hindi sex kaahni Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/hindi-sex-kaahni/ Hindipornstories.org Wed, 09 Jun 2021 02:47:28 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 Girlfriend Ke Sath, Ek Yaadgar Raat https://sexstories.one/girlfriend-ke-sath-ek-yaadgar-raat/ Wed, 09 Jun 2021 02:47:28 +0000 https://sexstories.one/?p=3121 ये बात उन दिनो की है जब मैं पड़ता था। वहाँ पर मेरी एक गर्लफ्रेंड हुआ करती थी। जिससे मैं बहुत प्यार करता था और शायद आज भी करता हूँ| मैं उसे अपने दिल से ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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ये बात उन दिनो की है जब मैं पड़ता था। वहाँ पर मेरी एक गर्लफ्रेंड हुआ करती थी। जिससे मैं बहुत प्यार करता था और शायद आज भी करता हूँ| मैं उसे अपने दिल से प्यार करता था और उसके बारे मैं कोई ग़लत विचार अपने दिल में कभी नहीं रखता था और हमारे बीच कभी सेक्स नहीं हुआ था सिर्फ़ किस तक ही था। हम जब भी मिलते थे एक दूसरे को किस करते थे और वो किस भी कुछ ऐसे तरीके से करती थी कि और कुछ करने को दिल ही नहीं करता था।

बस हाथ जहाँ भी होते थे तो वहीं पर ही रह जाते थे। हिलने को दिल नहीं करता था। वो बहुत ज़्यादा सुन्दर नहीं थी लेकिन जितनी भी थी मेरे लिए वो किसी स्वर्ग की परी से कम नहीं थी। मैं हमेशा ही उसे परी कहकर पुकारता था और वो सिर्फ़ हंस कर रह जाती थी और उस हंसी को देखने के लिए ही मैं सब कुछ करने के लिए हर समय तैयार रहता था। एक बार की बात है। दिसम्बर का महीना था और आपको पता ही है की दिसम्बर के महीने हिमाचल मैं कितनी ठंड पड़ती है। तो उसने मुझे शाम के 7:00 बजे फोन किया की मेरे घर आ जाओ मैं उसी टाइम घर वालों से बहाना लगा के उसके पास चला गया और वहाँ देखा तो वो घर पर अकेली थी। मैने उससे बुलाने का कारण पूछा तो बोली कि वो अकेली थी और उसे अकेले मैं रात को डर लगता है।

मैने उसे मज़ाक मैं बोल दिया की क्या कोई और नहीं था बुलाने के लिए तुम्हे तो पास ही रहने वाली अपनी बहन को बुला लेना चाहिए था। सोचो अगर मैने तुम्हारे साथ कुछ ऐसा वैसा कर दिया तो, उसका जवाब सुन कर मैं दंग रह गया, वो बोली अब ये तुम्हारा माल है जैसा चाहो वैसा कर लो किसने रोका है तुम्हे डियर। लेकिन दोस्तों मैं उससे सच्चा प्यार करता था, तो ऐसा मेरे दिल मैं नहीं था कि मैं कुछ ऐसा वैसा उसके साथ करूँ और हम दोनो ने साथ में खाना खाया जो की उसने मेरे आने से पहले ही बना दिया था और हम सोने की तैयारी करने लगे और हम दोनो उसके बेडरूम मैं एक ही डबल बेड पर सो गये लेकिन दिसम्बर का महीना था तो थोड़ी देर के बाद उसने मुझसे बोला की बहुत ठंड लग रही है और हाथ मेरे चेहरे से लगा दिया जो की बर्फ के जैसा ठंडा था और मैने भी ऐसे ही मैने भी मज़ाक मैं बोल दिया की अगर ज़्यादा ठंड लग रही है तुम भी मेरे बिस्तर मैं आकर सो जाओ।

दोस्तों उसने कुछ नहीं देखा और जल्दी से सीधे उठ कर मेरे बिस्तर मैं घुस गई और अपने हाथ मेरे हाथ के नीचे दबा दिए और मुझसे चिपक कर सो गई और में उसको किस करने लगा और वो भी मुझे किस करने लगी। हम दोनो एक दूसरे को किस कर रहे थे और मैने उसको अपने बाँहों में जोर से दबा रखा था और पता नहीं मेरे हाथ कैसे उसके बूब्स पर चले गये और मैं उसके बूब्स उसकी कमीज़ के ऊपर से ही दबाने लग गया और उसने मुझे भी कुछ नहीं बोला और वो आंखे बंद कर के मुझे किस करती रही। शायद उसको भी मज़ा आ रहा था। मुझे तो बहुत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा था और थोड़ी देर बाद हमारा किस टूटी और उसने आंखे खोली और मेरी तरफ देखा जैसे ही उसने मेरी तरफ देखा तो उसने शरम से अपना चेहरा मेरे सीने मैं छुपा लिया। मैने पूछा क्या हुआ तो कहने लगी की मुझे बहुत शरम आ रही है। तो मैं बोला कि मेरे पास सोने के लिए आई तब तो शरम नहीं आई तभी उसने मेरे होंठो पर होंठ रख दिए और किस करने लगी

मैने उसे पूछा की क्या मैं तुम्हारे बूब्स देख सकता हूँ। तो वो बोली की मुझे तुम से बहुत शरम आती है। तो मैने कहा तुम अपनी आँखे बंद कर लो तो उसने अपनी आँखे बंद कर ली और मेरी तरफ मुहं कर दिया मैने उसकी कमीज़ को ऊपर किया और ऊपर से ही उतार दिया उसने सफेद रंग की डिज़ाइनर ब्रा डाली हुई थी और वो उसमे बहुत ही सेक्सी लग रही थी। थोड़ी देर तो मैं देखता ही रह गया क्योकि जिंदगी मैं पहली बार किसी को ऐसी हालत मैं देख रहा था। तभी उसने मेरा चेहरा पकड़ा और मुझे अपनी बाहों में खींच लिया और बोली की ऐसे मत देखो मुझे शरम आ रही है और मैं उसे ब्रा के ऊपर से ही किस करने लगा और वो मेरे बालो मैं उंगलियाँ फेरने लगी और मेरे माथे पर किस करने लगी और वो मुझे ऐसे चूमने और चाटने लगी जैसे उसे उसकी सबसे प्यारी चीज उसे आज मिल गई हो और मेरा ख़ुशी के मारे ऐसा हाल था कि में उसे शब्दों में आपको नहीं बता सकता।

इस अहसास को सिर्फ़ वही जान सकते है जिसे अपनी लाइफ में कभी किसी से प्यार हुआ हो और प्यार मिला हो और मैने अपने हाथ पीछे ले जा कर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए तो वो मुझसे ऐसी चिपकी की वो मुझसे दूर हटाने का नाम ही नहीं ले रही थी। और वो शरम से कांपने लग गई थी मैने उसके कान मैं बोला डियर रहने दो अगर ज़्यादा शरम आ रही है तो हम कुछ नहीं करते। तभी उसने मेरी तरफ देखा और एक बहुत ही प्यारी सी स्माईल दी और उसके चेहरे को देख कर मैं उसे ऐसे चूमने लगा जैसे किसी पागल को कुछ खाने को मिल जाता है।

मैने थोड़ी देर के बाद अपने आप को संभाला और मैने उसको थोड़ा पीछे किया और उसके बूब्स को एकटक लगा कर देखने लगा और पता नहीं क्यों पर वो भी मेरे चेहरे की और देखती ही रही।

फिर थोड़ी देर बाद उसने मेरी शर्ट के बटन खोलना शुरू कर दिए और बोली मुझे नंगा कर के ठंड मैं मार रहे हो और खुद तो कपड़े पहन कर बैठे हो और ऐसा बोलते बोलते उसने मेरी शर्ट के सारे बटन खोल दिए और मेरी शर्ट खोल दी और मेरी बनियान भी खोल दी और मुझे धक्का दे कर बेड पर लिटा दिया और मेरी छाती पर किस करने लगी और चाटने लगी उधर मेरी पैंट में मेरे लंड ने हाहाकार मचा के रखा था।

तभी मैने भी उसे पकड़ा और उसे बेड पर लिटा दिया और उसके बूब्स को सक करने लगा। रियली मुझे उसमे बहुत मज़ा आ रहा था मेरा तो उसे खा जाने को दिल कर रहा था और मैं उससे बार-बार बात कर रहा था तो उसने मुझे बोला की प्लीज तुम रुको मत बस चूसो और वो ऐसे सिसक रही थी कि जैसे उसके मुहं में किसी ने तेज मिर्च डाल दी हो वो मज़े मैं हर कुछ ही बड़बड़ा रही थी।

मेरे सिर को पकड़ कर अपने बूब्स पर दबा रही थी। ज़ोर से चूसो इन्हे डियर आज तक सिर्फ़ तुम्हारे लिए ही बचा के रखे थे। आज इनको अपना मालिक मिल गया है और मैं कोई 20-25 मिनट तक उन्हें चूसता और चाटता रहा। उसके बाद मैं नीचे की तरफ उसके पेट की तरफ चाटने लगा और उसकी नाभि मैं अपनी जीभ डाल कर चाटने लगा और वो सिसकारियां लेती रही और उसने मुझे ऊपर खींच लिया और किस करने लगी मैने बोला डियर क्या हुआ तो वो कुछ नहीं बोली और बस किस करती रही।

मैने अपना हाथ उसकी सलवार के नाडे में डाल कर नाडा खोलने ही वाला था की उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे बोलने तक का मौका भी नहीं दिया और किस ही करती रही। मैने अपने हाथ दुबारा उसके बूब्स पर रख दिए और उन्हे दबाने लगा। अब वो भी अब गरम हो गई थी लेकिन आप लोग तो जानते ही हो की कोई भी लड़की इतनी जल्दी नाडा नहीं खोलती चाहे वो कितनी भी बार चुद चुकी हो। लेकिन ये अभी तक किसी से नहीं चुदी थी मुझे पक्का यकीन था।

फिर मैने अपना हाथ दोबारा उसके नाडे पर रख दिया और इस बार उसने मेरे हाथ पर हाथ तो रख दिया लेकिन मेरा हाथ वहाँ से हटाया नहीं और मैने उसके नाडे मैं हाथ डाल दिया और उसका नाडा खोल दिया और उसकी सलवार को थोड़ा सा नीचे कर दिया और उसकी चूत पर पेंटी के ऊपर से ही हाथ फेरने लगा। जब मैने उसकी चूत पर हाथ लगाया तो पता चला की उसकी चूत बहुत ज़्यादा गीली हो गई थी और पेंटी भी वो तो बस उस समय पागल ही हो गई और मेरे बालो को नोचने लग गई।

और मुझसे बोलने लगी ओह डियर ये क्या कर रहे हो तुम और मैने अपने पैरो से उसकी सलवार को नीचे कर दिया और अपने हाथो को उसकी कोमल कोमल टांगो पर फेरने लगा। उसके गोरे-गोर पैर को टच करने मैं बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैं उसके ऊपर आ गया और उसके बूब्स को सक करने लगा और नीचे को होता हुआ उसके पेट नाभि और कुछ देर बाद मैं उसकी चूत पर आ गया और मैने उसकी पेंटी नीचे कर दी और उसकी साफ और गोरी चूत को देख कर मेरा दिमाग़ खराब हो गया और मैं चूत को चाटने लग गया और वो मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी थोड़ी देर तो मेरी सांस रूकने लग गई और मैने मुहं हटा दिया और सांस लेने लगा उसकी चूत का स्वाद बहुत अच्छा था वो थोड़ा कसैला सा स्वाद था पर मैं फिर भी चाटता रहा और वो झड़ने लग गई और उसने मेरे सर को ज़ोर से पकड़ लिया उसे अपनी चूत पर दबाने लगी और थोड़ी देर मैं वो झड़ गई और उसका सारा पानी मेरे मुहं मैं आ गया और मैं ना चाहते हुए भी उसे पी गया।

फिर मैने उसकी चूत से मुहं हटाया और ऊपर होकर उसको किस करने लगा और लेकिन दोस्तों मैने अभी तक अपनी पैंट नहीं उतारी थी। फिर किस करते करते उसने मेरी पैंट की बेल्ट भी खोल दी और जल्दी से मेरी पैंट को नीचे करने लगी मेरी पैंट को नीचे कर के मेरे लंड को अपने हाथ मैं पकड़ लिया और उसे ऊपर नीचे करने लगी मेरा तो बहुत ही बुरा हाल था। मेरा तो ऐसा हाल था कि मैं अभी झड़ जाऊँगा लेकिन पता नहीं कैसे मैने अपने ऊपर कंट्रोल किया हुआ था। लेकिन 45 मिनट के बाद मेरा सब्र साथ छोड़ता गया और मैं भी झड़ने लग गया और सारा वीर्य उसके हाथ ही पर गिर गया।

उसने अपने हाथ चादर से साफ की और बोली की तुम बहुत गंदे हो मैंने उसे बोला की कोई बात नहीं ये तो सब तो होता है ये तो सभी ही बोलते है और हम दोनो हँसने लग गये और मैं दोबारा उसे किस करने लगा और उसके बूब्स को प्रेस करने लगा और बूब्स को चूसने लगा। अब वो दोबारा गरम होने लगी और मेरे सिर को अपने बूब्स पर दबाने लगी।

मैने उसे पूछा डियर क्या मैं तुम्हे चोद सकता हूँ। तभी वो मुझसे बोली नदी पर पहुंच कर बोलते है कि क्या मैं नदी में नहा लूँ। मैने अब ज़्यादा देर ना करते हुए अपने लंड को उसकी चूत पर रख दिया और में धीरे धीरे धक्के मारने लगा पर आप सब लोग जानते हैं कि एक बिना चुदी चूत मैं लंड इतनी आसानी से नहीं घुसता थोड़ी मेहनत तो करनी ही पड़ती है।

तो दोस्तों वही मेरे साथ भी हुआ मेरा लंड भी उसकी चूत से फिसल कर नीचे जा रहा था। लेकिन हम दोनों कि हालत बहुत खराब थी हमे बहुत दर्द हो रहा था। मैने अपने हाथो से अपने लंड को पकड़ा और उसकी चूत पर सेट किया और एक धक्का दिया तो मेरे लंड का मुहं ही उसकी चूत मैं घुस सका और बाकी बाहर था। लेकिन थोड़े ही लंड के अंदर जाने से ही उसके आँखों मैं आंसू ला दिए थे जो कि मैं कभी नहीं देख सकता था और मैने तभी लंड बाहर निकाल दिया और बोला डियर क्या तुम्हे बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा है। तभी वो बड़े प्यार से मेरी तरफ देख के बोली डियर आज से मैं तुम्हारी हूँ अब तुम जैसे चाहो मेरे साथ करो मैं तुम्हे मना नहीं करूँगी।

मैने उससे थोड़ा तेल माँगा तो उसने टेबल की तरफ ऊँगली कर के दिखा दिया मैने तेल ले कर अपने हाथ में लिया और अपने लंड पर और थोड़ा उसकी चूत पर लगाया और दोबारा से अपने लंड को उसकी चूत पर रखा और धीरे से एक धक्का मारा और मेरे लंड का मुहं उसकी चूत में चला गया और वो अपने होंठो को अपने दांतों के बीच में दबाने लग गई मुझे पूरा एहसास हो रहा था कि उसे फिर से दर्द हो रहा है। लेकिन मैने अपने लंड को और ज़ोर लगा कर दबाया और कम से कम आधा अंदर चला गया और उसकी चूत मैं से खून भी निकालने लगा और उसके मुहं से चीख निकल गई।

लेकिन उसने लंड को बाहर निकालने के लिए नहीं बोला और मैं उसे किस करने लगा और उसके बूब्स को मसलने लगा और वो नीचे चुपचाप पड़ी रही और मैं उसके बूब्स को मसलता रहा और थोड़ी देर बाद वो मुझे थोड़ी नॉर्मल सी लगी तो मैं धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करने लगा और उसे अभी भी थोड़ा थोड़ा दर्द हो रहा था। तभी मैने उससे पूछा क्या अभी भी ज्यादा दर्द हो रहा है तो वो बोली ज्यादा नहीं सिर्फ थोड़ा सा और मैं धीरे धीरे लंड को आगे पीछे कर रहा था और थोड़ी देर बाद मैने एक ज़ोर का धक्का मार कर अपना पूरा का पूरा लंड को अंदर कर दिया और उसकी आँखो से आंसू निकलने लगे और उसने अपनी आँखे बंद कर ली दर्द से।

मैं उसके ऊपर ऐसे ही पड़ा रहा और उसके आँसूओं को पी गया और उसे किस करता रहा और थोड़ी देर के बाद वो बोली की आज तुमने मुझे पूरी तरह से औरत बना दिया मैं तुम्हारा ये एहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगी। अब चाहे भगवान मुझे अपने पास बुलाले और मैने उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और उसे ज़ोर से अपनी बाहों मैं जकड़ कर किस करने लगा गया और मैं अब उसे धीरे धीरे चोद भी रहा था और वो भी मुझे किस कर रही थी।

अब उसे भी मज़ा आ रहा था वो भी अपने चूतड़ उठा-उठा कर मेरा साथ दे रही थी और मज़े मैं बड़बड़ा रही थी। ओह डियर चोदो मुझे चोदो आज फाड़ दो मेरी चूत मैं तुम्हारी हूँ। मुझे अपने में समा लो मैं मर जाऊंगी और उसका शरीर अकड़ने लगा और वो मुझे कस कर मुझसे चिपकने लगी और मैने भी अपनी स्पीड बड़ा दी और मैं उसे तेज तेज धक्को से चोदने लगा और वो उसी समय झड़ गई और अब थोड़ी देर के बाद में भी झड़ गया था और मैने अपनी स्पीड बड़ा दी और उसको बोला डियर मेरा वीर्य निकालने वाला है। बताओ कहाँ पर निकालू तो वो बोली जहाँ तुम्हारा दिल करे वहीं पर निकाल दो। तो मैने भी अपना वीर्य तेज और गहरे धक्को के साथ उसकी चूत मैं ही छोड़ दिया और में उसके ऊपर ही गिर गया और उसे किस करने लगा और वो भी मेरे माथे को बार-बार चूम रही थी।

10-15 मिनट वैसे ही उसके ऊपर ही पड़े रहने के बाद मैं उसके ऊपर से उतरा और साइड मैं लेट गया तो अब मैने उसकी चूत को देखा जो की खून से लाल हुई पड़ी थी। पर उसके चेहरे पर फ़िक्र वाली कोई बात ही नहीं थी और चादर भी लाल हुई पड़ी थी लेकिन उसने उसे ऐसे अनदेखा किया जैसे कुछ हुआ ही नहीं था। लेकिन मैने भी ज़्यादा सवाल नहीं किए इस बारे मैं हम दोनो बाथरूम गये और नहा कर बाहर आए और बेड पर लेट गये थोड़ी देर किस करने के बाद मेरा लंड दोबारा से खड़ा होने लगा। तभी उसने लंड को हाथ मैं पकड़ कर कहा इस लंड का तो दिल अभी भी नहीं भरा मेरी चूत की सील तोड़ दी फिर भी क्या दोबारा जाना चाहते हो चूत के अंदर और वो लंड को सहलाने लगी। थोड़ी देर के बाद लंड को मुहं में लिया और चूसने लगी और चूस कर लंड दोबारा खड़ा कर दिया।

उस रात मैने उसके साथ दो बार और सेक्स किया और उठ कर सुबह जल्दी ही अपने घर को चला गया और दूसरे दिन स्कूल मैं हम दोबारा मिले तो वो बहुत ही खुश लग रही थी। उसे खुश देख कर मुझे भी बहुत ख़ुशी हुई थी और इसी तरह दिन बीतते गये और हम एक दूसरे से इतने दूर हो गये की आज मेरी उससे बात भी नहीं हो पाती देखना तो दूर की बात है। पर दिल मैं एक यही दुआ है की जहाँ पर भी हो खुश हो और भगवान करे मेरा ख्याल भी उसके दिल मैं आए जिससे कि वो उदास ना हो जाए। ठीक एक साल बाद मेरी भी शादी हो गई और में अपनी बीवी के साथ अपनी पुरानी बातों को भूल गया।

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