sexkatha Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/sexkatha/ Hindipornstories.org Thu, 23 Dec 2021 07:51:17 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 रास्ते में मिली चूत https://sexstories.one/raaste-me-mili-chut-hindipornkhani/ Thu, 23 Dec 2021 07:50:23 +0000 https://sexstories.one/?p=3566 फिर मैं उसकी चूत से अपनी ऊँगली को निकाल कर मैंने अपने कपडे निकाल दिए | फिर अपने लंड को हाथ में पकड कर हिलाने लगा | तब वो मेरे लंड को अपने हाथ में पकड कर हिलाते हुए मुंह में रख कर चूसने लगी..

The post रास्ते में मिली चूत appeared first on Antarvasna.

]]>
hindipornkhani हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सभी ? मैं आशा करता हूँ की आप सभी ठीक ही होगे | दोस्तों आप सभी चुदाई करना पंसद तो करते ही होगे अगर करते हो तो आप लोगो को चुदाई करते रहना चाहिए | मेरा नाम कमलेश है | मेरी उम्र 20 साल है | मैं रहने वाला चेन्नई का हूँ | मैं बी काम फस्ट इयर में पढता हूँ | मैं दिखने में गोरा हूँ और मेरी हाईट 6 फुट 9 इंच है जिससे में स्मार्ट लगता हूँ | मेरे लंड का साइज़ 8 इंच लम्बा और मोटा 3 इंच है | मेरे घर में मेरे मम्मी और पापा मैं रहता हूँ | मैं अपने मम्मी और पापा की इकलोती संतान हूँ इसलिए मेरे मम्मी पापा मुझे बहुत प्यार करते हैं |

मुझे सेक्सी कहानियाँ पढना बहुत पसंद है और मैं सेक्सी कहानियाँ बहुत अरसे से पढता आ रहा हूँ | मुझे भी कहानी लिखने की खवहिश थी | जो मैं लिखने जा रहा हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | ये मेरी पहली कहानी है तो इसमें आप को गलती भी नज़र आयेगी अगर आप को गलती नज़र आती है तो मुझे माफ़ करना | मैं जो कहानी लिखने जा रहा हूँ | मैं आशा करता हूँ मेरी कहानी आप लोगो को पसंद आयेगी और पढने में मज़ा भी आयेगा | तो मैं आप लोगो का ज्यादा समय न लेते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ |

ये कहानी कुछ दिन पहले की है जब मैं चेन्नई से घुमने के लिए कोलकाता जा रहा था | तब मुझसे रास्ते में एक लड़की ने लिफ्ट मांगी और मैंने उसे अपनी कार में बैठा लिया और उसका नाम पूछा तब उसने अपना नाम नन्दनी बताया | वो दिखने में बहुत गोरी थी और उसका फिगर मस्त था | उसके बड़े बड़े बूब्स और उसकी बड़ी चौड़ी गांड को देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया | वो मुझको सेक्सी नजरो से देख रही थी | मैं उससे उसके बारे में पूछ रहा था और पूछा आपको कहाँ जाना है | तब उसने मुझसे कहा आप जहाँ जा रहे हो मुझे वहीँ तक छोड़ दो | उसका मस्त फिगर देख कर मेरा लंड खड़ा था | फिर मैं उसकी जांघों को सहलाने लगा तो वो मेरी और सेक्सी नजरो से देखने लगी | कुछ देर तक मैं उसकी जांघों को सहलाता रहा | फिर वो मेरे लंड को सहलाने लगी |

तब मैंने अपनी कार को एक सुनसान जगह पर रोक कर | मैं उसकी होठो पर अपने होठ रख कर उसकी होठो को चूसने लगा | वो भी मेरे होठो को चूसने लगी | मैं उसकी होठो को चूसते हुए उसकी बूब्स को कपडे के ऊपर से दबाने लगा | मैं उसके बूब्स को दबाते हुए उसके कपडे निकाल दिए | वो अब सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी | तो मैं उसके एक दूध को ब्रा के ऊपर से चूसने लगा तो उसके मुंह से उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह की सिसिकियाँ निकल गयी | मैं उसके बूब्स को चूसते हुए उसकी ब्रा खोल दी और मैं उसके बूब्स को मुंह में भर कर चूसने लगा |

मैं एक दूध को हाथ में पकड कर दबाने लगा | वो उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ करती हुई अपनी चूत के सहलाने लगी | मैं उसके दूध को मुंह में रख कर चूस रहा था और दुसरे को हाथ से मसल रहा था | वो उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ करती हुई अपनी ऊँगली को चूस रही थी |

मैं उसके बूब्स को एक एक करके चूस रहा था | वो अपनी चूत को सहलाती हुई उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ कर रही थी | मैं उसके बूब्स को कुछ देर तक ऐसे ही चूसता रहा | फिर उसकी टांगो को थोडा सा फेला कर उसकी चूत में अपना मुंह घुसा कर चूत को चाटने लगा | तो वो उह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह करने लगी | मैं उसकी चूत में अपनी जीभ को घुसा कर अन्दर बाहर करते हुए चाटने लगा साथ में उसकी चूत में अपनी ऊँगली को घुसा कर अन्दर बाहर करने लगा |

जिससे उसके मुंह से हलकी हलकी आवाज में उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह आह्ह्ह करती हुई अपने दोनों बूब्स को जोर जोर से मसलने लगी | मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने के साथ चूत में ऊँगली को घुसा कर अन्दर बाहर करने लगा | तो वो उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह उफ्फ्फ करने लगी | मैं उसकी चूत में अपनी ऊँगली को जोर जोर से अन्दर बाहर करते हुए उसकी चूत को चोदने लगा |

hindipornkhani जिग्ना की कामुकता

तो वो उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह करने लगी | मैं उसकी चूत को कुछ देर तक ऐसे ही चाटता रहा | फिर मैं उसकी चूत से अपनी ऊँगली को निकाल कर मैंने अपने कपडे निकाल दिए | फिर अपने लंड को हाथ में पकड कर हिलाने लगा | तब वो मेरे लंड को अपने हाथ में पकड कर हिलाते हुए मुंह में रख कर चूसने लगी | तो मेरे मुंह से उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह करते हुए अपने लंड को चूसाने लगा |

वो मेरे लंड को अपने मुंह में रख कर अन्दर बाहर करते हुए चूसने लगी | मेरे मुंह से हलकी हलकी आवाज में उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्ह अहह करते हुए उसके मुंह में धीरे धीरे धक्के मारने लगा और मैं उसके मुंह को चोदने लगा | मैं कुछ देर तक उसके मुंह को ऐसे ही चोदता रहा साथ में धीमी धीमी आवाज में उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह अहह करता रहा | फिर मैं उसके मुंह से अपने लंड को निकाल कर उसकी टांगो को थोडा सा फेला कर उसकी चूत के मुंह पर अपने लंड को घुसा कर उसको चोदने लगा | तो उसके मुंह से उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह अह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह्ह करने लगी | मैं उसकी चूत में अन्दर बाहर करते हुए उसको चोदने लगा |

मैं उसकी चूत में जोर जोर से धक्के मारने लगा | वो उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उफ्फ्फ उह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह करती हुई अपने बूब्स को मसलने लगी | मैं उसकी चूत को जोरदार धक्को के साथ चोद रहा था साथ में उसके बूब्स को भी दबा रहा था | वो उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह कर रही थी | फिर मैं उसकी चूत से लंड को निकाल कर उसके मुंह में डाल कर चुसाने लगा | वो मेरे लंड को चूसने लगी कुछ देर तक लंड चूसाने के बाद फिर से उसकी चूत में लंड को डाल कर चोदने लगा | वो उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह अह्ह्ह करने लगी |

मैं उसको जोरदार धक्को के साथ चोद रहा था वो अपनी चूत को सहलाती हुई उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह कर रही थी | मैं उसकी ये सिसिकियाँ सुनकर उसकी चूत में और तेज से धक्के मारने लगा जिससे कार में धक्को की आवाज घुजने लगी | मैं उसको इसी तरह से उसको चोदे जा रहा था | वो उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ करती हुई अपनी चूत को हिलाती हुई चोदने लगी | मैं उसकी चूत में अन्दर बाहर करते हुए चुद रहा था |

वो अपनी चूत को आगे पीछे करती हुई चुद रही थी साथ में उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्हह उह्ह उफ्फ्फ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह फ्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ कर रही थी | मैं उसको जोरदार धक्के के साथ उसको 40 मिनट तक चोदता रहा और उसके बाद उसकी चूत के ऊपर मेरे लंड ने माल निकाल दिया | मैं उसकी मस्त चुदाई के बाद उसको कोलकाता तक ले गया और वहां से घुमा कर फिर यहीं छोड़ दिया |

ये थी मेरी कहानी दोस्तों | मैं आशा करता हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई होगी और पढने में मज़ा भी आया होगा |

मेरी कहानी पढने के लिए धन्यवाद् |

The post रास्ते में मिली चूत appeared first on Antarvasna.

]]>
ससुराल वालों की खातिरदारी https://sexstories.one/sasural-walon-ki-khatirdari-xxx/ Tue, 26 Oct 2021 06:41:24 +0000 https://sexstories.one/?p=3171 दिब्या जल्दी से उठी और बाथरूम में घुस गई तो मैं भी दबे पाँव पाँव बाथरूम में घुस गया तो देखा कि दिब्या पेसाब कर रही थी दिब्या कि चूत से पेसाब करने कि इस तरह से आवाज निकल रही थी स्सी स्सीस्सीस्सीस्सीस्सी जैसे ही दिब्या ने मुझे देखा तो साड़ी से अपना मुह ढक लिया...

The post ससुराल वालों की खातिरदारी appeared first on Antarvasna.

]]>
Sasural Walon Ki Khatirdari xxx बात जनवरी २००९ कि है जब मेरी सासु जी और साली साहिबा मेरे यहाँ आई और शिर्डी साईं बाबा के दर्शन कि इच्छा जाहिर किया तो मैं और मेरी पत्नी ,सासु ,साली जी शिर्डी के लिए चल दिए ,दिब्या कि उम्र ३० साल के आसपास होगी जबकि मैं करीब ४२ साल का हु ,दिब्या बहुत ही आधुनिक खयालात कि और बहुत ही सुन्दर हल्की सा सावला रंग , गोल मटोल चेहरा ,मांसल सरीर गदराया वदन ,हमेशा ही कट बाह, बड़े गले का टाइट ब्लाउज पहनती है..

जब भी मैं ससुराल जाता हु दिब्या बहुत आव भगत करती है मेरा, एकात बार तो मेरे साथ बाइक में घूमेने भी जा चुकी है बाजार में काफी घुली मिली रहती है साली साहिबा को एक लड़का भी है करीब १८ माह का उसके कारण कई बार कार को रस्ते में रोकना पड़ा इस कारण हैम थोड़ा लेट हो गए और करीब ९ घंटे का सफ़र करने के बाद हम साम को ८ बजे शिर्डी से १८ किलोमीटर पहले एक छोटे से कसबे में एक होटल में रुक गए क्योकि शिर्डी में होटल बहुत महगे है होटल में हमें दो डबल बेड वाला रूम लिया हैम सभी ने खाना खाया और रात के ९ बजे के लगभग सोने कि तैयारी करने लगे..

एक बेड में मैं लेट गया और एक बेड ये तीनो (सासु जी और मेरी साली और पत्नी) मेरी पत्नी अपने माँ के कारण सरम के मारे मेरे साथ नहीं सोई और साली व सासु को मेरे साथ सोने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता मैंने तो कम्बल ओढ़ा और सो गया क्योकि जनवरी का महीना था और ठण्ड अच्छी पड़ रही थी |

xxx porn कुंवारी चाची की पहली चुदाई

रात में करीब ११.३० बजे मेरी नीद खुल गई क्योकि साली का लड़का रोने लगा क्योकि तीन तीन ओरते सोई थी इस कारण जगह कि कमी पड़ती थी बालक इस कारन रोने लगा तो मेरी सासु माँ ने मेरी पत्नी से कहा कि जा सो जा उस पलंग में यहाँ जगह कम है तो मेरी पत्नी ने मन कर दिया क्योकि कि ओ बहुत गहरी नीद में थी और ओ जब नीद में होती है तो जल्दी से नहीं उठती मेरी पत्नी ने साली को बोला कि दिब्या तू जा ना क्यों परेसान कर रही है प्रज्वल {साली के लड़के का नाम प्रज्वल है}को साली ने थोड़ा ना नुकूर करने के बाद करीब ११.४५ पर मेरे बेड पर आ गई मैं तो जाग गया था पर सोने का नाटक कर रहा था |

दिब्य ने हैम दोनों के बीच में अपने लड़के को सुला दिया और अपने कम्बल के साथ लड़के के साथ सोने लगी पर मैं जान बूझकर बीच बीच में उसके लड़के को करवट लेने के बहाने उसे दबा देता तो ओ रोने लगता कई बार ऐसा करने पर तो दिब्या ने लड़के को दूसरे किनारे पर लिटा दिया और फिर मेरे तरफ तरफ घूम कर सोने लगी मैं करीब रात में १.३० पर दिब्या को अपने कम्बल में ओढ़ा लिया और धीरे से बोला कि इतना नाटक क्यों कर रही थी पहले ही मेरे पास आ कर सो जाना था तुम मेरी पत्नी हो इसमें क्या संकोच था अब दिब्या तो सोयेगी नहीं मेरे साथ फिर इतना नाटक करने कि क्या जरुरत थी |

ये सब मैं जान बूझकर दिब्या से कह रहा था जिससे दिब्या ये समझे कि मैं उसे अपनी पत्नी समझ रहा हु दिब्या ने कोई जबाब नहीं दिया और चुपचाप कम्बल के नीचे सोई रही तो मैं कुछ देर बाद दिब्या को अपनी तरफ खीच लिया और कमर में हाथ डाल कर सीने से लगा लिया और बीच बीच में दिब्या के स्तनो को दबाने लगा दिब्या ने कोई बिरोध नहीं किया पर हलके से मेरे हाथ को अपने स्तन से हटा देती थी फिर मैं वापस स्तनो को दबाने लगता और मैं किस करने लगा दिब्या के होठो कि जोरदार किस करता और बीच बीच में दिब्या कि जीभ को अपने मुह में रख कर चूसने लगता अब दिब्या भी गर्म पड़ने लगी और अपने हाथ को मेरे कमर में डाल दिया और हलके हाथ से अपनी तरफ खीच लिया मैं समझ गया कि दिब्या को चुदाने का मन पड़ गया मेरे से पर उस समय कमरे में एक हल्का सा बल्ब जल रहा था हल्का सा उजाला था कमरे में मैं चुप चाप दबे पाँव उठा और उस बल्ब को भी बंद कर दिया अब कमरे में पूरा अन्धेरा छा गया
मोबाइल में देखा तो उस समय रात के २ बज रहे थे ,मैं वापस बिस्तर में आ गया और फिर से दिब्या के स्तन को दबाने लगा | पर मैं प्यूरी तरह से अनजान बना हुआ था मेरी नजरो में दिब्या मेरी पत्नी है और ये बात दिब्या भी समझ रही थी कि जीजा जी, जीजी समझ कर ये सब कर रहे है मैं मेरे नाटक में सफल हो रहा था ,मैं दिब्या कि साड़ी को जांघो से ऊपर खिसका दिया और जांघो को सहलाने लगा और धीरे से ब्लाउज और ब्रा का हुक खोल दिया तो स्तन आजाद हो गए तो मैं स्तनो को चूसने लगा

दिब्या अब मस्त गर्म पड़ गई सम्भोग के लिए ओ मेरे लण्ड को हाथ से पकड़ लिया तो मैं दिब्या कि पेंटी को निकालने लगा तो दिब्या ने अपने हाथ से ही पेंटी को निकाल दिया अब मैं दिब्या कि चूत को सहलाने लगा मस्त चिकनी चूत थी एक भी बाल नहीं थे चूत में लगता है ओ मन बनाकर ही आई थी कि जीजा जी का लण्ड लुंगी | दिब्या के मुह से हलके हलके सी अस्स आस्स आ आ उ उउउ उउउ के आवाज आने लगी और मेरे लण्ड को बार बार दबाने लगी तो मेरा ९ इंची लण्ड तड़प उठा चूत का रस पीने के लिए ।

मैं दिब्या कि साड़ी को उतारने के लिए खीचने लगा तो दिब्या ने साडी को हाथ से से मैं समझ गया कि ये साडी नहीं उतरना चाहती है तो मैं पूरी साडी को पेट के ऊपर और पीठ के नीचे खिसका दिया और दिब्या के ऊपर लेट गया और धीरे से अपने लण्ड को दिब्या कि चूत में घुसेड़ने लगा तो दिब्या कि चूत टाइट है मैंने धीरे से दिब्या के कान में नाटक करते हुए कहा कि भब्या [ मेरी पत्नी का नाम भब्या है ] आज टाइट क्यों है तो दिब्या ने कुछ नहीं कहा और मेरे गाल पर किस लेकर जोर से चिपका लिया मैं धीरे धीरे दिब्या कि चूत में लंड घुसेड़ने लगा दिब्य कि चूत सच में टाइट थी जब पूरा लंड को घुसेड़ दिया तो दिब्या मेरे पोड में हाथ लगाकर अपनी तरफ खीचने लगी मैं समझ गया कि ये झटके चाहती है तो मैं धीरे धीरे झटके मारने लगा बिना आवाज किये क्योकि मैं सोच रहा था कि कही मेरी पत्नी व सासु कि नीद नहीं खुल जाए |

मैं मजे से झटके मारते रहा दिब्या बड़े प्यार से मेरे मुह में ओठो में गालो में किस करती रही मैं बीच बीच में दिब्या के बड़े बड़े स्तनो को दबा देता कभी स्तनो को चूसने लगता दिब्या बड़े प्यार से चुदाती रही और दिब्या धीरे धीरे ऊऊऊऊऊआआआआसीएससी आह आह ऊ ऊ आए सी सी सी कि आवाज निकलती रही मैं झटके मरता रहा करीब ८ मिनट तक लगातार झटके खाने के बाद दिब्या सिथिल पड़ गई मैं समझ गया कि ये तो जहर चुकी है तो मैं जल्दी जल्दी झटके मारने लगा तो मैं भी स्खलित हो गया और ढेर सारा वीर्य दिब्या कि चूत में उड़ेल दिया

तो दिब्या जल्दी से उठी और बाथरूम में घुस गई तो मैं भी दबे पाँव पाँव बाथरूम में घुस गया तो देखा कि दिब्या पेसाब कर रही थी दिब्या कि चूत से पेसाब करने कि इस तरह से आवाज निकल रही थी स्सी स्सीस्सीस्सीस्सीस्सी जैसे ही दिब्या ने मुझे देखा तो साड़ी से अपना मुह ढक लिया और फिर पेसाब करके उठ गई तो मैं आस्चर्य भरी निगाह से दिब्या को देखने लगा और बोला कि ओह आप थी ,मैं तो सोचा कि तुम्हारी दीदी है और इतना कहने के बाद मैं दिब्या के मुह से कपड़ा हटा दिया और गाल में एक जोरदार किस किया और बोला कि बहुत मजे देती हो आप तो दिब्या कुछ नहीं बोली और मुस्कुरा कर चली गई मैं भी पेसाब किया व मोबाइल कि घड़ी कि तरफ देखा तो रात के २ बजकर ४५ मिनट हो रहे थे मैं चुपचाप जा कर अलग अलग कम्बल में सो गया दिब्या ने अपने लड़के को बीच में सुला दिया और भी सो गई ,सुबह कब हो गई पता ही नहीं चला जब मेरी पत्नी ने पाँव पकड़ कर हिलाया तो नीद खुली उस समय पर ८ बज रहे थे पत्नी ने झुझलाते हुए बोली कि सोने आये हो या दर्शन करने तो मैं उठा और बैठ गया मेरी पत्नी और सास दोनों नहा कर कम्प्लीट थी…

सासु ने दिब्या को आवाज दिया तो ओ भी उठ गई और चौक कर इधर उधर देखने लगी और कहने लगी कि मैं इस बिस्तर पर कब आई माँ , तो सासु जी ने कहा कि रात में प्रज्वल रो रहा था तब मैंने तुझे यहाँ सोने के लिए कह दिया था तो दिब्या कुछ नहीं बोली और मेरी तरफ देखते हुए हसने लगी और मेरी पत्नी कि तरफ घूम कर बोली कि दीदी आज मैं तुम्हारी जहग आ गई , तो मेरी पत्नी बोली कि चल उठ बाते नहीं बना तैयार हो जा दर्शन नहीं करना है क्या फिर मैं और दिब्या दोनों जल्दी जल्दी तैयार हो गए और ९ बजे मंदिर के लिए निकल लिए और मंदिर में जाकर लाइन में लग गए करीब १० बजे दिब्या के लड़के ने लेट्रीन कर दिया तो दिब्या ने कहा कि अब कैसे दर्शन करू इसने अशुद्ध कर दिया तो मेरी पत्नी ने कहा कि जाओ इसे बाहर से साफ़ करवा लाओ तब मैंने पूछा कि कपड़ा लाइ हो इसका दिब्या तो बोली कि नहीं तो मैं मेरी पत्नी से बोला कि जब दूसरा कपड़ा नहीं है तो क्या करेगे ऐसे ही दर्शन कर लो कोई मूर्ति थोड़े ही छू रही हो तो मेरी पत्नी ने कहा नहीं आप जाओ होटल से फिर से इसके कपडे बदलवा कर लाओ तो मैंने बोला कि बहुत समय लग जयेगा तब तक तुम क्या करोगी तो पत्नी ने कहा कि मैं कई बार आ चुकी हु मम्मी को दर्शन कराकर मैं बाहर मिल जाउगी तब मैंने बोला टीक है और इतना कहकर बाहर निकल गया दिब्या को साथ में लेकर बाहर आने के बाद मैं एक केमिस्ट कि दूकान से वियाग्रा १०० पॉवर कि एक पैकेट और कंडोम खरीद लिया और एक गोली वही केमिस्ट कि दूकान में खा लिया और फिर

cntd………..

The post ससुराल वालों की खातिरदारी appeared first on Antarvasna.

]]>
चाची की जबरदस्त चुदाई https://sexstories.one/desi-chachi-ki-chudai-ki-kahani/ Mon, 18 Oct 2021 06:23:39 +0000 https://sexstories.one/?p=3048 उन्होंने मेरे को देखा उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक आ गयी थी उन्होंने मुझसे कहा की तेरा लंड तो बहुत मस्त है | तेरे चाचा की तो लुल्ली है इसके सामने फिर उन्होंने मेरे लंड को अपने मुहँ में ले लिया और चूसने लगी | वो मेरे लंड को मस्ती से चूस रही थी | मुझे जन्नत का मज़ा मिल रहा था...

The post चाची की जबरदस्त चुदाई appeared first on Antarvasna.

]]>
desi chudai ki kahani, antarvasna आप सभी पाठको को मेरा सादर प्रणाम मेरा मेरा नाम रजत है | मैं जबलपुर का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 26 साल है | मेरी लम्बाई 5 फुट 6 इंच है | आज जो कानी आप के लिए लेकर आया हूँ वो मेरी सच्ची कहानी है | आज मैं अपनी जिन्दगी के सबसे हसीं लम्हे आपको बताने जा रहा हूँ | जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता | आब मैं आप सब को ज्यादा बोर ना करते हुए कहानी पर आता हूँ |

ये उस समय की बात है जब मैं कॉलेज के दुसरे साल में था | उस समय मैं अपने चाचा के घर रुकता था और वही से कॉलेज जाता था | मेरे चाचा एक प्राइवेट कम्पनी में जॉब करते थे और ज्यादातर देर से घर वापस आते थे | मेरी चाची हाउसवाइफ थी और वो घर का सारा काम करती थी | चाची को देखकर लगता था की चाचा उनकी चुदाई सही से नहीं कर पाते थे | उनका फिगर लगभग 34-28-36 होगा | मेरी चाची देखने में बहुत खूबसूरत लगती थी | उनका बदन कसा हुआ था | उनके बूब्स का तो क्या कहना एकदम मुसम्मी की तरह गोल थे |

उनकी शादी के दो साल हो गए थे और अभी तक उनको कोई बच्चा नहीं हुआ था | मैं उनको जब भी नाइटी में देखता था तो मेरा लंड हमेशा फूलने लगता था | मैं अक्सर चाची के मस्त बूब्स को याद करके हस्तमैथुन किया करता था और अपने लंड को शांत करता था |

एक दिन की बात है मैं कॉलेज से घर लौटा तो मैंने बहुत देर दरवाजा खटखटाया पर चाची ने दरवाजा नहीं खोला | मैंने दरवाजे में जर का धक्का मारा तो दरवाजा खुल गया और मैं अन्दर पहुंचा | बाथरूम से पानी गिरने की आवाज आ रही थी | मैं बाथरूम के दरवाजे के पास जाकर खड़ा हो गया और होल से अन्दर देखने लगा | चाची पूरी नंगी होकर नहा रही थी | उनके एकदम सफ़ेद बूब्स बहुत ही मस्त लग रहे थे | वो अपने बूब्स को मसले जा रही थी | मैंने उनकी चूत को देखा उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था | जिसको देखकर मेरा लंड तन गया था |

मेरा मन तो कर रहा था की अभी बाथरूम में घुस जाऊं और चाची की चुदाई करू | पर मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी मैंने बड़ी मुश्किल से खुद को कंट्रोल किया |  मैं वहां से मुड़ कर जा रहा था की पड़ोस में रखे गमले में मेरा हंत लग गया और वो गिर पड़ा | चाची डर गयी उन्होंने जोर से चिल्लाकर पूछा कौन है | मैं तब तक दरवाजे से दूर पहुँच गया था | मैंने कहा चाची मैं रजत | उन्होंने कहा रजत तू आ गया मैंने कही जी चाची | उन्होंने कहा चल बैठ मैं अभी आती हूँ | मैं जाकर सोफे पे बैठ गया |

थोड़ी देर बाद चाची बाहर निकली उन्होंने ब्लू कलर का गाउन पहन रखा था | उन्होंने शायद नीचे ब्रा नहीं पहनी थी जिसके कारण उनके निप्पल्स एक दम साफ़ चमक रहे थे | उनके चलने पर उनके बूब्स ऊपर उछल रहे थे | उनको देखकर मेरा लंड पैंट फाड़ने लगा था | मैं उनके बूब्स को लगातार घूरे जा रहा था | चाची ने मुझे पकड़ कर जोर से हिलाया तब जाकर मैं होश मे आया | उन्होंने मुझसे कहा की कहा खोये हुए हो | मैंने कहा कुछ नहीं चाची मैं कुछ सोंच रहा था | मैंने उनसे कहा की चाचा कहा है | उन्होंने कहा वो तो बस अपने काम में ही लगे रहते है |

Free sexy kahani नौकरानी की बेटी को चोदा

उन्होंने बताया की चाचा 2 दिनों के लिए किसी काम से बाहर गए हुए है | फिर चाची ने हम दोनों के लिए खाना लगाया | हम दोनों ने साथ में बैठ कर खाना खाया | मेरी नजर अब भी उनकी चूचियों पर टिकी हुई थी | मैं बस सोंच रहा था की काश मुझे चाची की चूत मारने का मौका मिल जाए तो मज़ा आ जाये | फिर वो अपने कमरे में चली गयी | मैं भी अपने कमरे में पहुंचा और बाथरूम रूम में जाकर उनके बूब्स को याद करके मुठ मारी तब जाकर मेरा लंड शांत हुआ |

फिर मैं शाम के समय बाहर से घूमकर लौटा तो चाची खाना बना चुकी थी | उन्होंने कहा रजत मैं खाना लगा देती हूँ चलो पहले खाना खा लो फिर कुछ करना | चाची ने खाना लगाया और हम दोनों ने बैठ कर खाना खाया | चाची आज बहुत ही मस्त लग रही थी | उन्होंने इस समय पिंक कलर की नाइटी पहन रखी थी | अब उन्होंने ब्रा भी पहन ली थी शायद उन्होंने दिन में मुझे उनके बूब्स देखते हुए देख लिया था | हम दोनों ने जब खाना ख़तम किया तो चाची मुझसे कहने लगी की रजत आज तुम मेरे कमरे में ही लेट जाओ | मुझे अकेले लेटने में डर लगता है |

मैंने कहा ठीक है अन्दर ही अन्दर मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे | हम दोनों उनके कमरे में जाकर बैठ गए | मैंने टीवी  चालू किया और मूवी देखने लगा | टीवी में हॉलीवुड की फिल्म चल रही थी | चाची भी मेरे पास आकर बैठ गयी और फिल्म देखने लगी | तभी उस फिल्म में एक किसिंग सीन आया तो मैंने जल्दी से चैनल चेंज कर दिया | चाची ने कहा की बदलो क्यों दिया | मैंने कहा बस ऐसे ही उन्होंने मेरे हाँथ से रिमोट ले लिया और वही फिल्म फिर से लगा दी | उस मूवी को देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगा | चाची मेरे बिलकुल करीब में बैठी थी | उनकी नजर मेरे लंड पर गयी तो वो हंसने लगी | वो बोली की मैं अब समझी की तुमने फिल्म चेंज क्यूँ की थी |

वो मुझसे कहने लगी क्या तुमने आज तक सेक्स नहीं किया है मैंने कहा नहीं | उन्होंने कहा बेचारा और मेरे लंड पर अपना हाँथ रखकर सहलाने लगी | मैं समझ गया की चाची आज रात मुझसे क्या चाहती है | उन्होंने मुझसे कहा की तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है मैंने कहा नहीं चाची मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है | उन्होंने मुझसे कहा चल कोई बात नहीं है मैं तुमको आज सब सिखा दूँगी | मैं अन्दर से फूले नहीं समा रहा था | उन्होंने मुझसे कहा चल पैंट उतार मैंने कहा नहीं चाची मुझे शरम आती है | उन्होंने कहा की अच्छा जब तू मुझे बाथरूम में नहाते हुए देकिः रहा था तब तुझे शरम नहीं आई और अब बोलता है की शरम आती है |

उनकी ये बात सुनकर मेरी तो सिट्टी-पिट्टी गम हो गयी | मैंने कहा की वो चाची मैं तो बस ऐसे ही देख रहा था | आप इतनी खूबसूरत है की मेरा मन नहीं माना | उन्होंने कहा चल कोई बात नहीं अब पैंट उतार | फिर उन्होंने मेरी पैंट खोलकर मेरे लंड को हांथों में ले लिया जो की पहले से ही एकदम ताना हुआ था |

उन्होंने मेरे को देखा उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक आ गयी थी उन्होंने मुझसे कहा की तेरा लंड तो बहुत मस्त है | तेरे चाचा की तो लुल्ली है इसके सामने फिर उन्होंने मेरे लंड को अपने मुहँ में ले लिया और चूसने लगी | वो मेरे लंड को मस्ती से चूस रही थी | मुझे जन्नत का मज़ा मिल रहा था | मैं चाची के बूब्स को मसल रहा था | फिर मैंने चाची से कहा की आप अपनी नाइटी उतार दीजिये | उन्होंने अपनी नाइटी उतार दी अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी | उन्होंने मेरे सारे कपडे निकाल दिए और मुझको नंगा कर दिया |

Bangla post আপুকে বাথরুমের দেয়ালে ঠেকিয়ে ডগি স্টাইলে আপুকে চুদতে

मैं उनके ऊपर टूट पड़ा और उनके बूब्स को मसलने लगा | फिर मैंने उनकी ब्रा निकाल दी और उनके निपल्स को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगा | चाची गरम होने लगी थी फिर उन्होंने मुझसे कहा रुको और फिर हम दोनों 69 की पोजीसन में आ गए वो मेरे लंड को चूस रही थी और मैं उनकी चूत को सहला रहा था | उनकी पैंटी गीली हो चुकी थी मैंने उनकी पैंटी निकाल दी और उनकी चूत को चाटने लगा | चाची मेरे लंड को लोलीपॉप की तरह चुसे जा रही थी | मैंने चाची की चूत में अपनी जीभ डाल दी चाची एक दम मचल उठी |

उन्होंने कहा की रजत अब मुझसे नहीं सहा जा रहा है प्लीज अब मुझे मत तडपाओ अपना लंड मेरी चूत में डाल दो |

मैं उठा और चाची की दो टांगो को फैलाया और अपना लंड चाची की चूत पर रगड़ने लगा और चाची को जोर से किस करने लगा | फिर मैंने एक झटका लगाया और मेरा आधा लंड चाची की चूत में घुस गया | चाची के मुहँ से बस आह की आवाज निकली | मैंने धक्के लगाने सुरु किये और चाची को जोर-जोर से चोदने लगा | चाची के मुहँ से आह्ह्ह ओह्ह्ह उम्म्म्म चोदो मुझे रजत और जोर से मारो मेरी चूत फाड़ दो इसे इसको चोदकर इसका भोसडा बना दो अह्ह्ह ओह्ह्ह और जोर से आःह्ह्ह ओह्ह्ह की मादक आवाजे निकल रही थी |

मुझे बहुत मजा आ रहा था इतने दिनों से मैं जिस चूत के सपने देख रहा था आज उसको चोदने का मौका मिल ही गया था | मैंने 20 मिनट तक चाची की जमकर चुदाई की उसके बाद चाची झड गयी | फिर थोड़ी देर बाद मैं भी झड़ने वाला था तो उन्होंने मुझसे चूत में ही झड़ने को कहा और मैंने उनकी पूरी चूत अपने वीर्य से भर दी | वो मुझसे पूरी तरह संतुस्ट थी हम दोनों कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे | उस रात मैंने चाची की 4 बार चूत मारी | चाची बहुत खुश थी |

उस दिन के बाद मैंने उनकी कई बार चुदाई की |

The post चाची की जबरदस्त चुदाई appeared first on Antarvasna.

]]>
चलती ट्रैन में चोदा पूनम को https://sexstories.one/chalti-train-mein-choda-poonam-ko/ Tue, 12 Oct 2021 05:53:42 +0000 https://sexstories.one/?p=4482 मैं पूनम के नज़दीक गया हो उसकी सांसो को महसूस करते हुए उसे किस करने लगा हम दोनों एक दूसरे को अपनी बाहों मै पकड़ कर स्मूच करने लगे। उसने अपना एक पैर मेरे उपर चड़ा लिया। और में अपने एक हाथ से उसके बाल पकड़ कर और दूसरे हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था। और वो मदहोश होती जा रही थी

The post चलती ट्रैन में चोदा पूनम को appeared first on Antarvasna.

]]>
Chalti Train Mein Choda Poonam Ko मेरा नाम राहुल है। मेरा रंग गोरा भूरा कद 5.10 फिट है। मै बहुत सुन्दर हूँ। में दिल्ली का रहने वाला हूँ। ये मेरी पहली कहानी है। मैं एक बार दिल्ली से कानपुर ट्रेन के 1st एसी में सफ़र कर रहा रहा था और जैसा आप को पता ही होगा की 1st एसी मैं एक केबिन होता है। जिसमे चार बर्थ होती है। तो में दिल्ली से ट्रेन में बैठा और मेरे अलावा कोई भी उस ट्रेन के केबिन में नही था।

कुछ समय बाद ट्रेन चल पड़ी और ग़ाज़ियाबाद स्टेशन पर पहली बार रुकी। वहाँ से एक सेक्सी औरत ट्रेन मै चड़ी उसकी उम्र 32 साल की होगी फिगर 38-30-38 होंगे। उसने सफेद और गुलाबी कलर की गहरे गले की कुर्ती पहनी थी।

जिसमे से उसकी ब्रा का रंग साफ झलक रहा था। और गुलाबी कलर की पेंट पहने हुई थी वो अंदर आई और अपना सामान रखा और मेरे पास बैठ गयी और वो मुझसे पूछने लगी की आप अकेले है??

और मैने जवाब दिया जी हाँ मै अकेला हूँ। और फिर हमारी जनरल बातचीत शुरु हो गयी। उसने अपना नाम पूनम बताया । कुछ समय बाद ट्रेन चल पड़ी और हम बैठे बाते कर रहे थे। इतने में उनको बाथरूम जाना था वो खड़ी हो गई। और उसी समय अचानक ट्रेन का झटके से ब्रेक लगा और वो एक दम से मेरे उपर आ गिरी और उसके बूब्स जो की आधे खुले हुए थे मेरे मुहँ पर आकर के चिपक गये। वो मुझसे कहने लगी ऊ..सॉरी सॉरी..

मैने उनसे कहा कोई बात नही मेडम वो हंसी और फिर उठ कर बाथरूम करने चली गयी… जब वो वापस आई फिर इतने समय में टीटी आया उसने हम दोनों की टिकट चेक की मैंने उनसे पूछा टीटी साहब कोई इन दोनों उपर वाली बर्थ पर सवारी नहीं आयेगी क्या? उन्होने कहा शायद जिसकी बर्थ थी वो नही आए रिज़र्वेशन उनका दिल्ली से ही था। और फिर पूनम जी उठी उन्होने केबिन लॉक कर दिया।

कुछ समय बाद वापस लोटी तब वो मेरे पास आकर बैठ गयी। हमारी फिर से बातचीत शुरु हो गयी। लेकिन इस बार थोड़ी खुलकर बातें होने लगी। फिर मैने पूछा पूनम तुम क्या करती हो। उसने कहा की वो किसी ऑफिस में काम करती है। लेकिन मेरी नज़र उसके आधे खुले बूब्स पर थी। वो मुझे देख रही थी की मैं उसके बूब्स को ही देख रहा हूँ। एक दम से उसने पूछा अच्छे लग रहे है क्या?? मैने कहा क्या मतलब?? उसने कहा की जो तुम देख रहे हो मेरे बूब्स।

Mast chodayi kahani दूकान में चोदा सेक्सी भाभी को

मेरे तो एक दम से तोते उड़ गये। मैने कहा सॉरी डियर। असल में कुछ सोच रहा था। मेरी नज़र उधर थी पर ध्यान कही और था। पूनम हँसने लगी और कहने लगी इधर भी ध्यान दे दो यार। मैने कहा अब तो पूरा ध्यान दिमाग़ और नज़र सब उधर ही है। इतने मै वो मेरे पास मै आ कर बैठ गयी और मेरा हाथ पकड़ कर मसलने लगी यारो क्या बताउ वो बहुत सेक्सी होती जा रही थी। फिर हम दोनो आखों में आखें डाल कर एक दूसरे को देख रहे थे। उनकी आँखों में पूरा सेक्स का नशा चड़ा हुआ था।

फिर मैं पूनम के नज़दीक गया हो उसकी सांसो को महसूस करते हुए उसे किस करने लगा हम दोनों एक दूसरे को अपनी बाहों मै पकड़ कर स्मूच करने लगे। उसने अपना एक पैर मेरे उपर चड़ा लिया। और में अपने एक हाथ से उसके बाल पकड़ कर और दूसरे हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था। और वो मदहोश होती जा रही थी। मैने उसके लिप्स पर किस कर डाली। फिर उसके आधे ख़ूले बूब्स के बीच मै अपना फेस डाल कर किस करने लगा। और दूसरा हाथ बालो से हटा कर उसकी कुर्ती के अंदर पीछे से डाल कर उसे नशीली मसाज देते हुए उसकी कुर्ती उतार दी।

यारो वो लाल कलर की ब्रा मै खूब लग रही थी। और मैंने अपना चहरा उसके एक दम मखमली सॉफ्ट बूब्स मै लगाये जा रहा था। उसे और मुझे दोनों को बहुत ही मज़ा आ रहा था। फिर मेने उसकी ब्रा निकाल दी उसके बूब्स बहुत बड़े और गोल थे और मे उसके निप्पल चूसने लगा उसके निप्पल एक दम मुलायम थे। उसने एक दम से मेरा पेंट के उपर से मेरा लंड पकड़ लिया। जो की पूरा बड़ा होकर 8 इंच का हो चुका था। और वो चुदने के लिए फड़ फड़ा रहा थी वो बहुत कामुक हो चुकी थी। पूनम ने जल्दी से मेरी पेंट और अंडरवेर को एक साथ उतार फेका। और वो जुट गयी मेरा लंड चूसने और दोनों हाथो से मेरी गांड दबाते हुए कस कस कर चूस रही थी वो मेरे लंड को।

फिर मैने उसकी टाइट पेंट उतारी तो उसके साथ उसकी पेंटी भी उतर गयी। अब हम दोनों एक दम से एक दूसरे के सामने नंगे थे। अब हम 69 मूड में थे। पूनम मेरे उपर थी और वो मेरा लंड मानो एक दम जंगली बिल्ली की तरह चूस रही थी। लेकिन ये मेरा पहला टाइम था मुझे चूत को चूसने मै परेशानी हो रही थी। फिर भी मैने अपनी दो उंगलिया डालते हुए उसे पूरा मज़ा दिया। मैने पूनम को बर्थ पर लेटाया और अपना लंड उसकी गीली चूत पर रगड़ने लगा। पूनम बोली चोद दो मुझे राहुल चोदो मुझे।

मैने अपना लंड जैसे ही उसकी चूत मै अड़ाया और अंदर डालने लगा मेरा पूरा 8 इंच का लम्बा लंड उसकी चूत मैं फिसलता हुआ समा गया। और उसने चीखते हुए अपने लंबे नाख़ून से मेरी पीठ पर निशान कर दिये। अब मै अपना लंड अंदर बाहर कर के उसे चोद रहा था वो मेरे चेहरे को अपनी चुचियो मै दबाते हुए चोदो राहुल……आआहह कह रही थी।

अब मैने पूनम से कहाँ पूनम तुम ऊपर आओ। मैं बर्थ पर लेट गया और पूनम मेरी जाँघो पर बैठ कर मेरा लंड अपनी चूत मै रगड़ रही थी। और चुदाई कर रही थी। फिर उसने लंड अंदर डाल कर धीरे धीरे चुदाई चालू कर दी। और मै एक हाथ से उसकी चूचीयों को दबा रहा था। और दूसरे हाथ की उंगली उसके गांड के छेद मै डालने की कोशिश कर रहा था। फिर अपनी उंगली को उसकी चूत के पानी से गीला कर के उसकी गांड मै डालने लगा। तभी वो बहुत जोर से चिल्लाई राहुल मत करो दर्द हो रहा है। और वो अपनी गांड उठा उठा कर चूत चुदाई कर रही थी। मैने कहा पूनम मुझे तुम्हारी गांड मारनी है।

पहले तो उसने मना करा फिर समझाने पर मान गयी। मैने उसको कुतिया की तरह स्टाईल मै करने को कहाँ वो गांड उठा कर ज़मीन पर घुटनो के बल झुक कर बैठ गयी। मैने अपनी अटेची से सिर मै लगाने वाला तेल निकाला। और बहुत सारा तेल अपने लंड पर और उसकी गांड के छेद पर लगाया। और धीरे से उसकी गांड पर लंड टिकाया। और एक ज़ोर का झटका मारा मेरा थोड़ा सा लंड अंदर गया और वो चीख पड़ी और कहने लगी प्लीज छोड दो मुझे बहुत दर्द हो रहा है।
थोड़ा समय ठहर कर फिर दूसरा झटका मारा लगभग आधा लंड अंदर गया। उसे बहुत दर्द हो रहा था। थोड़ी देर मैं बिना हिले ही लेटा रहा। उसे कुछ आराम मिला तो आधा ही लंड अंदर बाहर करने लगा। उसे अब मज़ा आने लगा था। वो चुदाई करने में मेरा पूरा साथ दे रही थी। फिर मैने तीसरा ज़ोर का झटका मारा थोड़ा लंड और अंदर गया। अब उसे बहुत मज़ा आने लगा था।

अब मेंरा काम होने वाला था। मेने उसे पूछा वीर्य कहाँ निकालूं। पूनम ने कहाँ की में उसे पीउंगी मैने लंड बाहर निकाला और उसके मुह में दे दिया। और वो अपने हाथो से लंड को पकड़ कर चाटने लगी। मेरा वीर्य निकलने लगा मुझे झटके लगने लगे। उसने पूरा वीर्य मुहँ में भर लिया। और कहने लगी बहुत नमकीन नमकीन है।

फिर सब कुछ साफ कर के हमने अपने कपड़े पहने और एक ही बर्थ पर एक साथ लेट गये फिर रात मै करीब 3:00 बजे हमने दोबारा एक बार से चुदाई की और हम सो गये। सुबह उठ कर पूनम ने पूछा की राहुल तुम करते क्या हो?? मैने कहा में एक स्टूडेंट हूँ। वो मुझे घूर कर शैतानी नज़र से देखने लगी और कहने लगी तुमने बहुत कुछ कर दिया लेकिन अपना चार्ज नही बताया। मैने कहाँ मेडम मैं बहुत खुश हो कर अपना पेमेंट नहीं लेता हूँ।

उसने बताया की उसके पति हमेशा एक ही स्टाइल मै और कई महीने मै 3 या 4 बार ही चोदते है। और उनका लंड भी केवल लगभग 5 इंच का ही है। बिल्कुल मज़ा नही आता पर आज तो तुमने मुझे पूरी तरहा से बहुत मज़ा दिया है। फिर उसने अपने पर्स से मुझे 1000 रू निकाल कर दिए और मेरा सेल नंबर लिया और कहने लगी की अगर दिल्ली या कही भी बुलाउंगी तो तुम आओगे। मैने कहा हाँ मेडम किसी भी समय। और वो चली गयी अब में हर समय उसी को सोचता रहता हूँ। उस दिन के बाद हम लोग कई बार चुदाई का काम कर चुके है।

उसको चोदने में बहुत मज़ा आता है और वो भी बहुत मज़े से चुदवाती है।

The post चलती ट्रैन में चोदा पूनम को appeared first on Antarvasna.

]]>