chudai Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/chudai/ Hindipornstories.org Mon, 04 Jan 2021 17:05:13 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 सरिता की उसके फार्म हाउस में कड़क चुदाई https://sexstories.one/biwi-ki-kadak-lund-se-chudai/ Mon, 04 Jan 2021 03:37:44 +0000 https://sexstories.one/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%b8-%e0%a4%ae/ हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम सूरज है और में नागपुर में रहता हूँ. मेरी लम्बाई 5.7 है.. में नागपुर में कॉलेज का स्टूडेंट हूँ. दोस्तों में आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ.. जो कि ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम सूरज है और में नागपुर में रहता हूँ. मेरी लम्बाई 5.7 है.. में नागपुर में कॉलेज का स्टूडेंट हूँ. दोस्तों में आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ.. जो कि पूरी सच्ची है. हम 4 स्टूडेंट थे और हमारे कॉलेज की छुट्टियां लगी हुई थी.. तो हमने डिसाईड किया कि हम घर नहीं जायेंगे.. हम यही नागपुर में रहेंगे और एन्जॉय करेंगे. तो दोस्तों हम नागपुर में ही रुक गये. हमें कुल 15 दिन की छुट्टी थी.. ये दिन हमे पूरी तरह से एन्जॉय करना था. kadak chudai

तो दोस्तों हम सब एक दिन घूमने गये और हम थोड़ा बहुत घूमने के बाद एक बीयर बार में बैठ गये और हमने बियर पी. में वैसे ज्यादा बियर नहीं पीता.. लेकिन पार्टी में पी लेता हूँ. हम सब बार में ड्रिंक करने के बाद बाहर आये.. तो हम मेन रोड़ के साईड में थे.. तो मेरे एक दोस्त की लॉटरी की शॉप दिख गई.. जो कि ऑन-लाईन गोल्डन लॉटरी थी और हम पैसे कमाने लॉटरी शॉप में चले गये. वहां टाईम कैसे निकल जाता था.. पता ही नहीं चलता था.

उसके पास में सिनेमा घर था.. kadak chudai

तो बीच में हम वहां भी चले जाते थे. जब में लॉटरी की शॉप के बाहर खड़ा था.. तो वहां एक पुलिस वाला कार को लॉक लगा रहा था.. क्योंकि वो गाड़ी नो-पार्किंग एरिया में खड़ी हुई थी और में उस गाड़ी के पास ही खड़ा था.

थोड़ी देर बाद वहां एक औरत आई.. उसके साथ एक 6 साल का लड़का भी था.. क्या औरत थी यार कमाल की. उसने जींस पेंट और सलवार टॉप पहना था और उसकी स्किन टाईट थी.. जिससे उसकी गांड बाहर निकलकर दिख रही थी और बूब्स इतने बड़े थे कि मन कर रहा था कि बस अब जाकर पूरी तरह से मसल दूँ. वो बहुत गोरी थी और ऐसा लग रहा था कि वो किसी हाई प्रोफाईल अमीर फैमिली की मेंबर हो.

Erotica

फिर जैसे ही वो गाड़ी के पास आई.. kadak chudai

तो उसने देखा कि उसकी गाड़ी को लॉक लगा हुआ है. हैल्लो.. ये लॉक किसने लगाया.. उस औरत ने मुझसे पूछा.. में खुद को लकी महसूस कर रहा था कि उसने मुझसे पूछा. फिर मैंने उनसे बोला कि मेडम वो पुलिस वाले आये थे.. आपकी गाड़ी नो पार्किंग एरिया में थी तो वे इसे लॉक लगा गये.. वो घबरा गई और उसके चेहरे पर घबराहट साफ नज़र आ रही थी.. तो मैंने उनसे कहा कि घबराओ मत वहां एक पुलिस वाला है उनसे पूछो.. वो अपने लड़के के साथ उस पुलिस से पूछने चली गई.

जब मेरी पुलिस की गाड़ी पर नज़र गई.. तो मैंने मेडम को आवाज़ लगाई और उनके पीछे चला गया और मेडम से बोला कि वो पुलिस की गाड़ी वहां है.. वो गाड़ी निकलने ही वाली थी कि में तुरंत उसके पीछे भागा और उस गाड़ी को रुकवाया और पुलिस से बोला कि उस गाड़ी को लॉक लगा हुआ है प्लीज.. उसे खोलो.

जब तक वो मेडम अपने बच्चे को लेकर उस गाड़ी के पास आ गई थी. kadak chudai

फिर पुलिस वाले ने उस मेडम को गाड़ी में बैठने को कहा.. मेडम बैठ गई और फिर उसने मुझे भी बैठने को कहा.. क्योंकि में भागकर बहुत थक गया था.. हम गाड़ी में बैठ गये. में मेडम के बगल में बैठ गया.. उसकी बॉडी मुझसे टच हो रही थी. मुझे उसकी बॉडी का एहसास हो रहा था और जगह कम होने की वजह से उसकी जींस पेंट में से उसकी गांड बाहर आ रही थी और एक साईड से जी स्ट्रिंग पेंटी पहने हुए साफ दिख रही थी.. वाह क्या नजारा था.

हम फिर उस मेडम की गाड़ी के पास आ गये.. पुलिस वाले ने वो लॉक खोल दिया और पुलिस ने उससे 1000 रुपये जुर्माना माँगा.. तो मेडम ने मुझसे बोला कि बहुत ज्यादा है.. प्लीज कुछ कम करवाओ. फिर मैंने बोला कि मेडम दवाई लेने गई थी.. उनके पति बीमार है. फिर मैंने झूठ बोल दिया और मेडम ने भी पुलिस को हाँ बोल दिया.. तो पुलिस भी मान गई और उसने छोड़ दिया.

अब मेडम रिलेक्स तो हो गई थी.. kadak chudai

थैंक्स आप नहीं होते तो शायद मुझे यहाँ बहुत इंतजार करना पड़ता.. अरे ईट्स ओके थैंक्स किस बात की.. ये तो मेरा फ़र्ज़ था और आपकी जगह कोई भी होता.. तो में यही करता. फिर मैंने उनसे ऐसा कहा कि वो खुश हो गई.. उसने पार्किंग एरिया में गाड़ी लगाई और वो मॉल में शॉपिंग के लिए जा रही थी. तभी उसने मुझे आवाज़ दी.. ‍‌हैल्लो.. में पलटा और देखा कि वो मेडम मुझे आवाज़ लगा रही है. में उनके पास गया और बोला हाँ मेडम अब क्या काम है? तो उसने बोला कि क्या हर बार काम ही रहेगा क्या? में कुछ समझा नहीं था कि वो क्या बोलने जा रही है.

फिर उसने बोला क्या तुम मेरे साथ शॉपिंग करने चलोगे.. तो मेरे मन में लड्डू फूटने लग गये और मैंने हाँ कर दिया. उसके साथ उसका लड़का था.. तो वो मुझसे खुलकर बातें नहीं कर सकती थी. उसने मुझसे मेरा नाम पूछा. फिर मैंने मेरा नाम बताया और उसने उसका नाम सरिता बताया. हम एक शोरुम में गये.. उसको वहा से जींस लेनी थी.

फिर हम जींस देखने लग गये.. वहां शॉप का एक वर्कर आया और उसने हमसे कहा कि कोई हेल्प चाहिये.. तो मेडम ने उससे कहा नहीं.. हम जींस पेंट लेने आये है.. हम ही पसंद कर लेंगे और वो चला गया और हम जींस पेंट देखने लगे. मेडम ने कुछ पेंट देखी. उसने मुझसे कहा कि सूरज ये जींस कैसी है.. तो मैंने कहा अच्छी है.. आपको आ जायेगी.

फिर मैंने उनसे कहा कि आपकी साईज़ क्या है? kadak chudai

उसने मुझसे कहा 38 है.. तो मैंने कहा वाह क्या साईज है.. हाँ फिर तो आ जायेगी. फिर हम जींस पेंट लेकर बाहर आ गये.. हमने कुछ आईसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक पी और बिल उसने ही दिया था.

फिर हम पार्किंग में चले गये.. उसने मुझे थैंक्स कहा और मैंने उनसे पूछा कि मेडम क्या हम दोस्त बन सकते है? उसने मुझसे कहा ये भी कोई पूछने की बात है.. हम पहले से ही दोस्त है. हमने हमारा नम्बर एक्सचेंज किया और उसने बोला कि में आपको कॉल करूँगी. फिर उस रात को उसका मुझे कॉल आया. उसने मुझसे बोला हैल्लो.. हाँ सरिता मेडम बोलो.. उसने बोला कॉल में सिर्फ सरिता नोट मेडम. फिर मैंने कहा ओके सरिता.. उसने कहा कि मुझे शॉपिंग करनी है.. मेरे साथ चलोगे?

मैंने कहा कि हाँ जरुर.. में तो तैयार हूँ आपकी सेवा में और वो हंसने लग गई और नॉटी कहकर मुझसे बोली कि ठीक है में 3 बजे दोपहर में आपको लेने आउंगी. फिर मैंने भी उनसे बोला सरिता तुम मुझे भी तो नाम से पुकार सकती हो.. तो उसने कहा कि ओके बाबा सूरज और दूसरे दिन वो अपनी होंडा सिटी कार में मुझे लेने आई.. वो उस समय अकेले ही थी. मैंने उनसे कहा आपका लड़का नहीं आया.. तो उसने कहा कि तुम्हे मेरे साथ आना है या मेरे बेटे के साथ और हम हंसने लग गये और मैंने बोला आज का क्या प्रोग्राम है.. क्या शॉपिंग करनी है? उसने बोला मुझे बिकनी लेनी है.. अच्छी और महंगी. में मन ही मन में खुश होने लगा.

फिर हम एक अच्छी शॉप में गये.. kadak chudai

सरिता उस शॉप की रेग्युलर ग्राहक थी और वो उसके दोस्त की ही थी.. जिसका नाम राधा है. हम शॉप में गये और राधा को उसने गले से लगाया और फिर सरिता ने बोला मुझे बिकनी चाहिये.. तो उसने एक रूम का ईशारा किया और सरिता वहां जाने लगी.. में बाहर ही रुका हुआ था.. तो सरिता ने कहा चलो ना सूरज क्या हुआ और में भी उसके पीछे चला गया. मैंने अंदर जाकर देखा कि उस रूम में अलग अलग डिज़ाईन वाली बिकनी लगी हुई थी और चारो तरफ कांच लगे हुये थे. हम जैसे ही अंदर गये.. तो सरिता ने दरवाजा बंद कर दिया और बोला कि अब में आराम से बिकनी चेक कर सकती हूँ.. कोई मुझे देख नहीं सकता. फिर मैंने कहाँ में तो हूँ यहाँ.. तो उसने कहा तुम तो मेरे अच्छे दोस्त हो ना. फिर उसने एक नॉर्मल बिकनी ली और उसे ट्राई करने लगी.. उसने पहले अपनी जींस पेंट उतारी.. जो हमने कल खरीदी थी.

फिर उसने अपना टॉप निकाला.. में तो देखते ही परेशान हो गया था.. क्या बूब्स थे और क्या गांड थी उसकी.. क्या बताऊँ? दोस्तों मज़ा आ गया. फिर उसने एक टॉवल लिया और टॉवल लपेटकर वो चेंज करने लगी. फिर उसने कहा कि कैसी है ये बिकनी.. मैंने उससे कहा कि में पसंद करके दूँ.. तो उसने हाँ बोला. फिर मैंने उससे कहा कि पहले मुझे आपकी बॉडी का परफेक्ट शेप लेना होगा.. उसने कहा ओके. मैंने एक मेजरमेंट टेप ली और उससे बोला कि मुझे परफेक्ट साईज लेने के लिये आपकी ये बिकनी निकालनी होगी. फिर उसने थोड़ा सोचने के बाद बिकनी उतार दी.. मैंने उसको कहा कि आपका फिगर तो लाजवाब है.. उसने कहा मेनटेन करना पड़ता है. उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था.. मैंने उसकी फिगर साईज़ ली और में टेप लगाते वक़्त उसके बूब्स को थोड़ा ज्यादा ही प्रेस कर रहा था. फिर मैंने उसे एक टिनी बिकनी दी और बोला कि ये ट्राई करो.. उसने वो ट्राई की. दोस्तों आपको तो पता ही है कि टिनी बिकनी कैसी होती है.

उसके सिर्फ़ बूब्स और चूत ही ढके हुये थे और उसको वो बिकनी अच्छी लगी और उसने कहा क्या पसंद है औरतो की.. कहाँ से सीखा. फिर मैंने बोला कि ये मेरा फर्स्ट टाईम था.. ओह उसने कहा. फिर तो तुम सेक्स करना भी अच्छे से जानते होंगे. अब वो फुल मूड में आ चुकी थी.. तो मैंने कहा कि कभी ट्राई नहीं किया. फिर उसने कहा कि चलो मेरे फार्महाउस पर चलते है. फिर मैंने कहा आपके घर के लोग इंतज़ार करेंगे..

वो बोली कि में उनको फोन कर दूँगी. kadak chudai

फिर हम शॉप से निकलने के बाद फार्महाउस चले गये.. वहां कोई नहीं रहता था. उसने दरवाजा खोला और हम अंदर आ गये. उसने पूछा क्या लोगे? मैंने कहा कि पानी वो भी चूत का.. वो मुस्कुराई और बोली चल स्टुपिड. फिर वो पानी लेने किचन में चली गई. पानी पीने के बाद उसने बोला कि मेरी चूत का पानी पीना चाहता है. फिर मैंने कहा हाँ तो उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिये और बोला कि ये लो पी लो.

मैंने उसे मेरी तरफ खींचा और बोला आज में तुझे बताऊंगा कि सेक्स क्या होता है. उसने बोला करो जो करना है और बना दो मुझे रांड.. में उसे क़िस करने लगा. फिर 15 मिनट किस करने के बाद उसने मेरे कपड़े निकाल दिये और उसने मेरा लंड देखा और बोली तेरा तो लंड स्टील रोड जैसा टाईट हो गया है जान.. जब ये तेरी चूत में जायेगा.. तो पता चलेगा.

फिर में उसकी चूत में मेरा लंड डालने लगा.. 2-4 झटको के बाद मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया. वो चिल्लाने लगी.. जल्दी निकालो इसे.. मुझे बहुत दर्द हो रहा है. फिर मैंने बोला ले तुझे रांड़ बनने का शौक है ना.. अब ले और उसे में ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लग गया.. वो चिल्लाने लगी. फिर 20 मिनट के बाद में झड़ गया.. वो 2 बार झड़ गई थी.

फिर मैंने मेरा माल उसकी चूत में डाल दिया और फिर उसको मैंने मेरी स्पेशल 8 तरह की स्टाईल में चोदा. फिर हम स्विमिंग पूल में नहाने गये.. स्विमिंग पूल में मैंने उसकी गांड मारी.. वो पहले मना करने लग गई.. लेकिन फिर मैंने उसे मना लिया. मैंने लंड जैसे ही उसकी गांड में डाला.. तो वो चिल्लाने लगी.. आआहह्ह्ह्ह और मेरा साथ देने लगी और वो बोल रही थी और ज़ोर से और ज़ोर से. फिर मैंने मेरी स्पीड तेज कर दी. अब मेरा पानी निकलने वाला था और मैंने मेरा पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया.

उसने बोला ऐसा सेक्स मैंने कभी नहीं किया.. थैंक्स सूरज.. तुम बहुत अच्छे बॉय हो. kadak chudai

फिर हम स्विमिंग पूल से बाहर आ गये और फिर हम अंदर हॉल में चले गये.. हम नंगे ही थे और हमने कपड़े नहीं पहने थे. उसने बोला कि ऐसे ही बैठो.. तो फिर वो सोफे पर मेरे बगल में बैठ गई और मेरे लंड से बोल रही थी कि छोटे सूरज मुझे छोड़कर कभी नहीं जाना.. मेरे पास ही रहना. में उसके बूब्स दबा रहा था और फिर हमे कब नींद लग गई.. पता ही नहीं चला.

फिर सुबह मेरी नींद खुली.. तो सरिता ने बोला कि चलो अब हमे जाना चाहिये.. घरवाले मेरा इंतजार कर रहे होंगे. फिर उसने मुझे मेरे घर के पास छोड़ा और उसने मुझे 2000 रूपये दिये और बोली कि अगले रविवार को तैयार रहना और वो चली गई.

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चुदास आंटी के साथ सुहागरात मनाई https://sexstories.one/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88/ Sun, 15 Nov 2020 09:01:13 +0000 https://sexstories.one/?p=1499 हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आदित्य है और मेरी उम्र 23 साल है और में तिरुपति में रहता हूँ। मेरी फेमिली में मम्मी, पापा, एक भाई और में हूँ। ये 5 साल पहले की बात है, ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आदित्य है और मेरी उम्र 23 साल है और में तिरुपति में रहता हूँ। मेरी फेमिली में मम्मी, पापा, एक भाई और में हूँ। ये 5 साल पहले की बात है, मेरे घर के सामने घर में एक नई फेमिली शिफ्ट हुई। उनकी फेमिली में अंकल-आंटी और उनके 2 बच्चे थे, अंकल की उम्र 46 साल और आंटी 42 साल की थी। उनकी लड़की की उम्र 17 साल और लड़के की उम्र 14 साल थी। सुहागरात वाली चुदाई

आंटी दिखने में बहुत सुंदर थी और अब में तो उनको देखते ही उनका दीवाना हो गया था। आंटी का नाम नीतू था, वो बहुत गोरी थी और उनकी हाईट भी अच्छी थी, शरीर हल्का भरा हुआ, लेकिन उसको मोटी नहीं कह सकते, उनके बूब्स का साईज़ लगभग 38 था, जो थोड़े लटके हुए थे, लेकिन उनके शरीर पर मस्त नज़र आते थे।

आंटी की कमर का साईज़ लगभग 36 था और सबसे खूबसूरत उनकी गांड थी, उनकी गांड का साईज़ 40 था, जिससे उनका फिगर कमाल का लगता था। आस पास के मर्दों का लंड उनको देखते ही खड़ा हो जाता था और हो भी क्यों ना? आंटी थी ही इतनी खूबसूरत। सुहागरात

में उन दिनों ग्रेजुयेशन फाइनल ईयर में था और में रोज़ अपनी बालकनी में शाम को ठहलता था। आंटी भी अक्सर अपनी बालकनी पर आती थी, अब में चुपके-चुपके उनको देखता था। अब हमारी नज़रे कई बार मिल चुकी थी, वो मेरी मम्मी की अच्छी दोस्त बन चुकी थी और अब आंटी का मेरे घर आना जाना शुरू हो चुका था।

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अब में भी आंटी और उनके बच्चों से घुल मिल चुका था, आंटी के पति अक्सर जॉब के सिलसिले में बाहर ही रहते थे। एक दिन आंटी शॉपिंग करके घर जा रही थी और रास्ते में मुझे मिल गयी तो मैंने अपनी बाइक रोकी और आंटी को बैठा लिया। अब रास्ते में जब भी ब्रेक लगता तो आंटी के बूब्स मेरी पीठ पर दब जाते थे। अब मुझे बड़ा मज़ा आने लगा था, अब हम पूरे रास्ते बातें करते आए।

फिर उनको घर ड्रॉप करके में भी अपने घर आ गया, उस रात मैंने बाइक वाला सीन याद करके मुठ मारा और काफ़ी सारा वीर्य निकाला और सो गया। अब में उनके बच्चों के साथ खेलने के बहाने से आंटी के यहाँ जाने लगा था। अब में आंटी को खेलते-खेलते देखता रहता था और आंटी ने भी ये बात नोटीस कर ली थी।

अब आंटी भी स्माइल कर देती थी। एक दिन खबर आई कि अंकल की एक्सिडेंट में मौत हो गयी। फिर उसके बाद उनके घर में अंतिम संस्कार की रस्म हुई और अंकल की पेन्शन से उनका घर चलने लगा। फिर धीरे धीरे आंटी भी नॉर्मल हो गयी और वो अपने बच्चों के साथ उदयपुर शिफ्ट हो गयी। फिर संयोग से मेरी नौकरी भी उदयपुर में लगी और अब में बहुत खुश हो गया था, फिर में भी उदयपुर आ गया। अब आंटी से मेरा मिलना जुलना फिर से शुरू हो गया था, अब मुझे आंटी भी खुश लगने लगी थी।

एक दिन मैंने हिम्मत करके आंटी को फोन किया और उनको अपने प्यार का इज़हार कर दिया और उनको शादी का प्रस्ताव दिया, तो आंटी ये सुनकर हैरान हो गयी और मुझे फोन पर डांटने लगी, तो मैंने आंटी से कहा कि अगर आप मुझे नहीं मिली तो में ज़हर खा लूँगा। फिर आंटी मुझे समझाने लगी कि ये ग़लत है, में तुम्हारी आंटी हूँ और ये नहीं हो सकता और उन्होंने फोन रख दिया। सुहागरात

उसके बाद मैंने भी उनको कॉल नहीं किया, लेकिन फिर 4 दिन के बाद उनका फोन आया और वो पूछने लगी कि अब तुम घर क्यों नही आते? तो मैंने बिना जवाब दिए फोन काट दिया। फिर उन्होंने मुझे कई बार फोन किया, लेकिन मैंने नहीं उठाया। फिर अगले दिन आंटी मेरे घर आई और फिर मैंने जैसे ही दरवाजा खोला तो वो मेरे गले से लिपट गयी और रोने लगी और कहने लगी कि मुझ पर मेरे बच्चों की ज़िम्मेदारी है, में तुमसे कैसे शादी कर सकती हूँ?

तो मैंने कहा कि में तुम्हें अपनी पत्नी बनाऊंगा तो तुम्हारे बच्चे तो मेरे भी हो गये और में उनकी ज़िम्मेदारी संभाल लूँगा, उनको पिता का प्यार दूँगा। अब नीतू आंटी मेरे गले लग गयी और मुझे आई लव यू बोला।

फिर एक महीने के बाद हम दोनों और दोनों बच्चे मंदिर पहुँचे, नीतू लाल रंग की साड़ी में कमाल लग रही थी। फिर पंडित ने फैरे करवाये और हमारी शादी हो गयी। फिर हम सब घर पहुँचे मैंने अपने घर में एक रूम बच्चों के लिए ठीक कर दिया था और नीचे वाला अपना बेडरूम फूलों से सज़ा दिया था। अब रात काफ़ी हो चुकी थी तो बच्चे अपने रूम में सोने चले गये थे और में नीतू को लेकर अपने बेडरूम में आ गया था।

फिर मैंने नीतू को आई लव यू कहा, तो उसने भी मुझे रिप्लाई दिया। फिर उसने मेरे पैर छुए तो मैंने उसको अपने गले से लगा लिया। फिर उसने कहा कि आज से हमारा सब कुछ आपका है, में आपकी हर इच्छा पूरी करूँगी। फिर मैंने उसे कमर से पकड़ा और अपनी और खींचा, तो उसने भी अपनी बाहें मेरे कंधो पर रख ली। फिर मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए तो उसने 5-6 सेकेंड में ही शर्माकर अपने होंठ पीछे कर लिए, लेकिन आज में कहाँ मानने वाला था।

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फिर मैंने उसको कमर से और टाईट पकड़ा और हमारे होंठ फिर मिल गये। फिर हमने करीब 10 मिनिट तक एक दूसरे के होंठो को चूसा और उसके बाद में उसके पीछे आ गया और उसकी गर्दन को चूमते हुए उसके पीछे से उसके बड़े बूब्स को दबाने लगा। अब उसकी सिसकी निकलने लगी थी और उधर मेरा लंड भी पजामे में खड़ा हो चुका था और उसकी गांड में घुसने की कोशिश कर रहा था। सुहागरात

फिर मैंने धीरे-धीरे उसकी साड़ी उतार दी और अब उसके बड़े बूब्स का साईज़ उसके ब्लाउज से मस्त नज़र आ रहा था। फिर मैंने नीतू को अपनी बाँहों में उठाया और उसे बेड पर बैठाया और उसको किस करने लगा। फिर मैंने धीरे-धीरे नीतू के ब्लाउज के हुक खोल दिए और उसका ब्लाउज उतार दिया। अब ब्रा में वो कमाल की लग रही थी, अब में ज़ोर-ज़ोर से उसके बूब्स दबाने लगा था। फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और नंगा हो गया। अब मेरे बड़े लंड को देखकर वो घबरा गयी थी।

दोस्तों ये सुहागरात वाली चुदाई कहानी आप हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पड़ रहे है।

फिर मैंने देर ना करते हुए उसका पेटीकोट भी उतार दिया और मैंने उसकी ब्रा और पेंटी भी उतार दी, उसके बूब्स बहुत खूबसूरत थे, उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। फिर मैंने उसके मुँह में अपना लंड देना चाहा तो उसने मुझे रोक दिया और वो मुँह में लेने को मना करने लगी।

फिर जब वो नहीं मानी तो मैंने ज़बरदस्ती उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया। फिर धीरे-धीरे उसने भी चूसना शुरू कर दिया और मैंने उसके मुँह में अपना ढेर सारा गाढ़ा वीर्य डाल दिया और वो मेरा सारा वीर्य पी गयी।

फिर मैंने उसको बेड पर लेटाया और उसकी चूत में अपनी जीभ डाल दी। सुहागरात

अब उसको भी मज़ा आने लगा था और वो सिसकारियां लेने लगी आहहाहहाहह और फिर वो 2 मिनट में ही झड़ गयी। फिर मैंने उसकी दोनों टांगो को चौड़ा किया और अपना बड़ा लंड उसकी चूत पर सहलाने लगा, तो नीतू ने कहा कि आराम डालना जी, मैंने 2 साल से सेक्स नहीं किया है। फिर मैंने कहा कि तू चिंता मत कर नीतू, आज से रोज़ तेरी चुदाई होगी। सुहागरात

फिर मैंने उसकी दोनों टांगो को अपने कंधे पर रखा और अपने लंड को उसकी चूत पर रखकर सेट किया और जोरदार झटका लगा दिया, तो मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर जा घुसा। अब नीतू की चीख निकल गयी थी, अब उसकी आँखों से आँसू आ गये थे। फिर उसने मुझे रोकने की कोशिश की, लेकिन में नहीं माना। अब में जोरदार झटके लगाने लगा था और अब पूरे कमरे में फ़च-फ़च की आवाज़े आने लगी थी।

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फिर नीतू धीरे-धीरे नॉर्मल हुई, लेकिन मेरी स्पीड लगातार बढ़ने लगी थी। इस बीच नीतू ने अपना पानी छोड़ दिया, लेकिन मेरा लंड अभी रुकने वाला नहीं था। अब उसकी चूत के पानी से मिलकर फ़च-फ़च की आवाज़ बढ़ गयी थी। अब हर झटके पर नीतू की आअहह निकल रही थी, अब वो लगातार सिसकारी भर रही थी अया अया आआहह। फिर मैंने भी अपने झटको की स्पीड बढ़ा दी और नीतू और मैंने एक साथ अपना पानी छोड़ दिया।

अब में नीतू के ऊपर ही लेटा रहा, अब हम दोनों थक चुके थे, अब हम दोनों एक दूसरे की बाँहों में ही लेटे रहे। सुहागरात

फिर थोड़ी देर के बाद मेरा लंड फिर से फंनफनाने लगा तो मैंने नीतू की गांड मारनी चाही, तो नीतू ने मुझे मना कर दिया। फिर मैंने थोड़ी ज़िद की, तो वो मान गयी और मैंने उसको उल्टा किया और अपना लंड उसके छेद पर रखा और जोरदार धक्का लगा दिया, तो वो चिल्ला पड़ी और मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी। फिर मैंने उसके कंधो के नीचे से हाथ निकालते हुए उसकी गर्दन पर फंसा लिया, वो अब कहीं नहीं भाग सकती थी।

फिर ज्यादा देर ना करते हुए में जोरदार धक्के लगाने लगा। अब कमरे में फिर से फ़च-फ़च की आवाज़े आने लगी थी। अब नीतू की चीख के साथ-साथ उसके आँसू भी गिर रहे थे। फिर करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मैंने नीतू की गांड में ही अपना पानी छोड़ दिया। अब हम दोनों काफ़ी थक चुके थे और हम सो गये। फिर सुबह 9 बजे मेरी आँख खुली तो नीतू मेरे लिए चाय लेकर आई, अब वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी और फिर में नीतू को रोजना चोदने लगा ।

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गर्लफ्रेंड को दी प्यार की निशानी https://sexstories.one/girlfriend-ki-chut-xxx/ Wed, 28 Oct 2020 14:35:38 +0000 https://sexstories.one/?p=1386 हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम नीलेश है मेरी उम्र 28 साल की है और मैं मुंबई का रहने वाला हूँ. आज मैं आप सभी के साथ हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग के माध्यम से अपने साथ ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम नीलेश है मेरी उम्र 28 साल की है और मैं मुंबई का रहने वाला हूँ. आज मैं आप सभी के साथ हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग के माध्यम से अपने साथ घटी एक बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी घटना को साझा करना चाहता हूँ. दोस्तों यह घटना मेरे साथ अभी हाल ही में 4 महीने पहले हुई है. इसके पहले मैं अपनी सोसाइटी की 2 आंटियों को भी चोद चुका हूँ और आज भी चोदता हूँ. लेकिन मुझको किसी नई चूत की तलाश है जो मुझसे रातभर चुद सके और यह मौका मुझको मिला भी और वह भी फ़ेसबुक की मदद से। chut xxx

दोस्तों आज से 4 महीने पहले मैं अपनी फेसबुक चला रहा था तो मुझको एक लड़की का अकाऊंट दिखा. उस लड़की का नाम प्रियंका था. और फिर मैंने उसकी प्रोफाइल फोटो देखी जिनमें वह बहुत ही मस्त लग रही थी. और फिर मैंने उसको अपनी तरफ से फ्रेंड-रिक्वेस्ट भेजी और मेरे लिये ख़ुशी की बात तो यह थी कि, उसने मेरी रिक्वेस्ट को 2 दिन के बाद मान लिया था. और फिर ऐसे ही हमारी सामान्य बातें शुरु हो गई थी.

और फिर कुछ दिनों के बाद वह मुझसे एकदम खुलकर बातें करने लग गई थी जैसे कि वह मुझसे पूछती थी कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं, और फिर वह अपने बारे में भी खुलकर बोलने लग गई थी. दोस्तों मुझको उससे बात करने के बाद पता चला कि, वह अहमदाबाद की रहने वाली है और उनका पति हमेशा ही अपने काम के सिलसिले में बाहर रहता है और उसकी सेक्स लाइफ ठीक नहीं चल रही है और वह अपनी सेक्स लाइफ से खुश नहीं है. और फिर हम धीरे-धीरे एक-दूसरे के और पास आ गये थे. यह सब शुरू के 1 महीने तक चला.

और फिर हम एक दिन रात को चेट कर रहे थे। chut xxx

मैं :- हाय क्या कर रही हो अभी तक सोई नहीं?

प्रियंका :- नहीं मुझको तो नींद नहीं आ रही है, और तुम भी तो नहीं सोए हो।

मैं :- काश मैं तुम्हारे साथ होता तो मैं तुमको पूरी रात सोने नहीं देता।

प्रियंका :- रहने दो तुम तो कुछ भी बोलते रहते हो।

मैं :- नहीं मैं एकदम सच कह रहा हूँ, लेकिन मैं क्या करूं मेरी ऐसी किस्मत कहाँ है।

प्रियंका :- अच्छा तो तुम मुझको यह बताओ कि, मुझमें तुमने ऐसा क्या देखा कि, तुम पूरी रात मुझे सोने नहीं दोगे?

मैं :- यह तो मैं तुमसे मिलकर ही बता पाऊंगा, बोलो कब मिलोगी? chut xxx

प्रियंका :- 2 दिन के बाद मेरे पति दिल्ली जा रहे है 1 हफ्ते के लिए तो तुम तब मेरे घर आ सकते हो।

उसके बाद हमने एक-दूसरे के फ़ोन नम्बर आपस में एक-दूसरे को दिये, और फिर 2 दिन के बाद शाम को मुझको उसका फ़ोन आया और उसने मुझको कहा कि, मेरे पति चले गये है और तुम कल दिन में मेरे घर पर आ जाना. और फिर मैंने अपने घर पर बोल दिया कि, मुझको 2 दिन के लिए अपने दोस्तों के साथ घूमने जाना है. और फिर मैं अगले दिन अहमदाबाद के लिए निकल गया था और उसके बताये हुए पते पर पहुँच गया था. और फिर जैसे ही मैंने उसके घर की घन्टी बजाई तो उसने दरवाजा खोला. कसम से दोस्तों वह उस समय क्या मस्त लग रही थी गुलाबी साड़ी और बिना बाहँ के ब्लाउज में.

और फिर उसने मुझको अपने घर के अन्दर बुलाया और फिर हमने बैठकर बातें करी और खाना भी खाया. उसका एक बेटा भी था जिसको उसने पहले ही अपनी बहन के यहाँ भेज दिया था 2 दिनों के लिए, और यह सब मुझको उससे बात करने पर पता चला. और फिर अब मैं पक्का समझ गया था कि, आज तो चुदाई का पक्का जुगाड़ है. और फिर मैं तो बस चुदाई के सपने देख रहा था. और फिर वह जैसे ही किचन से निपटकर आई और उसने बाहर का दरवाजा बन्द किया तो मैंने उसको पीछे से पकड़ लिया था।

तो फिर वह बोली कि, हट बदमाश अभी रात होने में बहुत समय है. लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था उस समय शाम के 7 बज रहे थे. और फिर मैंने उसकी गर्दन पर किस किया और फिर मैं उसके बब्स को मसलने लगा तो वह आहह… इस्सस.. करने लग गई थी. और फिर मैं उसको वैसे ही अपनी गोद में उठाकर उसके बेडरूम में ले गया था. और फिर मैं उसको वहाँ पर ले जाकर फिर से किस करने लग गया था.

और फिर लगभग 15-20 मिनट तक उसको किस करने के बाद हम दोनों ने एक-दूसरे को नंगा किया और फिर मैं उसकी पूरी नंगी बॉडी को किस कर रहा था और वो तड़प रही थी. आहह… बस ऐसे ही और किस करो आहहह… वह ऐसे ही किए जा रही थी. और फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा तो उसको मानो जैसे कोई करंट सा लगा हो वह ऐसे उछलने लगी.

और फिर मैंने करीब 15-20 मिनट तक उसकी चूत चाटी और वह इस बीच 2 बार झड़ भी गई थी. chut xxx

और फिर वह मुझसे बोली कि, कसम से इतना मज़ा मुझको आज से पहले कभी भी नहीं आया था और तुमको देखकर मुझको लगता नहीं था कि, तुम इतनी अच्छी चुदाई और औरत को इतना खुश कर सकते हो। तो फिर मैंने उसको बोला कि, अभी तो चुदाई हुई ही कहाँ है 2 दिन है हमारे पास. और फिर वह मेरा लंड अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी. और फिर 15 मिनट तक चूसने के बाद मैंने उससे रुकने को कहा, और फिर मैंने उसको बेड पर लेटा दिया था.

और फिर मैंने उसकी चूत पर अपना लंड सेट किया. दोस्तों मेरा लंड 6.5″ लम्बा और 2.5” मोटा है और वह उसको देखकर बहुत खुश हो गई थी। और फिर मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत में अपना लंड डालना शुरू किया तो वह चिल्लाने लगी हाय… धीरे करो दर्द हो रहा है मैं बहुत दिनों से चुदी नहीं हूँ ना इसलिए आराम से ऐसे ही धीरे-धीरे करो. और फिर मैंने उसको चोदना शुरू किया और वह भी बिना कंडोम के और वह तो बस सिसकारियाँ ले रही थी और कहती जा रही थी कि, आहहह… और ज़ोर से और ज़ोर से करो मेरी चूत को आज अपने लंड से फाड़ दो. दोस्तों ये कहानी आप हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे है।

और फिर उसके मुहँ से यह सुनकर मैं और भी जोश में आ गया था. chut xxx

और फिर पूरे 30 मिनट तक उसकी खूब जोरदार चुदाई करने के बाद जब मेरा निकलने वाला था वह मुझसे बोली कि, तुम अपना पानी मेरी प्यासी चूत के अन्दर ही छोड़ दो, मुझे तुमसे प्रेग्नेंट होना है. और फिर मैंने पूरा पानी उसकी चूत में ही छोड़ दिया था और वह भी तब तक 3 बार झड़ चुकी थी. और फिर हम दोनों ही एक-दूसरे से लिपटकर सो गये थे. उसके चेहरे पर संतुष्टि दिख रही थी. और फिर पूरी रात उसको मैंने 4 बार चोदा था और अगले दिन 6 बार और भी चोदा था. दोस्तों उसकी जबरदस्त चुदाई से उसकी पूरी चूत सूजकर फूल गई थी और एकदम लाल भी हो गई थी।

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और फिर 2 दिन के बाद मैं वहाँ से वापस आ गया था. अब तो दोस्तों जब भी उसका पति घर पर नहीं होता है तो वह मुझको बुला लेती है और फिर हम दोनों खूब जमकर चुदाई करते है. और वह आज प्रेग्नेंट है, और मुझको यह सुनकर तो बहुत ख़ुशी हुई थी और वह भी बहुत खुश है।

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मेरी कुंवारी चूत https://sexstories.one/kunwari-choot-ki-kamleela/ Thu, 17 Sep 2020 07:11:50 +0000 https://sexstories.one/?p=1069 हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम टीना है और में सबसे पहले आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहती हूँ क्योंकि आप लोगों की वजह से ही हम जैसे लोगों को अपनी बात कहने का मौका ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम टीना है और में सबसे पहले आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहती हूँ क्योंकि आप लोगों की वजह से ही हम जैसे लोगों को अपनी बात कहने का मौका मिलता है और अब में अपनी कामलीला को विस्तार से सुनाने जा रही हूँ जिसमें मैंने मेरी बुआ के पति के साथ अपनी चुदाई के बहुत मज़े लिए. kamleela

दोस्तों उस समय मेरी दीवाली की छुट्टियाँ चल रही थी और मुझे कुछ दिन घूमने, आराम करने के लिए गाँव जाना था, लेकिन मेरे साथ घर वाले नहीं जा सकते थे क्योंकि माँ और पापा को अपने ऑफिस जाना था और भाई की कोचिंग क्लास अभी तक शुरू थी, लेकिन मेरी बुआ का परिवार भी गाँव जाने वाला था. हर साल एक परिवार को वहां पर जाकर दीवाली से पहले का सब काम करना रहता है, लेकिन इस साल मेरे सभी चाचा भी बहुत व्यस्त थे. मेरी बुआ ने कहा कि वो लोग वहां का सब काम कर लेंगे और मेरी बुआ को हमारा गाँव उनके ससुराल के गाँव से कुछ ज़्यादा पसंद था क्योंकि हमारा गाँव एक टापू के पास में है. kamleela

तो दोस्तों हुआ यह कि मेरे पापा ने मुझसे कहा कि में भी उन लोगो के साथ गाँव जा सकती हूँ. मेरी बुआ का बेटा कपिल मेरे बराबर ही है और मेरी उसके साथ अच्छी जमती है तो में भी अब उनकी यह बात सुनकर राज़ी हो गई और फिर हमने दस दिन का प्लान बनाया.

उसमे से कुछ दिनों के लिए बुआ के ससुराल जाने का प्लान भी था क्योंकि वहां पर उनकी देवरानी गर्भवती थी तो उन्हे गोद भराई की मदद करने के लिए जाना था. दोस्तों मेरी बुआ की उम्र करीब 40-42 साल होगी और उनके पति की उम्र भी करीब 43-44 साल होगी, उनके पति जहाज पर काम करते थे और वो दिखने में बहुत स्मार्ट भी थे. वो साल के आठ महीने जहाज पर बिताते थे और बाकी चार महीने अपने घर पर. फ्रेंच कट वाली दाड़ी, पूरी तरह से साफ चेहरा, 6 फुट हाईट, उनका अच्छा दिखने वाला शरीर था. kamleela

दोस्तों मेरी उनके पति के साथ भी बहुत अच्छी जमती थी और वो हमेशा मेरे साथ एक दोस्त की तरह बात करते थे और बहुत मस्ती मजाक़ भी करते थे, लेकिन मेरी बुआ थोड़ी खराब है, लेकिन वो मुझसे बहुत प्यार करती है और बुआ बहुत झगड़ालू भी है. आप ये कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैँ!पता नहीं उनका परिवार उनको रोज़ कैसे सहता है?

अब हम गाँव में पहुंच गये और हमारे गाँव के घर में हमारा जो नौकर है रवि, उसकी कुछ ही महीनो पहले शादी हुई थी और अब हम पहली बार उसकी नयी नवेली दुल्हन से मिल रहे थे. वो बहुत सुंदर थी और वो करीब 22-23 साल की थी. वो दोनों अपने क्वॉर्टर में रहते थे और उनका क्वॉर्टर हमारे घर के पीछे की तरफ था. उसके लिए एक दरवाजा घर के अंदर से यानी हमारी किचन से था और दूसरा दरवाजा बाहर से था.

दोस्तों हमारा घर भले ही बहुत बड़ा था, लेकिन उसकी बनावट पुरानी स्टाइल में थी यानी कि दरवाज़े पर नये तरह के ताले नहीं थे पुरानी टाईप की कुण्डी थी और दरवाज़े भी पुराने टाईप के लकड़ी वाले थे. पहले दिन हम बहुत अच्छी तरह से सेट हुए और रवि की बीवी राधिका बहुत सुंदर थी, भले ही वो ज़्यादा पढ़ी लिखी नहीं थी और वो हमारी भाषा इतनी अच्छी तरह से नहीं समझ पाती थी, लेकिन वो बहुत ही कम समय में हमारे घर का सब काम अच्छी तरह से सीख गयी थी और वो खाना भी अच्छा ख़ासा बना लेती थी और बुआ के पति उसके साथ भी बहुत मस्ती मजाक़ किया करते थे. kamleela

एक दिन हुआ यह कि हम घर में सेट हो ही गये थे कि दो दिन में ही रवि को अपने गाँव से कॉल आ गया और उसके पिताजी ने उसे बुलाया था क्योंकि उसके पिताजी की एक छोटी सी दुकान थी जिसमे चोरी हुई थी और अब रवि को उन्होंने जल्दी से बुलाया था और राधिका भी उसके साथ जाना चाहती थी, लेकिन रवि ने उससे यहीं पर रहने को कहा क्योंकि घर का और हमारा ख्याल कौन रखता. वो उससे बोला कि वो जल्द से जल्द लौटने की कोशिश करेगा.

फिर अंकल ने रवि को कुछ पैसे दिए और रवि शाम को ही अपने घर पर चला गया और अब समस्या यह हुई थी कि दो दिन बाद बुआ, अंकल और कपिल को बुआ के गाँव जाना था. उनकी देवरानी की गोद भराई के लिए उनका प्लान यह था कि में रवि और राधिका के साथ घर पर ही रुकने वाली थी, लेकिन अब रवि वहां पर नहीं था इसलिए सिर्फ़ वो हम दोनों पर पूरा घर छोड़कर नहीं जा सकते थे. तो फैसला यह हुआ कि बुआ और कपिल जाएँगे. kamleela

में और अंकल घर पर ही रुकेंगे क्योंकि गोद भराई में अंकल क्या करेंगे? और वो बुआ को अकेले भी नहीं भेज सकते और में तो उन लोगो को पहचानती भी नहीं थी इसलिए में उनके साथ नहीं जा सकती थी और सब राधिका के साथ भी नहीं जा सकते थे क्योंकि घर का काम, पेड़, पौधो को पानी वग़ैरह देना होता है इसलिए हमारे साथ एक मर्द रुके इसलिए अंकल वहीं पर रुक गये. आप ये कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैँ! वो लोग वैसे भी सिर्फ़ दो रातो के लिए गये थे.

तो हमारा पहला दिन बहुत अच्छा गया, लेकिन में गौर कर रही थी कि अंकल राधिका के साथ कुछ ज़्यादा ही मस्ती मजाक़ कर रहे थे और राधिका भी उनसे बात करते वक़्त बहुत शरमाती. अब रात हुई और हमने खाना खा लिया और दस बजे राधिका अपना सारा काम खत्म करके सोने चली गई. हमेशा अंकल और कपिल हॉल में सोते थे और बुआ और में अंदर.

आज भी हम वैसे ही सोए थे और में अकेली अंदर और अंकल अकेले हॉल में और राधिका अपने क्वॉर्टर में सो गई. मुझे उस रात जल्दी नींद नहीं आ रही थी और में बस बिस्तर पर करवटे बदल रही थी. रात को करीब 11:30 बजे मुझे प्यास लगी तो में अपने कमरे से बाहर गई. kamleela, nude indian girls, indian sex photos

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माँ की सहेली को चोदा https://sexstories.one/chudai-katha-maa-ke-saheli-ki/ Fri, 07 Aug 2020 10:57:23 +0000 https://sexstories.one/?p=764 फिर क्या था? रवीना आंटी मुझे एक एक दो दिन में कुछ ना कुछ बता देती और सामान मंगवाती रहती थी और में उनके घर में जाता रहता था.. लेकिन में कभी भी उनके घर ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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फिर क्या था? रवीना आंटी मुझे एक एक दो दिन में कुछ ना कुछ बता देती और सामान मंगवाती रहती थी और में उनके घर में जाता रहता था.. लेकिन में कभी भी उनके घर के अंदर नहीं जाता था और बाहर से ही उनको सामान देकर चला जाता था। chudai katha

एक दिन आंटी ने मुझे कॉल किया और कहा कि राहुल मेरे साथ तुम मार्केट चलो.. मुझे कुछ सामान लेना है और उन दिनों बारिश हो रही थी और में आंटी के घर के बाहर आया और कॉल किया और कहा कि आंटी में आ गया हूँ। फिर आंटी ने क्या साड़ी पहनी थी? लाल कलर की सिल्क वाली साड़ी.. लेकिन मैंने इतना ध्यान नहीं दिया क्योंकि में आंटी के बारे में कभी भी गलत नहीं सोचता था। फिर में आंटी को बाईक पर ले जाने लगा और आंटी को मार्केट ले आया।

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तो आंटी ने कुछ घर का सामान लिया और फिर आंटी एक दुकान पर गई जहाँ पर पेंटी और ब्रा मिलती थी और में दुकान के बाहर ही रुक गया.. तो आंटी बोली कि राहुल क्या हुआ? फिर में बोला कि आंटी आप ही जाइए.. तो आंटी बोली कि चलो ना कोई दिक्कत नहीं है और फिर में भी आंटी के साथ अंदर चला गया.. आंटी ने दुकानदार से कुछ पेंटी और ब्रा निकलवाई आंटी का साईज़ 42 था आंटी ने 3 पेंटी और एक ब्रा खरीद ली और आंटी को में वापस घर लाने लगा।

तभी बारिश होने लगी आंटी और हम थोड़ा भीग गये और हम जैसे ही आंटी के घर पर पहुंचे तभी बारिश और तेज़ हो गई। तो आंटी बोली कि राहुल अंदर चलो.. मैंने जल्दी से बाईक साईंड में लगा दी और आंटी के घर के अंदर चल दिया.. आंटी ने अपने घर का ताला खोल दिया और हम अंदर चले गये.. में आंटी के घर के अंदर पहली बार गया था। फिर आंटी ने कहा कि राहुल यह लो टावल जल्दी से ड्रेस उतार लो नहीं तो ठंड लग जाएगी।

तो मैंने कहा कि आंटी कोई बात नहीं में बारिश कम होते ही चला जाऊंगा। फिर आंटी ने कहा कि अरे राहुल तुम्हारे कपड़े तो पूरे भीग गए है और तुम बीमार हो जाओगे। तो मैंने आंटी की बात मान ली और मैंने कपड़े उतार लिए और टावल को पहन लिया और आंटी भी अपने रूम में कपड़े चेंज करने चली गई। आंटी जब वापस आई तो क्या लग रही थी? उन्होंने गुलाबी कलर की नाईटी पहन रखी थी और वो मेरे सामने आकर बैठ गई।

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फिर आंटी बोली कि राहुल तुम बैठो में चाय बनाकर लाती हूँ.. उस समय तक मेरे दिल में आंटी के लिए कुछ ग़लत नहीं आ रहा था। फिर थोड़ी देर बाद आंटी चाय लेकर आई और मेरे सामने आकर बैठ गई और हम दोनों चाय पीने लगे और आंटी इधर उधर की बातें करने लगी और कहा कि राहुल वैसे तुम क्या करते हो? और क्या करना चाहते हो? फिर आंटी कहने लगी कि राहुल में सभी ब्रा चेक कर लूँ कि साईज़ सही है या नहीं.. अगर सही नहीं होगा तो तुम चेंज कर लाना।

फिर आंटी अंदर गई और थोड़ी देर बाद आंटी ने मुझे आवाज़ लगाई.. राहुल ज़रा अंदर आना। में टावल में ही अंदर गया और अंदर जाते ही मेरी आँखे खुली की खुली रह गई.. आंटी पेंटी और ब्रा में थी ब्रा पहनने की कोशिश कर रही थी.. लेकिन उनकी छाती में अंदर नहीं जा रही था। तो आंटी बोली कि अंदर आ जाओ.. में दरवाजा खोलकर अंदर गया और आंटी बोली कि राहुल ज़रा इसको पहनाना मुझे.. मुझसे इसका हुक नहीं लग रहा।

तो मैंने बोला कि आंटी क्या में? आंटी बोली कि हाँ तो क्या हुआ? तो में आंटी की ब्रा का हुक लगाने लगा और कांच में से चुपके चुपके उनके मोटे मोटे बूब्स देख रहा था।

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आंटी मुझसे पूछने लगी कि राहुल क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?

में उस टाईम चुप रहा..

आंटी फिर बोली कि बताओ ना.. में कैसी को कुछ भी नहीं बताऊँगी?

तो में बोला कि आंटी ऐसी कोई बात नहीं.. मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।

तो आंटी बोली कि क्यों झूठ बोल रहा है?

फिर मैंने बोला कि आंटी मुझे कोई मिली नहीं।

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तो आंटी बोली कि तुमको किस तरह की लड़की चाहिए? तो मैंने बोला कि जो मुझे बहुत प्यार करे। फिर आंटी बोली कि हाँ सही है और मैंने आंटी की ब्रा का हुक लगा दिया।

तभी आंटी मेरे सामने सीधी होकर खड़ी हो गई और उनके मोटे मोटे बूब्स देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया और टावल से साफ दिखने लगा.. आंटी ने शायद देखा लिया। फिर आंटी बोली कि राहुल ज़रा वो वाली लाना जो बेड पर है। तो में उस दूसरी ब्रा को लेने लगा तब तक आंटी ने अपनी ब्रा उतार दी और मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी में थी और मेरा दिमाग़ काम ही नहीं कर रहा था। फिर आंटी बोली कि जल्दी से लाओ ना।

तो में ब्रा लेकर आंटी के पास गया और फिर आंटी बोली कि क्या हुआ राहुल? क्या कभी किसी औरत को ऐसे नहीं देखा? फिर मैंने कहा कि नहीं और आंटी मेरे लंड की तरफ़ देखने लगी और बोली कि यह क्या है? तो मैंने कहा कि आंटी कुछ नहीं.. आंटी मेरे पास आई और मेरे लंड को छूने लगी और बोली कि तू यह सब कुछ कहाँ छुपाता है और में आंटी की बातें सुनकर पागल सा हो रहा था और आंटी ने मेरा टावल निकाल दिया.. में अब सिर्फ अपने अंडरवियर में था।

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आंटी बोली कि में इसको अभी शांत करती हूँ और आंटी मेरे लंड को अंडरवियर के अंदर से हिलाने लगी.. लेकिन मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने आंटी को अपनी बाहों में भर लिया और उनको किस करने लगा। तो आंटी बोली कि राहुल बहुत समय से तेरे अंकल ने मुझे प्यार नहीं किया इसलिए मैंने यह सब किया.. अगर में तुझसे बोलती तो तू मुझसे बात भी नहीं करता क्योंकि तुम को मुझमें क्या मिलेगा? फिर मैंने बोला कि आंटी ऐसी कोई बात नहीं है..

में आपको आज से प्यार करूंगा। यह बात सुनकर आंटी मुझे किस करने लगी। फिर मैंने आंटी को गोद में लिया और बेड पर लेटा दिया। में आंटी की पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत मसलने लगा और उनके बूब्स को चूसने लगा और आंटी मस्त आवाज़ निकालती जा रही थी। मैंने आंटी की पेंटी उतार दी और मैंने देखा कि आंटी की चूत पर एक भी बाल नहीं है और पूरी लाल चूत थी। फिर आंटी बोली कि मैंने आज ही बाल साफ किये है..

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मुझे आज तुझसे जो मिलना था। तो मैंने कहा कि क्या बात है साली.. वो हंसने लगी और मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी। में उसके बूब्स चूसते चूसते उसकी नाभि को किस करने लगा। फिर उसने कहा कि राहुल अपनी आंटी को मत तड़पाओ प्लीज़ अपना लंड डालो।फिर मैंने कहा कि ठीक है और मैंने आंटी के पैरों को फैलाया और उनकी चूत में अपना लंड रखा और धीरे से अंदर डालना शुरू किया और एक धक्का दिया आंटी की चीख निकल गई और मैंने अपनी स्पीड बड़ा ली और आंटी की आवाज़ मुझे दीवाना करने लगी आआआअहहा हम्म माँ मरी।

फिर में स्पीड से उनकी चूत के अंदर बाहर अपना लंड करता रहा और फिर थोड़ी देर बाद आंटी ने अपना पानी छोड़ दिया.. लेकिन मेरी स्पीड वही रही। फिर करीब 15 मिनट बाद मेरा भी वीर्य निकलने वाला था तो मैंने पूछा कि आंटी कहाँ पर निकालूँ? फिर वो बोली कि बाहर निकाल दो और मैंने अपना लंड बाहर निकाला और आंटी के ऊपर ही वीर्य निकाल दिया।

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तो आंटी बोली कि अरे तूने अपनी आंटी को गंदा कर दिया। मैंने कहा कि आंटी लो इसे चूसो ना.. आंटी बोली कि यह सब अच्छा नहीं होता। तो मैंने कहा कि आंटी प्लीज़.. लेकिन वो मना करने लगी और मैंने जबरदस्ती अपना लंड उसके मुहं के अंदर डाल दिया और उनको चूसने को कहा वो मना करने लगी.. लेकिन मैंने कहा कि क्या आप मुझसे प्यार नहीं करती?

फिर आंटी ने कहा कि ऐसा नहीं है चलो में तुम्हारा लंड चूसती हूँ और वो मेरा लंड चूसने लगी और मेरे लंड को उसने पूरी साफ कर दिया और कहने लगी कि तुम सबको इसमें क्या मज़ा आता है? तो मैंने कहा कि आंटी थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से तैयार होने वाला है और आंटी अपने आपको साफ करने बाथरूम में गई और फिर आंटी साफ होकर बाहर आई.. लेकिन मेरा मन और ही था। तो आंटी को मैंने अपने हाथों से फिर गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया।

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फिर आंटी बोली कि अब क्या करना है?

मैंने कहा कि आंटी अभी और भी चोदना है।

आंटी बोली.. क्यों नहीं? में आंटी को किस करने लगा और उनके बूब्स को चूसने लगा।

मैंने आंटी की चूत में फिर से अपने लंड को रखा और फिर से एक धक्का मारा और अपना लंड पूरा अंदर डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा और आंटी अपनी कमर ऊपर नीचे करने लगी और में चुदाई करता रहा। फिर आंटी को मैंने अपने ऊपर बैठाया और वो मेरे ऊपर लंड को पड़कर ऊपर नीचे होने लगी और में करीब 15 मिनट तक लगातार चुदाई करता रहा।

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फिर मैंने आंटी को एक टेबल के ऊपर बैठाया और उनकी चूत में अपना लंड डालकर एक जोर का धक्का मारा और मैंने उनके साथ 5-6 पोज़िशन में चुदाई की। फिर में उनको बेड पर लेटाकर चुदाई करने लगा और 30 मिनट के बाद मेरा वीर्य निकलने को तैयार था और मेंने आंटी के अंदर ही छोड़ दिया। आंटी बोली कि राहुल यह क्या किया? तो मैंने कहा कि आंटी इसका असली मज़ा अंदर ही है और वो बोली कि तू बड़ा बदमाश है.. चल हट मेरे ऊपर से..

फिर में आंटी के ऊपर ही हट गया और बोला कि आंटी रूको ना ज़रा आपको किस करने दो और में आंटी के बूब्स चूसता रहा और आंटी के साथ थोड़ी देर लेटा रहा। शाम के 5 बज गये थे.. लेकिन मेरा मन घर जाने को नहीं कर रहा था। फिर आंटी बोली कि क्यों आज घर नहीं जाना? तो मैंने कहा कि आंटी आपको छोड़कर जाने का मन नहीं कर रहा था। फिर आंटी बोली कि तो क्या हुआ? यहीं पर रुक जा अपनी आंटी के पास और पूरी रात प्यार कर।

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तभी में बहुत खुश हुआ और सोचने लगा कि आज सही टाईम है और फिर मैंने घर पर कॉल करके बोला दिया कि आज में अपने एक दोस्त के यहाँ पर रुक गया हूँ कुछ जरूरी काम है।

फिर में आंटी को बाहों में लेकर किस करने लगा.. तो आंटी बोली कि रुक जा थोड़ा आज पूरी रात ही तेरी है तू पूरी रात मुझे प्यार करना। मैंने ख़ुशी से आंटी को किस किया और बाहों में जकड़ लिया और किस करता रहा और वो भी मेरा साथ देने लगी। थोड़ी देर तक हम एक दूसरे को किस करते रहे। फिर उसने कहा कि अभी थोड़ा आराम कर लो हम बाद में प्यार करेंगे। फिर वो अपनी मेक्सी पहन कर किचन में गई और थोड़ा खाने के लिए स्नेक्स लाई और बोली कि चलो खाते है।

मैंने कहा कि आंटी आप मेरी गोद में बैठ जाईए और आप मुझे अपने हाथों से खिलाओ। तो आंटी बोली कि यह ठीक बात है चलो तुम टावल पहन लो और में बोला कि नहीं आंटी.. में ऐसे ही आपको गोद में बैठाऊंगा और आंटी मेरी गोद में आकर बैठ गई और मुझे अपने हाथों से स्नेक्स खिलाने लगी और हम आपस में बातें करने लगे.. मैंने आंटी से पूछा कि आंटी आपने कितने टाईम से सेक्स नहीं किया था? तो आंटी बोली कि मुझे दो साल से ज्यादा हो गया है.. मैंने सेक्स नहीं किया।

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फिर मैंने बोला कि आंटी आप कैसे अपने आप को सम्भाल रही थी? वो बोली कि में अपनी ऊँगली से ही दिल खुश कर रही थी। तो मैंने बोला कि आंटी आपके साथ सेक्स करके मज़ा आ रहा है लगता ही नहीं है कि आपकी उम्र 40 साल से ज्यादा है। तो आंटी बोली कि में आज तुम को और मज़ा दूंगी। में बहुत खुश हुआ और आंटी को किस करने लगा और उनके बूब्स दबाने लगा और मैंने कहा कि आंटी मुझे आपकी गांड का मज़ा चाहिए।

तो आंटी ने कहा कि नहीं बहुत दर्द होगा.. मैंने कहा कि आंटी लेने दो ना.. फिर आंटी ने कहा कि चलो ले लो और आंटी फ्रिज से मक्खन लेकर आई और मेरे लंड पर लगाने लगी और थोड़ा अपनी गांड में भी लगा लिया। फिर मैंने बेड पर ले जाकर आंटी को घोड़ी बना लिया और उनकी गांड में अपना लंड डालने लगा.. मक्खन लगा होने की वजह से लंड उनकी गांड में आराम से जाने लगा और आंटी की आवाज़ आने लगी आआहह उफ्फ्फ ईईईईइ माँ और आंटी को बहुत दर्द होने लगा.. आंटी बोली कि राहुल निकाल लंड।

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फिर मैंने कहा कि आंटी रूको अभी दर्द कम हो जाएगा और मैंने चुदाई शुरू कर दी। मेरा लंड आंटी की गांड में पूरा चला गया और आंटी तड़पती रही.. लेकिन मैंने कुछ नहीं सुना और अपना लंड आंटी की गांड के अंदर बाहर करता हुआ जोर जोर से धक्के मारता रहा।

फिर धीरे धीरे आंटी की आवाज़ भी कम होती रही और उनको भी मज़ा आने लगा.. मैंने आंटी की गांड 15 मिनट तक मारी। मेरा लंड पूरा जोश में था और फिर मैंने आंटी की सीधा किया और अपना लंड उनकी चूत पर रखा और जोर के धक्के मारने शुरू किए और में आंटी को किस भी करने लगा और धक्के मारता रहा और मेरा अब निकलने वाला था..

तो मैंने अपनी स्पीड को और तेज किया और मैंने आंटी की चूत में ही पूरा वीर्य निकाल दिया और अब मेरा लंड शांत हो गया और मैंने जब टाईम देखा तो 10 बज गये थे। फिर मैंने कहा कि आंटी अब में चलता हूँ बाकि काम कल नाईट करना है आंटी बोली कि आज की नाईट ही करो ना। तो मैंने कहा कि आंटी आज नहीं..

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कल ही करेंगे और फिर कल के लिए भी तो तैयार होना है में आज आराम कर लूँ। आंटी बोली कि ठीक है और फिर में वहां से चला आया ।।

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गरम भाभी की मोटी चूत https://sexstories.one/sex-with-bhabhi-ghar-pe/ Fri, 07 Aug 2020 10:22:23 +0000 https://sexstories.one/?p=756 मुझको अकेले रहने में कोई परेशानी नहीं होती, क्योंकि मैंने बीते समय में बहुत सारा वक्त घर और हॉस्टल में अकेले रहते हुए व्यतीत किया था और मुझको गृहकार्यों में पूरी महारत हासिल थी। sex ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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मुझको अकेले रहने में कोई परेशानी नहीं होती, क्योंकि मैंने बीते समय में बहुत सारा वक्त घर और हॉस्टल में अकेले रहते हुए व्यतीत किया था और मुझको गृहकार्यों में पूरी महारत हासिल थी। sex with bhabhi

रविवार को पूरा परिवार मुझको घर का ख्याल रखने का कहकर यात्रा के लिए चल दिया।

सोमवार को मैं एक दोस्त की बहन की शादी में था कि मुझको मेरी मौसी (मेरी मम्मी की बड़ी बहन) की कॉल आई।

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मेरे रिजल्ट के बारे में पूछने के बाद वे मुझे कहने लगीं- अगले दो दिन तुम हमारे साथ रहो, तुम्हारी भूमि भाभी को अपने मायके जाना है।

मैंने मौसी को कहा- जी मौसीजी, मैं शाम तक पहुँच जाऊँगा।

sex with bhabhiमेरी मौसी मेरे घर से 8 किलोमीटर की दूरी पर अपने मकान में रहती थीं।

उनके तीन बच्चों में से उनके दो बेटे थे जो विदेश में रहते थे और एक बेटी थी जिसकी शादी हो चुकी थी।

मेरे मौसा जी का देहांत 2005 में हो चुका था। मेरी मौसी जी अब अपनी पुत्रवधू के साथ रहती थीं।

उन सास बहु में टीवी सीरियल की तरह की तरह की कोई अनबन नहीं थी।

यहाँ मैं आपको अपने मौसेरे भाई की बीवी यानि मेरी भाभी के बारे में बताना चाहता हूँ, उनका नाम भूमि है।

मैं उनकी फिगर के बारे में नहीं जानता, परन्तु यह कहानी आपको उनके बारे में सब बता देगी।

फिर भी आपको अंदाज देने के लिए बताने चाहूँगा कि वे बॉलीवुड की एक्ट्रेस सुष्मिता सेन जैसी दिखती थीं।

वे एक पढ़ी लिखी महिला हैं जिन्होंने अपनी सासू माँ की देखभाल के लिए अपनी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया था।

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मैं उनका इस बात के लिए बहुत सम्मान करता था कि उन्होंने एक बहादुर फैसला करते हुए अपने परिवार के लिए अपनी नौकरी को कुर्बान कर दिया।

मैं उन्हें दीदी कहकर बुलाता था क्योंकि वे भी मुझको अपने छोटे भाई की तरह मानती थी क्योंकि उनका एक मेरी उम्र का एक भाई भी था।

मैंने अपनी मम्मी को बहुत बार कहा था कि मैं भी भूमि जैसी पत्नी चाहता हूँ ताकि मेरे घर में उनके घर जैसी शांति रहे और सास बहु वाला ड्रामा न हो।

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ।

यह उस दिन की बात है जिस दिन भूमि दीदी को उनके पिता के अस्पताल में भर्ती होने की वजह से उनकी मिजाज पुरसी के लिए अपने मायके जाना पड़ा।

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इस कारण मेरी मौसी घर में अकेली रह गई थीं, और जिस वजह से उन्होंने मुझे अपने घर बुला लिया।

सोमवार की दोपहर के बाद में मौसी के घर पहुँच गया और भूमि दीदी अपने 18 माह के बच्चे के साथ मेरा इंतज़ार कर रही थी कि जब मैं वहाँ पहुँचूँ तो वो रवाना हो सकें।

मेरे जाते ही वो मुझको घर में आम सावधानियों के बारे में बताने लगीं।

मैं यह सुन कर मुस्कराने लगा, मैंने उन्हें बताया कि इन सबके बारे में मुझको पूरी तरह पता है।

इसके बाद वो मुझको मौसी की दवाई के बारे में बताने लगीं।

भूमि दीदी ने मुझे कहा कि वो दो दिन बाद लौट आयेंगी और फिर तुम अपने घर जा सकते हो।

मैं उनसे पूरी तरह सहमत था।

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रात को खाने खाने के बाद मैं और मौसी बातें करने लगे।

मौसी मुझसे मेरे भविष्य के बारे में पूछने लगीं।

मैंने उन्हें बताया कि मैं नौकरी की तलाश मैं हूँ।

उन्होंने कहा कि वो अपने विदेश में रहते बेटों से मेरी नौकरी की बात करेंगी।

फिर वो कहने लगीं कि वो भूमि को अपनी बेटी से ज्यादा प्यार करती हैं।

मैंने उनसे अपनी सहमति जताई और कहा- आप बड़ी भाग्यशाली हो कि आपको भूमि दीदी जैसी पुत्रवधू मिली।

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उस घर में नीचे और ऊपर की मंजिल पर दो दो बेडरूम थे। ऊपर के दोनों बेडरूम बिल्कुल खाली और धूल से अटे पड़े थे इसलिए मौसी ने मुझे भूमि दीदी के बेडरूम में सोने को कहा।

यह मेरी जिंदगी का पहला मौका था जब में अपनी मम्मी के अलावा किसी स्त्री के बेडरूम में सोने जा रहा था।

बेड शीट से उठने वाली मादक सुगंध मुझको पागल किये जा रही थी और मेरे मन में तरह तरह के ख्याल आ रहे थे।

मैंने अपने आप पर काबू पाने की कोशिश की क्योंकि मैं भूमि दीदी की बहुत इज्ज़त करता था।

अगली सवेरे मैंने मौसी को कहा- मैं अपने घर पेड़ पौधों को पानी देने जा रहा हूँ और दोपहर होते ही लौट आऊँगा।

ऐसे ही दो दिन बीत गए और मैं भूमि दीदी का इंतज़ार कर रहा था कि कब भूमि दीदी आएँ और कब मैं अपने घर जाऊँ।

ट्रैफिक के कारण भूमि दीदी को आने में देर हो गई और रात करीब 7.30 बजे वे घर पहुँची।

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मैं बहुत जल्दी में था और उनके आते ही मैंने उन्हें कहा- मैं जा रहा हूँ।

मेरी बात सुन कर वो बहुत हैरान हुईं, कहने लगीं- तुम वहाँ अकेले हो और वहाँ खाना बनाने वाला भी कोई नहीं है।

भूमि दीदी ने मुझे कहा- आज रात यहीं रुक जाओ, सुबह जल्दी चले जाना।

मौसी ने भी भूमि की हाँ में हाँ मिलाई और मुझे घर जाने के लिए मना कर दिया।

आखिर में मुझे मानना ही पड़ा और मैं बेमन से बैठ गया।

भूमि दीदी ने अपने कपड़े बदले, बच्चे को पालने में बिठाया और रसोई में खाना बनाने के लिए चली गईं।

भूमि दीदी ने नीले रंग की नाइटी पहनी हुई थी।

जब वो रसोई में घुसीं तो यह देख कर काफी हैरान हुई कि वस्तु अपनी जगह पर टिकी हुई थी और रसोई पूरी तरह साफ़ सुथरी थी।

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उन्होंने मुझे बुलाया और पूछने लगी- यह सब किसने किया है?

मैंने उन्हें बताया कि टीवी देखने के बाद मेरे मन में आया कि कुछ काम किया जाये तो मैं घर के काम काज में लग गया।

यह सुन कर भूमि दीदी ने मेरी पीठ थपथपाई और कहने लगीं- तेरी पत्नी बड़ी भाग्यशाली होगी जो उसको तेरे जैसा पति मिलेगा।

भूमि दीदी ने कहा- खाना बनने में आधा घंटा लग जायेगा, तब तक तुम फ्रेश हो लो। तब तक तुम आराम कर लो।

मुझे इस समय टीवी देखने में कोई दिलचस्पी नहीं थी क्योंकि यह समय टीवी सीरीयल्ज़ का था और मैं यह सब देखता नहीं।

इसलिए मैं रसोई में खड़ा होकर दीदी को काम करते हुए देखने लगा और उनके परिवार के बारे में पूछने लगा।

उन्होंने पूछा- आजकल तुम कर क्या रहे हो?

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तो मैंने उत्तर दिया- कुछ खास नहीं।

अगले आधे घंटे तक हम अलग अलग विषयों पर चर्चा करते रहे।

यह मेरी जिंदगी का पहला मौका था कि जब मैं किसी स्त्री के साथ इतने लम्बे समय तक बात कर रहा था।

मैंने महसूस किया कि स्त्री को प्रभावित करना कोई खास बात नहीं होती, बस स्त्री को यह लगना चाहिए कि आप उसकी बात ध्यान से सुन रहे हो और उसका ख्याल रख रहे हो।

फिर हमने डिनर किया और बातों में मशगूल हो गए।

मैं धीरे धीरे सहज हो रहा था और बात करते करते चुटकले भी सुना रहा था।

सोने के समय यह मुश्किल आई कि मुझे सुलाया कहाँ जाये।

मैंने कहा कि मैं ऊपर की मंजिल पर बने एक बेडरूम में सो जाऊँगा।

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मौसी कहने लगी- वो कमरे तो धूल से भरे पड़े हैं।

भूमि दीदी ने कहा कि वो बहुत थक चुकी हैं और उनमें अब इतनी शक्ति नहीं कि वो इस समय कमरे को साफ़ कर सकें।

उन्होंने मुझे सुझाव दिया कि मैं उनके कमरे में उनके बेड पर सो जाऊँ और वे बच्चे के पालने के पास नीचे फर्श पर सो जाएँगी।

मैंने उन्हें कहा- नहीं फर्श पर मैं सो जाऊँगा।

तो उन्होंने कहा- तुम हमारे मेहमान हो और हम तुम्हें फर्श पर सोने नहीं दे सकते।

मौसी ने भी दीदी की बात का समर्थन किया।

इसके बाद दीदी ने मुझे कहा- तुम जाकर सो जाओ, मैं बर्तन साफ़ करके सो जाऊँगी।

मैं बेड पर लेट तो गया पर मुझे नींद नहीं आ रही थी।

यह पहली बार था कि मैं किसी स्त्री के कमरे में उसके होते हुए सो रहा था।

मेरे मन में बुरे ख्याल आने लगे पर मैं अपने आप पर काबू पाने की कोशिश कर रहा था।

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जल्दी ही भूमि दीदी ने दरवाजा खोला और कमरे में दाखिल हो गईं।

आते ही औपचारिक तौर पर उन्होंने पूछा- क्या तुम सो गये?

मैंने कोई जवाब नहीं दिया और ऐसा प्रकट करने लगा कि मैं गहरी नींद में हूँ।

इसके बाद उन्होंने तौलिया लिया और नहाने के लिए बेडरूम के साथ ही बने बाथरूम में घुस गईं।

पानी के गिरने की आवाज़ मुझे पागल कर रही थी। मैंने उनके नग्न शरीर पर पानी बहने की कल्पना करने की कोशिश की और सोचने लगा कि अगर मैं पानी होता तो इस समय उनके शरीर पर बह रहा होता।

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हॉट पड़ोसन आंटी https://sexstories.one/chudai-padosan-aunty-ki/ Thu, 06 Aug 2020 20:47:17 +0000 https://sexstories.one/?p=730 हेलो दोस्तों.. दोस्तों मैं आज आप अभी से अपनी पहली सच्ची स्टोरी शेयर करने जा रहा हूँ और अगर आपको यह अच्छी लगे तो प्लीज़ मुझे मेल जरुर करना. दोस्तों अब मैं अपनी स्टोरी पर ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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हेलो दोस्तों.. दोस्तों मैं आज आप अभी से अपनी पहली सच्ची स्टोरी शेयर करने जा रहा हूँ और अगर आपको यह अच्छी लगे तो प्लीज़ मुझे मेल जरुर करना. दोस्तों अब मैं अपनी स्टोरी पर आता हूँ. दोस्तों मैं 22 साल का लड़का हूँ और मुझे सेक्स बहुत पसंद है और मैं मुंबई में रहता हूँ. मेरे पास में एक छोटा सा परिवार रहता है.. उसमे अंकल, आंटी और उनका एक बेटा जो कि 5 साल का है. chudai

अंकल ज़्यादातर काम के सिलसिले में घर से बाहर जाते है और जल्दी सुबह ही निकलते है और कभी कभी देर रात को घर पर आते है.. उनकी वाईफ का नाम जानवी है.. जो बहुत सेक्सी है. क्या बताऊँ दोस्तों अगर आप लोग उसे एक बार देखो तो मैं पक्का कहता हूँ कि आप भी उसको सोच सोचकर मुठ मारोगे.. क्योंकि वो है ही बहुत सेक्सी औरत. तो में कभी कभी मेरी मम्मी के कहने पर उनके घर के थोड़े बहुत काम कर दिया करता था.. जिससे मेरा उनके घर पर आना जाना लगा रहता था.. क्योंकि वो घर पर अकेली रहती थी तो मेरी मम्मी को उन पर बहुत दया आती थी और वो मुझे उनके काम के लिए भेज दिया करती थी.

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chudai kahaniफिर एक दिन आंटी ने मुझे घर पर बुलाया और कहा कि देखो ना यह लाईट चलती ही नहीं है इसे ज़रा ठीक कर दो. तो मैंने कहा कि ठीक है और मैं अपने काम में लग गया और उस वक़्त आंटी ने मेक्सी पहनी थी.. तो मैंने आंटी से कहा कि मुझे एक पेचकस दो.. तो आंटी ने कहा कि वो तो तुम्हारे पास होगा ना और ऐसा कहकर वो हंसने लगी. मैं चकित होकर गहरी सोच में पड़ गया कि आंटी कहना क्या चाहती है? फिर मैंने कहा कि आंटी प्लीज जल्दी से दो.. मुझे किसी जरूरी काम से जाना है और फिर आंटी ने मुझे एक पेचकस दिया. फिर मैंने कुछ ऐसा वैसा करके लाईट ठीक कर दी और मैं अपने घर पर चला गया.

फिर धीरे धीरे मुझे लगने लगा था कि आंटी की नियत खराब है और फिर उसी रात को उनके बारे में सोचते सोचते मैंने अपने मोबाईल में ब्लू फिल्म डाउनलोड कर ली और मैं भी आंटी के बारे में गंदा गंदा सोचने लगा और मुठ मारने लगा.

फिर एक दिन सुबह सुबह अंकल ने मुझे बुलाया और कहा कि अगर तुम आज रात को फ्री हो तो यहाँ मेरे घर पर रह जाना.. क्योंकि तुम्हारी आंटी को रात के समय घर पर अकेले में बहुत डर लगता है और मुझे आते आते सुबह 4 बजे का समय हो जायेगा. मैं तो बहुत खुश हो गया और मैंने कहा कि ठीक है अंकल आप आराम से जाओ. फिर जैसे ही शाम हुई मैं उनके घर पर चला गया. तो आंटी ने दरवाजा खोला और कहा कि क्यों बहुत जल्दी आ गये? फिर मैंने कहा कि क्या करूं आंटी आपका ख्याल जो रखना है फिर हम दोनों हंसने लगे. फिर आंटी ने कहा कि आओ बैठो मैं तुम्हारे लिए चाय बना देती हूँ.

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तो मैंने कहा कि ठीक है आंटी और मैंने अपना मोबाईल साईड में रख दिया और आंटी के बारे में सोचता रहा कि कैसे इसको चोदूं? तभी आंटी चाय लेकर आई.. मैंने कहा कि आंटी में अभी 5 मिनट में आता हूँ आप थोड़ा इंतजार करना. तो आंटी ने कहा कि ठीक है.. लेकिन थोड़ा जल्दी आना और फिर मैंने अपना मोबाईल वहीँ छोड़ दिया.. क्योंकि मुझे पता था कि आंटी को इंटरनेट और फोटो बहुत पसंद है. फिर जब मैं कुछ देर बाद आया और चुपके से देखा तो आंटी अपने रूम में थी और मेरा फोन उनके हाथ में था और शायद वो ब्लू फिल्म देख रही थी और अपनी चूत में उंगली कर रही थी.

तो मैंने सोचा कि मौका सही है अब में अंदर घुस जाता हूँ और जैसे ही में अंदर गया आंटी चौक गई और जल्दी से मोबाईल नीचे रख दिया और मुझे एक प्यारी स्माईल दी. फिर मैंने कहा कि क्या हुआ आंटी? तो आंटी बोली कि कुछ नहीं बस ऐसे ही मैं बस कुछ देख रही थी. तो मैंने कहा कि आंटी कुछ तो है और आप मुझे बताना नहीं चाहती तो आपकी मर्ज़ी. फिर आंटी बोली कि तुम अपने फोन में यह सब क्यों रखते हो? तो मैंने कहा कि क्या? आंटी ने कहा कि ज़्यादा भोले मत बनो. फिर मैंने सोचा कि बात को घुमाने से क्या फ़ायदा चलो देखते है क्या होता है? और मैंने कहा कि आंटी क्या करूं जब से आपको देखकर सोचने लगा हूँ मेरी तो हालत खराब है. मैं ऐसे वीडियो देखकर आपके बारे में सोच सोचकर मुठ मारता हूँ. तभी आंटी ने कहा कि मैं भी तुम्हे बहुत समय से देख रही थी कि तुम मेरी छाती और मेरी गांड को बहुत घूरते हो. तभी यह सुनते ही मैं आंटी के साथ बेड पर बैठ गया और आंटी को कहा कि क्या तुम मुझसे सेक्स करना चाहोगी? तो आंटी ने कहा कि यह ग़लत है और अगर तुम्हारे अंकल को पता चला तो अच्छा नहीं होगा. फिर मैंने कहा कि अगर कोई कहेगा तब पता चलेगा ना.

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तभी मैंने आंटी का हाथ मेरे लंड पर रख दिया और मैं उसकी जांघो पर हाथ फिराने लगा.. आंटी गरम होने लगी और मेरा लंड हाथ में लेकर चूसने लगी. वाह क्या चूस रही थी वो और मैं तो जैसे अलग दुनिया में पहुंच गया था.. क्योंकि पहली बार कोई मेरा लंड चूस रहा था..

क्या बताऊँ मुझे क्या अहसास हो रहा था और मैंने आंटी का सर अपने हाथ में लिया और उनके मुहं में ज़ोर ज़ोर से लंड के धक्के मारने लगा.. आआहह वाउ क्या मज़ा आ रहा था. फिर मैंने कहा कि जानवी बस करो.. अब मेरी बारी है और में उसके बूब्स दबाने लगा.. वो तो जैसे उछल रही थी.. लेकिन मेरा लंड अपने हाथ से छोड़ने का नाम नहीं ले रही थी. धीरे धीरे मैं उसके पूरे जिस्म को चूमने लगा और अब बारी आई उसकी चूत की.. उसकी चूत बहुत गोरी थी और उस पर थोड़े बाल थे जैसे चाँद में दाग. मैं की पागलो तरह चूत चाटने लगा.. आंटी की हालत क्या कहूँ दोस्तों.. में लिखकर बयान नहीं कर सकता.

आंटी बस आआअहह नहीं आहह उूउउंम्म और चाट मेरी चूत और ज़ोर से ऐसे तो तुम्हारे अंकल भी नहीं करते उूउउंमह. फिर मैंने आंटी की गांड चाटी.. गांड का टेस्ट थोड़ा बुरा था.. लेकिन सेक्स करते वक़्त क्या बुरा क्या भला.. बस मैं तो जैसे नशे में था. फिर आंटी ने कहा कि चल अब मुझे चोद डाल. तो मैंने कहा कि आंटी घोड़ी बन जाओ और आंटी जैसे ही घोड़ी बनी तो मैंने कहा कि आंटी पहले मेरे लंड को थोड़ा गीला कर दो..

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तो आंटी फिर से लंड को मुहं मे लेकर चूसने लगी. मैंने कहा कि बस अब हम चुदाई करते है आंटी घोड़ी बनी हुई थी और मैंने चुपके से मेरे लंड का टोपा आंटी की गांड के होल से थोड़ा दूर रखा और आंटी की कमर पकड़ ली और एक ही झटके में आधा लंड गांड में डाल दिया.. तभी आंटी बहुत ज़ोर से चीख पड़ी आहह बाहर निकाल दे.. ओहहह आअहह. तो मैंने कहा कि कुछ नहीं होगा जानू..

थोड़ी देर में पानी निकल जाएगा और मैं हल्के हल्के धक्के मारने लगा और आंटी भी मज़े लेने लगी और फच फच की आवाजे आने लगी और मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा.. इस बीच आंटी दो बार झड़ चुकी थी.. फिर आंटी ने कहा कि जल्दी निकालो में बहुत थक गई हूँ. तुम्हारा लंड तुम्हारे अंकल से बड़ा है और पहली बार किसी ने मेरी गांड में लंड डाला है. तो अब मैं भी धक्के मारते मारते बहुत थक गया था फिर भी मेरा माल नहीं निकल रहा था और करीब 25-30 मिनट के बाद मैंने आंटी की गांड में सारा वीर्य छोड़ दिया और जैसे ही मैंने लंड को बाहर निकाला आंटी के मुहं से आहह सस्स्शह निकल गयी और वो थककर लेट गई और मैं भी उनके पास ही लेट गया. उस दिन के बाद तो में अक्सर आंटी को अपने लंड पर बैठाता हूँ और उनके पूरे जिस्म के मजे लेता हूँ ..

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मस्त चुदाई की शुरुआत https://sexstories.one/meri-mast-chudai-story/ Fri, 10 Jul 2020 13:26:13 +0000 https://sexstories.one/?p=941 हेलो दोस्तों मेरा नाम पलक अग्रवाल है. यह मरी पहली स्टोरी है तो अगर कुछ गलती हो जाए तो माफ् करिएगा। में बरेली से हूं पर मेरी शादी हरदोई मैं हुई है मेरी शादी एक ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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हेलो दोस्तों मेरा नाम पलक अग्रवाल है. यह मरी पहली स्टोरी है तो अगर कुछ गलती हो जाए तो माफ् करिएगा। में बरेली से हूं पर मेरी शादी हरदोई मैं हुई है मेरी शादी एक जॉइंट फैमिली में हुई है मेरी शादी को तकरीबन 12 साल हो चुके हैं जब मेरी शादी हुई तब मेरी उम्र 20 साल की थी तो आप मेरी उम्र 32 साल की है और मेरे दो बच्चे भी है. samhik chudai sex story in hindi.

मैं एक बहुत ही खूबसूरत महिला हूं ऐसा मुझसे सब लोग कहते हैं मेरे आस पड़ोस के लोग परिवार के लोग दोस्त रिश्तेदार शादी के 12 साल में और दो बच्चे होने के बाद मेरा शरीर पहले से ज्यादा भर गया है। 35D 28 36 यहां मेरा साइज है आप किसी भी भोजपुरी हीरोइन को सोच सकते हैं जो भरे हुए शरीर की हो वैसे ही लगती हूँ बताने के तौर पर आम्रपाली दुबे

मैं ज्यादातर साड़ी ही पहनती हूं क्योंकि मुझे हो बहुत ही ज्यादा सेक्सी लगती है और उसमें मेरा फिगर और उभर के आता है मुझे साड़ी कमर के नीचे बांधना पसंद है.. क्योंकि मेरी कमर हल्की सी बाहर की ओर लटकती है और उसमें मेरी नाभि बहुत ही मनमोहक लगती है जब मैं चलती हूं तो कभी-कभी साड़ी का पल्लू हट जाने के कारण कॉलोनी के मर्द और लड़के अपनी नजरें नहीं हटा पाते हैं।

मेरा ब्लाउज भी टाइट रहता है और मैं उसे आगे से डीप बनाती हूं क्योंकि मेरे पति को ऐसे ब्लाउज पसंद है लेकिन इसका फायदा सब कोई मिलता है और किसी के देखने से मुझे खुद बुरा नहीं लगता ।

यह स्टोरी कई भाग में डालूंगी ताकि आपको ज्यादा मजा आए..

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अब में स्टोरी सुरु करती हूं..

मेरी 3 चचेरी नंद हैं उनमें से 2 नंदो की शादी हो चुकी है ओर तीसरी को देखने रिश्ते वाले आने वाले थे..

मेने उस दिन एक सुंदर और सेक्सी साड़ी पहनी थी , ब्लू कलर की साड़ी ओर उसका ब्लाउज डीप नैक था और मेरी नाभि ब बीच बीच मे पल्लू के हटने से दिख जाती थी ,
सारा कार्यकर्म एक होटल में रखा गया था..

वहां सब लोग पोहच चुके थे ।

लड़के वालों की तरफ से लड़का लड़के का 1 बड़ा भाई दोस्त और उनके पिता और माता जी आए थे , हमारी ओर से में मेरी नंद मेरे 3 चचेरे देवर ओर मेरे पति मेरें ससुर ओर लड़की यानी मेरी नंद के पिता मेरे चच्चा ससुर थे ।

मेरी नंद बोहत सूंदर नही है इसलिए उसके लिए लड़का बी बेकार सा ही आया था वो दोनो भाई देखने मे काले और मोटे थे ।

जब में ओर मेरी दोरानी उनसे मिलने को गए तो वो दोनो भाई ओर दोस्त हम दोनो को घूर रहे थे मेरी दोरानी ब काफी भरे शरीर की सुंदर महिला है ।

मुझे कुछ अनुमान हो गया था कि ये परिवार ठीक नई है पर में कुछ कर नई सकती थी ।

उन्होंने लड़की को देखा और फिर decide किआ की लड़की को अकेले में देखेंगे ओर में अपनी नंद को लेके उनके पास होटल के एक रूम में गई..

में जब रूम में पोहची तो वहां केवल लड़का और लड़के का बड़ा भाई और उसका दोस्त ही थे मेने पूछा कि आंटी जी और अंकल जी कहा है..

तो लड़के का बड़ा भाई और उसका दोस्त बोले कि हम जवानों में बड़ो का क्या काम और उसने कहा कि लड़की को आप मेरे भाई से बात करने दीजिए और हम ब यह से पड़ोस के रूम में चलते हैं ।

में थोड़ा जिजकी पर फिर मेने कहा चलिए ठीक है चलते है ।

असल में मुझे भी मज़ा आ रहा था क्योंकि मैं यह देखना चाहती थी कि यह लोग किस तरीके के हैं मेरी ननंद के लिए यह रिश्ता सही है भी या नहीं क्योंकि वह दोनों मुझे लगातार घूम रहे थे और मैं उस दिन बहुत ही खूबसूरत लग रही थी इस तरीके से मुझे उनका घूरना पसंद भी आ रहा था फिर हम तीनों दूसरे रूम में चले गए और फिर वहां जाकर मैं सोफे पर बैठ गई और वह दोनों मेरे सामने वाले सोफे पर बैठ गए मैंने जानबूझकर अपना पल्लू हल्का सा साइड कर लिया जिससे उन्हें मेरे क्लीवेजेस दिखने लगे उनकी आंखों में तो जैसे चमक सी आ गई थी ।

अब मैं आपको हमारे बीच हुई बातचीत बताती हूं..

लड़के के बड़े भाई का नाम डायमंड है और दोस्त का नाम गौतम है।

Diamond ji – हा तो पलक जी जब तक वो दोनों एक दूसरे से बात कर रहे है आइए हम ब एक दूसरे को जान ले ।

पलक :- अरे डायमंड जी पहले रिश्ता तो पक्का हो जाने दीजिए ।

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गौतम- अरे पलक जी रिश्ता तो अब आप पक्का ही समझिए (और यह कहकर व डायमंड को देखकर मुस्कुरा दिया)।

पलक :- में कुछ समझी नई

डायमंड :- अरे यह पागल है इसके कहने का मतलब है कि हमें आपकी ननंद पसंद है वह तो लड़का लड़की के बात करने का रिवाज है तो तो बस वही करा रहे हैं।

गौतम ;- ओर पलक जी आपसे ब तो रिश्ता जुड़ेगा फिर मेरा और आपका मजाक का रिश्ता तो हो ही जाएगा।

पलक :- हा हा हा हा हा अच्छा तो क्या अब जमाई के दोस्तों से भी मजाक करना पड़ेगा( मैं समझ रही थी यह क्या कहना चाह रहा है लेकिन मैंने उसे कहने दिया)

बात करते वक्त दोनों की आंखें मेरे होंठ मेरे ब्लाउज और पूरे जिस्म को निहार रही थी जैसे दोनों को रिश्ता सिर्फ मेरी वजह से पसंद है।
दोस्तों यह स्टोरी लंबी होने वाली है इसलिए आराम आराम पढ़िए अभी इसमें आगे बहुत कुछ होगा…

अब आगे..

Diamond :- पलक जी हमारा तो हक़ है आपसे मजाक करने का अब तो मुलाक़ात होती रहेगी कभी हम आपके यह आएंगे कभी आपको बुला लेंगे हाहाहाहा ।

Palak :- जी जरूर आप तो अब हमारे अपने है जरूर आइएगा ।

गौतम :- भाभी जी हम तो लड़के वाले है और आप लड़की वाली आप हमें क्या देंगी ( अपनी जांघों पर हाथ रगड़ता हुआ बोला)

Palak :- अब तो जो आप मानेंगे देना ही पड़ेगा हम मना कैसे कर सकते हैं। (ओर में मुस्कुरा दी)

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Diamond :- सोच लो पलक जी हम कुछ और मांग सकते हैं दे पाएँगी आप हाहाहाहा (ओर फिर दोनो एक दूसरे की ओर देख के मुस्कुरा दिए)

Palak :- अब क्या जान लोगे हमारी हम अपनी ननंद तो आपको दे ही रहे।

Diamond :- ननंद के साथ दहेज में आप भी आ जाइए हमारे घर मैं बहुत जगह है

गौतम :- ओर दिल मे भी ।

Palak :- जी मेरा kya करेंगे आप मैं तो शादीशुदा हूं घर के काम करवाने का इरादा है क्या मुझसे।

गौतम जी ने तो मजाक करना शुरू कर दिया गौतम जी थोड़ा कंट्रोल कीजिए(ओर में मुस्कुरा दी)

Diamond :- अरे नई आपको तो रानी बनके रखेंगे काम आपकी नंद करेगी आप ओर हम डबल बेड पर आराम करेंगे । हा हा हा हा हा क्यों गौतम।

गौतम :- जी भैया डबल बेड पे 3 लोग तो आ ही सकते है हाहाहाहा.. भाबी जी आपको देख के कोई कंट्रोल कैसे कर सकता है …

हमारे समझ में आने लगा था की बातें गलत तरफ जा रही है इसलिए मैं मुस्कुरा दी

Palak :- अच्छा-अच्छा बस बस चलिए देखते हैं उन लोगों ने बातें कर ली कि नहीं और क्या सारा मजाक आज जी कर लेंगे आगे के लिए भी तो छोड़ दीजिए।

Diamond :- हां गौतम अब बाकी की मजाक पलक जी से बैचलर पार्टी में करेंगे हाहाहाहा

गौतम :- ये आएंगी बैचलर पार्टी में

Diamond :- अरे कैसे नहीं आएंगे हमारी बात काटेंगी क्या हम लड़के वाले हैं नाराज हो जाएंगे कु palak ji..

Palak(मुस्कुरा के) :- जी बेचलर पार्टी में मेरा क्या काम है ।

Diamond :+ palak जी आप डांस करेंगी न वह पे आना तो आपको पड़ेगा

Palak :- जी अच्छा चलिए मैं आ जाऊंगी

Gautam:- तो थोड़ा सा डांस भाभी जी यहीं दिखा दीजिए हम भी तो देखें क्या लटके झटके हैं लड़की वालों के

Diamond :- अरे लड़की वालों के किसे देखने हैं हमें तो केवल पलक के देखने हैं

Palak – जी

Diamond :- अरे पलक जी लटके झटके हा हा हा हा हा क्यों गौतम

Gautam :- जी भैया बिल्कुल अब तो बस इंतजार है कि जल्दी से रिश्ता पक्का हो और पलक जी का देखने को मिले , अरे डांस हा हा हा हा हा

मैं समझ रही थी कि दोनों मेरे ऊपर खोल के कमेंट कर रहे हैं लेकिन फिर भी मेरे पास मुस्कुराने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था और मुझे मजा भी आ रहा था

इतने में डायमंड जी का फोन बजा फोन पर उधर से लड़का था लड़के का नाम पंकज है..

थोड़ी देर बाद पंकज जी हमारे रूम में आ गए और अपने भाई और अपने दोस्त से कहा कि जाओ आप दोनों भी लड़की से कुछ सवाल पूछ लो, तब तक मैं पलक जी से बातें करता हूं असल में पंकज भी मुझ पर ही लट्टू हो रहा था..

डायमंड जी जाते-जाते बोले कि आपके होने वाले नंदोई हैं इनका तो बहुत अधिकार होता है इन्हें खुश रखिएगा

मैं समझ गई कि क्या कहना चाह रहा है और मैं मुस्कुरा कर बोली आप चिंता ना करें..

उसके बाद पंकज जी मेरे सामने सोफे पर बैठ गए..

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To be continued…………….

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