और अपना लंड बाहर निकाल लिया | मैं इशारा समझ गई और उसके लंड को अपने हाँथ में ले कर जीभ से चाटने लगी तो वो भी आहा ऊउंह ऊमंह आहाआ ऊम्मंह उयूंह आहाआअ ऊउम्मंह ऊउंह ऊम्नंह आह ऊम्ह करने लगा...

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hindi sex stories meri chut aur gand हैल्लो दोस्तों कैसे हैं आप सभी ? मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे | मेरा नाम दिशा है और मैं जबलपुर की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 34 साल है और मैं शादीशुदा हूँ | मेरी हाईट 5 फुट 4 इंच है और मेरा बदन गदराया हुआ है | शादी से पहले मैं काफी पतली थी लेकिन शादी के बाद मेरा बदन गदरा गया | मैं इस साईट की बहुत बड़ी फैन हूँ और मुझे इस साईट में चुदाई की कहानियाँ पढ़ना बहुत पसंद है और ऐसा क्यूँ है ये मैं कहानी में बताउंगी | दोस्तों आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पेश कर रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयगी और आप लोगो को मेरी कहानी पढ़ कर मजा भी आएगा | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय ना लेते हुए सीधा अपनी कहानी शुरू करती हूँ |

मेरा घर में मैं, मेरे पति और उनके चाचा रहते हैं | मेरे सास की कुछ महीने पहले ही कहानी खत्म हुई है और मेरे ससुर पिछले साल दिवाली में निपट गए | मेरी शादी को 10 साल हो चुके हैं लेकिन हमारा एक भी बच्चा नहीं है | हमारे बच्चे इसलिए नहीं है क्यूंकि मेरे पति का वीर्य नहीं बनता है और उनका इलाज डॉ. चचोंदिया से चल रहा है | जब मेरे पति से मेरी शादी हुई थी तब मैंने ये सोचा था कि वो मुझे चुदाई में काफी आराम देंगे लेकिन सुहागरात के दिन ही मेरे पूरे अरमानो में पानी फिर गया था जब उन्होंने ये कहा कि मेरा माल नहीं झड़ता | तब तो मैंने ये कह कर अपने मन को मना लिया कि चलो माल ही तो नहीं झड़ता कम से कम चुदाई तो करेगा | लेकिन जब हम चुदाई करने लगे तब वो मुझे सिर्फ 10 मिनट तक ही चोद पाया और मैं बिना संतुष्ट ही सो गई |

मेरे पति की दो बहन भी थी लेकिन उन्होंने एक बहन को घर से निकाल दिया क्यूंकि वो छिनार थी और एक काले से लड़के पटी हुई थी | वो उससे रोज चुदती भी थी लेकिन ये बात मैंने अपने पति से कभी नहीं कही क्यूंकि उसकी वो बहन मुझसे नफरत करती थी | मेरे पति की छोटी बहन अच्छी है वो भी शादीशुदा है लेकिन वो यहाँ वहां मुंह नहीं मारती मुझे छोटी वाली बहन बहुत अच्छी लगती है क्यूंकि जब भी वो घर आती है काम में मेरा हाँथ बंटा देती है | लेकिन उसकी बड़ी वाली बहन साली छिनार घर आती है तो मुझसे लडती भी है और काम भी नहीं करवाती | इसलिए हमारी कभी नहीं बनती | जहाँ मेरा ससुराल है वहां पर एक अभिलाष नाम का लड़का रहता है | वो दिखता भी अच्छा है और काफी हेंडसम है | वो मेरे पति का बहुत अच्छा दोस्त है और उसकी उम्र महज 24 साल है लेकिन वो कम ही घर आता है |

एक बार की बात है मेरे और मेरे पति के बीच झगडा हुआ और वो भी चुदाई के लिए | मैं एक औरत हूँ और मुझे भी चुदाई चाहिए लेकिन मेरा पति न तो चोदता है न ही कुछ करता है | हालांकि प्यार करता है लेकिन प्यार से बस चूत को ठंडक थोड़ी न मिलती है | उसके लिए चुदाई भी जरुरी है जो मुझे नहीं मिलती | झगडे के बाद मैं घर छोड़ कर चली गई थी | जब रात में सब सो रहे थे मैंने चुपके से अपना सामान बांधा और चली गई | उस समय मैंने सिर्फ सूट पहना हुआ था | जब मैं वहां से निकली तब रात के करीब 11 बज रहे होंगे |

वहां से मैं जैसे ही निकली एक ऑटो वाला किसी से बात कर रहा था तो मैंने उनसे कहा भैया मुझे कांचघर तक चलना है आप चल सकोगे क्या ?

तो उसने कहा मैडम मैं चल तो सकता हूँ लेकिन आपका पैसा ज्यादा लग जायेगा |

Gand chudai sex kahani दिल्लीवाली भाभी मतवाली

मैंने पूछा क्यूँ ? तो उसने कहा मैं घर जा रहा हूँ और मेरा वो रूट भी नहीं है लेकिन आप अकेले हैं इसलिए मैं बोल रहा हूँ |

मैंने मन में सोचा कि ठीक है यार पैसे ही तो लग रहे हैं कम से कम मुझे जल्दी पंहुचा तो देगा |

मैंने कहा ठीक है भैया चलेगा |

उसके बाद मैं ऑटो में बैठ गई और उसने मुझसे पूछा कि मैडम कांचघर में आपको कहाँ जाना है ?

मैंने कहा भैया आप मुझे मैं रोड में साईं पिल्लै के जिम के पास छोड़ देना |

उसने कहा ठीक है |

फिर कुछ दूर चलने के बाद उसने पूछा मैडम आप इतने रात में पूरे सामान के साथ क्यूँ जा रहे हो ?

तो मैंने कहा आप गाड़ी चलिए बस |

फिर वो चुप हो गया और चुपचाप गाड़ी चला रहा था |

उसके बाद उसने टेस्टिंग के पास गाड़ी रोका तो मैंने पूछा कि भैया यहाँ क्यूँ रोका है ?

तो उसने कहा मुझे पेशाब आई है इसलिए |

मैंने फिर कुछ नहीं कहा | टेस्टिंग रोड एक दम सूनी जगह है जहाँ लूटपाट होती रहती है | 5 मिनट के बाद वो मूत के आया और गाड़ी चालू कर रहा था तो गाड़ी चालू नहीं हो रही थी |

उसने कहा मैडम गाड़ी स्टार्ट नहीं हो रही है |

मैं समझ गई कि ये नाटक कर रहा है हो सकता है कि ये साला मुझे चोदने के बारे में सोच रहा है |

मैंने कहा भैया गाड़ी चालू क्यूँ नही हो रही है ?

तो उसने कहा मैडम मुझे क्या पता क्यूँ नहीं हो रही है आप चिंता मत करो मैं देखता हूँ कि क्या हुआ है |

बैठे बैठे मुझे आधे घंटे हो गए |

मैंने कहा भैया क्या प्रोब्लम है ? तो उसने कहा मैडम अब ये गाड़ी चालू नहीं होगी |

मैंने पूछा क्यूँ ? तो उसने कहा मुझे आपकी चूत चाहिए तभी गाड़ी चालू होगी |

मैंने कहा अबे मादरचोद पहले बोलना था न कि तुझे मेरी चूत चोदना है |

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वो भी समझ गया कि मैं भी चुदवाने को तैयार हूँ तो उसने कहा मैडम ये जगह अच्छी नहीं है मैं आपको सेफ जगह ले जा कर चोदुंगा |

मैंने कहा ठीक है |

फिर वो मुझे एक जगह ले कर गया वो मुझे भी नहीं पता कि कौनसी जगह थी | वहां पर उसने गाड़ी खड़ी किया और कहा मेरे पीछे आओ |

मैं उसके पीछे जाने लगी फिर एक खेत जैसी जगह थी वहां उसने मुझे बांहों में जकड़ लिया तो मैंने उससे पूछा कि यहाँ कोई मुन्हचोदी तो नहीं होगी न तो उसने कहा नहीं तू चिंता कर | इतना कहने के बाद उसने मेरे होंठ से अपने होंठ लगाया और मेरे होंठ को चूसने लगा |

मैं भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ को चूसने लगी | कुछ देर किस करने के बाद उसने मेरे सूट के अन्दर हाँथ डाल कर मेरे दूध को ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा तो मेरे मुंह से आहा ऊउंह ऊमंह आहाआ ऊम्मंह उयूंह आहाआअ ऊउम्मंह ऊउंह ऊम्नंह आह ऊम्ह की सिस्कारियां निकलने लगी | उसके बाद उसने मेरे सूट और ब्रा दोनों को ऊपर किया और मेरे दोनों दूध को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा तो मैं आहा ऊउंह ऊमंह आहाआ ऊम्मंह उयूंह आहाआअ ऊउम्मंह ऊउंह ऊम्नंह आह ऊम्ह करते हुए मजे लेने लगी |

उसके बाद उसने अपने पेंट को उतारा और चड्डी भी और अपना लंड बाहर निकाल लिया | मैं इशारा समझ गई और उसके लंड को अपने हाँथ में ले कर जीभ से चाटने लगी तो वो भी आहा ऊउंह ऊमंह आहाआ ऊम्मंह उयूंह आहाआअ ऊउम्मंह ऊउंह ऊम्नंह आह ऊम्ह करने लगा | उसके बाद मैंने उसके लंड को अपने मुंह में डाल कर चूसने लगी तो वो आहा ऊउंह ऊमंह आहाआ ऊम्मंह उयूंह आहाआअ ऊउम्मंह ऊउंह ऊम्नंह आह ऊम्ह करते हुए मेरे मुंह को चोदने लगा | जब मैंने उसके लंड को अच्छे से चूस लिया था तब उसने मेरी सलवार को नीचे किया और पेंटी को भी और अपनी चूत से मेरी जीभ को चाटने लगा तो मैं आहा ऊउंह ऊमंह आहाआ ऊम्मंह उयूंह आहाआअ ऊउम्मंह ऊउंह ऊम्नंह आह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां लेने लगी | चूत चाटने के बाद उसने मुझे झुकाया और मेरी चूत में लंड डाल कर चोदने लगा तो मैं आहा ऊउंह ऊमंह आहाआ ऊम्मंह उयूंह आहाआअ ऊउम्मंह ऊउंह ऊम्नंह आह ऊम्ह करते हुए चुदाई के मजे लेने लगी | फिर उसने अपनी चुदाई की रफ़्तार बढाया और जोर जोर से शॉट लगाते हुय्हे चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊउंह ऊमंह आहाआ ऊम्मंह उयूंह आहाआअ ऊउम्मंह ऊउंह ऊम्नंह आह ऊम्ह करते हुए अपनी गांड आगे पीछे कर के चुदवाने लगी | करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद उसने अपना माल मेरे कहने पर चूत में ही छोड़ दिया | फिर हम दोनों ने अपने आप को ठीक किया और फिर उसने मुझे मेरे घर तक छोड़ दिया |

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी जरुर पसंद आई होगी |

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रिश्तेदार के भाई की बेटी – भाग २ https://sexstories.one/rishtedar-ke-bhai-ki-beti-ki-chudai/ Wed, 13 Oct 2021 08:01:38 +0000 https://sexstories.one/?p=3014 हनी बेसुधी के आलम में थी लेकिन जब मैंने उसकी ब्रा खोल कर निकाल दिया और उसकी 34 इन्च की गोरी चूचियाँ अनावृत हुई तो उसे जैसे होश आया और वो अपने दोनो हाथों से अपनी चूचियों को छिपाने लगी, हालांकि मुँह से कुछ नहीं कहा। मैंने उसकी चूचियों का रसपान करना चाहता था लेकिन वो अपने हाथ ही नहीं हटा रही थी।

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Desi Incest Sex / Ghar me Chudai ki kahani हनी बेसुधी के आलम में थी लेकिन जब मैंने उसकी ब्रा खोल कर निकाल दिया और उसकी 34 इन्च की गोरी चूचियाँ अनावृत हुई तो उसे जैसे होश आया और वो अपने दोनो हाथों से अपनी चूचियों को छिपाने लगी, हालांकि मुँह से कुछ नहीं कहा। मैंने उसकी चूचियों का रसपान करना चाहता था लेकिन वो अपने हाथ ही नहीं हटा रही थी।

अब मैंने उठकर उसकी स्कर्ट खोल कर नीचे कर दिया, हनी अपनी चूचियाँ छिपाने में लगी रही और मैंने उसकी कच्छी खींच कर उसकी चूत नंगी कर दिया।

उसने अपनी जाँघों पर जाँघ चढ़ा कर चूत छिपाने की कोशिश की लेकिन मैंने उसकी जाँघों को चौड़ा कर उसकी एक न चलने दी।

उसकी चूत पर छोटी-छोटी झाँटें थी, लगता था कुछ दिन पहले उसने साफ किया था।

अब हनी का शानदार चिकना ज़िस्म उद्घाटन के लिए मेरे सामने पड़ा था।

मैंने हनी के हाथों को उसकी चूचियों से हटा कर उन्हें अपने कब्जे में कर के धीरे-धीरे दबाने लगा।

कुछ देर दबाने के बाद मैंने बारी-बारी से उसकी चूचियों का रसपान किया।

हनी मेरे बालों को सहलाती रही।

थोड़ी देर तक चूचियों का मजा लेने के बाद मैं उठा और एक तकिया हनी के मस्त चूतड़ के नीचे रखा और उसकी अनचुदी योनि पर अपने होंठ रख कर मजा लेने लगा।

हनी के लिए यह पहला और नया अनुभव था, वो अपने हाथों से मेरा सर अपनी चूत पर दबाने लगी।

मैं हनी की चूत की फाँकों को चौड़ाकर अपनी जीभ को नुकीला कर अन्दर तक छेड़ने लगा।

कुछ ही देर में हनी का चूतामृत मेरे मुँह में भर गया।

कुँवारी चूत का अमृत पीने के बाद मुझमें और ऊर्जा आ गई।

अब मैं हनी के बगल में लेटकर उसके सर को फिर अपनी बाँह पर रखकर उसके गालों को चूमने लगा और दाहिने हाथ से उसकी जाँघ और चूत को सहलाने लगा।

Sexy incest दोस्त और उसकी बीवी के साथ ग्रुप सेक्स

कुछ देर बार मैंने हनी के होठों को अपने होठों की गिरफ्त में लिया और दाहिने हाथ की उंगली उसकी चूत में डाल दिया।

हनी चिहुँक उठी लेकिन मैंने उसे मजबूती से जकड़ लिया और उंगली अंदर-बाहर कर लंड जाने की जगह बनाने लगा।

कुछ मिनट बाद मैं उठा तो हनी के होठों से कराह निकल रही थी।

मैं अपना काम करता रहा।

मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं मक्खन की टिकिया में उंगली धाँसे हूँ।

मैंने हनी को पुचकारते हुए कहा- हिम्मत बनाये रखो मेरी जान, अभी तो इसमें और भी मोटी चीज डालनी है।

हनी कुछ न बोलकर मेरे हाथ पकड़ कर अपनी चूत से हटाने लगी लेकिन मैं चूत में उंगली करते रहा।

कुछ देर बाद वो भी इसकी अभ्यस्त हो गई।

हनी लगातार अपनी गाण्ड उछाल रही थी।

मैं उसका चेहरा देख रहा था, साफ लग रहा था कि वो अपनी चूत में और भी मोटी चीज डलवाने के लिए उद्यत है।

अब मैंने अपने सारे कपड़े उतारे और हनी की चूत की चीड़फाड़ के लिए तैयार हो गया।

पूरी तरह नंगा होने के बाद मैं हनी की जाँघों के बीच बैठा।

हनी ने मेरे लंड को देखकर घबराते हुए कहा- प्लीज इससे कुछ मत करो।

मैंने मुस्कुरा कर कहा- एक बार मज़ा लो तो, ऐसे ही लंड के लिए तो लड़कियाँ तरसती हैं।

फिर मैंने अपनी उंगलियों पर थूक लिया, आधा थूक अपने लंड के सुपारे पर लगाया और आधा हनी की चूत पर।

वैसे उसकी चूत पहले से ही गीली थी।

हनी चुपचाप देखती रही।

फिर मैंने हनी की चूत की फाँक अलग कर उसपर अपने लंड का सुपाड़ा रखा।

सुपाड़े के स्पर्श के से हनी सिहर उठी।

अब मैंने अपने लंड को आगे बढ़ाया।

हनी बहुत चीखी और रोई लेकिन मैंने बेरहमी से पूरा लंड हनी की चूत में पेलना जारी रखा और पूरा लंड पेलने के बाद उसको अपनी बाँहों में कसकर लंड अंदर-बाहर करने लगा।

हनी को चोदने का मेरा सपना अब पूरा हो रहा था।

हनी रोती-चिल्लाती रही और अपने मेरी पीठ पर मुक्कियाँ मारती रही, मैं उस वक्त उसे राक्षस नज़र आ रहा था।

लेकिन मैं उसे बहरा बनकर चोद रहा था।

मुझे दुनिया के सारे मजे हनी की चूत में इकट्ठे लग रहे थे।

हनी चिल्लाती रही, अपनी गाण्ड हिलाती रही और झड़ती रही।

करीब बीस मिनट की जोरदार चुदाई के बाद हनी को भरपूर मजा आने लगा।

जो हाथ मेरी पीठ पर मुक्कियाँ बरसा रहे थे वे ही अब गलबहियाँ करने लगे।

मैं कुछ देर पहले जो राक्षस नज़र आ रहा था, वही देवता लगने लगा।

हनी बार-बार अपने गालों को चुम्मी के लिए मेरे होठों से सटाने लगी।

मैंने चुदाई रोकी और हनी से कहा- लग रहा है मेरी जान तुम्हें भी खूब मजा आ रहा है?

हनी ने मेरी पीठ पर मुक्कियाँ मारते हुए कहा- तुम्हें मेरे मजे से क्या लेना? तुम अपना काम करो।

‘लो मेरी जान !’ कहते हुए मैंने हनी की ताबड़तोड़ ठुकाई करने लगा।

पाँच-सात मिनट बाद हनी का शरीर एक बार और अकड़ा और उसके मुँह से आवाज आई- रो…हित !

‘हन्नी !’ मेरे मुँह से भी आवाज निकली, फिर हम दोनो साथ ही झड़ गये।

फिर मैं उसके बदन के ऊपर से नीचे उतर गया।

हनी की चूत से खून निकलने लगा जिसे देखकर वो घबरा गई।

मैंने उसे समझाया कि यह उद्घाटन है, इसमें ऐसा ही होता है।

फिर वो मेरे साथ ही चिपक कर सो गई।

करीब दो घंटे के बाद वो अपने कमरे में चली गई।

अब क्या था, अगले दिन से हनी मेरे कमरे में रोज रात आने लगी।

कभी-कभी मौका मिलने पर दिन में भी। उसे अब लंड का चस्का लग गया था।

पूरे आठ दिन तक मैंने उसे खूब चोदा, उसकी गाण्ड मारी, लंड चुसवाया।

जैसे मन किया वैसे ठोंका।

बनारस का यह ट्रिप मेरे लिए हनीमून ट्रिप साबित हुआ।

अगले छः महीने तक मैं बनारस जाने पर उसे बीवी की तरह इस्तेमाल करता रहा, मतलब पेलो-खाओ।

बाकी दिन नियमित रूप से उसके साथ फोन सेक्स करता।

खैर मेरा लंड उसके लिए भाग्यशाली रहा और छः महीने बाद उसकी शादी हो गई।

आज वह एक बच्चे की माँ है और अपने पति के साथ खुश है। अब मुझसे उसका कोई सम्पर्क नहीं है।

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चूत और गांड मे लंड https://sexstories.one/choot-aur-gand-me-lund/ Fri, 08 Oct 2021 07:13:42 +0000 https://sexstories.one/?p=4459 जैसे ही मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैंने कामिनी से कहा तुम तो बडी ही लाजवाब हो मैंने उसे कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो उसने अपने गले के अंदर तक मेरे लंड को उतार लिया वह उसे अच्छे से सकिंग करने लगी। वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को सकिंग करती जिससे कि मेरे अंदर बहुत ज्यादा जोश आ जाता मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो जाता मुझे बड़ा मजा आ रहा था

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Hindi sex kahani, antarvasna choot aur gand ki chudai ki –  मोहन और कामिनी के बीच में अक्सर झगड़े होते रहते थे और उनके झगड़ों की वजह से पूरे मोहल्ले वाले परेशान हो जाते थे क्योंकि कामिनी और मोहन के झगड़े इतने ज्यादा बढ़ चुके थे कि कामिनी पुलिस को बुला लिया करती थी और सब लोग इस बात से परेशान रहते थे। कई बार मैंने और मेरी पत्नी ललिता ने दोनों को समझाया लेकिन वह दोनों समझ ही नहीं रहे थे और एक दूसरे से झगड़ा करते रहते थे। दोनों की वजह से पूरा माहौल खराब होने लगा था और जब एक दिन मैंने मोहन को कहा तुम दोनों आपस में क्यों झगड़ा करते रहते हो हम लोगों ने तुम्हें इतनी बार समझाया है लेकिन उसके बावजूद भी तुम दोनों कितना झगड़ते हो।

मोहन कहने लगा यार अब तुमसे क्या छुपाना तुम्हें तो मालूम ही है कि जब से मेरी शादी कामिनी से हुई है तब से मेरी जिंदगी पूरी तरीके से खत्म हो चुकी है। हम दोनों ने लव मैरिज की थी लेकिन उसके बाद भी इतने झगड़े हम दोनों के बीच होंगे मैंने कभी सोचा नहीं था। मैंने किसी भी चीज को लेकर आज तक कामिनी को कमी नहीं होने दी लेकिन उसके बावजूद भी कामिनी मुझसे झगड़ा करती रहती है। मैं इस बात से इतना ज्यादा परेशान हो गया हूं कि मुझे कई बार लगता है कि क्या हम दोनों ने इसीलिए शादी की थी, मैंने कामिनी से कई बार कहा की यदि हम दोनों साथ में नहीं रह सकते तो हम दोनों को अलग हो जाना चाहिए लेकिन कामिनी चाहती ही नहीं है कि हम दोनों अलग हो जाएं। मैं किसी भी सूरत में अब कामिनी के साथ आगे अपने जीवन को बर्बाद नहीं कर सकता। मैंने मोहन को समझाया और कहा तुम दोनों एक दूसरे से बात तो करो तभी तो इस चीज का कोई जवाब निकलेगा लेकिन वह दोनों तो आपस में बात करने के बाद भी झगड़ते रहते थे। एक दिन मोहन ने कामिनी पर हाथ उठा दिया उस दिन कामिनी के परिवार वालों ने मोहन के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया और मोहन को अपनी पत्नी के साथ हिंसा के आरोप में पुलिस ने पकड़ लिया। मोहन अब जेल में ही था कामिनी को भी इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था कि वह जेल में है कामिनी उसे जेल में मिलने तक नहीं गई।

वह उसकी जिंदगी बर्बाद करना चाहती थी इसके लिए उसने पूरी तरीके से सोच लिया था कि उसकी जिंदगी कैसे बर्बाद करेगी। उसने उसके माता-पिता का जीना भी हराम कर दिया था उनका परिवार बहुत ही अच्छा परिवार है मैं उन्हें काफी वर्षों से देखता हुआ आ रहा हूं। कामिनी ने उनके साथ बहुत गलत किया उन्हें भी वह परेशान करने लगी मोहन जेल जा ही चुका था लेकिन इसका कामिनी पर कोई असर ही नहीं पढ़ रहा था। एक दिन उनके माता-पिता भी घर छोड़ कर चले गए उनका परिवार तो पूरी तरीके से खत्म हो चुका था यह सब कामिनी ने जानबूझकर किया था। वह मोहन को अपनी जिंदगी से निकालना चाहती थी उसके बाद वह पूरे घर पर अपना कब्जा करना चाहती थी और उसने ऐसा ही किया। जब मुझे इस बात का पता चला तो मैं इस बात से बहुत ज्यादा दुखी हो गया क्योंकि कामिनी कि मैं बहुत इज्जत किया करता था लेकिन उसने मोहन के परिवार के साथ बहुत बड़ा धोखा किया।

Sexy gand aur choot chudai ki kahani गांड चुदाई एक हॉट मारवाड़ी भाभी की

मोहन ने उस पर आंख बंद कर के भरोसा किया लेकिन कामिनी ने उसके भरोसे को चकनाचूर कर दिया और उसे किसी भी जिसकी कोई चिंता नहीं थी। हमारे पूरे मोहल्ले में कोई भी कामिनी से बात नहीं किया करता था मैंने भी कामिनी से बात करना लगभग बंद ही कर दिया था। एक दिन मैं अपने घर पर बैठा हुआ था तभी मेरी पत्नी आई और वह कहने लगी आपको मालूम है कि कामिनी ने दूसरी शादी कर ली। मैंने ललिता से कहा तुम क्या बात कर रही हो उसने कब दूसरी शादी की वह मुझे कहने लगी सब लोग तो इस बात से अचंभित हैं कि आखिरकार उसने मोहन के साथ ऐसा क्यों किया। मोहन तो उसे बहुत ज्यादा प्यार करता था लेकिन उसने मोहन के साथ बहुत बड़ा धोखा किया। मोहन तो इस सदमे को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पाया और वह पागल हो गया।

कामिनी ने अब दूसरी शादी कर ली थी और वह हमारे मोहल्ले में ही रहती थी लेकिन उसके बावजूद भी उसका रवैया बिल्कुल बदला नहीं था वह अभी भी पहले जैसे ही थी। हम लोग तो उससे बचने की कोशिश किया करते थे क्योंकि मुझे कामिनी पर बिल्कुल भी यकीन नहीं था कि वह किसी के साथ कभी अच्छा भी कर सकती है। जिस प्रकार से उसने मोहन और उसके परिवार को घर से निकाल फेंका वैसा ही वह किसी के साथ भी कर सकती है इसीलिए मैं तो बिल्कुल भी कामिनी से बात नहीं किया करता था मैं उससे बचने की कोशिश किया करता था। एक दिन मैं अपने ऑफिस के लिए घर से निकला ही था तभी मेरे सामने कामिनी आ गई मैंने जब उसे देखा तो मुझे इस बात की चिंता होने लगी कि अब कामिनी के दिमाग में क्या चल रहा होगा। कामिनी मुझे कहने लगी अरे सूरज भैया आप कैसे हैं मैंने उसे कहा मैं तो अच्छा हूं तुम सुनाओ तुम कैसी हो वह मुझे कहने लगी बस मैं भी ठीक हूं। वह मुझसे बात करने लगी तो मुझे बड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था लेकिन वह मुझसे बात करते जा रही थी ना जाने उसके दिल और दिमाग में क्या चल रहा था। मुझे तो उसे देख कर बहुत ज्यादा डर लग रहा था कि उसके दिमाग में ना जाने क्या चल रहा होगा और इसी के चलते मैंने कामिनी से पूछा और कामिनी आजकल क्या कर रही हो। वह कहने लगी बस कुछ नहीं मैं तो घर पर ही रहती हूं आप से मुझे एक जरूरी काम था।

मैंने उससे कहा कि हां कहो क्या काम था वह मुझे कहने लगी दरअसल मोहन की मानसिक स्थिति तो खराब हो चुकी है और अब मैं नहीं चाहती कि वह यहां पर आए इसीलिए यदि वह आपसे मेरे बारे में कुछ पूछे तो आप उसे कह दीजिएगा कि कामिनी ने यह घर बेच दिया है और अब यहां पर कोई और ही रहता है। मैं मन ही मन सोचने लगा कि कामिनी कितनी ज्यादा चालाक महिला है उसने पहले तो उनकी जिंदगी बर्बाद की और अब अपनी जिंदगी आराम से जी रही है। मुझे जब मालूम पड़ा कि कामिनी उस घर को बेचने वाली है तो मैं यह सुनकर दंग रह गया। कामिनी किसी भी हद तक जा सकती थी इसलिए उस पर भरोसा कर पाना बिल्कुल मुश्किल था और उसने उस घर के लिए ना जाने कितने लोगों से बात की हुई थी लेकिन उसे सही दाम नहीं मिल पा रहा था इसलिए वह उस घर को नहीं बेच पा रही थी। उसी बीच मोहन और उसके माता-पिता एक दिन हमारे घर पर आए और वह मुझसे पूछने लगे कि क्या कामिनी घर पर है।

मैंने उनसे कहा मुझे कुछ नहीं मालूम लेकिन वह अब यहां नहीं रहती है मैंने सुना है कि उसने घर भी बेच दिया है। मैं बिल्कुल भी कामिनी और मोहन के झगड़ों में नहीं पड़ना चाहता था क्योंकि कामिनी ने मोहन की जिंदगी तो पूरी तरीके से बर्बाद कर ही दी थी। यदि उसे यह मालूम पड़ता कि मैंने उसके बारे में मोहन को बता दिया तो वह शायद मुझे भी कॉलोनी में नहीं रहने देती इसलिए मैंने सोचा कि उन्हें मैं कह दूँ कि कामिनी अब यहां नहीं रहती। मैंने उनसे कहा आप लोग कैसे हैं वह कहने लगे बस आपको क्या बताएं हम लोग तो अपना पूरा जीवन बर्बाद कर चुके हैं और हमारे पास कुछ भी नहीं बचा। उनके चेहरे पर बहुत ज्यादा तनाव था लेकिन मैं कुछ भी नहीं कर सकता था और थोड़ी देर बाद वह वहां से चले गए। कामिनी दिन-ब-दिन बहुत ज्यादा सेक्सी होती जा रही थी जब भी मैं उसे देखता तो उसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता परंतु एक दिन उसने मुझे कहा चलो आज आप भी मजे ले ही लो।

मैंने उसे कहा तो क्या तुमने यह काम भी शुरू कर दिया वह मुझे कहने लगी हां लेकिन मैं उसके बदले तुम से पैसे जरूर लूंगी। मैंने उससे कहा ठीक है मैं तुम्हें पैसे दे दूंगा मैंने उसे पैसे दिए उसके बाद उसने मुझे कहा मैं पैसों के लिए कुछ भी कर सकती हूं जब उसने मेरे सामने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए तो मेरा लंड खड़ा होने लगा। जैसे ही मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैंने कामिनी से कहा तुम तो बडी ही लाजवाब हो मैंने उसे कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो उसने अपने गले के अंदर तक मेरे लंड को उतार लिया वह उसे अच्छे से सकिंग करने लगी। वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को सकिंग करती जिससे कि मेरे अंदर बहुत ज्यादा जोश आ जाता मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो जाता मुझे बड़ा मजा आ रहा था जिस प्रकार से वह मेरा साथ दे रही थी। काफी देर तक तो उसने मेरे लंड को मुंह मे लिया पर जब मैंने उसके दोनों पैरों को खोल कर उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के देने लगा।

मुझे उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था काफी देर तक मैं उसकी चूत के मजे लेता रहा जब वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो गई तो मुझे कहने लगी मजा तो आज बहुत आ गया। मैंने उसे कहा लेकिन मुझे अभी मजा नहीं आया है वह कहने लगी तुम एक बार मेरी चूत और मार लो। मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारी गांड मारनी है क्या तुम अपनी गांड मारने का मौका मुझे दोगी। पहले तो वह मना करती रही लेकिन जब उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लिया तो उसका भी मन मचलने लगा और वह तैयार हो गई। उसने मेरे लंड पर अच्छे से तेल की मालिश की और जैसे ही उसने मेरे सामने अपनी गांड को किया तो मैंने भी उसकी गांड के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया और उसे बड़ी तेजी से मैं धक्के मारने लगा। मुझे उसे धक्के देने में बहुत आनंद आता मैं लगातार तेजी से उसे धक्के दिए जा रहा था मैंने उसकी गांड से खून भी निकाल कर रख दिया था जिससे कि वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुकी थी जब मेरे वीर्य पतन उसकी गांड मे हुआ तो उसे भी मजा आ गया। उसका जिससे मन होता उससे वह अपनी चूत मरवाती।

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गांड चुदाई एक हॉट मारवाड़ी भाभी की https://sexstories.one/gand-chudai-marwari-hot-bhabhi-ki/ Fri, 08 Oct 2021 07:11:32 +0000 https://sexstories.one/?p=4460 मैंने उसकी साड़ी को उसकी जाँघ तक उठा लिया और उसकी जाँघ को जीभ से चाटने लगा और वो बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी। फिर में उसके ऊपर आकर ब्लाउज के ऊपर से बूब्स दबाने लगा.. वो सिर्फ़ मोन कर रही थी और तड़प रही थी। फिर मैंने उसका ब्लाउज खोल दिया और ब्रा में से बूब्स निकालकर उसके निप्पल चूसने लगा।

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Gand Chudai Marwari Bhabhi Ki – मेरा नाम राज शर्मा है और में असम का रहने वाला हूँ। ये बात 2010 की है.. ये दुर्गा पूजा के दिन की बात है। घूमते वक़्त मुझे एक मारवाड़ी भाभी दिखी और में उसके पीछे चल दिया। जब उसको पता चला कि में उसका पीछा कर रहा हूँ तो वो अपने पति का हाथ पकड़कर साईड में चलने लगी। फिर जब हम पूजा मंडप पहुंचे तो वहां पर फास्ट फूड का स्टॉल लगा हुआ था। उसके पति ने उसको कुछ लाने के लिये भेजा और वो पूजा मंडप के अंदर चला गया। मुझे ये अच्छा मौका मिला और में भी उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया.. वो दुकानदार से पावभाजी ले रही थी। फिर मैंने भी ऑर्डर किया और उसके साईड में खड़ा हो गया। उसने मुझे गुस्से से देखा.. लेकिन मैंने एक सिंपल सा स्माईल दिया। उसका कंधा और मेरा हाथ बिल्कुल चिपके हुये थे। वो चाहकर भी हटा नहीं सकी और में और ज़्यादा उससे चिपकने लगा।

फिर वो थोड़ा आगे हुई तो इससे उसकी गांड (40) मेरे लंड से चिपकी गई। ये बात उसको भी पता थी.. लेकिन मजबूरी में वो भी कुछ नहीं कर सकती थी। मेरा तो बुरा हाल हो रहा था.. लंड एकदम कड़क हो गया और मैंने थोड़ा सा धक्का दिया और पीछे होकर उसके कंधे के पास से उसके कान में सॉरी कहा। उसने हल्की स्माईल के साथ इट्स ओके कहा। अब मुझे यकीन हो गया कि ये मारवाड़ी माल मुझसे पट जायेगी और फिर हम दोनों पावभाजी लेकर आ गये.. वो और उसका पति मुझसे 10 फीट की दूरी पर खड़े थे और में उसे घूरे जा रहा था और वो शरमा रही थी और बीच बीच में स्माईल भी दे रही थी।

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फिर मैंने मौका देखकर उसको नंबर के लिये इशारा किया.. लेकिन उसने कुछ रिप्लाई नहीं दिया।

फिर उसके पति के दोस्त आ गये और वो उनके साथ व्यस्त हो गया और वो कोल्ड ड्रिंक लेने के लिये गई और में भी उसके पीछे पीछे चल दिया और उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया। उसने अपने पति को पलटकर देखा और मुझसे कहा कि नंबर क्यों चाहिये? फिर मैंने कहा कि आप बहुत खूबसूरत है और वो शरमा गई। फिर मैंने कहा कि प्लीज.. तो उसने अपने पति को देखा और कहा कि लिखो। फिर उसने अपना नंबर दिया। में तुरंत वहां से हट गया और मोबाईल निकालकर नम्बर नोट किया और फिर उसके नंबर पर रिंग किया और काट दिया.. वो अपने पीछे देख रही थी। फिर उसने मेरी तरफ देखा और मैंने इशारे से कहा कि मेरा नम्बर है और फिर वो अपने पति के साथ चली गई। अगले दिन दशहरा था। मैंने उसको फोन किया और उसने हेल्लो बोला.. फिर मैंने कहा कि कल आपने नंबर दिया था ना.. तो उसने कहा कि क्या काम है मुझसे? मैंने कहा कि बस आप मुझे अच्छी लगी और में आपसे बात करना चाहता था.. इसलिये आपका नम्बर लिया। फिर हम नॉर्मल बातें करने लगे। फिर उसको कोई काम आ गया.. उसने फोन रख दिया।

फिर मैंने 3-4 दिन तक उसको फोन नहीं किया। अगले दिन उसका मिस कॉल आया। फिर मैंने रिप्लाई कॉल किया.. उसने फोन उठाया और कहने लगी क्या हुआ? 3-4 दिनों से फोन नहीं किया। मैंने कहा कि थोड़ा बिज़ी था। फिर मैंने पूछा कि क्या रही हो अभी.. तो उसने बताया कि घर पर कोई नहीं है.. बोर हो रही थी तो तुम्हे फोन कर दिया। मैंने पूछा कहाँ गये सब? तो उसने बताया कि उसके ससुर की तबीयत ठीक नहीं है.. इसलिये उनको हॉस्पिटल ले गये है और सास भी साथ गई है। फिर मैंने उससे कहा कि मुझे आपसे मिलने का मन कर रहा है तो उसने कहा कि कैसे और कहां मिलेंगे? मैंने कहा कि आपके घर पर.. तो उसने कहा कि नहीं.. मेरे पड़ोस में बहुत लोग रहते है। फिर मैंने कहा कि कोई बात नहीं.. में सेल्समैन बनकर आ जाऊंगा। कुछ सामान लेकर तो उसने मना कर दिया। फिर उसने कहा कि अगर मेरे पति और सास ससुर आज वापस नहीं आयेंगे.. तो तुम शाम को अंधेरा होने के बाद आ सकते हो। उसने कहा कि में तुम्हे फोन कर दूँगी और फिर हमने फोन रख दिया और में बैचेनी से उसके फोन का इंतज़ार कर रहा था।

फिर शाम को 6 बजे उसका फोन आया और उसने कहा कि अब तुम आ सकते हो। मैंने फोन रखा और तैयार होकर निकल गया। फिर उसके घर से कुछ दूर बाईक पार्क की और सबकी नज़रो से बचते हुये उसके घर के दरवाज़े पर पहुंचा.. जैसे ही मैंने बेल बजाई तो उसने दरवाज़ा खोला और अंदर बुलाया। फिर मैंने पूछा कि आपकी बेटी कहाँ है तो उसने कहा कि मैंने उसको सुला दिया.. वरना वो अपने पापा से बोल देगी कि एक अंकल आये थे। उसने ग्रीन कलर की साड़ी पहनी थी.. जो नाभि से थोड़ी नीचे थी और ब्लाउज से भी.. उसकी लाईन दिख रही थी। उसने कहा कि ऐसे क्या देख रहे हो.. कभी कोई और नहीं देखी क्या? मैंने कहा कि औरत तो बहुत देखी है.. लेकिन आप जितनी खूबसूरत नहीं देखी। आपके पति कितने ख़ुशनसीब होंगे। फिर उसने कहा अब इतनी भी तारीफ़ मत करो कि मुझे शर्म आ जाये। फिर मैंने कहा कि आप हो ही तारीफ़ के काबिल। फिर उसने मुझे कहा कि बैठो में चाय लेकर आती हूँ। में सोफे पर बैठकर उसके घर को देखने लगा।

फिर में उठकर किचन की और जाने लगा.. वो खड़ी होकर चाय बना रही थी.. जब मैंने उसको पीछे से देखा तो मन हुआ कि अभी उसकी साड़ी उठाकर उसकी गांड चाट लूँ। फिर उसने पलटकर मुझे देखा और कहा कि तुम बैठो में चाय लेकर आती हूँ। मैंने कहा कोई नहीं.. में यही ठीक हूँ आपके पीछे। उसने पलटकर एक नॉटी स्माईल दी। फिर वो चाय लेकर आई.. हमने चाय पी। फिर उसने कहा कि तुम जल्दी चले जाना.. वरना कोई आ गया तो मुसीबत हो जायेगी। फिर मैंने कहा कि ओके। फिर वो बेडरूम में गई और वहां से मुझे आवाज़ दी और में गया तो वो वहां मुझे हेल्प करने को कह रही थी और मैंने अनजान बनते हुये हाथ उसकी गांड पर रख दिया.. उसने कुछ नहीं कहा। फिर में गांड की लाईन में हाथ को सहलाने लगा.. उसने मेरी तरफ देखा और कहा कि तुम्हे मेरी पीछे की साईड इतनी अच्छी लगती है क्या?

दोस्त की साली को चोदा moti gand ki chudai

फिर मैंने थोड़ा ज़ोर से उसकी गांड को पकड़ा और उसके बिल्कुल पास जाकर कहा कि जब से देखा है.. बस इसका दीवाना हो गया हूँ और में उसके सामने घुटनों पर बैठ गया और उसकी गांड को ज़ोर से पकड़ लिया। फिर उसकी नाभि पर किस करने लगा.. वो एकदम से मचल गई और उसने मेरे सर को ज़ोर से पकड़ लिया और कहा आआहहा आअहह् प्लीज राज। फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसकी नाभि को किस करने लगा और उसने दोनों पैरो को मोड़ लिया। फिर मैंने उसकी साड़ी को उसकी जाँघ तक उठा लिया और उसकी जाँघ को जीभ से चाटने लगा और वो बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी। फिर में उसके ऊपर आकर ब्लाउज के ऊपर से बूब्स दबाने लगा.. वो सिर्फ़ मोन कर रही थी और तड़प रही थी। फिर मैंने उसका ब्लाउज खोल दिया और ब्रा में से बूब्स निकालकर उसके निप्पल चूसने लगा। 10 मिनट तक निप्पल चूसने के बाद मैंने नीचे से उसकी साड़ी को पूरा कमर तक उठा दिया। उसने अंदर पेंटी नहीं पहनी थी.. बिल्कुल क्लीन शेव चूत थी। एकदम 18 साल की लड़की की तरह। में उसकी चूत चाटने लगा और वो मेरे सर को अपनी चूत पर ज़ोर से दबाने लगी। 5 मिनट चूत चाटने के बाद उसने कहा कि प्लीज राज अब कुछ करो और सहन नहीं होता है।

फिर मैंने अपना पेंट खोला और 8 इंच का लंड बाहर निकालकर उसकी चूत के ऊपर रखा। उसकी चूत एकदम आग की भट्टी की तरह जल रही थी.. उसने मुझसे विनती की.. प्लीज मत तड़पाओ.. अब डाल भी दो वरना में मर जाउंगी। फिर मैंने धीरे से अपना लंड का सुपाड़ा उसकी चूत में घुसाया.. वो थोड़ी तड़प उठी। फिर उसने नीचे से थोड़ी गांड ऊपर उठाई और मेरा लंड आधा घुस गया.. वो पूरी तड़प गई और मैंने एक ज़ोर का झटका मारा और उसके मुँह से चीख निकल गई। में उसके ऊपर आ गया और उसके होठों को चूसने लगा। फिर कुछ देर चूसने के बाद मैंने धीरे धीरे धक्का देना शुरू किया और वो भी मेरा साथ दे रही थी और कह रही थी.. आह्ह्ह्ह राज चोदो मुझे.. फाड़ दो मेरी चूत.. आज बहुत मज़ा आ रहा है तुम्हारे लंड में.. अब तो हमेशा तुमसे ही चुदवाऊंगी.. आज से में तुम्हारी रंडी.. मेरी चूत का भोसड़ा बना दो। मेरी गांड भी तुम्ही मारना।

मैंने आज तक कभी गांड नहीं मरवाई है.. अब तुमसे ही अपनी गांड भी मरवाऊंगी.. आह्ह्ह बहुत मज़ा दिया तुमने मुझे और फिर मैंने तेज़ी से धक्का देना चालू किया और उसने मुझे कसकर पकड़ लिया। वो झड़ गई और में भी 4-5 धक्को के बाद झड़ गया।

फिर हम वैसे ही लेटे रहे। उसके बाद वो उठी और मेरे लिप्स पर किस दिया और थैंक्स कहा और कहा कि अब तुम जाओ.. अगर कल मौका मिला तो में तुम्हे बता दूंगी। कल तुम मेरी चूत और गांड दोनों फाड़ देना। फिर मैंने एक बार और उसको पकड़कर उसकी गांड को सहलाया और चाटने लगा और फिर में वहां से चला आया ।।

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मेरी दीदी ही मेरी दुश्मन https://sexstories.one/didi-ne-mujhe-apne-pati-se-chudwaya/ Wed, 06 Oct 2021 07:30:09 +0000 https://sexstories.one/?p=4446 जीजू दीदी से बोले चल तू भी नंगी हो और फिर मेरे भी सारे कपडे निकाल के नंगा कर .मै अन्नू रानी को पकड़ के रखता हूँ. दीदी ने अपने सारे कपडे निकाल कर नंगी हो गई फिर जीजू के पास आई और उनकी पैंट और चड्डी निकाल दी .जैसे ही दीदी ने जीजू की चड्डी निकाली जीजू का मोटा लम्बा डंडा मेरी चुत से टकराया

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Didi ne mujhe chudwaya – ये कहानी 2 साल पहले की है जब मेरी उम्र १८ साल की थी. मैं बिलकुल सीधी सादी किसी सेक्स के लफडे में नहीं पड़ी थी. मैं अपनी पढाई में ही ध्यान लगाती थी. और कभी भी फालूत बात मेरे दिमाग में नहीं आती थी. मेरे पापा मम्मी फोरहन घूमने गए हुए थे . और मैं घर पे अकेली न रहूँ इसलिए मेरी बड़ी बहन और जीजू हमारे घर पर रहने के लिए आ गए थे. मैं कभी भी जीजू के बारे में गलत नहीं सोचती थी. लेकिन मुझे नहीं मालूम था की मेरी दीदी ही मेरी दुश्मन थी.

पहली रात को मुझे अपने कमरे में दीदी की आह ऊह जैसी आवाज़ साफ सुने दे रही थी . मुझे बड़ा अजीब सा लगा . मैं समझी दीदी को शायद कहीं दर्द हो रहा है.मैं दीदी के कमरे की तरफ गई तो देखा दरवाजा खुला हुआ था. दीदी दरवाज़ा खुला रख कर सो रही थी.सोचा दीदी को कोई दवाई की जरुरत होगी तो दे दूंगी. लेकिन अन्दर कमरे मे तो मुझे कुछ और ही दिखाई दिया .दीदी और जीजू एक दम नंगे थे.और जीजू का लंड दीदी के मुह मे था .मुझे नहीं मालूम था की अन्दर क्या हो रहा है.न ही मैंने आज तक कभी इस बारे में सोचा था. जैसे ही मैं दरवाजे के पास पहुची मुझे दीदी और जीजू की आवाजें सुनाई देने लगी .मैं दरवाज़े के बाहर ही रुक गई. अन्दर से बड़ी गन्दी गन्दी आवाजे आ रही थी.

जीजू बोल रहे थे भोस्डिकी मेरा लंड पूरा मुह में लेकर चूस, क्या जरा सा लंड का सुपाडा मुह में ले रखा है.

दीदी बोली ले तो रही हूँ . मैं क्या करू तुम्हारा लंड है भी तो कितना मोटा और लम्बा .

जीजू बोले तो फिर अन्नू ( मेरा नाम है ) को बुला ले वो चूस लेगी मेरा लंड .दीदी बोली अन्नू को पहले मैं तैयार कर लूँ फिर चोद लेना . अभी तो यहाँ १४ दिन रहना है. इस बार तुमसे अन्नू को जरुर चुदवा दूंगी पक्का वादा. लेकिन आज तो मुझे जी भर के चोद दो . मेरी चुत को फाड़ के भोसडा बना दो.

दीदी की बातें सुन कर मुझे बड़ा डर लगाने लगा . मैंने तो कभी सपने मैं भी नहीं सोचा था ये क्या हो रहा है. ये पहला मौका था जब मैं किसी को नंगा देख रही थी. वहां खड़े रहने में डर भी लग रहा था और कुछ उत्सुकता भी थी की दोनों क्या कर रहे हैं .

जीजू : मादरचोद मुझे तेरी भोसड़ी तो पहले से ही चूदी चुदाई मिली थी. मुझे भी तो सिल पैक चुत चाहिए थी. और उसने जोर से एक लप्पड़ दीदी को मारा.

दीदी बोली हाँ तो मैं अपनी छोटी बहन की सिल पैक चूत तुझे दिलवाउंगी ना. थोडा इन्तेज़ार तो करो उसको मैं मना तो लूँ.

जीजू बोले अगर वो भी तेरी तरह खूब चुदी चुदाई हुई तो .

दीदी बोली नहीं वोह सिल पैक ही होगी वोह सिर्फ अपनी पढाई में ही ध्यान लगाती है वोह हर साल पहले नंबर से पास होती है. जरुर उसे चुत लंड चुदाई का जरा भी नहीं पता होगा. उसको चोद कर अपनी मन की तमन्ना पूरी कर लेना .
जीजू ने अपना लंड दीदी के मुह से निकाल दिया और ६९ की पोसिशन में लेट गए और दीदी के मुह मे फिर से लंड दे दिया और खुद दीदी की चुत लगे चाटने . वोह दीदी की चुत को दांतों से काट रहे थे और दीदी दर्द से कराह रही थी धीरे धीरे काटो डार्लिंग दर्द हो रहा है .

Kamuk kahani दोस्त की साली को चोदा

जीजू बोले चुप हरामजादी तू खूब चूदी हुई है पता नहीं कितनो ने तुझे चोद चोद कर तेरी चुत को इंडिया गेट बना दिया है. आज तुझे लहू लुहान कर दूंगा. अगर तू अपनी बहन नहीं चुदवाएगी तो तेरा सारा खून पि जाऊंगा .और जीजू जोर जोर से दीदी की चुत काटते रहे. दीदी चिल्लाती रही.फिर जीजू ने दीदी को घोडी बनने को कहा और अपना लंड दीदी कीऔर अपना लंड दीदी की गांड मे घुसेडने लगे .

दीदी बोली अरे आगे चुत मे डालो ना गांड मे मत डालो ना .जीजू बोले तेरी चुत नहीं भोसडा है उस मे डाल के मज़ा नहीं आता है तेरी गांड टाइट है गांड ही मारूंगा. चुप चाप गांड मे डालने दे.और जीजू ने ९ इंच लम्बा मोटा लंड दीदी की गांड में डालने लगे.दीदी को दर्द हो रहा था वो दर्द से करह रही थी ओह आह मै मर गई रे जालिम . फिर जीजू ने लंड बहार निकाल कर उस पर थोडी क्रीम लगाई और फिर गांड मे डालने लगे इस बार लंड गांड के अन्दर घुस गया .जीजू ने गांड मे लंड डाल कर धक्के देना सुरु किया और आगे से दीदी की चुचियों को पकड़ कर दबाते रहे .अब दीदी को भी मज़ा आ रहा था

दीदी बोली और जोर से फटाफट धक्के दो फाड़ दो मेरी गांड को. मेरी गांड को बड़ा चौराहा बना दो.

जीजू बोले क्यूँ गांडू अब मज़ा आ रहा है ना. अब बोल अन्नू को कब चुदवा रही है नहीं तो मे तेरी गांड मे से लंड बाहर निकालता हूँ .

दीदी बोली ना ना लंड मत निकालना वरना मे तड़फती रह जाउंगी . तुम्हे अन्नू चोदनी हैं ना मै कल ही उसको पटा के तुमसे चुदवा दूंगी लेकिन अभी गांड से लंड मत निकालना मेरे राजा. मार मेरी गांड और तोड़ दे मेरे बदन की सारी हड्डियों का सुरमा बना दे .आह मज़ा आ रहा है और धक्के दे.

मैं सब देख सुन रही थी मुझे बड़ा डर लग रहा था फिर भी खड़ी इस लिए थी की ये दोनों मेरे बारे में क्या प्लान बना रहे हैं .जीजू बोले मेरा रस निकलने वाला है और जीजू ने अपना लंड बाहर निकाल कर दीदी के मुह मे दे दिया और बोले पी जा मेरे लंड का सारा रस और दीदी लंड मुह मे लेकर चूसने लगी और ऐसा लगा जैसे गले मे कुछ निगल रही हो. फिर दोनों शांत हो गए और मैं अपने कमरे मे चली गई . मुझे डर लग रहा था और मुझे पूरी रात नीद नहीं आई.

अगले दिन सुबह जब जीजू काम से बाहर चले गए दीदी मेरे पास आई और बड़ा प्यार जताने लगी.

दीदी मुझ से बोली अन्नू आज तुझे तेरे जीजाजी के साथ सोना है .

मैं बोली क्यूँ ? दीदी बोली देख अगर तू अपने जीजा के साथ नहीं सोएगी तो तेरा जीजा मुझे मार मार के मेरा बुरा हाल कर देगा. मैं शादी से पहले अपने दोस्त के साथ सेक्स कर चुकी थी और तेरे जीजाजी मुझ से इसी बात को लेकर झगडा करते हैं .वो कहते हैं की तू तो मुझे सिल पैक नहीं मिली लेकिन अन्नू की सिल तू मुझ से तुड़वा दे तो मैं फिर तुझे कुछ नहीं बोलूँगा.

मैं बोली नहीं दीदी मुझे बड़ा डर लगता है . कल रात को मैंने थोडी देर आपके कमरे मे जो हुआ देखा था . मैं कुछ नहीं करने वाली हूँ . दीदी जो गलती आपने की है वो आप भुगतो.मुझे मत घसीटो.

दीदी बोली तुने रात को क्या देखा था .

मैं बोली आप को रोते हुए देखा था. जीजू आप को काट रहे थे , मार रहे थे और आप चिल्ला रही थी दर्द के मारे आप का बुरा हाल था .

दीदी बोली पगली वो तो मेरा स्टाइल है जब तक कोई मुझे जानवर की तरह नहीं चोदता ( दीदी अब खुल के बोलने लगी ) मुझे मारता नहीं है मुझे मज़ा ही नहीं आता है. वो मुझे कोई गु़स्से से थोड़े ही मार रहे थे .मुझे कोई दर्द थोड़े ही हो रहा था वो तो मुझे मज़े दे रहे थे.

लेकिन दीदी अगर मै भी शादी से पहले सेक्स करुँगी तो मेरे पति भी तो मुझको बोलेंगे की उनको सिल पैक नहीं मिली तब मैं क्या करुँगी.

दीदी बोली तेरी शादी मैं अपने देवर के साथ करवा दूंगी.

मैं बोली वोह भी बोलेंगे की सिल पैक नहीं मिली. फिर मेरा क्या होगा.

दीदी बोली वो ऐसा नहीं बोलेगा .

मैंने पूछा वो क्यूँ नहीं बोलेगा.

तब दीदी ने ठंडी साँस भरी और बोली अच्छा मैं आज तुम्हे अपनी सारी बात खुल के बताती हूँ.

दीदी बोली एक बार तेरे जीजू काम से शहर से बाहर गए हुए थे और मैं घर मे अकेली थी . मेरे देवर ने उस दिन मेरे साथ बलात्कार कर के मुह काला किया था . जब मैंने जीजू को बताया तो उन्होंने देवर को बुलाया .मै समझी वो उसकी खबर लेंगे .लेकिन वहां तो मामला उल्टा ही था .तेरे जीजू बोले क्यों भाई कल रात भाभी को कैसे चोदा जरा बता तो सही और देवर ने उनके सामने ही मुझे फिर चोदा . ये दोनों की मिली भगत थी.तेरे जीजू बोले शादी से पहले भी तू पता नहीं कितने कुत्तो से चुदवा चुकी है तो देवर ने भी चोद लिया तो क्या आफत आ गई .

ये तो वही मिसाल हो गई कुत्तो से फडवानी मंजूर लेकिन देवरों को नहीं देनी . मेरे देवर ने मुझे कई बार चोदा है और तो और दोनों भाई मिल कर मेरी चुदाई करते हैं.सच तो ये है अन्नू की अब एक लंड से मेरा मन भी नहीं भरता मुझे २/ ३ लंड जब तक नहीं चोदे मुझे तस्सली नहीं होती. अगर मेरा देवर बोला की सिल पैक नहीं मिली तो मैं कह दूंगी तू कौन सा सिल पैक है. शादी से पहले कितनी बार तो मुझे चोदा है और पता नहीं कितनी लड़कियों को और भी चोदा होगा. उसकी हिम्मत ही नहीं होगी कुछ बोलने की. तू उस बात की चिंता छोड़ दे , मैं हूँ ना सब सम्हाल लुंगी. बस तू आज की रात जीजू के साथ सो जाना . और चिंता मत कर मैं भी साथ में रहूंगी कोई डर की बात नहीं है मेरी प्यारी बहन अन्नू. दीदी इस तरह मुझे फुसलाती रही. दीदी बाज़ार गई और मेरे लिए एक दम पारदर्शी नएटी और काले रंग की ब्रा और चड्डी लेकर आई.

समीक्षा ने मुझे तसल्ली दी aur chudwa kar chali gayi..

शाम के समय दीदी बोली जा कर नहा लो और नहा के ये कपडे पहन लो. मैं नहाने गई तो दीदी भी बाथरूम के पास आकर खड़ी हो गई.और बोली दरवाज़ा खुला रख के नहाओ. दीदी के सामने नंगी हो कर नहाने मे.मुझे बड़ी शर्म आ रही थी बोली शर्म मत करो मैं तुम्हारी दीदी हूँ अभी से थोडी शर्म खुल जायेगी तो अच्छा है रात को इतनी शर्म नहीं आएगी. और दीदी ने जबदस्ती मेरे सूट के बटन खोल कर सूट और सलवार निकाल दी. और फिर मेरी ब्रा चड्डी भी निकाल दी .
मेरी चूची देख कर दीदी बोली हाय कितनी प्यारी कड़क चूची हैं तेरी और ये क्या तुने अपनी चुत के बाल कभी काटे नहीं हैं क्या ? देख तो जरा बाल कितने बड़े बड़े हो गए हैं. तेरी चुत तो दीखती ही नहीं है. पूरा जंगल बना रखा है तुने.

दीदी क्या बाल भी काटे जाते हैं. मुझे नहीं मालूम था. दीदी बोली तू बड़ी भोली हे रे. दीदी ने अपने कपडे निकाले और अपना चिकना भोसड़ा दिखाया . बोली देख मेरा भोसड़ा.

मैं बोली दीदी इसको चुत बोलते हैं या भोसड़ा .दीदी बोली देख तू चुदी नहीं है और तेरी चुत एक दम टाइट सिल्पैक है इसलिए इसे चुत कहते है और मैं खूब चुदवा चुकी हूँ और मेरी चुत काफी चौडी हो गई है इस लिए इसे भोसड़ा बोलते हैं . चुत को हमेशा बाल काट के चिकनी बना के रखा कर, जैसे मै रखती हूँ .अच्छा रहने दे इन बालो को तेरे जीजाजी को भी विश्वास आ जायेगा की तू एक दम फ्रेश सिल पैक ही है.

मैं अच्छी तरह नहाई. दीदी ने नेइटी चड्डी ब्रा जो लेकर आई थी पहन ने को दी .उस ड्रेस को पहन कर मुझे बड़ी शर्म लग रही थी. लेकिन दीदी बोली अरे वाह मेरी बन्नो रानी इस ड्रेस मे बड़ी खुबसूरत मॉल लग रही है .तेरा जीजा का लंड तुझे इए ड्रेस मे देख कर तो और भी फूल कर लम्बा मोटा हो जायेगा .तेरा जीजा बहुत मस्त चोदता है .

मैं बोली प्लीज दीदी रहने दो , मुझे छोड़ दो .

दीदी बोली आज तेरे जीजा के साथ तेरी सुहाग रात मनवाती हूँ , तू क्याचाहती है तेरा जीजा मेरी जान ले ले . अपनी दीदी के लिए इतना भी नहीं कर सकती क्या ? और फिर चुदवाने मे तो बड़ा मज़ा आता है .तुझे कोई सजा थोड़े ही दे रही हूँ . मैं तो तुझे भी लंड का मज़ा चखा रही हूँ .एक बार चुदाने के बाद तू खुद चुदवाने के लिए मरी जायेगी .मैं चुप हो गई.

करीब ८ बजे जीजू आये .मेरा दिल धक् धक् कर रहा था. मैं अपने कमरे मे बैठी थी. जीजू ने दीदी से पूछा अन्नू मानी या नहीं. दीदी बोली हाँ मैंने मना लिया है लेकिन जरा प्यार से धीरे से चोदना बेचारी बड़ी डर रही है. दीदी ने मुझे आवाज़ देकर बुलाया . मैं ड्राइंग रूम मे आई . जीजू मुझे इस ड्रेस मे देख कर एक दम ख़ुशी से चिल्ला पड़े . अरे वाह मेरी साली इतनी खुबसूरत सेक्सी है. देख तो मेरी साली की चूचियां कितनी तनी हुई हैं एक दम कड़क चाहे इस पर बादाम रख के अपने लंड से बादाम फोड़ लो. और हसने लगे हा हा हा हा. मज़ा आ गया साली को देख कर आज तो पूरी रात चोद चोद के इसकी सुहागरात मनाऊंगा. आजा मेरी अन्नू रानी अपने कपडे उतार के मेरे पास नंगी हो कर आजा .हम भी तो देखे तेरी चुत सिलपैक है या चुदा हुआ भोसड़ा . ये बातें सुनकर मेरा मन कर रहा था की धरती फट जाये और मैं उसमे समां जाऊँ .जीजू ने दारू की बोतल निकाली और दीदी के साथ दारू पिने लगे . दीदी ने मुझे अपने पास बुलाया और बोली थोडी सी तू भी पी ले बड़ी कमाल की चीज़ है ये दारू..

थोडी सी अन्दर जाते ही पूरी हिम्मत आ जायेगी सारी शर्म और डर ख़तम हो जायेगा और फिर खूब मज़ा करेगी. मैंने साफ मना कर दिया .और मै अपने कमरे मे भाग गई और दरवाज़ा अन्दर से बंद कर लिया .जीजू ने जोर से दरवाज़े पे लात मारी लेकिन दरवाज़ा नहीं टुटा फिर थोडी दूर जाकर भाग के आये दरवाज़े को जोर से अपने शरीर से टक्कर मारी ,दरवाज़ा टूट गया .जीजू को दारू के साथ मेरे शरीर का पूरा नशा हो रहा था वो मेरे कमरे मे घुस आये.मैंने कहा जीजाजी प्लीज आप कमरे से चले जाइये . लेकिन वो तो और आगे बढे और मुझे पकड़ने की कोशिश करने लगे.मै भागी .जीजू मेरे पीछे . मै भाग कर ड्राइंग रूम मै आ गई और ऊपर वाले कमरे मे जाने के लिए सीढ़ी की तरफ भागी . जीजू ने दीदी को बोला पकड़ इस हरामजादी कुतिया को साली भाग रही है.

दीदी भी भाग कर मुझे पकड़ने आई दीदी ने मेरा हाथ पकडा मेरी निएटी फट गई और मैंने बचने के लिए कस के एक लात दीदी की टांगो पर दे मारी.लेकिन दीदी की पकड़ मजबूत थी और इतने मे ही जीजू भी आ गए और मैं दोनों के बिच मे बकरी की तरह फसी हुई थी और निकल कर भाग जाने के लिए फड फडा रही थी, जीजू ने मुझे कस के २ थप्पड़ मारे आज इसको नहीं छोड़ना है . दीदी बोली भाग क्यूँ रही है . तुझे प्यार ही तो करेंगे कोई जान से मार तो नहीं देंगे. ऐसे भागेगी तो अच्छा नहीं होगा. जीजू ने मुझे जोर से पकड़ के दबाया और मेरे मुह पर जबरदस्ती किस किया और मेरे होठों को काटने लगे .

मेरे होठ कट गए और थोडा खून भी निकला . खून देख के जीजू को और भी करंट आया वो दीदी से बोले ले चाट ले अपनी बहन का खून .जीजू ने मुझे कस के पकड़ रखा था और दीदी मेरे होठ पे लगा खून चाटने लगी जीजू मेरी चूची मसल रहे थे . मै जोर जोर से चिल्ला रही थी मुझे छोड दो .मेरे ऊपर रहम करो.और किसी तरह उनकी पकड़ से निकल कर भागने की कोशिश कर रही थी . जीजू बोले पहले इसको नंगी कर दो जिससे ये घर से बाहर भाग कर नहीं जा सके.जीजू ने मेरी नएटी पूरी फाड़ के मेरे शरीर से अलग कर दी और भूखे भेडिये की तरह मेरी पूरी बॉडी को देखने लगे जैसे मुझे कच्चा खा जायेंगे . जीजू ने मुझे पकड़ रखा था मैं बेबस थी जीजू ने मेरी ब्रा खिंचके फाड़ कर उतार दी और मुझे अपनी बाँहों मै जकड लिया . दीदी से बोले चल जल्दी से इसकी चड्डी भी निकाल दे मैं इसको पकड़ के रखता हूँ.

दीदी ने मेरी चड्डी निकाल दी .मैं पूरी नंगी जीजू की बाँहों मै थी .मैंने बहुत कोशिश करी की किसी तरह उनके चंगुल से निकाल जाऊँ लेकिन जीजू ने मुझे कस के पकड़ रखा था. मै चिल्ला रही थी. दीदी बोली चिल्ला ले तेरी आज यहाँ कोई नहीं सुन ने वाला. ज्यादा नखरे चोदेगी तो मेरे देवर को भी यहीं बुला लुंगी. फिर दोनों मिल के तेरी चुत का हलवा बना देंगे.

जीजू दीदी से बोले चल तू भी नंगी हो और फिर मेरे भी सारे कपडे निकाल के नंगा कर .मै अन्नू रानी को पकड़ के रखता हूँ. दीदी ने अपने सारे कपडे निकाल कर नंगी हो गई फिर जीजू के पास आई और उनकी पैंट और चड्डी निकाल दी .जैसे ही दीदी ने जीजू की चड्डी निकाली जीजू का मोटा लम्बा डंडा मेरी चुत से टकराया , ऐसा लगा कोई मोटा गरम लोहे का रोड मेरी चुत पे दबाव डाल रहा है .जैसे ही टीशर्ट निकालने के लिए जीजू ने अपने हाथ ऊपर किये जीजू की पकड़ ढीली हो गई और मैं बचने के लिए कमरे की तरफ भागी. दीदी और जीजू को बड़ा गुस्सा आया दोनों ने भाग कर मुझे पकडा और कस के दो थप्पड़ मारे .मै रोने लगी .दीदी बोली देख अन्नू आज तो तेरी चुदाई होनी ही है राजी या बिना राजी .राजी से चुदवाएगी तो हमें और तुझे सब को मज़ा आएगा .

मैं बोली दीदी मैं नहीं करने दूंगी. मुझे छोड दो .मेरी जान निकल जायेगी. जीजू बोले अगर इसी तरह से नखरे करेगी और भागम भाग करेगी तो जरुर मरेगी. चुपचाप चुदवा ले हमें भी मज़ा लेने दे. नहीं तो मार मार के तेरा बुरा हाल कर दूंगा और चुदेगी तो तू तब भी. लेकिन मैं किसी भी कीमत पे अपनी इज्ज़त बचाना चाहती थी. जीजू और दीदी मुझे घसीट कर कमरे मे ले गए. और मुझे पलंग पर पटक दिया.जीजू मेरी छाती पर बैठ गए और जोर जोर से मेरी चुचियों को मसलने लगे मुझे बड़ा दर्द हो रहा था जीजू ने अपने डंडे से मेरे मुह पे पिटाई करनी चालू कर दी. वो कोशिश कर रहे थे की मेरे मुह मे अपना डंडा डाल देवे. दीदी ने मेरा मुह पकड़ कर खोला और जीजू ने अपना डंडा मुह मै घुसेडना चाहा लेकिन डंडा मेरे मुह मे गया नहीं .

दीदी ने फिर मुझे जोर से मुक्का मारा और जैसे ही मेरा मुह थोडा खुला जीजू का डंडा थोडा मेरे मुह मे अन्दर घुस गया, . फिर पता नहीं दीदी को कहाँ से आईडिया आया उसने मेरी चुत के बालों को जोर से खिंचा .मै दर्द से तड़फ उठी और मेरा मुह काफी खुल गया . जीजू ने अपना डंडा पूरा मेरे मुह मे घुसेड दिया .अब जीजू का डंडा मेरे गले तक फंस गया मुझे लगा जैसे मेरा दम घुट रहा है. मुझे साँस लेने मे परेशानी हो रही थी और ना ही कुछ बोल पाने की स्तिथि मे थी. दीदी ने निचे मेरी चुत पे वार किया अपने दांतों से चुत को चाटने लगी. लेकिन मै ना तो बोल सकती थी ना चिल्ला सकती थी .सिर्फ मेरी आँख से आंसू निकल रहे थे. दोनों मै से किसी को भी मेरे ऊपर रहम नहीं आया.दीदी ने मेरी चुत के दोनों पाट को कस के पकडा और खिंचा फिर मुह मे लेकर पहले प्यार किया और फिर लगी दातों से काटने . मुझसे दर्द सहन नहीं हो रहा था.जीजू अपने डंडे को मेरे मुह मे आगे पीछे कर के मेरे मुह को चोद रहे थे.

इतने मे बाहर से दरवाज़े की घंटी बजी . मैंने सोचा चलो लगता है भगवान ने मुझे बचाने के लिए किसी अवतार को अचानक बिना किसी उम्मीद के भेज दिया है. मैं भगवान को याद करने लगी. लेकिन मैं देख कर चोंक गई दीदी नंगी ही दरवाज़ा खोलने गई. मुझे बड़ा अजीब सा लगा की क्या चक्कर है .दीदी एक दम से पूरी नंगी दरवाज़ा कैसे खोलेंगी.लेकिन हे भगवान जब वो अन्दर आया तो मेरी जान और भी सुख गई. आने वाला कोई देवता नहीं बल्कि शैतान था मेरी दीदी का देवर.शायद दीदी ने ही इसको बुलाया होगा इसी लिए नंगी ही जाकर दरवाज़ा खोलने चली गई.

कहो भाभी कैसा चल रहा है. बकरी दूध पी गई या नहीं. दीदी बोली कहाँ अभी तो मान ही नहीं रही है सती सावित्री कमिनी कहीं की . अब तू आ गया है तो उसको दूध और तेरे लंड की दही सब पिलायेंगे. देवर ने मुझे नंगी देख कर बोला हाय भाभी ये तुम्हारी बहन कितनी गोरी है पूरी बॉडी संगेमरमर की तरह चिकनी है अभी तक ये कैसे बची रह गई थी. भाभी बोली तो मैं क्या काली कलूटी हूँ सालों चूतियों नया मॉल देख कर पुराना मॉल क्या बासी सडा हुआ लगने लग गया. देवर बोला अरे भाभी तुम तो बस तुम ही हो मैं तो अन्नू की तारीफ कर रहा था इसका मतलब ये तो नहीं की तुम काली हो .अपनी झांटे क्यूँ सुलगाती हो . देवर बोला क्यूँ अन्नू जान मादरचोद कहीं की क्यों अपना बुरा हाल करवा रही हो चुप चाप मान जाओ और मज़े से चुदवा लो हमें भी मज़ा आएगा . नहीं तो तेरी गांड भी आज ही मारेंगे. एक तेरी चुत मे और एक तेरी गांड मे एक साथ लंड घुसेड के चोदेंगे जैसे तेरी बहन को चोदते हैं . वैसे मुझे तो जबदस्ती चोदने मै भी खूब मज़ा आता है.तेरी बहन को भी पहली बार मैंने जबरदस्ती बलात्कार कर के ही चोदा था .अब देख तेरी बहन को कैसे चोदता हूँ फिर चुदवा लेना . आओ भाभी मेरी कुतिया रानी मेरे पुराने बासी मॉल मेरे पास आओ जरा अपनी चूची से दूध पिला कर मेरा लंड मोटा ताज़ा कर दो. फिर अन्नू जान को चोदुंगा.

दीदी देवर के पास गई उसके सारे कपडे निकाल दिए और वो दीदी की चूचियां मुह मे लेकर चूसने लगा फिर दीदी उसका लंड अपने मुह मे लेकर चूसने लगी.दीदी ने उसके लंड के निचे लटक रही दोनों गोलियों को भी चूसा देवर दीदी की चूचियां मसलता रहा . दीदी बोली रंडी की औलाद क्या तेरे हाथ मे दम नहीं है जोर से मसल मेरी चुचियों को .जीजू बोले देख अन्नू रानी हरामजादी तेरी दीदी बहन की लोडी कैसे देवर का लंड चूस रही है कितना मज़ा आ रहा है उन दोनों को .तू भी ऐसे ही प्यार से चूसेगी तो क्या तेरी गांड फट जायेगी भेन्चोद कहीं की.मै बोल तो सकती थी ही नहीं सिर्फ सुन ही सकती थी. और मजबूर थी. मेरे सामने देवर ने दीदी को खड़े खड़े ही चोदा फिर दोनों ने आकर मुझे पकडा. दीदी ने मेरे हाथों को और देवर ने मेरी दोनों टांगो को कस के पकड़ लिया .

जीजू अब अपना लंड मेरे मुह से निकाल कर मेरी चुत पे हमला करने वाले थे. जीजू मेरे ऊपर चढे और लंड से मेरी चुत पे ५ / ६ बार पिटाई करी. बोले बड़ी करारी चुत है .देवर बोले हाँ भैया बड़ी कड़क चुत है इसको चोदने मे बड़ा मज़ा आएगा, जीजू बोले तू पहले चोदेगा या मै पहले चोदु .देवर बोला भैया आप बड़े हैं आप के होते हुए मैं कैसे पहले करूँगा . पहले भोग तो आप ही लगाओ.आप राम हैं मैं लछमन हूँ, दीदी बोली वाह रे राम लछमन बड़ा प्यार है भाई यों मे , अपनी सीता का भी तो ध्यान रखो . देवर हंस के बोला सीता को चोदने के लिए अभी रावण आने वाला है. भाभी चिंता मत करो नई चुत देख कर पुरानी को भूल थोड़े ही जायेंगे . नया नौ दिन पुराना सौ दिन . आप के सहारे ही तो दाल रोटी चलेगी.

और जीजू ने मेरी चुत पे अपना लंड लगाया धीरे से अन्दर घुसेडने लगे लेकिन अन्दर नहीं गया . फिर जीजू ने मेरी चुत खोल के चुत के दरवाज़े पे लंड को सेट किया और जोर से धक्का मारा मै चिल्लाई मरी गई रे. मेरी चुत की झिल्ली फट गई और चुत से काफी खून निकलने लगा.देवर बोला भैया खून निकल रहा है मैं चाट लूँ क्या ? जीजू बोले चाट ले कमीने मादरचोद तुझे खून चाटने का बड़ा शौख है. छोड दे टांगे अब ये कहाँ बच के भागेगी. चाट इसका खून चाट इसको भी थोडी राहत मिलेगी.

उसने मेरी टांगे छोड दी और मेरी चुत के पास आ गया और चुत से निकले खून को चाटने लगा.मुझे कुछ ठंडक पड़ी. फिर जीजू ने अपने लंड को और अन्दर घुसेदा और फिर जोर जोर से धक्के देने लगा .मेरा बुरा हाल था. लेकिन किसी को भी मुझ पे तरस नहीं आ रहा था. देवर मेरी चुत चाट रहा था और दीदी ने भी मेरे हाथ छोड दिए और देवर का लंड चूसने लगी. १५ मिनट बाद जीजू ने मेरी चुत मे अपना रस छोड दिया .ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने गरम गरम दूध डाल दिया हो. मैं थक कर चूर हो गई थी. फिर जीजू निचे लेट गए और मुझे अपने ऊपर लिटाया और अपना लंड मेरी चुत मे डाल दिया .इस बार मुझे पहले जितना दर्द नहीं हुआ.वो देवर से बोले तू ऊपर आके अन्नू रानी की गांड मे अपना लंड डाल के इसकी गांड मार. वो बोला जो हुकम भैया.

उसने मेरी गांड देखी और मेरी गांड मे एक उंगली डाली बड़ी मुस्किल से थोडी सी अन्दर गई.वो बोला भैया इसकी गांड को आज रहने दो बड़ी टाइट है .बेचारी मर जायेगी. जीजू बोले अच्छा अब ये बेचारी हो गई . तेरी भाभी की गांड मारी थी तो क्या वो मर गई थी. अरे पगले पहली बार तो जोर लगाना ही पड़ेगा ना .दीदी बोली इसकी आज चुत की सिल तोडी है कल गांड भी मार लेना देखो क्या बुरा हाल हो गया है इसका.जीजू बोले चुप भोसिडिकी वर्ना तेरी गांड मे दोनों लंड डाल के मारेंगे. दीदी बोली आजा चोदु कहीं के मार मेरी गांड मार. देवर ने तुंरत दीदी को घोडी बनाया और दीदी की गांड मे लंड घुसेड दिया . जीजू बोले देख अन्नू रानी अपनी दीदी को कैसे गांड मरवा रही है अपने देवर से .साली पूरी रंडी है मादरचोद ४/५ लोडों से एक साथ चुदवा सकती है.

डर मत तू भी २/४ बार चुदवा कर इसके जैसी ही बन जायेगी तब तुझे भी रोज़ लंड की जरुरत पड़ेगी. जीजू ने दूसरी बार अपना रस मेरी चुत मे छोड दिया . अब देवर बोला भैया एक बार मैं भी अन्नू रानी को चोद लू. जीजू बोले क्यूँ नहीं. और इसको चोद के बता इसको अपनी बीबी बनाएगा या नहीं. वो बोला भैया ये तो आप को सोचना है.जीजू बोले मुझे तो इसको चोद के खूब मज़ा आया है मेरी तरफ से तो हाँ है, बस तू भी हाँ कह दे तो तेरी शादी अन्नू के साथ करवा देंगे.दीदी बोली शादी तो करनी ही पड़ेगी .तुम ने इसकी सिल भी तोड़ डाली अब क्या शादी नहीं करोगे.

जीजू बोले तू चुप रह भेन्चोद .सिल तोडी है तो कौन सी आफत आ गई. वो तो तेरा बदला लिया है. चल डाल अपना लंड इसकी चुत मे.देवर ने अपना लंड मेरी चुत मे डाला और दीदी से बोला भाभी लाओ अपनी चुत मेरे मुह मे दे दो. देवर मेरी चुत चोद रहा था और साथ मे दीदी की चुत को काट रहा था.जीजू दीदी की चूचियां भींच रहे थे,वो तीनो मज़ा कर रहे थे और मै दर्द से मरी जा रही थी. जब देवर का रस निकला तो वो मेरे ऊपर से उतरा और बोला अन्नू रानी थोडा आराम कर लो .थोडी सी दारू पी लो सारी थकान दूर हो जायेगी . और जबरदस्ती मेरे मुह मै दारू डाल दी .मेरा गला जलने लगा .

और धीरे धीरे उन्होंने दारू का पूरा ग्लास मेरे मुह मे डाल दिया.मुझे थोडी ही देर मे नींद आ गई . थोडी देर बाद उठी तो देखा जीजू दीदी की चुत मे और देवर गांड मे लंड डाल कर चोद रहा था . तीनो खूब हंस रहे थे और गलियां बक रहे थे. मुझे दारू का नशा हो गया था कुछ भी होश नहीं था. मैं उठी और जीजू का लंड दीदी की चुत मे से बाहर नीकाल कर चूसने लगी. मुझे मालूम ही नहीं था की मैं क्या कर रही हूँ.जीजू बड़े खुश हुए और मुझे किस करने लगे बोले ये हुई न बात .अब तू भी अपनी दीदी की तरह पूरी रंडी बन गई है. आजा अब तुझे प्यार से चोदेंगे.मैं खुद जीजू से चिपट गई उनको किस करने लगी और शर्म छोड़ कर उनका लंड अपनी चुत पे रगडने लगी . ये सब मैं नशे मे कर रही थी . नशे मे मुझे लग रहा था की कोई मुझे कस् के प्यार करे और मुझे खूब चोदे .

मैं अपनी चुत का दर्द भी भूल गई.

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लड़की की मचलती चूत की चुदाई https://sexstories.one/jawan-ladki-ki-chut-chudai/ Mon, 22 Feb 2021 02:12:51 +0000 https://sexstories.one/%e0%a4%b2%e0%a5%9c%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88/ हैल्लो दोस्तों मेरा नाम शंकर है और मैं होशंगाबाद में रहता हूँ | दिखने में मैं गोरा हूँ और मेरी हाईट भी 5 फुट 9 इंच है और मेरा लौडे का साइज़ तो आपको स्टोरी ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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हैल्लो दोस्तों मेरा नाम शंकर है और मैं होशंगाबाद में रहता हूँ | दिखने में मैं गोरा हूँ और मेरी हाईट भी 5 फुट 9 इंच है और मेरा लौडे का साइज़ तो आपको स्टोरी में ही पता चल जायगा | दोस्तों ये मेरी पहली कहानी जो मैं आप लोगों के सामने पेश कर रहा हूँ, पर मैं डेली सेक्स स्टोरीज पढता हूँ और इसको पढ़ के मुठ भी मरता हूँ | तो दोस्तों मैं आप लोगों को ज्यादा बोर नहीं करूँगा और सीधा अब स्टोरी में आता हूँ | jawan ladki ki chut

ये घटना आज से करीब कई साल पहले की है जब मैं स्कूल में पढाई करता था | jawan ladki ki chut

मैं उस चौथी कक्षा में था और मेरे साथ एक लड़की पड़ती थी जिसका नाम रंजना था वो उस समय बहुत क्यूट सी लगती थी और हम दोनों बहुत अच्छे से घुल मिल कर रहते थे और हम दोनों ही बहुत अच्छे दोस्त थे क्यूंकि मैं और वो आजू बाजु रहते थे और हमारा और उनका अच्छा व्यवहार चलता था | कई सालो से वो हमारे घर के पास ही किराये से रह रही थी |

फिर जब एक साल बीत गया और मैं 5वी कक्षा में पंहुचा था उसके दो महीने बाद वो घर खाली कर के चले गए थे और इस बात से मैं अनजान रह गया था | फिर जब मैं घर वापस आया तो देखा की वो खाली करके चले गये हैं तब मुझे बहुत बुरा लगा था कि मैं आखिरी बार रंजना से नही मिल पाया था | ऐसे दिन बीतते जा रहे थे फिर धीरे धीरे सब नार्मल हो गया था |

फिर मैं कोटा पंहुचा अपने आगे की पढाई करने और वहीं रूम ले कर रह रहा था और मुझे बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी उसके मिलने की | एक दिन की बात है मैं पढाई कर रहा था पार्क में पेड़ के नीचे बैठ के तभी मेरी नजर रंजना पर पड़ी तो मैं तुरंत भागते भागते हुए गया और उसका हाँथ पकड़ के हाय रंजना कहा तो उसने अपना हाँथ छुडाते हुए मुझे जोर का एक थप्पड़ मारा और कहा तुम हो कौन तुमने मेरा हाँथ कैसे पकड़ा ?

तब मैंने उसे बताया कि मैं शंकर हूँ तुम्हारे बचपन का दोस्त.. jawan ladki ki chut chudai

मैं उसे सब याद दिलाने की कोशिश करने लगा था पर उसे कुछ भी याद नहीं आ रहा था | फिर मैं भी गुस्से में वहाँ से निकल गया था | फिर वो भी निकल गयी थी, उसके अगले ही दिन वो मुझे फिर दिखी तो मैंने उसके मुंह पे रंडी बोल दिया था और फिर मैं वहाँ से निकल गया था इस बात को एक हफ्ता बीत चूका था |

एक हफ्ते के बाद उसने मुझे बुलाया जब मैं पार्क में बैठ कर पढ़ रहा था | उसने मुझसे गुस्से में कहा की तुमने मुझे गाली क्यूँ दी थी ? मेरी बेज्जती क्यूँ की थी गाली दे कर ? तो मैंने भी जवाब दे दिया था कि तुमने भी थप्पड़ मार के बेज्जती की थी वो भूल गयी तुम |

इतना कह कर मैं जाने लगा और वो भी जाने लगी थी | jawan ladki ki chut

उसके अगले दिन उसने मुझे फिर बुलाया और कहा सॉरी फिर मैंने भी उसे सॉरी कहा फिर धीरे धीरे बात हम दोनों की चालू हो गयी थी एक घंटे तक मैं उसे समझाने में की मैं वो ही शंकर हूँ जिसके साथ तुम पढ़ती थी और हम दोनों आजू बाजु रहते थे | फिर जब उसे सब आ गया था तब हम दोनों दोस्त बन गये थे फिर से |

अब दोनों साथ में बहुत ज्यादा टाइम बिताने लगे थे साथ में पढाई करना घूमना खाना और पार्क में बैठ कर पढाई करना मस्ती करना सब हम सतत में किया करते थे | फिर एक दिन मैंने उसे प्रपोस किया तो उस टाइम तो उसने मना कर दिया पर उसके अगले ही दिन उसने मुझे हाँ कर दी थी | अब हम दोनों को एक दुसरे से सच्चा वाला प्यार हो चूका था |

एक दिन हम कॉलेज कैंपस के बाहर घूम रहे थे तो मैंने उससे एक किस करने को कहा ततो उसने मना कर दिया | मैं बहुत उदास हो गया था मैंने उसे कई दफा बोला था किस करने के लिए पर वो मना कर देती थी हर बार | फिर एक दिन मैंने सोच ही लिया था कि मैं किस करके ही रहूँगा तो मैंने उससे कहा की किस करना है मुझे तब उसने मना नहीं की और मैं और वो दोनों एक दूसरे को 5 मिनट तक किस करने लगे थे |

मुझे किस करना बहुत अच्छा लग रहा था.. jawan ladki ki chut chudayi

पर हमारे पास ज्यादा टाइम नहीं था तो बस 5 मिनट तक ही किस कर पाए थे | हर चीज़ के लिए मुझे  बहुत टाइम बाद रंजना की मंजूरी मिलती थी | एक दिन मैंने उससे कहा कि मुझे तुम्हारे दूध दबाने हैं तब उसने एक हफ्ता लगा दिया | फिर मैं उसे किस करते हुए उसके दूध दबाने लगा था वो ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म करने लगी |

मैंने किस करते हुए उसके दूध 10 मिनट तक दबाये और वो ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म करते जा रही थी | फिर ऐसे ही किस करते हुए और उसके दूध दबाते हुए हमे एक महीना बीत चूका था |

Chudai ka khel aur train me biwi ki chudai ke stories padhiye..

एक महीने बाद हमारे कॉलेज में किसी फंक्शन की तैयारी चल रही थी तो मैं उसे एक एक कमरे में ले गया और हम दोनों किस अकरने लगे | मैं उसके दूध दबाने लगा तो वो ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म करने लगी |

फिर मैंने उससे कहा कि मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है… jawan jawan ladki ki chut

तो वो मना करने लगी कि शादी के पहले ये सब करना ठीक नहीं है और तुम इतनी जल्दी सेक्स के लिए मुझे बोल रहे हो मैं अभी कुंवारी हूँ मैंने आज तक सेक्स नहीं किया | मैंने उसकी चूत में हाँथ लगा दिया तो उसकी चूत गीली हो चुकी थी | तो मैंने उससे पुछा देखो तुम्हारी चूत गीली है और तुम मुझे सेक्स के लिए मना कर रही हो तो वो शर्मा कर ना ना करने लगी |

पर मैंने ठान लिया था कि मैं चोद के ही रहूँगा फिर जैसे तेस उसे मनाया आखिरकार वो मान ही गई |

मैं फिर उसे किस करने लगा था और वो भी किस करने लगी और मैं साथ में दूध भी दबा रहा था | 10 मिनट तक हमने किस किया | फिर मैंने उसके कुर्ती को ऊपर किया और उसकी ब्रा सरका दिया और फिर मैं उसके दूध पीने लगा |

वो ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म कर रही थी | मैं जोर जोर से उसके दूध पीने लगा और वो लगातार ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म करते हुए सिसकियाँ भर रही थी | 10 मिनट तक मैंने उसके दूध पिया और फिर मैंने उसका सलवार उतारी और पेन्टी भी उतार दी |

ऐसा करने के तुरंत बाद ही उसकी चूत चाटने लगा | उसकी चूत में बाल भी थे पर मैं तब भी चाटता जा रहा था | वो ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म कर रही थी | 10 मिनट तक मैंने उसकी चूत को चाटा और वो एक बार मेरे मुंह में ही झड चुकी थी ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म करते हुए |

फिर मैंने उसे अपना लंड चूसने को कहा तो वो मना करने लगी पर मेरे बार बार मिन्नतें करने पर वो मेरा लंड चूसने लगी | मुझे बहुत मजा आ रहा था | वो चूस तो पहली बार रही थी पर बहुत प्यारे तरीके से चूस रही थी |

बीच बीच में मेरे गोटे को भी किस क्र रही थी | jawan ladki ki chut

फिर मैंने उसे लेटाया और उसकी चूत में लंड डालने की कोशिश करने लगा तो वो फिसल जा रहा था कभी ऊपर की तरफ फिसलता तो कभी नीचे की तरफ | उस समय मेरा बहुत परेशान हो गया था | तो फिर से मैं उसकी चाट के गीली करने लगा और वो फिर से ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म करने लगी |

जब उसकी चूत अच्छे से गीली कर दिया तो फिर मैंने उसकी चूत में झटके से लंड डाल दिया और वो चीखने लगी ककि लंड निकालो बहुत दर्द हो रहा है पर मैं कहाँ सुनने वाला था | मैं उसे चोदने लगा और वो ऊउन्न्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह उऊंनंह आअहाआ आआहा आआहा आआहा अआहा अआहा आआहा ऊउन्न्ह ऊउन्न्म्म करके चिल्लाये जा रही थी | जब चोदते चोदते थक गया तो उसके मुंह में सारा माल झाड दिया |

दोस्तों ये थी मेरी कहानी | jawan ladki ki chut

आशा है आप लोगों को पसंद आई होगी | अपनी राय देना मत भूलियेगा |

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पड़ोस के व्यक्ति का दुख https://sexstories.one/desi-bur-ki-chudai/ Sat, 13 Feb 2021 23:03:03 +0000 https://sexstories.one/%e0%a4%aa%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%8b%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%96/ मेरा नाम सुरभि है मैं जयपुर में रहती हूं, मेरी उम्र 32 वर्ष है। मेरी शादी को 4 वर्ष हो चुके हैं, मेरे पति विदेश में रहते हैं और वह बहुत कम ही घर आते ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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मेरा नाम सुरभि है मैं जयपुर में रहती हूं, मेरी उम्र 32 वर्ष है। मेरी शादी को 4 वर्ष हो चुके हैं, मेरे पति विदेश में रहते हैं और वह बहुत कम ही घर आते हैं, मैं उनसे जब भी फोन पर बात करती हूं तो वह मुझे हमेशा कहते हैं कि मैं कुछ समय बाद घर आ जाऊंगा लेकिन उन्हें काफी समय हो चुका है जब से वह घर नहीं आए हैं। bur ki chudai

मैं कई दिनों से फोन पर बात कर रही थी और मैंने फोन पर बात करते हुए उन्हें कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर जाना चाहती हूं, वह मुझे कहने लगे ठीक है तुम कुछ दिनों के लिए अपने घर हो आओ, मुझे कोई भी आपत्ति नहीं है। मैंने अपने सास-ससुर से पूछ लिया, जब मैंने उनसे पूछा तो वह कहने लगे ठीक है तुम कुछ दिनों के लिए अपने घर हो आओ।

मैं अब वहां से अपने मायके चली आई, मेरा माइका  अजमेर के पास है। bur ki chudai

मैं जब अपने घर आई तो मेरे पिताजी कहने लगे तुम बहुत ही सही समय पर घर आई हो क्योंकि कुछ दिनों बाद तुम्हारे भैया और भाभी जी घर पर आने वाले हैं, मैंने उन्हें कहा कि क्या भैया भाभी भी काफी समय से घर पर नहीं आए हैं, वह कहने लगे हां वह लोग भी काफी समय से घर पर नहीं आए हैं, तुमने बहुत अच्छा किया कि तुम इस वक्त घर पर आ गई।

मैं अपनी मम्मी से मिलकर बहुत खुश थी। bur ki chudai

कुछ दिनों बाद मेरे भैया भाभी आए तो मैंने उन्हें कहा कि आप लोग तो मुझे काफी समय से मिले भी नहीं है, उन्होंने मेरे पति के बारे में पूछा तो मैंने उन्हें कहा कि वह तो काफी समय से घर भी नहीं आए हैं और मैं उन्हें बहुत मिस करती हूं। मेरी भाभी और मेरी जब बात हो रही थी तो मेरी भाभी मुझसे पूछने लगी तुम्हें तुम्हारे पति की याद नहीं आती, मैंने उन्हें कहा कि मुझे तो उनकी बहुत याद आती है परंतु वह घर ही नहीं आते।

मैं अपने भैया और भाभी से मिलकर बहुत खुश थी, उनका एक छोटा लड़का भी है उसकी उम्र 5 वर्ष है। मुझे उसके साथ खेलना बहुत अच्छा लगता है वह बहुत ही प्यारा है और बहुत शरारत भी करता है। एक दिन मैं उसे लेकर बाहर टहल रही थी तभी आगे से एक लड़का बड़ी तेज स्पीड में बाइक से आ रहा था, मुझे वह आता हुआ नहीं दिखाई दिया, जब उसकी टक्कर मुझसे हुई तो मैं आगे जाकर गिर गई और मैं बेहोश हो गई थी।

जब मेरे भैया और मेरे पापा मुझे अस्पताल ले गए तो उसके बाद मुझे होश आया. bur ki chudai

मैं जब उठी तो मैंने अपने भैया से कहा कि क्या गोलू ठीक है, गोलू मेरे भैया के लड़के का नाम है। वह कहने लगे गोलू तो ठीक है लेकिन तुम्हें बहुत ज्यादा चोट आ गई थी,   मैंने उन्हें कहा कोई बात नहीं। भैया पूछने लगे कि तुमने उस लड़के को देखा नहीं जिसने तुम्हें टक्कर मारी, मैंने उन्हें कहा मुझे कुछ भी पता नहीं चला वह बड़ी तेज स्पीड में आ रहा था और मैं उससे टकरा गई, उसके बाद वह वहां से भाग गया।

मेरे भैया और मेरे पापा बहुत ज्यादा परेशान हो गए थे, मैंने उन्हें कहा आप चिंता मत कीजिए। कुछ देर में डॉक्टर भी आ गए और डॉक्टरों ने मुझे वहां से डिस्चार्ज कर दिया, मैं जब घर पर आई तो कुछ दिनों तक मैं घर पर ही आराम कर रही थी, मैंने अपने पापा से कहा कि यह बात आप मेरे ससुराल वालों को पता मत चलने देना, नहीं तो मेरे पति बहुत चिंतित हो जाएंगे। वह कहने लगे तुम चिंता मत करो हम लोग किसी को भी नहीं बताएंगे। मैं जब घर में लेटी हुई थी तो एक दिन सामने के घर से बहुत तेज आवाज आ रही थी, मैं काफी देर से सुन रही थी..

जब मेरी मम्मी रूम में आई.. bur ki chudai

तो मैंने उनसे पूछा कि वह कौन लोग हैं जो इतना तेज शोर रहे है, मेरी मम्मी कहने लगी यह पड़ोस में ही रहते हैं  यह लोग बहुत ज्यादा शोर शराबा करते हैं, इन दोनों पति-पत्नी के आपस में बिल्कुल भी नहीं बनती। मैंने उन्हें कहा क्यों इन दोनों की आपस में क्यों नहीं बनती, वह कहने लगी कि ना जाने इन दोनों को आपस में किस बात की दिक्कत है हमेशा ही यह लोग झगड़ा करते रहते हैं, काफी दिनों से इन लोगों का झगड़ा नहीं हुआ था लेकिन आज फिर से इन लोगों के बीच में झगड़ा शुरू हो गया।

मुझे भी बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था और मैंने अपनी मम्मी से कहा कि क्या यह लोग इसी प्रकार से चिल्लाते हैं, मेरी मम्मी कहने लगी हां यह लोग इसी प्रकार से चिल्लाते हैं और हमेशा ही यह इसी प्रकार की बातें करते हैं। मैंने उन्हें कहा क्या कोई मोहल्ले में इन्हें बोलता नहीं है, वह कहने लगे कि ऐसे में कौन बीच में जाता है यह इनके आपस का मामला है, सब लोग तो बचने की कोशिश करते हैं।

यह कहते हुए मेरी मम्मी भी रूम से चली गई. bur ki chudai

, मैं रूम में ही बैठी हुई थी और मैंने भी टीवी ऑन कर ली। मुझे भी लगा कि अब कोई फायदा नहीं है इसलिए मैं टीवी देखने लगी और टीवी देखते हुए मुझे नींद आ गई। अगले दिन जब मैं उठी तो मैंने बाहर एक व्यक्ति को जाते हुए देखा, मैंने अपनी मम्मी से पूछा कि क्या यह वही है तो मेरी मम्मी कहने लगी हां यह वही हैं। मैं थोड़ा ठीक हो चुकी थी इसलिए मैं उनके पीछे गई और मैंने उनसे बात की तो वह कहने लगे कि हां हम दोनों पति पत्नी के बीच में बहुत झगड़ा रहता है। मैंने उन्हें कहा कि यहां पर और लोग भी रहते हैं उन्हें भी आपकके झगडो से डिस्टर्ब होता है।

जब उन्होंने मुझे पूरी बात बताई तो मैं सुनकर बड़ी दंग रह गई उन्होंने मुझे कहा मेरी पत्नी एक कॉल गर्ल है और वह हर जगह अपना मुंह मारती फिरती है इसलिए मैं अब उससे बिल्कुल भी प्रेम नहीं करता। मुझे उन पर तरस आ रहा था वह उस दिन वह मुझे अपने घर ले गए उन्होंने मुझे अपनी पत्नी की तस्वीर दिखाई। मैं उनके बगल में ही बैठी हुई थी जब उनका हाथ मेरे स्तनों पर लगा तो मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी मैं भी आज अपनी इच्छा पूरी कर लू। हम दोनों की सेक्स को लेकर बातें हुई हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए राजी हो गए।

जब उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतारे.. bur ki chudai

तो मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई थी मै सोचने लगी आज तो मैं अच्छे से संभोग करती रहूंगी, जैसे ही मैंने उनके लंड को अपने मुंह में लिया तो वह बहुत खुश हो गए और बड़े अच्छे से मैं उनके लंड को सकिंग कर रही थी, मैंने काफी देर तक उनके लंड को सकिंग किया जब उनका पानी बाहर की तरफ निकलने लगा तो मैं अपने आप को नहीं रोक पाई। मैंने अपने दोनों पैर चौडे कर लिए, उन्होंने काफी देर तक मेरे स्तनों का रसपान किया और मेरे स्तनों पर उन्होंने अपने दांतों के निशान भी मार दिए, जब मेरे स्तनों से खून आ गया तो उन्होंने मेरी योनि का भी बहुत अच्छे से रसपान किया।

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वह काफी समय तक मेरी योनि को चाटते रहे. bur ki chudai

जब उन्होंने अपने मोटे लंड को मेरी योनि के अंदर डाला मुझे ऐसा लगा जैसे ना जाने कितने दिनों बाद मेरी इच्छा पूरी हो रही हो। उनका लंड मेरी योनि की पूरी गहराई में उतर चुका था, मैंने उन्हें कहा कि आप ऐसे ही मुझे धक्के देते रहिए उन्होंने मुझे बड़ी तेज गति से झटके दिए। वहां इतनी तेजी से मुझे चोद रहे थे उनका लंड मेरी योनि के अंदर तक जाता।

मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था उनका लंड कही मेरी योनि को फाडते हुए मेरे पेट के अंदर ना चला जाए, काफी देर उन्होंने ऐसे ही मेरे साथ संभोग किया। मैं उनके ऊपर से लेट गई तो उन्होंने मेरी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया, मुझे बड़ा मजा आता। मैं भी अपनी चूतडो को उनसे मिलाने लगी और बड़ी तेजी से मैं भी अपनी चूतडो को हिला रही थी लेकिन जब मेरी चूतडे उनके लंड पर लगती तो वह भी ज्यादा समय तक मेरी गर्मी को नहीं झेल पाए। मैं भी झड़ने वाली थी इसलिए मैंने भी अपनी योनि को टाइट कर लिया और वह मुझे बड़ी तेजी से झटके मार रहे थे, जब उनका वीर्य गिरने वाला था तो मैंने उन्हें कहा आप मेरे मुंह के अंदर अपने वीर्य को डाल दीजिए।

उन्होंने जैसे ही अपने वीर्य को मेरे मुंह में डाला तो मैंने उनके वीर्य को एक ही झटके में निगल लिया। उस दिन मेरी इच्छा पूरी हुई मैं जितने दिन अपने मायके में रही तो उनके साथ मैने सेक्स का आनंद लिया। हम दोनों ने एक दूसरे को बहुत सुख दिया।

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