indiansexstories Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/indiansexstories/ Hindipornstories.org Mon, 24 Jan 2022 07:11:12 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 रेशमा की काली चूत https://sexstories.one/reshma-ki-jawani-kaali-choot/ Mon, 24 Jan 2022 07:11:12 +0000 https://sexstories.one/?p=5119 थोड़ी देर हम दोनों लिपट कर बातें करने लगे , रेशमा बोलने लगी कि अब तो हर रात उसे मेरे साथ रंगीन करनी है , और वह मेरी रंडी बनकर मेरे साथ चुदती रहेगी , रेशमा के ऊपर लेटते हुए उसकी बातें सुनकर लन्ड फिर से खड़ा हो गया...

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Reshma ki Jawani aur Kaali Choot – नमस्कार मेरे चूत के दीवानों और लंड की मस्तानियों! मेरा नाम विशाल शर्मा है और मैं एक 28 साल का नौजवान लड़का हुँ , मैं जयपुर में रहता हुँ , ये कहानी मेरी और एक जवान लड़की रेशमा के बीच की अद्भुत सेक्स कहानी है जिसने मेरी जिंदगी को बदलकर रख दिया , रेशमा मेरे पड़ोसी अंकल की बहु है जो 30 साल की है और जिसकी शादी जैद से हो गयी थी , मेरी कहानी शुरू करने से पहले उसके कामुक बदन की सैर कर लीजिए..

रेशमा करीब 5 फुट 5 इंच की भरे पूरे गदराए बदन की मालकिन है , जिसका फिगर देख कर ही लंड पागल होकर फड़कने लग जाता है , रेशमा 36-32-38 फिगर की मालकिन है , और एक बात जो रेशमा को सबसे खास बनाती है वो है उसका काला रंग , इस बारे में हम आगे जानने वाले हैं, रेशमा की शादी 18 साल की उम्र में ही जैद से ही चुकी थी , जैद शादी के 1 महीने बाद ही दुबई में नौकरी करने चला गया था , जैद कभी कभी साल में 1 , 2 बार घर आता है लेकिन जब भी आता है रेशमा को चोद चोदकर बुरा हाल करके ही जाता ..

यह मुझे तब पता चला जब एक बार मैंने गलती से छत पर उन्हें चुदाई करते देख लिया था, लेकिन रेशमा फिर भी जैद से खुश नही थी , इसका कारण था जैद का दुबई से मोहब्बत करना , असल मे जैद घर पर बहुत कम रुकता था यहां तक कि दुबई से इंडिया आने के बाद भी वो घर न आकर जगह जगह घूमता रहता था इसके पीछे का राज उसकी हवस थी , जिसके बारे में मुझे बाद में पता चला , यूं तो रेशमा का फिगर किसी भी लंड की पिचकारी निकालने के लिए काफी है लेकिन जैद रेशमा को पसंद नही करता था क्यों कि रेशमा देखने मे खूबसूरत नही थी…

इसके बावजूद भी रेशमा की चूत के पीछे कई लोग पागल थे , अब थोड़ा मेरे बारे आप को बता दूं , मैं जयपुर में एक फ्रीलेन्सर हु और अच्छी खासी कमाई हो जाती है साथ ही मेरे पास खाली समय भी रहता है जिसमे मुझे तरह तरह की लड़कियों की चूत मारने का समय मिल जाता है कभी टिंडर से तो कभी किसी मस्त चिकनी लड़की को पटाकर उसकी चूत का भोसड़ा बनाने का मौका मिल जाता है लेकिन रेशमा के फिगर को देखकर कई बार उसके नाम की मुठ मारकर लन्ड की हालत खराब कर दी…

असल मे मुझे ऐसी लड़कियां काफि पसंद आती है जो देखने मे बदसूरत लगे लेकिन उनके फिगर को देखकर किसी का भी पानी निकल जाए साथ ही काली चूत का मैं हमेशा से दीवाना रहा हु , न जाने गोरी चूत से ज्यादा काली चूत चोदने में मुझे ज्यादा मजा क्यों आता है खैर….! रेशमा अधिकतर घर के काम काज में व्यस्त रहती थी इसलिए मुझे कभी उस से अकेले में बात करने का मौका नही मिला नही तो मैं उसे कब का अपनी जान बनाकर चूत की धज्जियां उड़ा देता , पर संयोग से एक दिन रेशमा छत पर घूम रही थी ,छत पर वह बुर्का लगाकर रहती है कसम से बुर्के में उसे देखकर लन्ड अचानक पेंट से बाहर निकलने के लिए तड़प उठता लेकिन जैसे तैसे मैने खुद को संभाला और रेशमा के गदराए बदन पर अपनी हवस भारी नजर डाली , मैं बेशर्म होकर उसे देख रहा था और रेशमा भी मुझे देख रही थी ।

हमारी छत एक दूसरे के पास थी इसलिए वह मुझसे ज्यादा दूर नही थी , जब वह कपड़े सुखाते सुखाते मेरी तरफ आयी तब मैंने कहा

और भाभी आप तो पहली बार दिखाई दिए हो मुझे तो पता ही नही था इस घर मे कोई लड़की रहती भी है या नही ( रेशमा से एक दो बार उसके की मौजूदगी में मेरा परिचय हो रखा था )

रेशमा – शर्माते हुए , क्या करे काम काज बहुत रहता है

मैं बोला – और भाभी जैद भैया कब आने वाले है उनके बिना आप अकेले कैसे रह लेती हो

रेशमा -अब क्या बताऊँ वो तो साल में एक दो बार ही दर्शन देते हैं बाकी समय तो मैं मन मसोस कर……

मैं – ओह्ह यह तो बड़ी परेशानी है शादी के 10 साल से ज्यादा हो गए फिर तो आप जैद भैया के साथ ज्यादा देर तक राह नही पाए , दुबई जाने से पहले के दिन तो आपके लिए यादगार होंगे

रेशमा – कौनसे दिन , आपके भैया तो मुझे बिल्कुल पसंद नही करते , उन्हें मेरी शक्ल बिल्कुल पसंद नही , बस शरीर को ही नोच….. (इतना कहते ही रेशमा भाभी रुक गयी क्यों कि जैद का ठरकी बाप ऊपर आ चुका था । में भी सोचने लगा असली point की बात आते ही ये मादरचोद कबाब में हड्डी बनके आ गया अब भाभी नीचे चली गयी और मैं उस ठरकी अंकल से politics को लेकर बकचोदी करने लग गया )

इसके बाद रेशमा भाभी कई बार छत पर आने जाने लगी और हमारी नॉर्मल बातें होती रही , बीच बीच में मैं रेशमा भाभी की दुखती रग पर हाथ रख देता जिस से उनकी उत्तेजना बढ़ जाती , वो समझ चुकी थी कि मैं बार बार उनकी सेक्स life के बारे में indirectly क्यों जिक्र करता हूँ )

एक दिन मैंने पूछ लिया भाभी आप उस दिन क्या कह रही थी , जो कहते कहते रुक गयी ।

तब रेशमा भाभी ने मुझे बताया कि वो जैद से बहुत परेशान है , न तो वो उसे पसंद करता है , न उससे प्यार से सेक्स करता है , शादी उसने जबरदस्ती ही कि थी क्यों कि वो दिखने में काफी बदसूरत है और रेशमा भी गरीब परिवार से थी , सो दोनों तरफ से जबरदस्ती शादी हुई ,जैद को रेशमा की शक्ल बिल्कुल पसंद नही थी , न जाने उसे करीना कपूर जैसी सुंदर और गोरी लड़की क्यों चाहिए थी जबकि खुद दिखने में राजपाल यादव जैसा था और 8 वी फैल पर सपने बड़े बड़े

भाभी ने यह भी बताया कि शुरुआत में कुछ समय तक तो औरत का भूखा जैद उनसे मजे लेकर सेक्स करता था लेकिन 1 महीने बाद जब वो दुबई गया और एक साल बाद वापस आया तो वह उनसे मार पिटाई करके wild सेक्स करता था , जो रेशमा को पसंद नही आता था और जैद साल में 1,2 बार ही घर आता था , जिससे रेशमा की फुदकती चूत की आग बढ़ती ही जा रही थी ।

रेशमा भाभी ने बताया कि जैद दुबई में रहकर अच्छे पैसे कमाकर रंडियों के साथ चुदाई करता था उसने कई गोरी चिट्टी लड़कियों को पटा रखा था साथ ही जब इंडिया में आता तो यहां भी रंडियों के पास ही रात गुजरता , वह अपने ज्यादा पैसे इसी अय्यासी में उड़ा देता था , कभी बेंगलोर कंही पुणे जाकर होटल में किसी सुंदर रांड को बुलाकर उसके साथ हमबिस्तर होता था ।

ये वजह थी कि रेशमा की सेक्स life बिल्कुल सुनी थी ।

मैंने पूछा भाभी आपको ये सब कैसे पता चला ?

तब भाभी ने कहा ये हरामी खुद ही मुझे ये सब बताता है ताकि मैं परेशान हो जाउ और कहता है कि तू बिल्कुल सुंदर नही मैं तो सुंदर लड़कियों के ही मजे लेता रहूंगा , पैसे दे देकर

खैर….. मैने बात बदलते हुए कहा

छोड़ो भाभी , आपका पति तो आपको संतुष्ट नही कर सकता लेकिन आपकी जवानी अभी काफी बाकी है इस से अच्छा आपको भी कोई और रास्ता खोजना चाहिये ।

भाभी बोली – क्या मतलब ?

मैंने कहा – क्या आप खुद को कंट्रोल कर पाते हो सेक्स के लिए

तो भाभी ने कहा – बिना सेक्स के मेरी हालत खराब हो जाती है लेकिन जैसे तैसे करके मुझे कंट्रोल करने ही पड़ेगा अब क्या करू आपके पास कोई रास्ता ह क्या ? (भाभी और मैं एक दूसरे को हवस भरी नजरों से देख रहे थे )
मैंने जानबूझकर कहा – आपको तो अब अपनी उंगली से ही काम चलाना पड़ेगा अब यही रास्ता बचा है

तो भाभी बोली – उंगली से ही तो 10 साल निकाल दिये, मैने तो सोचा आप कोई मर्दों वाली बात करोगे

तो मैंने कहा – मेरी मर्दानगी आपकी चीखें निकाल सकती

रेशमा ने कहा – अब चाहे कितनी चीखें निकले मुझे परवाह नही

यह सुनकर मै अपनी छत से उनकी छत पर गया और जैसे ही रेशमा भाभी के पास गया तो वो दूर हट गई

तो मैंने कहा – लगता है आपकी भी गांड में दम नही

रेशमा भाभी – ने शर्म लाज छोड़कर अपना पल्लू गिराके मेरे लंड की तरफ देखकर अपने होठों को काटते हुए मेरे पास बढ़ी

मैने लपक कर भाभी को अपनी बाहों में भर लिया और उसके मोटे मोटे होटों पर अपने होंठ रख कर बेतहासा चूमने लगा , होंठ चूमते हुए मेरा एक हाथ भाभी की पीठ को सहला रहा था तो एक हाथ उसकी मोटी गांड को दबा रहा था
5 मिनट तक रेशमा के काले होंठो रस पीने के बाद हम एक बार के लिए एक दूसरे से अलग हुए

रेशमा बोली चलो कमरे में चलते है

रेशमा ने छत का दरवाजा बंद कर दिए और मैं उसे अपनी गोदी में उठाकर कमरे में ले गया , और कमरे में ले जाकर मैने उसे बिस्तर पर पटक कर गिरा दिया

उसका पल्लू गिर चुका था , उसके मोटे मोटे boobs बाहर आने को बेताब थे ।

उसके चेहरे पर सालों की प्यास आसानी से दिखाई दे रही थी और मेरा लन्ड भी एक काली चूत की गहराइयो में जाने को बेताब हो रहा था ।

मैं रेशमा के ऊपर टूट पड़ा

फिर से उसके होंठों को चूमते हुए एक हाथ उसके मोटे मोटे काले काले मम्मों को ब्लाउज के ऊपर से दबा रहा था और दूसरे हाथ उसके सर को कस के पकड़ कर उसके होठों को मैं खा रहा था ।

बेतहासा चूमते हुए मैंने रेशमा को लिटाते हुए अपना हाथ उसकी साड़ी ऊपर करके उसकी चूत के ऊपर ले गया और मेरा हाथ उसकी चूत को चड्डी के ऊपर से मसलने लगा , रेशमा की चूत पानी छोड़ने लगी ।

रेशमा को लगातार kiss करते हुए मेरा हाथ उसकी चूत की गहराई में जाने को तड़प रहा था और वहीं रेशमा ने अपने हाथ से मेरे लन्ड को कच्छे के ऊपर से मसलना शुरू कर दिया ।

10 मिनिट तक उसके होंठों को चूसने के बाद रेशमा ने मेरी पेंट की जिप खोली और मेरे लौड़े को बाहर निकाल कर आजाद कर दिया ।

2 सेकेंड़ के लिए मेरे uncut लौड़े को देखकर उसने अपनी लार टपकाते हुए लौड़े पर एक प्यासी नजर से देखा और तपाक से पूरे लौड़े को मुंह मे ले लिया

मेरा लन्ड रेशमा के होंठो की गिरफ्त में आ चुका था , रेशमा किसी लॉलीपॉप की तरह लंड को मस्त चुन्स रही थी ।

सालों से प्यासी रेशमा लन्ड पर ऐसे टूट पड़ी जैसे प्यासा पानी पर टूट पड़े ।

किसी पोर्नस्टार की तरह मस्ती से आह आह उम्म उम्म करते हुए रेशमा मेरे लन्द को बेतहासा आगे पीछे करते हुए चुन्स रही थी

में जन्नत की सैर कर रहा था

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5 मिनिट तक लौड़े की बेतहासा चुसाई के बाद मैंने रेशमा को पकड़ कर लिटा दिया और एक एक करके उसके सारे कपड़े खोल दिए

रेशमा को नंगी बदनं के साथ कोई एक बार देख ले तो उस से सुंदर दुनिया मे कोई औरत नही लग सकती

रेशमा के मोटे मोटे पहाड़नुमा मम्मे देखकर मैं पागल हो गया

उसके nipples काफी लंबे थे यह देख मेरा लन्ड फड़क उठा

नीचे देखते ही लंड हिलोरे मारने लगा , रेशमा की काली चूत उसकी भूरी झांटो के पीछे छिपी हुई शर्मा रही थी ।

अब मुझसे रहा नही गया

मैम रेशमा की चूत पर टूट पड़ा

69 पोज़िशन मैं और रेशमा नंगे होकर एक दूसरे के अंग को चुन्स रहे थे ।

एक तरफ मैं रेशमा की काली चूत को बेतहासा चूँस चूँस कर चूत को गीला करता जा रहा था वहीं रेशमा उतने ही जोश से मेरे लन्ड की भयंकर चुदायी कर रही थी ।

रेशमा कभी तो लन्ड के टोपी को जीभ से चारो तरफ घुमा कर चुंसती तो कभी पूरा लन्ड आगे पीछे कर मुंह मे अंदर तक लौड़े को सैर करवाती ।

वहीं मैं रेशमा की चूत के अंदर जीभ डाल डाल कर जीभ से उसे चोदते हुए चूत रस पान कर रहा था ।

रेशमा मेरे लौड़े को अपने गले के अंदर तक उतार उतार कर अपनी मुंह की चुदायी करने लगी

अब लंड जवाब देने लगा ,

रेशमा के गले मे उतरते हुए लन्ड ने पिचकारी छोड़ दी और रेशमा ने पूरा माल सीधे गले मे ही गटक लिया

इधर रेशमा भी कुछ देर बाद चूत चुसाई से अपने रस छोड़ने लगी ।

अब थोड़ी देर हम दोनों लिपट कर बातें करने लगे , रेशमा बोलने लगी कि अब तो हर रात उसे मेरे साथ रंगीन करनी है , और वह मेरी रंडी बनकर मेरे साथ चुदती रहेगी , रेशमा के ऊपर लेटते हुए उसकी बातें सुनकर लन्ड फिर से खड़ा हो गया
इस बार मैंने ज्यादा समय न गवांकर रेशमा को तुरंत उल्टा किया और उसके बाल खींचते हुए गांड की तरफ अपना लन्ड उसकी चूत में डाल दिया

और रेशमा के बालों को खींचते हुए उसे पीछे से चोदने लगा

रेशमा जोर जोर से बोलने लगी

हाय अल्लाह मेरी चूत का भोसड़ा बना दे

चोद साले चोद बहनचोद अपनी रंडी को

चोद मेरी काली चूत को

बुझा दे मेरी बरसो की प्यास

इधर में उसकी गंदी बातें सुनते हुए उसकी चूत में धक्के पेल रहा था , रेशमा की काली चूत में मैं आसानी से पेलम पेलाई कर रहा था और उसे गालियां देकर अपनी रंडी बनाकर चोद रहा था ।

उसके मुंह को घुमाकर उसके होंठों को चुंस्ते हुए उसकी चूत का भोसड़ा बनाने लगा ।

रेशमा जोर जोर से चुदने लगी

अब रेशमा मेरे ऊपर बैठकर cowgirl पोजिशन में आ चुकी थी और तूफान एक्सप्रेस की drive करने लगी और अपनी चूत को आगे पीछे करके चुदवाने लगी

क्यों साली तेरा पति तेरी चूत नही चोदता क्या

बहन की लौडी

ले ले मेरा लौडा

गालियां दी देकर उसकी चूत का बाजा मैं बजाता रहा रेशमा भी जोश में गंदी बाते बोलकर चुदवा रही थी

साले हरामी मादरचोद

मेरी काली चूत का भोसड़ा बना

मेरा पति नामर्द है बहुत दिन बाद एक मर्द हाथ लगा तेरे लन्ड को पूरा निचोड़कर कर ही मानूँगी

मार मेरी छिनाल चूत को , फाड़ दे इस काली रंडी को

अब मैंने उसे फिर से उल्टा लिटाकर उसकी चूत बजानी शुरू कर दी इसी बीच मैनी अचानक अपना लंड चूत से निकालकर उसकी गांड में डालने लगा

रेशमा की गांड के छेद ने मेरे लौड़े को आसानी से अपने अंदर ले लिया मानो रेशमा को इसी का इंतजार था

मैने सोचा – जरूर रेशमा ने अपनी गांड कई लोगो से मरवाई होगी वर्ना बिना थूंक लगाए इतनी आसानी लौडा अंदर नही जा सकता था

जरूर रेशमा ने अपने मर्द के गैर मौजूदगी में कई लौंडों से अपनी प्यास बुझाई होगी

ये सोचकर मैं लगातार उसकी गांड फाड़कर चोदने लगा

रेशमा बोली चोद भोसडीके चोद

फाड़ दे मेरी काली गांड को

मैं रेशमा की मोटी 38 इंच की गांड को मस्ती से चोदने लगा

करीब 15 मिनिट बाद मैं रेशमा की गांड में ही झड़ गया ।

अब रेशमा और मैं एक दूसरे से लिपटकर बतियाने लगे कि अचानक उसकी ठरकी ससुर ने उसे नीचे से आवाज लगाई इसलिए उसे जाना लेकिन रात में 8 बजे रेशमा फिर से ऊपर और फिर करीब 1 घण्टे फिर से मैंने रेशमा की चूत और गाँड़ के मजे लिए ।

इस तरह पिछले 2 साल से रेशमा और मैं चूत लंड की मस्त दुनिया मे घूम रहे हैं । रेशमा के साथ मैने आगे और क्या क्या गुल खिलाये कैसे रेशमा के नए राज खुले , किसे उसकी बहन और सहेलियों को मैंने पटाकर उनकी चूत ली यह बताऊंगा मैं आपको अगले हिस्से तो दोस्तो इस कहानी पर अपना प्यार जरूर बरसाए और मुझे जरूर बताएं कि आपको ये कहानी कैसी लगी मेरी mail id पर मुझे प्रतिक्रिया जरूर दें ताकि मैं जल्द से जल्द दूसरा भाग आपके लिए ला सकूं ।

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मां का प्यार https://sexstories.one/maa-ka-sexy-pyar/ Fri, 31 Dec 2021 07:32:23 +0000 https://sexstories.one/?p=3512 तभी मेरे मन मे माँ की सुबह वाली बात चेक करने का विचार आया और मैने अपनी लुंगी का सामने वाला हिस्सा थोडा खोल दिया जिस से मेरा लंड खड़ा होकर बाहर निकल गया और अपने हाथो को अपनी आँखो पर...

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Maa Ka Pyar – मेरे घर मे में, मेरी माँ, मेरी पत्नी और मेरी बहन है, मेरी बहन की शादी हो चुकी है और वो अपने ससुराल मे रहती है। में अपनी माँ और पत्नी के साथ यहाँ कोलकाता मे रहता हूँ, हम लोग बनारस (उ.प.) से यहाँ बचपन मे ही आ गये थे और यही बस गये. मेरी उम्र 28 साल की है और मेरी पत्नी 24 की है. मेरी सास और मेरी साली अभी भी बनारस के पास एक गांव मे रहते है. और साल मे 2-3 महीने हमारे यहाँ आते है. सच पूछो तो मेरा घर एक स्वर्ग है, जहाँ किसी भी तरह की कोई मना नही, में आपको शुरू से ही ये सारी बातें बताता हूँ।

यह बात मेरे बचपन की है, घर पर मेरी माँ, मेरी दीदी और में सब साथ रहते थे, मेरी उम्र करीब 18-19 के आस पास थी. मेरी लंबाई 5’7” की है. मेरी दीदी की उम्र 18 साल हे, उसकी स्पोर्ट्स मे रूचि थी और वो स्टेडियम जाती थी. मेरी माँ टीचर है, उसकी उम्र 37-38 की होगी, मगर देखने मे किसी भी हालत मे 31-32 से ज्यादा की नही लगती थी. माँ और दीदी एकदम गोरे है. माँ मोटी तो नही लेकिन भरे शरीर वाली थी और कुल्हे उनके चलने पर हिलते थे. उनकी शादी बहुत जल्दी हो गयी थी, मेरी माँ बहुत सुंदर और हँसमुख है।

वो जिंदगी का हर मज़ा लेने मे विश्वास रखती है, हालाकि वो सबसे ओपन नहीं होती है पर मैने उसे कभी किसी बात पर गुस्सा होते हुए नही देखा. ये बात उस समय की जब मैं 9th मे था और हर चीज के बारे मे मेरी इच्छा बढ़ रही थी स्पेशली सेक्स के बारे मे. मेरे स्कूल के दोस्त अक्सर लड़की पटा कर मस्त रहते थे उन्ही मे से दो तीन दोस्तो ने अपने परिवार के साथ सेक्स की बाते भी बताई तो मुझे बड़ा अज़ीब लगा. मैने माँ को कभी उस नज़र से नही देखा था पर इन सब की बातों को सुन-सुन कर मेरे मन मे भी इच्छा बढ़ने लगी और मै अपनी माँ को ध्यान से देखने लगा, चूँकि गर्मियों की छुट्टियाँ चल रही थी और में हमेशा घर पर ही रहता था।

घर मे, में माँ के साथ ही सोता था और दीदी अपने कमरे मे सोती थी, माँ मुझे बहुत प्यार करती थी, माँ, दीदी और में आपस मे थोड़ा खुले हुए थे, हालाकि सेक्स करने की कोई बात तो नही हुई थी पर माँ कभी किसी चीज का बुरा नही मानती थी और बड़े प्यार से मुझे और दीदी को कोई भी बात समझाती थी, कई बार अक्सर उत्तेजना की वजह से जब मेरा लंड खड़ा हो जाता था और माँ की नज़र उस पर पड़ती तो मुझे देख कर धीरे से मुस्कुरा देती और मेरे लंड की तरफ इशारा करके पूछती कोई परेशानी तो नही है, में कहता “नही” तो वो कहती कोई बात नही… तो में भी मुस्कुरा देता, वो खुद कभी-कभी हम दोनो के सामने बिना शर्माये एक पैर बेड पर रख कर साड़ी थोड़ा उठा देती और अन्दर हाथ डालकर अपनी चूत खुजलाने लगती, नहाते समय या हमारे सामने कपड़े बदलते वक़्त अगर उसका नंगा बदन दिखाई दे रहा हो तो भी कभी भी शरीर को ढकने या छुपाने की ज़्यादा कोशिश नही की, ऐसा नही था की वो जान बुझ कर दिखाने की कोशिश करती हो, क्यों की इन सब के बाद भी मैने उसकी या दीदी की नंगी चूत नही देखी थी, बस वो हमेशा हमे नॉर्मल रहने को कहती और खुद भी वैसे ही रहती थी।

धीरे धीरे में माँ के और करीब आने की कोशिश करने लगा, और हिम्मत कर के माँ से उस वक़्त पास आने की कोशिश करता जब मेरा लंड खड़ा होता, मेरा खड़ा लंड कई बार माँ के बदन से टच होता पर माँ कुछ नही बोलती थी. इसी तरह एक बार माँ किचन मे काम कर रही थी और माँ की हिलते हुए कुल्ले देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. मैने अपनी किस्मत आज़माने की सोची और भूख लगने का बहाना करते हुए किचन मे पहुँच गया, और माँ से बोला “माँ भूख लगी है कुछ खाने को दो.. ” और ये कहते हुए माँ से पीछे से चिपक गया, मेरा लंड उस समय पूरा खड़ा था और मैने अपनी कमर पूरी तरह माँ के कुल्हे से सटा रखी थी जिसके कारण मेरा लंड माँ के कुल्हो के बीच तोडा सा घुस गया था. माँ हंसते हुए बोली “क्या बात है आज तो मेरे बच्चे को बहुत भूख लगी है..” “हां माँ, बहुत ज्यादा, जल्दी से मुझे कुछ दो..” और मैने माँ को और ज़ोर से पीछे से पकड़ लिया और उनके पेट पर अपने हाथो को कस कर दबा दिया, कस कर दबाने की वज़ह से माँ ने अपने कुल्ले थोड़े पीछे किये जिससे मेरा लंड थोडा और माँ के कुल्हे के बीच मे घुस गया, उत्तेजना की वज़ह से मेरा लंड झटके लेने लगा पर में वैसे ही चिपका रहा और माँ ने हंसते हुए मेरी तरफ देखा पर बोली कुछ नही।

फिर माँ ने जल्दी से मेरा खाना लगाया और थाली हाथ मे लेकर बरामदे मे आ गई, में भी उसके पीछे पीछे आ गया, खाना खाते हुए मैने देखा तो माँ मुझे और मेरे लंड को देख कर धीरे धीरे हंस रही थी, जब मैने खाना खा लिया तो माँ बोली की अब तू जाकर आराम कर में काम कर के आती हूँ… पर मुझे आराम कहा था में तो कमरे मे आकर आगे का प्लान बनाने लगा की कैसे माँ को चोदा जाए. क्योंकि आज की घटना के बाद मुझे पूरा विश्वास था की अगर में कुछ करता भी हूँ तो माँ अगर मेरा साथ नही देगी तो भी कम से कम नाराज़ नही होगी, फिर ये ही हरकत मैने 5-6 बार की और माँ कुछ नही बोली तो मेरी हिम्मत बढ़ी।

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एक रात खाना खाने के बाद में कमरे मे आकर लाइट ऑफ कर के सोने का नाटक करने लगा, थोड़ी देर बाद माँ आई और मुझे सोता हुआ देख कर थोड़ी देर कमरे मे कपड़े और समान ठीक किया और फिर मेरे बगल मे आकर सो गई, करीब एक घंटे के बाद जब मुझे विश्वाश हो गया की माँ अब सो गयी होगी तो मै धीरे से माँ के ऊपर सरक गया और धीमे धीमे अपना हाथ माँ के कुल्हो पर रख कर माँ को देखा जब माँ ने कोई हरकत नही की तो में उनके कुल्हो को सहलाने लगा और उनकी साड़ी के ऊपर से ही दोनो कुल्हो और गांड को हाथ से धीमे धीमे दबाने लगा।

जब उसके बाद भी माँ ने कोई हरकत नही की तो मेरी हिम्मत थोड़ी और बढ़ी और मैने माँ की साड़ी को हल्के हल्के ऊपर खिचना शुरु किया, ऊपर करते करते जब साड़ी कुल्हो तक पहुँच गई तो मैने अपना हाथ माँ की कुल्हो और गांड के ऊपर रख कर थोड़ी देर माँ को देखने लगा, पर माँ ने कोई हरकत नही की, फिर में अपना हाथ उनकी गांड के छेड़ से धीरे धीरे आगे की और करने लगा, पर माँ की दोनो जांगे आपस मे सटी हुई थी जिससे में उन्हे खोल नही पा रहा था. फिर मैने अपनी दो उंगलिया आगे की और बड़ाई तो मेरी सास ही रुक गई. मेरी उंगलिया माँ की चूत के ऊपर पहुँच गई थी।

फिर मैने धीरे धीरे अपनी उंगलियो से माँ की चूत सहलाने लगा, माँ की चूत पर बाल महसूस हो रहे थे, चूँकि मेरे लंड पर भी झांटे थी तो में समझ गया की ये माँ की झांटे है, इतनी हरकत के बाद भी माँ कुछ नही कर रही थी तो मैने धीरे से अपनी पूरी हथेली माँ के चूत पर रख दी और चूत के दोनो होंठो को एक एक कर के छूने लगा, तभी मुझे महसूस हुआ की माँ की चूत से कुछ मुलायम सा चमड़े का टुकड़ा लटक रहा है।

जब मैने उसे हल्के से खींचा तो पता चला की वो माँ की चूत की पूरी लंबाई के बराबर चूत यानी ऊपर से नीचे तक की लंबाई मे बाहर की तरफ निकला हुआ था और जबरदस्त मुलायम था।

उस समय मेरा लंड इतना टाइट हो गया था की लगा जैसे फट जाएगा, में धीरे से उठ कर बैठ गया और अपनी शर्ट उतार कर लंड को माँ के कुल्हे से सटाने की कोशिश करने लगा पर कर नही पाया तो में एक हाथ से माँ की चूत मे उंगली डाल कर बाहर निकले चमड़े को सहलाता रहा और दूसरे हाथ से मुठ मारने लगा. 2-3 मिनट मे ही मैं झर गया पर जब तक में अपना जूस रोक पाता वो माँ के कुल्हो पर पूरा गिर चूका था, ये देख कर में बहुत डर गया और चुपचाप शर्ट पहन कर माँ को वैसा ही छोड़ कर सो गया. सुबह जब में उठा तो देखा की माँ रोज की तरह अपना काम कर रही थी और दीदी हाकी की प्रेक्टीस जो सुबह 6 बजे ही शुरू हो जाती थी, जा चुकी थी में डरते डरते बाथरूम की तरफ जाने लगा तो माँ ने कहा आज चाय नही मांगी तूने…

तो मैने बात पलटते हुए कहा की “हा पी रहा हूँ, पेशाब कर के आता हूँ..”, जब में बाथरूम से वापस आया तो देखा माँ बरामदे मे बैठी सब्जी काट रही थी और वही पर मेरी चाय रखी हुई थी. में चुपचाप बैठ कर चाय पीने लगा तो माँ मेरी तरफ देख कर हंसते हुए बोली की “आज बड़ी देर तक सोता रहा हां माँ नींद नही खुली..” तो माँ बोली “एक काम किया कर आज से रात को और जल्दी सो जाया कर..” ये कह कर वो हंसते हुए किचन मे चली गयी. जब मैने देखा की माँ कल रात के बारे मे कुछ भी नही बोली तो में खुश हो गया. उस दिन पूरे दिन मैने कुछ भी नही किया, मेने सोच रखा था की अब में रात को ही सब कुछ करूँगा जब तक या तो माँ मुझसे चुदाई के लिए तैयार ना हो या मुझे डाट नही देती. रात को में खाना खा कर जल्दी से रूम मे आकर सोने का नाटक करने लगा, थोरी देर मे माँ भी दीदी के साथ आ गई।

उस दिन माँ बहुत जल्दी काम ख़त्म करके आ गई थी, खैर में माँ के सोने का इंतजार करने लगा. थोरी ही देर मे दीदी के जाने के बाद माँ धीरे से बेड पर आकर लेट गई करीब एक घंटे तक लेटे रहने के बाद मैने धीरे से आँखे खोली और माँ की तरफ सरक गया, थोड़ी देर मे जब मैंने बरामदे की हल्की रोशनी मे माँ को देखा तो चौंक गया. माँ ने आज साड़ी की जगह नाईटी पहन रखी थी और उन्होने अपना एक पैर थोडा आगे की तरफ कर रखा था।

फिर मैने सोचा की अगर ये किस्मत से हुआ तो अच्छा है और अगर माँ जानबूझ कर यह कर रही है तो माँ जल्दी ही चुद जाएगी. उस रात मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ी हुई थी, थोड़ी देर नाईटी के ऊपर से माँ का कुल्ले सहलाने के बाद मैने धीरे से माँ की नाईटी के सामने का बटन खोल दिया और उसे कमर तक पूरा हटा दिया और धीरे से माँ के कुल्हो को सहलाने लगा. मैं जांघो को भी सहला रहा था, माँ की कुल्ले और जांघे इतने मुलायम थे की में विश्वास नही कर पा रहा था।

फिर मैने अपना हाथ उनकी जांगो के बीच डाला तो मैं हैरान रह गया, माँ की चूत एकदम चिकनी थी, उनके चूत पर बाल का नामोनिशान नही था. उनकी चूत बहुत फूली हुई थी और चूत के दोनो होंठ फैले हुए थे शायद एक जांग आगे करने के कारणउनकी चूत से निकला हुआ चंदा लटक रहा था (मेरे कई दोस्तों ने उसके बारे मे बताया था की उनके घर की ओंरतो की चूत से भी ये निकलता है और उन्हे इस पर बड़ा नाज़ होता है). में तो उत्तेजना की वज़ह से पागल हो रहा था. मैने लेटे-लेटे ही अपना शर्ट निकाल दिया और माँ की तरफ थोडा और सरक गया जिससे मेरा लंड माँ के कुल्ले से टच करने लगा, थोड़ी देर तक चुप रहने के बाद जब मैने देखा की माँ कोई हरकत नही कर रही है तो मेरी हिम्मत और बढ़ी।
में लेटे लेटे ही माँ की चूत को सहलाने का पूरा मज़ा लेने लगा.

थोड़ी ही देर मे मुझे लगा की माँ की चूत से कुछ चिकना चिकना पानी निकल रहा है. क्या खुशबु थी उसकी, मेरा लंड फूल कर फटने की इस्थिति मे हो गया. में अपना लंड माँ के कुल्ले, गांड के छेद, उनकी जांघो पर धीमे धीमे रगड़ने लगा. तभी मुझे एक आईडिया आया की क्यों ना आज थोडा और बढ़ कर माँ की चूत से अपना लंड टच करूं, जब मैने अपनी कमर को आगे खिसका कर माँ की जांघो से सटाया तो लगा जैसे करंट फैल गया हो, मुझे झड़ने का जबरदस्त मन कर रहा था पर मैने सोचा की एक बार माँ की चूत मे लंड डाल कर उनकी चूत के पानी से चिकना कर लूँगा और फिर बाहर निकाल कर मुठ मार लूँगा।

ये सोच कर मैने अपनी कमर थोडा ऊपर उठाया और अपना लंड माँ की चूत से लटके चमड़े को उंगलियों से फैलाते हुए उनके छेद पर रखा तो माँ की चूत से निकलते हुए चिकना पानी मेरे सूपडे पर लिपट गया और थोडा कोशिश करने पर मेरा सूपड़ा माँ की चूत के छेड़ मे घुस गया।

जैसे ही सूपड़ा अंदर गया उफ़ माँ की चूत की गर्मी मुझे महसूस हुई और जब तक में अपना लंड बाहर निकालता मेरे लंड से वीर्य का फव्वारा माँ की चूत मे पिचकारी की तरह निकलने लगा में घबरा तो गया पर ज्यादा हिलने से डर रहा था की कहीं माँ जग ना जाए. जब तक मैं धीमे से अपना लंड माँ की चूत से निकालता तब तक मेरे लंड का पानी माँ की चूत मे पूरा खाली हो चूका था और लंड निकलते वक़्त वीर्य की धारा माँ के गांड के छेद पर बहने लगी. मुझे लगा अब तो में पक्का पीटूँगा और डर के मारे जल्दी से शर्ट पहन कर सो गया. मुझे नींद नही आ रही थी पर मैं कब सो गया पता ही नही चला।

अगले दिन उठा तो देखा की हमेशा की तरह माँ सफाई कर रही थी पर दीदी स्टेडियम नही गई थी. मुझे देखते ही माँ ने दीदी से कहा “वीना, जा चाय गर्म करके भाई को देदे… और मुझे प्यार से वहीं बैठने के लिए कहा. मैने चोरी से माँ की तरफ देखा तो माँ मुझे देख कर पूछी आज नींद कैसी आई… मैने कहा की “अच्छी”, तो माँ हसने लगी और मेरी पैंट की ऊपर देखकर बोली की “अब तू रात मे सोते समय थोड़े ढीले कपड़े पहना कर… अब तू बड़ा हो रहा है.. देख में और वीनू भी ढीले कपड़े पहन कर सोते है… में यह सुन कर बड़ा खुश हुआ की माँ ने मुझे डाटा नही।

उस दिन मुझे पूरा विश्वास हो गया था की अब माँ मुझे रात मे पूरे मज़े लेने से मना नही करेगी भले ही दिन मे चुदाई के बारे मे खुल कर कोई बात ना करे. अब तो में बस रात का ही इंतजार करता था, खैर उस रात फिर जब में सोने के लिए कमरे मे गया तो मुझे माँ की ढीले कपड़े पहनने वाली बात याद आई पर मेरे पास कोई बड़ी शर्ट नही थी. फिर मैने आलमरी मे से एक पुरानी लुंगी निकाली और अंडरवेयर उतार कर पहन लिया और सोने का नाटक करने लगा।
तभी मेरे मन मे माँ की सुबह वाली बात चेक करने का विचार आया और मैने अपनी लुंगी का सामने वाला हिस्सा थोडा खोल दिया जिस से मेरा लंड खड़ा होकर बाहर निकल गया और अपने हाथो को अपनी आँखो पर इस तरह रखा की मुझे माँ दिखाई दे. थोरी ही देर मे माँ कमरे मे आई और नाईटी पहन कर बेड पर आने और लाइट ऑफ करने के लिए मूडी और मेरे लंड को देखते ही रुक गई।

थोड़ी देर वैसे ही मेरे लंड को जो की पूरे 6” लंबा और 1.5” मोटा था, देखती रही, फिर पता नही क्यों उसने लाईट बंद करके नाईट बल्ब जला दिया और बेड पर लेट गई वो मेरे लंड को बड़े प्यार से देख रही थी पर मेरे लंड को उसने छुआ नही. फिर दूसरी तरफ करवट बदल कर एक पैर को कल की तरह आगे फैला कर लेट गई. मुझे पक्का विस्वाश था की आज माँ जानबूझ कर नाईट बल्ब ऑन किया है ताकि में कुछ और हरकत करू।

आधे एक घंटे के बाद जब में माँ के ऊपर सरका तो लूँगी की गाँठ रगड से अपने आप ही खुल गई और में नंगे ही अपने खड़े लंड को लेकर माँ की तरफ सरक गया और नाईटी खोल कर कमर तक हटा दिया. उस रात मैने पहली बार माँ के कुल्हे, गांड और चूत को देख रहा था. मेरी खुशी का ठिखाना नही था, में झुक कर माँ की जांगो और कुल्हे के पास अपना चेहरा ले जाकर चूत को देखने की कोशिश करने लगा. मुझे अपनी आँखो पर विश्वास नही हो रहा था की कोई चीज इतनी मुलायम, चिकनी और सुन्दर हो सकती है, माँ की चूत से बहुत अच्छी भीनी भीनी खुशबु आ रही थी. में एकदम मदहोश होता जा रहा था. पता नही कैसे में अपने आप ही माँ की चूत को नाक से सटा कर सूंघने लगा। चूत से निकले हुए चंदे के दोनो पत्ते किसी गुलाब की पंखुड़ी से लग रहे थे. माँ की चूत का छेद थोडा लाल था और गांड का छेद काफ़ी टाइट दिख रहा था, पर सब मिला कर उनकी पुरे कुल्हे और जांघे बहुत मुलायम थी।

में उसी तरह कुछ देर सूंघने के बाद माँ के चूत के दोनो पत्तो को मुहँ मे भर लिया और चूसने लगा उनकी चूत से बेहद चिकना लेकिन नमकीन पानी निकलने लगा, में भी आज चुदाई के मज़े लेना चाहता था. फिर मैने माँ की चूत से निकलते हुए पानी को अपने सूपडे पर लपेटा और धीरे से माँ की चूत मे डालने की कोशिश करने लगा. पर पता नही कैसे आज मेरा लंड बड़ी आसानी से माँ की चूत के छेद मे घुस गया।

में वैसे ही थोड़ी देर रुका रहा फिर मैने लंड को अंदर डालना शुरू किया, दो तीन प्रयासो मे मेरा लंड माँ के चूत मे घुस गया ओह क्या मज़ा आ रहा था, माँ की चूत काफ़ी गर्म थी और मेरे लंड को चारो और से जकड़े हुए थी. थोड़ी देर उसी तरह रहने के बाद मैने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया ओह जन्नत का मज़ा मिल रहा था।

4-5 मिनट अंदर बाहर करते ही मुझे लगा की मैं झड़ने वाला हूँ तो मैने अपनी स्पीड और तेज़ कर दी और अपना वीर्य माँ की चूत मे डाल दिया…

अच्छा दोस्तों फिर मिलता हूँ….

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एक चुडक्कड़ परिवार की कहानी – 3 https://sexstories.one/desi-maa-beta-chudai/ Tue, 21 Dec 2021 08:19:02 +0000 https://sexstories.one/?p=5028 उसे अपनी टाँगों के बीच एक बहुत अच्छा एहसास हो रहा था, उसने इस बार फिर जोर से धक्का दिया, उसका लंड उसकी गांड की दरार में कुहनी मार रहा था, आरती थोड़ी देर के लिए उससे अलग हो गई..

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Desi Maa Beta Chudai kahani jaari hai – “ओह्ह्ह्ह हाँ, वहीं।” उसकी माँ कराह उठी। आरव ने अपनी तर्जनी से उसकी गांड के छेद को दबाया और यह पहली पोर तक बहुत आसानी से फिसल गया क्योंकि यह तेल से फिसलन था, आरव उत्तेजना के साथ जंगली जा रहा था और उसकी उग्र चोट उसे चोट पहुँचा रही थी, वह इसे अपने तंग से मुक्त करना चाहता था पंत उसने अपनी उंगलियों को और अधिक धक्का दिया और आश्चर्यचकित महसूस किया कि उसने अपने गधे को उसे और गहरा कर दिया, उसने अपनी उंगलियों को और अधिक धक्का दिया और अब वह अपने दूसरे पोर में था, वह अपनी मां की हांफने की आवाज सुन सकता था जब उसने अपनी उंगली को जितना गहरा जा सकता था।

“Unghhhhhhh,” शालिनी खुशी के साथ जब उसके बेटे को बाहर सभी तरह अपनी उंगली बाहर निकाला और उस में सभी तरह से डाला कराही, वह वहीं खुद को उंगली करना चाहता था, लेकिन वह याद आरती किसी भी समय वापस हो सकता है।

“आरव, मैं अब बेहतर महसूस कर रहा हूं, धन्यवाद, दर्द पूरी तरह से दूर होने तक मुझे आपकी मालिश की आवश्यकता होगी।” शालिनी ने आरव से कहा, जिसने अनिच्छा से उसकी गांड से अपनी उंगली निकाली, यह वर्षों में शालिनी का सबसे अच्छा आनंद था, अधिक सटीक होने के लिए किसी ने भी उसकी गांड को छुआ है, वह और अधिक चाहती थी।

“ठीक है माँ, जब भी तुम्हें मेरी ज़रूरत हो।”

“मैं तुम्हारी बहन हूँ, तुम मुझे इस तरह छू नहीं सकते।” आरती ने बहुत शांति से कहा, आरव ने उसके ब्लाउज से अपना हाथ हटा लिया और उसे राहत मिली कि वह नाराज नहीं थी।

“मुझे खेद है, लेकिन मैं खुद का विरोध नहीं कर सकता, आपकी उपस्थिति मुझे पागल कर देती है।” आरव ने अपना सर्वश्रेष्ठ तीर चलाया; वह जानता था कि उसकी तारीफ करने से उसका मन उसके कामों पर लग जाएगा।

“अगर उसे पता चला कि वह मुझे मार डालेगा,” आरती खुद को नियंत्रित नहीं कर पाई, उसकी आँखों से आँसू बहने लगे और वह बहुत सुंदर लग रही थी।

आरव उसे रोता देख चौंक गया, उसे याद नहीं कि उसने आखिरी बार उसे रोते हुए कब देखा था, वह जानता था कि वह एक मजबूत लड़की है और वह इतनी छोटी सी बात के लिए कभी नहीं रोएगी, उसे पता था कि कुछ उसे परेशान कर रहा था। आरव को उसके लिए बहुत बुरा लगा, उसने हमेशा उसे एक मजबूत लड़की के रूप में देखा है जो उससे कहीं ज्यादा मजबूत है लेकिन उसे इस तरह रोते हुए देखकर वह उसके प्रति बहुत सुरक्षात्मक और देखभाल करने लगा। उसने उसे बाँहों से उठा लिया और कसकर गले लगा लिया।

“नहीं, मुझसे दूर हो जाओ, वह मुझे मार डालेगा।” आरती ने अपने भाई को धक्का दे दिया।

“कौन” आरव उलझन में था कि वह ऐसा अभिनय क्यों कर रही है।

Read part 2 – एक चुडक्कड़ परिवार की कहानी – 2

“मैं नहीं कर सकता …” आरती ने अपनी आवाज दबा दी जब उसने अपने पिता को दरवाजे पर खड़ा देखा।

“तुम सो क्यों नहीं रहे हो, आधी रात हो चुकी है।” उसके पिता ने उसकी आँखों में देखा।

आरव को कुछ अजीब लगा तो उसने अंदर जाने का फैसला किया। “मच्छर बहुत हैं; हम सो नहीं पा रहे हैं।”

“आरती बाहर जाओ और कुछ सूखी घास ले आओ और इसे जला दो, यह मच्छरों को दूर रखेगा।” उसने ठंड से कहा।

आरव को उसका काम देखकर खुशी हुई होगी लेकिन अब नहीं, उसे एहसास हुआ कि कैसे उसे उसकी इच्छा के खिलाफ काम करने के लिए बनाया गया था, भारत में लड़की होना एक अभिशाप था।

आरती घर से बाहर चली गई, जब उसने अपने पिता को उसका पीछा करते देखा तो वह चिंतित हो गई और चुपचाप कुएं के पास सूखी घास इकट्ठा करने लगी, उसे अपने पिता के पीछे खड़े होने का आभास हुआ। वह उससे दूर चली गई। ‘थपाक’ उसके पिता ने उसकी गर्दन पर थप्पड़ मारा; उसका प्रहार इतना तेज था कि वह जमीन पर गिर पड़ी।

“आप आरव से क्या कहने वाले थे, इसके बारे में कभी किसी से कुछ भी कहने की हिम्मत मत करना।” उसके पिता ने उस पर जोर दिया, उसने उसे पकड़ लिया

बाल और उसे अपने पैरों पर खींच लिया।

“तुम मेरे ही हो मेरे।” उसने उसके मुंह पर जोर से चूमा, उसके होठों को जबरदस्ती चूसा, वह उसे दूर धकेलना चाहती थी लेकिन वह जानती थी कि अगर वह ऐसा करती है तो वह उसे फिर से मारेगा, इसलिए वह स्थिर रही और उसे अपने रास्ते जाने दिया।

“अंदर जाओ और घास को जला दो,” उसने अपने गंदे मुंह के अंदर उसके स्वाद के अवशेष को लेते हुए अपने होंठों को ठंड से चाटते हुए कहा।

आरती सूखी घास को अपने साथ लेकर अंदर चली गई। यह तब शुरू हुआ जब वह मुश्किल से पाँच साल की थी; आरव हमेशा अपनी मां के साथ रहा, इसलिए उसने आरती को उसके पिता के पास छोड़ दिया। वह उसे खेत में ले जाता था और वह उसे उन जगहों पर छूता था, जो उस छोटी लड़की से अनजान थे कि ‘उसके प्यारे पिता क्या कर रहे हैं’। जैसे-जैसे वह बड़ी होती गई, वैसे-वैसे उसके प्रति उसका जुनून भी बढ़ता गया, जब उसे उसकी बात मानना मुश्किल हो गया तो उसने उसे मारना शुरू कर दिया।

“क्या हुआ, तुम इतनी अजीब हरकत क्यों कर रहे हो।” आरव ने उससे पूछा।

“बस सोने चले जाओ।” उसने ठंडे स्वर में कहा, बिना उसकी ओर देखे भी, वह अपने आँसुओं को छिपाने की कोशिश कर रही थी।

आरव इतनी आसानी से हार नहीं मानने वाला था, वह उसकी ओर मुड़ा और लापरवाही से उसके चारों ओर अपनी बाहें डाल दी, उसकी हथेली उसके ब्लाउज से ढके पेट पर पड़ी थी, आरती ने उससे दूर जाने की कोशिश की लेकिन अगर वह चली गई तो वह खत्म हो जाएगी फर्श पर इसलिए वह अभी भी उसके स्पर्श का जवाब नहीं दे रही थी।

लगभग एक घंटे के बाद सब कुछ चुप हो गया, आरती ने अपने पिता के कदमों को सुनने की कोशिश की … कोई नहीं, वह उसके करीब आ गई, आरव उसकी तरफ सो रही थी, जबकि आरती उसकी तरफ से सो रही थी, इसलिए जब वह करीब आ गई तो वह कर सकती थी स्कर्ट से ढँकी उसकी गांड में उसकी कठोरता को महसूस करते हुए, उसे यह भावना पसंद आई और उसने अनजाने में अपनी गांड को उसकी कठोरता में धकेल दिया।

उसे अपनी टाँगों के बीच एक बहुत अच्छा एहसास हो रहा था, उसने इस बार फिर जोर से धक्का दिया, उसका लंड उसकी गांड की दरार में कुहनी मार रहा था, आरती थोड़ी देर के लिए उससे अलग हो गई और उनके बीच से अपनी स्कर्ट ऊपर खींच ली, उसने नीचे एक बैगी पैंटी पहनी थी। आरती जोश से पागल हो रही थी, उसका दिल बहुत जोर से धड़क रहा था; धीरे-धीरे उसने अपने लंड को अपनी पैंटी पहने गांड से थपथपाया, अब वह उसे अपने गालों के बीच अच्छी तरह से महसूस करने में सक्षम थी।

आरव ने महसूस किया कि कुछ बहुत ही स्पंजी और चिकना है जो अपने मुर्गा को निगलने की कोशिश कर रहा है, उत्तेजना उसे जंगली बना रही थी वह और अधिक जोर से मारना चाहता था और अपनी नींद में उसने अपनी गांड में जोर से जोर दिया।

आरती उत्साहित थी जब उसने महसूस किया कि वह अपने मुर्गा को जोर से जोर दे रहा है, लेकिन वह जानती थी कि वह आवाज करेगा और अपने पिता का ध्यान आकर्षित करेगा इसलिए उसने खुद को उससे अलग कर लिया।

आरव ने फिर जोर दिया लेकिन निराश हो गया कि स्पंजी सामग्री गायब हो गई है, निराशा ने उसे जगाया, उसने अपनी आँखें खोलकर पाया कि यह आरती की गांड थी जिसमें वह जोर दे रहा था, वह उसकी पैंटी पहने हुए गधे को चांदनी से आते हुए देख सकता था उसके कमरे की छोटी सी खिड़की। वह बेतहाशा उत्तेजित हो गया और उसका लंड राहत पाने के लिए धड़क रहा था।

आरव ने अपना लंड निकाला और अपने लंड को उसके गालों के बीच में थपथपाते हुए आरती के करीब आ गया, आरती उनके शरीर से निकलने वाली गर्मी को महसूस कर सकती थी, जिससे कमरे में यौन तनाव बढ़ रहा था, वह उसके इतने करीब थे कि वे पहले कभी इस तरह नहीं थे, उसने महसूस किया अब उससे अधिक जुड़ी हुई है, वह हमेशा जानती थी कि वह दिल से अच्छा है और केवल दिखावा करने के लिए एक झटके की तरह काम करता है।

आरव कांपते हाथों से उसके चारों ओर पहुँचा और उसके स्तन को अपनी मुट्ठी में ले लिया और उसने अपना लंड उसके कपड़े वाली गाण्ड में डाल दिया, वह फिर से जोर से जोर से जोर से जोर से उसके कोमल गालों के बीच पहुँच गया, उसने उसके स्तन को उसके ब्लाउज से अपने हाथ से निचोड़ लिया उसकी उँगलियों के बीच उसके निप्पल खड़े हैं। आरती बहुत कोशिश कर रही थी कि वह विलाप न करे, अगर उसने कोई आवाज की या संकेत दिया कि वह जाग रही है, तो वह उसके लिए हंगामा करने के लिए माफी मांगेगा। उसने अपने होठों को बहुत जोर से काट लिया और कराह को नियंत्रित करने के लिए खुद को काट लिया।

आरव अपने आंड को कसता हुआ महसूस कर सकता था, इसलिए उसने उसकी गांड को जोर से चोदना शुरू कर दिया, आखिरकार उसने अपना वीर्य उसकी पैंटी पर गिरा दिया और उसकी जाँघों पर कुछ वीर्य बिखेर दिया, आरव एक संतोषजनक आह के साथ एक तरफ चला गया। लेकिन आरती अभी भी सींग का बना हुआ था और वह खुद को राहत देना चाहती थी। उसने अपनी पैंटी उतार दी और उसमें से अपना सह चूसा, कड़वा स्वाद और मांसल गंध ने उसे उत्तेजना के साथ जंगली बना दिया, वह नीचे पहुंच गई और अपनी तर्जनी को अपनी तंग बिल्ली में डाला, उसने खुद को सहलाया और दूसरे हाथ से उसे सहलाया स्तन जो उसके भाई द्वारा छेड़ा गया था, उसने अपनी दो उंगलियों को अपनी चूत में डुबोया और अपने अंगूठे से उसने अपने भगशेफ को फड़फड़ाया, उसने अपने पैरों को चौड़ा कर दिया, आरती को महसूस हो रहा था कि उसके अंदर कामोन्माद निर्माण हो रहा है, उसने उसे जोर से सहलाना शुरू कर दिया।

वह अब और विरोध नहीं कर सकती थी और वह अपने रस से बिस्तर गीला करके बहुत मुश्किल से आई, आरती ने अपनी आँखें बंद कर लीं और संतुष्ट होकर सो गई।

to be continued…

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स्कूलवाली मैडम की मस्त चुदाई https://sexstories.one/school-wali-madam-ki-mast-chudai/ Thu, 16 Dec 2021 06:48:58 +0000 https://sexstories.one/?p=3476 मेरा लंड अब पूरी तरह से स्टॅंडिंग पोजीशन मे था ये देख कर मेम बोली अब चाटने का काम बंद करके चोदने की क्रिया का शुभारंभ किया जाये और वो हंस दी में उनके उपर से हट गया...

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School Wali Madam Ki Mast Chudai – मेरा नाम आदित्य सक्सेना है में इस साइट का रेग्युलर रीडर हूँ बहुत सारी स्टोरी पढ़ने के बाद आज में अपनी स्टोरी भी लिखने जा रहा हूँ जो की मेरी जिंदगी मे घटित हुई ये कहानी आज से 3 साल पहले शुरू हुई थी जब में अपने काम के सिलसिले से अपने ही शहर के बाजार से अपने लिये कपड़े खरीदने एक दुकान पर गया हुआ था उस दुकान पर एक 35 साल की महिला बैठी थी..

जिसको देखकर मुझे ऐसा लगा जैसे मैने इसे कहीं पहले देखा है में उसे देखने लगा जैसे ही उसकी नज़र मुझ पर पड़ी मैने अपनी नज़र घुमा ली ऐसा 4-5 बार हुआ जब में दुकान से चलने लगा तो उस महिला ने मुझसे पूछा मैने आप को पहले कही देखा है तो में भी बोल पड़ा मैने भी आप को पहले कही देखा है उस महिला ने मुझसे मेरा नाम पूछा तो मैने कहा मेरा नाम आदित्य सक्सेना है तभी वो महिला मुस्कुराते हुये बोली.

महिला – आदित्य तू इतना बड़ा हो गया.

में – लेकिन मेडम मैने आप को नही पहचाना.

महिला – पहचानेगा कैसे आज 7 साल के बाद जो मुझे देखा है

में – आप कौन हो.

महिला – मेरा नाम सरिता है में तुझे 7 साल पहले 9 वी क्लास में कोचिंग पढ़ाती थी.

मुझे तुरंत याद आ गया मैने कहा मेम आप इतने सालो के बाद आज यहा दिखाई दी है आज तक कहाँ थी मेम बोली सब बताउंगी पहले मुझे घर तक छोड़ो मैने अपनी बाइक पर मेम को बैठाया उनसे पूछा आपके घर पर तो में 7 साल से में ताला लगा देख रहूं आप कहा रह रही हो मेम बोली में कल ही अपने मायके कानपुर से 7 साल बाद आई हूँ 7 साल पहले मेरे पति की मौत के बाद से में अपने मायके मे ही थी इधर उधर की बाते करते हुये मेम का घर आ गया मेम मुझसे बोली बाइक खड़ी कर दो चाय पी कर जाना.

मैने बाइक को स्टेंड पर खड़ा करके मेम के घर के अंदर चला गया अंदर जा कर मैने मेम से पूछा 7 साल बाद यहाँ आने का मकसद तो मेम बोली इस घर की कीमत लाखो रुपए है यहा 1 या 2 साल रहने के बाद इस घर को बेच दूंगी जब तक किसी स्कूल मे पढ़ाउंगी बाते करते करते चाय बन गई चाय पीते पीते मैने मेम से कहा मेम अगर किसी भी चीज़ की ज़रूरत पड़े तो मुझे बुला लेना मेम बोली की तू मुझे अपना मोबाइल नम्बर दे दो ज़रूरत तो पड़नी है इस घर की सफाई करनी है कोई स्कूल देखना है जिसमे में पढ़ा सकूँ मैने कहा ठीक है में आपके घर की सफाई करवा दूंगा तो मेम बोली कब करवाओगे मैने कहा में अपने घर पर अपने कपड़े रखकर आता हूँ फिर शुरू करते है.

में उठा और अपने घर जाने लगा तो मेम बोली जल्दी आना मैने ओके कहा और अपने घर चल दिया घर से जब में वापस आया तो मेम ब्लाउज और पेटिकोट मे काम कर रही थी मुझे देखकर मेम मुझसे बोली जल्दी से आजा में अपनी शर्ट उतार कर काम करवाने लगा मेम पसीने से भीगी हुई थी उनके भीगे हुये शोर्ट ब्लाउज से उनके उभार साफ नज़र आ रहे थे में गौर से उनके उभार देखने लगा तो मेम बोली क्या देख रहा है मैने कहा कुछ नही मेम मेम बोली कुछ तो है और मुस्कुरा दी कुछ देर काम करने के बाद मैने मेम से कहा आप बहुत सुंदर है तो मेम बोली तू बहुत शरारती था और है दोपहर के 2 बज चुके थे मेम बोली मुझे भूख लगी है बाहर से कुछ खाने के लिये ले आओ में तुम्हे पैसे देती हूँ मैने कहा मेम आप क्यो दोगी में आप का स्टूडेंट हूँ में दे दूँगा और में चला गया लगभग 30 मिनट के बाद जब में आया और दरवाजा खोला तो मेम सोफे पर लेटी सो रही थी उनकी बूब्स ब्लाउज के उपर से में महसूस कर रहा था.

जब मैने उनके पैरो की तरफ देखा तो उन्होने अपना एक पैर घुटने से मोड़ रखा था में उनके पैरो की तरफ गया उनके पेटीकोट के अंदर देखने लगा मुझे मेम की गोरी जांघे और पिंक कलर की पेंटी दिख रही थी मैने मेम के पेटिकोट को थोड़ा उपर उठा दिया और उनकी जांघो को सहलाने लगा मैने हिम्मत करके उनकी पेंटी को हाथ लगाया हाथ लगाते ही मेम उठ गई और कहने लगी तू ये क्या कर रहा है मेरा चेहरा शर्म से लाल हो गया था मेरे मुँह से आवाज़ नही निकल रही थी मेम बोली तू बहुत शरारती हो गया है चल खाना खा ले और काम करते है खाने के बाद हम लोग काम मे लग गये और दिन गुज़रता चला गया शाम के 9 बज रहे थे मुझे ताज्जुब ये हो रहा था की में बिल्कुल बोला नही जब मेम ने घड़ी देखी तो वो मुझसे कहने लगी 9 बज गये और काम अभी भी नही ख़त्म हो पाया है.

अब मुझे रात को 11-12 बजे तक अकेले लग के काम करना पड़ेगा तो अगर तुम रुक सकते हो तो रुक जाओ मैने कहा ठीक है मेम में अपने घर फ़ोन करके बता दूंगा की में अपने दोस्तो के घर हूँ कल आऊंगा मेम बोली ठीक है और हम दोनो ने 11.30 तक सारा कम ख़त्म कर लिया मेम बोली में नहा कर आती हूँ फिर हम सो ज़ायेगे मेम नहाने चली गयी जब वो नहा के आई तो सिल्की नाइटी पहने हुये थी में आप को मैडम की बॉडी के बारे मे बता दूँ मेम का रंग गोरा बूब्स का साइज 36 कमर 30 और गांड 38 जब वो नहा कर आई तो मेम की आँखों मे अलग सी चमक दिख रही थी मेम मुझसे बोली आदित्य तू भी नहा ले में नहाने चला गया जब में नहा के आया तो अंडरवेयर भीग जाने की वजह से में सिर्फ़ टावल मे था जब में मेम के बेडरूम के पास आया तो मेम बोली की सारे घर मे सामान फैला है तुम इसी बेड पर लेट जाओ में मेम के बेडरूम मे घुसा तो मेम की नाइटी उनके घुटनो के उपर थी.

ये देख कर मेरा 7 इंच का लंड खड़ा हो गया मेम ने ये देख लिया था में चुपचाप से मेम की तरफ पीठ करके लेट गया मुझे नींद नही आ रही थी लगभग 1 घंटे के बाद मेम ने मुझे आवाज दी तो में कुछ नही बोला में ये सोचने लगा की मेम इस टाइम मुझे आवाज क्यो दे रही है मेम ने मेरी तरफ अपनी करवट ले कर मेरे उपर अपना हाथ रख दिया और मेरे लंड को टटोलने लगी उन्होने अपना हाथ मेरे टावल के अंदर डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया और उसको सहलाने लगी लंड खड़ा हो गया तो मेम मुझसे बोली मुझे मालूम है आदित्य तुम जाग रहे हो मेरी तरफ देखो मैने आँखे खोली और हैरत से मेम की तरफ देखने लगा.

मेम बोली मेरे पति की मौत को 7 साल हो गये है जब से आज तक मैने ना तो सेक्स किया है और ना ही सेक्स के बारे मे सोचा है क्योकी मेरे मायके वाले काफ़ी सख़्त है आज जब तुमने मेरे गुप्तांगो को छुआ तो 7 साल के बाद आज फिर सेक्स की भूख जाग गई मैने तुम्हे उस वक्त इसलिये मना कर दिया था की में खुद नही सोच पा रही थी की तुम्हारे साथ ठीक रहेगा या नही बहुत सोचने के बाद मैने ये फ़ैसला लिया है यू आर बेस्ट फॉर मी और मेम ने मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिये मैने भी मेम की तरफ करवट ले ली और मुझे अपनी बाहों मे लेकर बोली में तुम्हे सब सीखा दूँगी और मेम ने अपना नाइटी उतार दिया उनके ब्रा मे क़ैद बूब्स मचलने लगे मेम बोली की अब बाकी के कपड़े तुम्हे उतारने है चलो अब मेरे बूब्स दबाओ.

मैने मेम के बूब्स दबाते-दबाते उनकी पीठ पर अपने हाथ ले जा कर उनकी ब्रा खोल दी मेम के बूब्स देखकर में पागल हो गया मेम बोली चल अब मेरे दूध पी ले सारा का सारा पी जा मेंने उनके एक बूब्स के काले निपल को अपने मुँह मे भर लिया और उसे चूसने लगा मेम के मुँह से सस्सस्स अयाया अया की अवाजे निकलने लगी मै अपने एक हाथ से उनका दूसरा बूब्स दबाने लगा तो मेम बोली चूस मेरे दूध और चूस मादरचोद खाजा और दबा मसल मुझे जालिम में मेम की उत्तेजना देख कर और जोश मे आ गया मेम बोली तू बहुत अच्छा चूसता है क्या उतना ही अच्छा चाटता भी है चल अब मेरी पेंटी उतार मैने मेम की पेंटी उतार दी तो मेम की झांटो भरी चूत मेरे सामने थी मेम मुझसे बोली देख क्या रहा है मादरचोद चल इस पर अपना मुँह रख और इसे चाट ये दुनिया की बहुत किमती जगह है और उन्होने मेरे बाल पकड़ कर मेरा मुँह अपनी चूत पर रख दिया.

में अपनी जीभ से उनकी चूत को चाटने लगा पहले चूत की टफी को चाटा फिर दोनो होंठो की दरार को तो मेम बोली उपर ही चाटेगा खजाना तो अंदर है और अपने एक हाथ से अपनी चूत के होठो को खोल दिया अंदर से चूत एकदम गुलाबी थी मैने अंदर अपनी जीभ डाल दी और उसे अन्दर बाहर करने लगा मेम बड़बड़ा रही थी आआहह मार डाला ओर तेज़्ज़्ज़ कर मादरचोद और कर हाईईईईई मज़ा आ गया रे एकदम से मेम अकड़ने लगी और उसकी चूत से पानी निकलने लगा मैने अपना मुँह हटाना चाहा पर मेम ने मेरे बाल कस कर पकड़ लिये मेरे पूरे मुँह पर मेम का पानी लग गया था 30 सेकेंड के बाद मेम ने मुझे छोड़ दिया में तुरंत से बैठ गया.

Chudai sex kahani बुआ की लड़की को पटाया

मैने मेम से कहा ये आप केसा सेक्स करती हो तो मेम बोली चुप मादरचोद अभी क्या अभी तो में तुझे अपना मूत पीलाउंगी और तेरा मूत पीउंगी यही तो असली सेक्स है मेरे राजा और मेरा लंड पकड़ के उसे अपनी जीभ से चाटने लगी और अपने मुँह मे भर के आगे पीछे करने लगी मुझे काफ़ी मज़ा आ रहा था जैसे ही मेरा माल निकलने वाला था मैने मेम से कहा अपना मुँह हटा लो तो मेम ने मेरे लंड को और अंदर मुँह मे कर लिया और वो मेरा सारा माल पी गई जब उसने लंड मुँह से बाहर निकाला तो वो मुस्कुरा कर बोली बहुत मजेदार माल है तेरा अब मुझे इन सब मे बहुत मज़ा आ रहा था मेम बोली चलो बाथरूम चलते है में मेम के साथ बाथरूम मे गया तो मेम मुझसे बोली की तुमको पेशाब करना है तो मैने हाँ कह दिया मेम बोली तुम मेरे मुँह मे पेशाब करो और अपना मुँह खोल के बैठ गई.

मैने अपनी धार उसके मुँह मे मार दी आधा मूत वो पी गई आधा उसके मुँह से निकल कर उसके बूब्स से होता हुआ उसकी चूत से नीचे टपकने लगा जब में मूत चुका तो मेम बोली अब मेरी बारी है तुम बैठ जाओ तो में बैठ गया मेम ने मेरे बालो को पकड़ कर अपने पैरो को फैलाया और मेरे फेस पर अपना निशाना लगाते हुये पेशाब करना शुरू कर दिया उसका गर्म मूत मेरे फेस से होता हुआ फर्श पर टपक रहा था लेकिन मैने उसका मूत पीया नही जब हम दोनो बाथरूम से बाहर आये तो मेम मुझसे बोली सेक्स का मज़ा तो तभी है जब खुल कर सेक्स किया जाये ओर गंदी गालीयों का प्रयोग भरपूर किया जाये तुम मुझे कुछ भी बुला सकते हो गालीयाँ दे सकते हो चलो अब बेड पर चलते है.

मेम मुझसे बोली अब हम 69 की पोजिशंन मे होते है में बोला मेम ये 69 क्या होता है तो मेम बोली अभी पता चल जायेगा बस तू लेट जा में लेट गया तो मेम ने मेरे फेस की तरफ अपने पैर किये और अपनी चूत मेरे मुँह के पास ले आई और मेरे लंड को हाथ से हिलाने लगी और कहने लगी चल कुत्ते मेरी चूत को चाट जैसे कोई कुत्ता किसी कुत्तिया की चाटता है और मेरे ढीले लंड को ऐसे चूसने लगी जैसे लोलीपोप हो में भी मेम की चूत और गांड चाटने लगा कुछ देर चाटने के बाद में मेम के उपर आ गया और एक धक्का ज़ोर से लगा दिया जिससे मेरा पूरा लंड मेम के मुँह मे समा गया मेम छटपटाने लगी तो मैने अपना लंड बाहर निकाल लिया जिससे मेम को आराम मिल गया और मेम कहने लगी मादरचोद मुझे मारने का प्रोग्राम है क्या तो मैने कहा कुत्तिया तुझे चाटने का बहुत शोक है ले तेरे गले तक डाल कर तुझसे चटवाऊंगा तो मेम हंस दी और बोली तू तो बहुत जल्दी समझदार हो गया इसी तरह से गालीयां दे मुझे.

मेरा लंड अब पूरी तरह से स्टॅंडिंग पोजीशन मे था ये देख कर मेम बोली अब चाटने का काम बंद करके चोदने की क्रिया का शुभारंभ किया जाये और वो हंस दी में उनके उपर से हट गया तो मेडम मुझसे बोली तू मेरे पैरो के बीच मे आ जा में उनके पैरो के बीच मे आकर उनकी चूत पर अपने लंड को रगड़ने लगा तो मेम बोली जालिम क्यो तडपा रहा है अब अन्दर डाल दे मेडम की इस तड़प से मुझे अलग तरह का सच मिला मैने अंदर ना डाल कर उनकी चूत पर अपने लंड को रगड़ता रहा मेम फिर बोली अंदर डाल जल्दी से 7 साल से तड़प रही हूँ लंड के लिये मादरचोद कुत्ते जल्दी से अंदर डाल दे अब मुझे भी अंदर डालने का दिल हो रहा था जैसे ही मैने अपने लंड का टोपा मेम की चूत के मुख्य द्वार पर रखकर अंदर किया मेम की साँसे रुक गयी उनके मुँह से श्श्ससससससससस्शह की आवाज निकल पड़ी.

मेम बोली धीरे धीरे कर 7 साल से चूत मे उगली के अलावा कुछ नही गया है मैने एक झटका और दिया मेरा 3 इंच लंड मेम की चूत मे था और मेम कह रही थी बस कर कुत्ते बहुत दर्द हो रहा है मैने कहा अभी तो लंड खाने की बहुत जल्दी थी और अब क्या हुआ है ये कहते हुये मैने एक ज़ोर का झटका और दिया जिससे की मेरा पूरा लंड मेम की चूत मे समा गया और मेम फड़फडाने लगी और कहने लगी फाड़ दी साले कुत्ते तूने मेरी चूत निकाल जल्दी से निकाल बहुत दर्द और जलन हो रही है जल्दी से निकाल ले लेकिन मैने अपने लंड को बाहर नही निकाला और मेम की चूत की तरफ देखने लगा मैने देखा मेम की चूत के होठ लंड के साथ चूत के अंदर दबे हुये थे उनकी चूत बहुत ही टाइट थी और गर्म भी कुछ देर ऐसे ही रहने से मेम अभी शान्त हो गई और अपने आँसू पोछने लगी तो मैने अपने लंड को बाहर निकालना शुरू किया टोपे तक बाहर लाकर एक ज़ोर का धक्का मारते हुये पूरा लंड मेम की चूत मे डाल दिया.

मेम एक बार फिर तड़प गयी और कहने लगी बस कर निकाल ले बाहर लेकिन में नही माना और हल्के हल्के शॉट लगाता रहा कुछ देर बाद मेम भी नॉर्मल हो गई तो मैने अपने शॉट और तेज कर दिये अब मेम को मज़ा आने लगा था मेम अपने मुँह से आवाजे कर रही थी आह चोदो मेरे राजा फाड़ दो मेरी चूत को और तेज़्ज़्ज़ करो मेरे राजा अहह उम हाई में अपने शॉट लगाता रहा मेम बोली अब दूसरी स्टाइल मे करते है तो में हट गया मेम तुरंत कुत्तिया की तरह झुक कर अपनी गांड हिलाने लगी और कहने लगी जल्दी से डालो में अपने घुटनो पर बैठ कर मेम के पीछे आ गया तो मेम ने अपने बूब्स को बिस्तर से लगा लिया और गांड को बाहर कर लिया जिससे मेम की चूत पूरी खुल गई मैने मेम की चूत पर बहुत सारा थूक लगाया और अपना लंड मेम की चूत के अंदर डालने लगा.

मेम मादक आवाजे निकाल रही थी और में मेम की चूत चोदने का मधुर आनंद ले रहा था इस बीच मेम शायद 3 बार पानी छोड़ चुकी थी 50 से 55 मिनट की चुदाई के बाद मैने मेम से कहा में झड़ने वाला हूँ तो मेम बोली मेरे मुँह मे झाड़ दो और अपनी चूत से लंड निकाल कर कुत्तिया की तरह मुँह खोल कर बैठ गई और मेरे लंड को अपने हाथ से पकड कर मुँह से चूसने लगी तभी मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया और मेम उसे मज़े से पी गई हम दोनो वही एक दूसरे को बाहों मे भर कर लेट गये मेम मुझसे बोली आदित्य मेरे राजा आज मज़ा आ गया है ऐसा मज़ा कभी मेरे पति भी नही दे पाये थे तुम मुझे हमेशा चोदते रहना आज से में तुम्हारी रंडी हूँ और तुम मेरे मालिक तो में बोला मेम आपने मुझे पहली बार चूत के दर्शन करवाये है.

में आपको हमेशा चोदूंगा जब आप कहे तो मेम बोली मुझे मेम मत कहो मेरा नाम सरिता है तुम मुझे सरिता कहकर बुलाओ तो में बोला सरिता मेरी जान तुम यहाँ जितने दिन रहोगी मेरी रंडी बनकर ही रहोगी और में तुम्हे रोज चोदूंगा मंजूर सरिता ने अपना सिर हाँ मे हिला दिया तो मैने अपनी एक उंगली सरिता की चूत मे डाल दी जिससे सरिता उछल गई उस रात मैने मेम को एक बार और चोदा जब तक सुबह के 4 बज चुके थे तो मेम बोली अब हम थोड़ी देर सो लेते है फिर हम नंगे ही सो गये और सुबह 11 बजे साथ साथ उठे हम लोगो ने जल्दी जल्दी कपड़े पहने और हाथ मुँह धो कर मेम ने चाय बनाई हमने चाय पी और में अपने घर चला आया 3-4 दिन तो में रात को मेम के यहा रुका फिर घरवालो को जवाब देने की वजह से ये कहानी दिन मे शुरू हो गई लेकिन महीने मे 1 या 2 रात मेम के साथ रुकता हूँ और रोज़ दिन मे जब सरिता स्कूल से पढ़ा कर आती है जब उसे चोदता हूँ. तो दोस्तों आपको मेरी कहानी जरूर पसंद आई होगी.

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बस में मिली लड़की की चुदाई https://sexstories.one/bus-me-anjan-ladki-ki-chudai/ Wed, 01 Dec 2021 07:13:44 +0000 https://sexstories.one/?p=3402 मैं उसके दूध के निप्पल को मुंह में रख कर खीच खीच कर चूसने लगा तो उसकी तेज सांसे चलने लगी और वो सांसे कुछ ही देर में सिसकियों में बदल गयी | मैं उसकी तेज सांसे को सुनकर और जोश में आ गया..

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anjan ladki ki chudai हेल्लो दोस्तों मेरा नाम रामनिवाश है और मैं रहने वाला एक छोटे से गाँव का हूँ | मैं आज आप लोगो के सामने अपनी एक कहानी लेकर आया हूँ | मैं जो आज आप लोगो के सामने कहानी पेश करने जा रहा हूँ ये मेरे जीवन की सच्ची कहानी है और सबसे हसीन पल जिसको मैं कभी भूल नही पाऊँगा | दोस्तों तो मैं आज आपने उस हसीन पल के बारे में बताने जा रहा हूँ | मैं कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे में बता देता हूँ | मेरा रंग दूध की तरह गोरा है और मेरी हाईट 6 फुट 3 इंच है | मेरी हाईट ठीक है इसलिए मैं जिम भी करता हूँ तो मेरी बॉडी बहुत अच्छी है जिससे लड़की पट जाती है | मैं आप सभी लोगो से उम्मीद करता हूँ जो मैं आज कहानी आप लोगो के सामने पेश करने जा रहा हूँ ये कहानी आप लोगो को पसंद आएगी और इस कहानी को पढने में आप लोगो को बहुत मज़ा आएगा |

दोस्तों एक बार की बात है जब मैं अपने घर रहता था तो मेरा मन हुआ की अपनी मामी जी के यहाँ घूम आता हूँ | दोस्तों मुस्किल की बात तो ये थी की मैं इससे पहले अपनी मामी के घर गया नही था तो मैंने अपनी मम्मी से उनके यहाँ का पता लिया | फिर घर से निकल गया | मैं मामी के यहाँ जाने के लिए निकाल था और बस का इंतजार कर रहा था | मैं जब बस का इंतजार कर रहा था तो कुछ देर में बस भी आ गयी | मैं बस में बैठ गया और मुझे सीट भी मिल गई | मैं सीट पर बैठ कर फ़ोन में म्यूजिक चला लिया सुनते हुए जा रहा था | मैं बैठा रहा और कई स्टॉप बाद एक लड़की बस में चढ़ी वो दिखने में मेरी तरह गोरी थी और उसका फिगर तो जानलेवा था | उसके बड़े बड़े बूब्स जो ऊपर की और उठे थे और साफ दिख रहे थे | उसकी गांड बहुत सेक्सी थी जिसको देखकर मेरा लंड पैन्ट को ऊपर चढाने लगा |

मैं उसको घुर रहा था और वो मुझे घुर रही थी | मैं उसे देख रहा था तो मेरे दिल में कुछ कुछ होने लगा | मैं उसको ऐसे ही कुछ देर तक निहारता था और वो मुझे देखती रही | फिर मेरी किस्मत ने मेरा साथ दिया और मेरे पास जो आदमी बैठा था वो अगले स्टॉप पर उतर गया | तब वो मेरे पास आकर बैठ गयी | वो मेरे पास आकर बैठ गयी तो मेरे दिल की धड़कने तेज हो गयी | जब उसका जिस्म मेरे शरीर से रगड़ता तो मेरे अन्दर आग लग जाती | वो मेरे पास ऐसे ही कुछ देर तक बैठी रही फिर मुझसे बात करने लगी |

वो – हाय ?

मैं – हाय |

वो – आपका नाम क्या है ?

मैं – मैंने उसे अपना नाम बता दिया और उसका नाम पूछा ?

वो – मेरा नाम सोनाली है और आप कहाँ से हो ?

मैंने उसे बताया और उससे पूछा आप कहाँ की रहने वाली हो ?

दोस्तों जब मैंने उससे पूछा तो उसने उसी जगह का नाम बता दिया मैं जहाँ जा रहा था | तब मैंने उससे कहा की मैं भी वहीँ जा रहा हूँ जहाँ की आप रहने वाली हो पर मैं पहली बार जा रहा हूँ तो मुझे पता नही है कहाँ जाना है | तब सोनाली ने मुझसे पूछा की आप को ये तो पता है की आप किसके घर जा रहे हो तो मैंने उसे अपने मामा जी का नाम बता दिया | तब उसने कहा कोई बात नही मैं उसने घर छोड़ दूंगी | तब मैंने कहा थैंक्स और उससे ऐसे ही कुछ देर तक बाते करता रहा | मैं उससे बाते कर ही रहा था की उसने मुझे नीचे उतरने को कहा और मैं नीचे उतर गया |

फिर उसने मेरे हाथ को अपने हाथ में पकड लिया और बात करती हुई चल दी | दोस्तों वो जिस तरह से मुझसे बात कर रही थी मैं समझ गया था की ये मुझ पर लट्टू है और मुझसे चोदना चाहती है | फिर उसने मुझसे मेरा नम्बर माँगा और मैंने उसे दे दिया | मैं और वो कुछ ही देर में मामी के घर पहुच गया | वो मुझे छोड़कर चली गयी और कुछ देर बाद आई और मेरी तरफ देख कर आंख मार दी | जब उसने मेरी तरफ आंख मारी तो मैंने भी उसकी तरफ देख कर किस कर दी | अब वो मुझे मस्ती करती थी और मैं उससे मस्ती करता था | वो मेरे मामी के घर के पास में ही रहती थी और रोज ही किसी ना किसी टाइम आ जाती थी | जब वो आती तो मैं उससे मजाक मजाक में उसके बड़े बूब्स को छु लेता था |

एक दिन की बात है जब वो घर आई उस टाइम सब छत पर थे और मैं नीचे ही था | जब वो घर में आई तो मैं अन्दर कमरे में चला गया | वो मुझे देखकर कमरे में आ गयी तो मैंने उसे कस के पकड लिया | जब मैंने उसे कस के पकड लिया तो वो मुझसे छोड़ने के लिए कहने लगी | दोस्तों मैंने भी उससे कह दिया की पकड़ा है तो छोड़ने के लिए नही पकड़ा है | तब वो मुझसे बोली ठीक है कभी मत छोड़ना ऐसे ही पकडे रहना | मैंने भी कह दिया और उसने मेरी होठो को पर किस कर दिया जब उसने मेरी होठो पर किस कर दी तो मैंने उसकी होठो को मुंह में रख कर चूसने लगा |

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जब मैं उसकी होठो को मुंह में रख कर चूसने लगा तो वो मेरी होठो को जोर जोर से चूसने लगी | मैं उसकी होठो को चूसने के साथ उसके बड़े और मोटे बूब्स को कपडे के ऊपर से दबाने लगा | मैं उसेक बूब्स को दबाने के साथ उसकी लेगी में हाथ डाल दिया | मैंने जब उसकी लेगी में हाथ डाल दिया तो मुझे उसकी चूत एकदम साफ्ट लगी जैसे की किसी 10 साल की लड़की की चूत हो | दोस्तों मुझसे रहा नही गया तो मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत में घुसा दी तो के मुंह से आहे निकल गयी | तभी छत से मामी की आवाज आई तो मैंने उसे छोड़ दिया और छत पर चला गया |

उस दिन उसके साथ इतना करने के बाद मेरे मन में और सब करने की इच्छा होने लगी थी | उसके 5 दिन बाद की बात है जब मैंने उसे रात को मिलने के लिए बुलाया तो वो मुझसे मिलने आई तो मैं उसे मामी के घर में स्टोर रूम में ले गया जिसमे सामन रक्खा जाता है | फिर मैंने उसको अपनी बाँहों में भर लिया और चूमने लगा | मैं उसको चूमने लगा और वो मुझे चूमने लगी | दोस्तों आग दोनों तरफ लगी हुई थी तो मैं बिना टाइम को बर्बाद करते हुए उसके कपडे निकाल दिए जिससे वो मेरे सामने ब्रा और पैंटी में आ गयी | मैं उसको ब्रा और पैंटी में देख कर पागल हो गया और उसकी ब्रा को खोल कर उसके एक दूध को मुंह में रख कर चूसने लगा और दुसरे दूध को हाथ में पकड़ कर मसलने लगा |

मैं उसके दूध के निप्पल को मुंह में रख कर खीच खीच कर चूसने लगा तो उसकी तेज सांसे चलने लगी और वो सांसे कुछ ही देर में सिसकियों में बदल गयी | मैं उसकी तेज सांसे को सुनकर और जोश में आ गया और उसकी चूत में अपने मुंह को घुसा कर चाटने लगा | मैं उसकी चूत को चाटने के साथ उसकी घुलाबी चूत में ऊँगली घुसा दी जिससे उसके मुंह से अह अह हाँ हाँ उई उई उई हाँ…….. सी उई सी उई सी आ आ आ…. की आवाजे करने लगी | मैं उसकी वो आवाजे सुनकर जोर जोर से ऊँगली को अन्दर बाहर करने लगा | मैं उसकी वो आवाजे सुनकर जोर जोर से अन्दर बाहर कुछ देर तक करने के बाद अपने कपडे निकाल दिए |

फिर अपने 7 इंच लम्बे लंड उसके मुंह में घुसा दिया | वो मेरे लंड को मुंह में रख कर जोर जोर से अन्दर बाहर करती हुई चाटने लगी | वो मेरे लंड को मुंह में रख कर चाटने के साथ मेरे गोली को मुंह में रख कर चूसती | वो मेरे लंड को ऐसे ही जोर जोर से कुछ देर तक चाटने के बाद मेरे लंड को मुंह से निकाल दिया | जब उसने मेरे लंड को मुंह से निकाल दिया तो उसकी टांगो को फैला कर उसकी चूत में एक ही धक्के में आधा लंड घुसा दिया | मेरा लंड जैसे ही उसकी चूत में घुसा तो उसके मुंह से जोरदार दर्द भरी आवाजे निकलने लगी | मैं उसकी वो आवाजे सुनकर धक्के मारने बंद कर दिए | फिर कुछ देर बाद उसकी पतली कमर को पकड़ कर जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा | मैं उसकी चूत में जोरदार धक्के मारने के साथ उसके बड़े बड़े बूब्स को मसल रहा था और उसको चोद रहा था |

वो मस्त होकर चुदाई का मज़ा ले रही थी | मैं उसकी चूत में जोरदार धक्के मार रहा था | मेरे हर धक्के पर वो उछल जाती और मैं उसकी कमर को पकड कर अपनी और खीच लेता और जोर जोर अन्दर बाहर करते हुए उसको चोदने लगा | मैं उसको ऐसे ही जोरदार धक्को के साथ चोद रहा था जिससे उसकी चूत से पानी निकल गया और वो झड़ गयी | जब वो झड़ गयी तो उसके झड़ने के बाद मैं उसको 5 मिनट तक और जोरदार धक्के मारता रहा फिर मैं भी झड़ गया | जब मैं झड़ गया तो उसने अपने कपडे पहन लिए और चली गयी | उस दिन के बाद मैं जब तक मामी के घर रुका उसको रोज उसी कमरे में चोद और वो मुझसे चुदती रही और चुदाई के मज़े लेती थी |

फिर मैं कुछ दिन बाद अपने घर चला आया |

धन्यवाद………

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भिखारी लड़की के जलवे https://sexstories.one/sex-with-beggar-girl/ Sat, 27 Nov 2021 08:19:05 +0000 https://sexstories.one/?p=4863 मैंने उन्हें चूसना शुरू कर दिया, क्योंकि मैं खुद को नियंत्रित नहीं कर पा रही थी। वो मेरा लंड अपने मुँह में लेने लगी. मुझे अभ्यास करने की आदत थी। इतनी अच्छी अनुभूति मैंने अपने पूरे जीवन में कभी नहीं महसूस की थी...

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Sex with Beggar Girl – सभी को नमस्कार। मैं आपको अपनी खुद की सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं। सबसे पहले मैं आपको अपने बारे में बताता हूँ। मेरा नाम “होम-अलोन” स्पष्ट रूप से वास्तविक नाम नहीं है। मेरी उम्र 22 साल है। मैं कंप्यूटर का छात्र हूं। मैं अपने पिता और माता के साथ भारत में रहता हूं। आमतौर पर मैं कॉलेज से शाम 4 बजे आता हूं। कभी-कभी मेरे माता-पिता खरीदारी के लिए घर से बाहर जाते हैं और मैं घर पर अकेला हो जाता हूं।

यह भी एक शाम थी जब माँ और पिताजी अलग-अलग शहर में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए घर से बाहर गए थे। मैं घर में अकेली थी और कंप्यूटर पर लड़कियों की सेक्सी तस्वीरें देख रही थी. मेरे पास तस्वीरों का एक बड़ा संग्रह था। सभी तस्वीरें खूबसूरत स्टाइल वाली नंगी लड़कियों की थीं। मुझे चोदने और चूसने की तस्वीरें पसंद नहीं थीं। मैं तस्वीरें देख रहा था और मेरा लंड मेरे हाथ में था। उस समय मैंने कभी किसी लड़की की चुदाई नहीं की थी और मैं कुंवारी थी। जब मैं अपने हाथ में डिक लिए नग्न लड़कियों की तस्वीरें देख रहा था तो मैंने घंटी की आवाज सुनी।

मैंने कपड़े पहने और दरवाजे पर गया यह देखने के लिए कि बाहर कौन है। जब मैं बाहर गया तो मैंने देखा कि एक युवती भीख मांग रही थी और उसने मुझसे मदद करने को कहा। मैंने उसे घर के अंदर आने के लिए कहा और उसने ऐसा किया। मैंने उसके बारे में नकारात्मक नहीं सोचा था। मैं उसे अपने कमरे में ले गया और कुर्सी पर बैठने को कहा। मैंने उसका नाम पूछा। उसने बताया कि उसका नाम किरण है। मैंने उससे सवाल किया कि वह इतनी उम्र में भीख क्यों मांगती है। उसने बताया कि वह एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है। उनके पिता की मृत्यु खराब स्वास्थ्य के कारण हो गई थी और वे इतने गरीब थे कि अपने पिता को अस्पताल में भर्ती नहीं कर सकते थे।

वह अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी और उसका कोई भाई नहीं था और अब वह अपनी मां के साथ अकेली रहती है। उसकी माँ की भी तबीयत खराब है।उसने मुझे बताया कि वह भूखी थी और कुछ खाना चाहती थी। तो मैं किचन में कुछ लाने चला गया। मैंने रोटी ली और उसे खाने को दी। जब मैं बाहर गया था तो मैंने अपना कंप्यूटर चालू रखा था। जब मैं किरण के लिए रोटी लाई तो वह कंप्यूटर की तरफ देख रही थी। कंप्यूटर पर एक सेक्सी स्क्रीन सेवर चल रहा था।

मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई और मैंने जल्दी से कंप्यूटर बंद कर दिया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसे वक्त में स्क्रीन सेवर चलेगा। किरण ने मुझसे उन चीजों के बारे में पूछा जो कंप्यूटर पर चल रही थीं। मेरा जवाब कम था और मैं काफी बना रहा। उसने मुझसे पूछा कि वह कंप्यूटर पर जो कुछ हुआ था उसे देखना चाहती थी। मैं उसके अनुरोध पर पूरी तरह हैरान था। मैंने उससे पूछा कि वह क्या कह रही है। उसने फिर मुझसे पूछा कि वह कंप्यूटर पर मौजूद चीजों को देखना चाहती है। मैंने कंप्यूटर चालू किया और उसे सेक्सी स्क्रीन सेवर दिखाया। उसने मुझसे पूछा कि क्या मैंने कभी किसी लड़की या लड़के के साथ चुदाई की है। मैंने उससे कहा कि मैं कुंवारी हूं। उसने मुझसे पूछा कि अगर तुमने अपना कौमार्य खो दिया तो कैसा रहा। मैं पूरी तरह से चौंक गया था मैंने कभी नहीं सोचा था कि इतनी खूबसूरत लड़की मुझे ऐसा करने की पेशकश करेगी। उसने मुझे कंप्यूटर पर कुछ दिखाने के लिए कहा।

Beggar sex porn रिक्शावाले ने चोदा बारिश में..

सौभाग्य से मेरे पास एक XXX सीडी थी इसलिए मैंने उस सीडी को सीडी-रोम में डाल दिया और फिल्म चलाई। जब फिल्म शुरू हुई तो मेरा लंड भी खड़ा होने लगा. जब फिल्म चल रही थी किरण भी गर्म होने लगी थी। उसने मेरी कमीज पर हाथ रखा और मेरे बटन खोले। मैंने भी उसके कमर के बटन को खोलना शुरू कर दिया। उसने मेरा पेंट नीचे कर दिया। जब मैंने उसकी कमर का बटन खोल दिया तो मैंने उसे उतार दिया और उसकी ब्रा को हटाने की कोशिश की, लेकिन जैसा कि मुझे ऐसा करने का कोई पिछला अनुभव नहीं था, इसलिए मैं उसकी ब्रा को अनहुक करने में असमर्थ था। उसने मेरी ब्रा को खोलने में मदद की। अगले ही पल जब मैंने उसके स्तन देखे तो मैं चकित रह गया। वे बहुत बड़े और छोटे नहीं थे, वे सही आकार और आकार के थे। मैंने फिल्मों या तस्वीरों में ऐसे स्तन कभी नहीं देखे थे।

मैंने उन्हें चूसना शुरू कर दिया, क्योंकि मैं खुद को नियंत्रित नहीं कर पा रही थी। वो मेरा लंड अपने मुँह में लेने लगी. मुझे अभ्यास करने की आदत थी। इतनी अच्छी अनुभूति मैंने अपने पूरे जीवन में कभी नहीं महसूस की थी। मैं खूबसूरत पलों का आनंद ले रहा था। वो पल जब आपने पहली बार किसी नंगी लड़की को अपने सामने देखा था। मैं सहने ही वाला था कि वो मेरे लंड को अपने मुँह में अंदर और बाहर ले जा रही थी। मैंने उससे कहा कि मैं कमिंग कर रहा था लेकिन उसने परवाह नहीं की और मैं उसके मुँह में सहम गया। उसने सभी शुक्राणु पी लिए थे और उन सभी को अपने पेट में ले लिया था। मेरी आँखें बंद थीं और मैं पलों का आनंद ले रहा था। कुछ देर बाद मैं उसकी योनी को चाटने लगा। वह गर्म और गर्म आ रही थी। वह खुशी से कराह रही थी। उसकी योनी गीली और गर्म थी।

मेरा लंड फिर से उठने लगा। किरण अपनी खुशी के चरम पर आ गई थी और वह सहने लगी थी। वह खुशी से जोर-जोर से कराह रही थी। इसी बीच घर की घंटी बजी। मुझे डर था कि मेरे मम्मी पापा आ गए हैं। मैंने किरण को बिस्तर के नीचे आने को कहा। वह बिस्तर के नीचे आ गई। मैंने कंप्यूटर बंद कर दिया। मेरे शुक्राणु और उसके तरल पदार्थ को जल्दी से धोया और दरवाजा खोलने के लिए बाहर चला गया। मेरा दिल धड़क रहा था और मेरे चेहरे का रंग उतर चुका था। मैंने दरवाज़ा खोला और माँ और पापा घर के अंदर चले गए। माँ ने मुझसे पूछा कि क्या गलत था और मैंने उससे कहा कि सब ठीक है। मैं सोच रहा था कि अगर माँ किरण को देख लेगी तो मुझे मार डालेगी। जब माँ घर में आई तो वह मेरे कमरे में चली गई। अब मुझे बहुत डर लग रहा था और मेरा दिल मेरे शरीर से निकलने वाला था। जब उसने मेरे कमरे में बर्तन देखे तो उसने मुझसे पूछा कि मेरे कमरे में कौन आया था, मैंने उससे कहा..

मैंने कुछ लोशन उसकी गांड के छेद पर लगा दिया। मैंने धीरे से अपना लंड उसके अंदर दबा दिया। मुर्गा उसके अंदर चला गया और वह कराहने लगी। मैंने अपना पूरा डिक धीरे-धीरे उसकी गांड के छेद में डाल दिया। जब मेरा पूरा डिक उसके अंदर चला गया तो मैं छोटे-छोटे झटके देने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसकी गांड का छेद तंग था और मैं अपने डिक पर दबाव महसूस कर रहा था। लेकिन दबाव मुझे दर्द नहीं दे रहा था। यह मुझे सुंदर आनंद दे रहा था। लगभग 5 मिनट के बाद मैं उसके अंदर सह गया। मैं इतना थक गया था कि मैं उसी स्थिति में सोने चला गया। जब मेरी आँख खुली तो मैंने घड़ी की तरफ देखा। सुबह के 8 बज रहे थे और मुझे डर था कि कहीं मम्मी-पापा न आ जाएँ। मैंने कैबिनेट और कमरा सेट किया और किरण की मदद से साफ किया।

मैंने उससे कहा कि मैं उसे उसके घर छोड़ दूं लेकिन उसने इनकार कर दिया। जब वह मेरे घर से बाहर जा रही थी तो मैंने उसे 1000 रुपये दिए और मुझे इतना आनंद देने के लिए धन्यवाद दिया।

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दोस्त की कुंवारी बहन को पेला https://sexstories.one/dost-ki-kunwari-behan-ko-pela/ Thu, 18 Nov 2021 10:12:22 +0000 https://sexstories.one/?p=3357 मैंने कमरे की खिड़की से अंदर झांककर देखा कि वो अब अपनी सलवार में अपना एक हाथ डालकर ऊँगली को चूत के डालकर धीरे धीरे अंदर बाहर करके मज़े ले रही थी और उस समय टीवी पर एक किसिंग का सीन चल रहा था...

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Dost Ki Kunwari Behan Ko Pela – मेरा नाम प्रकाश है और मेरी उम्र 20 साल है। दोस्तों यह बात उन दिनों की है, उस समय मेरा एक बहुत पक्का दोस्त था जिसका नाम ज़ुबेर था और उसकी एक बहन थी जिसका नाम सना था और वो दिखने में बहुत ही सुंदर थी। उसका गोरा रंग उभरे हुए बूब्स, गोरे गाल, गुलाबी होंठ और उसके शरीर का हर एक बाहर से दिखता हुआ अंग मुझे भी बहुत आकर्षक लगता था और उस समय उसके फिगर का आकार 36-26-36 था। वैसे वो पूरी उसकी माँ की तरह दिखती थी और उसकी मम्मी भी उसी की तरह बहुत हॉट सेक्सी थी।

उस समय हमारे पेपर खतम हो चुके थे और हम लोग गर्मियों की छुट्टियाँ मना रहे थे। एक दिन ज़ुबेर को अपने किसी काम की वजह से जबलपुर जाना पड़ा और वो अपने पापा के साथ चला गया, जिसकी वजह से अब आंटी और उसकी बहन सना को अपने घर में अकेले रहना था। दोस्तों पहले में सना को सिर्फ़ अपनी एक दोस्त मानता था और मैंने कभी भी उसके बारे में ऐसा कुछ गलत नहीं सोचा था, लेकिन एक दिन आंटी ने मुझे अपने घर पर बुलाकर कहा कि तुम नहाने का साबुन लाकर सना को दे दो, वो नहाने जा रही है।

फिर में पास की एक दुकान पर साबुन लेने चला गया और में वो साबुन लाकर सना को देने के लिए घर आया तो आंटी ने मुझसे कहा कि वो अब नहाने के लिए चली गई है तुम उसको यह साबुन बाथरूम में जाकर दे दो। उस समय आंटी छत पर अपना कुछ काम कर रही थी और उनके सामने में एक बहुत शरीफ और अच्छा लड़का खड़ा था। फिर उनके कहने पर में नीचे बाथरूम में चला गया, वो बहुत सुंदर गोरी सेक्सी थी और में मन ही मन बहुत पहले से चाहता तो था कि में उसको एक बार नंगा देख लूँ, लेकिन उस दिन मेरी बहुत समय से बंद किस्मत खुल गयी और मुझे वो मिल गया जिसको मैंने कभी सपने में भी नहीं सोच था।

दोस्तों अब मैंने बाथरूम के पास जाकर कहा कि सना यह साबुन ले लो, लेकिन मुझे कुछ देर खड़े रहने पर भी कोई जवाब नहीं मिला और में वैसे ही चुपचाप इंतजार करता रहा, लेकिन तभी अचानक से सना ने चीखना शुरू किया और वो तुरंत दरवाजा खोलकर बाहर आ गई और अब वो मुझसे लिपट गई। उसकी पकड़ मेरे शरीर पर बहुत मजबूत थी जिसकी वजह से उसके बूब्स मेरे बदन से छूकर दब रहे थे और उसकी सांसे बहुत तेजी से चल रही थी। फिर जब मैंने उससे पूछा कि अचानक से तुम्हे ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से तुम इतना डर गई हो और बाहर आकर मुझसे ऐसे लिपट रही हो? तब वो कहने लगी कि बाथरूम के अंदर एक बहुत मोटी छिपकली है, मेरी जब उस पर नजर पड़ी तो वो मेरी तरफ आगे बढ़ने लगी और मुझे उससे बहुत डर लग रहा है और उसने मुझसे कहा कि प्लीज सोनू तुम अंदर जाकर उस छिपकली को वहां से भगा दो, नहीं तो में अंदर नहीं जा सकती।

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फिर मैंने उसके कहने पर ठीक वैसा ही किया और मैंने उस छिपकली को वहां से भगा दिया और फिर वो नहाने बाथरूम में चली गई। फिर बाहर आकर मैंने सोचा कि जब वो मुझसे लिपटी हुई थी तो उसके बूब्स मेरी छाती से दब रहे थे और वो उस समय सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी और अब मेरे दिमाग़ में सिर्फ़ वो सेक्सी सीन चल रहा था और पूरी रातभर में उसके बारे में बहुत कुछ सोच रहा था और ज्यादा जोश में आकर मैंने उसके नाम से दो बार मुठ मारकर अपने लंड को शांत भी किया और उसके बाद में उसको सोचता हुआ गहरी नींद में सो गया। दोस्तों उसके बाद कामदेवता ने मुझसे बहुत ज्यादा खुश होकर तुरंत मुझे वो एक मौका दे दिया जब मेरे सभी घर वाले घूमने के लिए बाहर चले गए और उन्होंने मुझे अपने घर पर अपने पालतू कुत्ते की देख रेख करने के लिए छोड़ दिया और तभी उन सभी के चले जाने के बाद मेरी आंटी ने मुझसे कहा कि वो भी कहीं बाहर जा रही है तो तुम सना को अपने घर में अपने साथ रख लो, वर्ना यह अपने घर में अकेली रहेगी और आंटी को वापस आने में शाम हो जाएगी और फिर वो भी सना को मेरे साथ छोड़कर चली गई।

फिर मैंने सना को अपने कमरे के अंदर बुला लिया और उसके बाद मैंने टीवी पर एक कार्टून लगा दिया जिसको वो बैठकर देखने लगी और में नहाने चला गया। फिर कुछ देर बाद मुझे पता चला कि में अपने साथ टावल लाना भूल गया था इसलिए में बाथरूम से बाहर निकलकर अपने कमरे में टवल लेने आया और तब मैंने देखा कि सना अब उस कार्टून को हटाकर एक चेनल पर एक मस्त सेक्सी फिल्म देख रही है और में कुछ देर उसको देखता रहा। उसका मुझ पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं था और में चुप से अपना काम करके वापस बाहर चला गया, लेकिन मेरा मन बिल्कुल भी नहीं कर रहा था कि में बाहर जाऊँ।

फिर मैंने कमरे की खिड़की से अंदर झांककर देखा कि वो अब अपनी सलवार में अपना एक हाथ डालकर ऊँगली को चूत के डालकर धीरे धीरे अंदर बाहर करके मज़े ले रही थी और उस समय टीवी पर एक किसिंग का सीन चल रहा था और वो अब ज्यादा गरम होकर सिसकियाँ भर रही थी। अब मैंने जानबूझ कर आवाज़ करना शुरू किया और उसने तुरंत चेनल को बदल दिया उसके बाद मैंने कमरे में अंदर आकर उससे कहा कि मैंने अभी कुछ देर पहले बाहर से सब कुछ देख लिया है कि तुम तब क्या क्या कर रही थी?

दोस्तों वो मेरी इस बात को सुनकर एकदम चकित हो गई और उसके चेहरे का उड़ा हुआ रंग मुझे उसकी परेशानी साफ साफ बता रहा था और वो मुझसे बोली कि प्लीज आप मेरी मम्मी और भाई से कुछ भी मत कहना वर्ना मुझे बहुत मार पड़ेगी। तब मैंने उससे पूछा कि तुम सिर्फ़ यह किस सीन ही देखती हो या कुछ और भी? तो वो बोली कि टीवी पर कभी भी पूरा सीन नहीं आता है, लेकिन उसकी एक बहुत अच्छी पक्की सहेली ने उसको पहले ही सब कुछ बता दिया था कि सुहागरात में क्या होता है?

अब मैंने उससे कहा कि अगर में उसको वो पूरा सीन दिखाऊँ तो क्या तुम देखा चाहती हो वो सब? तब वो बोली कि तुम्हारी मर्ज़ी और इतना कहकर वो शरमा गई। दोस्तों में तुरंत समझ गया कि यह अब जरुर मुझसे पट जाएगी और यह मेरी किसी भी बात को बाहर किसी से नहीं कहेगी, इसलिए मैंने झट से अपने सीडी के बेग में से एक ब्लूफिल्म निकालकर उसे डीवीडी प्लेयर पर लगाकर दिखा दी, जिसकी वजह से वो बहुत गरम हो गई और मेरे ही सामने वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ भरने लगी और अपनी सलवार में हाथ डालकर ऊँगली को डालने लगी।

अब मैंने उसको अपनी बाहों में उठा लिया और मैंने उसको बेड पर लेटा दिया। उसके बाद में उसके होंठो पर किस किया तो उसने भी कुछ देर बाद मेरा पूरा साथ दिया। उसके बाद मैंने सही मौका देखकर उसके सारे कपड़े उतार दिए और मैंने उसको सिर्फ़ ब्रा और पेंट में कर दिया और में उसके बूब्स को चूसने लगा और में उसकी चूत पर पेंटी के ऊपर से ही हाथ रगड़ने लगा था। तभी उसने मेरे लंड को पकड़ लिया और वो भी मेरा लंड रगड़ने लगी और मैंने जोश में आकर अपने सारे कपड़े उतार दिया और उससे कहा कि अब तुम भी नंगी हो जाओ।

फिर वो भी मेरे कहने पर तुरंत नंगी हो गई और तब मैंने उसकी दोनों गोरी गरम जांघे एक दूसरे से अलग की और उसकी बेचेन कुंवारी चूत में मैंने पहली बार एक ज़ोर का धक्का देकर अपना 6 इंच का लंबा लंड डाल दिया, जिसकी वजह से उसके मुहं से वो ज़ोर की चीख निकल पड़ी और वो मुझसे बोली कि आह्ह्हह्ह प्लीज अब बस करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है प्लीज आईईईई माँ में मर गई, इसको बाहर निकाल दो। फिर मैंने उससे कहा कि पहली बार है इसलिए तुम्हे दर्द हो रहा है, लेकिन कुछ देर बाद तुम्हे बड़ा मज़ा आएगा और तुम्हे इसकी आदत हो जाएगी, लेकिन वो अब भी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी और उसको बहुत दर्द था।

अब मैंने बिना कुछ परवाह के अपने लंड से उनकी चूत पर दो तीन जोरदार झटके दे दिए और उसके बाद में लगातार धक्के देता रहा और थोड़ी ही देर बाद अब उसको भी मेरे साथ मज़ा आने लगा था और वो बहुत ही कामुक जोश से भरी आवाज़े निकालने लगी थी, जिसकी वजह से में पूरी तरह से जोश में आकर चुदाई करता रहा और फिर कुछ और देर तक धक्के देने के बाद मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में निकाल दिया। में उसके ऊपर लेटा रहा और फिर कुछ देर बाद में उसके ऊपर से हट गया। दोस्तों मैंने उसको उस दिन रुक रुककर करीब तीन से चार बार चोदा और मज़े लिए, लेकिन वो अब ज्यादा चुदाई बर्दाश्त नहीं कर आ रही थी। फिर चुदाई खत्म होने के बाद जब वो उठी तो मैंने उसकी गोरी गांड देखी तो मैंने उससे कहा कि अब मुझे तेरी यह गांड भी मारनी है।

फिर वो कहने लगी कि नहीं मुझे बहुत दर्द होगा और में वो काम नहीं करूंगी और ना ही तुम्हे करने दूंगी। दोस्तों तब मैंने उसको बहुत प्यार से समझाया और कहा कि में इस बार बहुत धीरे धीरे से करूँगा, जिसकी वजह से तुम्हे इतना दर्द महसूस नहीं होगा, तो वो मान गई और मैंने अपने हाथ में तेल लिया और उसकी गांड पर लगाकर मसल दिया, जिसकी वजह से वो बहुत चिकनी नजर आ रही थी और उसके बाद मैंने अपने लंड को भी तेल से नहला दिया। उन दोनों के तेल से स्नान के बाद अब मैंने धीरे से अपने अपने लंड को उसकी गांड में डाला और थोड़ा थोड़ा करके मैंने अपना पूरा लंड उनकी गांड में डाल दिया, वो बहुत ज़ोर से चीखने लगी थी।

फिर मैंने उसको समझाकर चुप करवाया और में उसके बूब्स को सहलाने लगा। उसके बाद में अब धीरे धीरे धक्के देकर अपने लंड को उसकी चिकनी गांड में अंदर बाहर करके उसकी गांड मारने लगा और फिर कुछ देर बाद उसको भी अब मेरे साथ मज़ा आ रहा था, क्योंकि उसका वो दर्द कम हो गया था, लेकिन कुछ देर धक्के देने के बाद में झड़ गया और इस बार भी मैंने अपना गरम गरम वीर्य उसकी गांड में डाल दिया था और तब तक शाम के 6 बज गए थे। अब मैंने आख़िरी बार उसको किस किया और में नहाने चला गया।

मेरे पीछे पीछे वो भी बाथरूम में चली आई और हम दोनों एक साथ में ही नहाए और उसने मेरा लंड और मैंने उसकी चूत के अंदर तक पानी डालकर अच्छी तरह से साफ किया। उसके बाद हम बाहर आ गए और दोबारा कमरे में आकर एक दूसरे से चिपककर टीवी देखने लगे। फिर कुछ देर बाद उसके घरवालों के वापस आ जाने के बाद वो उनके साथ घर चली गई और वो मुझसे बोली कि यह सब मेरी जिंदगी का एक बहुत खास दिन था। तुम्हारे साथ बिताया हुआ हर एक पल वो लम्हा मुझे पूरी जिंदगी याद रहेगा। दोस्तों अब जब भी हमे कोई अच्छा मौका मिलता है तो में उसकी बहुत मस्त चुदाई करता हूँ और कभी कभी में उसकी गांड भी मारता हूँ वो हर बार मेरा पूरा पूरा साथ देती है और शायद मैंने उसको अपना दीवाना बना लिया, इसलिए वो मेरे साथ हमेशा खुश रहती है।

दोस्तों यह थी मेरी चुदाई की कहानी अपने दोस्त की उस कुवारी बहन के साथ, जिसने कभी अपनी चूत के ऊँगली के अलावा लंड जैसा कोई अंग अपनी जवानी की उस पहले कदम पर लेने के बारे में नहीं सोचा था और वैसे मुझे भी उसकी चुदाई का ऐसा कोई अंदाजा नहीं था कि वो एक दिन मुझसे चुदेगी और मेरे लंड के लिए पागल हो जाएगी ।।

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ट्रेनिंग के दौरान किया चुदाई https://sexstories.one/training-me-chodai/ Wed, 20 Oct 2021 05:34:11 +0000 https://sexstories.one/?p=3072 वह मुझे इतना समझा रही थी लेकिन मेरे दिमाग में कुछ भी बात नहीं घुस रही थी। मैं सिर्फ उसके होठों को देख रहा था और उसके बड़े बड़े स्तनों को देखे जा रहा था। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और अपने नीचे दबोच लिया। वह छटपटाने लगी लेकिन मैंने उसके होठों को अपने होठों में..

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desi porn chodai kahani, hindi sex stories मेरा नाम सोनू है और मैं कक्षा 12वीं में पढ़ने वाला एक छात्र हूं। मेरी उम्र 17 वर्ष है और मैं अपने स्कूल का सबसे एक्टिव स्टूडेंट हूं। हमारे स्कूल में जितने भी प्रतियोगिताएं होती हैं उन सब में मैं हिस्सा लेता हूं और सब टीचर मुझे बहुत ही पसंद करते हैं। मुझे भी बहुत अच्छा लगता है जब मैं प्रतियोगिता में हिस्सा लेता हूं। मेरे पिताजी हमेशा ही मुझे कहते रहते हैं तुम बहुत ही अच्छे हो पढ़ने में इसलिए तुम अपनी पढ़ाई में पूरा ध्यान दिया करो। उसके बाद तुम किसी अच्छी प्रतियोगिताओं की तैयारी करना।

जिससे कि तुम एक अच्छी जगह पर नौकरी पा सको। एक बार हमारे स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन हमारे स्कूल के द्वारा किया गया। उसमें और स्कूलों से भी बच्चे आए हुए थे। उनके साथ में टीचर भी आई हुई थी। मैंने भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया हुआ था। मैंने एक मैडम देखी तो वह मुझे बहुत ही सुंदर लगी और ना जाने मुझे उनकी तरफ अट्रैक्शन सा हो गया। अब मैं उनका नाम जानने के लिए उत्सुक हो गया। क्योंकि मैं किसी भी तरीके से उनका नाम जानना चाहता था। उनकी शादी नहीं हुई थी। मेरे स्कूल के टीचरों से मेरी बहुत ही अच्छी बातचीत थी तो मैंने अपनी एक मैडम से पूछा जिन मैडम ने पिंक कलर की साड़ी पहनी हुई है क्या आप उन्हें जानते हैं। वह कहने लगे की हां उनका नाम मालती है।

मुझे उन मैडम का नाम पता चल चुका था और मैं बहुत ही खुश था। मैं जब अपने घर गया तो मैंने मालती मैडम को फ्रेंड रिक्वेस्ट सेंड कर दी लेकिन उन्होंने मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं की थी और मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट पेंडिंग में ही पड़ी हुई थी। अब हमारे स्कूल की प्रतियोगिताएं भी समाप्त हो चुकी थी। मैं चाहता था मालती मैडम से मेरी बात हो पाए। एक दिन उन्होंने मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लिया और जब उन्होंने मुझसे पूछा क्या मैं तुम्हें जानती हूं। तब मैंने उन्हें बताया कि हां आप हमारे स्कूल में कुछ दिन पहले आई थी। अब हमारी बात मैसेजेस में ही होने लगी और वह मेरे बारे में पूछने लगी।

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मैं भी उनके बारे में पूछ लिया करता था। एक बार मैंने मालती मैडम से पूछा क्या आप मुझे ट्यूशन पढ़ा सकती हैं। मैं घर पर ही पढ़ाई कर रहा हूं। परंतु अब मैं चाहता हूं कि मैं इस वर्ष अच्छे अंको से पास हो जाऊं और उसके लिए मैं ट्यूशन पढ़ना चाहता हूं। वह कहने लगे कि मैं तुम्हें ट्यूशन पढ़ा दूंगी। उनके पास बहुत सारे बच्चे ट्यूशन पढ़ने आया करते थे और मैं भी उनके पास ट्यूशन पढ़ने के लिए चला गया। जब मैं उनके पास पहले दिन ट्यूशन पढ़ने गया तो उन्होंने मुझसे पूछा, तुमने अब तक अपने स्कूल में क्या पढ़ाई की है। मैंने उन्हें सब कुछ बता दिया कि मैंने स्कूल में कितना पढ़ा है। अब वह शुरू से मुझे पढ़ाने लगी। जब भी मालती मैडम मुझे पढ़ाती तो मैं उनकी तरफ देखा करता था।

मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब मैं उनकी तरफ देखता जाता हूं लेकिन जैसे ही वह मुझे देखती तो मैं अपनी नजरें झुका लिया करता हूं। मुझे उन्हें देखकर शर्म लगती थी और अब ऐसे ही हमारी बात होती चली गई। वह मुझे बहुत ही अच्छा पढ़ाती थी। वह जब भी मुझे पढ़ाती तो मुझे सब कुछ समझ आ जाया करता। कुछ दिनों बाद उनकी इंगेजमेंट होने वाली थी और जब उनकी इंगेजमेंट हुई तो उन्होंने हमें मिठाई भी खिलाई थी। मुझे अंदर ही अंदर से बहुत बुरा भी लग रहा था और मैं सोच रहा था की काश मैं बड़ा होता तो मैं मालती मैडम से शादी कर पाता लेकिन मेरी उम्र बहुत ही कम है और वह मुझसे बड़ी थी। अब मेरा पढ़ाई में भी मन नहीं लग रहा था और मैं पढ़ाई भी नहीं कर पा रहा था। मालती मैडम मुझे बहुत डांट दिया करती थी और कहती थी कि तुम पढ़ाई में अपना ध्यान नहीं लगा रहे हो।

अगर तुम इसी तरीके से पढ़ते रहोगे तो तुम अच्छे नंबर नहीं ला पाओगे। मैं उन्हें कहता कि आजकल पता नहीं क्यों मेरा मन पढ़ाई में नहीं लग पा रहा है। मेरे दिमाग में बहुत सारी चीजें चल रही है इसकी वजह से मैं अच्छे से पढ़ भी नहीं पा रहा हूं। जब मैंने उनसे यह बात कही तो वह मुझे कहने लगी तुम मुझे बताओ तुम्हारे दिमाग में क्या चीज चल रही है। मैंने सोचा मैं इन्हें बताऊंगा तो मैडम को बुरा लग जाएगा लेकिन मैंने हिम्मत करते हुए उन्हें बताइए दिया कि आपके लिए मेरे दिल में कुछ फीलिंग है तो वह जोर जोर से हंसने लगी और कहने लगी अभी तुम्हारी उम्र बहुत कम है। तुम्हें पता नहीं है कि मेरी इंगेजमेंट हो चुकी है।

मैंने उन्हें कहा मुझे तो पता है लेकिन मेरे दिल में आपके लिए ऐसा कुछ हुआ तो वही मैंने आपको बताया। उन्होंने मुझे कहा कि अभी तो मैं बिजी हूं। तुम एक काम करना कल तुम थोड़ा जल्दी आ जाना। उसके बाद में मैं तुमसे इस बारे में बात करूंगी। अगले दिन जब मैं जल्दी चला गया तो मैडम मुझे कहने लगी तुम इन फालतू चीजों में मत पड़ो। तुम सिर्फ अपना ध्यान पढ़ाई पर रखो। वह मुझे बहुत ही ज्यादा समझा रही थी लेकिन मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। क्योंकि मेरे दिल में उनके लिए कुछ चीजें चल रही थी।

वह मुझे इतना समझा रही थी लेकिन मेरे दिमाग में कुछ भी बात नहीं घुस रही थी। मैं सिर्फ उसके होठों को देख रहा था और उसके बड़े बड़े स्तनों को देखे जा रहा था। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और अपने नीचे दबोच लिया। वह छटपटाने लगी लेकिन मैंने उसके होठों को अपने होठों में किस करना शुरू किया तो उसकी सारे समझदारी उसकी चूत मे चली गई और उसकी चूत से पानी टपकने लगा। अब मैंने उसके सारे कपड़े खोल दिया और उसके स्तनों को अपने मुंह में समा लिया। जब मैंने उसका बदन देखा तो वह बहुत ही ज्यादा गोरा और मुलायम था। मैंने उसके स्तनों को बहुत ही अच्छे से चाटा उसके स्तनों से थोड़ा बहुत दूध भी निकल रहा था। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो वह हैरान रह गई और उसने तुरंत ही अपने हाथों में मेरे मोटे लंड को ले लिया। उसने अपने मुंह के अंदर लंड को समा लिया।

Ghapaghap chodai लौड़े में दम नहीं फिर भी हम किसी से कम नहीं

मैंने भी इतना तेज धक्का मारा कि उसके गले के अंदर तक मेरा लंड चला गया। अब उसकी उत्तेजना बहुत बढ़ चुकी थी मैंने उसके चूत के अंदर अपने लंड को जैसे ही डाला तो उसकी हालत खराब हो गई और वह बड़ी तेज आवाज में चिल्लाने लगी। मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था जब मैं उसे धक्के दिए जा रहा था। मैंने इतनी तेजी से उसे चोदना शुरू किया कि उसका पूरा शरीर हिलता जा रहा था और वह मुझसे कह रही थी सोनू तुम तो मुझे बहुत ही अच्छे से चोद रहे हो। उसने अपने दोनों पैरों को भी खोल लिया था अब वह बहुत ज्यादा मूड में आ गई तो मैंने उसे अपने लंड के ऊपर बैठा लिया। जैसे ही मैंने उससे अपने ऊपर बैठाया तो उसकी योनि के अंदर मेरा पूरा लंड जा चुका था। अब मैंने बड़ी तेजी से उसे धक्का देना शुरु कर दिया था और मेरा शरीर भी पूरा  गर्म होने लगा था।

वह भी पूरे मूड में आ गई मुझसे मालती मैडम के स्तनों को देखा नहीं जा रहा था और मैं उन्हें अपने मुंह में लेकर चूस रहा था। मैंने उन पर अपने दांत भी काट दिए थे जिससे कि मुझे बड़ा मजा आता और उन्हें भी बहुत आनंद आ रहा था। अब वह अपनी चूतड़ों को इतनी तेजी से ऊपर नीचे करने लगी कि मेरा लंड बुरी तरीके से छिल चुका था उनकी योनि भी बहुत बुरी तरीके से रगड़ रही थी। मुझे इतना मजा आ रहा था मैंने उनके होठों को किस करते हुए थोड़े समय बाद उन्हें घोडी बना दिया। मैंने जैसे ही उनकी योनि में अपने लंड को डाला तो वह चिल्ला उठी मुझे बहुत मजा आया जब मैंने उनकी योनि में अपने लंड को डाला।

वह भी अपने चूतड़ों को मुझसे सटाए जा रही थी और बहुत ही मजे ले रही थी। जैसे ही मैं उन्हें आगे की तरह  धक्के देता तो वह अपने चूतड़ों को पीछे कर लेती। उनके चूतड़ों से बहुत तेज फच फच की आवाज आ रही थी। उनकी बड़ी-बड़ी चूतडे मेरे हाथ में भी नहीं आ रही थी फिर भी मैंने उन्हें कस कर पकड़ा हुआ था। मुझे इतना मजा आ रहा था उन्हें धक्के देने में कि मेरा शरीर पूरा गर्मी छोड़ने लगा और उनकी योनि से भी आग निकलने लगी। मुझे प्रतीत हो गया कि थोड़े समय बाद मेरा वीर्य गिरने वाला है और मैंने बड़ी तेज तेज झटके दिए उन्हीं झटकों के बीच में मेरा वीर्य पतन हो गया।

मालती मैडम उसके बाद मुझे कुछ नहीं कहती और अपनी चूत मुझसे ही मरवाती हैं।

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अनजान लड़की ट्रेन में मिली https://sexstories.one/ladki-ko-train-me-choda/ Mon, 22 Feb 2021 04:00:17 +0000 https://sexstories.one/%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2/ मेरा नाम राजीव है मैं बनारस का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 24 वर्ष है। मैं पुणे से एमबीए की पढ़ाई कर रहा हूं, यह मेरा आखिरी वर्ष है, मुझे पुणे में 10 वर्ष के ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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मेरा नाम राजीव है मैं बनारस का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 24 वर्ष है। मैं पुणे से एमबीए की पढ़ाई कर रहा हूं, यह मेरा आखिरी वर्ष है, मुझे पुणे में 10 वर्ष के करीब हो गया है और मैं अपनी पढ़ाई में बहुत ही ज्यादा ध्यान देता हूं। मैं पढ़ने में भी पहले से ही अच्छा था इसीलिए मेरे पिताजी ने मुझे आगे की पढ़ाई के लिए पुणे भेज दिया. train me choda

वह चाहते थे कि मैं एक अच्छे कॉलेज में पढूं इसीलिए मैं पुणे के एक अच्छे कॉलेज में पढ़ाई कर रहा हूं.. train me choda

और जिस प्रकार से उन्होंने  मुझे एक अच्छे कॉलेज में पढ़ने के लिए भेजा मैं हमेशा ही उनके लिए सोचता हूं क्योंकि वह ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। मेरे पिताजी स्कूल में एक कलर हैं, मैं हमेशा ही उन्हें ध्यान में रखकर अपनी पढ़ाई करता हूं और सोचता हूं कि किस प्रकार से उन्होंने मुझे इतनी दूर पढ़ने के लिए भेजा।

मैं कॉलेज के हॉस्टल में रहता हूं. train me choda

मेरी एक बार कॉलेज में किसी बात को लेकर कुछ लड़कों के साथ बहस हो गई थी, वह बात बहुत ज्यादा बढ़ गई जिसकी वजह से कॉलेज प्रशासन ने मेरे घर वालों को कॉलेज में बुला लिया, मैं नहीं चाहता था कि उनके सामने मेरी बेइज्जती हो लेकिन जब यह बात मेरे पापा को पता चली तो उन्होंने मुझे कहा कि तुम यदि अपनी पढ़ाई में ध्यान नहीं दे पा रहे हो तो तुम आपस आ जाओ।

वह अच्छे व्यक्ति होने के साथ साथ बहुत सख्त किस्म के भी हैं। train me choda

मैंने उन्हें कहा कि ऐसी कोई भी बात नहीं हुई है, उन लड़कों ने हीं मेरे साथ बदतमीजी की थी इसीलिए मैंने भी उन्हें उसका जवाब दे दिया जिस वजह से कॉलेज प्रशासन को पता चल गया और उन्होंने आपको नोटिस भिजवा दिया। मैंने उस दिन अपने पापा को तो मना लिया लेकिन कॉलेज में वह लोग मेरी बात मानने को तैयार नहीं थे, मैंने उन्हें बहुत समझाया लेकिन वह लोग बिलकुल भी मेरी बात सुनने को तैयार नहीं थे।

वह मुझे कहने लगे कि तुम्हें अपने पापा को तो कॉलेज में बुलाना ही पड़ेगा क्योंकि हमारे कॉलेज के रूल बडे ही शक्त थे इसीलिए मुझे अपने पापा को कॉलेज में बुलाना पड़ा।

जब वह आए तो उन्होंने कॉलेज में मेरे टीचर बात की, उन्होंने उस दिन तो वार्निंग देकर छोड़ दिया परंतु मेरे पापा अपने स्कूल से छुट्टी लेकर आए थे और मुझे बहुत बुरा लग रहा था कि वह मेरे लिए इतनी दूर आए। मैंने पापा को कहा कि मेरी वजह से आपको इतनी तकलीफ हुई, वह कहने लगे कोई बात नहीं यदि तुम गलत नहीं हो तो मैं तुम्हारा साथ हमेशा दूंगा।

मैंने उनके लिए रुकने के लिए एक गेस्ट हाउस में बात की थी.. ladki ko train me choda

और वह वहीं रूके, जब वह वहां रुके थे तो उस दिन मैंने पापा के साथ ही बाहर डिनर किया। जब मेरे पापा मेरे साथ बैठे हुए थे तो वह मुझसे पूछने लगे  तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है, मैंने उन्हें कहा पढ़ाई तो अच्छी चल रही है  परन्तु आपको मेरी वजह से बहुत ही दुख हुआ होगा,  वह कहने लगे कोई बात नहीं तुम यदि पहले ही यह बात बता देते तो मैं खुद ही आ जाता लेकिन अब मेरे पिताजी पूरी तरह से संतुष्ट हो चुके थे इसलिए वह कहने लगे कोई बात नहीं तुम अपनी पढ़ाई में ध्यान दो कभी कबार ऐसा हो जाता है।

मैंने अपने पिताजी को गेस्ट हाउस में छोड़ा, उसके बाद मैं वहां से अपने हॉस्टल आ गया, जब मैं अपने हॉस्टल में पहुंचा तो मैंने अपने पापा को फोन कर दिया, वह मुझे कहने लगे मेरी कल सुबह की ट्रेन है मैं सुबह सुबह ही निकल जाऊंगा। वह कहने लगे तुम अपना ध्यान रखना और अगली सुबह वह बनारस के लिए निकल पड़े, जब वह बनारस पहुंच गए तो उन्होंने मुझे फोन कर दिया और कहने लगे मैं घर पहुंच चुका हूं।

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उनके जाने से मुझे भी बहुत अजीब सा लग रहा था इसलिए मैं भी सोचने लगा मैं भी कुछ दिनों बाद घर चला जाता हूं, कुछ दिनों के बाद हमारे कॉलेज की छुट्टियां पढ़ने वाली थी तो मैंने अपना रिजर्वेशन पहले ही करवा लिया था। मैंने अपना रिजर्वेशन करवाया तो मैंने अपने पापा को बता दिया कि मैं कुछ दिनों के लिए घर आ रहा हूं क्योंकि कॉलेज की छुट्टियां पड़ रही है।

यह बात सुनकर मेरे पापा मम्मी बहुत खुश हो गए.. train me choda

और वह कहने लगे तुम्हारी कितने दिनों की छुट्टियां है, मैंने उन्हें कहा कि 20 दिन की हमारी छुट्टियां हैं और मैं यहां से कुछ दिनों में ही निकल जाऊंगा। मैं जब अपने घर के लिए निकला तो मैं ट्रेन में ही बैठा हुआ था, मेरे आसपास काफी लोग बैठे हुए थे, मेरे सामने ही एक परिवार था वह मुझसे पूछने लगा कि क्या कम पुणे के रहने वाले हो, मैंने उन्हें कहा नहीं मैं बनारस का रहने वाला हूं।

मैं अब अपनी सीट में लेट गया, ट्रेन भी अपनी रफ्तार से चल रही थी, मैं अपने लैपटॉप में ही मूवी देख रहा था और जब एक स्टेशन में ट्रेन रुकी तो मैं ट्रेन से नीचे उतर गया, मैंने बाहर से एक पानी की बोतल ली और कुछ देर तक मैं बाहर ही टहलका रहा। जब ट्रेन निकलने वाली थी तो मैं ट्रेन में चढ़ गया। मैं जब ट्रेन में चढ़ा तो मुझे सामने ही एक लड़की दिखाई दे गई वह जींस और टॉप पहने हुए बैठी हुई थी उसने वाइट कलर का टॉप पहना हुआ था उसमें वह बड़ी ही सेक्सी लग रही थी। मैं दरवाजे के सामने ही खड़ा हो गया और उसे देखने लगा।

मैं काफी देर तक उस पर अपने नजरों से बाण चलाता रहा.. train me choda

जब उसकी नजर मुझ पर पड़ी तो वह भी बड़े ध्यान से मुझे देख रही थी कुछ देर मैंने उसे इशारा किया और अपने पास बुला लिया। वह दरवाजे के पास आ गई, हम दोनों वहां पर खड़े होकर बात करने लगे उसका नाम रूपल था। रूपल और मेरी काफी देर तक बात हुई जब वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो गई तो हम दोनों ही बाथरूम में घुस ग।ए मैंने जब रूपल के गुलाबी होठों को बहुत देर तक रसपान किया और उसके होठों से खून निकाल दिया तो मैं बहुत खुश हो गया।

जब मैंने उसके स्तनों को चूसा तो उसके छोटे से स्तन मैंने काफी देर तक चूसे, उसके निप्पल भी बड़े गोल थे और उन्हें चूसकर मुझे बहुत मजा आ रहा था। उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था और वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई थी। मैंने जब रूपल से कहा तुम अपनी जींस को उतार दो, जब उसने अपनी जींस के बटन को खोला तो उसने अंदर से ब्लैक कलर की पैंटी पहनी हुई थी..

उसमें वह बड़ी सेक्सी दिख रही थी। train me choda

उसने जैसे ही अपनी जींस को नीचे उतारा तो मैंने उसकी योनि के अंदर अपनी उंगली डाल दी उसकी योनि बड़ी ही टाइट थी और वह पूरी तरीके से मेरे साथ सेक्स करने को उतारू थी। जब मैंने उसे घोड़ी बनाया तो मैंने धीरे धीरे उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि के अंदर घुसा तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी तुम्हारा लंड तो बड़ा ही मोटा है।

मैंने उसकी गांड को पकड़ कर रखा और बड़ी तेज गति से मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर बाहर करना जारी रखा। मैं जब भी अपने लंड को अंदर करता तो वह अपने मुंह से मादक आवाज निकालती और मुझे अपनी ओर आकर्षित करती। मैंने उसकी चूत बहुत देर तक मारी जब उसकी चूत ने कुछ ज्यादा ही तरल पदार्थ छोड़ना शुरू किया तो मुझे लग गया कि अब यह झडने वाली है।

मुझे उसे चोदते हुए 5 मिनट हो चुके थे .. train me choda

और उन 5 मिनट में मैंने उसे 250  झटके मार दिए थे लेकिन मेरे झटके इतनी तेज थे कि मेरे झटको से रूपल को दर्द होने लगा था। उसकी चूतड लाल हो चुकी थी, उसकी चूतड का साइज बड़ा गोल सा था उसकी टांगें भी बहुत लंबी थी। मैंने उसे बड़ी तेज गति से झटके मारे जैसे ही मेरा वीर्य उसकी टाइट योनि के अंदर गिरने वाला था तो वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई।

मैंने उसे तेजी से झटके देने शुरू कर दिए.. train me choda

मेरा वीर्य इतनी तेजी से गिरा कि उसे बिल्कुल भी पता नहीं चला। वह सोच रही थी मेरा वीर्य अभी भी नहीं गिरा है लेकिन मेरा वीर्य गिर चुका था। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो वह मुझे कहने लगी डार्लिंग तुम तो बड़े ही सेक्सी हो मुझे तुम्हारे साथ संभोग कर के बड़ा मजा आ गया। मैंने भी रूपल के साथ बहुत अच्छे से सेक्स किया लेकिन उसके बाद ना तो कभी वह मुझे मिली और ना ही मेरा उससे कोई संपर्क हो पाया।

मैं अब भी उसकी खोज में हूं मै उसे हमेशा ही हर जगह तलाशने की कोशिश करता हूं लेकिन अभी तक वह मुझे नहीं मिली।

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क्लब में मिली लड़की की मिटाई अन्तर्वासना https://sexstories.one/sexy-ladki-ki-chudai/ Fri, 08 Jan 2021 16:06:24 +0000 https://sexstories.one/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%ac-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a5%9c%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%be/ हेल्लो दोस्तों, सबसे पहले तो मैं आप सब पाठकों का स्वागत करता हूं | आशा है की आप सब अपनी निजी और सेक्स लाइफ दोनों में मस्त होंगे और जो मेरी तरह सिंगल हैं वो ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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हेल्लो दोस्तों, सबसे पहले तो मैं आप सब पाठकों का स्वागत करता हूं | आशा है की आप सब अपनी निजी और सेक्स लाइफ दोनों में मस्त होंगे और जो मेरी तरह सिंगल हैं वो अपना हिला कर काम चला रहे होंगे | दोस्तों मेरा नाम विशेष है और मैं मुंबई के जुहू में रहता हूँ | मैं एक बिज़नसमैन हूँ और हिंदी सेक्स कहानियों का पाठक भी | अब मैं आप लोगों का ज्यादा टाइम न लेते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ | sexy ladki

एक दिन की बात है | मैं घर पर पड़ा बोर हो रहा था | jawan ladki sexy hai

मैंने सोचा की क्यूँ न कहीं घूम आऊं | मैंने एक दो दोस्तों को कॉल किआ लेकिन सब बिजी थे | फिर मैंने अकेले जाने का सोचा | मैंने अपनी कार निकली और थोड़ी दूर पर जो क्लब है वहां चला गया | कार पार्क कर के मैं क्लब के अन्दर गया | वहां बहुत सारी लड़कियां और लड़के भी थे | सब अपनी मस्ती में झूम रहे थे | मैंने एक बियर जग आर्डर किया और बैठ कर बियर पीने लगा |

मैं बियर पी ही रहा था की मेरी नज़र पास वाले सोफे पर बैठी एक लड़की पर पड़ी |

वो लगभग 20 साल की होगी | उसने वन पीस पहन रखा था | वो पतली सी थी और काफी सेक्सी लग रही थी | मैंने ध्यान से देखा तो वो मेरी तरफ ही देख रही थी | थोड़ी देर तक ऐसे ही नज़रें मिलाने का सिलसिला चलता रहा | फिर उसने इशारों में मुझे डांस के लिए बुलाया |

मैं उसके पास गया और उसका हाथ पकड़ कर उसको उठाया | sexy ladki ki chut

फिर हम दोनों साथ में डांस करने लगे | मैंने उसकी कमर में हाथ डाल दिया और उसकी कमर को पकड़ कर पार्टी डांस करने लगा | थोड़ी देर ऐसे ही डांस करने के बाद मैंने उससे बोला की कहीं बाहर चलें ? वो हाँ बोली | फिर मैंने उसको साथ लिया और कार में बिठा कर बाहर चल दिया | कार में ही उसने मेरा हाथ पकड़ लिया | मैंने उसका इशारा समझा और कार अपने फ्लैट की तरफ मोड़ ली |

मैंने कार पार्क की और उसको लेकर लिफ्ट में गया | लिफ्ट में कैमरा नही है तो हम लोग लिफ्ट में ही शुरू हो गये | लिफ्ट में मैंने उसको कमर से पकड़ा और अपनी ओर खींच लिया | फिर वो अपने होठों को मेरे होठों के पास ले आई | हम दोनों किस करने लगे | हम किस कर ही रहे थे की लिफ्ट रुक गयी और हमारा फ्लोर आ गया |

अब हम दोनों मेरे फ्लैट में आ गये | sexy ladki ki chudai kahani

मैंने जैसे ही दरवाजा बंद किया, तुरंत ही उसको पकड़ लिया और दीवार के सहारे खड़ा करके किस करने लगा | वो भी मेरा सर पकड़ के मुझे किस करने लगी | अब मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा | वो मजे से आह ऊह्ह करके सिसकियाँ लेने लगी | उसका ये करना मुझे और जोश दिला रहा था | मैं उसको गर्दन पर किस कर ही रहा था की मैंने अपना हाथ उसे बूब्स पर रख कर उसके बूब्स को कपड़ों के ऊपर से सहलाना शुरू कर दिया | उसने मना नही किया |

मैं उसको बेडरूम में ले गया और उसकी बेड पर गिरा दिया | फिर मैंने अपनी शर्ट उतार दी और उसके ऊपर आ गया | मैंने उसको किस करते करते उसके कपडे निकाल दिए | अब वो सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी | उसके गोरे बदन पर काली ब्रा और पैंटी कहर ढा रही थी | मैं उसके बूब्स को ब्रा के सहला रहा था और फिर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए |

Train me chudai ki antervasn

उसके दूध बहुत बड़े नही थे लेकिन गुलाबी दूध और वो मस्त निप्पल.. क्या नजारा था | मैंने बिना देर किये उसके निप्पल चूसने शुरू कर दिए | वो मजे से आह हह हह ह हह ह्ह्ह ह्ह्ह हह ओऊ ह हह हह ह हह ह ह ह्ह्ह्ह ह्ह्ह ह आह हह हह हह हह ह ऊ ई इ ई ईईइ इ ईईइ करके सिसकियाँ ले रही थी |

उसकी सिसकियाँ सुनकर मुझे और जोश आ रहा था | chudas sexy ladki

अब मैंने उसके दुसरे निप्पल को चुसना शुरू किया और पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को सहलाने लगा | वो अब और जोर से आआआ आह्ह हह ह ह्ह्ह्ह ह हह हह ह हह ह ह ऊ ओ ऊ ओ ऊ ऊ  ह हह ह हह ह ह्ह्ह्ह हह ह ह इ इ इ ई ईईइ ई इ इ इ करने लगी |

फिर मैंने उसकी पैंटी भी निकल दी | वाह.. क्या मस्त नजारा था मेरे सामने | उसकी बिना झांटों वाली गुलाबी चूत क्या मस्त थी | मुझे तो देख के ही मजा आ गया | मैं वैसे चूत नही चाटता हूँ लेकिन ऐसी चूत सामने ही तो क्या सोचना | मैंने तुरंत उसकी चूत में जीभ लगा दी |

जैसे ही मेरी जीभ उसकी चूत पर लगी, वो चिहुंक पड़ी | अब मैंने उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदना शुरू कर दिया | उसने मेरा सर पकड़ लिया और जोर होर से आ आआअ हह ह ह हह हह ह्ह्ह ह्ह्ह ह ह ह्ह्ह्ह ह हह ऊऊ उ ऊऊ ऊऊऊ ऊऊ ऊ उ ऊ इ इ इ ई ईई ईईईइ ईईई ईओ ओ ऊऊऊऊ ओ ओऊ ऊऊऊ ओ ऊ ओ ओ ऊ आआह्ह ह हह ह ह ह्हहा आईई ईईई इ इ ई इ ई ईई इ इ ई इ इ इ इ करने लगी |

उसकी चूत का स्वाद आज तक मुझे याद है | sexy ladki

थोड़ी देर तक उसकी चूत चाटने के बाद मैंने भी अपनी पैंट और अंडरवियर निकल दी | अब मेरा बड़ा सा लंड उसके सामने था | वो मेरा इशारा समझ गयी और उसने मेरे लंड को हाथ में पकड़ लिया और सहलाने लगी | मैं लेट गया और वो मेरे लंड को सहलाती हुई चाटने लगी | मुझे कितना मजा आ रहा था ये मैं बता भी नही सकता | वो बड़े मजे से मेरे लुंड को मुंह में ले रही थी और अन्दर बाहर कर रही थी | मुझे बहुत मजा आ रहा था | थोड़ी देर बाद मैंने उससे लेटने को कहा | वो लेट गयी |

अब मैंने उसकी टांगों को फैला कर उसकी चूत में अपने लंड को डालना शुरू किया | जैसे ही मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में गया, वो दर्द से बिलख पड़ी | मैंने अपना लंड वहीँ रोक लिया | जब वो थोडा शांत हुई तो मैंने फिर से एक धक्का लगाया | इस बार लंड आधा घुस गया | उसकी चूत काफी टाइट थी | वो अभी भी रो रही थी | मैंने बिना देर किये एक और जोर लगाया और इस बार पूरा अन्दर कर दिया |

वो दर्द से बिलख उठी | sexy jawan ladki ki chut chudai

मैंने थोडा इंतजार करना सही समझा लेकिन उसकी चूत से अपना लंड निकाला नही | जब वो थोडा नार्मल हुई तो मैंने धीरे धीरे लंड को अन्दर बाहर करने लगा | वो अब जोर जोर से आह आआअह्ह्ह हह ह हह ह हह ह्ह्ह हह ऊऊ उ ऊ उ उ ऊ उ  ऊ ऊऊ उ ऊऊऊ ई  उईइ इ इ ई इ ईई इ ई इ इ इ ईईइ ईईईईईईइ आआअ आआह्ह ह हह हह ह्ह्ह ह ह्ह्ह हह ह ह्ह्ह्ह ह ह ह्ह्ह्हह हह ह ह्ह्ह हु उ ऊ उ ऊ उ ऊ ईई कर रही थी |

थोड़ी देर बाद उसको भी मजा आने लगा | अब वो मेरा साथ देने लगी और मजे से आःह ह्ह्ह ह हह ह हह ह हह ह इऊउ ऊऊ ईई ई इ ई फक मी हार्ड.. आह हह ह हह ह हह ह हह ह हह ह हह ह्ह्ह हह उ उ ऊऊ ऊ इ उ ई इ ईईइ ईई इ इऊ ऊऊऊ ऊऊ ओ ऊऊ ओ ओऊ इ ई इ ई इ इ ई फक मी करने लगी | मैंने स्पीड बढ़ा दी अब | फिर मैंने पोजीशन बदलने की सोची | मैंने उसको घोड़ी बनने को बोला और उसकी चूत में अपना लंड घुसेड दिया |

मैं उसको चोदे जा रहा था और वो भी मजे से आया आया आह्ह हह ह हह ह हह ह हह ह ह ह ह्ह्ह्ह ह ह उ ऊऊउ उ ऊऊऊ उई ई इ इ ई इ इ इ ईई इ ई इ इ ई इ ईईइ इ इ करके चुदवा रही थी |

करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद जब मेरा निकलने वाला हुआ तो मैंने उसको लिटा दिया और उसके पेट पर अपना सारा माल निकाल दिया | इस जबरदस्त चुदाई में हम दोनों को खूब मजा आया |

उस दिन के बाद हम लोग जब भी मन करता है, हम मिलते हैं और चुदाई करते हैं |

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