dost ki biwi ki chudai Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/dost-ki-biwi-ki-chudai/ Hindipornstories.org Sat, 26 Feb 2022 08:52:51 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 हालत की वजह से दोस्त की वाइफ की चुदाई https://sexstories.one/dost-ki-wife-ko-choda/ Sat, 26 Feb 2022 08:52:51 +0000 https://sexstories.one/?p=3532 मैंने भाभी को सीधा किया और मै उपर से आ गया, अपना लण्ड उसकी चूत के ऊपर सहलाने लगा, उसकी चूत पूरी गीली हो गयी थी, उसकी टाईट चूत को चोदने के लिए मैंने पहला झटका ही जोर से दिया पर गीली चुत की बजाह से लंड सतक रह था...

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Dost ki Wife ko Choda दोस्तो, मेरा नाम विकास ठाकुर है. मै हाजिर हू एक नयी कहानी लेकर जो मेघना नामक रीडर की विनांती सुनकर. आप तो जानते ही है फिर भी एक बार फिर से बता देता हू, वैसे तो मैं एक डॉक्टर हूँ. मुझे अन्तर्वासना पर सेक्स कहानी पढ़ना बहुत पसंद है. मैं एक 28 साल का युवक हूँ और मेरे लंड की साइज़ भी इतनी मस्त है कि ये किसी भी लड़की या भाबी को चुदाई का पूरा मज़ा दे सके. हालांकि मुझे लड़कियों से भाबियों की चुदाई करना ज्यादा पसंद है. मैं अपनी कहानी पर आने से पहले ही बता दूँ कोई भी दोस्त मेरे से भाबी का नंबर या आइडी ना मांगे. किसी भी लड़की या भाबी के लिए उसकी प्राइवेसी और गोपनीयता बनाए रखना बहुत ज़रूरी होता है. इसलिए ये देखते हुए मैंने कहानी में नाम बदल दिए हैं.

मै कहानी पे आता हू पर ये बता देता हू की मैने कोई गद्दारी नही की जो भी हुवा मर्ज़ी से एक बार की हुवा. ये कहानी है दोस्त की वाइफ की चुदाई की है. हम तीनो साथ मे ही काम करते है. पहले दोस्त की वाइफ के बारे मी बता डू वो एकदम सिंपल लड़की की जिसका फिगर जाड़ा नही है लेकिन उसकी पिछवाड़ा धेखकर बड़े बड़े लोगो के लंड खड़े हो जाते थे. उसकी गांड मे ऐसा जादू है की मरीज सिर्फ़ उसकी गांड धेकने के लिए बार बार आते थे. वो साड़ी पहनती उसकी आँखें भूरी ओर गाल एक दम गुलाबी थे। उसके बूब्स ओर गांड भी मस्त बाहर निकलती है.

मै कहानी पे आता हू हम लोगो को एक मेडिकल कॅंप के लिए नासिक जाना था. हम लोग लगभग १५ लोग थे. पल्लवी भाबी ओर मेरा दोस्त सागर भी साथ मे थे. सागर, मै, ओर भाभी हमेशा साथ मे घूमते थे ड्रिंक करते थे. मई उनके घर पर बोहोट बार रहा हू. हम लोग वाहा पे गये. वाहा पे हमे जंगल मे रहना था. मतलब टेंट लगा दिए थे पर दोनो तरफ़ से को भी ज़ाक सकता था. दो दिन के ब्बाद सागर के पैर मे मोच आने के कारण सागर वापिस आ गया ओर कॅंप ओर भाबी की ज़िमेदारी मूज़े दे दी. जहा हम गये थे वाहा पे जड़तर आदिवासी लोग रहते थे. सागर के जाने के बाद पल्लवी भाबी ने मूज़े बुलाया ओर बोला की आज रात को कल का प्लान डिसकस करते है. हमारा काम होने के बाद मै फ्रेश होके उनके टेंट मे गया. भाबी कपड़े चेंज कर रही थी अंदर ओर एक पड़दा था लेकिन मूज़े सब दिखा रहा था. भाबी ने ब्लाउस ओर ब्रा निकली ओर टिशियर्ट पहनी ओर नीचे कुछ नही पहना था पनटी निकल दी ओर सिर्फ़ नाइट पॅंट पहनी. उसके बूब्स ओर गांड को धेकते ही मेरा लिंड खड़ा हो गया. मेरा मंन किया की अभी जाके उसकी गांड मारू, उसे घोड़ी बनके शॉट लगाउ. मेरा लंड उसके मूह मे डाल डू.

मैने आवाज़ दी तो पल्लवी भाभी ने अंदर आने को कहा मै पहले से ही अंदर था मै गया तो भाभी को द्देखता रहा गया भाबी बहोट हॉट लग रही थी.
मैने ऊपर से नीचे तक पहले भाभी को घूरना शुरू किया. पल्लवी भाभी के कपड़े बहोत टाइट थे, उनके बुब्स ओर चुत एकदम शेप मे धिक रही थी. वो मुज़से बात कर रही थी ओर मेरी नज़र उनकी फूली हुई गांड पर थी. तभी बाकी लोग आ गये हम लोगो ने कल का प्लान डिसकस किया. सभी को सोने की जल्दी थी, बहोट सारी नर्स गांड मरवाने को बेकरार थी ओर सबकी अपना लंड को सेलेक्ट कर लिया था. ऐसा पहली बार हुवा था जब मैने भाभी के बारे मे ग़लत सोचा था. थोड़ी देर बाद सब लोग निकल गये भाभी ने मूज़े रुकने को कहा.

भाभी ने कहा की हुमने जिनको दवाई दी है. उन लोगो ने उनका आदिवासी डॅन्स धकने बुलाया है. बाकी सब नही आ रहे है. हम लोगो को जाना चाहिए. हम लोग उनके यहा जाने के लिए निकल गये. वो लोग पहाड़ो के बीच अपने भगवान के पास कुछ प्राथना कर रहे थे. फिर उनका डॅन्स सुरू हुवा. बहोत मज़ा आ रहा था. उन लोगो ने हुमे भी नाचया. फिर बाद मे एक बंदे ने मूज़े एक ग्लास लाकर दिया जिसमे कुछ था. पीने के बाद पता चला वो शराब जैसा कुछ था. पर वो लोग बहोट सिंपल थे तो मैने ओर भाभी ने पिया ओर मज़ा लेते रहे. वो लोग हुमे मिया बीबी समज रहे थे. उनके डॅन्स के हिसाब से भाबी मेरे आगे थी मेरा लंड भाभी की मक्खन की तरह गांड मे गुस रहा था. पर हम लोग नशे मे थे. फिर उनको बोलके हम वाहा से टेंट आने के लिए निकले.

हम रास्ता भटक गये ओर कुछ समज मे नही आ रहा था. मोबाइल मे नेटवर्क नही था. हम लोग २ घंटे से भटक रहे थे. भाभी थक गयी ओर बोली कही पे बैठेते है ओर फिर सोचते है. ठंड बोहोत जाड़ा थी. हम दोनो ने नॉर्मल कपड़े पहने थे. उतने मे भाभी को सामने एक खाली खंदर धीखा. हम डरते डरते वाहा पे गये. अंदर खाली कमरे थे. हमने सोचा यही पे कुछ देर रुकते है. मै दूसरे रूम मे गया तभी भाभी के चिल्लाने की आवाज़ आई मैने धेखा तो भाभी वाहा पे टंकी जैसा कुछ था जिसमे घिर गयी. मैने पानी के अंदर गया ओर उनको निकाला. हम दोनो भीग गये थे. ओर ठंड बोहोत थी. मूज़े वाहा पे दो चटाई मिली.

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हम लोगो ठंड के मारे कप रहे थे. तभी भाभी ने जो कहा वो सुनके मई हैरान था भाभी ने कहा हुमे कपड़े उतार के बैठना पड़ेगा नही तो हम ऐसे ही मार जाएगे. मैने उनकी तरफ धेखा, तो भाभी ने कहा हम डॉक्टर है तोड़ा दिमाग़ से सोचो. फिर अंधेरे मे हम दोनो ने अपने अपने गीले कपड़े उतार के एक दूसरे की तरफ पीठ करके बैठ गये. लेकिन कब तक ऐसे ही रहते ठंड तो अभी भी थी तो हम लोग चटाई पे सो गये ओर एक चटाई उपर से ले ली.

मेरा लंड खड़ा हो चुका था हमारा शरीर एक दूसरे को टच हो रहा था भाभी तोड़ा पीछे हो गयी मेरी शरीर की गर्मी की बाजसे उनकी तंदी कम हो गयी. भाभी ने कहा कोई दूसरा ऑप्षन नही है. एक दूसरे को लिपट के सोना पड़ेगा फिर मुज़से कंट्रोल नही हुवा मैने उनकी उनकी गोल ओर नरम गांड को अपने हाथों से दबाना शुरू कर दिया। उनकी गांड काफी बड़ी थी ओर एकदम मक्खन की तरह थी। उनकी गांडो को हाथों से दबाने ओर मसलने में काफी ज्यादा मजा आ रहा था। धीरे से फिर भाभी भी जोश मे आ रही थी. आ हू दबाओ ज़ोर से कुछ तो करो ऐसा बोल लेकिन २ मिनिट के बाद बोलने लगी ये सही नही है. मेरा लंड पूरा खड़ा हो चका था.
फिर मैने भाभी को समजाया की हुमे ये करना होगा वरना हम मर जाएँगे. तो भाभी ने मुज़ेसे प्रॉमिस लिया की ये एक ही बार होगा ओर किसी को पता नही चलेगा. मैने भाभी को प्रॉमिस किया ओर किस करना स्टार्ट किया.

मैं पीछे से उनकी गांड और बूब्स पर हाथ फेर रहा ओर दबा रहा था। हाय कितनी मुलायम ओर नरम बूब्स थे. मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था।भाभी भी इतने में काफी गर्म हो गयी थी उनके मुंह से आह,आह की धीमी आवाज निकल रही थी। कुछ देर बाद भाभी ने मुझसे कहा ”मुझे चुत चटवनी है सागर ने कभी नही किया प्लीज़ चॅटो ना मै नीचे चली गया.

मैं 69 पोजीसन होकर उसकी चूत के पास पहुंच गया और फ़िर मैं उसकी चूत जीभ से चाटने लगा. मै पूरा फील दे रहा था पूरा चुत के अंदर था जीभ डालके आइस्क्रीम की तारह छत रहा था. उसका वो चुत का खट्टा पानी मूज़े मस्त लग रहा था. फिर भाबी ने मेरा लण्ड हाथ में ले लिया. वो मेरे लण्ड को हिलने लगी अपने हाथ , ओर मेरी भी आहें निकलने मेरी हालत खराब हो रही थी और भाभी ने लन्ड मुंह मे लेकर चूसने लगी. उसने मेरे लण्ड को अपने मुंह में ले लिया ओर अंदर बाहर किए जा रही थी और मेरी जीभ उसकी चूत के साथ साथ ज़ट के बाल भी नोच रहा था.

भाभी ने मूज़े बोली की मूज़े लंड चूसना बहोत पसंद है. ओर वो बोली मेरे मुहफ़ मे निकल दो मूज़े माल को पीना है. मेरे लौड़े को चूस चूस कर और बड़ा कर दिया ओर कहने लगी मूज़े बड़ा ही पसंद है. मै भी काफ़ी जोश में आ गया था मै भाभी का सर दबा रहा था ओर लंड पूरा अंदर तक जा रह था. भाभी हाथों से मुठ मार मार कर चूस रही थी. ओर मेरा लौड़ा गरम हो गया ओर मैने सारा माल निकाल दिया भाभी के मुँह में गिरा दिया. भाभी ने मेरा सारा माल पी लिया ओर चाट कर सारा माल साफ कर दिया.

भाभी बोली, “अब तुम मुझे चोदो अपने लण्ड से ओर माल अंदर मत गिरना मूज़े हर एक स्टाइल मे चोदो, अब मुझसे रहा नहीं जाता जल्दी करो… चोदो मुझे ! चोदो मेरी चुत फाड़ के रख दो. अब मैंने अपने होंठों से उसके होंठों पर चूमना करना शुरू किया, मै बहोत सेरटाक किस कर रहा था ओर साथ मे उसको मसल रहा था. फ़िर गाल पर, गले पर, चूत, गाड़, बुब्बस हर जगह फ़िर और नीचे से हाथ डाल कर उसकी चूत को सहलाने लगा ओर अंदर उंगली डालने लगा. बड़े और सख्त बूब्स को पी रहा था !मैं उन्हें मसलने और जोर से दबाने लगा. मैंने उसके निप्पल को अपनी मुहा में लेकर दबाया, वो जोर से सिसकने लगी, “उह उह आह विकास आज मुझे पूरी तरह से चुदाई का मज़ा दे दो. मूज़े तेरा लंड चाहिया प्लीज़ डाल दो. चाहो तो माल अंदर ही दाल दो लेकिन अब सब्र नही होता.

मैंने भाभी को सीधा किया और मै उपर से आ गया, अपना लण्ड उसकी चूत के ऊपर सहलाने लगा, उसकी चूत पूरी गीली हो गयी थी, उसकी टाईट चूत को चोदने के लिए मैंने पहला झटका ही जोर से दिया पर गीली चुत की बजाह से लंड सतक रह था. फिर भाभी ने एक हाथ से लंड सेट किया मैने बूब्स को मुहा मे लिया ओर एक ज़ोर का शॉट लगया, भाभी ज़ोर से चिल्लाई, ओह मर गई, कितना बड़ा है तेरा, मूज़े दर्द हो रहा है . मेरा आधा लण्ड उसकी चूत में गया था, मैने बात करते हुवे ओर एक शॉट मारा मगर काफ़ी टाईट चूत थी, फिर भाभी ने गाड़ उपर की ओर बोला अब लगाओ शॉट, एक बार फिर जोर के झटके से अपना पूरा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया. वो बोल रही थी “आह धीरे धीरे करो मूज़े मज़ा लेनो दो, चप चप आवाज़ आनी चाहिए ! ” भाभी मेरे पीठ मे नाख़ून के निशान छोड़ रही थी.

मैने उसस्के बूब्स को डबते हुवे धीरे धीरे अपने लण्ड को आगे पीछे कर रह था साथ मे बीच मे ज़ोर से शॉट लगा रह था. कुछ देर बाद भाभी का दर्द भी कम हो गया और वो भी मज़ा लेने लगी ओर जो आवाज़े निकालने लगी ” ओहो! ह्म्म! आ ! जोर से ! और ज़ोर से करो, मूज़े तुम्हे अंदर लेना है, मर्द की तरह चोदो, आह प्लीज़ स्पीड बदाओ अपनी मै आने वाली हू. फिर मैंने अपने झटकों की ताकत बढ़ाई ओर स्पीड भी.
मैं और जोर से उसे चोदने लगा मैने भाभी के पैर गले मे ले लिए ओर स्टाइल चेंज कर दी. अब तो पच पच आवाज़ से सारा महॉल बन गया था. थोड़ी देर बाद वो झड़ गई फिर भी गांड उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी. उसकी चूत का रस टपकने लगा, मूज़े उसकी खुसबु आ रही थी,
मुझे और भाभी काफ़ी मज़ा आ रहा था. फ़च फ़च की आवाज़ ओर भी भाग रही थी. थोड़ी देर बाद मुझे लगने लगा कि मैं भी होने वाला है. फिर मैने उसे उल्टा कर से कुतिया बना कर पीछे से उसकी चूत में अपना लण्ड घुसा कर शॉट लगाना चालू किया.

मै पीछे से जोर जोर से धक्के लगा रहा था. अब मेरा लौड़ा रुकने वाला था नही, मैने भाभी को बोला मूज़े कंट्रोल नही हो रहा है, मेरा होने वाला है मै चुत मे निकल रहा हू, तो उसने कहा ठीक है निकल दो मई गोली ले लूंगी. मै पूरी ताकत से उसकी टाईट चूत में झटके लगा रहा था, ओर वो बहाल थी मेरा लंड मानने को तय्यार ही नही था फिर उसने गोतिया साहलाई और १०से १२ झटके के साथ मैंने अपना पूरा माल उसके चूत में डाल दिया. हम नंगे ही वाहा पे पड़े थे.

हमे अब ठंडी नही लग रही थी, पूरे पसीने से बहाल थे. भाभी ने मूज़े थॅंक्स कहा ओर मेरे लंड को चॅट कर साफ करने लगी. फिर १० मीं बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया इस टाइम पे भाभी ने बोला चुत मे दर्द हो रहा है. बाद मे करते है लेकिन भाभी मेरी तरफ गांड करके एकदम चिपके के सो गयी. मई सुबह जगा तो मेरा लंड खड़ा था मैने भाभी के गाड़ मे लंड डालने की कोशिश की लेकिन भाभी ने कभी गांड नही मरवाई थी. भाभी जाग गयी ओर आखरी टाइम मै करने दे रही हू. फिर भाभी ने बोला मूज़े मुहा मे लेना है. मैने दोनो बुब्बस के बॉच मे से मुहा मे लंड डाला ओर मूह मे चोदने लगा. ओर सारा माल भाभी के मुहा मे निकल दिया. भाभी ने मेरे लंड को किस किया ओर मिस यू कहा.

फिर हम दोनो ने अपने कपड़े पहने, भाभी ने कहा के ये बात कभी किसी को पता नही चलनी चाहिए, मैने उन्हे हग किया ओर प्रॉमिस किया की कभी किसी को पता नही चलेगा ओर ये दुबारा भी नही. फिर हमने एक दूसरे को हग किया एक लंबा किस किया भाभी ने मेरे लंड की तरफ़ देखा वो खड़ा था, भाभी ने कहा हाथ हिलाओ या कोई ओर ढूंड लो, ओर हम लोग टेंट मे चले गये. आज भी हम लोग दोस्त है ओर मस्त जी रहे है. कभी कभी भाभी को धेखकर मूड होता है मई उनको बोलता भी हू लेकिन फिर हम लोग कंट्रोल कर लेते है. कंट्रोल की बजाह है मेरा दोस्त ओर उनका पति सागर.

दोस्तो ये थी मेरी कहानी जो मैने एक पाठक की विनांती पर लिखी तो मूज़े मैल कीजिए ओर लिखिए ये कहानी कैसे लगी ओर कुछ ग़लती हो गयी है तो माफ़ कीजिए, चाहे तो गालिया दे सकते है. जाते जाते एक ही बात कहूँगा ओर औरतो का रेस्पेक्ट कीजिए, उनको प्यार ओर इज़्ज़त दीजिए. उनकी प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखें.

दोस्तो, कैसी लगी मेरी सेक्स कहानी. मूज़े अपने विचार बातये ओर कुछ भी हो जो शेर कर सकते हो कीजिए. मूज़े आपके प्यार भरे मेल का इंतज़ार रहेगा. नये साल की हार्दिक शुब्कामनाए, ये साल आपके जीवन मे ढेर सारी खुशिया लाए. अगली कहानी लेकर जल्द ही आउगा तब तक हिलाते रहिए, शॉट लगते रहिए ओट चुत मे उंगाली करना मत भूलना.

अपनी राय मुझे ज़रूर लिखें. मुझे इस मेल पर भेजें.

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रंडी बन गयी दोस्त की बीवी https://sexstories.one/randi-ban-gayi-dost-ki-biwi/ Wed, 01 Dec 2021 07:01:41 +0000 https://sexstories.one/?p=3447 में भी तड़प रहा था उसकी चूत लेने के लिये करीब 15 मिनिट के इस खेल के बाद मैने उसको लेटा दिया और उसके बूब्स दबाने लगा वो बोली की मेरे राजा अब देर मत करो अब मुझ से रहा नही जा रहा है...

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Randi Ban Gayi Dost Ki Biwi हेलो दोस्तो! में गुरनाम, जालंधर से. आज में आपको एक रियल स्टोरी बता रहा हूँ मेरा एक दोस्त है और उसकी वाइफ जो की वो भी जालंधर के ही रहने वाली है में अक्सर अपने दोस्त के घर जाया करता था उसकी वाइफ बड़ी ही सुंदर है फिगर बस ठीक ठाक ही है रंग गोरा बूब्स ज्यादा बड़े नही है पर फिर भी ठीक ही है उसकी स्माइल बड़ी ही कातिलाना है उनका एक बेटा है जो की अभी 7 साल का ही है, मेरे दोस्त के बहुत ज़िद करने पर में उसके बेटे को कोचिंग देने को तैयार हो गया, में दोपहर को उसके घर पर पढ़ाने जाया करता था उस समय मेरा दोस्त अपने काम पर होता था, पर भाभी जिनका नाम सुमन है एक दिन में दोपहर को जब उसके घर पंहुचा तो घर पर कोई नही था सिर्फ़ सुमन थी अकेली आज उनका बेटा अपनी मौसी के घर पर गया हुआ था.

मैने घन्टी बजाई दरवाज़ा खुला दरवाजे पर सुमन थी उसने एक हल्की सी मुस्कान दी और अंदर आने को कहा में अंदर चला गया उस समय उसने नाइटी पहने हुई थी उसके बाल खुले थे उसने मुझे बैठने को कहा और वो अंदर चली गई काफ़ी देर होने के बाद जब वो नही आई तो मे अंदर गया और इधर उधर देखा तो वो बाथरूम मे थी बाथरूम का दरवाज़ा लॉक नही था मैने धीरे से अंदर देखा वो एकदम नंगी थी और नहा रही थी उसके मुँह पर साबुन था इस कारण वो मुझ को शायद देख ना सकी थी में वापस आया और मैंने दरवाजा लॉक कर दिया और में वापस बाथरूम की तरफ गया मेरा लंड खड़ा हो गया था मैं वही पर खड़ा रहा और उसको देखता रहा मैने अपने मोबाइल के कैमरे से उस की क्लिप भी बना ली थी वो बहुत ही सेक्सी थी और बार बार अपने बूब्स को दबा रही थी और अपनी चूत को रगड़ रही थी.

में समझ गया की उसको मेरा दोस्त पूर्ण रूप से संतुष्ट नही कर पाता है और जब वो नहा कर निकल रही थी तो में वापस आ कर उसी जगह बैठ गया कुछ देर बाद वो मेरे लिये चाय बना कर लाई और मेरे पास बैठ गई मेरा लंड अभी भी टाइट था मैने डरते डरते उससे कहा की भाभी में कुछ पूछु आपसे वो मुस्कुरा कर बोली पूछो मैने कहा की पूछना तो नही चाहिये है पर्सनल है पर पूछ रहा हूँ विकी और आप की शादीशुदा लाइफ सुखी है? वो बोली हाँ हम खुश है मैने कहा की नही आप की सेक्स लाइफ तो उसने मेरी तरफ देखा और कुछ देर खामोश रही फिर बोली की तुम्हारे दोस्त मुझको संतुष्ट नही कर पाते है अब मेरी भी हिम्मत बढ़ी और मैने पूछा की आप तो इतनी खूबसूरत हो सेक्सी हो आप पर तो कोई भी फिदा हो जायेगा आप कोई दूसरा रास्ता क्यो नही अपना लेती हो वो बोली कैसा रास्ता.

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मैने कहा की किसी दुसरे से संपर्क करो वो फिर से बोली की क्या तुम मुझको संतुष्ट करोगे यह सुनते ही मेरे तो जैसे खुशी का ठिकाना ही नही रहा हो मैं तुरंत उठा और सुमन को अपनी बाहों मे भर लिया और उसके होंठो पर एक किस किया और हम दोनो करीब 5 मिनिट तक एक दूसरे को किस करते रहे और वो मुझसे बोली की पहले दरवाज़ा तो बंद कर दो में बोला की वो तो मैने पहले ही बंद कर दिया है उसके बाद हम बेडरूम मे गये और उसने बिना देर लगाये मेरे सारे कपड़े उतार दिये और मेरे लंड को अपने होठों मे ले कर दबाया और चूसने लगी में भी अब अपने होश खोता जा रहा था मैने भी उसका गाऊन खोल दिया उसने अंदर कुछ भी नही पहन रखा था अब वो बिल्कुल नंगी थी हम दोनो बेड पर लेट गये और वो मेरे उपर चड गयी और बोली की कब से मेरे मन मे एक प्लान था की में तुम से चुदवाऊँ आज मेरी इच्छा पूरी हो गई मैं भी बोला भाभी जी में भी आप को चोदना चाहता था.

यह सुन कर वो बोली की मेरे राजा देर किस बात की है आज मैं तुम्हारे पास हूँ जिस तरह से चाहो चोदो मुझ को बड़ी प्यासी है यह चूत मैने उसके टाइट बूब्स को धीरे धीरे दबाना चालू किया अब वो धीरे-धीरे गर्म हो रही थी उसने पीछे हट कर मेरे लंड को मुँह मे लिया और जोर जोर से चूसने लगी.

में भी तड़प रहा था उसकी चूत लेने के लिये करीब 15 मिनिट के इस खेल के बाद मैने उसको लेटा दिया और उसके बूब्स दबाने लगा वो बोली की मेरे राजा अब देर मत करो अब मुझ से रहा नही जा रहा है में उठा और और अपने 6 इंच लंबा और मोटा लंड उसकी चूत के उपर रखा सुमंन एकदम ठीक थी पर उस की चूत काफ़ी टाइट और सूखी थी मैने उस को हांथ से धीरे-धीरे रगड़ा करीब 3 मिनिट के बाद उसकी चूत गीली हो गई फिर मैने अपने लंड को हल्का सा धक्का दिया मेरा आधा लंड उसकी चूत मे था वो बोली जल्दी से पूरा अंदर करो मैंने एक जोर का धक्का दिया वो चिल्ला उठी मार डाला ज़ालिम तुने शायद उसके पति का लंड इतना लंबा और मोटा नही था.

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कुछ देर बाद वो भी मेरे झटको के साथ खुद भी साथ दे रही थी और कह रही थी की ले लो आज मेरी जम कर लूट लो मैने कितनी बार तुम्हारे दोस्त से चुदवाया है पर वो मजा नहीं आया आज तुम मुझको रियल मे चोदो मेरी जान में भी जोर जोर से झटके मार रहा था करीब 20 मिनिट के इस खेल मे वो 3 बार झड़ चुकी थी अब में भी झड़ने वाला था मैने कहा सुमन में झड़ने वाला हूँ उसने कहा की मेरे अंदर ही झड़ जाओं मैने कहा की अगर कुछ हो गया तो उसने कहा की कुछ नही होगा में गोली खा लूँगी पर तुम अन्दर ही झड़ना में जोर जोर से अपना लंड अंदर बाहर करने लगा कुछ ही देर बाद में उसके अंदर ही झड़ गया और हम बिल्कुल शांत थे किसी तूफान के बाद की शान्ति थी.

हम कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे और फिर में उठा उसको एक लीप किस किया अब 4:30 हो चुके थे वो बोली की अब तुम को चलना चाहिये पर हाँ एक बात ध्यान रहे यह बात बस मेरे और तुम्हारे बीच ही रहे तुम्हारे दोस्त को पता नहीं चलना चाहिये मैने वादा किया और हम दोनो एक दुसरे से लिपट गये फिर में उठा कपड़े पहने वो भी बाथरूम मे थी उसके बाथरूम से निकलने के बाद में वहा से चला आया, पर अब भी जब हम को मौका मिलता है या घर पर कोई नही होता है तो वो मुझको फोन करके बुला लेती है और हम भरपूर सेक्स का मज़ा लेते है।

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दोस्त की बीवी गैर मर्द की दीवानी https://sexstories.one/dost-ki-biwi-gair-mard-ki-deewani/ Sun, 24 Oct 2021 12:11:43 +0000 https://sexstories.one/?p=3110 अब भाभी ने उसके लंड को कसकर पकड़ा और कहा कि सिर्फ़ पेटीकोट ही उतारना, उसने अब अपना अंडरवियर भी उतारा और पूरा नंगा हो गया। अब वो उसके लंड को ज़ोर ज़ोर से मसलने लगी, इस बीच उसने भाभी की मेक्सी को और पेटीकोट दोनों ऊपर उठाए....

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Dost Ki Biwi Gair Mard Ki Deewani मेरा नाम सन्नी है। मेरा एक दोस्त है जिसका नाम आकाश है और वो सरकारी विभाग में एक अच्छे पद पर है। मेरा उसके घर पर हमेशा आना जाना रहता है और उसकी बीवी का नाम दीपा है। उसकी उम्र लगभग 40, एकदम दूध जैसी गोरी है। वो दिखने में सुंदर, सुशील, एकदम सीधी है और किसी को भी उन्हें देखकर ऐसा नहीं लगता है कि वो औरत एक नंबर की चुदक्कड़ है। में उसे भाभी कह कर बुलाता हूँ और वो मेरे साथ बहुत खुलकर रहती है, फिर भी मुझे एक दिन भी उन्हें देखकर ऐसा नहीं लगा कि इस औरत ने कई लोगो के लंड से जी भरकर खेला है।

एक दिन मेरे एक दोस्त ने मुझसे कहा कि तू तेरे दोस्त आकाश के घर पर ज़्यादा मत जाया कर तो मैंने पूछा कि ऐसा क्यों? तब उसने मुझे बताया कि उसकी औरत बहुत चालू है और अब तक कई लोगो ने उसे ठोका है और उनमे से ऐसे लोग भी है जो बुरा काम करते है जैसे कि गुंडे और बदमाश के साथ उसके गलत संबध है और वो चुदाई के लिए कुछ भी कर सकती है। दोस्तों मुझे उसकी इस बात पर बिल्कुल भी यकीन नहीं हुआ, लेकिन अब मेरे मन में एक शक सा पैदा हुआ और मैंने उससे पूछा कि तुम यह सब कुछ कैसे जानते हो? तो उसने मुझे बताया कि में कई बार उसे चुदते हुए और कई बार उसकी खिड़की के बाहर से रात भर यह सब कुछ देख चुका हूँ और उसे नये नये लड़को को पटाकर चुदवाना बहुत अच्छा लगता है और अगर तुझे विश्वास नहीं है तो उसका पति जब भी अपने घर से बाहर जाता है तो तू देखना उसके घर पर कोई ना कोई नया आदमी रहता है और वो उससे जमकर चुदवाती है और उसे भी मज़ा देती है और वो मुझसे इतना कहकर वो चला गया।

दोस्तों उसकी यह बात सुनकर मुझे भी कुछ कुछ याद आने लगा कि जब भी में उनके घर पर जाता था तो उसके मोबाईल पर बहुत बार कॉल आते थे और भाभी उससे बाद में बात करती हूँ यह कहकर काट देती थी और कई बार जब हम बाहर बैठकर बातें करती थी तो उसकी नज़र हमेशा बाहर आने जाने वाले पर टिकी रहती और कई बार वो मेरी तरफ देखकर भी मुझे कुछ इशारे करती थी। उस वक़्त में उन बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता था, लेकिन अब मेरे दोस्त की बातें सुनकर मुझे भाभी पर शक़ हुआ और अब मैंने कैसे भी करके मेरे शक़ को दूर करने की ठान ली और सही मौके का इंतजार करने लगा। एक दिन ऐसा मौका आ गया। मुझे पता चला कि आकाश अपने यूनियन के काम से दो दिन के लिए बैंगलोर जा रहा है। में उस दिन शाम को करीब 7 बजे उसके घर पर चला गया।

आकाश उस वक़्त घर पर था और जाने की तैयारी कर रहा था। उसकी गाड़ी 8.00 बजे थी और हमे बातें करते करते 7.30 बज गये थे। उतने में आकाश के ऑफिस से कुछ दोस्त आए और आकाश को अपने साथ लेकर चले गये। फिर में और भाभी दोनों बातें करते रहे कि तभी मैंने गौर किया कि कुछ देर बाद भाभी का फोन बजा और भाभी ने फोन उठाया और फिर दूसरे कमरे के अंदर जाकर उन्होंने आहिस्ते से बात करनी शुरू कर दी। मुझे ठीक से सुनाई नहीं दिया, लेकिन इतना जरूर सुना कि में कुछ देर में अपको फोन करूँगी तैयार रहना और वो फोन काटकर फिर उसी जगह आकर मेरे पास आकर बैठ गई जहाँ पर पहले वो बैठी हुई थी।

वो अब मुझसे इधर उधर की बातें करने लगी, लेकिन में समझ गया कि यह मुझे जल्द से जल्द यहाँ से भगाना चाहती है और इसलिए में भी उनसे भाभी में अब जाता हूँ कहकर वहां से रवाना होने का नाटक करके थोड़ा दूर रुककर उसके घर की तरफ नज़र रखने लगा और जैसे ही वो अंदर गई तो में जल्द से जाकर उनके घर के पीछे की खड़की के पास जाकर बैठकर अंदर देखने लगा। तभी मुझे फोन पर बात करने की आवाज़ सुनाई दी और मैंने उसे किसी से बातें करते हुए सुना, वो कह रही थी जल्दी आ जाओ में तुम्हारा ही इंतजार कर रही हूँ।

तभी उधर से किसी से कुछ कहने पर वो फिर से बोली कि ज़रा इधर उधर नज़र डालकर आना वैसे तो इस समय सभी लोग अपने घर पर ही रहते है और हमारे आस पास में कोई भी नहीं रहता है। फिर वो उधर से और कुछ सुनकर बोली कि ठीक है, लेकिन थोड़ा जल्दी आ जाना में बाहर खड़ी रहती हूँ जब में अंदर आ जाऊं तो तुम घर में आ जाना और उन्होंने ठीक है कहकर फोन रख दिया और बाथरूम जाकर फ्रेश होकर बेडरूम में जाकर एक नीले रंग की चूड़ीदार सलवार पहनकर तैयार होकर बाहर आकर अब उसका इंतजार करने लगी। फिर कुछ देर बाद मैंने देखा कि एक हट्टाकट्टा सा आदमी उसके घर के सामने रुककर इधर उधर देख रहा है, लेकिन बाहर अंधेरा बहुत था इसलिए मुझे उसका चेहरा ठीक से दिखाई नहीं दिया और देखते ही देखते वो भाभी का इशारा पाकर अंदर चला आया और भाभी ने बाहर आकर दरवाजे के पास रुककर इधर उधर देखकर दरवाजे को लगाया और अंदर चली आई में तुरंत उनकी खिड़की के पास जाकर उसके आगे का नजारा देखना लगा। वो आदमी देखने में एकदम काला सांड जैसा था, लेकिन बहुत हट्टाकट्टा था। उसे देखते ही लगता था कि वो कोई गुंडे किस्म का इंसान है और मैंने अब तक उसे अपने शहर में कभी नहीं देखा था और भाभी उसके सामने वाली सीट पर बैठ गई।

फिर उसने कहा कि क्या मेडम घर तो बहुत अच्छा सज़ा रखा है बिल्कुल आपकी तरह एकदम सुंदर तो भाभी ने कहा कि धन्यवाद। तो उस बात पर उसने कहा कि इसमे धन्यवाद की क्या बात है? आप तो वैसे ही बहुत सुंदर हो तो भाभी ने कहा कि आप मेरी बिना वजह तारीफ कर रही हो। फिर उसने अपने साथ लाए हुए बेग से एक छोटी सी पुड़िया निकली और भाभी के हाथ में देते हुए कहा कि हमारे मिलन की खुशी में आपको मेरा पहला तोफा। भाभी ने कहा कि इसकी क्या ज़रूरत थी? वैसे भी तो आपके मेरे ऊपर बहुत सारे अहसान है, आपने मुझे जब भी में कहती हूँ पैसे दिए है और में आपकी वो उधारी चुकाने की कोशिश कर रही हूँ। यह बात कहकर वो उठकर अंदर चली गई और अंदर से एक विस्की की बॉटल और एक ग्लास और साथ में कुछ स्नेक्स लेकर आई और उसके सामने वाली टेबल पर रख दिए।

यह सब देखकर उसने बोला कि क्या जल्दी भेजने का प्लान है क्या? अभी तो में आया हूँ। इस पर भाभी ने कहा कि नहीं नहीं आप ग़लत मत समझना, मुझे तो आपका यहाँ पर आना बहुत अच्छा लगा रहा है और आपका जब जी करेगा तब चले जाना। मुझे दिल से कोई ऐतराज़ नहीं है। अब उसने कहा कि आप इतना दूर क्यों बैठी हो? थोड़ा नज़दीक बैठो ना। फिर भाभी उठकर उसके पास दीवान पर बैठ गई, तब उसने विस्की की बॉटल को खोला और एक पेग बना दिया और भाभी से कहा कि आप भी लो ना। फिर भाभी ने कहा कि मुझे इसकी आदत नहीं है, तो उसने कहा कि मेरे खातिर एक सीप लो ना प्लीज, में तुम्हारा झूठा पीना चाहता हूँ। तो भाभी ने उस ग्लास को मुहं से लगाकर एक सीप लिया और फिर उसे पीने को कहा। उसने एक ही झटके में पूरा ग्लास खाली कर दिया। फिर भाभी ने और एक पेग बनाया और खुद ने एक सीप लगाई और उसे दे दिया। उसने अब आहिस्ते आहिस्ते पीना शुरू कर दिया और कुछ देर तक ऐसा ही चलता रहा।

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फिर उसने भाभी से कहा कि इतने दिन हमारी सिर्फ़ फोन पर ही बात होती थी, लेकिन आज तुमने मुझे अकेले में मिलने का मौका दिया, क्यों तुम खुश हो ना मेडम? तो भाभी ने कहा कि मौका मैंने नहीं दिया बल्कि आपने खुद बनाया है, में इसकी अहसान मंद हूँ और में भी चाहती थी एक ऐसा इंसान जो मुझे केवल देखकर ही मेरे शौक पूरे करवाता रहे और मुझे खुश रखता रहे। में ऐसे आदमी को एक बार मेरे साथ खुलकर रहने का मौका नहीं दे दूँ तो मेरे जैसी मतलबी इंसान कोई नहीं होगी। तब उसने धन्यवाद मेडम कहा। तो यह बात सुनकर भाभी बोली कि मुझे मेडम मत कहा करो, मुझे मेरे नाम से पुकारा करो ठीक है। फिर उसने कहा कि ठीक है दीपा और फिर इस बीच उसने वो पेग भी खाली कर दिया था और भाभी से कहा कि आखरी टाईम तुमने साड़ी लेने के लिए पैसे लिए थे ना तो साड़ी ली क्या?

फिर भाभी ने कहा कि हाँ अरे वो तो में बातों ही बातों में आपको दिखना ही भूल गई, में अभी दिखाती हूँ और हाँ बोलकर वो बेडरूम में चली गई और साड़ी लेकर आ गई। उसके हाथ में देकर पूछा कि कैसी है? वो साड़ी एक नीली रंग की थी और उस पर छोटी छोटी डिज़ाईन थी और वो दिखने में बहुत महंगी थी। वो साड़ी देखकर बोला कि बहुत अच्छी है और तुम पर खूब जमेगी और जब तुम इसे पहनोगी तो बिल्कुल परी जैसी लगोगी। तब भाभी ने कहा कि अच्छा तो में इसे पहनकर अभी आती हूँ। मैंने इसे अभी तक नहीं पहनी थी और सोचा था कि जब हम पहली बार मिलेंगे तब में इसे पहनूंगी, यह कहकर वो उठाने लगी। तभी उसने भाभी का हाथ पकड़ा और उसे अपने सामने बैठाकर उससे कहा कि तुम अगर बुरा ना मनोगी तो में एक बात कहूँ? तो भाभी ने कहा कि मुझे आपकी कोई बात बुरी नहीं लगती है, कहो ना। तब उसने कहा कि तुम बहुत सुंदर हो और मैंने पहली बार जब आपको देखा था तो आपके बहुत नज़दीक आने की ठान ली थी। मुझे आपको देखकर ना जाने क्या हो जाता है? में आपसे बहुत प्यार करता हूँ प्लीज ना मत करना।

तब भाभी बोली कि में सच कहूँ तो में अपने पति को बहुत चाहती हूँ और मैंने उनके अलावा आज तक किसी और को नहीं देखा, लेकिन मुझे जो भी पति से नहीं मिला वो आपने मुझे दे दिया। इससे में कुछ परेशानी में हूँ कि में हाँ कहूँ या ना, लेकिन एक बात है आप मुझे पसंद हो बस और कुछ नहीं। तब उसने कहा कि बस इतना बहुत है मेरे लिए, लेकिन क्या में तुमसे हाँ सुनकर ही रहूँगा। तब भाभी बोली कि में भी चाहती हूँ, लेकिन मेरी मजबूरी है कि में शादीशुदा हूँ और अगर किसी को पता चला तो मेरी और मेरे परिवार की बहुत बदनामी होगी। फिर वो बोला कि में किसी को खबर नहीं होने दूँगा और जब तुम कहोगी तब ही आपसे मिलूँगा, कोई ज़बरदस्ती नहीं करूँगा, अब तो बोलो प्लीज़। तभी भाभी ने कहा कि मुझे सोचने दो, लेकिन अब नहीं अभी में आपकी बहुत सेवा करना चाहती हूँ क्यों ठीक है? तब उसने कहा की ठीक है जैसी आपकी मर्ज़ी, लेकिन क्या मेरी एक बात तो मनोगी? तो भाभी ने पूछा कि कहो कौन सी बात? तब उसने कहा कि जो यह साड़ी है, में इस साड़ी को तुम्हे मेरे हाथों से पहनाना चाहता हूँ?

अब भाभी बोली कि मुझे बहुत शर्म आती है, तभी उसने कहा कि क्या तुम मेरे लिए इतना भी नहीं करोगी? तो भाभी ने कहा कि ठीक है, लेकिन सिर्फ साड़ी ही बाकी सब में पहनूंगी। फिर उसने कहा कि ठीक है और भाभी उठकर अंदर चली गई। उससे कहा कि तुम इधर ही बैठना में बाकी सब पहनकर आती हूँ और यह कहकर वो बेडरूम में चली गई और थोड़ी देर में भाभी नीले कलर का ब्लाउज और उसी कलर का पेटीकोट पहनकर उसके सामने आकर खड़ी हो गई और वो भाभी को देखता ही रहा। यह देखकर भाभी ने कहा कि जल्दी से मुझे साड़ी पहनाओ मुझे अब बहुत शर्म आ रही है और फिर उसने साड़ी उठाई तो भाभी ने उसके एक पल्लू को अपने पेटीकोट में घुसाकर गोल गोल घूमने लगी और इस बीच उसने दो तीन बार भाभी के जिस्म को छूकर महसूस किया, लेकिन भाभी ने इसका कोई विरोध ना करते देख पूरी साड़ी पहनाने के बाद उसने भाभी के दोनों कंधो पर हाथ रखकर भाभी को दीवार के सहारे चिपकाकर खड़ा करके देखने लगा। भाभी बोली कि क्यों घूर रहे हो, क्या कभी कोई औरत नहीं देखी?

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फिर उसने कहा कि हाँ देखी जरुर है, लेकिन तुम्हारे जैसी नहीं, तुम बहुत सुंदर लग रही हो और अब भाभी मुस्कुराकर अपना मुहं नीचे करके खड़ी हो गई। फिर उसने धीरे से भाभी के कंधो से हाथ नीचे सरकाते हुए भाभी की कमर तक लाकर धीरे से कमर को पकड़कर धीरे से दबाया और भाभी के मुहं से आहह्ह्ह उह्ह्ह्हह् की आवाज़ निकली और भाभी ने कहा कि यह क्या कर रहे हो? तो उसने कहा कि में एक सुंदर औरत को जी भरकर देख रहा हूँ, क्या तुम्हे कोई ऐतराज़ है? अब भाभी ने कहा कि नहीं और फिर उसने भाभी को उठाया और दीवाना पर लाकर लेटा दिया। भाभी एकदम सीधा लेट गई और उसके आगे की हरक़त का इंतज़ार करने लगी और अब उन्हें देखकर लगता था कि भाभी जल्द से जल्द उससे चुदवाना चाहती थी, लेकिन नाटक कर रही थी और इस बीच वो भाभी के पास आकर लेट गया और लेटे लेटे ही उसने एक और पेग बनाया और भाभी से उसे पीने को कहा तो भाभी बैठ गयी और ग्लास पकड़कर एक सीप पीकर उसे दे दिया और फिर से उसी पोज़िशन में लेट गई और तब उसे भी अंदाजा लग गया कि यह भी वही चाहती है जो में चाहता हूँ।

फिर उसने वो सारी विस्की एक ही बार में खाली कर दी और ग्लास को टेबल पर रखकर भाभी के साथ लेट गया और भाभी से पूछा कि मेरे साथ सोकर तुम्हे कैसा लग रहा है? तो भाभी बोली कि मैंने कभी भी ऐसा नहीं सोचा था कि में तुम्हारे साथ ऐसे अकेले में एक बिस्तर पर सो जाउंगी, लेकिन जो कुछ भी हो रहा है मुझे वो बहुत अच्छा लग रहा है और तुमने मुझे इतना प्यार किया कि में अब पागल हो रही हूँ। तब उसने धीरे से भाभी का पेट सहलाया और कहा कि में तुम्हारी मर्ज़ी के बगैर कुछ भी नहीं करूँगा, क्योंकि मुझे तुम बहुत अच्छी लगती हो। फिर भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा कि में तुम्हारी इसी बात के ऊपर फिदा हो गई हूँ।

फिर उसने धीरे से भाभी का पल्लू थोड़ा साईड में किया और भाभी से कहा कि में तुम्हे किस करना चाहता हूँ तो भाभी ने कहा कि हाँ मेरा भी मन कर रहा है, लेकिन में मजबूर हूँ क्योंकि में एक शादीशुदा औरत हूँ, अगर मैंने ऐसा किया तो यह बिल्कुल ग़लत होगा। तब उसने कहा कि कुछ भी गलत नहीं होगा, जो कुछ भी होगा हम दोनों के बीच होगा और यहाँ पर तो कोई भी नहीं है। अब भाभी ने कहा कि लेकिन फिर भी मुझे बहुत शरम आ रही है और अब उसने भाभी को अपनी गोद में उठाया और सीधे दीवार पर सेट किया और कहा कि ठीक है अगर तुम्हे शर्म आ रही है तो एक काम करो। तुम यह साड़ी निकालो में तुम्हे उसी पोज़िशन में देखन चाहता हूँ। तो भाभी ने कहा कि आप ही ने पहनाई थी तो आप ही उतार दो। उसने ठीक है कहा और भाभी की साड़ी की गाँठ को खोल दिया और भाभी की साड़ी को उससे अलग कर दिया। अब भाभी पेटीकोट और ब्लाउज में थी और उसने भाभी को अपनी बाहों में ले लिया और ज़ोर से कसकर पकड़ा और अब भाभी के मुहं से आह्ह्हह्ह्ह उह्ह्ह्ह बस आईईईइ बस में उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ पागल हो जाउंगी।

अब उसने भाभी से पूछा कि कैसा लग रहा है? भाभी ने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है और कसकर पकड़ो तब उसने भाभी को और कसकर पकड़ा और भाभी से कहा कि में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ जान और फिर भाभी के मुहं से निकला हाँ बस मुझे ऐसे ही प्यार करना। भाभी के मुहं से यह बात सुनकर उसका जोश और भी बड़ गया और उसने भाभी से पूछा कि क्या तुम मेरे साथ एक बार फिर से बेड पर आ सकती हो? भाभी ने कहा कि क्यों नहीं? आज में आपकी एक बात भी नहीं ठुकराउंगी, तो यह बात सुनकर उसकी हिम्मत दुगनी हो गई और उसने अपनी पेंट और शर्ट को उतार दिया। अब भाभी ने पूछा कि तुम यह क्या कर रहे हो? तब उसने कहा कि तुम्हे गर्मी चाहिए और अगर में कपड़े पहनूं तो कैसे गरम होगी? भाभी ने कहा कि मेरे तो कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है तुम क्या करना चाहते हो?

फिर वो बेड पर आकर लेट गई और वो भी भाभी के पास में आकर लेट गया और भाभी की कमर को पकड़कर आगे खींच लिया और कहा कि तुम बहुत सुंदर हो इतना ही नहीं तुम्हारा फिगर भी बहुत तगड़ा है। अब भाभी ने कहा कि आप भी बहुत हट्टेकट्टे हो और मुझे पहली बार ऐसा लग रहा है कि में किसी असली मर्द के साथ बिस्तर पर हूँ और भाभी ने उसे कसकर पकड़कर कहा कि तुम मुझे किस करना चाहते हो ना, लो तुम्हारी इच्छा पूरी कर लो, यह कहकर भाभी ने भी उसे कसकर पकड़ा और होंठो पर किस करने लगी। तो उसने भी भाभी को और कसकर पकड़ा ज़ोर ज़ोर से किस करने लगा और इस बीच उसने भाभी के सारे बदन को कपड़ो के ऊपर से सूंघ लिया और भाभी की नंगी गर्दन को और पेट को मसलने लगा और भाभी की गांड को कपड़ो के ऊपर से दबाता रहा था और अब भाभी के बड़े बड़े बूब्स ब्लाउज के ऊपर से खड़े होकर बाहर आने को तड़प रहे थे और इस तरह 10-15 मिनट किस करने के बाद भाभी ने कहा कि अब टाईम बहुत हो रहा है।

फिर उसने कहा कि क्यों तुम इतना जल्दी मुझे भेजना चाहती हो? भाभी ने कहा कि अरे नहीं मेरे राजा, में तो खाना खाने की बात कर रही थी। फिर उसने कहा कि नहीं अभी मेरा खाना खाने का मूड नहीं है, मुझे ऐसा लग रहा है कि में बस तुम्हे ऐसे ही किस करता रहूँ। भाभी ने कहा कि अरे बाबा खाना भी खा लो, फिर हम वापिस करेंगे। तब उसने टाइम देखा और कहा कि अभी तो सिर्फ़ 9.45 हुये है और हम 10.30 बजे खाना खाएँगे, क्यों ठीक है? भाभी ने कहा कि ठीक है जैसी तुम्हारी मर्ज़ी, लेकिन मुझे एक बार बाहर देखकर आने दो और फिर उसने कहा कि ठीक है और भाभी उठ गई और बेडरूम जाकर अपने ऊपर मेक्सी डालकर दरवाजा खोलकर बाहर गई और कुछ देर खड़े रहकर देखा कि आस पड़ोस में कोई नहीं दिखा तो वो अंदर चली आई और उससे कहा कि अब कोई चिंता नहीं है, तुम रात भर मेरे साथ रुक सकते हो, यह बात कहकर वो अब उसके पास में आकर लेट गई। उसने भाभी से कहा कि तुम पहले जब लेटी थी तब मेक्सी नहीं थी, भाभी ने कहा कि वो मुझे पता है और बात यह कहते हुए भाभी अपनी मेक्सी उतार रही थी। तभी उसने भाभी का हाथ पकड़ाकर कहा कि तुम इतना कष्ट क्यों ले रही हो? में हूँ ना कहकर उसने धीरे से कहा कि इसे अब रहने दो में इसके बदले तुम्हारा पेटीकोट उतार देता हूँ।

फिर भाभी ने कहा कि नहीं नहीं प्लीज मुझे शर्म आती है। उसने कहा कि तुम्हे शर्म आती है, लेकिन तुम उतारना चाहती हो ना? भाभी ने कुछ नहीं बोला और अपनी आखों से इशारा किया कि हाँ तो उसने भाभी का हाथ अपने अंडरवियर पर रखकर कहा कि तुम इसे छू लो तुम्हारी सब शर्म दूर हो जाएगी। दोस्तों पहले तो भाभी ने मना किया, लेकिन फिर भाभी ने धीरे से अपना हाथ उस पर रखा और कहा कि अरे बाप रे यह क्या है? तो उसने कहा कि इसे लंड कहते है तो भाभी ने कहा कि वो तो मुझे भी मालूम है, लेकिन इतना बड़ा और फिर कहा कि प्लीज मुझे कुछ मत करना।

अब भाभी ने उसके लंड को कसकर पकड़ा और कहा कि सिर्फ़ पेटीकोट ही उतारना, उसने अब अपना अंडरवियर भी उतारा और पूरा नंगा हो गया। अब वो उसके लंड को ज़ोर ज़ोर से मसलने लगी, इस बीच उसने भाभी की मेक्सी को और पेटीकोट दोनों ऊपर उठाए और ज़ोर ज़ोर से भाभी की जांघे मसलने लगा और फिर भाभी के पेटीकोट का नाड़ा खोला और एक ही झटके में भाभी का पेटीकोट अलग करके फेंक दिया और उसकी जांघो को पागलों की तरह चाटता रहा चूमता रहा।

अब ऐसे ही करीब 10-15 मिनट लगातार करने के बाद भाभी बोली कि अरे बस नीचे ही करते रहोगे या ऊपर भी करोगे। फिर वो ऊपर आ गया और उसने भाभी के बूब्स को ज़ोर दबाया भाभी अहहहहह चिल्लाई और कहने लगी कि हाँ बहुत मज़ा आ रहा है। अब उसने भाभी की ब्रा का हुक खोल दिया और भाभी ने उसे निकालकर फेंक दिया और फिर उसने एक बूब्स को अपने मुहं में ले लिया और दूसरे को दोनों हाथों से दबाने लगा और भाभी उसका लंड चूसने लगी। वो लंड चूसने का तरीका देखाकर हैरान होकर बोला तुम लंड चूसने ने माहिर हो या तुम्हे ऐसा लंड कभी भी नहीं मिला?

तो भाभी बोली कि हाँ तुम सच कह रहे हो मेरे राजा मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, बस अब रुका नहीं जाता, अब में पूरी तरह से तुम्हारी हो गई हूँ, अब में आपको नहीं रोकूंगी कहकर उन्होंने अपनी दोनों जांघे चौड़ी कर दी और कहा कि अब और मत तड़पाओ जल्दी से एक धक्का मारो प्लीज़। फिर उससे भाभी की चूत में दो उँगलियाँ घुसा दी और ऊपर से चूत को चाटने लगा। इसी तरह 5-10 मिनट चलाने के बाद उसने भाभी के दोनों पैरों को और भी चौड़ा किया और अपने लंड को भाभी की चूत पर सेट किया और दबाने लगा। फिर एक ही झटके में पूरा लंड अंदर चला गया और भाभी के मुहं से अहहह्ह्ह्हह सीईईईईई क्या मर्द का लंड है आईईए अब रूको मत, जल्दी से अपनी गाड़ी चलाओ।

फिर उसने पहले दो चार झटके हल्के से लगाए और थोड़ी देर बाद उसने रफ्तार पकड़ ली और धन धना धन चोदने लगा। भाभी उसका अपनी गांड उठा उठाकर साथ दे रही थी और ज़ोर ज़ोर से आहहाह ऊओ उफुफूफूफुफ अहहहह्ह्ह्ह वाह कितना तगड़ा है रे तुम्हारा यह लंड, मेरी बहुत दिन की तमन्ना थी तेरे जैसे लंड से चुदने की और वो भी ज़ोर ज़ोर से धक्के लगता रहा और कहने लगा कि तू भी तो मस्त माल है लगता है कि तुझे जमकर चोदूं। फिर इस तरह 10-12 मिनट धक्के मारने के बाद उसने कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ। तो भाभी ने कहा कि कोई समस्या नहीं है, अंदर ही डाल दो तो उसने सारा वीर्य भाभी के अंदर ही छोड़ दिया और वो भाभी के पास में लेट गया।

फिर भाभी ने कहा कि में तैयार हूँ जितना चाहे चोद लो और अब भाभी उठी और उसका लंड मुहं में लेकर थोड़ी देर चूसकर उसे साफ कर दिया और फिर उसने धीरे से भाभी को घोड़ी बनाया और भाभी की गांड को सूंघने लगा और थोड़ी देर बाद उसने अपना लंड निकाला और भाभी की गांड पर सेट किया और हल्के से एक धक्का मारा तो उसका लंड अंदर नहीं गया। फिर भाभी ने अपनी गांड को और भी चौड़ा कर दिया और उससे कहा कि अब धक्का मारो। तो उसने फिर से अपना लंड सेट किया और धीरे से धक्का दिया तो उसका आधा लंड अंदर चला गया और भाभी के मुहं से अहहहहह आईईईईई की चीख निकली।

फिर उसने भाभी को धक्का देना शुरू कर दिया और भाभी भी अपनी गांड को आगे पीछे करते हुए उसका साथ देने लगी और यह सब देखकर उसने बोला कि तू गांड मरवाने में एक्सपर्ट है और भाभी मुहं से अचानक निकला पड़ा कि बहुत दिन के बाद ऐसा तगड़ा लंड मिला है। तो वो मन में हंसा और उसने अपनी स्पीड को बड़ा दिया। करीब 15-20 मिनट में उसने भाभी के अंदर ही अपना वीर्य छोड़ दिया और दोनों एक दूसरे को लिपटकर सो गये। थोड़ी देर ऐसे ही लेटे रहने के बाद भाभी ने कहा कि तुम बहुत अच्छी तरह से चोदते हो मुझे तुमसे चुदवाना अच्छा लग रहा है।

यह बात हुए भाभी ने उसे एक किस किया और अब उसके लंड को मसलने लगी। तो उसने कहा कि तुम भी मस्त माल हो बहुत मज़ा देती हो में चाहता हूँ कि रोज़ तुम्हारी चुदाई करता रहूँ। अब भाभी ने कहा कि में भी चाहती हूँ, लेकिन में मजबूर हूँ, लेकिन एक बात कहती हूँ इसके बाद जब भी मुझे मौका मिलेगा में तुम्हे ज़रूर बुलाउगी मेरे राजा।उसने भाभी को चार बार आगे से और दो बार पीछे से चोदा।

इस तरह उन दोनों ने रात भर चुदाई की और बहुत मज़े किए ।।

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चलो आज कहीं घूम आते हैं https://sexstories.one/sex-with-girlfriend/ Mon, 08 Feb 2021 16:56:05 +0000 https://sexstories.one/%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a5%8b-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%98%e0%a5%82%e0%a4%ae-%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82/ मेरे पिताजी गांव के सरपंच है इसीलिए उनके गांव में बहुत चलती है। हमारा गांव राजस्थान में है मैंने अपनी पढ़ाई गांव से ही की है और मैं अपने गांव में ही रहकर खेती का ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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मेरे पिताजी गांव के सरपंच है इसीलिए उनके गांव में बहुत चलती है। हमारा गांव राजस्थान में है मैंने अपनी पढ़ाई गांव से ही की है और मैं अपने गांव में ही रहकर खेती का काम करता हूं, मेरी उम्र 26 साल हो चुकी है लेकिन मैंने कभी भी शहर जाने की नहीं सोची और गांव में ही मैं अपने पिताजी के साथ खेती का काम करता हूं, हमारे घर में नौकर चाकर भी हैं लेकिन मुझे खेती का बहुत शौक है। sex with girlfriend

एक बार हमारे गांव में मेरे चाचा के लड़के की शादी थी.. sex with girlfriend

वह शहर में ही पला बढ़ा है, मेरे चाचा और चाची गांव में ही रहते हैं लेकिन उन्होंने रवि को शहर में ही पढाया है, जब रवि गांव आ गया तो रवि मुझसे कहने लगा तुम्हें ही घर में सारा काम देखना है, मैंने रवि से कहा आखिरकार तुम मेरे भाई हो तो मैं ही तुम्हारा काम देखूंगा। रवि और मेरे बड़े भैया की उम्र लगभग एक जितनी ही है और उन दोनों के बीच बहुत घनिष्ठ मित्रता भी है रवि मुझसे कहने लगा कि दीदी तो शादी में आएंगी, मैंने उससे कहा मेरी दीदी से फोन पर बात हुई थी तो वह शादी में आने के लिए तो कह रही थी, मेरी दीदी विदेश में रहती हैं और उनकी शादी को 10 वर्ष हो चुके हैं।

Girlfriend ke saath sex ka program bana mera!

रवि मुझसे कहने लगा मेरे दोस्त भी शहर से आएंगे तुम्हें ही उनका ध्यान रखना है.. sex with girlfriend

मैंने रवि से कहा तुम चिंता मत करो मैं ही उनका ध्यान रखूंगा, रवि की शादी की सारी तैयारियां हो चुकी थी और अब उसके दोस्त भी शहर से आने लगे थे मेरी मुलाकात जब उसकी दोस्त शगुन से हुई तो शगुन से मुझे जैसे प्रेम होने लगा था लेकिन वह रवि की दोस्त थी इसलिए मैं उससे यह बात नहीं कह सकता था..

लेकिन शगुन को भी मेरा साथ अच्छा लग रहा था और गांव मे उसे मैं अपने साथ घुमाने के लिए भी ले गया। हमारे गांव से कुछ दूरी पर एक पुराना किला है जब उसने मुझसे कहा कि क्या तुम हम लोगों को वहां घुमाने के लिए लेकर चल सकते हो तो मैंने उसे कहा क्यों नहीं, मैंने उसे कहा लेकिन वहां हम लोग ट्रैक्टर से ही चलेंगे मैं उन लोगों को ट्रैक्टर से ही उस किले में ले गया जब वह लोग उस किले में गए तो वह बहुत खुश हुए शगुन भी बहुत खुश थी वह मुझे कहने लगी तुम्हारे साथ तो समय बिता कर बहुत अच्छा लग रहा है।

मैंने उससे पूछा क्या रवि को तुम पहले से ही जानती हो? sex with girlfriend

शगुन कहने लगी हां रवि हमारे पड़ोस में ही रहता है इसलिए उससे मेरी अच्छी दोस्ती हो गई और रवि एक अच्छा लड़का भी है। जब रवि ने मुझे बताया कि मेरी शादी गांव में ही होगी तो मैं बहुत ज्यादा खुश हो गई और मैंने सोचा कि चलो इस बहाने गांव की सैर भी हो जाएगी क्योंकि हम लोगों का अब गांव से कोई भी जुड़ाव नहीं है इसलिए मैं रवि की शादी में आकर बहुत खुश हूं, मैं जब से तुमसे मिली हूं तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

शगुन के साथ मुझे भी अच्छा लग रहा था मैंने पहली बार ही किसी लड़की से इतनी ज्यादा बात की थी, मैं जब स्कूल में पढ़ता था तो उस वक्त भी मेरी बात किसी लड़की से नहीं होती थी। शगुन मुझसे कहने लगी तुम जब भी फरीदाबाद आओ तो मुझे जरूर मिलना, मैंने उससे कहा वहां कर मैं भला क्या करूंगा मैं तो अब गांव में ही खेती बाड़ी का काम संभालता हूं और गांव में ही खुश हूं, वह मुझे कहने लगी फिर भी कभी तुम्हें मौका मिले तो तुम जरूर आना, तुमने भी मेरा बहुत ध्यान रखा है।

रवि की शादी में सब लोग बड़े ही धूम धड़ाके से मस्ती कर रहे थे और सब लोग बहुत खुश थे. sex with girlfriend

मैंने भी उस दिन शगुन के साथ जमकर डांस किया, जब शगुन शहर लौट गई तो मुझे भी उससे मिलने की चाह होने लगी लेकिन उससे मैं मिल नहीं सकता था। रवि मुझसे कहने लगा कि तुम भी मेरे साथ फरीदाबाद चलो, मैंने उससे कहा वहां चलकर मैं क्या करूंगा लेकिन मेरा मन तो बहुत था इसलिए मैं रवि के साथ फरीदाबाद कुछ दिनों के लिए चला गय..

Mera mota lund dekh uski choot geeli ho gayi..

मैं जब रवि के साथ फरीदाबाद गया तो वहां मुझे शगुन भी मिल गई. sex with girlfriend

शगुन मुझे देखते ही खुश हो गई और कहने लगी कि मैंने तो सोचा भी नहीं था कि तुम इतनी जल्दी ही यहां आ जाओगे। मैं भी शगुन से मिलकर बहुत खुश था, अगले दिन रवि ऑफिस जा चुका था और उस दिन शगुन घर पर आ गई और कहने लगी तुम जल्दी से तैयार हो जाओ, मैंने उसे कहा लेकिन हम लोग कहां जाने वाले हैं? वह कहने लगी कि तुम तैयार हो जाओ मैं भी तैयार होकर आती हूं।

मैं भी तैयार हो गया और शगुन भी तैयार होकर आ गई जब वह तैयार होकर आई तो उस दिन वह बहुत ही सुंदर लग रही थी वह मुझे अपने साथ लेकर गई उसने मुझे अपने कई दोस्तों से भी मिलवाया और हम लोगों ने साथ में बहुत अच्छा टाइम बिताया, मुझे उसके साथ में उस दिन बहुत अच्छा लगा हम लोग शाम के वक्त घर लौट आए। शगुन और मै साथ मे बैठे हुए थे शगुन ने उस दिन जो जींस पहनी थी..

उसकी चैन खुली हुई थी मैं उसकी जींस की तरफ देख रहा था। sex with girlfriend

जब मैंने उससे कहा कि तुम्हारी जींस की चैन खुली है तो वह शर्माने लगी उसके चेहरे की मुस्कान से मैं उस पर पूरा फिदा हो गया और उसके पास जाकर बैठ गया जैसे ही मैंने उसकी मोटी जांघ के ऊपर अपने हाथ को रखा तो उसकी गर्मी बढ़ने लगी वह भी मेरी बाहों में आ गई। शगुन मुझसे कहने लगी मुझसे अब रहा नहीं जा रहा मैंने शगुन से उस दिन पूछा कि क्या तुमने इससे पहले भी कभी सेक्स किया है।

वह कहने लगी हां मैंने इससे पहले भी सेक्स किया है शगुन कि बात से मै अंदाजा लग चुका था कि वह बड़े ही खुले विचार की लड़की है परंतु उस वक्त मेरे पास उसके बदन के सुख भोगने का मौका था। मैंने भी वह मौका नहीं गवाया मैंने शगुन को नीचे लेटा दिया जब मैंने उसके कपड़ों को उतारना शुरू किया तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि उसका बदन इतना शेप में होगा उसका बदन पूरी तरीके से एकदम शेप में था उसके स्तन बहुत बड़े थे।

Sex Katha

जब मैंने उसके गुलाबी होठों को चूमा तो वह भी जोश में आ गई उसने मेरे लंड को अपने आप अपने मुंह में ले लिया उसने मेरे लंड को 2 मिनट तक अपने मुंह में अंदर बाहर किया उसके इस अंदाज से मैं तो उस पर पूरा फिदा हो गया। जब मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को रगडना शुरू किया तो उसकी चूत से गिला पदार्थ बाहर निकल रहा था और उसकी चूत इतनी ज्यादा गिली हो गई थी कि मैंने धक्का देते हुए उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया।

जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के अंदर घुसा तो उसने मुझे कसकर पकड़ लिया और मेरी कमर पर उसने अपने नाखून घुसा दिए उसने अपने नाखूनो से मेरी कमर पर निसान मार दिए मुझे दर्द भी हुआ लेकिन उसकी गर्मी का अंदाजा मैंने लगा लिया था। मैंने भी उसके दोनों पैरों को चौड़ा किया और जब उसकी चूत थोड़ा ज्यादा खुल चुकी थी मैंने उसकी चूत पर इतनी तेज गति से प्रहार किया कि उसकी चूत से तरल पदार्थ लगातार तेजी से बाहर निकलने लगा और उसे बहुत दर्द भी होने लगा।

Mere mote lund se chudwakar uski choot phat gayi!

मेरा 10 इंच मोटा लंड जब उसकी चूत के अंदर था तो वह अपने मुंह से सिसकियां लेते हुए कहने लगी आकाश तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है ऐसा लंड मैंने पहली बार ही किसी का लिया है।

मैंने उससे कहा मैं तो मेहनत करने वाला व्यक्ति हूं इसीलिए मेरा लंड इतना मोटा है। sex with girlfriend

उस दिन मैंने उसकी चूत पूरी तरीके से छिलकर रख दी। जब हम दोनों की रगडन से गर्मी ज्यादा पैदा होने लगी तो उस गर्मी को ना तो शगुन ज्यादा देर तक बर्दाश्त कर पाई और ना ही मैं ज्यादा देर तक बर्दाश्त कर पाया परंतु मैंने उस दिन उसकी चूत का भोसड़ा बना कर रख दिया था। जब मैंने अपने माल को उसके मुंह पर गिराया तो वह खुश हो गई उसने अपने मुंह को पानी से धोया और अपने कपड़े पहन लिए। मैंने उसे कहा शगुन आज तुम्हारे साथ सेक्स करके तुमने मेरी सारी इच्छा पूरी कर दी है। उस दिन उसकी चूत का भोसड़ा बना कर मुझे बहुत अच्छा लगा मैं जितने दिन रवि के पास रुका उतने दिन हर सुबह वह मेरे पास आ जाया करती और मुझे कहती चलो आज कहीं घूम आते हैं और घूमने के बाद मैं उसे चोदा करता।

मैं जब फरीदाबाद से वापस लौट आया तो शगुन और मेरी हमेशा फोन पर बात होती, उससे जब भी मेरी फोन पर बात होती तो वह मुझे कहती की तुम अब दोबारा फरीदाबाद कब आओगे, मैंने उसे कहा अभी तो मेरा कुछ पता नहीं है लेकिन जब भी मैं आऊंगा तो मैं तुम्हें बता दूंगा। मैंने उसे पूछा क्या तुम्हारी बात रवि से होती है, वह कहने लगी हां रवि तो मुझे हमेशा ही मिल जाता है और रवि से तो मेरी बात होती रहती है..

शगुन ने मुझे बताया कि रवि और उसकी पत्नी फॉरेन टूर पर घूमने के लिए जा रहे हैं, मैंने शगुन से कहा चलो यह तो अच्छी बात है तुमने मुझे यह बात बताइ मुझे तो रवि ने यह बात नहीं बताई लेकिन मैं उससे इस बारे में जरूर पूछुंगा। मैंने जब  रवि को फोन किया तो रवि कहने लगा मैंने और तुम्हारी भाभी ने घूमने का प्लान बनाया है, मैंने रवि से कहा लेकिन तुमने तो यह बात किसी को भी नहीं बताई, रवि कहने लगा यह बात तुम किसी को मत बताना मैं घर में यह बात बताऊंगा तो वह लोग मुझ पर गुस्सा हो जाएंगे इसलिए मैंने घर पर किसी को यह बात नहीं बताई।

रवि मुझे कहने लगा कि तुम अपनी भाभी को फरीदाबाद ले आना, मैंने रवि से कहा ठीक है मैं भाभी को फरीदाबाद ले आऊंगा और इस बहाने मेरी मुलाकात शगुन से भी हो जाएगी। मैं भाभी को अपने साथ फरीदाबाद ले गया और जब शगुन मुझसे मिली तो वह खुश हो गई और कहने लगी चलो कम से कम तुमसे मिलने का मौका तो मिला नहीं तो तुम मुझसे मिलने भी वाले नहीं थे, मैंने शगुन से कहा नहीं ऐसी बात नहीं है मैं तुमसे जरूर मिलता।

कुछ दिनों बाद रवि और भाभी फॉरेन टूर पर चले गए उस बीच मैं और शगुन घूमने के लिए जाया करते थे।

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होठों को चूमने की कोशिश https://sexstories.one/dost-ki-biwi-ko-choda/ Thu, 14 Jan 2021 04:22:19 +0000 https://sexstories.one/%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%9a%e0%a5%82%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b6/ आकाश बोलने लगा कि चलो हम लोग घर चलते हैं और हम लोग अपने घर चले आए थे। हम दोनों आकांक्षा को मिलने के लिए गए थे लेकिन अब आकाश और आकांक्षा के बीच बिल्कुल ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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आकाश बोलने लगा कि चलो हम लोग घर चलते हैं और हम लोग अपने घर चले आए थे। हम दोनों आकांक्षा को मिलने के लिए गए थे लेकिन अब आकाश और आकांक्षा के बीच बिल्कुल भी नहीं बनती है। उस दिन मैं आकाश के साथ आकांक्षा को समझाने के लिए गया था लेकिन आकांक्षा आकाश की बात नहीं मानी इसलिए आकाश ने मुझे कहा कि हम लोग यहां से चलते हैं। dost ki biwi ko choda

आकांक्षा अब आकाश को डिवोर्स देना चाहती थी.. dost ki biwi ko choda

और उन दोनों के अलग हो जाने के बाद आकाश की जिंदगी काफी बदलने लगी थी। वह बहुत ज्यादा परेशान रहने लगा था लेकिन मैंने आकाश का साथ हमेशा ही दिया है और उसे मैंने कहा कि तुम अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश करो। आकाश बहुत ज्यादा परेशान हो चुका था वह पूरी तरीके से टूट चुका था लेकिन उसके बावजूद भी आकाश ने हिम्मत नहीं हारी थी। आकाश बहुत ही ज्यादा खुश था कि अब वह अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका है। आकांक्षा को वह भूल चुका था और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था। आकाश की जिंदगी से आकांक्षा चली गई तो उसकी जिंदगी में सब कुछ ठीक होने लगा।

वह अब बहुत ही ज्यादा खुश है कि अब उसकी लाइफ में सब कुछ ठीक हो चुका है। dost ki biwi ko choda

मैं भी बहुत खुश था कि आकाश अपनी जिंदगी में आगे बढ़ कर अब अपनी लाइफ को अच्छे से जी पा रहा है। आकांक्षा और उसके डिवोर्स हो जाने के बाद अब आकाश की जिंदगी में महिमा भी आ चुकी है। महिमा और आकाश एक दूसरे को पहले से ही जानते थे और महिमा आकाश को हमेशा से ही पसंद करती थी लेकिन आकाश आकांक्षा के साथ शादी करना चाहता था यही वजह थी कि महिमा उससे दूर होती चली गई। महिमा ने उस वक्त उसका साथ दिया और महिमा और वह जल्द ही एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। मैं बहुत ज्यादा खुश हूं कि आकाश की जिंदगी सही से चल रही है। आकाश मेरा बहुत अच्छा दोस्त है जब भी मुझे आकाश की जरूरत होती है तो वह मेरे साथ हमेशा ही खड़ा रहता है।

मुझे इस बात की बड़ी खुशी है कि आकाश हमेशा ही मेरी जरूरत के वक्त में मेरे साथ खड़ा रहा है। मुझे आज भी वह दिन याद है जब मेरे पास नौकरी नहीं थी और घर की आर्थिक स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं थी लेकिन उस वक्त आकाश ने हीं मेरी मदद की थी। मैं ज्यादातर अपने काम के सिलसिले में बाहर ही रहता हूं और काफी दिन हो गए थे मैं आकाश को मिला नहीं था आकाश का मुझे फोन आया और वह मुझे कहने लगा कि काफी दिन हो गए हैं तुमसे मिला भी नहीं हूं तो सोच रहा था कि तुमसे मुलाकात कर लूँ। मैंने आकाश को कहा कि हम लोग आज ही मिलते हैं मैं आज ही दिल्ली से लौटा हूं तो मैं तुमसे मुलाकात करता हूं। मैं उस दिन आकाश को मिलने के लिए उसके घर पर चला गया मैं जब आकाश को मिला तो उस दिन मुझे काफी अच्छा लगा। मैं  ज्यादातर अपने काम के सिलसिले में बाहर ही रहता था। एक दिन मैं दिल्ली से चंडीगढ़ का सफर कर रहा था तो वह सफर मेरे लिए बहुत यादगार रहा। सफर के दौरान मेरी मुलाकात अर्चना के साथ हुई अर्चना जो कि मेरे सामने वाली सीट में बैठी हुई थी और अर्चना से मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा।

मैंने उस दिन अर्चना का नंबर भी ले लिया था.. dost ki biwi ko choda

और उसका नंबर लेने के बाद जब मेरी उससे फोन पर बातें होने लगी तो हम दोनों एक दूसरे से बहुत ही ज्यादा बातें करने लगे थे। यह हम दोनों के लिए बड़ा अच्छा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ बातें करते हैं और मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं कि अर्चना और मेरी जिंदगी अच्छे से चल रही है। अर्चना के मेरी जिंदगी में आने से मेरी लाइफ पूरी तरीके से बदल चुकी है और मेरी जिंदगी में इतनी खुशियां है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। अर्चना मुझसे बहुत ही ज्यादा प्यार करती है और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। जिस तरीके से अर्चना और मैं एक दूसरे के साथ होते हैं उससे हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता है। मुझे भी इस बात की खुशी है कि अर्चना और मैं एक दूसरे को बड़े अच्छे से समझ पाते हैं और यह हम दोनों के लिए बहुत ही अच्छा है। अर्चना और मैं एक दूसरे से अक्सर मिलने की कोशिश किया करते हैं। हालांकि मेरे पास कम समय होता है लेकिन फिर भी मैं कोशिश करता हूं कि मैं अर्चना को मिला करुं।

एक दिन मैं और अर्चना साथ में बैठे हुए थे.. dost ki biwi ko choda

उस दिन जब हम लोग अपनी पहली मुलाकात के बारे में बात कर रहे थे तो हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे। मुझे भी इस बात की बड़ी खुशी थी कि अर्चना के साथ मैं कुछ समय बिता पा रहा हूं। यह बात मैंने आकाश को भी बता दी थी कि मेरा अर्चना के साथ रिलेशन चल रहा है। आकाश अर्चना को मिलना चाहता था और मैंने आकाश को कहा कि मैं तुम्हें अर्चना से जरूर मिलवाऊंगा। जब मैंने एक दिन आकाश को अर्चना से मिलवाया उससे मिलकर आकाश काफी खुश था। अर्चना को भी आकाश से मिलकर बहुत ही अच्छा लगा क्योंकि अक्सर मैं आकाश की बात अर्चना से करता रहता हूं इसलिए उस दिन उसे बहुत ही अच्छा लगा जब उसने आकाश से बातें की। एक दिन मुझे बेंगलुरु जाना था मैंने उस दिन जब अर्चना से कहा कि मुझे तुमसे मिलना है क्योंकि मुझे बेंगलुरु जाना है तो वह कहने लगी कि ठीक है मैं तुमसे आज शाम को मिलती हूं। मुझे अगले दिन बेंगलुरु जाना था और मैं उस दिन शाम को अर्चना को मिला तो उसे बहुत ही अच्छा लगा और हम दोनों ने साथ में अच्छा समय बिताया।

अगले दिन मैं बेंगलुरु चला गया था..  dost ki biwi ko choda

वहां पर मुझे कुछ दिनों तक रहना पड़ा और उसके बाद मैं वहां से वापस लौट आया था। जब मैं वहां से वापस लौटा तो मेरी मुलाकात अर्चना से हुई अर्चना और मैं एक दूसरे से हमेशा ही मिलने की कोशिश किया करते हैं। अर्चना और मेरा मिलना तो होता ही रहता है मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब मैं उससे मुलाकात करता हूं मुझे इस बात की बड़ी खुशी है। अर्चना और मै एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। हम दोनों एक दूसरे से मिलते हैं तो हमें बहुत ही अच्छा लगता है। उस दिन भी हम दोनों एक दूसरे को मिले जब हम दोनों उस दिन मिले तो उस दिन हम दोनों ने साथ मे काफी अच्छा समय बिताया। मैंने उसके हाथ को सहलाना शुरू किया वह समझ चुकी थी मैं क्या चाहता हूं। मैंने उससे कहा मुझे तुम्हारे साथ में सेक्स करना है। वह भी मेरे साथ सेक्स करने के लिए रतैयार थी उसके अंदर भी मेरे साथ सेक्स करने की आग जल रही थी। हम दोनों मेरे दोस्त के घर चले गए जब हम लोग मेरे दोस्त के घर गए तो वहां पर अर्चना और मैं एक दूसरे के साथ बिस्तर में लेटे हुए थे। मेरा दोस्त जो मेरे ऑफिस में ही जॉब करता है।

हम लोग दूसरे के साथ थे और मैं उसके होठों को चूमने की कोशिश कर रहा था। dost ki biwi ko choda

जब मैं उसके होंठों को चूमने की कोशिश कर रहा था तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। वह भी गर्म होती जा रही थी मैंने जब अर्चना के  स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह गरम होती चली गई और मैं भी गरम होने लगा था। हम दोनो एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश थे। मैं जिस तरीके से उसकी गर्मी को बढ़ा रहा था उससे मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था और अर्चना भी बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी। उसने मुझे कहा उसे मेरे लंड को अपने मुंह में लेना है। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया वह उसे चूसने लगी। जब वह ऐसा करने लगी तो मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था और उसे भी बड़ा अच्छा लग रहा था। वह मेरी गर्मी को बढ़ने लगी थी। मैंने अर्चना की चूत को चाटना शुरू किया और उसकी योनि को चाटकर मुझे मज़ा आ रहा था। मैंने उसकी चूत में लंड को लगा दिया था।

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जब मैंने उसकी चूत में अपने लंड को घुसाया.. dost ki biwi ko choda

तो मैंने उसकी चूत के अंदर धीरे-धीरे अपने लंड को डाला मेरा मोटा लंड उसकी चूत के अंदर जाते ही वह चिल्ला रही थी। जब मेरा लंड उसकी चूत में गया तो मुझे बहुत ज्यादा खुश थी। मुझे मज़ा आ रहा था वह मेरा साथ दे रही थी। मैं उसे तेजी से धक्के देने लगा था जब मैं अर्चना को धक्के देने लगा तो मुझे उसकी चूत मारने में मजा आता। मैंने देखा उसकी चूत से बहुत ज्यादा पानी बाहर निकल रहा था। मुझे उसे चोदने मे बड़ा मजा आने लगा था। मैं जिस तरीके से वह मेरा साथ दे रही थी अब हम दोनों बहुत ज्यादा गरम होते जा रहे थे। मैंने उसकी योनि के अंदर अपने वीर्य को गिरा दिया था। जब मैंने उसकी योनि में वीर्य को गिराया तो वह मुझे कहने लगी मुझे मजा आ गया है। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स के मजे ले रहे थे उससे हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे।

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दोस्त की बीवी की ज़बरदस्त चुदाई https://sexstories.one/dost-ki-biwi-ki-zabardast-chudai/ Tue, 24 Mar 2020 10:05:36 +0000 https://sexstories.one/?p=491 मैं पिछले दो साल से दिल्ली में रह रहा हूँ. वहाँ मुझे एक लड़की अदिति से मिलने का मौका मिला, जो 26 साल की एक बहुत ही खूबसूरत लड़की थी. अदिति ग्रेटर नोएडा में अपने सास ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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मैं पिछले दो साल से दिल्ली में रह रहा हूँ. वहाँ मुझे एक लड़की अदिति से मिलने का मौका मिला, जो 26 साल की एक बहुत ही खूबसूरत लड़की थी. अदिति ग्रेटर नोएडा में अपने सास ससुर और पति के साथ रहती थी. अदिति का पति अक्सर काम के सिलसिले में दिल्ली से बाहर ही रहता था लेकिन मैंने कभी इस बात का मौका उठाने का नहीं सोचा था।

हम दोनों आपस में काफी बात करने लगे थे, स्काइप पे वीडियो चेट, व्हाट्सऐप हर वक़्त हम लोग टच में रहते थे.

अदिति मुझे अपने पति से भी मिला चुकी थी क्योंकि हम दोनों अच्छे दोस्तों की तरह ही थे, कभी किसी के मन में कुछ गलत नहीं था.

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अदिति काफी पढ़ी लिखी लड़की थी लेकिन उसने अपने सास ससुर और पति के लिए शादी के बाद अपने सारे सपने और खुशी छोड़ दी थी। अब कुछ टाइम पहले ही अदिति का पति साल भर के लिए इंडिया से बाहर चला गया था जिस वजह से अदिति का घर पर मन नहीं लग रहा था तो अदिति ने जॉब करने की इच्छा मुझे बताई।

मैं पिछले दो साल से आई टी कंपनी में हूँ जिस वजह से मैं उसकी जॉब लगाने में आसानी रही।

अब अदिति काफी खुश थी और हम दोनों को जब भी मौका मिलता, हम अक्सर बाहर ही मिल लिया करते थे क्योंकि अब दोनों ही अपनी प्रोफेशनल लाइफ में बिजी हो चुके थे. जब भी बाहर मिलते तो अक्सर गोल गप्पे खाना, मूवीज जाना, पब जाना अब हम दोनों के लिए आम बात हो गई थी.

इसी बीच अदिति ने मुझे डिनर पर आने की जिद करने लगी जिसको मैं मना नहीं कर पाया।

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मैं अदिति के घर पंहुचा तो अदिति ने ही दरवाजा खोला, अदिति वन पीस में खड़ी थी वो उस ड्रेस में बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। मैं उसकी तारीफ़ करने ही वाला था कि अदिति ने मुझे अपने गले लगा लिया।

मैंने भी उसे बड़े प्यार से गले लगाया और उसकी तारीफ़ करते हुए बोला- बहुत ही खूबसूरत लग रही हो… आज से पहले तुम्हें इस तरह कभी नहीं देखा तो आज तुमसे नज़र नहीं हट रही है.

मैंने उससे अलग होते हुए पूछा- सास ससुर कहाँ हैं, उनसे भी मिलने दोगी या यहीं दरवाजे पे डिनर करा के भेज दोगी?

तो अदिति ने बड़े ही नटखट अंदाज में मुझे जवाब दिया- आज तो मम्मी पापा किसी रिलेटिव की शादी में गए हैं। और तुम पहले अंदर तो आ जाओ, जाने या ना जाने की बाद में देखेंगे।

वो मुझे सोफे पर बिठा कर अंदर किचन से कोल्ड ड्रिंक लेकर आई और मुझे दी।मेरी तो आज अदिति से नज़रें ही नहीं हट रही थी।

ऐसे ही गप्पें मारते मारते कब 11 बज गए पता ही नहीं चला। फिर मैं अदिति को डिनर लाने को कहा- मैं लेट हो जाऊंगा, जाना भी है!

लेकिन अदिति ने बड़े ही प्यार से जवाब दिया- डिनर करने चलो लेकिन आज मेरे पास ही रुक जाओ।

रुकने की बात पर मैंने ऐतराज जताया तो अदिति नाराज होने लग गई। आखिर में मुझे उसके सामने हार माननी पड़ी और उसे धकेलते हुए डाइनिंग रूम में ले गया।

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वहां डाइनिंग टेबल पर खाना रखा तो अदिति ने बियर की बोतल रख के मुझसे टाइम पूछा तो मैंने कहा कि 12 बजने वाले हैं।

मेरे यह कहते ही अदिति मेरे गले लग के रो पड़ी और कहने लगी कि आज उसका जन्मदिन था। जैसे ही मुझे पता चला कि आज उसका जन्मदिन है तो मैं कुछ नहीं कह पाया और उसे अपने गले लगा के रखा, लगभग 5 मिनट तक वो मुझसे गले लगे रही तो मैंने उसे अलग करते हुए कहा कि अभी दिन खत्म होने में कुछ मिनट बाकी हैं, चलो सेलिब्रेट करें!

मैंने बियर की बोतल उठाई, दो ग्लास में बियर डाली, एक उसे दिया और एक खुद उठा कर उसको अपने हाथों से पिला दिया और उसके हाथों से खुद पीया। बियर पीते पीते हम कब डांस करने लगे कुछ पता ही नहीं चला और जब डांस कर रहे थे तो दोनों ही होश में नहीं थे।

इसी बीच अदिति मेरे गले लगी और थैंक्यू कह कर मेरी गर्दन पे किस करके मुझसे लिपट गई।

अदिति की उस किस से मेरे बदन में करंट सा बहने लगा और मैं भी उसके चेहरे को पकड़ कर उसके लिप्स पे किस के किस करने लगा जिसमें अदिति भी मेरा साथ देने लगी, हम दोनों इसी पोजीशन में काफी देर तक किस करते रहे और धीरे धीरे एक दूसरे के बदन को टटोलने लग गए.

बदन टटोलते टटोलते कब मैंने उसका वन पीस उतार कर फेंक दिया, मुझे भी नहीं पता और वो मेरी टी शर्ट उतार चुकी थी।

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मैंने उसे अब पीछे से पकड़ा और गर्दन पर खूब चूमने लगा कभी गर्दन कभी कान कभी पीठ और दोनों हाथों से उसके वो खूबसूरत बूब्स दबा रहा था.ये सब जब हो रहा था तो अदिति सिसकारियाँ ले रही थी जो मुझे ये बता रही थी कि अदिति कब से प्यासी है.अदिति की सिसकारियाँ सुन कर मुझसे रहा नहीं जा रहा था और मैंने उसकी ब्रा और पैंटी फाड़ के फेंक डाले और उसे उठा कर उसके बैडरूम में लेजा कर लिटा दिया.

इतने में अदिति बोल उठी- आज मुझे मत तड़पाओ मुझसे नहीं रहा जा रहा।

मैंने इसके बाद बूब्स जम के चूसे फिर धीरे धीरे पूरे बदन को चूमते हुए नीचे आया और टाँगें फैला कर उसकी चूत पर अपनी जीभ फेरने लगा और इसके बाद अदिति अपने कंट्रोल से बाहर हो चुकी थी और मैं जीभ से उसकी चूत को तड़पा रहा था।

मैं उसे इतना तड़पा चुका था कि उसकी चूत ने जम के पानी निकल दिया जो मैं सारा चाट गया। बहुत दिनों से उसकी चूत से पानी नहीं निकला था इसलिए मुझे भी वो चूत का पानी पीने में बहुत टाइम लग गया।

अब मैं फिर से उसे चूमता रहा और कुछ देर में वो फिर गर्म हो गई. इस बार मैंने उसकी कमर के नीचे दो तकिये रख कर उसकी टाँगें खोली और अपने लंड से चूत रगड़ने लगा।

अदिति की सिसकारियाँ अब और तेज हो रही थी.

Antarvasna Paray mard se chudai – मेरी जूनियर क्या मस्त माल है

इतने में मैंने अपना लड उसकी चूत पर रखा और धक्का मारा लेकिन चूत काफी टाइम से चुदी नहीं थी और गीली भी थी इसलिए मुझे मेरा लंड डालने में बहुत मशक्कत करनी पड़ी।और जैसे ही दो चार धक्कों के बाद मेरा आधा लंड अंदर गया तो वो चीख पड़ी, उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे.घर पर कोई नहीं था इसलिए मैंने उसे चीखने दिया और फिर एक और धक्का मार के उसकी चूत में पूरा लंड डाल दिया।

अब वो मेरी पीठ पर अपने नाख़ून मार कर मुझे और उत्तेजित कर रही थी जिसका जवाब मैं जोर जोर के धक्कों से अपना लंड उसकी चूत में अंदर बाहर करके जबरदस्त चुदाई से उसकी चीखें निकलवा कर दे रहा था, उसकी चीखें पूरे घर में गूंज रही थी।

20 मिनट तक चूत में लंड अंदर बाहर करते हुए उसकी चूत ने अपना सब्र खो दिया और पहली बार की तरह इस बार भी जम के पानी निकाल डाला.

बिस्तर गीला हो चुका था और अदिति का बदन ढीला पड़ चुका था इसलिए वो अब नीचे से कुछ रिस्पांस नहीं कर रही थी लेकिन मैं उस वक़्त भी अपनी चरम सीमा में था और उसके रोकने पर भी मुझसे कंट्रोल नहीं हो पर था इसलिए मैं उसकी मर्ज़ी ना होते हुए भी उसे जम के अभी भी चोद रहा था.

थोड़ी देर बाद मेरा भी काम होने वाला था, उम्म्ह… अहह… हय… याह… मैंने सारा माल अदिति की चूत में भर डाला।

उसकी चूत से तो मानो आज बाढ़ निकल रही थी…

अब हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे और थोड़ी देर बाद दोनों फिर गर्म हो उठे. इस बार मैंने उसे खड़ा करके घोड़ी बनाया और अच्छे से उसकी गांड मार डाली।

Antarvasna Paray mard se chudai – ऑफिस में माधुरी को चोदा

उस रात ये सब न जाने कितनी बार हुआ. लेकिन ये सब करने के बाद अदिति से जो दोस्ती थी, उसमें कोई फर्क नहीं पड़ा.

मगर मुझे एक बात हर वक़्त दिल में रहती कि जो हम दोनों के बीच हुआ उसकी वजह से अदिति और उसके पति के बीच कुछ प्रॉब्लम ना हो! इसलिए मैंने अदिति से थोड़ा दूरी बढ़ाना शुरु कर दिया… उसके बाद मैंने उसके साथ ये सब नहीं किया.

कहानी के अंत में मैं आपको बता दूँ कि अदिति नाम बदला हुआ नाम है. मैंने लाइफ में हमेशा लड़कियों की इज्जत की है, मैं नहीं चाहता मेरी वजह से उसकी पर्सनल लाइफ में प्रॉब्लम हो या उसकी प्रिवेसी लीक हो. इसलिए आज यह कहानी लिखी है तो उससे पूछ कर ही लिखी है.

आपको जबरदस्त चुदाई की यह कहानी कैसी लगी, आप हमें अपने सुझाव कमेंट पर जरूर देना।

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