incest sex Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/incest-sex/ Hindipornstories.org Mon, 31 Jan 2022 07:27:20 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 बन गया मैं बहन का पति https://sexstories.one/behanchod-bankar-behan-ko-choda/ Mon, 31 Jan 2022 07:27:20 +0000 https://sexstories.one/?p=4368 मेरा लंड जल्दी जल्दी चूसने लगी। मैंने उनकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और सलवार निकाल कर पैंटी भी उतार दी और चूत में उंगली डाल दी। मैं उंगली से चोदने लगा, वो बिस्तर पर लेट गई और मैं उसकी चूत चाटने लगा..

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Behanchod – Ban Gaya Behan Ka Pati – एक बार मैं अपनी मामी की लड़की यानि मेरी दीदी के यहाँ मुंबई गया। मेरी दीदी के घर में तीन लोग थे। मेरी दीदी, जीजा जी और उनका तीन साल का एक लड़का। मेरी दीदी का नाम सोनी है। उसकी उम्र 28 साल थी फिगर 36-30-38 था। वह बहुत सेक्सी लगती है, जब चलती तो ऐसा लगता कि दिल पर छुरियाँ चला गई। उसकी गांड बहुत ही मस्त और मोटी है। उस पर उसका गोरा बदन और मोटे मोटे बोबे ! उसको देखते ही ऐसा लगता था कि बस कैसे भी इसे चोद डालूँ !

अब मैं असली बात पे आता हूँ। जीजा जी बहुत शराब पीते थे इसीलिए वो बहुत परेशान रहती थीं। एक दिन कुछ ऐसा हुआ जो शायद दीदी और मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। हुआ यूँ कि जीजा जी ऑफिस से आये और मुझसे कहा- आ आज शराब पियेंगे।

मैंने मना किया पर वो नहीं माने और मुझे उनके साथ बैठना पड़ा। उन्होंने एक शराब की बोतल निकाली और हम पीने लगे। हम लगभग पूरी बोतल पी गए। जीजा जी को बहुत नशा हो गया था। हमने खाना खाया और अपने अपने कमरे में सोने चले गए।

अचानक रात में मुझे कुछ आवाज़ सुनाई दी।

मैं उठा और दीदी के कमरे की खिड़की से देखने लगा कि कुछ हुआ तो नहीं है।

तभी मैंने देखा कि जीजा जी ने दीदी की साड़ी को ऊपर उठाया और उसकी पैंटी को उसके बदन से अलग कर दिया और अपना लंड पेल दिया उसकी बुर में। जीजा जी का लंड बहुत छोटा था। दो मिनट बाद ही जीजा जी झड़ गए और वहीं नशे में सो गए।

दीदी की आँखों में आँसू थे, वो उठी और कमरे से बाथरूम जाने लगी कि अचानक उन्होंने मुझे देख लिया। मैं भी वहाँ से चला गया और रात भर उनकी बुर के बारे में सोचता रहा। उसकी चूत क्या मस्त थी ! बिल्कुल गुलाबी ! एक भी बाल नहीं था उसकी चूत पर ! उसे सोचते सोचते ही मैं तो जैसे पागल हो गया। मैंने रात में मुठ मारी और सो गया।

सुबह जब उठा तो पता लगा कि जीजा जी दस दिनों के लिए पुणे गए हैं। मैं और दीदी एक दूसरे को देख रहे थे।

मुझे उसके पतली कमर के साथ डोलते हुए चूतड़ बहुत विचलित करते थे, मैं सोचता था कि उसे नंगी करने के बाद उसके गोरे गदराये चूतड़ कितने प्यारे लगेंगे.. उन्हें सहलाने में और दबाने में कितना मजा आएगा ! और कमर से ऊपर नज़र जाते ही.. उफ़ उसकी भरी हुई छातियाँ.. उसके स्तन एकदम कसे हुए थे.. एक बच्चे की माँ लेकिन स्तन जैसे बीस साल की कुंवारी लड़की के.. 36 साइज़ होगा उनका.. दोनों उसके ब्लाऊज़ या कुरते के अन्दर एक दूसरे से चिपके हुए रहते थे.. जिसके कारण उसके बीच की घाटी बहुत ही उत्तेजक दिखाई देती थी। सब कुछ मिला कर मेरे जैसे कामी पुरूष के लिए वो एक विस्फोटक औरत थी…

अब मैंने उन्हें और उन्होंने मुझे अलग नजरों से देखना शुरू कर दिया था। शायद वह मेरी नजरों की भाषा समझ रही थी। हम दोनों एक दूसरे से खुल कर बातें करने लगे थे। जब भी मैं उसके उभरे संतरे जैसे चूचियों को देखता था तो मेरे मन में एक ही ख्याल आता था कि अभी जाकर उनका सारा रस निकालकर पी जाऊं। सूट पहने हुए उसकी कमर एवं जांघों को देखकर मुंह में पानी आ जाता था।

एक रात मैं दीदी के कमरे में झांक रहा था तो जो देखा उससे मेरे रोंगटे खड़े हो गए ! दीदी टीवी पर ब्लू फिल्म देख कर अपनी चूत को जोर जोर से अपने हाथों से रगड़़ रही थी ! मेरा लण्ड एकदम से तन कर खड़ा हो गया, मुझसे रहा न गया और मैंने वहीं खड़े खड़े मुठ मार कर उसे शांत किया।

मैं समझ गया कि जीजा जी से दीदी की बुर शांत नहीं होती है, वो प्यासी है उसकी बुर में आग लगी है और मेरा काम बन सकता है।

एक दिन मैं सोने के लिये बेडरूम में आ गया तो देखा की दीदी अपनी गैलरी में खड़ी थी। मैंने सोचा कि मौका अच्छा है। फ़िर तुरन्त ही अपना पैन्ट उतार कर, वो मुझे देख सके, उस तरफ़ मुँह करके अपने लण्ड को तेल लगा-लगा कर मालिश करने लगा।

जैसे ही उसने मुझे नंगा देखा, तुरन्त अपने कमरे में भाग गई। दोस्तो, मेरा लण्ड अगर किसी भी औरत या लड़की ने देखा तो चखने का मन बन ही जाता है। फ़िर मैंने खिड़की के काँच से देखा तो पता चला कि वो दरवाजे के पास कुर्सी डाल कर चुपके से मेरे कमरे में झांक रही थी।

मैंने सोचा कि मेरा काम हो गया। अब दीदी की आँखों में मुझे वासना नज़र आने लगी थी, बस मैं मौके के इंतज़ार में था।

एक दिन वो मेरे पास आई और उसने कहा- मेरे कंप्यूटर में कुछ खराबी आ गई है और मैंने एक जरूरी इमेल करनी है। क्या मैं तेरा लैपटॉप प्रयोग कर सकती हूँ?

मैंने कहा- हाँ हाँ ! क्यों नहीं !

मैंने कहा- दीदी, आप बैठिये, मैं लैपटॉप देता हूँ !

मैंने ऐसे ही लैपटॉप पकड़ा दिया। जैसे ही उन्होंने लैपटॉप देखा तो दीदी का चेहरा लाल हो गया, उसने झिझकते हुए कहा- भैया, तुम ही वेब साईट खोल कर दे दो।

मैंने लैपटॉप लिया तो देखा कि नंगी वेब साइट्स खुली हुई थी, मैं घबरा गया और बोला- सॉरी, यह लीजिये ! अब सब ठीक है !

दीदी बोली- शादी नहीं हुई है तो खूब ऐश हो रही है?

मैंने कहा- मन तो बहुत करता है मगर कुछ भी नहीं कर पाता, सिर्फ इन्टरनेट का ही सहारा है !

उसने कहा- क्या तुम मुझे इन वेब साइट्स के लिंक लिख कर दे सकते हैं?

मैं हैरान रह गया ! मैंने कहा- क्या दीदी?

वो बोली- हाँ ! वो असल में तुम्हारे जीजा जी को दिखानी हैं, शायद ये देख कर वो थोड़ा रोमांटिक हो जायें !

मैंने पूछा- क्यों? क्या वो अभी रोमांटिक नहीं है?

तो दीदी बोली- रोमांटिक का र भी नहीं आता उनको ! रात को आते हैं, शराब पीते हैं और मेरे हाथों में अपने छोटे से लंड को देकर कहते हैं- हिला दो ! मैं उसे झरवा देती हूँ और फिर वो सो जाते है। मेरे अरमान और बदन की गर्मी वहीं की वहीं रह जाती है। मैंने कई बार कोशिश की, मगर वो समझते ही नहीं ! कहते है कि बहुत थक गया हूँ।

शादी से लेकर आज तक बस बहुत कम ही हमने सेक्स किया है जिसमें वो पूरा अन्दर तक भी नहीं जाता।

वो बोली- अंकित, ये मेरी बहुत व्यक्तिगत बातें हैं, किसी को नहीं बताना ! मैं तुम्हे ये सब बता रही हूँ कि तुमने रात सबकुछ देख लिया था।

मैंने घबरा कर कहा- आप चिंता मत करो !

मैं समझ गया था कि लोहा गर्म है, हथौड़ा मारने की देर है।

फिर वो बोली- मेरा काम हो गया है, मैं चलती हूँ अपने रूम में सोने को। तुम भी सो जाओ।

पता नहीं मुझे क्या हुआ, मैंने कहा- बस एक चीज दिखानी है आपको !

और कह के अपनी जींस नीचे कर दी, मेरा नौ इंच का लंड खड़ा हुआ फुफकार रहा था। वो पलटी और उसकी आँखें फटी की फटी रह गई, पसीना उसके गाल से बहने लगा और चेहरा लाल हो गया। वो मेरे पास आई, मेरी आँखों में गुस्से से देखा और मुझे जोरदार थप्पड़ मार दिया।

मैं बहुत घबरा गया, शायद मैंने उसकी बातों से गलत समझ लिया था कि वो मेरे साथ अपनी प्यास बुझा लेगी। मुझे लगा कि अब मेरी बदनामी कर देगी ये !

मगर वो बोली- तुमने इतनी देर लगा दी इस चीज़ को दिखाने में??

मेरी सांस में सांस आई और जान में जान ! गिरता हुआ लंड फिर से तन गया और दीदी को मैंने बिना कुछ और सोचे समझे अपनी बाहों में भर लिया। मेरे बदन की जैसे बरसों की प्यास बुझ रही थी। मैंने अपना लंड उसके हाथ में दिया, अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए और जोर जोर से चूसने लगा। मेरा हाथ उनके कुरते में घुसे और उसकी ब्रा का हुक ढूंढने लगे।

उसकी साँसें गरम हो गई, मैं बता नहीं सकता कि उसके जिस्म से आग निकल रही थी, वो पागलों की तरह मेरे लंड से खेल रही थी और मुझे चुम्मे दे रही थी, एकदम जवान नई दुल्हन की तरह तड़प रही थी। मैंने उसको दीवार के साथ खड़ा किया और अपनी छाती से उसके मम्मे दबा दिए, उसके माथे से लेकर छाती तक सैंकड़ों चुम्मियाँ ली और कई जगह तो लाल निशान भी बना दिए।

वो भी भूखी शेरनी की तरह मेरे बदन से खेल रही थी और मेरे होंठों को, गालों को, और छाती को चाट रही थी। उसके मुँह से बस आऽऽह…ऽऽ आऽऽ ऊऽऽऽ… म्म्मऽऽऽ आऽऽऽ लव यू जान, मेरे असली मर्द… म्म्मम्म्म्म… आआआअ… यही आवाजें निकल रही थी।

मैंने पंद्रह मिनट तक उनके दोनों मम्मे चूसे और वो तब पागल सी हो है थी। मेरे लंड को रबड़ का खिलौना समझ कर खेल रही थी और अपनी चूत पर रगड़ रही थी। लेकिन मैं भी कम नहीं था, मैंने और भड़काया, उसके हाथों से लंड खींच लिया और उसका सर नीचे की ओर दबाकर इशारा किया कि मुँह में लो !

तो वो फट से तैयार हो गई और मेरा नौ इंच लम्बा लंड देख कर बोली- तुम्हारा तो बहुत लम्बा है, और मोटा है, बिल्कुल काला नाग है ये, तुम्हारे जीजा जी का तो छोटा सा ही था।

मैंने कहा- लम्बे लंड से चुदने में जो मजा आपको अब आएगा वो कहीं नहीं आएगा।

वो बोली- तो जल्दी से चोद दो ना !

और मेरा लंड जल्दी जल्दी चूसने लगी। मैंने उनकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और सलवार निकाल कर पैंटी भी उतार दी और चूत में उंगली डाल दी। मैं उंगली से चोदने लगा, वो बिस्तर पर लेट गई और मैं उसकी चूत चाटने लगा। वो मेरा लंड चूसने लगी 69 की पोजिशन में।

तभी उन्होंने मेरा लंड छोड़ कर मेरा मुँह अपनी चूत पर दबा दिया और आआअह ह्ह्ह्ह्हा आआऊऊउईईइ म्म्म्म्मा करने लगी और जोर से झड़ गई। मैंने उनका पूरा पानी साफ़ कर दिया चाट चाट कर !

फिर मैंने उनसे कहा- अपना कमीज उतार दो।

तो उन्होंने उतार दिया और मैंने उनकी चूची चूसनी शुरू कर दी। वो फिर से गर्म होने लगी और आआअह्हह्ह म्मम्माआअ करने लगी और अपनी चूत रगड़़ने लगी।

मैंने उनके मुंह में अपना लंड डाला, वो तो जैसे तैयार थी, पूरा लंड मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी, जैसे रेगिस्तान की गर्मी में किसी को पानी मिल जाए !

कुछ देर बाद मैं अपनी जीभ से उनकी नाभि चाटने लगा।

वो बोली- क्या बात है तुममें ! कमाल की कला है बिस्तर में औरत के साथ खेलने की ! मैं एक अरसे से इस सपने के साथ जी रही थी, जो आज पूरा होने जा रहा है।

मैंने कहा- मैं भी इसी सपने को आज तक देख रहा था दीदी।

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अब वो पूरी नंगी थी, चूत बिल्कुल साफ़ और पूरी गीली ! मैंने उनकी टांगें थोड़ा फैलाई और चूत का पानी चाट कर साफ़ किया। वो छटपटाई और मेरे बालों को जोर से खींचा। मैंने उनकी चूत को खोला तो वो पूरी लाल थी, मैंने अपनी जीभ से चाटना शुरू किया और उनका चिल्लाना और तड़पना !

मैं कैसे बताऊँ कि जितनी देर तक चाटा, वो फिर पानी छोड़ती रही जैसे की महीनों से उन्होंने पानी न झारा हो।

तवा पूरा गर्म था, मैंने फटाफट उनकी गांड के नीचे तकिया रखा और दोनों हाथों से उनके हाथ पकड़ कर लण्ड चूत पर रख दिया ! मुझे पता था कि वो बहुत चिल्लाएगी इसलिए अपने होठों से उनके होंठ बंद कर दिए और एक झटका मारा, मेरा तीन इंच लंड उनकी बुर में घुस गया। उनकी चूत वाकई काफी कसी हुई थी, लगभग अनचुदी !

अभी तीन इंच लंड ही गया था कि वो दर्द से कराह उठी, अन्दर ही अन्दर चिल्ला रही थी और पैरों को जोर जोर से पटकने लगी।

मैंने कहा- दीदी, जीजाजी ने तुमको चोदा हुआ है, फिर भी ऐसे चिल्ला रही हो जैसे पहली बार चुदवा रही हो !

तो बोली- एक तो तुम्हारा मोटा है, दूसरा तुम्हें पता है कि उनका लंड कितना बड़ा है, जरा धीरे करो ना !

मैंने कहा- ठीक है !

तो फिर मैं फिर से धक्का लगाने लगा और उनकी चूची चूसने लगा।

मैंने एक मिनट बाद दोबारा धक्का मारा और पूरा लंड अन्दर घुसा दिया। उन्होंने मेरा मुँह अपने मुँह से हटाया और जोर से चिल्लाई- यह क्या किया ? मैं मर गई, उई माँ ! मैं मर गई ! निकालो इसे…

वो बोली- तुम जानवर हो ! मुझे छोड़ दो ! मेरी चूत फट गई ! मेरी जान निकल रही है, बाहर निकालो।

मैंने झटके लगाने शुरू कर दिए तो वो और चिल्लाने को हुई तो मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और जोर जोर से चोदने लगा। 5 मिनट बाद उसको मजा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी और फिर शुरू हुआ असली चुदाई का मजा !
मैं जितनी तेज ऊपर से झटके मारता वो नीचे से उतनी ही तेजी से जवाब देती। सच दोस्तों क्या बताऊँ क्या क़यामत चुदाई चल रही थी कि तभी वो मुझसे चिपक गई और मेरे कंधे पर काटने लगी और उसने अपने नाखून मेरी पीठ में चुभा दिए। वो आअ आआ आआ आह्ह्ह्ह करती हुई झड़ गई, फिर कहने लगी- जल्दी करो अब सहन नहीं हो रहा।

मैंने भी उन्हें खूब चाटा, करीब पंद्रह मिनट तक उसे चोदने के बाद मैंने अपनी पूरी पिचकारी अन्दर छोड़ दी। तब तक वो दो बार झड़ चुकी थी। वो मेरे शरीर को कस के पकड़े हुए थी और चाट रही थी।

मैं थक कर उनके मम्मों पर गिर गया और वो मेरे बालों में प्यार से हाथ फेरने लगी। दो मिनट के बाद मैं उठा और अपना लंड उनकी चूत से निकाला।

मैंने प्यार से उन्हें खूब सारे और चुम्मे दिए। उनकी चूत से थोड़ा सा खून छलक आया था जो मैंने रुमाल से साफ़ कर दिया। वो बहुत खुश थी, इस चुदाई के बाद जैसे उसका मन और बदन का हर अंग खिल उठ था। वो इतनी खुश थी कि उनकी आँखों से आँसू छलकने लगे और वो मुझसे काफ़ी देर तक चिपकी रही जैसे मन ही मन वो चाह रही हो कि काश मैं उसका पति होता !

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बुआ की लड़की को पटाया https://sexstories.one/bua-ki-ladki-ko-pataya-aur-chod-daala/ Wed, 15 Dec 2021 07:09:39 +0000 https://sexstories.one/?p=3473 मैने अपना हाथ उसकी पेंटी से बाहर निकालकर उसको पीछे से जकड़ कर एक झटका अपनी लेफ्ट साइड दिया जिससे मैं उसकी पीठ पर लेट गया अब वो मेरे नीचे थी और मैं उसके उपर उसके दोनो बूब्स को जकड़े हुए...

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Bua Ki Ladki Ko Pataya – मेरा नाम अनुज है मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 32 साल है आज मैं आपको अपनी एक स्टोरी के बारे मैं बताता हूँ ये मेरी रियल स्टोरी है ये स्टोरी उस समय की है जब मैं इस साइट की स्टोरी बहुत पढ़ता था मेरी बुआ जी भी दिल्ली मैं रहती हैं उनकी 2 बड़ी लड़कियाँ हैं और एक छोटा लड़का है दोनो बड़ी लड़कियों किरण और मौली की उम्र 22, 18 साल है और प्रवीण 16 साल का है ऐसे तो दोनो ही सुंदर हैं लेकिन मौली कुछ ज़्यादा ही खूबसूरत है मेरे पास बुआजी का फोन आया की अनुज तुम्हारे फुफा जी और मैं प्रवीण के साथ कल से 3-4 दिनो के लिए गावं जा रहे हैं शिप्रा (मेरी वाइफ) तो मायके गयी हुई है.

तुम जब तक हम नही आते यही आकर सो जाना क्योकी किरण और मौली अकेली हैं मैने कहा ठीक है बुआ जी मैं वही आकर वही सो जाऊंगा कल आप सुबह निकल जाना मैं शाम को ऑफीस से सीधे वही पहुँच जाऊंगा आज तो गुरुवार है मेरी भी 2 दिन की शनिवार,रविवार की छुट्टी रहेगी सोमवार दिन की बात है मंगलवार को तो आप आ ही जाओगे बुआ जी बोली हाँ हम लोग मंगलवार को आ जायेगे वो लोग अगले दिन सुबह चले गये मेरे दिमाग़ में अपनी बुआ जी की लड़कियों को चोदने का विचार आने लगा मैं ऑफीस से 2 बजे ही लंच ख़त्म करके मैं बहाना करके निकल आया.

मैने रास्ते से 2 सेक्सी कहानियों की किताब ली जिसमें ज़्यादातर भाई बहन वाली स्टोरी थी। और एक ब्लू फिल्म की डी.वी.डी ली पहले मैं अपने रूम पर गया वहाँ से एक छोटा बैग लिया और उसमें अपने 2-3 दिन के लिए कपड़े और उसी बैग मैं एक पॉकेट मैं दोनो मैगज़ीन और सी.डी डाल दी और कपड़ों मैं अपने फोन का चार्जर रख दिया अपनी बाइक से मैं उनके घर पहुँच गया दरवाजा किरण ने खोला और मुझसे बोली भैया आप इतनी जल्दी कैसे आ गये अभी तो 3 बजे हैं मैने कहा हाँ किरण तुम लोग अकेले होगे सोचकर जल्दी आ गया वो बोली भैया आप सच मैं कितने अच्छे हो आपको हमारा कितना ख्याल है इसके बाद किरण ने मेरे लिए चाय बनाई और हम दोनो ने साथ बैठकर चाय पी मुझे मौली के बारे मैं पता था की वो पढ़ने गयी है और किरण अक्सर घर पर ही रहती है.

फिर भी मैने जानबुझ कर उससे पूछा मौली कहाँ है तो उसने कहा मौली अभी पढ़कर नही आई है वो तो 7 बजे तक कोचिंग से आती है मैने कहा तुम्हारा क्या है तुम नही जाती एम.बी.ए क्लास के लिए तो उसने कहा भैया एम.बी.ए कर रही हूँ उसमें कभी कभी क्लास होती है थोड़ी देर हम दोनो इधर उधर की बातें करते रहे और थोड़ी देर बाद मैं अपने प्लान के अनुसार बोला किरण मेरे बैग की पॉकेट मैं मेरे फोन का चार्जर रखा होगा ज़रा निकाल कर ले आना थोड़ा फोन चार्ज करूँगा वो बोली ठीक है भैया लेकर आती हूँ वो जैसे ही अंदर वाले कमरे मैं बैग से चार्जर लेने गयी मैं भी उसके पीछे पीछे गया और उसको पर्दे के पीछे से छुपकर देखने लगा जैसे ही उसने बैग की आगे वाली पॉकेट की चैन खोली उसने उसमें मस्तराम की बुक देखी और उसको देखकर जल्दी जल्दी से उसको पलटकर देखने लगी.

मैं वापस अपने उसी रूम मैं आ गया कुछ देर बाद वो मेरे पास आई और बोली भैया मैने पॉकेट चेक की मुझे तो चार्जर नही मिला मैने कहा हो सकता है कपड़ों मैं रख दिया हो कपड़ों के अंदर देख लो वो दोबारा गयी और चार्जर लेकर आई मैने फोन को चार्जिंग मैं लगाया और उसे कहा किरण मैं थोड़ा थक सा गया हूँ थोड़ा आराम कर लेता हूँ वो बोली ठीक है भैया मैं अपनी आँखों पर अपना हाथ रखकर सोने का बहाना करके उसे पड़ा पड़ा देखता रहा और वो वहीं टी.वी देखती रही कुछ देर बाद उसने आवाज़ लगाई भैया सो गये क्या मैं कुछ नही बोला वो टी.वी बंद करके चली गयी मैने देखा वो उसी कमरे मैं गयी है जिसमें मेरा बैग रखा है मैं भी 5 मिनिट बाद उस कमरे मैं गया और पर्दे से छुपकर देखा तो वो उसी बुक को पढ़ रही थी उसका एक हाथ उसकी पेंटी मैं था मैं समझ गया की उसको बुक पढ़ने मैं मज़ा आ रहा है मैं दबे कदम उसके पास पहुँच गया लेकिन उसको पता भी नही चला जैसे ही उसने मुझे अपने पास देखा वो बुरी तरह से डर गयी मुझे ऐसे लगा जैसे उसको 440 वोल्ट्स का करंट का झटका लगा हो.

Hindipornkahani – तान्या और उसकी बीडीएसएम कहानी

मैने कहा क्या पढ़ रही हो किरण उसने कहा भैया कुछ नही मैने कहा फिर डर क्यों गयी थी दिखाओ क्या है उसने डरते हुए बुक मुझे दी और कहा आपके बैग से निकाली थी तो मैने अंजान बनते हुए कहा मेरे बैग से? ये बुक्स शायद मेरे फ्रेंड की होंगी जिससे आज मैने ये बैग लिया था क्योकी मेरे पास कोई छोटा बैग नही था कपड़े रखने के लिए और मैने जब देखा तो ऐसे नाटक करते हुए मुस्कुराते हुए बोला ये तो सेक्स स्टोरी की किताब है अच्छा तो ये पढ़ रही हो छुप छुपकर वो बोली भैया सॉरी मैने कहा सॉरी किस लिए पढ़ो कोई बात नही और उसको बुक्स लौटाने लगा वो बोली भैया ये गंदी बुक है मुझको नही पढ़ना.

मैने मुस्कुराते हुए कहा अगर गंदी है तो फिर तुम्हारा एक हाथ पेंटी के अंदर क्यों था बोलो…..वो भी मुस्कुरा दी और अपनी नज़रें नीचे कर ली मैने अपने हाथ से उसकी ढाढ़ी पर हाथ लगाते हुए मुस्कुराकर बोला………बोलो……..बोलो….गंदी है तो क्यों पढ़ रही थी? मैने उसकी मुस्कुराहट का फ़ायदा उठाया और उसको जल्दी से लिप्स पर एक किस कर दिया वो ये देखकर हैरान रह गयी और बोली भैया आप ये क्या कर रहे हो मैं आपकी बहन हूँ मैने कहा जब गंदी बुक पढ़ती हो तो ये सब याद नही रहता है की इस बुक मैं जो स्टोरी हैं वो सब तो भाई बहन की ही हैं उन्हे पढ़कर मजा ले सकती हो लेकिन वास्तव मैं क्यों शर्म करती हो चलो शर्म छोड़ो चलो हम लोग साथ साथ पढ़ते हैं और उसके पास आकर बैठ गया वो बोली भैया नही ये गंदी बुक है इसको हम एक साथ कैसे पढ़ सकते हैं.

मैने कहा ये समझो मैं यहाँ नही हूँ थोड़ी देर पहले तो पढ़ रही थी अब क्या हुआ और ये कहते कहते मैने उसके सामने किताब खोलकर उसके हाथ मैं पकड़ा दी वो बोली भैया रहने दो ना प्लीज़ तो मैं बोला अच्छा ठीक है 3-4 स्टोरी दिल ही दिल मैं चुपचाप पढ़कर रख देंगे वो बोली नही भैया ठीक है 1 स्टोरी मैने कहा ओके ठीक है लेकिन स्टोरी मैं पसंद करूँगा वो बोली ठीक है मैने उसमें से एक लंबी सी स्टोरी निकाली जो की बुआ की लड़की की चुदाई की ही थी और मेरी स्टोरी से मिलती जुलती थी हम दोनो एक दूसरे के आजू बाजू बैठ गये और मन ही मन मैं पढ़ना शुरू किया मुझे पढ़ने मैं थोड़ी परेशानी हो रही है ये कहकर मैं उसके पीछे पैर लंबे करके बैठ गया और उसकी गर्दन की तरफ से देख कर पढ़ने लगा मैने पढ़ते पढ़ते उसकी गर्दन पर सिर रख दिया तो वो बोली भैया सीधे बैठे रहो.

मैने कहा यार किरण मेरी गर्दन दर्द करने लगी है इसलिये सिर रखा है धीरे धीरे मैं उसके कान मैं अपने मुँह और नाक से लंबी लंबी साँसे लेकर गर्म करने लगा बुक पढ़ते पढ़ते उसके हाथ और शरीर का कंपन मुझे साफ दिख रहा था वो भी अब गर्म हो चुकी थी मैने अपना एक हाथ बड़ी तेज़ी के साथ उसकी पेंटी के अंदर डाल दिया उसने गुस्सा दिखाते हुए बुक रख दी और बोली भैया ये क्या है हाथ बाहर निकालो मैने कहा कुछ देर पहले तो अपना हाथ डाल रखा था मेरे हाथ मैं क्या काँटे लगे हैं देखना मेरे हाथ से बहुत मज़ा आयेगा वो अपने आप को इधर उधर हिलाकर उठकर जाने का प्रयास करने लगी और मैने अपना दूसरा हाथ उसकी चूची पर रखकर उसको अच्छी तरह से जकड़ लिया.

वो बोली आप मान जाओ भैया। मैने कहा मान जाऊंगा लेकिन स्टोरी पूरी पढ़ने के बाद वो बोली ठीक है इससे ज़्यादा कुछ हरकत मत करना वरना देख लेना फिर मैने हँसते हुए कहा दिखाओंगी तो देख भी लूँगा वो बोली भैया आप बहुत गंदे हो आपके बारे मैं मैने कभी ऐसा नही सोचा था। और तभी मैने अपना हाथ उसकी पेंटी से बाहर निकालकर उसको पीछे से जकड़ कर एक झटका अपनी लेफ्ट साइड दिया जिससे मैं उसकी पीठ पर लेट गया अब वो मेरे नीचे थी और मैं उसके उपर उसके दोनो बूब्स को जकड़े हुए मैने किरण को कहा किरण तुम बहुत सुंदर हो मैं आज तुमको जी भरकर प्यार करना चाहता हूँ। उसका मन भी कर रहा था लेकिन वो शर्म से बोल नही पा रही थी इसलिए वो बोली ठीक है भैया लेकिन उपर उपर से करना अंदर मत डालना वरना मैं प्रेंग्नेंट हो जाउंगी मैने कहा मैं तुमको प्रेंग्नेंट नही होने दूँगा मैं कन्डोम से कर लूँगा.

वो बोली अभी रहने दो मौली का आने का टाइम भी हो रहा है शाम का खाना भी बनाना है रात को करेंगे मैं बोला ठीक है और हम दोनो खड़े हो गये वो शाम के खाने की तैयारी करती रही मौली 30-40 मिनिट के बाद आई लेकिन मैं तब तक उसके पीछे लगा लगा उसको कभी किस करता कभी उसकी चूचीयों को दबाता उसके हिप्स पर हाथ फेरता और वो इसका जवाब मुस्कुराकर देती वो भी चुदने के लिए बड़ी उतावली हो रही थी मौली जब घर आई तो उसने मुझे नमस्ते भैया बोला मैने उसको नमस्ते कहा और मैं उसको देखकर बिल्कुल दंग रह गया वो गजब की सुंदर हो गयी थी 18 साल की जो हो गयी थी तो मेरा दिल उसको देखकर ललचाने लगा मैने सोचा की काश किरण के साथ साथ इसकी भी मिल जाये तो मज़ा आ जाये.

मौली मुझे देखकर बोली भैया क्या सोचने लगे मैने उसके बूब्स की तरफ देखकर बोल ही दिया मौली तुम तो काफ़ी बड़ी हो गयी हो और पहले से काफ़ी सुंदर भी वो भी मुस्कुराकर बोली भैया आप काफ़ी दिनो बाद हमसे मिले हो शायद इसलिये आपको ऐसा लग रहा है किरण और मौली दोनो नाइट मैं एक बेड पर और उन्होने कहा भैया आप इसी कमरे मैं सोना चाहते हो तो इसमें एक चारपाई डाल दूँ या दूसरे कमरे मैं बेड पर सो जाओ मैं तो अलग कमरे मैं सोना चाहता था। इसलिये मैने कहा नही मैं दूसरे कमरे मैं सो जाऊंगा और मैं किरण को उस कमरे मैं आने का इशारा करके दूसरे कमरे मैं चला गया किरण, मौली के सोने के बाद करीब 10 बजे मेरे पास आई उसकी नज़रें झुकी हुई थी चेहरा शर्म से लाल हो रहा था लेकिन वो आज मज़ा लेना चाहती थी.

मैं बेड से उठा और उसके पास जाकर उसको बाहों मैं भर लिया और उसको बिस्तर पर लेटा दिया मैने उसके चेहरे पर अपने होठो से किस की बारिश सी कर दी उसने भी जवाब मैं मुझको 3-4 किस की वो अभी भी वो शर्मा रही थी। मैने रूम की लाइट बंद की और नाइट लेम्प ऑन कीया। मैने पहले उसकी टी-शर्ट उतारी और उसके बाद उसकी लोवर अब वो सिर्फ़ अंडरगारमेंट्स मैं थी गुलाबी ब्रा से उसके 36 साइज की चूचीयाँ निकलने को बेताब हो रही थी मैने उसकी ब्रा को भी उसके नीचे हाथ लगा कर खोल दिया उसकी चूचीयाँ बड़ी मस्त थी मैने पहले उनको किस किया और फिर धीरे धीरे से कभी उनको सहलाता और कभी उनको चूसता मैं कुछ मिनिट तक सिर्फ़ उसकी चूचीयों को ही प्यार करता रहा उसके बाद मैने उसकी पेंटी भी उतार दी उसने शाम को ही उसको साफ किया था एकदम चिकनी होकर आई थी वो चुदवाने के लिए.

मैने उससे पूछ ही लिया किरण दोपहर मैं तो चिकनी नही थी तुम्हारी ये कब चिकनी की? तो वो बोली भैया शाम को खाना बनाना के बाद अब मैं उसकी जांघों के नीचे बैठ गया और उसकी चूत को काफ़ी देर तक चूसा वो भी मस्त होकर अपने चूतडो को उठा उठा कर ये बता रही थी की उसको खूब मज़ा आ रहा है इसके बाद मैं उसके उपर चड गया और जैसे ही उसकी चूत पर अपना लंड रखा तो वो बोली भैया कन्डोम लगाया क्या?तो मैं बोला नही तो वो बोली भैया कुछ गड़बड़ ना हो जाए तो मैने कहा मैं अपना वीर्य बाहर निकाल दूँगा तुम चिंता मत करो वो बोली ठीक है मैने पहले उसको अच्छी तरह से जकड़ लिया और उसकी चूत पर अपना लंड रखकर एक ज़ोर का झटका दिया लगभग सारा लंड उसकी चूत मैं घुस गया वो ज़ोर से चिल्लाना चाहती थी लेकिन मैने उसका मुँह दबा दिया उसकी चीख वही दबकर रह गयी.

वो बोली भैया बहुत दर्द हो रहा है थोड़ी देर के लिए बाहर निकालो मैने कहा ऐसे ही रहने दो थोड़ी देर मैं ठीक हो जायेगा थोड़ी देर मैने कोई हरकत नही की मैने उसका ध्यान इधर उधर करने के लिए होठो पर किस किया और जब वो नॉर्मल हो गयी तो मैने अपनी स्पीड बड़ा दी कुछ देर बाद हम दोनो ही झड़ गये जब मैं उसके उपर से उठा तो देखा बेड शीट पर काफ़ी खून और वीर्य पड़ा है मैने किरण से बोला की इसको सुबह साफ कर देना वो बोली ठीक है उस रात मैने किरण को 2 बार आगे से और एक बार पीछे से चोदा और मैने अगली रात को मौली को चोदने के लिए भी प्रोग्राम बना लिया था उसके लिए मैने क्या किया ये मैं आपको अगली कहानी मैं बताउंगा..

मुझे आशा है आपको मेरी यह स्टोरी जरुर पसंद आयेगी.

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आंटी सेक्स की भूखी https://sexstories.one/aunty-ki-bur-chodi-kamuk-sex-kahaniya/ Sat, 27 Nov 2021 08:14:12 +0000 https://sexstories.one/?p=4860 उसने हरे रंग का अंडरवियर पहना था और बड़ी गांड के साथ मैंने उससे कहा कि मैं उसकी गांड देखना चाहता हूँ, उसने बिना देर किए मेरी पोशाक हटाने के लिए कहा मैंने अपनी टी-शर्ट ली और मेरी शॉर्ट्स मैं केवल अपने काले अंडरवियर में था..

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Aunty ki bur chodi kamuk sex kahaniya नमस्ते मेरा नाम दिनेश है (बदला हुआ नाम)। मैं 23 और 6.1 फीट लंबा हूं। मैं मैंगलोर से हूं। मुझे इंडियन आंटी की सेक्स कहानियां, कुक्कोल्ड सेक्स और फ्री सेक्स कहानी पढ़ना बहुत पसंद है। आज मैं आपके साथ एक वास्तविक सेक्स कहानी साझा करने जा रहा हूँ! मैं इस साइट का नियमित आगंतुक हूं और यहीं पर मैं अपना अनुभव बिंदास साझा कर सकता हूं। यह घटना तब की है जब मैं 19 साल का था। मैं उस समय अपनी डिग्री कर रहा था। मेरे एक अंकल बैंगलोर में रहते हैं।

मैं आमतौर पर हर साल अपनी छुट्टी पर वहां जाता हूं। मेरे कॉलेज की गर्मी की छुट्टी थी, मैं वहां गया था। मेरे चाचा को 4 सदस्यों का परिवार मिला। चाचा, चाची, 2 बेटियां जिनकी उम्र 19 और 18 साल थी। मैं हर साल वहां जाता हूं लेकिन इस बार जब मैं वहां गया तो मेरे लिए विशेष इंतजार कर रहा था मेरी चाची उसका नाम विजया एक विशाल महिला थी, वह लगभग 39 वर्ष की थी, वजन 80 के आसपास था। मेरे चाचा लगभग 45 पतले आदमी थे जो उनसे थोड़े छोटे थे। वह एक बैंक कर्मचारी है। 29-04-06 – मुझे आज भी वह तारीख याद है, जब मैंने पहली बार सेक्स किया था।

मैं अपनी छुट्टियों में उनके घर गया था। अंकल ने मुझे स्टेशन से उठाया और हम घर आ गए। मैंने नाश्ता किया और एक गर्म स्नान किया और मैं अपने बिस्तर पर चला गया क्योंकि मैं यात्रा करते हुए थक गया था। मैं 4 घंटे सोया और दोपहर को उठा> चाची लंच का इंतजार कर रही थीं। उसने मछली तैयार की थी जो मुझे पसंद है और हमने अपने कॉलेज जीवन, दोस्तों और परिवार के बारे में चिट चैट के साथ दोपहर का भोजन किया। समय 3 बजे का था हमने साथ में टीवी देखा। 4 बजे मेरे चचेरे भाई स्कूल से आए और उन्होंने खाना खाया और वे अपने ट्यूशन चले गए।

मैं अंदर अपने बिस्तर पर लेटा हुआ कोई टीवी चैनल देख रहा था। आंटी ने अंदर आकर चाय मांगी मैंने अभी नहीं कहा और उसने मेरे बालों वाले सीने को देखकर एक दुष्ट मुस्कान दी और चली गई। मेरा मन सोचने लगा कि वह क्यों मुस्कुराई और तब तक सोचती रही जब तक मुझे लगा कि क्या वह महिला मुझमें दिलचस्पी रखती है। मैंने सोचा कि एक मौके की प्रतीक्षा में उसके साथ चुंबन और रोमांस करना चाहिए और वह एक हफ्ते बाद आया जब मेरे चाचा ने कहा कि अगले शनिवार को मैसूर में उनकी रोटरी क्लब की बैठक है, इसलिए उन्होंने कपड़े पैक करना शुरू कर दिया।

यह बात मेरे दिमाग में आई और मेरे दिमाग में बुरे विचार आने लगे। मैं उस शनिवार का इंतजार कर रहा था। शनिवार की सुबह थी। मैं सुबह 8 बजे उठा, अंकल पहले ही ट्रेन से मैसूर के लिए निकल चुके थे। चचेरे भाई स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहे थे और फ्रेश होकर मेरा नाश्ता करने लगे। अब सुबह के 9 बज चुके थे जहाँ मैंने टीवी देखना शुरू किया और अपनी मौसी के बारे में सोच रहा था। जैसा कि मैंने देखा है कि वह 2 बड़े खरबूजे के साथ एक अच्छी आकृति में एक गोल गधा था जब वह सोफे पर बैठती थी और उठती थी उसकी नाइटी उसकी गांड की दरार के अंदर जाती थी और मैं देखता और ललचाता था।

मुझे पता है कि मेरे चाचा उसे नियमित रूप से नहीं चोदेंगे क्योंकि वह कमजोर है और उसे मधुमेह है इसलिए मैंने सोचा कि मैं उसकी चूत से सारा जंग मिटा दूँगा। तो सोच रहा था कि कैसे शुरू किया जाए। 1 घंटे के बाद वह मेरे पास पास की बेकरी से कुछ स्नैक्स लाने के लिए कहने आई, मैंने कहा ठीक है और जल्दी से मैंने शॉर्ट्स पहन रखे थे और शर्ट पर बेकरी में जाकर 2 पैकेट बोरबॉन बिस्किट खरीदा, हम एक साथ बैठे टीवी के सामने रखने लगे और चैनल स्वैप करते समय उसने एएक्सएन चैनल पर एक किसिंग सीन देखा।

मैं खुद मुस्कुराया और उसने भी मुझे देखा और खुद मुस्कुराने लगी अब यहाँ मेरा पंप पंप करना शुरू कर दिया है, हालांकि यह किसी तरह की हरी झंडी दिखा रहा है, मैंने उससे कहा कि एएक्सएन देखें यह एक अच्छी फिल्म है जहां मुझे उस फिल्म के बारे में कुछ भी पता नहीं है जो उसने एएक्सएन पर स्विच की थी और चुंबन दृश्य था और दृश्य बंद कर दिया गया था और कुछ अन्य कार्यालय दृश्य स्क्रीन पर आए उसने कहा “हमने इसे याद किया” मैंने पूछा कि वह क्या हंसती है और कहा कि हम चूक गए जो आप देखना चाहते थे और मैंने पूछा कि मुझे क्या देखना पसंद नहीं है कि उसने हंसते हुए जवाब दिया..

मैं इसे नियमित रूप से देखता हूं। मैं उसके जवाब से हैरान था और मैं चौंक गया था। मैंने पूछा कि तुम कहाँ देखते हो और फिर उसने मेरे परिवार से यह कहते हुए वादा किया कि मैं किसी को नहीं बताऊँगी और उसने कहा कि उसके अगले फ्लैट में श्रीमती फियोना डायस नाम की एक महिला है जो उसकी सबसे अच्छी दोस्त है जहाँ मेरी चाची उसके साथ रहती है फ्लैट जब उसे समय मिलता है। श्रीमती डायस पति बहरीन में हैं और उनका बेटा थाईलैंड में है इसलिए वह एक बड़े फ्लैट में 50 साल की बहुत सेक्सी महिला में अकेली रहती है।

मेरे साथ सेक्स करने के बाद चाची ने मुझे यह सब बताया, उसने कहा कि चाचा को मधुमेह के कारण उचित इरेक्शन नहीं मिलता है, इसलिए वह पिछले 4 वर्षों से सेक्स का आनंद नहीं ले रही है इसलिए मैंने कहा कि चिंता मत करो, अब मैं यह सुनिश्चित कर लूंगी कि तुम्हें मिल जाएगा यह। मैं उसके कानों के पास गया और उसके कानों को चूमा, उसने जोर से सांस लेना शुरू कर दिया फिर मैंने उसके चेहरे को चूमा और फिर उसे स्मूच करना शुरू कर दिया, यह 10 मिनट से अधिक समय तक चला और मैंने उसके भारी स्तन को निचोड़ना शुरू कर दिया और उसे अपनी नाइटी से बाहर निकाला, उसने काली ब्रा पहनी हुई थी। उसकी ब्रा उतार दी..

Bur Chudai kahani नयी दुल्हनिया के तीखे तेवर

लेकिन उसने अपने हाथ से मेरी आँखें बंद करना शुरू कर दिया .. मैंने कहा चिंता मत करो चाची मुझे देखने दो कि उसने अपना हाथ ले लिया और मैंने उसके विशाल तरबूज को निप्पल के बड़े भूरे रंग के पैच के साथ देखा। मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ और मैंने सीधे उसके निप्पल पर अपना मुंह रख दिया वह विलाप करने लगी और कहा कृपया इसे जोर से चूसो और मैंने इसे धीरे से काटना शुरू कर दिया जहां वह कांपने लगी और पागलों की तरह अभिनय करने लगी फिर मैंने उसे अपनी नाइटी हटाने के लिए कहा और उसने हटा दिया और अंदर उसने एक लंगा पहना हुआ था मैंने उसे हटा दिया और वह सिर्फ एक पीस शो में हरी अंडरवियर पहनी थी और बड़ी गांड के साथ …

मैंने कहा चिंता मत करो चाची मुझे देखने दो कि उसने अपना हाथ हटा लिया और मैंने उसके बड़े खरबूजे को निप्पल के बड़े भूरे रंग के पैच के साथ देखा। मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ और मैंने सीधे उसके निप्पल पर अपना मुंह रख दिया वह विलाप करने लगी और कहा कृपया इसे जोर से चूसो और मैंने इसे धीरे से काटना शुरू कर दिया जहां वह कांपने लगी और पागलों की तरह अभिनय करने लगी फिर मैंने उसे अपनी नाइटी हटाने के लिए कहा और उसने हटा दिया और अंदर उसने एक लंगा पहना हुआ था जिसे मैंने हटा दिया और

वह सिर्फ एक पीस शो में थी, उसने हरे रंग का अंडरवियर पहना था और बड़ी गांड के साथ मैंने उससे कहा कि मैं उसकी गांड देखना चाहता हूँ, उसने बिना देर किए मेरी पोशाक हटाने के लिए कहा मैंने अपनी टी-शर्ट ली और मेरी शॉर्ट्स मैं केवल अपने काले अंडरवियर में था। मेरे पास आ गई और उसने मेरा डिक निचोड़ना शुरू कर दिया और उसने उसे बाहर निकाल लिया। वह एक डिक को देखकर हैरान रह गई और उसने कहा कि यह तुम्हारे चाचा से बहुत बड़ा है और मैंने उसे चूसने के लिए कहा उसने कहा कि मुझे ऐसा करना पसंद नहीं है लेकिन मैं कोशिश करूंगा इसलिए मैंने कहा कृपया

आंटी तुम तो बताओ ठीक है और मेरे डिक को पकड़ कर निचोड़ने लगी और चूसने लगी वह बहुत अच्छी चूसने वाली थी कि मेरा डिक बड़ा हो गया और मैं नियंत्रित नहीं कर सका और मैंने उसे इसे बाहर निकालने के लिए कहा और फिर मैंने उसके अंडरवियर को धीरे-धीरे देखकर आश्चर्यचकित कर दिया उसकी चूत के थोड़े से बाल थे लेकिन बड़े और भूरे लाल थे। मैंने उसे सिर्फ इतना कहा कि वह घूमे ताकि मैं उसकी नंगी गांड देख सकूं वाह! यह इतना अच्छा था कि मैंने अपना उपकरण ले लिया और उसकी गांड के छेद को रगड़ना शुरू कर दिया, उसने कहा कि वहाँ न डालें और मैंने कहा, ठीक है और सामने आया और उसकी चूत को सूंघा, उसमें थोड़ी गंध थी।

मुझे कोई आपत्ति नहीं है मैंने अपने होंठ उसकी चूत के अंदर डाल दिए और कुत्ते की तरह चाटने लगा, वह अपने कूल्हों को घुमाने लगी और चिल्ला रही थी फिर मैंने उसे चाटा और उससे कहा कि मैं अपना उपकरण डालूँगा उसने कहा कि कृपया ऐसा करें और मैंने अपना बड़ा डिक अंदर डाला और मुझे कुछ गर्माहट महसूस हुई और मेरा डिक इतनी आसानी से चला गया कि उसने कराहते हुए देखा और कहा कि अब मुझे जोर से मारो।

मैंने उसे इतनी जोर से चोदना शुरू किया कि उसे पसीना आने लगा।

मैंने उसे उसके बिस्तर पर चोदा, फिर उसने मुझे कुर्सी, सोफे, वॉशिंग मशीन के ऊपर, आदि पर चोदने के लिए कहा और अंत में हमने बाथरूम के अंदर चुदाई की और मैंने उसके होंठों पर 2 बड़े शुक्राणुओं को गोली मार दी, उसने गंदा महसूस किया और इसे धोया, हमने चुदाई की 7 उस दिन कई बार और रात में भी वह मेरे कमरे में 2 आती थी और हमने सुबह 2 बजे से सुबह 5 बजे तक चुदाई की, वह एक कमाल की महिला थी।

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रिश्तेदार के भाई की सेक्सी बेटी https://sexstories.one/rishtedar-ke-bhai-ki-beti-ko-choda/ Fri, 05 Nov 2021 07:49:02 +0000 https://sexstories.one/?p=3273 हनी एक शानदार जिस्म की मालकिन थी- लंबा कद, दूधिया रंग, पतली कमर, बेहतरीन चूचियाँ और मदमस्त चूतड़ यानि कूल्हे ! कुल मिलाकर सर से पाँव तक चोदने लायक माल थी। मैं आज रात को ही उसे चोदने के मूड में था।...

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Rishtedar Ke Bhai Ki Sexy Beti Ko Choda मैं लखनऊ में रहता हूँ और बनारस अक्सर जाना होता है। वहाँ मेरे एक दूर के रिश्तेदार का घर है जिनसे मेरे बहुत अच्छे सम्बन्ध हैं। वे भी लखनऊ ही रहते हैं अतः जब मैं बनारस जाता तो वे अपने घर की चाबी मुझे दे देते थे और मैं आराम से वहाँ रहता था।

उनके मकान से सटा मकान उनके भाई का था, दोनों घर आपस में छत से जुड़े थे जिससे आसानी से आया-जाया जा सकता था।

उस परिवार में एक लड़की थी जिसका नाम हनी था।

उसकी उम्र लगभग 27 साल की थी, मांगलिक होने के नाते उसकी शादी तब तक नहीं हुई थी।

हनी एक शानदार जिस्म की मालकिन थी- लंबा कद, दूधिया रंग, पतली कमर, बेहतरीन चूचियाँ और मदमस्त चूतड़ यानि कूल्हे !

कुल मिलाकर सर से पाँव तक चोदने लायक माल थी।

उसके परिवार में हनी के अलावा उसके माँ-बाप थे और एक भाई था जो बाहर नौकरी करता था।

उस परिवार और हनी से मेरा बेहद औपचारिक रिश्ता था, केवल दुआ-सलाम का लेकिन मैं हनी के गदराये बदन का मजा लेना चाहता था।

मेरे दिमाग में यह बात थी कि इस उम्र तक शादी न होने से उसे भी लण्ड की जरूरत तो होगी ही, लिहाजा अगर यह पट जाए तो इसे भी लण्ड मिल जाएगा और मुझे भी बनारस में चूत मिल जाएगी।

अब मैंने हनी को पटाने की ठान ली।

मैं उस मकान के ऊपरी हिस्से के कमरे में ही रहता था क्योंकि वो कमरा मेरे रिश्तेदार के बेटे-बहू का था जिनकी कुछ दिन पहले ही शादी हुई थी, लिहाजा उनका कमरा नवदम्पत्ति के हिसाब से सजा-सँवरा था।

मैं इसी कमरे में हनी के साथ सहवास करना चाहता था।

हनी के पटाने के लिए ये कमरा इस वजह से भी मुफीद था क्योंकि उसका कमरा भी ऊपरी हिस्से में ही था अतः कभी-कभार दिख जाने पर हाय-हैलो हो जाती थी।

एक बार मेरा बनारस का 8 दिन का कार्यक्रम था।

पहले ही दिन मेरा सामना हनी से हुआ तो मैंने उससे पानी माँगा।

वो पानी लेकर आई और मुझे चाय की भी पेशकश की।

मैंने हनी की पेशकश तुरन्त स्वीकार कर ली।

वो उठी और चाय लेने के लिए जाने लगी।

उसकी जीन्स में से उभरे चूतड़ देखकर मेरा लण्ड खड़ा हो गया और मैंने सोच लिया कि अगर यह पट गई तो इसकी गाण्ड भी जरूर मारुँगा।

वैसे भी मैं अपने सम्पर्क में आने वाली सभी लड़कियों की गाण्ड जरूर मारता हूँ।

थोड़ी देर में वो चाय लेकर आई। मैंने चाय की खूब तारीफ की और कहा- चाय भी तुम्हारी तरह ही अच्छी है !

तो वो मुस्कुराने लगी।

मैंने सोचा- हँसी तो फँसी।

और वो वाकयी फँसने लगी।

शाम को उसने फिर चाय के लिए पूछा तो मैंने कुटिल मुस्कान के साथ उसकी चूचियाँ देखते हुए कहा- जो भी पिलाओ,सब पी लूँगा।

वो फिर मुस्कुरा दी।

मैं अब आश्वस्त था कि जल्दी ही यह कुंवारी कन्या मेरे लंड के नीचे होगी।

मैं बाथरूम में मूठ मारने चला गया।

बाथरूम से निकलते ही वो चाय लेकर आ गई।

इस बार वो हम दोनो के लिए चाय लाई थी।

चाय पीते हुए इधर-उधर की बातें करते हुए उसने अपने अकेलेपन का अप्रत्यक्ष रूप से ज़िक्र कर ही दिया।

उसने आगे रात को खाने की बात कही कि रात को मैं खाना लेकर आ जाऊँगी।

मैंने कहा- हो सकता है कि तुम्हारे मम्मी-पापा को अच्छा न लगे?

तो उसने कहा- वे नीचे ही रहते हैं और मैं अपने खाने को बढ़ा कर अपने कमरे में खाने के लिए लेती आऊँगी।

अब इसमें कोई संदेह नहीं रहा कि हनी अब कुँवारी नहीं रहने वाली थी।

मैं आज रात को ही उसे चोदने के मूड में था।

रात दस बजे जब उसके माँ-बाप खाना खाकर सोने चले गये तो हनी अपना खाना लेकर ऊपर अपने कमरे में आ गई।

थोड़ी देर बाद वो मेरे कमरे में आ गई और हम दोने ने खाना खाया।

खाते वक्त मैंने उसे अपने बगल में बिठाया और किसी न किसी बहाने से उसे छूने लगा।

उसने कोई विरोध नहीं किया तो खाना खत्म होने तक मेरी हिम्मत और बढ़ गई।

खाना खत्म करने के बाद वो जाने लगी तो मैंने उससे कुछ देर रुकने को कहा।

वो अपने कमरे में बर्तन रख कर फिर मेरे पास आ गई।

मैं अचानक उठा और हनी को अपनी बाँहों में कस कर जकड़ लिया।

Sexy porn kahani कॉलेज की मजेदार चुदाई

जब तक वह कुछ समझ पाये, मैं उसे दीवाल से लगा कर अपने होठों से उसके होठों को अपनी गिरफ्त में ले चुका था।

उसकी मस्त चूचियाँ मेरे सीने से दब कर पिस रही थी।

मैंने हनी के रसीले होठों को भरपूर चूसा।

मेरा खड़ा लण्ड हनी की चूत के ऊपर रगड़ खा रहा था।

हनी ने कुछ देर तो मेरी पीठ पर मुक्कियाँ मार कर खुद को छुड़ाने की कोशिश की लेकिन उसे कोई फायदा नहीं मिला।

अन्त में उसके हाथ मेरी पीठ को सहलाने लगे और उसने भी मुझे अपनी बाँहों में कस लिया।

मैं समझ गया कि यह साली अब कंट्रोल में आ गई।

मैंने उसके होठों को आजाद किया।

वो आँखें बंद करके जैसे हाँफ रही थी।

अब मैंने हनी के दोनों पैरों के बीच से उसकी गाण्ड में हाथ डाल कर उसे टाँग लिया और उसे बिस्तर के चार फुट ऊपर लाकर छोड़ दिया।

मुलायम गद्देदार बिस्तर पड़ते ही उसकी आँखें खुली।

वो कुछ बोलने जा रही थी कि मैं उस पर चढ़ बैठा और फिर उसके होंठ चूसने लगा।

मैंने हनी के रसीले होठों को भरपूर चूसा।

मेरा खड़ा लण्ड हनी की चूत के ऊपर रगड़ खा रहा था।

हनी ने कुछ देर तो मेरी पीठ पर मुक्कियाँ मार कर खुद को छुड़ाने की कोशिश की लेकिन उसे कोई फायदा नहीं मिला।

अन्त में उसके हाथ मेरी पीठ को सहलाने लगे और उसने भी मुझे अपनी बाँहों में कस लिया।

मैं समझ गया कि यह साली अब कंट्रोल में आ गई।

मैंने उसके होठों को आजाद किया।

वो आँखें बंद करके जैसे हाँफ रही थी।

अब मैंने हनी के दोनों पैरों के बीच से उसकी गाण्ड में हाथ डाल कर उसे टाँग लिया और उसे बिस्तर के चार फुट ऊपर लाकर छोड़ दिया।

मुलायम गद्देदार बिस्तर पड़ते ही उसकी आँखें खुली।

वो कुछ बोलने जा रही थी कि मैं उस पर चढ़ बैठा और फिर उसके होंठ चूसने लगा।

यह चुम्बन करीब 5 मिनट चला।

मेरे इस प्रगाढ़ चुम्बन ने हनी को बेसुध कर दिया।

अब मैं हनी के ऊपर से उतर कर उसके बगल में लेट गया और उसके सिर को अपनी बाँयी बाजू पर रख कर उसके गालों को चूमते हुए उसकी जाँघ सहलाने लगा।

वो उस वक्त एक लम्बी स्कर्ट और टॉप पहने थी।

मैंने उसके स्कर्ट को ऊपर कर दिया और उसकी चिकनी जाँघों का मजा लेते हुए पैंटी के ऊपर से ही चूत को सहलाने लगा।

हनी की साँसें तेज हो गई।

कुछ देर ऐसे ही करने से उसकी चूत गीली हो गई।

मैं मन ही मन मुस्कुराते हुए उठा और हनी की टॉप के बटन खोल कर उसे उसके हसीन बदन से अलग कर दिया।

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दीदी को चोदा शादी के बाद https://sexstories.one/didi-ko-choda-shadi-ke-baad/ Tue, 02 Nov 2021 07:32:31 +0000 https://sexstories.one/?p=3236 अब बिना चुदे मे एक भी दिन मे रह नही सकती और कितना उंगली डालु बोर हो जाती हूँ और आज कल हर किसी से चुदवाने का मन करता है तेरे जीजा के दोस्त घर आते है उनमे से एक है राहुल बहुत सुन्दर लड़का है मेरे साथ बहुत गंदे गंदे मज़ाक करता है मुझे पहले शर्म आती थी...

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Didi Ko Choda Shadi Ke Baad मेरा नाम कोंकू है मेरी उम्र 25 साल है, हाइट 5.6″ है, बॉडी भरपूर है मे असम मे रहता हूँ ये बात 6 महीने पहले की है जब मेरी पड़ोस वाली नैना दीदी अपनी शादी के बाद पहली बार अपने घर पर आई थे मे उनसे मिलने उनके घर गया मे अंदर जा कर उनकी बाकी बहनो से बात कर रहा था की झट से किसी ने पीछे से आकर मेरे पेन्ट के अंदर हाथ डाल के लंड हिलाने लगा मे शॉक हो गया पीछे घुमा तो देखा की नैना दीदी थी मे शरमा गया और आँखे नीचे कर ली क्योकी उनके घर मे आज से पहले कभी ऐसा हुआ नही था मेने दीदी को बोला ये क्या कर रहे हो दीदी? तो वो बोली तू शरमा क्यो रहा है? तेरे कोई गर्लफ्रेंड नही है क्या? अब रूम मे मे और दीदी ही थे बाकी सब जा चुके थे.

मे दीदी को मेरी तरफ खीच के उनके होठो को चूमने लगा(ये मेरा फर्स्ट टाइम था लेकिन ब्लू फिल्म देख कर मे सब सीख गया था) कुछ देर किस्सिंग के बाद मेरी इच्छा हुई की मे दीदी का बूब्स देखूं और उनको चुसू मेने उनका पल्लू गिरा दिया और ब्लाउज का हुक खोल कर ब्रा उपर उठा दिया पहली बार मेने किसी औरत का बूब्स देखा तो मे पागल हो गया और बूब्स चूसने लगा और बहुत देर तक चूसा मेरा मन कर रहा था की चूस चूस कर बूब्स खाली कर दूँ मुझे मूठ मार के भी कभी ऐसा मजा नही आया था दीदी अपनी आँखे बंद करके अपने होंठो को अपने दातों तले दबा के रख लिया मुझे डर भी लग रहा था की कोई हमें देख ना ले मे उठ गया और दीदी को अपने घर आने को बोल दिया लेकिन मेरी प्यास अभी भी बुझी नही थी.

मे बड़ी बेसब्री से दीदी का इंतजार कर रहा था लेकिन दीदी उस दिन नही आई मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था दूसरे दिन दीदी आई कुछ बातें करने के बाद मेने उन्हे छत पर आने के लिये इशारा किया और मेने उपर जाकर बेड ठीक कर लिया और दीदी का इंतजार करने लगा कुछ देर बाद दीदी आई और कहने लगी तुने मुझे यहा क्यों बुलाया? देख मेरे साथ कुछ शरारत मत करना मे बोला क्या दीदी खड़े खड़े ही बातें करोगे या बेठोगी भी मे दीदी के साथ साथ बेठ गया और दीदी के बालो को पीछे कर लिया और उनके गले मे उंगली फेरने लगा फिर मेने दीदी का पल्लू हटा के ब्लाउज को ज़ोर से खीच दिया इससे उनकी बाहे निकल आई.

xxx kahani नींद में चाची की चुदाई

मे उनके गले से लेकर बाहों तक चूमने लगा दीदी मस्त हुये जा रही थी और सिसकियाँ ले रही थे मे उनके बूब्स को ब्लाउज के उपर से दबा रहा था बूब्स का जो हिस्सा बाहर निकला हुआ था उसे चूम रहा था मैने दीदी की तरफ देखा तो दीदी आँखे बंद करके मज़े ले रही थी मे धीरे धीरे उनके पेट तक पहुँचा और धीरे धीरे किस कर रहा था झट से दीदी ने मुझे अपने उपर से हटा कर खुद मेरे उपर आ गयी उन्होने मेरा टी-शर्ट उतार दिया और मुझे चूमने लगी दीदी के नरम हाथो का स्पर्श मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उन्होने अपने सारे कपड़े निकाल दिये और मेरे कपड़े भी निकाल दिये मेने दीदी से पूछा दीदी आप शादी से पहले तो इतना बोल्ड नही थी अब ये सब क्या हुआ कैसे हुआ? दीदी बोली तेरे जीजा बुझे रोज़ एक बार चोदते है कभी बेडरूम मे कभी किचन मे कभी बाथरूम मे तेरे जीजा ने मुझे चुदक्कड बना दिया है.

अब बिना चुदे मे एक भी दिन मे रह नही सकती और कितना उंगली डालु बोर हो जाती हूँ और आज कल हर किसी से चुदवाने का मन करता है तेरे जीजा के दोस्त घर आते है उनमे से एक है राहुल बहुत सुन्दर लड़का है मेरे साथ बहुत गंदे गंदे मज़ाक करता है मुझे पहले शर्म आती थी लेकिन अब मे उसे खुल के जबाब देती हूँ उससे भी कभी चुदवाने का मन करता है अब मे उनके बूब्स चूस रहा था मे बहुत मन लगा कर बूब्स चूस रहा था दीदी ने मुझे बूब्स से अलग किया और अपनी चूत की तरफ इशारा किया मे नीचे जाकर ज़ोर ज़ोर से उनकी चूत चूस रहा था कुछ देर चूसते ही दीदी का पानी निकल आया मे हिचकिचाता हुआ उनका पानी पी गया अब मेरी बारी थी मेने अपना लंड दीदी के मुँह की तरफ किया दीदी ने आसानी से उसे मुँह मे ले लिया वो बड़े प्यार से उसे चूस रही थी जैसे की वो ये प्रेक्टीस बहुत दिनो से कर रही है मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

2 मिनिट मे मेरा लंड हार्ड हो गया और दीदी के मुँह से निकाल लिया और उनकी चूत के दरवाजे पर रख कर ज़ोर का धक्का लगाया दीदी ने अपने मुँह को हाथ से दबा लिया जिससे आवाज़ बाहर ना जाये मे धक्के मारता रहा दीदी भी मस्त हो रही फिर मेने दीदी को उठा कर डोगी स्टाइल मे होने को बोला फिर मेने लंड फिर से चूत मे डाला और धक्के लगाने लगा और दीदी आह आह आह आह आह करने लगी और मुझे और ज़ोर से डालो और ज़ोर से डालो कहने लगी दीदी एक बार फिर झड़ गई दीदी शायद थक गई थी और बिस्तर पर लेट गई मेने दीदी को पेट के बल लेटा कर फिर अपना लंड उनकी चूत मे डाल दिया और लंड आगे पीछे करने लगा.

कुछ ही पल मे वो गर्म हो गई और उठ के मुझे पीठ के बल लेटा कर लंड के उपर बेठ गई और लंड चूत मे लेने लगी अब मेरी आँखो के सामने दीदी अपने बूब्स को नचा रही थी 10 मिनिट की चुदाई के बाद मुझे महसूस हुआ की मे झडने वाला हूँ मेने दीदी को बोला तो उन्होने बोला की वो भी झडने वाली है और मुझे अपने अंदर ही झडने को बोली और वो बोली की वो गोली ले रही है कोई डर नही है और मे उनके अंदर ही झड़ गया वो भी मेरे साथ ही झड़ गई कुछ देर हम ऐसे ही पड़े रहे फिर हम दोनो उठे और कपड़े पहन के नीचे आ गये मेरी माँ ने दीदी से पूछा की इतनी देर वो कहा थी मे बोला की मे दीदी को अपने कंप्यूटर मे उनकी शादी के फोटो और वीडियो दिखा रहा था फिर हमने खाना खाया और दीदी अपने घर चली गई और कह गई की तेरे जीजा आयेगे आज मुझे लेने मुझे शाम को ससुराल जाना होगा तू मुझे देखने क्यो नही आता ज्यादा दूर थोड़े ही है मे बोला की कुछ दिन बाद आऊंगा.

दोस्तो ये मेरी सच्ची कहानी है …

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ঘুমের ভিতরে বোনের কচি গুদ মারার গল্প https://sexstories.one/ghumera-bhitare-bonera-kaci-guda-marara-galpa/ Sun, 24 Oct 2021 09:18:00 +0000 https://sexstories.one/?p=3092 লাইট জ্বলছে ভেতরে( মায়ের নাম দিপা) আমার মা পুরো উলঙ্গ হয়ে সুয়ে আছে আর বাবা গুদে বাড়াটা ঢুকিয়ে চুদছে আর মা আরামে চোখ বুজে শুয়ে গোঁঙ্গাছে ওওওও আআআআহ আর জোরে আঃ আঃ আঃ আঃ আঃ আঃ আঃ .....

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Bangla Incest Story আমি যে গল্পটা বলবো এটা আমার জীবনে ঘটে যাওয়া সত্য ঘটনা। এই ঘটনার সত্যতা ১০০%এক কথাও বানিয়ে লেখা নয়। ঘটনা টা ঘটে আজ থেকে ৭ বছর আগে এবার আসল ঘটনায় আসি। বোনের নাম মলি। তখন বোনের বয়স ১৪ । আমি তখন মাধ্যমিক দিয়েছি সবে । new choti golpo Choti bangla golpo new

বন্ধুদের সঙ্গে থেকে সব সিখেছী(ক্লাস এইটে) সেক্স কী কীভাবে করতে হয়। কীভাবে করলে মেয়েরা বেশি খুশি হয়। আর তখন থেকেই আমি খেঁচে মাল ফেলতাম। বন্ধুদের সঙ্গে ৩ এক্স দেখা থেকে চটি বই পড়া। আর চটি গল্পে বেশি মা ছেলে, বাবা মেয়ে, ভাই বোনের গল্প।

আমি বেশি ভাই বোনের গল্প পরতাম। আর আমার বোন কে দেখলেই আমার বাড়া খাড়া হয়ে যেত। আর আমি বাথরুমে ঢুকে ওর গুদে আমার বাড়াটা ঢুকিয়ে চুদছি ভেবে মাল ফেলতাম । Choti bangla golpo new  vabi ke chodar golpo

(বোনের নাম)মলি খুব ফর্সা আর খুব সেক্সী ওর একটা জিনিষ আমাকে খুব দুর্বল করে দেয় ওর পাছা যখন হাটে তখন পাছা দুলিয়ে দুলিয়ে হাঁটে। ছোট থেকে একটু মোটা ছিল তাই ওর সরীর ১৪ বছর বয়সে বেড়ে উঠেছিল। ফিগার ৩২।২৮।৩৬। তো আমাদের বাড়িতে আমার চার জন বাবা। মা। বোন আর আমি। বাবা বাসায় বেসি থাকতো না কারণ বেসরকারি বিশ্ববিদ্যালয়ে কাজ করতো আমাদের দুই রুম। Choti bangla golpo new

একটাই আমি থাকি আর একটায় মা আর বোন। বাবা বাসায় আসলে বোন আমার কাছে সোয়। তো বাবা ছুটি নিয়ে এসেছে এক মাস থাকবে। তাই বোন আমার রুমে সবে । আমি খুব খুশি হলাম কারণ আমি বোন কে খুব ভালো বাসতাম। আর আমি ওকে চোদার স্বপ্ন পুরন করব।।

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তো রাতের খাবার খেয়ে আমি আর বোন আমার ঘরে চলে এলাম। বোন একটা টপ আর ছোট হাফ প্যান্ট পরেছে প্যান্ট টা এতটাই ছোট যে ওর সম্পুর্ন উরু দেখা যাচ্ছে । আর খুব সেক্সী দেখাচ্ছে। আমি একটা হাফ প্যান্ট পর লাম ভেতরে জাঙ্গিয়া পরি নি। বোন আর আমি গল্প করতে লাগলাম । ma chele choti kahini

হটাত ওর পা আমার গায়ের উপরে তুলে দিলো তারপর আমার দিকে তাকিয়ে মুচকি হেসে চুপচাপ শুয়ে থাকল। কারণ ওর উরুর নিচে আমার ধোনটা চেপে ছিল ( আর আমার বাড়াটা নরমালি ৬” লম্বা ৩” মোটা
আর খাড়া হলে ৯” লম্বা ৪” মোটা) তাই ও বুঝতে পেরেছে।
তো আমি কিছু বললাম না(আমি ত এটাই চাইছিলাম)
আমি চুপচাপ সুয়ে রইলাম ও কী করে দেখার জন্য
ও দেখি পা দিয়ে আমার ধোনটা চাপছে।  Choti bangla golpo new

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আগে থেকেই আমি গরম হয়ে আছি তার ওপর ওর উরুর চাপে পুরো খাড়া হয়ে লাফাতে লাগলো।
আমি কি করবো বুঝতে পারছিলাম না আমি চুপচাপ সুয়ে রইলাম ও ধীরে ধীরে আমার বাড়ার মাথাটা চেপে ধরলো ওর উরু দিয়ে
আর আমাকে জিজ্ঞেস করলো দাদা তোর এটা এতো বড় আর মোটা কেন।
আমি বললাম এটা সব ছেলেদের আছে।
ঠিক তখনই মায়ের গলার আওয়াজ পেলাম উউউউউউ আআআআআআআআআহ আর জোরে ঠাপা আরো জোরে আঃ আঃ আঃ আঃ আঃ আঃ আঃ উঃ শব্দ হচ্ছে । মলি বললো মা কী করছে এমন সময় এত জরে চেঁচায় কেন তো দেখি?
আমি বললাম না, ওরা যা করছে করুক না। Choti bangla golpo new

মলি বললো না আমি দেখবো তুই চো আমার সাথে বলে আমার হাত ধরে টেনে দাঁড় করালো। আমার বাড়াটা তখন খাড়া হয়ে আছে। মলি আমার বাড়াটা দেখে চমকে উঠলো
কারণ ৯” মানে বুঝতেই পারছ কতটা।

আর কিছু বলল না আমার কাছে এসে আমার হাত ধরে টেনে নিয়ে গেল মায়ের রুমের দিকে । গিয়ে দেখি জানালাটা অল্প খোলা তো দু জনেই জানালায় চোখ রাখলাম প্রথম মলি ওর পিছনে আমি ।এই সুযোগে আমি একহাত দিয়ে ওর কোমর ধরলাম আর এক হাত দিয়ে আমার ধোনটা ওর পাছায় গুজে দিলাম। Choti bangla golpo new

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ভেতর চোখ রাখতেই আমার কান দিয়ে গরমে ধুয়া বেরোচ্ছে( আমি মনে মনে ভাবছি আমাকে যদি এক বার চুদতে দিতো না গুদ ফাটীয়ে দিতাম ও কি ফিগার এখনও টাইট হয়ে আছে দুধ দুটো সাইজ ৩৬ পেটে হালকা মেদ উঃ ওওওও আআআহ আর পাছা ৪২ওওওওও)।

লাইট জ্বলছে ভেতরে( মায়ের নাম দিপা) আমার মা পুরো উলঙ্গ হয়ে সুয়ে আছে আর বাবা গুদে বাড়াটা ঢুকিয়ে চুদছে আর মা আরামে চোখ বুজে শুয়ে গোঁঙ্গাছে ওওওও আআআআহ আর জোরে আঃ আঃ আঃ আঃ আঃ আঃ আঃ কূত্তার বাচ্চা আর জোরে চোদ আ উঃ আআাআাআআআা
খানকির ছেলে আর জোরে চোদ।
এদিকে আমি মলির পাছায় হাল্কা হাল্কা চাপ দিচ্ছি।আর মা সমানে চেঁচিয়ে যাচ্ছে।

আর ৩/৪ ঠাপ দিয়ে মাল ছেড়ে দিল বাবা মা খেঁকিয়ে উঠলো আমার হয়নি তোর এখুনি হয়ে গেল
বাবা কুত্তার মত হাঁপাচ্ছে
মায়ের উপর সুয়ে মা খেঁকিয়ে উঠলো আর বলল গুদটা চুসে দে একটু।
বাড়াটা বের করে নিল দেখলাম কি ছোট আঃ কী সরু, ওই ৫”হবে। Choti bangla golpo new

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বাবা গুদে চাটা সুরু করলো আমি শিউরে উঠলাম গুদ টা দেখে কি সুন্দর কচি মেয়েদের মত।গুদের পিপড়ি দুটো ফুলে ফেঁপে ওঠেছে কাম উত্তেজনা তে।
কখন যে মলি আমার বাড়াটা তে হাত দিয়েছে বুঝতে পারিনি।
একটু জোরেই একটা চাপ দিল বাড়ার উপর।
আমি তাকিয়ে দেখি মলি। বাড়াটা চেপে ধরে আছে আমি ওর মুখের দিকে তাকিয়ে দেখি মুখ পুরো লাল হয়ে গেছে। আমার বাড়াটা একটু নাড়াচাড়া করে বলল চো দাদা আমার ঘরে চলে যাই
আমার যেতে ইচ্ছে করছে না তাই আমি বললাম তুই যা আমি আসছি। Choti bangla golpo new

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কিন্তু ও আমাকে ছাড়লেন না আমার হাত ধরে টানাটানি করতে লাগলো আমি বাধ্য হয়ে চলে এলাম।
আমি ভাবছি লাম কি ভাবে বোন কে রাজি করানো যায়।
বোন হাফ প্যান্টটা খুলে শুধু প্যান্টিটা পরে সুলো । আমি তো পুরা অবাক কোন রকমে গুদ ঢাকা আঃ পাছা পুরো পরিস্কার দেখা যাচ্ছে
আমি বোন কে দেখতে থাকলাম হঠাৎ মলি বললো কিরে কি দেখছিস?
আমি বললাম না কিছু না বলে আমি চখ সরিয়ে নিলাম। Choti bangla golpo new

আমার পাশে এসে শুয়ে আমাকে জড়িয়ে ধরলো আর আমিও ওকে জড়িয়ে ধরলাম তারপর খুব আস্তে করে ওর ঠোঁটে চুমু খেলাম তারপর আমি ওর কমলার কোয়ার মতো ঠোঁট দুটো ফাঁক করে আমার জিভটা ঢুকিয়ে দিয়ে ওর ঠোঁটে চুমু খেতে লাগলাম ও নিজের কোমড় আমার বাড়ার উপর চেপে ধরেছে আমার হাত দিয়ে ওর কোমর জড়িয়ে ধরে চুমু খেতে লাগলাম কিছুক্ষন কিস করে । Choti bangla golpo new

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ওর দুধের বোঁটা মুখে নিয়ে চুষতে লাগলাম টপসের উপর দিয়েই। মলি আমার মুখ টা সরিয়ে দিয়ে নিজেই টপ টা খুলে ফেলল আর আমার প্যান্ট খুলে ফেললো তারপর আমার মুখে চেপে ধরল দুধ দুটো আমি একটা মুখে পুরে চুষতে লাগলাম আর হাত দিয়ে ওর পাছাটা বাড়ার উপর চাপ দিতে লাগলাম আর পাছা টিপতে লাগলাম। Choti bangla golpo new

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पता नहीं कैसे हुयी चुदाई https://sexstories.one/mama-ke-ladke-ne-ki-meri-chudai/ Thu, 01 Jul 2021 04:20:48 +0000 https://sexstories.one/?p=3867 मेरा नाम रीता है और मैं 26 वर्ष की मुंबई की रहने वाली होती हूं। मैं खुले विचारों की लड़की हूं। मैं जब अपने कॉलेज में पढ़ती थी तब से मैं एक बिंदास लड़की हूं ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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मेरा नाम रीता है और मैं 26 वर्ष की मुंबई की रहने वाली होती हूं। मैं खुले विचारों की लड़की हूं। मैं जब अपने कॉलेज में पढ़ती थी तब से मैं एक बिंदास लड़की हूं और अपना जीवन खुद ही अपने तरीके से जीती हू। मेरे घर वालों ने भी मुझे कभी किसी चीज के लिए मुझ पर पाबंदी नहीं लगाई। मैं नाइट लाइफ को जीना बहुत ही पसंद करती हूं और मेरे ऑफिस के जितने भी दोस्त हैं हम सब लोग जमकर पार्टी किया करते हैं और मेरे कॉलेज के पुराने दोस्त जब भी मुझे मिलते हैं तो हम लोग अक्सर शराब पीने एक बार में जाते हैं। मुझे शराब पीने का बहुत ही शौक है और मैं हमेशा ही शराब पीती हूं।

क्योंकि मुझे उस की लत लग चुकी है लेकिन मेरे पिताजी को यह बात नहीं पता। यदि मेरे पापा को यह बात पता होती तो वह मुझ पर बहुत गुस्सा करते और ना ही यह बात मेरी मां को पता है। मैं अपने घर में एक लौती लड़की हूं। शायद इसी वजह से मैं इतनी बिगड़ गई हूं लेकिन मुझे फिर भी कभी भी अपनी इस चीज मैं कुछ गलत नहीं लगा और मुझे हमेशा ही ऐसा लगता है कि मैं अपनी लाइफ अपने तरीके से ही जीऊ। मैं जिस कंपनी में जॉब करती हूं वह कंपनी एक बहुत ही बड़ी कंपनी है और वहां पर मुझे जॉब करते हुए काफी समय हो चुका है।

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एक दिन मेरे मामा का मुझे फोन आया और मुझे कहने लगे कि हमारे लड़के का भी कहीं पर जॉब के लिए देख लो। मेरे मामा के लड़के का नाम शोभित है। उसने इसी वर्ष अपनी पढ़ाई पूरी की है तो मैंने उन्हें कहा कि मैं उसके लिए ऑफिस में जॉब देख लूंगी। आप मुझे उसका रिज्यूम भेज दीजिए। उन्होंने मेरा नंबर शोभित को दे दिया और शोभित नके अगले दिन मुझे फोन किया क्योंकि उसकी और मेरी बात इतनी ज्यादा नहीं होती वह बहुत ही शर्मीला नेचर का है और कम बात करता है। वह मुझसे छोटा भी है इस वजह से शायद वह मुझसे बात नहीं करता।

जब शोभित ने मुझे फोन किया तो मैंने उसे बताया कि तुम मुझे अपना रिज्यूम भेज देना और मैं तुम्हारा अपने ऑफिस में कहीं ना कहीं पर करवा दूंगी। अब उसने मुझे अपना रिज्यूम भिजवा दिया और मैंने अपने बॉस से इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि हमारे यहां पर 1 वैकेंसी खाली है तो तुम उसे बुला देना, मैं उसका इंटरव्यू ले लूंगा। अब मैंने उसे अपने ऑफिस में बुला लिया और अपने बॉस से मिलवाया।

मेरे बॉस ने उसे काम पर रख लिया। अब वह भी हमारे ऑफिस में ही काम करने लगा लेकिन वह मुझसे कम ही बात किया करता था। वह अपने काम में ही लगा रहता था और उसके बाद सीधा अपने घर चला जाता था। मैंने एक दिन शोभित से इस बारे में पूछा की क्या तुम मुझसे शर्माते हो। तो वह कहने लगा कि नहीं मैं तुमसे नहीं शर्माता। बस मैं ऐसे ही कम ही बात करता हूं। मैंने उसे कहा कि तुम कभी पार्टियों में भी जाते हो या सिर्फ घर में ही रहते हो। वह कहने लगा कि मुझे ऐसा कुछ शौक नहीं है।

मैं सिर्फ घर में रहना ही पसंद करता हूं लेकिन अब मैंने उसे कहा कि तुम कभी हमारे साथ भी पार्टी में चलो तो तुम्हें अच्छा महसूस होगा और तुम्हारा फ्रेंड सर्कल भी बढ़ने लगेगा। नहीं तो तुम घर में ही रहोगे। अब वह मुझे कहने लगा ठीक है मैं आज तुम्हारे साथ चलता हूं। रात को हम लोग क्लब में चले गए और वहां हमने जमकर शराब पी। जब उसने मुझे शराब पीते हुए देखा तो वह कहने लगा क्या तुम ड्रिंक भी करती हो।

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मैंने उसे कहा मैं तो हमेशा ही ड्रिंक करती हूं। मुझे तो कई वर्ष हो चुके हैं शराब पीते हुए। मैंने उसे पूछा क्या तुम ड्रिंक नहीं करते। वह मुझे कहने लगा नहीं, मैंने आज तक कभी भी नहीं की है। इसलिए मैंने उसे ज्यादा फोर्स नहीं किया और वह हमारे साथ बैठकर इंजॉय कर रहा था और चुपचाप एक जगह पर बैठा हुआ था। अब हम लोग घर चले गए मुझे ज्यादा नशा हो गया था। इसलिए शोभित ने मुझे घर पर छोड़ा और उसके बाद वह अपने घर चला गया। अब ऐसे ही शोभित ऑफिस में आ जा रहा है और मैं भी ऑफिस में जाती। अब धीरे-धीरे वह मुझसे बात करने लगा और हम दोनों की बातें होने लगी।

एक दिन मैंने उससे पूछा तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं। वह कहने लगा हां मेरी एक गर्लफ्रेंड है और मैं उससे फोन पर बात किया करता हूं। मैंने उसे कहा यह तो बहुत ही अच्छी बात है। कभी तुम मुझे भी उससे मिलवा दो। उसने कहा क्यों नहीं, मैं तुम्हें उससे जरूर मिलवा दूंगा। अब धीरे-धीरे वह मुझसे खुलने लगा था और हमारी बातें भी काफी होने लगी थी। मैं अब उसे अपने साथ पार्टियों में भी ले जाती थी और वह भी मेरे साथ पार्टी में आने लगा लेकिन वह शराब नहीं पीता था।

एक दिन हम लोग ऑफिस से जल्दी फ्री हो गए और हम सब दोस्तों ने प्लान बनाया कि हम लोग पब में चलते हैं। जब हम लोग पब में गए तो हम ने जमकर शराब पी लेकिन उस दिन मुझे कुछ ज्यादा ही शराब चढ़ चुकी थी। शोभित भी मुझे मना कर रहा था कि तुम इतनी शराब मत पियो तुम्हें बहुत नशा हो चुका है लेकिन मुझे उस दिन कुछ ज्यादा ही नशा हो गया। जब हम लोग वहां से अपने घर के लिए निकले तो मैं अच्छे से चल भी नहीं पा रही थी। शोभित मुझे मेरे घर तक छोड़ने आया और वह मुझे मेरे कमरे के अंदर छोड़ने आया लेकिन  मैंने उसे कसकर पकड़ लिया। मैने अपने स्तनों पर उसके मुंह को लगा दिया।

जैसे ही मैंने ऐसा किया तो उसका लंड भी खड़ा हो गया और उसने मेरे कपड़े खोल दिए। जब उसने मेरे कपड़े उतार दिए तो वह मेरे बदन को देख कर रह नहीं पा रहा था। उसने तुरंत अपने लंड को बाहर निकालते हुए मेरे मुंह के अंदर डाल दिया। जब उसने अपने लंड को मेरा मुंह में डाला तो मैंने उसे अच्छे से सकिंग करना शुरू कर दिया। मै बहुत ही अच्छे से उसके लंड को चसे जा रही थी। वह बहुत ही खुश हो रहा था और कहने लगा तुम तो बहुत ही अच्छे से मेरे लंड को अपने मुंह में ले रही हो।

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मैंने अपने दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए उसे कहा कि तुम मेरी चूत मारो। उसने जैसे ही अपने मोटे और सख्त लंड को मेरी योनि के अंदर डाला तो उसे बहुत ही मजा आ गया। अब वह मेरे दोनों पैरों को पकड़कर मुझे बहुत तेजी से चोदने लगा। वह इतना तेज चोद रहा था कि मेरा पूरा शरीर टूट रहा था और मुझे ऐसा लग रहा था शोभित मेरी चूत का भोसड़ा बना देगा।

उसने मुझे इतनी तेज धक्के मारे कि मेरा शरीर पूरा हिल रहा था और वह मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान किए जा रहा था। कुछ समय बाद उसने मेरे होठों को भी बहुत अच्छे से चूसा और मुझे बड़ी तेजी से उसने धक्का देना शुरू किया। अब उसने मुझे अपने ऊपर बैठा दिया और जैसे ही उसने मेरी योनि में लंड डाला तो मैं चिल्ला उठी। वह बड़ी तेजी से झटके मारने पर लगा हुआ था। कुछ समय बाद मैंने भी अपने चूतडो को ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया।

जब मैं अपने चूतडो को ऊपर नीचे करती जाती तो मुझे भी बहुत मजा आ रहा था और उसे भी बहुत ही मजा आ रहा था। वह बहुत ज्यादा खुश था वह कह रहा था कि तुम्हें चोदना में तो मुझे अलग ही तरीके की अनुभूति हो रही है जिससे कि मुझे बहुत मजा आ रहा है। वह मुझे बड़ी तीव्रता से धक्के दिए जा रहा था जिससे कि मेरी पूरी चूतड लाल हो चुकी थी। उसने मेरे स्तनों पर अपने दांत भी मार दिए थे जिससे कि मेरे स्तनों से खून भी निकलने लगा था। लेकिन मुझे उतना ही मजा आता जितना वह मुझे चोदता।

अब उसने अपनी स्पीड को ज्यादा ही बढ़ा लिया। जब उसने अपनी गति को तेज किया तो मेरे चूतड़ों पर कुछ ज्यादा ही दर्द होने लगा और मेरी योनि से खून टपकने लगा। क्योंकि मेरी योनि बुरी तरीके से छिल चुकी थी और उसका लंड भी बहुत बुरी तरीके से छिल चुका था क्योंकि मेरी योनि बहुत ही ज्यादा टाइट है। उसे अब इतना मजा आ रहा था कि उसने मुझे बड़ी तेजी से धक्का मारना शुरु किया थोड़ी देर में मेरी योनि से कुछ ज्यादा ही गर्मी निकलने लगी और उसने अपने वीर्य को मेरी योनि के अंदर ही गिरा दिया।

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