indian Group Sex Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/indian-group-sex/ Hindipornstories.org Sat, 29 Jan 2022 07:33:10 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 दोस्त की माँ को चोदने का प्लान बनाया https://sexstories.one/plan-dost-ki-maa-ko-chodne-ka/ Sat, 29 Jan 2022 07:33:10 +0000 https://sexstories.one/?p=4531 मैं पूरी तैयारी में था मेरा लंड खड़ा था. सेक्स बडाने के लिए सेक्सी किताब पड़ रहा था, उतने में आंटी आई, बोली क्या पड़ रहे हो, तो मैं जोश में बोला कि आज अपनी सुहागरात है ना इसलिए सेक्सी किताबे पड़ रहा हूँ..

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Plan Dost Ki Maa Ko Chodne Ka सोनू और मैं अच्छे दोस्त थे मुझे पता था सोनू भी मेरी तरह चूत का प्यासा है. हम दोनो ने कुछ कॉल गर्ल को भी चोदा है. अब तो रोज मुझे उषा आंटी को चोदने के सपने आने लगे. मुझे पता था सोनू अपनी माँ को चोदने नहीं देगा और आंटी भी ऐसी औरत नहीं है, तो मैंने सोनू को फंसाने कि सोची और उसे कहा कि मेरी माँ आ रही है और सीमा आंटी (मेरे दूसरे दोस्त कि माँ जो गावं में रहती है जिसे मैं पहले चोद चुका था) को बुला लिया, मैंने सीमा आंटी को पहले ही प्लान बता दिया था कि आप मेरी माँ है।

फ़िर एक दिन सोनू मेरे से मिलने आया मैं जानबुझ कर थोड़ी देर के लिए बाहर गया और इसी बीच सीमा ने सारे घर में झाड़ू और पोछा लगाया जिससे उसके मस्त बोबे सोनू को दिखे. उसके बाद वो रोज आने लगा और माँ के शरीर के मज़े लेने लगा. एक दिन मैंने उससे कहा कि कल मैं अपनी गर्लफ़्रैन्ड के साथ मसुरीं जा रहा हूँ.

अगले दिन सोनू घर आया और माँ से पूछा राहुल कहाँ है. तो वो बोली वो तो कहीं गया है शाम तक आयेगा उस दिन मैंने माँ को कुछ इस तरह से तरिके बताये ताकी वो आसानी से माँ को चोद ले. पहले माँ ने उसके कपड़ो पर पानी डाल दिया, सोनू ने अपने कपड़े बदल लिए फ़िर माँ ने बाथरुम में फ़िसलने का नाटक किया और सोनू उन्हें रूम में उठा के ले आया फ़िर माँ ने सोनू से मालिश करवाई और फ़िर चुदाई भी. मेरे घर में लगे केमरे में उनकी चुदाई रिकार्ड हो रही थी.
तभी मैं घर आ गया और उन दोनो को रंगे हाथो पकड़ लिया सोनू मेरे घर से चला गया.

अगले दिन मैं उससे मिलने उसके घर गया वो बहुत झिजक रहा था मैंने उसे बहुत बुरा भला कहा और वो कुछ ना बोला. अगले दिन सोनू ने मुझसे माफ़ी माँगी तो मैंने कहा कि एक शर्त पर माफ़ कर सकता हूँ वो बोला क्या मैंने कहा माँ के बदले माँ चाहिए, वो तो चोक गया और बोला ये क्या कह रहा है. ऐसा नहीं हो सकता मैंने कह अच्छा मेरी माँ को चोदते वक्त नहीं सोचा, फ़िर मैंने उसको अपनी माँ कि और उसकी चुदाई कि विडिओ दिखाई और कहा कि ये तेरी माँ को भी दिखाउगां. वो थोड़ा शांत हुआ और सोचने लगा और बोला मैं कल सोच के बताऊंगा, मुझे पता था अगर ये सोचेगा तो ना ही कहेगा. तो मैंने उसे समझाया कि उसके पापा को मरे हुये 6 साल हो गये उसकी माँ को भी तो इन सब कि जरुरत है और अगर वो मेरी माँ को सुख दे सकता है तो उसकी माँ को मैं क्यों नहीं.

वो तैयार तो हो गया पर डरा हुआ था कि माँ कैसे मानेगी. मैंने उससे कहा कि वो मेरे ऊपर छोड़ दे पर दोस्तो उसकी माँ को मनाना इतना आसान नहीं था. मैंने बहुत सोचा फ़िर एक प्लान समझ में आया मैंने एक दिन सोनू को कहा कि किसी शादी में अगर जाना हो तो आंटी के साथ मैं जाऊँगा तभी एक दिन शादी में जाना था तो सोनू ने कहा कि माँ मुझे बुखार है आप राहुल को ले जाये उषा आंटी तैयार हो गयी, मैं उन्हें उनकी गाड़ी में ले के शादी में गया दोस्तो आज वो परी से कम नहीं लग रही थी ब्राउन कलर कि साड़ी में मस्त माल लग रही थी मन कर रहा था कि अभी चोद दूँ, फ़िर हम शादी में पहुँचे वहाँ डिनर करते वक्त मैं आंटी से कई बार टच हुआ.

फ़िर मैंने एक कोल्ड ड्रिन्क ली और सफाई के साथ उसमे नींद कि गोली डालकर आंटी को पिला दी, हम वहाँ से लोटने लगे तो राते में सुनसान राता पड़ता है. और थोड़ा सा जंगल भी है शादी भलावला में थी, आंटी नींद में थी मैंने गाड़ी रोकी और देखा आंटी सो चुकी है. मैंने आंटी को उठाया और जंगल में पेड़ो के पास ले जाकर उनके कपड़े उतारे और उनकी नंगी विडिओ बना ली (दोस्तो मैं चाहता तो उन्हें चोद भी सकता था पर मेरा लंड औरत को जागते हुये ही चोदता है और वो भी उसकी मर्जी से) फ़िर मैंने आंटी को ऐसे ही गाड़ी में डाला और उनके ऊपर उनके कपड़े डाल दिए और गाड़ी को वहीं झाडियों में पेड़ से टकर मारी और अपने माथे में थोड़ी चोट भी लगा ली..

फ़िर वहाँ से गाड़ी निकाली और घर ले आया. सोनू और उसकी बहन आई और आंटी को घर ले गयी वहाँ मैंने बताया कि हमारी गाड़ी का एक्सीडेन्ट हो गया और मैंने कुछ लोगो से मदद माँगी तो उन्होने मुझे बाँध कर आंटी के साथ रेप किया. सुबह आंटी को होश आया तो हमने उन्हें सारी बात बताई पर आंटी को यकीं नहीं हुआ तो मैंने कहा आप सो गयी थी और फ़िर एक्सीडेन्ट के कारण बेहोश हो गयी थी.अगले दिन एक कोरियर में आंटी कि नंगी विडिओ उनके पास भेजी और कहा अगर विडिओ चाहिए तो 2 लाख रुपए चाहिए…

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आंटी रोने लगी और वो ये बात अपने रिशतेदारों को भी नहीं बता सकती थी ओर 2 लाख केश कहाँ से आते मैंने कहा आंटी मैं आपकी मदद करुगां और वो विडिओ ले आऊँगा.फ़िर मैंने आंटी को वो विडिओ ला के दी जिसमें सोनू मेरी माँ को चोद रहा था, आंटी ने अकेले में वो विडिओ देखी और मुझे फोन किया कि ये वो विडिओ नहीं है तो मैंने कहा कि इसमे सोनू जिसे चोद रहा है वो मेरी माँ है और वो विडिओ मेरे पास है अगर वो भी मुझसे चूदेगी तो मैं ये विडिओ उसे दूँगा, वो मना करने लगी मैंने फोन काट दिया उसने कई बार मिलाया मैंने फोन स्विच ऑफ कर दिया, तब उसने सोनू को बहुत डाटा और कहा कि उसने ऐसा क्यों किया और अब क्या होगा। फ़िर सोनू ने कहा कि अब राहुल कि बात माननी पड़ेगी.

सोनू अपनी मम्मी को लेकर मेरे घर आया उसकी मम्मी ने मुझे समझाया कि सोनू से ग़लती हो गयी उसे माफ़ कर दो, मैंने मना किया तो वो कहने लगी कि इसमे तेरी मम्मी कि भी ग़लती है तो मैंने कहा मुझे कुछ नहीं पता मुझे माँ के बदले माँ को चोदना है. जब मैं नहीं माना तो वो गुस्से में चली गयी, मैंने सोनू को फोन करके कहा कि वो अपनी माँ को मना ले सोनू ने अपनी माँ को कहा कि माँ केवल एक बार उससे वो विडिओ ले लो फ़िर मैं सब देख लूँगा, उसकी माँ तैयार हो गयी. और उसने मुझे फोन किया मैंने उससे कहा कि आज रात कहीं जाने का बहाना बना कर अपनी माँ को मेरे घर छोड़ दे और मेरी माँ के साथ किसी होटल में रंगरलियां मना ले.

ऐसा ही हुआ सोनू ठीक 8 बजे उषा को लेकर मेरे घर आ गया और थोड़ी देर बाद मेरी माँ को लेकर जाने लगा उसकी माँ ने कहा कि तुम कहाँ जा रहे हो तो मैंने कहा कि ये लोग होटल में रात बिताएगें यहां मेरे रूम में ज्यादा जगह नहीं है. वो चले गये आंटी एक सादा साड़ी पहन कर आई थी, मैंने उन्हें माँ कि लाल साड़ी दी और तैयार होने को कहा वो थोड़ा डरी हुई थी और शर्म भी आ रही थी, मैंने उन्हें समझाया और कह कि अपनी दूसरी सुहागरात का मजा लो. फ़िर वो थोड़ा सही हुई और तैयार होने लगी मैं इतने में ऊपर चला गया.मैं ऊपर बिस्तर डाल के आंटी का इन्तजार कर रहा था. मैंने सारा इंतज़ाम कर रखा था, जैसे कि मेरी सुहागरात हो, कोंडोम भी रखा था. मैं बनियान में था. उतने में आंटी आई लेकिन आंटी भूल गयी कि आज चुदवाना है,

मैं पूरी तैयारी में था मेरा लंड खड़ा था. सेक्स बडाने के लिए सेक्सी किताब पड़ रहा था, उतने में आंटी आई, बोली क्या पड़ रहे हो, तो मैं जोश में बोला कि आज अपनी सुहागरात है ना इसलिए सेक्सी किताबे पड़ रहा हूँ. मेरा लंड खड़ा था. आंटी सिर्फ़ मेक्सी पहनकर आई थी और अंदर कुछ भी नहीं था, मेक्सी में वो एकदम सेक्सी दिख रही थी, आंटी मेरे बाजू में आ के लेट गई, मैंने हल्के से आंटी कि चूत के ऊपर हाथ फेरा मुझे मज़ा आ रहा था, मैंने आंटी कि मेक्सी को नीचे से उठाया, तो मुझे गोरी टाँगे देखी.

देखते ही मैंने चाटना शुरू किया आंटी भी मेक्सी पूरी निकाल के नंगी हो गयी, अंदर चडी नहीं थी, मैं चाट रहा था, चाटते-चाटते मैं उनकी चूत के पास गया, क्या मस्त गोरी चूत थी, क्लीन शेव था, मैं अपनी उंगली अंदर घुसा रहा था लेकिन अंदर जा नहीं पा रही थी, आंटी बोली अभी 10 साल से कुँवारी है ऐसे नहीं घुसेगी. मैं अपनी टांग आंटी के चूत पर रगड़ने लगा, आंटी के मुहँ से आआहह कि आवाज़ निकल रही थी मस्त 5 मिनट तक चाट रहा था, बाद में आंटी बोली, तड़पाओ मस्त चोदो मेरे पतिदेव, आज मुझे बहन से बीवी बनाओ, मैं आंटी के ऊपर चड़ने लगा, आंटी के बोबे एकदम टाइट थे…

मैंने एक मुहँ में लिया और एक को मसलने लगा, आंटी के पूरे बदन में आग लग गयी थी, मेरे को बहुत मज़ा आ रहा था, बाद में आंटी को मुहँ मैं फ़्रैन्च किस किया, 5 मिनट तक आंटी के लिप्स चूस रहा था.बाद में आंटी बोली तेरा लंड चुसवायेगा तो मैं जल्दी से नंगा हो गया और टाइट लंड आंटी के हाथ में दिया, आंटी ने उसे सहलाया फ़िर मुहँ में लिया और चूसने लगी, मैं तो खुशी के मारे उछल रहा था, मैं आंटी के मुहँ को चोद रहा था, आंटी बहुत टाइम तक चूस रही थी. मैं भी आंटी के मुहँ में चोद रहा था, अचानक मेरा विर्य गिरने को आया आंटी कि गदन पकड़ के ज़ोर ज़ोर से चोदा बाद में मेरा विर्य आंटी के मुहँ में गिर गया..

आंटी उसे पूरा पी गयी. मेरा लंड सकुड गया. 5 मिनट के बाद आंटी ने वापस मेरा लंड चूस के कड़क बनाया और बोली मेरी चूत में डाल दे और मेरी चूत को फाड़ दे, मैंने आंटी कि चूत के नीचे एक तकिया लगाया और मैं उसके ऊपर चड़ गया लंड को चूत के ऊपर सेट किया और लंड को घुसाने लगा लेकिन आंटी कि चूत टाइट होने के कारण चूत में लंड नहीं घुस रहा था. अभी मैं आंटी के ऊपर था, चूत में लंड को बराबर सेट करके और जोर जोर से धक्के दे रहा था आंटी भी मेरा साथ दे रही थी. मुझ से रहा नहीं गया और मैंने मुहँ में रखकर एक जोरदार शॉट लगाया वैसे आंटी दर्द के मारे चिल्ला उठीं मगर मेरे किस और बोबे दबाने से उसे मज़ा आ रहा था, आंटी कि चूत फट गई. मैं जोर ज़ोर से चोद रहा था. आंटी आआहह आआहह करके तड़प रही थी मैं पूरे जोश में था.मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा, आंटी भी चूत उठा के साथ दे रही थी,

बटर कि वजह से पिच-पिच-पिच कि आवाज रूम में गूँज रही थी. बाद में आंटी ने मुझे कस के पकड़ लिया और बोली जोर ज़ोर से चोद मेरी चूत को भोसड़ा बना दे बहनचोद, मैं समझ गया आंटी झड़ने वाली है मैं भी जोर ज़ोर से चोदने लगा, और आंटी कि चूत से गरम वीर्य निकल गया. उसके बाद मैंने आंटी को खूब चोदा बाद में मैंने आंटी को कहा आंटी मैं झड़ने वाला हूँ, तो आंटी बोली मेरी चूत में झड़ ज़ा मैंने अपनी रफ़्तार बड़ाई और आंटी कि चूत में झड़ गया, और मैं शांत हो गया और आंटी के ऊपर सो गया, बाद में आंटी को मैं रोजाना चोदता और वीर्य चूत में छोड़ देता.

आंटी भी आई -पिल खाती थी.

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वेट्रेस के साथ गैंगबैंग https://sexstories.one/desi-group-sex-with-waitress/ Mon, 17 Jan 2022 07:00:04 +0000 https://sexstories.one/?p=5109 हेतल अपने घुटनों और कोहनियों के बल उठ खड़ी हुई, पहले एक फिर दो उँगलियाँ पूजा की चूत में घुसाते हुए, पूजा की योनि पर अपनी जीभ से फड़फड़ाती रहीं। हेतल की कोमल कोमल उँगलियाँ उसके अंदर इतनी अच्छी...

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Group sex with waitress – पूजा नग्न खड़ी थी, और खुली खिड़की के बगल में कांपती हुई, चाँद की रोशनी अपने तनी हुई देह के कोमल वक्रों को स्नान कर रही थी। ठंडी हवा के कारण उसके निप्पल उसके भरे हुए स्तनों से बाहर निकल आए। बाहर से हल्की रोशनी के अलावा कमरे में अंधेरा था। उसे जो शर्मिंदगी महसूस हुई, वह उसकी उत्तेजना से खत्म हो गई थी। वह अपने आप को छूना चाहती थी, उन सख्त निपल्स को एक अच्छी चुटकी और टग देने के लिए, लेकिन उसे अनुमति नहीं थी।

बिस्तर पर उसका प्रेमी उस वेट्रेस से प्यार कर रहा था जिसे वे उस शाम पहले उठाकर घर ले आए थे। पूजा को अपना नाम ठीक से याद नहीं था। जिनाल थी या लता? जो कुछ भी था, धीरज को याद रहेगा। अभी के लिए, यह देखना पूजा की भूमिका थी।

महिला ने हांफते हुए धीरज को जोर से धक्का दिया, फिर विलाप किया, “मैंने अभी-अभी अपना रस तुम्हारे लंड पर गिराया है!”

“उसे बताओ,” धीरज ने पूजा की दिशा में सिर हिलाते हुए निर्देश दिया।

लगभग भूल जाने के बाद कि पूजा वहाँ थी, महिला ने कहा, “मैं अभी-अभी तुम्हारे प्रेमी के लंड पर आई हूँ!”

उसके सामने कामुक दृश्य खेलने के बावजूद, पूजा को खुद को खुश करने की अनुमति नहीं थी। धीरज ने उसे एक विकल्प दिया था। वह उसे एक कुर्सी से बांध देगा और उसकी घड़ी बना देगा, या वह खुली खिड़की से नग्न खड़ी हो सकती है, लेकिन उसकी अनुमति के बिना कोई स्पर्श नहीं कर सकता। वह चुपके से अपनी तना हुआ जांघों को सहलाने में सक्षम थी, लेकिन यह शायद ही संतोषजनक था क्योंकि उसका गीलापन उसके पैरों के अंदरूनी हिस्से से नीचे बहने लगा था। पूजा सख्त सींग वाली थी, लेकिन उसे धीरज की बात माननी पड़ी।

जिन चौदह महीनों में वह धीरज के साथ बाहर जा रही थी, पूजा का जीवन नाटकीय रूप से बदल गया था। हालांकि एक सुंदर और बाहरी रूप से सामान्य युवा जोड़े, अकेले में धीरज और पूजा ने एक-दूसरे की विकृत जरूरतों को पूरा किया। न तो धीरज के बैंक में और न ही डॉक्टर के कार्यालय में जहां पूजा नर्स के रूप में काम करती थी, किसी को भी यह संदेह नहीं होगा कि इन दो आकर्षक युवाओं के बीच पारंपरिक संबंधों के अलावा कुछ भी था। वे कभी नहीं जानते थे कि पूजा को नियंत्रित करने की गहरी जरूरत है, या धीरज की उस जरूरत को पूरा करने की इच्छा के बारे में।

उसने उसकी रूढ़िवादी परवरिश से कई लटके हुए झगड़ों को दूर करने में उसकी मदद की, उसे सिखाया कि कैसे उसकी शर्म का इस्तेमाल उसकी उत्तेजना को बढ़ाने के लिए, शरारती होने का आनंद लेने के लिए, उसके उत्कृष्ट शरीर से अधिकतम आनंद प्राप्त करने के लिए किया जाए। पहली बार जब उसने अपने पर्याप्त स्तनों पर वीर्य छिड़का तो उसने जो गिरावट महसूस की, वह उसके बाद के संभोग की तुलना में कुछ भी नहीं थी, यह वास्तव में अनिवार्य शर्त थी।

थोड़े समय के भीतर ऐसा कुछ भी नहीं था जो वह उसके लिए नहीं करती थी, या उसे उसके साथ करने देती थी, यहाँ तक कि पहली बार शॉवर में जब उसने अपना चिकना गीला अंगूठा उसकी पीठ पर खिसका दिया, जबकि उसकी बीच की उँगली उसकी भीगी हुई चूत के अंदर खेल रही थी . वह शुरुआती घुसपैठ पर चिल्लाई, लेकिन उसके और उसके विशेषज्ञ ने अपने स्तनों को सानने के बीच तौलिया रैक को पकड़ने की कोशिश करते हुए एक कंपकंपी चरमोत्कर्ष को सहन किया। उसके रोने की आवाज़ टाइलों से उछल कर नीचे की गली में सुनाई देती अगर खिड़की खुली होती।

उन्होंने विचारों के लिए अश्लील साहित्य का खनन किया और स्क्रीन पर जो देखा उसका अनुकरण किया। पूजा अंतरजातीय और समूह सेक्स से हैरान थी, लेकिन उनके बारे में सोचना बंद नहीं कर सकी। जब धीरज व्यवसाय के लिए शहर से बाहर थे, तब उन्होंने कई एकान्त सत्रों को हवा दी।

अब वे अपना पहला थ्रीसम शुरू कर रहे थे। उन्होंने इसके बारे में हफ्तों तक बात की और जब उन्होंने अपनी खूबसूरत वेट्रेस को देखा, परिपक्व और एक हत्यारे शरीर और जीतने वाली मुस्कान के साथ आत्मविश्वास से, उन्होंने एक मौका लिया। हेतल (वह उसका नाम था!) स्वेच्छा से अच्छे युवा जोड़े के साथ एक नाइट कैप के लिए घर गई और जल्द ही सभी नग्न थे। हेतल को निपुणता से धीरज पर नीचे जाते देखना पूजा को हल्का और ईर्ष्यालु बना देता है। यह कोई फिल्म नहीं थी; यह ठीक उसके सामने हो रहा था!

पूजा निश्चित रूप से जानती थी कि चीजें कहाँ जा रही हैं। वह कभी किसी अन्य महिला के साथ नहीं रही, लेकिन धीरज ने उससे कहा कि वह अक्सर उसे समलैंगिक प्रेम में लिप्त देखने के बारे में सोचता है। वह समझ नहीं पा रही थी कि कहाँ से शुरू करूँ, लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे हेतल को इसका कुछ अनुभव हो। अब वह पता लगा लेगी।

हेतल और धीरज उसके बारे में ऐसे बात करते रहे जैसे वह वहां नहीं है। वह एक बाहरी व्यक्ति की तरह महसूस कर रही थी, एक दृश्यरतिक, दो लोगों को उनके सबसे अंतरंग क्षणों में देख रही थी।

“मैं कब ले सकती हूं?” हेतल ने पूछा, जैसे ही धीरज ने उसे चोदा।

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“जल्द ही,” धीरज ने जवाब दिया। “सबर रखो।”

“लेकिन वह बहुत सेक्सी है।”

“मुझे पता है। यह बहुत अच्छा होने वाला है।”

अंत में, धीरज ने पूजा को बिस्तर के पास खड़े होने का इशारा किया। यह था! कुछ छोटे कदमों के साथ, पूजा उन असामान्य युवतियों में से एक बन जाती जो समूह सेक्स में संलग्न होती हैं। वह झिझकते हुए बिस्तर के पास खड़ी हो गई, और धीरज ने हेतल को लुढ़का दिया, उसका इरेक्शन अभी भी प्रभावशाली रूप से मोटा था। हेतल उठी और अपने घुटनों पर बैठ गई, पूजा को गले लगा लिया, जो पूरी तरह से सुनिश्चित नहीं थी कि क्या करना है।

“ठीक है, प्रिये,” हेतल फुसफुसाई, उसे आश्वस्त करते हुए। “बस यह होने दो।” पूजा के बड़े कोमल स्तनों को सहलाते हुए हेतल ने पूजा को पहले गाल पर और जल्द ही मुंह पर धीरे से किस किया। “मेरे भगवान, तुम एक सेक्सी युवा चीज हो!” हेतल उत्साह से फुसफुसाई, हालांकि खुद केवल 35.

एक लंबे समय के बाद एक जोड़े ने हेतल को बिस्तर पर अपने साथ आने के लिए आमंत्रित किया था। उसके बिसवां दशा के दौरान परिपक्व जोड़ों द्वारा उससे तीन बार संपर्क किया गया था, जो उसे त्रिगुट में रखना चाहते थे, लेकिन यह पहली बार था जब एक छोटे जोड़े ने उससे पूछा था। वह भूमिकाओं में बदलाव से चिंतित थी। अब वह एक झिझकने वाली लेकिन इच्छुक युवा महिला की मदद करने वाली अनुभवी हाथ थी, जो उस उम्र में खुद को जानने वाली खुशियों की खोज करती थी।

पूजा ने महसूस किया कि हेतल की उंगलियां उसके पैरों के बीच खेल रही हैं और लगभग तुरंत ही एक संभोग सुख के कारण दम तोड़ दिया जिससे उसका शरीर कांप गया। उसने खुली खिड़की से डरकर और गली से केवल तीन मंजिल की दूरी पर होने के कारण, जोर से कराहने की कोशिश की। भले ही लगभग आधी रात हो चुकी थी, फिर भी उनकी इमारत के सामने फुटपाथ पर कुछ राहगीर हो सकते थे।

हेतल ने पूजा के एक निप्पल को अपने मुंह में लिया और उसे चूसने लगी और अपने लाल सुनहरे बालों को सहलाने लगी…

पूजा खुशी से कांप उठी।

तब हेतल ने पूजा को बिस्तर के सिरहाने लेटने और अपने पैर फैलाने का निर्देश दिया।

वह पूजा की तंग जाँघों के बीच में चली गई और अपने नए युवा दोस्त को ज़ुबानी देने लगी।

इसने पूजा को ट्रान्स में भेज दिया, क्योंकि वह विलाप करने लगी और अपने निपल्स को टटोलने लगी और अपने बड़े स्तनों की मालिश करने लगी।

पूजा को हेडबोर्ड और हेतल पर थोड़ा ऊपर उठाया गया था, जबकि अभी भी यह देखने की कोशिश कर रहा था कि पूजा की चूत कितनी दूर तक वह अपनी जीभ काम कर सकती है, पूजा के जघन बाल के मोटे पैच से परे … उसके स्तनों के टीले के बीच और उसकी आँखों में जैसे पूजा ने पीछे मुड़कर देखा, उसकी अपनी आँखें खुशी के झोंकों में आधी बंद थीं।

पल में खोई हुई पूजा को विश्वास नहीं हो रहा था कि हेतल की कुशल जुबान ने उसे जो आनंद दिया है।

मैं लेस्बियन नहीं हूं, उसने खुद से दोहराया। मैं लेस्बियन नहीं हूं। मुझे मर्द पसंद है।

लेकिन अब रुकना बहुत अच्छा लगा।

एक और चरमोत्कर्ष उसके ऊपर आ गया और उसके पैर बेकाबू हो गए।

उसका चेहरा इस तरह से विकृत था कि ऐसा लग रहा था कि वह रो रही है, लेकिन वह वास्तव में उस पल का अधिक आनंद ले रही थी, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी।

यह धीरज की कल्पना मानी जा रही थी, लेकिन वह इसमें इस तरह फंस गई कि उसने उसे चौंका दिया।

वह और धीरज मुख मैथुन से प्यार करते थे और उनहत्तर उनकी पसंदीदा फोरप्ले गतिविधियों में से एक थी; कभी-कभी यह सब नाटक था!

हेतल अपने घुटनों और कोहनियों के बल उठ खड़ी हुई, पहले एक फिर दो उँगलियाँ पूजा की चूत में घुसाते हुए, पूजा की योनि पर अपनी जीभ से फड़फड़ाती रहीं।

हेतल की कोमल कोमल उँगलियाँ उसके अंदर इतनी अच्छी लग रही थीं कि उसे इस बात की ज्यादा परवाह नहीं थी कि क्या हुआ।

हेतल एक दुष्ट मुस्कान के साथ धीरज की ओर मुड़ी।

“तुम्हारी प्रेमिका की चूत बहुत गर्म है!”

“मुझे पता है,” उन्होंने कहा।

“तुम मुझे पीछे से क्यों नहीं चोदते?” उसने कहा, “जबकि मैं उसकी चूत से खेलती हूँ”

फिर से, हेतल और धीरज ने पूजा को लगभग इस तरह संदर्भित किया जैसे वह वहां नहीं थी।

धीरज को किसी प्रोत्साहन की आवश्यकता नहीं थी। अपने हर जोरदार धक्का से धीरज ने हेतल के चेहरे को पूजा की चूत में धकेल दिया..

अंत में धीरज ने पूजा की ओर देखा.. और दोनों ने अपने पहले थ्रीसम की सफलता पर बुरी तरह से उत्साही मुस्कान का आदान-प्रदान किया।

क्या वे अकेले अपने सपनों में ऐसे अनुभव की कामना कर सकते थे?

पूजा ने परवाह नहीं की, भले ही धीरज ने अपना सारा वीर्य हेतल की चूत में गिरा दिया।

धीरज का पूरा शरीर तनावग्रस्त हो गया और दोनों महिलाओं को पता चल गया कि उसका संभोग चरम पर है, जिसके कारण हेतल ने अपनी चूत के रस को गिरा दिया और फिर उस शाम को आखिरी बार पूजा का चरमोत्कर्ष आया।

निश्चित रूप से गली में शारीरिक विलाप सुना जा सकता था।

जब यह सब खत्म हो गया, तो पूजा ने खुद को हेतल और धीरज के बीच में पाया, दोनों ने धीरे से उसके शरीर पर हाथ फेरा, क्योंकि वे सभी इसके बाद का स्वाद ले रहे थे। जल्द ही हेतल को उसकी कार में बार की पार्किंग में वापस करने का समय होगा जहां उसने काम किया था।

पूजा बहुत थकी हुई थी, इसलिए धीरज गाड़ी चला रहा था। जैसे ही वह कार से बाहर निकली, हेतल ने धीरज से पूछा – क्या यह ठीक है, क्या वह और पूजा किसी समय आपस में मिल जाते हैं।

“ज़रूर,” धीरज ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया।

हेतल ने कहा, “ऐसा नहीं है कि मैं पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में हूं।” “आखिरकार मेरा एक प्रेमी है। लेकिन पूजा के बारे में कुछ ऐसा है जिससे मेरे रॉकेट दागे जाते हैं।”

“मैं समझता हूँ,” धीरज ने उत्तर दिया और एक सज्जन की तरह हेतल को उसकी कार तक पहुँचाया। “मुझे व्यवसाय के सिलसिले में अगले सप्ताह शहर से बाहर जाना है। आप उसे फोन क्यों नहीं करते?”

“मैं!” हेतल ने गुप्त रूप से उत्तर दिया। धीरज ने उसे पूजा का नंबर देने के बाद हेतल मुस्कुराई और अपनी उम्रदराज वोल्वो में चढ़ गई। “वैसे,” उसने कार को गियर में डालने से पहले धूर्तता से कहा। “उसे अपने अंगूठे के नीचे रखना जैसे आप करते हैं? यह दुष्ट रूप से सेक्सी है।”

जैसे ही वह रात में चली गई, वह खुद से मुस्कुराई, सोच रही थी कि वह अपने प्रेमी को अपनी शाम के बारे में क्या बताएगी।

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