bhabi ki chudai Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/bhabi-ki-chudai/ Hindipornstories.org Thu, 16 Dec 2021 06:54:08 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 भाभी ने कहा मुझे चोदो https://sexstories.one/bhabhi-ki-chodai-xxx/ Thu, 16 Dec 2021 06:54:08 +0000 https://sexstories.one/?p=3479 भाभी को नंगा देखने की मेने वॉशरूम के डोर के नीचे से देखा तो सिर्फ़ उनकी टांगे दिखी मुझे और ज्यादा सेक्स चढ़ गया 10 मिनिट के बाद भाभी बाहर आई उन्होने पजामा सूट डाला था...

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Bhabhi Ki xxx Chodai – मेरा नाम सतनाम है और मैं जालंधर (पंजाब )से हूँ. मेरा लंड साइज़ 6.5 इंच का है मुझे भाभीया चोदने मैं बड़ा मज़ा आता है अभी में सीधा स्टोरी पर आता हूँ यह मेरी पहली स्टोरी है जिसने मेरी ज़िंदगी खुश कर दी हमेशा के लिये स्टोरी मैं मैने अपने कजिन की वाइफ को चोदा उनका नाम सिमरन है आज से 3 साल पहले उनकी शादी हुई उनका एक बेटा है 1 साल का मेरे कजिन का डी.जे का काम है तो शादीयों के सीज़न मैं बाहर रहते है मेरा कजिन भी एक नंबर का हरामी है उसके डांसर से कॉन्टेक्ट है और जब मेरे घर मैं कोई नहीं होता तो हर बार एक नई डांसर को चोदने के लिये ले आता.

उनके घर मैं सिर्फ़ भाभी मेरा कजिन और उनकी माँ है जो की एक शॉप चलाती है भाभी घर पर दिन मैं अकेली होती है और भाभी को मेरे कजिन पर भी शक रहता है उनका घर करतारपुर मैं है जो की हमारे यहाँ से 25 किलोमीटर दूर है आंधे घंटे मैं में वहा पहुँच जाता हूँ बात फरवरी 2011 की है उन दिनों काफ़ी शादीयां होती है तो कजिन बिज़ी रहता है 2-3 दिन घर नही आता भाभी घर मैं उदास रहती हैं भाभी बहुत सेक्सी है और बूब्स का साइज़ 36 है. उस दिन मैं किसी काम से उनके घर गया तो भाभी अकेले घर मैं टी.वी देख रही थी मेरे को देख कर वो बहुत खुश हुई क्योकी वो बोर हो रही थी में काफ़ी मजाक टाइप के नेचर का हूँ तो मेरे साथ उनको अच्छा लगता है.

मैं सुबह 10 बजे वहाँ पहुँच गया था इसलिये वो अभी नहाई नही थी और उन्होंने केफ्री और टॉप डाल रखा था इतनी सेक्सी लग रही थी उनके बूब्स बाहर को आ रहे थे मैं देख कर हैरान हो गया उनका बेटा सो रहा था उन्होने मेरे लिये चाय बनाई और वो बोली मैं 5 मिनिट मैं नहा कर आती हूँ तब तक तुम चाय पियो और वॉशरूम चल गई वॉशरूम रूम के पास था मुझे पानी की आवाज़ आने लगी मैं फील करने लगा भाभी नंगी कैसी लग रही होंगी इतने मैं मेरा लंड खड़ा हो गया मेरी इच्छा करने लगी.

भाभी को नंगा देखने की मेने वॉशरूम के डोर के नीचे से देखा तो सिर्फ़ उनकी टांगे दिखी मुझे और ज्यादा सेक्स चढ़ गया 10 मिनिट के बाद भाभी बाहर आई उन्होने पजामा सूट डाला था विद टाइट कुरती उनका गीला गीला बदन और खुले बाल देख कर मेरे होश उड़ गये हम बेठ कर बाते करने लगे बातों बातों मे पता लगा की उनकी सास शॉप पर है जो दोपहर में खाना खाने आयेगे और कजिन शादी मैं जो रात भर नहीं आयेगे पर भाभी बिल्कुल मेरा साथ देनो वालो मैं से नही थी इतनी देर में उनका बेबी रोने लगा भाभी ने उसको अपना दूध थोड़ा सा साइड मैं हो कर उसे दूध पिलाने लगी मेरी अचानक नज़र सामने कांच पर गई भाभी ने अपना एक बूब पूरा निकाला था जो मुझे दिख रहा था मेरा लंड और ज्यादा खड़ा हो गया.

Chodai story टैक्सी ड्राइवर से बीवी को चुदवाया – भाग 2

कुछ देर मैं भाभी की नज़र कांच पर गई और वो शरमाने लगी और बूब्स ढक लिये उन्होने मेरी और देखा मेरा खड़ा लंड देख कर वो थोड़ी सी स्माइल देने लगी और फिर बाते करने लगी मुझसे फेमिली के बारे मैं और पास आकर बेठ गई बातों बातों मैं वो रोने लगी बोली की तुम्हारे भैया मुझे टाइम नहीं देते मैं अकेला फील करती हूँ मेने उनको चुप करने के लिये इशारा किया और मेने उनको कस के पकड़ लिया और देखा तो उनकी आँखे बंद थी उनके लाल लाल रसीले होंठ देख कर मेरे मुँह में पानी आ गया था. और मेने स्मूच कर दिया 5 मिनिट स्मूच करने के बाद मैने बोला भाभी सॉरी मुझसे ग़लती हो गयी भाभी का जवाब सुनके मैं हैरान हो गया की ग़लती पूरी करके सॉरी माँगना मैंने ना समझने का ड्रामा किया तो भाभी बोली सतनाम मैं ही काफ़ी दिनो से सॅटिस्फाइड नही हूँ और मुझे पता हे तु भी सेक्स चाहता है और मेरे को स्मूच करने लगी और बोली रुक मैं डोर लॉक करके आती हूँ.

जब तक वो डोर लॉक करके वापस आती मैने अपने पूरे कपड़े उतार लिये वो मेरा लंड डोर से देख कर हैरान हो गयी और भागी भागी आई और लंड मुँह मैं डाल लिया क्या चूसती थी यार. वो 15 मिनिट तक उन्होंने चूसा वो लंड पूरा गले तक ले जाती थी वो फिर मैं उनके बड़े बड़े बूब्स दबाने लगा मैने उनकी कुरती उतारी और बूब्स चूसने लगा मैं उनका पजामा उतारने लगा इतने मैं डोर बेल बजी उन्होने जल्दी से कपड़े पहने और डोर खोलने चली गई डोर पर उनकी सास थी मैने भी कपड़े पहन लिये थे. मैने उनके पैर छुए की और बाते करने लगा पता चला की आज वो शॉप बंद करके आई है क्योकी उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वो भी वापस नही जायेगी.

मुझे लगा की मेरे खड़े लंड पर डंडा पड़ गया भाभी ने मेरे और देखा और बोली भाभी ने इशारे मैं कहा मैं हूँ ना वेट कर मेरी मामी जी जैसे ही आराम करने गयी तो बोली पूरी रात अपने पास है मज़े से सेक्स करेंगे और बोली अपनी मामी के सामने यह बोल कर आओ की तुम वापस जा रहे हो मैं मामी जी के पास वापस गया और बोला मैं जा रहा हूँ और भाभी के कमरे मैं छुप गया रात के 10 बजे भाभी ने देखा मामी जी सो गयी है तो डोर लॉक कर दिया और बोली आजा मेरे देवर जी अपनी भाभी को जम कर चोद ले मेने जल्दी से उन्हे गोद मे लिया और बेड पर ले आया मैने इस बार सीधा उनका पजामा उतारा तो मैने देखा एकदम पिंक चूत थी उनकी मैं चूत चाटने लगा मुझे चूत चाटने में बहुत मज़ा आता है.

भाभी को मज़ा आने लगा और वो आआआः अयाया करने लगी और बोली अब मेरी बारी और मेरा लंड निकाला और ज़ोर ज़ोर से लंड चूसने लगी जैसे पता नही कितने दिनो से लंड की प्यासी थी मैने उनकी टांगे उठाई और बूब्स को मुँह मैं ले लिया और ज़ोर ज़ोर से लंड डाल कर शॉट मारने लगा आधे घंटे मैं मेरा पानी छूट गया और भाभी भी पूरी सॅटिस्फाइड हो चुकी थी फिर हम 1 घंटे के लिये भाभी मेरे उपर चड कर नंगी ही सो गई एक घंटे बाद फिर से उठी और बोली देवर जी उठो अब नये तरीके से करते है.

मैने बोला कैसे तो उन्होने अलमारी में से ब्लू फिल्म निकाली और लगा दी फिर मैने हर स्टाइल से उन्हे चोदा घोड़ी बना कर, साइड से, खड़े हो कर वो बोली इतनी शान्ति तो मुझे सिर्फ़ अपनी सुहागरात पर मिली थी थैंक्स देवर जी मैं सुबह सुबह 5 बजे वहाँ से चुपचाप निकल आया ताकि मामी जी को पता ना चले भाभी उस दिन के बाद जब भैया घर पर नही होते तो मुझे फोन करके बुलाती है और हम नये नये तरीक़ो से सेक्स करते है तो दोस्तों केसी लगी मेरी स्टोरी

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स्वीटी भाभी की स्वीट चुदाई https://sexstories.one/chudakkad-sweety-bhabhi/ Wed, 20 Oct 2021 06:02:17 +0000 https://sexstories.one/?p=3078 उन्होंने मेरा लंड 15 मिनट तक चूसा अब मैं झड़ने वाला था | मैंने कहा भाभी मैं झड़ने वाला हूँ | वो मेरे लंड को चुस्ती रही और मैं उनके मुहँ में ही झड गया | मैंने उनकी नाभी पर किस करते हुए मैने उनकी पैंटी के ऊपर से उनकी चूत पर किस किया और उनकी पैंटी उतार दी ...

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antervasna chudakkad bhabhi नमस्कार दोस्तों मेरा नाम वरुण है मेरी उम्र 19 साल है | मेरी लम्बाई 5.6 इंच है | रंग गोरा और देखने में काफी हैण्डसम हूँ | वैसे तो मेरी बहुत सी गर्लफ्रेंड है | पर आज जो मैं जो कहानी आप लोगो के लिए लेकर आया हूँ | वो मेरी पड़ोस की भाभी की है | उनका नाम स्वीटी था | उनकी उम्र लगभग 26 साल है | भाभी बहुत ही खूबसूरत है | उनके मम्मे एकदम मस्त है | उनका फिगर 34-28-36 है अब तो आप लोग समझ ही गए होंगे की वो दिखने में कितनी मस्त लगती है |  मैं हमेशा उनको देखता था तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था | उनके पति जॉब करते थे | वो रात में देर से घर आते थे | भाभी घर पर अकेली रहती थी और कभी-कभी वो मेरे घर आ जाया करती थी | इसकी वजह से हम दोनों में काफी अच्छी दोस्ती हो गयी थी | वो अक्सर मुझसे मजाक किया करती थी |

उनको अगर मार्केट से कोई भी सामान मंगाना होता था तो वो मुझसे ही मंगाया करती थी | एक दिन उन्होंने मुझसे पीरियड पैड्स मंगाए मुझे पता था फिर भी मैंने जान-बूझकर उनसे पुछा की भाभी इनका क्या काम होता है | उन्होंने मुझसे हंस कर कहा की तुम इतने बड़े हो गए हो इतना भी नहीं मालूम | मैंने कहा कसम से भाभी मुझे नहीं पता | उन्होंने कहा की मैं तुमको क्या बताऊ मुझे शर्म आती है | मैंने कहा बताओ ना भाभी आखिर ये किस काम में आते है | फिर उन्होंने मुझसे कहा की पीरियड्स के बारे में जानते हो | मैंने कहा नहीं तो उन्होंने कहा की हम औरतो के हर महीने में पीरियड्स आते है जिनमे हमारे प्राइवेट पार्ट्स से हल्का-हल्का खून और पानी आता है जिसे रोकने के लिए हम पैड्स का प्रयोग करते है | मैंने कहा की मैं समझ गया और मैं उनकी तरफ देख कर मुस्कुराने लगा |

उनको शायद कुछ शक हो गया हो गया की मैंने जानते हुए भी उनसे ये सब पूछ रहा हूँ | मैं उनके उठे हुए बूब्स को बड़े ध्यान से देख रहा था | उन्होंने मुझसे क्या देख रहे हो वरुण मैंने हडबडाते हुए कहा कुछ नहीं भाभी मैं तो बस ऐसे ही | उन्होंने मुझसे कहा की क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है | मैंने कहा नहीं भाभी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है | उसके बाद उन्होंने कहा बैठो मैं तुम्हारे लिए चाय बना लाती हूँ | वो मेरे लिए चाय बना कर लायी और जब वो मुझे चाय देने के लिए झुकी तो उनके मम्मे देखकर मेरा लंड एक दम तन गया | जो की पैंट के ऊपर से साफ़ दिखाई दे रहा था | उन्होंने मेरे लंड की तरफ देखा पर वो कुछ नहीं बोली | मैंने बड़ी मुश्किल से खुद को सम्हाला और हम दोनों ने चाय पी फिर मैं अपने घर आया और उनके बूब्स को याद करके मुठ मारकर अपने लंड को शांत किया |

Bhabhi chudakkad hai बीवी और डोली भाभी

उस दिन से मैं दिन रात उनकी चुदाई के सपने देखने लगा और रोज रात को उनको याद करके मुठ मारने लगा | एक दिन शाम को वो मेरे घर आई और उन्होंने मेरी माँ से कहा की आंटी आज आप वरुण से कह देना की वो मेरे घर में लेट जाये | मेरे पति बाहर गए हुए है और मैं घर पर अकेली हूँ | मेरी माँ ने मुझसे कहा की वरुण आज तुम स्वीटी के घर रात में सो जाना उनके पति कहीं बाहर गए हुए है और वो घर पर अकेली है | मैंने नखरा करते हुए कहा की क्या माँ आप भी पर मेरे अन्दर ही अन्दर लड्डू फूट रहे थे | फिर मैं रात को स्वीटी भाभी के घर पहुंचा | मैंने बेल बजाई स्वीटी भाभी ने दरवाजा खोला मैं उनको देखता ही रह गया उन्होंने रेड कलर की नाइटी पहन रखी थी | वो कितनी मस्त लग रही थी मेरा मन कर रहा था की बस अभी पकड़ कर चोद दूं |

उन्होंने मुझसे कहा की अब बाहर ही खड़े रहोगे की अन्दर भी आओगे | मैंने खुद को सम्हाला और अन्दर पहुंचा | उन्होंने खाना लगाया हम दोनों ने बैठ कर खाना खाया | पर मेरी नजर उनकी चूचियों पर ही थी | भाभी भी इस बात पर गौर कर रही थी | फिर उन्होंने मेरा बिस्तर लगाया और खुद भी मेरे पास वाले बिस्तर पर लेट गयी | मुझे नींद नहीं आ रही थी पर मैं चुप-चाप लेटा था | थोड़ी देर बाद मुझे महसूस हुआ की कोई मेरे लंड को सहला रहा है | मैं तुरंत उठकर बैठ गया मैंने देख की भाभी मेरे बिस्तर पर थी | और उनका हाँथ मेरे लंड पे था | मैंने कहा की ये क्या कर रही है आप | भाभी ने जवाब दिया की जो तुम चाहते हो | मैंने कहा की आप को कैसे पता की मैं क्या चाहता हूँ | उन्होंने कहा की मुझे सब पता है की तुम चुपके-चुपके मेरे बूब्स को घूरते रहते हो | मैंने कहा हाँ भाभी आप के बूब्स मुझे बहुत अच्छे लगते है | उन्होंने मुझसे कहा की और मुझमे क्या अच्छा लगता है | मैंने कहा की जब आप गांड मटका कर चलती है तो मन करता है की आप की गांड मार दूं |

भाभी ने मेरी ओर कामुक नजरो से देखा और मुझसे कहा की आज देखती हूँ की कितना दम है तुम में | मैं समझ गया की आज मेरी मनोकामना पूरी होने वाली है | मैंने भाभी को पकड़ कर बिस्तर पर गिरा लिया और उनके गुलाबी होंठों को चूसने लगा और साथ में उनके बूब्स को भी मसलने लगा | भाभी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी | उन्होंने मेरे कपडे खोलकर निकाल दिए और मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से सहलाने लगी | मैंने भी देर ना करते हुए उनकी नाइटी निकाल कर फेक दी अब वो मेरे सामने ब्रा और पैंटी में थी | गुलाबी ब्रा और पैंटी में क्या मस्त लग रही थी भाभी |

फिर मैंने उनकी ब्रा निकाल दी और उनके दोनों बॉल्स से खेलने लगा और उनको चूमने लगा | मैंने उनके निपल्स को अपने मुहँ में रखा और उनको चूसने लगा | भाभी के मुहँ से आह्ह उम्ह्ह्ह इश्ह्ह्ह की मादक सिसकियाँ निकलने लगी मैंने उनकी निपल्स को चूस कर एक दम लाल कर दिया | उन्होने मुझे निचे किया और खुद मेरे ऊपर आ गयी और उन्होंने मेरी अंडरवियर निकाल दी और मेरे लंड को देखकर उनकी आँखों में चमक सी आ गयी | उन्होंने मुझसे कहा की ये तो बहुत मस्त है | मैंने कहा की जैसा भी है बस आपका है जो मर्जी हो करो फिर उन्होंने मेरा लंड अपने मुहँ में ले लिया और उसको लोलीपॉप की तरह चूसने लगी |

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था | आज तक मेरा लंड किसी ने ऐसे नहीं चुसा था | उन्होंने मेरा लंड 15 मिनट तक चूसा अब मैं झड़ने वाला था | मैंने कहा भाभी मैं झड़ने वाला हूँ | वो मेरे लंड को चुस्ती रही और मैं उनके मुहँ में ही झड गया | मैंने उनकी नाभी पर किस करते हुए मैने उनकी पैंटी के ऊपर से उनकी चूत पर किस किया और उनकी पैंटी उतार दी | क्या मस्त गुलाबी चूत थी | उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था | मैंने कहा की भाभी आप की चूत पर एक भी बाल नहीं है | उन्होंने कहा की आज ही बनाये है सिर्फ तेरे लिए मेरे राजा | फर क्या था मैंने उनकी चूत पर अपना मुहँ रखा और उनकी चूत को चाटने लगा |

Sex katha padhiye लौड़े में दम नहीं फिर भी हम किसी से कम नहीं

उनके मुहँ से आह्ह्ह ओह्ह्ह  येस्स प्लीज्ज्ज जोर से चाटो मेरी चूत खा जाओ इसे अह्ह्ह जैसी आवाज़े निकल रही थी | फिर हम दोनों 69 की पोजीसन में आ गए मैं उनकी चूत चाट रहा था और वो मेरे लंड को चूस रही थी | अब उनसे कंट्रोल नहीं हो रहा था | उन्होंने मुझसे कहा की प्लीज वरुण अब मुझे मत तडपाओ डाल दो अपना लंड मेरी चूत में अब मुझसे रहा नहीं जा रहा | मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और रगड़ने लगा फिर एक जोर के धक्के के साथ मैंने पूरा लंड भभी की चूत में डाल दिया | भाभी के मुहँ से आह की चीख निकली और फिर मैंने भाभी की कमर पकड़ी और जोर –जोर से धक्के लगाने लगा | भाभी के मुहँ से अह्ह्ह ओह्ह्ह जोर से चोदो वरुण आह ओह्ह्ह फाड़ दो अपनी भाभी की चूत को आज तक तुम्हारे जैसा लंड इसने नहीं पाया | आज इसकी सारी प्यास मिटा दो | उनकी इन बातों को सुनकर मुझे और जोश आ रहा था |

मैंने उनकी 20 मिनट तक चुदाई की उसके बाद भाभी झड गयी | मैंने भाभी से कहा की भाभी मुझे आप की गान मारनी है | भाभी तुरंत तैयार हो गयी | मैंने भाभी को घोड़ी बनाया और उनकी मस्त गांड में अपना लंड डाल दिया | मैं जोर-जोर से धाक्के लगा रहा था | भाभी अपनी गांड मटका- मटका कर पूरा मज़ा ले रही थी | मैंने भाभी की 15 मिनट तक गान मारी फिर मैं झड गया | उस रात मैंने भाभी की तीन बार चुदाई की |

उसके बाद मेरा जब भी मन करता मैं भाभी के घर जाता और उनकी चुदाई किया करता था |

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चूत और गांड मे लंड https://sexstories.one/choot-aur-gand-me-lund/ Fri, 08 Oct 2021 07:13:42 +0000 https://sexstories.one/?p=4459 जैसे ही मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैंने कामिनी से कहा तुम तो बडी ही लाजवाब हो मैंने उसे कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो उसने अपने गले के अंदर तक मेरे लंड को उतार लिया वह उसे अच्छे से सकिंग करने लगी। वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को सकिंग करती जिससे कि मेरे अंदर बहुत ज्यादा जोश आ जाता मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो जाता मुझे बड़ा मजा आ रहा था

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Hindi sex kahani, antarvasna choot aur gand ki chudai ki –  मोहन और कामिनी के बीच में अक्सर झगड़े होते रहते थे और उनके झगड़ों की वजह से पूरे मोहल्ले वाले परेशान हो जाते थे क्योंकि कामिनी और मोहन के झगड़े इतने ज्यादा बढ़ चुके थे कि कामिनी पुलिस को बुला लिया करती थी और सब लोग इस बात से परेशान रहते थे। कई बार मैंने और मेरी पत्नी ललिता ने दोनों को समझाया लेकिन वह दोनों समझ ही नहीं रहे थे और एक दूसरे से झगड़ा करते रहते थे। दोनों की वजह से पूरा माहौल खराब होने लगा था और जब एक दिन मैंने मोहन को कहा तुम दोनों आपस में क्यों झगड़ा करते रहते हो हम लोगों ने तुम्हें इतनी बार समझाया है लेकिन उसके बावजूद भी तुम दोनों कितना झगड़ते हो।

मोहन कहने लगा यार अब तुमसे क्या छुपाना तुम्हें तो मालूम ही है कि जब से मेरी शादी कामिनी से हुई है तब से मेरी जिंदगी पूरी तरीके से खत्म हो चुकी है। हम दोनों ने लव मैरिज की थी लेकिन उसके बाद भी इतने झगड़े हम दोनों के बीच होंगे मैंने कभी सोचा नहीं था। मैंने किसी भी चीज को लेकर आज तक कामिनी को कमी नहीं होने दी लेकिन उसके बावजूद भी कामिनी मुझसे झगड़ा करती रहती है। मैं इस बात से इतना ज्यादा परेशान हो गया हूं कि मुझे कई बार लगता है कि क्या हम दोनों ने इसीलिए शादी की थी, मैंने कामिनी से कई बार कहा की यदि हम दोनों साथ में नहीं रह सकते तो हम दोनों को अलग हो जाना चाहिए लेकिन कामिनी चाहती ही नहीं है कि हम दोनों अलग हो जाएं। मैं किसी भी सूरत में अब कामिनी के साथ आगे अपने जीवन को बर्बाद नहीं कर सकता। मैंने मोहन को समझाया और कहा तुम दोनों एक दूसरे से बात तो करो तभी तो इस चीज का कोई जवाब निकलेगा लेकिन वह दोनों तो आपस में बात करने के बाद भी झगड़ते रहते थे। एक दिन मोहन ने कामिनी पर हाथ उठा दिया उस दिन कामिनी के परिवार वालों ने मोहन के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया और मोहन को अपनी पत्नी के साथ हिंसा के आरोप में पुलिस ने पकड़ लिया। मोहन अब जेल में ही था कामिनी को भी इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था कि वह जेल में है कामिनी उसे जेल में मिलने तक नहीं गई।

वह उसकी जिंदगी बर्बाद करना चाहती थी इसके लिए उसने पूरी तरीके से सोच लिया था कि उसकी जिंदगी कैसे बर्बाद करेगी। उसने उसके माता-पिता का जीना भी हराम कर दिया था उनका परिवार बहुत ही अच्छा परिवार है मैं उन्हें काफी वर्षों से देखता हुआ आ रहा हूं। कामिनी ने उनके साथ बहुत गलत किया उन्हें भी वह परेशान करने लगी मोहन जेल जा ही चुका था लेकिन इसका कामिनी पर कोई असर ही नहीं पढ़ रहा था। एक दिन उनके माता-पिता भी घर छोड़ कर चले गए उनका परिवार तो पूरी तरीके से खत्म हो चुका था यह सब कामिनी ने जानबूझकर किया था। वह मोहन को अपनी जिंदगी से निकालना चाहती थी उसके बाद वह पूरे घर पर अपना कब्जा करना चाहती थी और उसने ऐसा ही किया। जब मुझे इस बात का पता चला तो मैं इस बात से बहुत ज्यादा दुखी हो गया क्योंकि कामिनी कि मैं बहुत इज्जत किया करता था लेकिन उसने मोहन के परिवार के साथ बहुत बड़ा धोखा किया।

Sexy gand aur choot chudai ki kahani गांड चुदाई एक हॉट मारवाड़ी भाभी की

मोहन ने उस पर आंख बंद कर के भरोसा किया लेकिन कामिनी ने उसके भरोसे को चकनाचूर कर दिया और उसे किसी भी जिसकी कोई चिंता नहीं थी। हमारे पूरे मोहल्ले में कोई भी कामिनी से बात नहीं किया करता था मैंने भी कामिनी से बात करना लगभग बंद ही कर दिया था। एक दिन मैं अपने घर पर बैठा हुआ था तभी मेरी पत्नी आई और वह कहने लगी आपको मालूम है कि कामिनी ने दूसरी शादी कर ली। मैंने ललिता से कहा तुम क्या बात कर रही हो उसने कब दूसरी शादी की वह मुझे कहने लगी सब लोग तो इस बात से अचंभित हैं कि आखिरकार उसने मोहन के साथ ऐसा क्यों किया। मोहन तो उसे बहुत ज्यादा प्यार करता था लेकिन उसने मोहन के साथ बहुत बड़ा धोखा किया। मोहन तो इस सदमे को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पाया और वह पागल हो गया।

कामिनी ने अब दूसरी शादी कर ली थी और वह हमारे मोहल्ले में ही रहती थी लेकिन उसके बावजूद भी उसका रवैया बिल्कुल बदला नहीं था वह अभी भी पहले जैसे ही थी। हम लोग तो उससे बचने की कोशिश किया करते थे क्योंकि मुझे कामिनी पर बिल्कुल भी यकीन नहीं था कि वह किसी के साथ कभी अच्छा भी कर सकती है। जिस प्रकार से उसने मोहन और उसके परिवार को घर से निकाल फेंका वैसा ही वह किसी के साथ भी कर सकती है इसीलिए मैं तो बिल्कुल भी कामिनी से बात नहीं किया करता था मैं उससे बचने की कोशिश किया करता था। एक दिन मैं अपने ऑफिस के लिए घर से निकला ही था तभी मेरे सामने कामिनी आ गई मैंने जब उसे देखा तो मुझे इस बात की चिंता होने लगी कि अब कामिनी के दिमाग में क्या चल रहा होगा। कामिनी मुझे कहने लगी अरे सूरज भैया आप कैसे हैं मैंने उसे कहा मैं तो अच्छा हूं तुम सुनाओ तुम कैसी हो वह मुझे कहने लगी बस मैं भी ठीक हूं। वह मुझसे बात करने लगी तो मुझे बड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था लेकिन वह मुझसे बात करते जा रही थी ना जाने उसके दिल और दिमाग में क्या चल रहा था। मुझे तो उसे देख कर बहुत ज्यादा डर लग रहा था कि उसके दिमाग में ना जाने क्या चल रहा होगा और इसी के चलते मैंने कामिनी से पूछा और कामिनी आजकल क्या कर रही हो। वह कहने लगी बस कुछ नहीं मैं तो घर पर ही रहती हूं आप से मुझे एक जरूरी काम था।

मैंने उससे कहा कि हां कहो क्या काम था वह मुझे कहने लगी दरअसल मोहन की मानसिक स्थिति तो खराब हो चुकी है और अब मैं नहीं चाहती कि वह यहां पर आए इसीलिए यदि वह आपसे मेरे बारे में कुछ पूछे तो आप उसे कह दीजिएगा कि कामिनी ने यह घर बेच दिया है और अब यहां पर कोई और ही रहता है। मैं मन ही मन सोचने लगा कि कामिनी कितनी ज्यादा चालाक महिला है उसने पहले तो उनकी जिंदगी बर्बाद की और अब अपनी जिंदगी आराम से जी रही है। मुझे जब मालूम पड़ा कि कामिनी उस घर को बेचने वाली है तो मैं यह सुनकर दंग रह गया। कामिनी किसी भी हद तक जा सकती थी इसलिए उस पर भरोसा कर पाना बिल्कुल मुश्किल था और उसने उस घर के लिए ना जाने कितने लोगों से बात की हुई थी लेकिन उसे सही दाम नहीं मिल पा रहा था इसलिए वह उस घर को नहीं बेच पा रही थी। उसी बीच मोहन और उसके माता-पिता एक दिन हमारे घर पर आए और वह मुझसे पूछने लगे कि क्या कामिनी घर पर है।

मैंने उनसे कहा मुझे कुछ नहीं मालूम लेकिन वह अब यहां नहीं रहती है मैंने सुना है कि उसने घर भी बेच दिया है। मैं बिल्कुल भी कामिनी और मोहन के झगड़ों में नहीं पड़ना चाहता था क्योंकि कामिनी ने मोहन की जिंदगी तो पूरी तरीके से बर्बाद कर ही दी थी। यदि उसे यह मालूम पड़ता कि मैंने उसके बारे में मोहन को बता दिया तो वह शायद मुझे भी कॉलोनी में नहीं रहने देती इसलिए मैंने सोचा कि उन्हें मैं कह दूँ कि कामिनी अब यहां नहीं रहती। मैंने उनसे कहा आप लोग कैसे हैं वह कहने लगे बस आपको क्या बताएं हम लोग तो अपना पूरा जीवन बर्बाद कर चुके हैं और हमारे पास कुछ भी नहीं बचा। उनके चेहरे पर बहुत ज्यादा तनाव था लेकिन मैं कुछ भी नहीं कर सकता था और थोड़ी देर बाद वह वहां से चले गए। कामिनी दिन-ब-दिन बहुत ज्यादा सेक्सी होती जा रही थी जब भी मैं उसे देखता तो उसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता परंतु एक दिन उसने मुझे कहा चलो आज आप भी मजे ले ही लो।

मैंने उसे कहा तो क्या तुमने यह काम भी शुरू कर दिया वह मुझे कहने लगी हां लेकिन मैं उसके बदले तुम से पैसे जरूर लूंगी। मैंने उससे कहा ठीक है मैं तुम्हें पैसे दे दूंगा मैंने उसे पैसे दिए उसके बाद उसने मुझे कहा मैं पैसों के लिए कुछ भी कर सकती हूं जब उसने मेरे सामने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए तो मेरा लंड खड़ा होने लगा। जैसे ही मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैंने कामिनी से कहा तुम तो बडी ही लाजवाब हो मैंने उसे कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो उसने अपने गले के अंदर तक मेरे लंड को उतार लिया वह उसे अच्छे से सकिंग करने लगी। वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को सकिंग करती जिससे कि मेरे अंदर बहुत ज्यादा जोश आ जाता मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो जाता मुझे बड़ा मजा आ रहा था जिस प्रकार से वह मेरा साथ दे रही थी। काफी देर तक तो उसने मेरे लंड को मुंह मे लिया पर जब मैंने उसके दोनों पैरों को खोल कर उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के देने लगा।

मुझे उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था काफी देर तक मैं उसकी चूत के मजे लेता रहा जब वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो गई तो मुझे कहने लगी मजा तो आज बहुत आ गया। मैंने उसे कहा लेकिन मुझे अभी मजा नहीं आया है वह कहने लगी तुम एक बार मेरी चूत और मार लो। मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारी गांड मारनी है क्या तुम अपनी गांड मारने का मौका मुझे दोगी। पहले तो वह मना करती रही लेकिन जब उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लिया तो उसका भी मन मचलने लगा और वह तैयार हो गई। उसने मेरे लंड पर अच्छे से तेल की मालिश की और जैसे ही उसने मेरे सामने अपनी गांड को किया तो मैंने भी उसकी गांड के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया और उसे बड़ी तेजी से मैं धक्के मारने लगा। मुझे उसे धक्के देने में बहुत आनंद आता मैं लगातार तेजी से उसे धक्के दिए जा रहा था मैंने उसकी गांड से खून भी निकाल कर रख दिया था जिससे कि वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुकी थी जब मेरे वीर्य पतन उसकी गांड मे हुआ तो उसे भी मजा आ गया। उसका जिससे मन होता उससे वह अपनी चूत मरवाती।

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गांड चुदाई एक हॉट मारवाड़ी भाभी की https://sexstories.one/gand-chudai-marwari-hot-bhabhi-ki/ Fri, 08 Oct 2021 07:11:32 +0000 https://sexstories.one/?p=4460 मैंने उसकी साड़ी को उसकी जाँघ तक उठा लिया और उसकी जाँघ को जीभ से चाटने लगा और वो बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी। फिर में उसके ऊपर आकर ब्लाउज के ऊपर से बूब्स दबाने लगा.. वो सिर्फ़ मोन कर रही थी और तड़प रही थी। फिर मैंने उसका ब्लाउज खोल दिया और ब्रा में से बूब्स निकालकर उसके निप्पल चूसने लगा।

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Gand Chudai Marwari Bhabhi Ki – मेरा नाम राज शर्मा है और में असम का रहने वाला हूँ। ये बात 2010 की है.. ये दुर्गा पूजा के दिन की बात है। घूमते वक़्त मुझे एक मारवाड़ी भाभी दिखी और में उसके पीछे चल दिया। जब उसको पता चला कि में उसका पीछा कर रहा हूँ तो वो अपने पति का हाथ पकड़कर साईड में चलने लगी। फिर जब हम पूजा मंडप पहुंचे तो वहां पर फास्ट फूड का स्टॉल लगा हुआ था। उसके पति ने उसको कुछ लाने के लिये भेजा और वो पूजा मंडप के अंदर चला गया। मुझे ये अच्छा मौका मिला और में भी उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया.. वो दुकानदार से पावभाजी ले रही थी। फिर मैंने भी ऑर्डर किया और उसके साईड में खड़ा हो गया। उसने मुझे गुस्से से देखा.. लेकिन मैंने एक सिंपल सा स्माईल दिया। उसका कंधा और मेरा हाथ बिल्कुल चिपके हुये थे। वो चाहकर भी हटा नहीं सकी और में और ज़्यादा उससे चिपकने लगा।

फिर वो थोड़ा आगे हुई तो इससे उसकी गांड (40) मेरे लंड से चिपकी गई। ये बात उसको भी पता थी.. लेकिन मजबूरी में वो भी कुछ नहीं कर सकती थी। मेरा तो बुरा हाल हो रहा था.. लंड एकदम कड़क हो गया और मैंने थोड़ा सा धक्का दिया और पीछे होकर उसके कंधे के पास से उसके कान में सॉरी कहा। उसने हल्की स्माईल के साथ इट्स ओके कहा। अब मुझे यकीन हो गया कि ये मारवाड़ी माल मुझसे पट जायेगी और फिर हम दोनों पावभाजी लेकर आ गये.. वो और उसका पति मुझसे 10 फीट की दूरी पर खड़े थे और में उसे घूरे जा रहा था और वो शरमा रही थी और बीच बीच में स्माईल भी दे रही थी।

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फिर मैंने मौका देखकर उसको नंबर के लिये इशारा किया.. लेकिन उसने कुछ रिप्लाई नहीं दिया।

फिर उसके पति के दोस्त आ गये और वो उनके साथ व्यस्त हो गया और वो कोल्ड ड्रिंक लेने के लिये गई और में भी उसके पीछे पीछे चल दिया और उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया। उसने अपने पति को पलटकर देखा और मुझसे कहा कि नंबर क्यों चाहिये? फिर मैंने कहा कि आप बहुत खूबसूरत है और वो शरमा गई। फिर मैंने कहा कि प्लीज.. तो उसने अपने पति को देखा और कहा कि लिखो। फिर उसने अपना नंबर दिया। में तुरंत वहां से हट गया और मोबाईल निकालकर नम्बर नोट किया और फिर उसके नंबर पर रिंग किया और काट दिया.. वो अपने पीछे देख रही थी। फिर उसने मेरी तरफ देखा और मैंने इशारे से कहा कि मेरा नम्बर है और फिर वो अपने पति के साथ चली गई। अगले दिन दशहरा था। मैंने उसको फोन किया और उसने हेल्लो बोला.. फिर मैंने कहा कि कल आपने नंबर दिया था ना.. तो उसने कहा कि क्या काम है मुझसे? मैंने कहा कि बस आप मुझे अच्छी लगी और में आपसे बात करना चाहता था.. इसलिये आपका नम्बर लिया। फिर हम नॉर्मल बातें करने लगे। फिर उसको कोई काम आ गया.. उसने फोन रख दिया।

फिर मैंने 3-4 दिन तक उसको फोन नहीं किया। अगले दिन उसका मिस कॉल आया। फिर मैंने रिप्लाई कॉल किया.. उसने फोन उठाया और कहने लगी क्या हुआ? 3-4 दिनों से फोन नहीं किया। मैंने कहा कि थोड़ा बिज़ी था। फिर मैंने पूछा कि क्या रही हो अभी.. तो उसने बताया कि घर पर कोई नहीं है.. बोर हो रही थी तो तुम्हे फोन कर दिया। मैंने पूछा कहाँ गये सब? तो उसने बताया कि उसके ससुर की तबीयत ठीक नहीं है.. इसलिये उनको हॉस्पिटल ले गये है और सास भी साथ गई है। फिर मैंने उससे कहा कि मुझे आपसे मिलने का मन कर रहा है तो उसने कहा कि कैसे और कहां मिलेंगे? मैंने कहा कि आपके घर पर.. तो उसने कहा कि नहीं.. मेरे पड़ोस में बहुत लोग रहते है। फिर मैंने कहा कि कोई बात नहीं.. में सेल्समैन बनकर आ जाऊंगा। कुछ सामान लेकर तो उसने मना कर दिया। फिर उसने कहा कि अगर मेरे पति और सास ससुर आज वापस नहीं आयेंगे.. तो तुम शाम को अंधेरा होने के बाद आ सकते हो। उसने कहा कि में तुम्हे फोन कर दूँगी और फिर हमने फोन रख दिया और में बैचेनी से उसके फोन का इंतज़ार कर रहा था।

फिर शाम को 6 बजे उसका फोन आया और उसने कहा कि अब तुम आ सकते हो। मैंने फोन रखा और तैयार होकर निकल गया। फिर उसके घर से कुछ दूर बाईक पार्क की और सबकी नज़रो से बचते हुये उसके घर के दरवाज़े पर पहुंचा.. जैसे ही मैंने बेल बजाई तो उसने दरवाज़ा खोला और अंदर बुलाया। फिर मैंने पूछा कि आपकी बेटी कहाँ है तो उसने कहा कि मैंने उसको सुला दिया.. वरना वो अपने पापा से बोल देगी कि एक अंकल आये थे। उसने ग्रीन कलर की साड़ी पहनी थी.. जो नाभि से थोड़ी नीचे थी और ब्लाउज से भी.. उसकी लाईन दिख रही थी। उसने कहा कि ऐसे क्या देख रहे हो.. कभी कोई और नहीं देखी क्या? मैंने कहा कि औरत तो बहुत देखी है.. लेकिन आप जितनी खूबसूरत नहीं देखी। आपके पति कितने ख़ुशनसीब होंगे। फिर उसने कहा अब इतनी भी तारीफ़ मत करो कि मुझे शर्म आ जाये। फिर मैंने कहा कि आप हो ही तारीफ़ के काबिल। फिर उसने मुझे कहा कि बैठो में चाय लेकर आती हूँ। में सोफे पर बैठकर उसके घर को देखने लगा।

फिर में उठकर किचन की और जाने लगा.. वो खड़ी होकर चाय बना रही थी.. जब मैंने उसको पीछे से देखा तो मन हुआ कि अभी उसकी साड़ी उठाकर उसकी गांड चाट लूँ। फिर उसने पलटकर मुझे देखा और कहा कि तुम बैठो में चाय लेकर आती हूँ। मैंने कहा कोई नहीं.. में यही ठीक हूँ आपके पीछे। उसने पलटकर एक नॉटी स्माईल दी। फिर वो चाय लेकर आई.. हमने चाय पी। फिर उसने कहा कि तुम जल्दी चले जाना.. वरना कोई आ गया तो मुसीबत हो जायेगी। फिर मैंने कहा कि ओके। फिर वो बेडरूम में गई और वहां से मुझे आवाज़ दी और में गया तो वो वहां मुझे हेल्प करने को कह रही थी और मैंने अनजान बनते हुये हाथ उसकी गांड पर रख दिया.. उसने कुछ नहीं कहा। फिर में गांड की लाईन में हाथ को सहलाने लगा.. उसने मेरी तरफ देखा और कहा कि तुम्हे मेरी पीछे की साईड इतनी अच्छी लगती है क्या?

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फिर मैंने थोड़ा ज़ोर से उसकी गांड को पकड़ा और उसके बिल्कुल पास जाकर कहा कि जब से देखा है.. बस इसका दीवाना हो गया हूँ और में उसके सामने घुटनों पर बैठ गया और उसकी गांड को ज़ोर से पकड़ लिया। फिर उसकी नाभि पर किस करने लगा.. वो एकदम से मचल गई और उसने मेरे सर को ज़ोर से पकड़ लिया और कहा आआहहा आअहह् प्लीज राज। फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसकी नाभि को किस करने लगा और उसने दोनों पैरो को मोड़ लिया। फिर मैंने उसकी साड़ी को उसकी जाँघ तक उठा लिया और उसकी जाँघ को जीभ से चाटने लगा और वो बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी। फिर में उसके ऊपर आकर ब्लाउज के ऊपर से बूब्स दबाने लगा.. वो सिर्फ़ मोन कर रही थी और तड़प रही थी। फिर मैंने उसका ब्लाउज खोल दिया और ब्रा में से बूब्स निकालकर उसके निप्पल चूसने लगा। 10 मिनट तक निप्पल चूसने के बाद मैंने नीचे से उसकी साड़ी को पूरा कमर तक उठा दिया। उसने अंदर पेंटी नहीं पहनी थी.. बिल्कुल क्लीन शेव चूत थी। एकदम 18 साल की लड़की की तरह। में उसकी चूत चाटने लगा और वो मेरे सर को अपनी चूत पर ज़ोर से दबाने लगी। 5 मिनट चूत चाटने के बाद उसने कहा कि प्लीज राज अब कुछ करो और सहन नहीं होता है।

फिर मैंने अपना पेंट खोला और 8 इंच का लंड बाहर निकालकर उसकी चूत के ऊपर रखा। उसकी चूत एकदम आग की भट्टी की तरह जल रही थी.. उसने मुझसे विनती की.. प्लीज मत तड़पाओ.. अब डाल भी दो वरना में मर जाउंगी। फिर मैंने धीरे से अपना लंड का सुपाड़ा उसकी चूत में घुसाया.. वो थोड़ी तड़प उठी। फिर उसने नीचे से थोड़ी गांड ऊपर उठाई और मेरा लंड आधा घुस गया.. वो पूरी तड़प गई और मैंने एक ज़ोर का झटका मारा और उसके मुँह से चीख निकल गई। में उसके ऊपर आ गया और उसके होठों को चूसने लगा। फिर कुछ देर चूसने के बाद मैंने धीरे धीरे धक्का देना शुरू किया और वो भी मेरा साथ दे रही थी और कह रही थी.. आह्ह्ह्ह राज चोदो मुझे.. फाड़ दो मेरी चूत.. आज बहुत मज़ा आ रहा है तुम्हारे लंड में.. अब तो हमेशा तुमसे ही चुदवाऊंगी.. आज से में तुम्हारी रंडी.. मेरी चूत का भोसड़ा बना दो। मेरी गांड भी तुम्ही मारना।

मैंने आज तक कभी गांड नहीं मरवाई है.. अब तुमसे ही अपनी गांड भी मरवाऊंगी.. आह्ह्ह बहुत मज़ा दिया तुमने मुझे और फिर मैंने तेज़ी से धक्का देना चालू किया और उसने मुझे कसकर पकड़ लिया। वो झड़ गई और में भी 4-5 धक्को के बाद झड़ गया।

फिर हम वैसे ही लेटे रहे। उसके बाद वो उठी और मेरे लिप्स पर किस दिया और थैंक्स कहा और कहा कि अब तुम जाओ.. अगर कल मौका मिला तो में तुम्हे बता दूंगी। कल तुम मेरी चूत और गांड दोनों फाड़ देना। फिर मैंने एक बार और उसको पकड़कर उसकी गांड को सहलाया और चाटने लगा और फिर में वहां से चला आया ।।

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दूकान में चोदा सेक्सी भाभी को https://sexstories.one/sexy-desi-bhabhi-ki-dukaan-me-chudai/ Wed, 06 Oct 2021 07:35:58 +0000 https://sexstories.one/?p=4449 मैंने अपने कपडे भी उतार दिए, भाभी मेरा लंड हाथ से दबाने और सहलाने लगी, भाभी हंस पड़ी और वो मेरे लंड को अपने हाथ से पकड कर धीमे से होंठो कके तरफ ले गई और अपने गुलाबी गुलाबी होंठो को मेरे लंड से स्पर्श कर दिया..

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Sexy bhabhi ki dukaan me chudai हाई दोस्तों आशा रखता हूँ की आप लोग अच्छे होंगे….आप दोस्तों के लिए आज पेश है एक सेक्सी कहानी जिसमे एक सेक्सी भाभी की चुदाई दुकान के ट्रायल रूम में हुई थी. आईयें बिना वक्त गवाएं आपको इस सेक्सी कहानी की दास्ताँ सुनाऊं….! तब मेरी उम्र 19 की थी और मैं प्लास्टिक इंजीनियरिंग के दुसरे वर्ष में था. मेरे डेड की ब्रा पेंटी की दुकान है और हम लोग हमारे शहर में ब्रा पेंटी की ब्रांडेड चीजे रखने के लिए बहुत फेमश है. दुकान पर डेड के अलावा एक नौकर बिरजू रहेता था जो एक ज़माने में मेरे साथ 10 कक्षा तक पढ़ा था.

मैं भी अक्सर दुकान पर बैठता था और वेकेशन में तो आँखे सेकने के लिए मेरी दुकान से अच्छी जगह नहीं थी जहाँ पर मस्त मस्त लड़कियां. भाभियाँ और आंटियाँ अपने चुन्चो और चूत के कपडे लेने आती थी. गर्मी के दिन थे और डेड दोपहर को मुझे दुकान सौंप के घर सोने गए थे. मेरी कोलेज की छुट्टियां थी इसलिए में पूरी दोपहर दुकान पर बेठता था. बिरजू और मैं अक्सर आती हुई सेक्सी भाभियों के चुन्चो और गांड को देख चक्षुचोदन कर लेते थे.

दोपहर का वक्त था करीब तिन बजे का, सड़के गर्मी के चलते सुमसाम थी तभी बहार एक स्कूटी की ब्रेक लगी और एक मस्त गर्म भाभी दुकान में घुसी. उसकी उम्र होगी करीब 26 के करीब. बड़े स्तन और तरबुच के जैसे कूले. वोह अन्दर आई और बोली आपके पास 34 की साइज़ की अच्छी ब्रा है. मैंने कहाँ मेडम ब्रा हैं ना किसके लिए चाहिए….वोह मेरे तरफ कतराते हुए नजर करके बोली, आफ कोर्स अपने लिए….मैंने कहाँ मेडम आपकी साइज़ 36 है 34 नहीं…वोह बोली नहीं मैं 34 की ही पहनती हूँ…आप 34 की बताएं मैं ट्रायल कर के देख लेती हूँ.

मैंने उसे कुछ ब्रा निकाल कर दे दी और वह ट्रायल रूम में घुसी मैंने उसे कहा मेडम और कुछ अच्छी क्वालिटी की दुसरे सेम्पल आपको मैं वही देता हूँ. मैंने बिरजू को इशारा किया काउन्टर सँभालने के लिए और वह समझ गया की मैं इस सेक्सी भाभी को ट्रायल रूम में ब्रा बदलते देखूंगा. वह खी खी करता काउन्टर पर आया. मैंने और दो तिन ब्रा ली और ट्रायल रूम की तरफ गया. तभी अंदर से आवाज आई, “अरे यह तो छोटी है और फस गई है” मैंने कहा, “मेडम मैंने पहले ही कहा था आपको की आप की साइज़ 36 की है, हम लोग एक नजर में ही माप निकाल लेते है….अगर कहो तो में आपकी हेल्प करूँ”

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उसने दरवाजा हल्के से खोला और मैं हाथ के ब्रा रख के अंदर घुसा, उसके छाती पर यह ब्रा अटकी पड़ी थी, बेन्चोद को पहले बोला की तेरी साइज़ नहीं है, लेकिन उसके मस्त सेक्सी स्तन देख के मेरा लंड वही खड़ा हो गया, मैंने ब्रा निकालने के लिए उसके कंधे पर हाथ रखा और उसकी नर्म मुलायम चमड़ी मेरे लंड को और गर्मी देने लगी. मैंने जानबूझ के ब्रा धीरे धीरे निकाली और इस बिच में उसके स्तन को कितनी बार ही टच कर गया. भाभी भी मेरी तरफ देख रही थी और कुछ नहीं बोली, मेरी हिमत खुली और मैंने ब्रा को छोड़ उसके चुन्चो को हाथ में ले लिए. वह बोली, “क्या कर रहे हो तूम”. मैंने तारीफ़ नाम का हथियार मारा और बोला, “आप इतनी खुबसूरत हैं की मेरा दिल रुका ही नहीं….!” भाभी हंस पड़ी, “अच्छा बेटा हमसे सेटिंग….तुम्हारा नौकर आ जाएगा”

मैंने कहाँ, “वोह कभी नहीं आएगा, वोह मुझ से बहुत डरता हैं.” मैंने ऐसा कहा क्यूंकि अगर में कहेता की में सभी के चुंचे देखता हु तो यह भाभी भड़क जाती शायद और मुझे उसके चुन्चो का रस पीना था, क्या भरे हुए चुंचे थे दोस्तों. गोलमटोल चुंचे अब मैं जोर से दबाता गया और भाभी भी सिसकारियाँ लगाती गई, मैंने भाभी को गाल पर किस किया और वोह बोली, “होठ पर करोगे तो भी कुछ नहीं कहूँगी…घबराओ मत” फिर क्या था मैंने इस देसी भाभी के होंठ पर अपने होंठ लगा दिए और उसे मस्त फ्रेंच किस देने लगा, वोह भी अपनी जबान मेरी जबान से लड़ा रही थी और खिंच खिंच के चूस रही थी. मेरा लंड टाईट हो गया था. भाभी के कपडे आधे तो उतरे ही थी केवल निचे पहनी हुई पतली कोटन की लेंघी ही उतारनी थी मुझे, मैंने किस से अपने होंठ छुडाये और उसकी लेंघी फट से उतार दी. भाभी बोली, “मुझे तो तू उस वक्त ही पसंद आ गया जब तूने मेरे स्तन देख के साइज़ का अंदाजा लगा लिया” मैं कुछ बोला नहीं और उसकी लेंघी उतार दी.

साथ ही मैंने अपने कपडे भी उतार दिए, भाभी मेरा लंड हाथ से दबाने और सहलाने लगी, मैंने भी उसी का डायलोग उसी को चिपका दिया, “आप इसे चूसेगी तो भी मैं कुछ नहीं कहूँगा, घबराओ मत….!” भाभी हंस पड़ी और वो मेरे लंड को अपने हाथ से पकड कर धीमे से होंठो कके तरफ ले गई और अपने गुलाबी गुलाबी होंठो को मेरे लंड से स्पर्श कर दिया, मेरी आँखे बंध हो गई, यह भाभी बहुत रोमेंटिक तरीके से मेरा लंड चूस रही थी, वोह लंड अंदर करती थी और फिर उसे बहार निकालती थी और फिर उसके हेलमेट जैसे भाग को जो से चूस लेती थी. मेरा लंड पूर्ण उत्तेजित हो चूका था और उसे इस सेक्सी भाभी की चूत चाहिए थी. मैंने भाभी का माथा पकड कर लंड निकालना चाहा लेकिन भाभी को शायद लंड से कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी थी इसलिए वह मेरे खींचने पर भी लंड चुसे ही जा रही थी.. मैंने उसे कहा, “ज्यादा मत चुसो, मुहं में निकल जाएगा…!”

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भाभी अब खड़ी हुई और मैंने उसे वही ट्रायल रूम का दरवाजा पकडवा के खड़ा कर दिया, उसकी बड़ी गांड देख के ;लंड ध्रुज रहा था मेरा तो. मैंने लंड के उपर थोडा थूंक निकाल के लगाया और फिर भाभी को थोडा निचे झुका के उसकी गांड के पास से होते हुई चूत के अंदर लंड चुभो दिया. भाभी आह आह ओह ओह बोलने लगी और मैं धीमे धीमे उसकी चूत के रोड पर अपने लंड की ट्रक चलाने लगा. भाभी सेक्सी आवाजे निकालने और मैं उसे क्रमश: स्पीड बढ़ाकर चोदता रहा. उसने मुझे झांघ के आगे से पकड लिया कुछ पांच मिनिट की चुदाई के बाद और मुझे लगा की सेक्सी भाभी की चूत पानी छोड़ चुकी है. मैंने भाभी के स्तन मसले और चोदने की स्पीड बढ़ा दी, लंड फचफच उसकी चूत के अंदर बहार होने लगा और मैं भी एक मिनिट के भीतर ही झड़ गया. सच में बहुत मजा आया इस सेक्सी चूत कको चोदने का मुझे…..!

मैं और सेक्सी भाभी बहार आये तो बिरजू आँखे फाड़े मेरी तरफ देख रहा था. मैंने भाभी को मस्त मुलायम तिन ब्रा निकाल के दिए और उसे कहा की काम हो तो कभी भी बोल दे और उसको मैंने अपना नंबर भी दे दिया. बिरजू कान लगा के हमारी बातें सुन रहा था….जब यह भाभी उसे पैसे देने के लिए काउन्टर की तरफ गई तो वोह बोला, “भाभी अब आप से पैसे लेके मेरी नौकरी गवानी है क्या मुझे….!”

सेक्सी भाभी हंस पड़ी और मेरी तरफ देखते हुए दुकान के बहार चली गई……!

दोस्तों आप मित्रो के इस साईट के माध्यम से स्टोरी पाठन करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद और कृपया इस साईट की लस्ट भरी स्टोरीयों के लिए साईट रोज देखते रहें…

हम दिन में दो बार आपके लिए नयी स्टोरी अपडेट करते है

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साक्षी भाभी से सेक्स का पाठ https://sexstories.one/sakhi-bhabhi-ka-chodan/ Thu, 19 Aug 2021 02:52:11 +0000 https://sexstories.one/?p=4153 दोस्तो यह उस वक्त की बात है जब मेरी मुलाकात साक्षी भाभी से पहली बार हुई थी उनसे मेरी मुलाकात बड़े ही अजीब ढंग से हुई उन्होंने हमारे फ्लैट के नीचे वाला फ्लैट खरीद लिया ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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दोस्तो यह उस वक्त की बात है जब मेरी मुलाकात साक्षी भाभी से पहली बार हुई थी उनसे मेरी मुलाकात बड़े ही अजीब ढंग से हुई उन्होंने हमारे फ्लैट के नीचे वाला फ्लैट खरीद लिया था। मैं एक दिन अपनी सीढ़ियों से उतर रहा था उस समय लिफ्ट खराब थी इसलिए मुझे सीढ़ियों से जना पड़ा, मैं जैसे ही सीढ़ियों से नीचे उतर रहा था तो मेरा पैर फिसल गया और मैं बड़ी तेजी से नीचे की तरफ को गिरा, उसी वक्त साक्षी भाभी भी अपना दरवाजा खोल कर बाहर आ रही थी और उनसे मेरी टक्कर इतनी जोरदार हुई की हम दोनों ही वहां नीचे गिर पड़े और जैसे ही हम दोनों जमीन पर गिरे तो उन्होंने मेरा चेहरा देखा, मैंने जब अपने चेहरे से उनके बालों को हटाते हुए उनके चेहरे की तरफ देखा तो मैं उन्हें देखते ही उनका दीवाना हो गया।Bhabhi sex stories aur antervasna

उसके बाद मैं उनके पीछे ही पड़ गया लेकिन मुझे नहीं पता था कि वह बड़ी ही सीधी और शरीफ महिला है इसलिए मुझे उन्हें पटाने में काफी समय लगा हालांकि उनके पति बड़े ही अच्छे हैं लेकिन मेरा दिल भी साक्षी भाभी पर आ चुका था क्योंकि उनकी सुंदरता का मैं बहुत ही कायल हो गया था और इसलिए मैं किसी भी हालात में अब कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं करना चाहता था, मैंने सोच लिया कि मैं साक्षी भाभी को अपना बना कर ही रहूंगा। मेरी भी शादी नहीं हुई थी लेकिन मेरे घर वाले भी मेरे लिए लड़की देख रहे थे परंतु उन्होंने मुझे जितनी भी लड़कियां दिखाई वह सब साक्षी भाभी के आगे फैल थी, मैंने जब एक दिन उन्हें कहा कि भाभी आप मेरे साथ क्या घूमने चल सकती हैं? वह मुझे कहने लगे मैं ऐसे ही किसी के साथ भी नहीं जा सकती। मैंने उन्हें कहा क्या हम आज ऐसे ही हो गए? वह कहने लगे मुझे पता है आजकल का माहौल कैसा है यदि मैं तुम्हारे साथ आऊंगी तो सब लोग मेरे बारे में गलत सोचेंगे इसलिए मैं तुम्हारे साथ नहीं आना चाहती और ना जाने तुम्हारे दिल में मेरे लिए क्या चल रहा हो।

जब उन्होंने यह बात कही तो मैंने दिल ही दिल में सोचा कि उनके लिए तो मेरे दिल में बहुत कुछ चल रहा है परंतु मैं कह नहीं सकता और उस वक्त उन्होंने मुझे साफ मना कर दिया लेकिन मैंने भी अब यह पूरी तरीके से ठान लिया था कि मैं उन्हें अपना बना कर ही रहूंगा इसलिए मैंने उन्हें अपना बनाने की सोच ली और एक दिन वह ऑटो से आ रही थी, जब वह ऑटो से आ रही थी तो उस वक्त उनका साड़ी का पल्लू ऑटो से बाहर की तरफ लटक रहा था मैं भी बिल्कुल उसी वक्त उनके पीछे आ रहा था, मैंने जब देखा कि उनका साड़ी का पल्लू नीचे लटक रहा है और वह एक जगह टायर में उलझ गया उनका साड़ी का पल्लू टायर में उलझ गया..

मैंने भी बिल्कुल सही वक्त पर एंट्री मारी और जैसे ही मैंने ऑटो वाले को कहा कि ब्रेक मारे तो उसने तुरंत ब्रेक मार दिया, ऑटो वाले को तो यह बात पता ही नहीं चल रही थी कि उनकी साड़ी का पल्लू एकदम टायर के बीच में आ चुका है और वह टायर पर फसने लगा है जब उन्होंने मुझे देखा तो साक्षी भाभी मुझे कहने लगी मैं तुम्हें कैसे शुक्रिया कहूं, मैंने उन्हें कहा मुझे शुक्रिया कहने की कोई आवश्यकता नहीं है मैं तो बस आपसे इतनी उम्मीद करता हूं कि आप मेरे साथ कभी कहीं बाहर चले मैं उतने में ही खुश हूं, वह कहने लगे कि लगता है अब तो मुझे तुम्हारे एहसान का बदला उतारना ही पड़ेगा।

उन्होंने मुझे कहा कि चलो फिर देरी किस बात की है हम लोग अभी कहीं चलते हैं, मैंने उन्हें कहा आज आप मेरे घर पर चलिए मैं आपको गरमा गरम कॉफी पिलाता हूं, वह कहने लगी ठीक है आज तुम्हारे घर पर ही मैं बैठ जाती हूं, वह मेरे घर पर आ गई और मैंने उनके लिए कॉफी बनाई,  जब मैंने उन्हें कॉफी दी तो वह कहने लगी तुम कॉफी तो बड़ी अच्छी बनाते हो, इसमें खुशबू भी बहुत अच्छी आ रही है, मैंने उन्हें कहा मुझे तो बस कॉफी बनाना आता है और मैं ज्यादा कुछ बना नहीं सकता क्योंकि मुझे खाना बनाना नहीं आता, वह कहने लगी तुम अकेले रहते हो और तुम्हें खाना बनाना नहीं आता तो तुम खाना कैसे खाते हो? मैंने उन्हें कहा कभी कबार मेरी मम्मी पापा मेरे साथ रहते आ जाते है लेकिन अधिकतर वह गांव में ही रहने लगे हैं इसलिए मैं अकेला ही रहता हूं, मैं खाना बाहर से ही आर्डर करवा लेता हूं, वह मुझे कहने लगी मैं तुम्हें खाना बनाना सिखा दूंगी तुम उसकी बिल्कुल चिंता मत करो, मैंने उन्हें कहा यदि आप मुझे खाना बनाना सिखा दें तो मेरे ऊपर बहुत मेहरबानी होगी।

मैं बाहर का खाना खाकर वाकई में बहुत परेशान हो चुका हूं मुझ से बाहर का खाना ज्यादा समय तक नहीं खाया जाता लेकिन मेरी मजबूरी है इसलिए मैं बाहर खाना खाता हूं, वह कहने लगे कि चलो जब तुम्हारे पास वक्त हो तो तुम मुझे बता दिया करना, मैंने उन्हें कहा मेरे पास तो वक्त होगा लेकिन आपको तो मेरे लिए समय निकालना पड़ेगा, वह कहने लगी क्यों नहीं मैं तुम्हारे लिए जरूर समय निकाल लूंगी और उसके बाद हम दोनों अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करने लगे। वह मुझे अपने पति के बारे में बताने लगी और कहने लगी मेरे पति बहुत ही अच्छे हैं। मैंने उस वक्त सोचा कि क्या मैं साक्षी भाभी का ख्याल अपने दिल से निकाल दूं लेकिन उन्हें देखकर मेरे दिल की धड़कने और भी तेज हो जाती। मैं भी अपने आपको ज्यादा समय तक नहीं रोक पाया। मै उनके पास में जाकर बैठ गया मैंने जब उनके बालों को सहलाना शुरु किया तो वह कहने लगी क्या तुम्हें मेरे बाल इतने पसंद है। मैंने उन्हें कहा भाभी मुझे तो आपका पूरा बदन पसंद है यह कहते ही उन्होंने मेरे हाथ को पकड़ लिया और कहने लगी तुम ऐसे मत करो यह बिल्कुल अच्छा नहीं है।

मैंने उनकी कमर पर हाथ लगा दिया, जब उनकी नंगी कमर पर मैंने हाथ लगाया तो वह अपने हाथ को मुझसे छुड़ाने की कोशिश करने लगी लेकिन मैंने भी उन्हें सोफे पर लेटा दिया। मैने जब उनके स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह अपने मुंह से आवाज निकालने लगी। मैंने जैसे ही उनकी साड़ी को ऊपर किया तो वह कहने लगी तुम यह क्या कर दिया। मैंने भी उनकी योनि के अंदर अपनी उंगली डाल दी, जैसे ही मेरी उंगली उनकी चूत मे गई तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ। वह कह रही थी ऐसा मत करो लेकिन मैंने रुकने का नाम नहीं लिया। मैंने अपने लंड को पैंट से बाहर निकाला तो मैंने उनकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि में प्रवेश हुआ तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा, मैं उन्हें बड़ी तेजी से चोदने लगा उनकी चूतडे जब मुझसे टकराती और उनके साड़ी भी उनके पेट तक पहुंच चुकी थी। मैंने उनके बलाउज को खोलते हुए उनके स्तनों को बाहर निकाल दिया, जब मैंने उनके स्तनों को चूसना शुरू किया तो उनकी योनि से गर्म पानी बाहर निकलने लगा। जब मैंने अपनी जीभ को उनके निप्पल पर लगाया तो मुझे उनकी कमजोरी पता चल गई।

जैसे ही मै उनके निप्पल को चूसता तो वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो जाती, वह मेरा पूरा साथ देने लगती। मैंने उन्हें कहा जब मैं आपके निप्पलो को चूस रहा हूं तो आपको बड़ा अच्छा लग रहा है। वह मुझे कहने लगी यदि कोई भी मेरे निप्पलो को चूसता है तो मुझे बहुत अच्छा लगता है, उनकी योनि से लगातार तेज पानी बाहर की तरफ निकल रहा था मैंने भी उन्हें तेज गति से चोदना प्रारंभ कर दिया। मै बड़ी तेजी से अपने लंड को उनकी योनि के अंदर बाहर करता जाता, जब मेरा वीर्य पतन होने वाला था तो मैंने उन्हें कहा भाभी मेरा वीर्य गिरने वाला है क्या मैं आपकी योनि के अंदर अपने वीर्य को गिरा दू। वह मुझे कहने लगी हां तुम मेरी चूत के अंदर गिरा दो, मैंने भी एक ही झटके में उनकी योनि के अंदर अपने वीर्य को गिरा दिया, जब मेरा वीर्य उनकी योनि मे गिरा तो मुझे बहुत अच्छा लगा।

उसके बाद तो साक्षी भाभी मेरी हो चुकी थी और वह मुझे जब भी खाना बनाना सिखाती तो मैं उससे पहले उनकी चूत मारता, मुझे बहुत मजा आता है। उनके साथ मैंने सेक्स का पाठ पढ़ा और उन्होंने मुझे सेक्स के बारे में बताया, कौन से सेक्स के पोज होते है और कैसे अच्छे से सेक्स किया जाता है। मैंने भाभी से कहा आपने तो मुझे काफी खुशी कर दिया है अब मै शादी करने के लिए तैयार हो चुका हूं। वह मुझे कहने लगी अगर तुम शादी कर लोगे तो मेरी इच्छाओं को कौन पूरा करेगा।

मैंने उन्हें कहा आपकी इच्छाओं को मै जिंदगी भर पूरा करता रहूंगा लेकिन अब मुझे भी नई चूत की तलाश है, मुझे भी अब शादी करनी ही पड़ेगी।

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सगी भाभी से सच्चा प्यार https://sexstories.one/matwali-bhabhi-ki-chodayi-ki-sex-kahani/ Tue, 25 May 2021 14:14:08 +0000 https://sexstories.one/?p=3633 सगी भाभी से सच्चा प्यार.. नमस्कार दोस्तों मेरा नाम राज है और यह मेरी पहली और एकदम सच्ची कहानी है जो की मेरी जिंदगी में बीती थी । मै फिरोजाबाद का रहने वाला हु और ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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सगी भाभी से सच्चा प्यार.. नमस्कार दोस्तों मेरा नाम राज है और यह मेरी पहली और एकदम सच्ची कहानी है जो की मेरी जिंदगी में बीती थी । मै फिरोजाबाद का रहने वाला हु और मेरी उम्र 20 वर्ष है और मेरे लंड का साइज़ 8 इंच है। मै दिखने में स्मार्ट लगता हु । मेरे परिवार में मै, मेरे मम्मी पापा, बहन और भैया भाभी रहते है । मेरे भाई का नाम विशाल है और भाभी का नाम अमृता है।

भाभी पतिव्रता नारी है और मेरे भैया से बहुत ही प्यार करती है। भाभी की उम्र 24 वर्ष है और उनका फिगर 32 है । उनकी गांड मोटी है और वो बहुत ही खुबसूरत हॉट लगती है। उनको देखकर अच्छे अच्छे के लंड खड़े हो जाते है। मै भाभी से बहुत प्यार करता हु और उन्हें चोदना चाहता हु। मेरा कमरा भाभी के कमरे के पास ही है। मेरे भैया की शादी को 5 साल हो गए है परन्तु अभी तक उनको बच्चा नहीं हुआ है।

Bhabhi bahu matwali thi… Chodayi ko aatur..

उन्होंने कई डॉक्टरों को दिखाया किन्तु कुछ भी नहीं हुआ।

एक दिन मै रात को 11 बजे बाथरूम गया तो मैंने भैया और भाभी की आवाज सुनी। भाभी भैया से बोल रही थी की आप से नहीं होता है तो मत किया करो। रोज रोज खुद का पानी निकाल लेते हो और मेरा रह जाता है। तब मुझे पता लगा की आखिर कमी मेरे ही भैया में है । मेरा भैया प्राइवेट जॉब करते है वो सुबह 9 बजे जाते है और शाम को 6 बजे आते है। दिनभर मै और भाभी हंसी मजाक करते रहते है।

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एक दिन दोपहर को मम्मी पापा अपने कमरे में सो रहे थे और मै भाभी के कमरे में टीवी देख रहा था। भाभी में मेरे पास आकर बैठी और हम हंसी मजाक करने लगे । बातो ही बातो में मैंने भाभी से बोल दिया की भाभी आप मुझे बहुत ही अच्छे लगते हो। मुझे आपको किश करना है और इस पर भाभी ने मुझे डाटा। मै रोज बार बार जिद करता और वो हर बार मना कर देती थी।

इस तरह करीब 1 महिना गुजर गया। एक दिन दोपहर को मै क्रिकेट खेल कर घर आया तो देखा भाभी अपने कमरे में सो रही थी। और उनकी गांड दरवाजे की तरफ थी तो मै भी भाभी के पास आया और उनको पकड़कर सो गया। मैंने अपना लंड भाभी की साड़ी के ऊपर से ही उनकी गांड में सेट किया और पीठ पर किस करने लगा। तो भाभी अचानक से उठी और मेरे गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मारा।

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भाभी बोली की देवर जी मुझे आपसे ये उम्मीद नहीं थी। मै बोला भाभी आप मुझे सेक्सी लगती हो और देवर भाभी में इतना सा तो चलता है तो वो बोली की देवर जी मै उस टाइप की ओरत नहीं हु जो तुम समझ रहे हो। तुम्हारे भैया को पता चल गया तो मुझे जान से ख़त्म कर देंगे। तुम्हारा तो कुछ नहीं बिगड़ेगा क्योंकि तुम तो उनके सगे भाई हो और तुमसे वो बहुत प्यार करते है । मै बोला भाभी किसी को कुछ पता नहीं चलेगा यह बात सिर्फ हम दोनों के बीच रहेगी। मै ज्यादा कुछ नही सिर्फ तुम्हे किस ही करूँगा। और मैंने भाभी को कमर से पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया। प

रन्तु भाभी ने मुझे धक्का मारा और बाहर चली गयी। मुझे उस पर बहुत गुस्सा आया। 2-3 दिन तक मैंने उससे बात नहीं की। फिर वो खुद ही मुझे मनाने के लिए मेरे पास आयी और प्यार से बाते करने लगी और मै उनका चेहरा देखकर मान भी गया। यह सिलसिला कई दिनों तक चलता रहा। मै उसे किस करने के लिए राजी करता और वो मना कर देती थी। मै उनको व्हाट्सअप चैट पर किस के फोटो और विडियो भेजने लगा। किन्तु उन पर कोई असर नहीं हुआ। एक दिन घर में कोई नहीं था। मेरे सभी घर वाले मेरे मामा के चले गए थे और मेरे भैया ऑफिस चले गए थे।

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घर में सिर्फ मै और भाभी ही थे। तो मैंने सोचा इससे अच्छा मोका दोबारा नहीं मिलेगा। दोपहर को मै भाभी के पास आया और उनसे बाते करने लगा, बातो ही बातो में मैंने अपना हाथ उनके कंधो पर रख दिया और धीरे धीरे मसलने लगा। वो बोली देवर जी ये सब ठीक नहीं है। मै बोला भाभी अभी घर में सिर्फ हम दोनों है किसी को कुछ पता नहीं चलेगा और मेरे बार बार जिद करने पर भाभी बोली की सिर्फ किस ही करने दूंगी, इससे आगे कुछ नहीं।

मै मान गया। मैंने भाभी की कमर में हाथ डाला और उन्हें कस के पकड़ लिया। मैंने अपने होठ भाभी के होठो पर रख दिए और चूसने लगा। मेरा हाथ उनकी पीठ पर से खिसकता हुआ उनकी गांड पर जा टिका। करीब 10 मिनट तक हम होठो पर किस करते रहे। इससे भाभी भी गर्म हो रही थी। मैंने पीछे से भाभी की साड़ी को उप्पर करके जांघो तक खिसका दिया। और उनकी जांघो को मसलने लगा।

और मेने अपना हाथ उनके ब्लाउज में डाल दिया। तभी भाभी ने मुझे धक्का दिया और पीछे खिसक गयी। अब मैंने भाभी को जबरदस्ती पीछे से पकड़ लिया और उनकी पीठ पर किस करने लगा। मैंने अपना लंड भाभी की गांड पर टिका दिया, भाभी ने मेरे पजामे में हाथ डाल कर लंड पकड़ लिया और मसलने लगी। भाभी के हाथो के स्पर्श से मेरा लंड तनकर खडा हो गया।

Bhabhi ko chodayi ki sexkahani padhiye

मै दोनों हाथो से भाभी के बूब्स मसल रहा था और भाभी लंड को लगातार मसल रही थी और मुझे मजा आ रहा था।

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