antervasn Archives - Antarvasna https://sexstories.one/tag/antervasn/ Hindipornstories.org Tue, 05 Oct 2021 10:31:12 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 दोस्त की साली को चोदा https://sexstories.one/dost-ki-saali-ko-choda/ Tue, 05 Oct 2021 10:31:12 +0000 https://sexstories.one/?p=3157 उसने दरवाज़ा जैसे ही बंद किया मैंने उसे उठा कर अपनी बाँहों मैं ले लिया और उसके बेडरूम मैं ले जाकर बेड पे पटक दिया और अपने होंठों को उसके होंठो पर रख कर जोर से चुम्मा लेने लगा वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी वो मेरे बालो को पकड कर कसके किस कर थी |

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Dost ki saali ko choda kamuk kahani – हेल्लो दोस्तों मैं एक बार फिर एक कहानी लेकर आया हूँ | मेरा नाम अजय है मैं एक बार फिर अपनी कहानी लेकर आया हूँ | मैं राजस्थान का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 25 वर्ष है | मेरे लंड की लम्बाई 6 इंच है जिसे देख कर अच्छी अच्छी लौंडियों की चूत मैं पानी आ जाता है | मैं एक साधारण युवक हूँ जो अपनी लाइफ को अपने हिसाब से इंजॉय करता हूँ |

दोस्तों वैसे मेरी जिन्दगी मैं कई मोड़ आये है | ये कहानी भी उन्ही में से एक है जो की मेरे साथ घटी हुई है और मैं आप लोगों के बीच आज लेकर आया हूँ | मुझे पता है की ये आप को पसंद आयेगी तो दोस्तों मैं आप सब का समय खराब न करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ |

दोस्तों मैं अपने एक ख़ास दोस्त की शादी मैं गया हुआ था वंहा पर मैं अपने दोस्तों के साथ खड़ा होकर इंजॉय कर रहा था | तभी मेरी नजर एक भाभी पर पड़ी जिनकी उम्र लगभग 26 या 27 की होगी कमाल लग रही थी | उनके चूतडो का उठान देख कर किसी का भी सामान हिलोरे लेने लगे और उनके गोल-गोल बूब्स देखकर तो मेरा सामान खड़ा होने लगा बड़ी मुस्किल से मैंने उसे सम्हाला और फिर मैं अपने दोस्तों के बीच बिजी हो गया |

पर सायद उन्होंने मुझे देख लिया था की मैं उनके बूब्स को देख रहा था इसी वजह से मैंने जब मुड कर देखा तो वो मुझे देख रही थी | तो मैंने नजरे वह से हटा ली पर मेरा मन नहीं मान रहा था तो मैंने अपने दोस्त से पुछा की जिसकी शादी थी की ये कौन है | तब मुझे पता चला की वो तो मेरे दोस्त की बड़ी साली है |

मेरी नजरे पूरी शादी में उन्ही पर टिकी रही और सायद उन्होंने ने भी इस बात पर गौर किया था | क्योंकि वो भी मुझे बहुत देर से घूरे जा रही थी | तो मैंने उनकी तरफ देख के प्यारी सी स्माइल की जिसका जवाब उन्होंने भी स्माइल से दिया | मानो मेरी तो लाटरी लग गयी हो फिर हम सब खाना खाने पहुंचे तो मैं अपने लिए प्लेट लेने गया तो वो भी प्लेट लेने मेरे पास आ गयी तो मैंने अपनी प्लेट उनको थमा दी और मैंने दूसरी प्लेट खुद ले ली वो मुस्कुरा कर वह से चली गयी | फिर पूरी शादी मैं हम एक दुसरे से इशारों से बाते करते रहे चलते वक़्त मैंने अपना मोबाइल नंबर चुपके उनको दे दिया और काल करने को कहकर मैं वहा से चला आया |

उस रात मैं सो नहीं पाया मैं जब भी आँखें बंद करता उनका चेहरा मेरी आँखों के सामने घूमने लगता मैं उनके बारे मैं सोंच कर पागल हुआ जा रहा था की न जाने कब वो मुझे चोदने को मिलेंगी कब उनके उठे हुए मम्मे मसलने को मिलेंगे | उस रात तो मैं उनके नाम की मुठ मार के सो गया और उनके सपनो मैं खो गया |

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अगले दिन उनका फ़ोन आया तो मैंने फोन उठाया क्या सेक्सी आवाज़ थी | लग रहा था की जैसे मैं 16 साल की लड़की से बात कर रहा हूँ | उसने अपना नाम सरिता बताया | मैंने कहा सरिता मुझे तुमसे प्यार हो गया है मैं तुम्हे बहुत चाहता हूँ | तो सरिता ने कहा की वो भी मुझे पसंद करती है | फिर हम दोनों एक दुसरे से रोज बाते करने लगे |

उसने बताया की उसके पति बिजनेस मैंन हैं और ज्यादातर घर से बाहर ही रहते है | और उसके घर मैं उसके सास-ससुर वो ही रहती है | और वो रोने लगी तो मैंने उसे चुप कराया और उसे पुछा की वो रो क्यों रही है | तो उसने बताया की उसके पति का चक्कर एक लड़की के साथ है और वो सही से उसकी आग नहीं बुझा पाता और उसका लंड भी बहुत छोटा इसी के कारण शादी के तीन साल बाद भी आज तक वो आज तक माँ नहीं बन सकी और उसके सास-ससुर उसे ताने देते रहते है |

मैं तो एक दम से उचल पड़ा जो बात मैं बोलना चाहता था की मैं उनकी चूत के लिए पागल हूँ | पर उसने ही वो बात बोल दी मैंने कहा की वो परेशान न हो मैं हूँ मैं उसकी प्यास बुझाऊंगा |

इस तरह हम दोनों एक दुसरे से गरम-गरम बाते किया करते थे और वो अपनी चूत मैं ऊँगली डाल कर और मैं मुट्ठ मार कर अपना कम चलने लगे | एक दिन की बात है | सुबह का समय था सरिता का फोन आया उसने बताया की उसके सास-ससुर आज बाहर जा रहे है | और आज शाम को मुझे अपने घर बुलाया आज वो समय आ ही गया जिसका हम दोनों को इन्तजार था | मैं तो खुशी से पागल होने लगा था | उस दिन मैं दिन भर सरिता के ख्यालो मैं खोया रहा | और शाम को मैं उसके घर पहुंचा और उसके दरवाजे की घंटी बजाई सरिता ने दरवाजा खोला तो मैं तो उसे देखता ही रह गया नीले कलर की नाइटी में कहर था रही थी |

उसे देखते ही मेरा लंड पैन्ट फाड़कर बाहर आने लगा तो उसने कहा अन्दर आओ राजा क्या आँखों से चोदोगे क्या तो मैं फिर उसके घर के अन्दर गया |

और उसने दरवाज़ा जैसे ही बंद किया मैंने उसे उठा कर अपनी बाँहों मैं ले लिया और उसके बेडरूम मैं ले जाकर बेड पे पटक दिया और अपने होंठों को उसके होंठो पर रख कर जोर से चुम्मा लेने लगा वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी वो मेरे बालो को पकड कर कसके किस कर थी | फिर मैं उसके मम्मो को मसलने लगा क्या मस्त मम्मे थे | एक दम कडक जैसे कि किसी ने छुआ ही न हो वो मदहोस होने लगी | मैंने उसकी नाइटी निकाल कर फेंक दी अब वो सिर्फ ब्रा और पैन्टी मैं मेरे सामने थी क्या गज़ब लग रही थी काली ब्रा और पैन्टी मैं फिर मैंने उसे उल्टा किया और उसके पीठ पर किस करने लगा और ब्रा के हुक खोल कर उसकी ब्रा निकाल कर फैंक दी और उसके मम्मो को आज़ाद कर दिया |

और उसकी चूत मैं ऊँगली करने लगा उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी | मैंने उसकी पैंटी निकाल दी और उसकी चूत पर अपना मुह रख कर उसे चाटने लगा और उसके मम्मो को अपने हांथों मैं लेकर मसलने लगा | वो मेरे सर को पकड़ कर मेरे मुह को अपनी चूत की ओर दबा रही थी | और जोर से सिस्कारिया ले रही थी | अब वो बहुत गरम हो चुकी थी उसने मेरी पैन्ट खोल दी और मेरा लंड को निकाल कर उससे खेलने लगी मेरा मोटा लंड देख कर वो बहुत खुश थी | उसने मेरा लंड अपने मुह मैं डाल लिया और उसे चूसने लगी मेरा लंड लोहे की राड की तरह कड़क हो चूका था |

उसने मुझसे कहा की अब मुझे मत तडपाओ मेरे राजा डाल दो अपना लंड मेरी चूत में | बुझा दो इसकी प्यास बहुत दिनों से प्यासी है और तुम्हारे लंड का इंतज़ार कर रही है | मैंने अपने लंड के सुपाडे पर थोडा सा थूक लागाया और उसकी टाँगे फैलाकर उसकी चूत पर रगड़ने लगा | साथ मैं उसके मम्मो को मसलने लगा और एक जोर के धक्के के साथ मैंने अपना आधा लंड उसकी चूत मैं घुसा दिया वो एक दम चीख उठी इतने दिनों से सुखी पड़ी उसकी चूत टाइट हो चुकी थी| उसकी चीख निकलते ही मैंने अपने होंठो को उसके होंठो पर रख दिया और किस करने लगा और धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा अब वो मेरा साथ देने लगी थी | मैंने भी धक्को की स्पीड बढ़ा दी और अपना पूरा लंड उसकी चूत मैं पेल दिया |

अब वो भी मज़ा ले रही थी और गांड उठा-उठा मेरा साथ दे रही थी उसकी मादक सिस्कारिया आह ओह्ह उम्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्हओ अह्ह्ह फक मी अहह ओह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह आह्ह आह्ह्ह उम्म्ह्ह ओह्ह्ह कम ऑन फक मी अहह ओह्ह्ह उम्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह ओह्ह्ह अहह्ह्ह आह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह्ह येस्स ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह ओम्ह्ह्ह यस्स्स्स उम्म्हह्ह अह्ह्ह आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्म उम्ह्ह्ह अह्ह्ह्हा उम्ह्ह उम्ह्ह्ह पूरे कमरे में गूँज रही थी | उसकी मादक सिस्कारियों से मेरा जोश और बढ़ रहा था मैं और जोर से धक्के लगाने लगा |

15 मिनट की चुदाई के बाद वो झड गयी पर मैं कहा झड़ने वाला था | मैं बराबर धक्के लगाये जा रहा था और उसकी चुचियो पर अपना मुह रख कर उन्हें अपनी जीभ से सहला रहा था | वो आह्ह ओह्ह नो ओह्ह आह्ह्ह एस ओह्ह नो अह्ह्ह उम्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह उम्ह्ह्ह अह्ह्ह उम्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह की आवाज़े निकाल रही थी और मेरे बालो मैं हाँथ डालकर सहला रही थी | अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने उससे पूंछा की बाहर निकालू या अन्दर ही रहने दूँ उसने कहा अन्दर ही रहने दो | मैं धक्के लगाता गया उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया उसके बाद हम एक दुसरे के ऊपर ऐसे लेटे रहे और एक दुसरे को चूमते रहे सरिता ने कहा आज जो मुझे आनंद मिला है वो आज तक मेरे पति मुझे नहीं दे पाए मेरी चूत धन्य हो गयी आज तुम्हारा लंड पाकर आज से चूत तुम्हारी फिर मने उस रात तीन बार चोदा और सुबह होते ही अपने घर चला आया |

उसके बाद मैंने सरिता को कई बार चोदा |

आज एक बच्चे की माँ है और वो मेरा बच्चा है |

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हनीमून पे सुहागरात https://sexstories.one/honeymoon-pe-xxx-storiez/ Tue, 07 Sep 2021 09:35:18 +0000 https://sexstories.one/?p=3154 मेरा नाम मोना है में फिर से अपनी नई स्टोरी लेकर आई हूँ। ज्यादा टाइम ख़राब ना करते हुये में स्टोरी शुरू करती हूँ की केसे मैने सकिंग करनी शुरू की ओर केसे मेरा सेक्स ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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मेरा नाम मोना है में फिर से अपनी नई स्टोरी लेकर आई हूँ। ज्यादा टाइम ख़राब ना करते हुये में स्टोरी शुरू करती हूँ की केसे मैने सकिंग करनी शुरू की ओर केसे मेरा सेक्स शुरू हुआ शादी के 18 दिन बाद मोनू मुझे कहने लगा की मुझे हनिमून के लिये जाना है मैने कहा कहा तो वो बोला मनाली तो मेंने तैयारी करनी शुरू कर दी 2-3 सेक्सी सी नाइटी ली और बाकी का समान पैक किया ओर हम मनाली को चल पड़े मोनू खुद गाड़ी ड्राइव कर रहा था जब कभी भी वो गेयर चेंज करता तो मेरे पैर पर हाथ फेर देता दोपहर तक हम पहाड़ो के बीच पहुँच चुके थे हम दोनों ने एक जगह रुक कर चाय भी पी ओर सुनसान जगह देख कर हमने ओपन में स्मूच भी किया. Honeymoon xxx storiez

शाम को हम होटल पहुँच गये सफर की वजह से हम बहुत थक चुके थे तो मैने कहा की में बाथरूम जाना चाहती हूँ तो मोनू ने कहा की में भी जाना चाहता हूँ तो हम दोनो एक साथ वॉशरूम में चले गये मैने जीन्स ओर कुर्ता पहन रखा था तो में रूम में ही कपड़े निकाल कर बाथरूम में चली गयी पीछे पीछे वो भी आ गये उन्होंने भी कुछ नही पहना था हमने शावर ऑन किया ओर एक दूसरे को पकड कर उसके नीचे खड़े हो गये बहुत मज़ा आ रहा था उन्होंने बॉडी शेम्पू उठाया ओर मुझ पर डाला ओर मेंरे बदन पर लगाने लगे उन्होंने मेरा सारा बदन शेम्पू में कर दिया अब वो अपना हाथ मेंरे बदन पर फेरने लगे शेम्पू की फोम में उनका हाथ बहुत मस्त लग रहा था.

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फिर मैने स्पंज पकडा ओर उनके बदन पर लगाने लगी वो भी मस्त होने लगा लंड तो उसका बाथरूम में आते ही खड़ा हो गया था पर जब मैने फोम उसके लंड पर लगाया तो वो एकदम स्टील की रोड की तरह सख्त हो गया मोनू कहने लगा मोना अब नही रहा जाता तुम झुक जाओ में दीवार को पकड कर खडी हो गयी और थोडा झुक गयी तो उसने पीछे से मेरी चूत में एक झटके से लंड घुसा दिया फिर मोनू ने उपर से शावर ऑन कर दिया पीछे से वो मेरी चूत में शॉट मार रहा था ओर उपर से गर्म गर्म पानी की बारिश हो रही थी धीरे धीरे सारा फोम निकलने लगा मुझे बहुत मज़ा आ रहा था ये बिल्कुल नया स्टाइल था साथ में हम नहा रहे थे ओर साथ में सेक्स हो रहा था करीब 5 मिनिट के बाद में झड़ने लगी आह मेरा काम तो हो गया था लेकिन मोनू अभी बाकी था मेंने उसको कहा जल्दी करो अब मुझसे नही सहा जाता तो उसने स्पीड बड़ा दी मेंरे अंदर तो आग लग गयी मुझे बहुत मज़ा आया.

फिर वो पीछे से ही मेंरे बूब्स ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा में फिर झड़ने के किनारे पर थी मोनू ने अपनी स्पीड ओर ज्यादा कर दी ओर फिर उसका काम तमाम हो गया उसने सारा का सारा पानी मेंरे अंदर छोड़ दिया में दूसरी बार उसके साथ ही झड़ गई उपर से गर्म पानी का शावर अब भी चल रहा था उसने जब मेरी चूत में से लंड बाहर निकाला तो मुझे लगा की जेसे की मेरे बॉडी का अंग निकल गये है मेरा मन इस स्टाइल में चुदवाने को ओर कर रहा था पर मैने सोचा अभी तो हनिमून की स्टार्टिंग है चुदाई करने तो आये है होती रहेगी मैने कपड़े पहने ओर वॉशरूम से बाहर आ गयी आते ही में बेड पर लेट गयी मोनू भी मेंरे मेंरे पीछे आ गया उसने टी शर्ट ओर लोवर पहन ली थी ओर मेंरे बाजू में आ कर लेट गया हम बाते करने लगे.

मोनू : केसा लगा.

में : बहुत मज़ा आया अलग ही स्टाइल थी.

मोनू : अभी तो शुरुआत है आगे तुम को ओर डिफ़्फरेंट मज़े दूंगा पर मुझे बहुत नींद आ रही थी मैने उसकी बातो पर ध्यान नहीं दिया ओर में सो गयी जब मेरी नींद खुली तो काफ़ी अन्धेरा हो चुका था.

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मैने मोनू से पूछा टाइम क्या हुआ है तो मोनू बोला 9:30 pm है मैने कहा भूख लगी है तो वो कहने लगा चलो तैयार हो जाओ होटल के रेस्टोरेंट में चल कर खाना खाते है मैने कहा नही यहा पर ही मंगवा लो तो हमने रूम सर्विस फोन से खाने का ऑर्डर दे दिया में खाना खा के फ्रेश हो चुकी थी मोनू नीचे पार्क में घूमने चला गया में रूम में ही थी ओर अपनी बेग खोली ओर उसमें से मैने सेक्सी नाइटी निकाली जिसके साथ मेंचिंग बिकनी थी में अगली चुदाई के लिये तैयार हो कर बेड पर बेठ गयी थोड़ी देर मे मोनू रूम के अंदर आया ओर मेरा सेक्सी रूप देख कर दंग रह गया उसने कहा मोना तुमने तो मेरा मन जीत लिया मेरा पति मुझसे खुश था तो मुझे इससे बड़ी और क्या ख़ुशी थी उसने मुझको स्मूच करना शुरू किया.

में भी यही चाहती थी तो हमने तकरीबन 15 मिनिट तक फ्रेंच किस किया पर 15 मिनिट के अंदर मोनू ने अगला कदम नही बडाया में हैरान थी इसको क्या हो गया फ्रेंच किस करने के बाद जब में मोनू के लिप्स से अलग हुई तो मोनू मुझे कहने लगा की तुम मेंरे साथ खुश हो ना मैने कहा ये अजीब सा सवाल क्यों पूछ रहे हो तो मोनू बोला बताओं खुश हो की नही मैने कहा हाँ खुश हूँ मुझे जैसा पति चाहिये था वेसा मिल गया है में तो बहुत खुश हूँ तुम्हारे साथ मोनू कहने लगा की पर में खुश नही हूँ मुझे जेसी बीवी चाहिये थी तुम वेसी नही हो मैने कहा मुझ में क्या कमी है केसी बीवी चाहिये तो उसने अपना मोबाइल फ़ोन निकाला ओर मेंरे हाथ में थमा दिया मैने मोबाइल की स्क्रीन में देखा उसमे ब्लू फिल्म चल रही थी ओर लड़की लंड चूस रही थी मोनू बोला ऐसी बीवी चाहिये जो ओरल सेक्स कर सके मैने उसकी आँखों में देखा नज़रे मिली तो हम दोनो हंस पड़े.

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फिर मैने कहा तुम बहुत नॉटी हो मैने मन मे सोचा की इसने तो मेंरे मन की बात छिन ली में भी मुँह में लेना चाहती थी पर में शर्म के मारे कह नही पा रही थी तो मैने थोड़ी सी एक्टिंग करने के बाद कहा पर मुझे तो सकिंग करनी नहीं आता तो मोनू ने कहा की पहली बार तो कुछ नही आता चुदवाना आता था क्या? मैने कहा नही तो उसने कहा अब आता है मैने कहा हाँ तो वो बोला की सकिंग भी सीख जाओगी मैने कहा ठीक है तो उसने कहा की करो शुरू मेंने धीरे धीरे अपना हाथ उसके पजामे की तरफ़ बडाया मैने चड्डी को नीचे खीचा ओर हाथ से उसका लंड बाहर निकालने लगी मैने जेसे ही लंड पर हाथ रखा वो मुझे बहुत गर्म लगा मुझे लगा की जेसे मैने गर्म स्टील की रोड पर हाथ रख दिया हो मैने धीरे धीरे लंड को बाहर निकाला मुझे आज मोनू का लंड पहले से ज्यादा गर्म लग रहा था लेकिन में बहुत एग्ज़ाइटेड थी.

मैने उसके उपर मुट्टी कस ली में तो खुशी के मारे पागल हो गयी थी मैने अपना मुँह खोला मैने ब्लू फिल्म मे देखा था की केसे लड़कियां सकिंग करती है तो मै भी वेसे ही शुरू हो गयी पहले तो मैने थोडा मुँह में लिया ओर चूमने लगी मुझे तो ऐसा लग रहा था जेसे मैने आग का गोला मुँह में ले लिया हो पहले तो मुझे थोड़ी हिचकिचाहट हुई पर 2 मिनिट के अंदर वो ख़त्म हो गयी अब मुझे मज़ा आने लगा था फिर मैने सूपाडे को सारा का सारा अपने मुँह मे ले लिया ओर उस पर अपनी जीभ फेरने लगी मोनू तो जेसे जन्नत में था उसकी तो आँखे बंद थी मैने थोड़ा मुँह आगे किया ओर पूरे का पूरा सूपडा मुँह में ले लिया ओर आगे पीछे करने लगी अब मोनू को मस्ती चड़ गयी वो अपने लंड को मेंरे मुँह में आगे पीछे करने लगा वो बहुत ज़ोर लगा रहा था इसलिये मुझसे उसको रोका नही गया ओर उसका लंड जितना मेंरे मुँह मे घुस सकता था उसने मेंरे मुँह मे घुसा दिया ओर लगा शॉट मारने उसका लंड मेंरे गले को टच करने लगा मुझे एक बार लगा की में उल्टी करूँगी लेकिन 2 मिनिट में सब ठीक हो गया.

अब मुझे मज़ा आने लगा में मुँह हिला रही थी ओर मोनू मेरे मुँह को चोद रहा था बस फिर क्या था 5 मिनिट में मोनू अकडने लगा ओर उसने सारा का सारा पानी मेरे मुँह में ही छोड़ दिया इससे पहले की में वीर्य का टेस्ट ले पाती सारा का सारा वीर्य मेंरे गले के अंदर चला गया जब मोनू का पानी छूट गया तो उसने लंड को मुँह से बाहर निकाला तो उस पर थोडा वीर्य लगा हुआ था तो वो मैने जीभ से चाट लिया मुझे उसका टेस्ट बहुत अच्छा लगा मोनू मुझे कहने लगा की मोना तुमने तो कमाल कर दिया मुझे तुम से इतनी अच्छी उम्मीद नही थी मैने कहा यह तो आपका डर था वरना में यह सब नही कर पाती अगर आप ना कहते की मुझे तुम पसंद नही हो तो मैने कहा की मुझे भी उम्मीद नही थी की में इतना अच्छा सकिंग कर पाऊँगी पर आपके साथ ने ओर आपके प्यार ने मुझसे करवा दिया.

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हम दोनों बहुत खुश थे उस रात हमने 2 बार सेक्स किया अब हम जब भी सेक्स करते है तो सबसे पहले सकिंग करते है मोनू मेरी चूत बहुत चाटता है तो दोस्तो यह थी मेरे हनीमून की कहानी जिसमें मैने सकिंग करनी शुरू की

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एक देसी मां की सच्ची कहानी https://sexstories.one/desi-maa-ki-interfaith-xxx-chudai/ Tue, 07 Sep 2021 07:49:27 +0000 https://sexstories.one/?p=4255 सभी को नमस्कार मेरा नाम अनिरुद्ध नायर है और यह मेरी कहानी नहीं है, बल्कि यह एक सच्ची कहानी है जिसे कोई बेहतर नहीं बता सकता है और यह एक ऐसी कहानी है जिसे बताने ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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सभी को नमस्कार मेरा नाम अनिरुद्ध नायर है और यह मेरी कहानी नहीं है, बल्कि यह एक सच्ची कहानी है जिसे कोई बेहतर नहीं बता सकता है और यह एक ऐसी कहानी है जिसे बताने की जरूरत है। यह कहानी एक घटना के इर्द-गिर्द घूमती है, जो 2008 में हुई थी और मैं उस साल सिर्फ 18 साल की थी और अपनी 12वीं कक्षा में थी। मैं अपने माता-पिता और एक छोटे भाई के साथ मुंबई के बोरीवली में रहता था जो मुझसे 8 साल छोटा है। desi interfaith xxx stories

हम एक हाउसिंग कॉलोनी में 1 बीएचके अपार्टमेंट में रहते थे। मेरे माता-पिता और मेरा छोटा भाई बेडरूम में सोते थे जबकि मैं हॉल में गद्दा लगाकर जमीन पर सोता था। मेरे पिता मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक में भौतिकी के प्रोफेसर थे और मेरी माँ ने एक बैंक में क्लर्क के रूप में काम किया था।

मेरे पिता का नाम विष्णु नायर है, वे एक योग्य इंजीनियर हैं और उन्होंने एम.टेक पूरा करने के बाद मेरी माँ से शादी की और उन्होंने अरेंज मैरिज की और 1988 में शादी कर ली, उन्होंने 1991 में मुझसे शादी की और 2000 में मेरा छोटा भाई अभिषेक हुआ। नाम प्रतिभा है और वह केरल के कालीकट में पैदा हुई और पली-बढ़ी। उसने केरल में ही मलयालम माध्यम में अपनी 12 वीं कक्षा की परीक्षा पूरी की और बैंक में नौकरी कर ली। 24 साल की उम्र में ही मेरे पिता से शादी कर ली।

अब मैं आप सभी को अपने बारे में कुछ बता दूं। आप में से अधिकांश लोगों की तरह और मैंने भी बहुत कम उम्र में पोर्न देखना शुरू कर दिया था। मैं अपने सीनियर बैच की लड़कियों के बारे में सोचकर स्कूल में हस्तमैथुन करता था।

मैंने नेट पर सर्फिंग और अमेरिकी किशोर पोर्न मॉडल आदि की तस्वीरों पर हस्तमैथुन करने में बहुत समय बिताया। मैं अपने तरीकों से बेहद दृश्यरतिक था और दृश्यरतिक चित्रों को क्लिक करने और साझा करने और ऑनलाइन भूमिका निभाने में बहुत समय बिताया। मैंने बहुत सारे ऑनलाइन चैट मित्र बनाए थे, उनमें से ज्यादातर मेरे जैसे साथी सींग वाले पुरुष थे और हम केवल अपनी कल्पनाओं को साझा करते थे, कभी-कभी उनमें से कुछ जो भाग्यशाली होते थे, वे अपने प्यार करने वाले सत्र की तस्वीरें और वीडियो साझा करते थे।

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और मैं उस पर काम करूंगा और मैं बेहद सींग का बना हुआ था और मैंने वह सब कुछ किया जो मेरे चैट दोस्तों ने मुझसे करने के लिए कहा था, जिसमें उनकी मां और बहनों की तस्वीरें संपादित करना शामिल था क्योंकि मैं फोटो शॉप में अच्छा था। मैंने अपने ऑनलाइन दोस्तों के साथ इतना विश्वास बनाया था कि वे अपनी मां, चाची, बहनों, शिक्षकों की तस्वीरें मेरे साथ साझा करेंगे और मुझे किसी भी वयस्क साइट पर साझा किए बिना इसे उनके लिए मॉर्फ करने के लिए कहेंगे और मैं हमेशा उनका पालन करूंगा दिशानिर्देश।

मैं ऑनलाइन बहुत समय बिताता था और विभिन्न लोगों से कम से कम पांच मित्र अनुरोध प्राप्त करता था, उनमें से अधिकतर अनाचार प्रेमी थे जो मेरे पास ऑनलाइन विभिन्न दृश्यरतिक और सेलिब्रिटी नकली धागे देखते थे। मैं बहुत सावधान था कि मैं उनमें से किसी के साथ अपने व्यक्तिगत विवरण साझा न करूं, हालांकि लंबे समय से मेरे हुसैन के ऑनलाइन मित्र ने मेरे निजी जीवन के बारे में मेरी जांच की।

मैं हुसैन को लगभग एक साल से जानता था और मैं उनसे व्यक्तिगत रूप से कभी नहीं मिला था, लेकिन उनके साथ ऑनलाइन चैट करने में बहुत समय बिताया। वह एक अनाचार प्रेमी था और अक्सर अपनी मां राफिया के बारे में कल्पनाएं साझा करता था। वह मुझे विभिन्न पुरुषों के साथ विभिन्न सेक्स पोजीशन में मॉर्फ करने के लिए अपनी मां की तस्वीरें भेजता था। वह उन कुछ लोगों में से एक थे जिनके साथ मेरे अच्छे संबंध थे।

हालाँकि, उस दिन जब हुसैन ने मुझसे मेरे जीवन के बारे में पूछताछ की, तो मुझमें कुछ बदल गया।

यह थी हमारी बातचीत:

Sexyboy hussain: यार, तुम मुझसे हमेशा मेरी माँ के बारे में पूछते हो, तुम मुझे अपनी माँ के बारे में क्यों नहीं बताते कि क्या वह बड़ी है? उसकी ब्रा का आकार क्या है? क्या आपने उसे अपने पिता के अलावा किसी के द्वारा चोदते हुए देखा है? मुझे उसकी तस्वीर दिखाओ यार। मैंने तुरंत लॉग आउट किया और हुसैन को अपनी मित्र सूची से हटा दिया लेकिन उस दिन मेरे साथ कुछ अटक गया।

मैं उन सवालों में से किसी के लिए जवाब नहीं था, मुझे नहीं पता था कि मेरी माँ की ब्रा आकार था, मैं भी उसके अपने पिता द्वारा चूमा जा रहा है, एक दूर का सपना देख रहा है उसे एक और आदमी द्वारा गड़बड़ हो रही किया गया था नहीं देखा है। मैंने अपनी माँ को कभी भी एक कामोत्तेजक वस्तु के रूप में नहीं देखा था, और न ही उसके लिए कभी कोई यौन भावनाएँ रखी थीं। हो सकता है कि मैं इसके बारे में सोचने से भी डर गया था, लेकिन उस रात मेरे अंदर कुछ बदल गया क्योंकि मैं अपने गद्दे पर छत की तरफ देख रहा था।

मेरे दिमाग में मेरी मां प्रतिभा के चित्र चल रहे थे। प्रतिभा नायर 42 साल की थीं, दो मलयाली महिलाओं की मां, जो विष्णु नायर से शादी करने के बाद मुंबई चली गईं। वह एक बैंक में १५ साल से अधिक समय से काम कर रही थी, उसका बड़ा बेटा मैं १२वीं कक्षा में विज्ञान की पढ़ाई कर रहा था, जबकि उसका छोटा बेटा चौथी कक्षा में था।

प्रतिभा अपने दो बच्चों की देखभाल करने वाली माँ और अपने प्रोफेसर पति की देखभाल करने वाली पत्नी थी। प्रतिभा एक ठेठ दक्षिण भारतीय महिला थी, वह घर पर मलयालम बोलती थी, शुरुआत में उसकी हिंदी बहुत खराब थी, लेकिन बाद में मुंबई में रहने के बाद बेहतर हो गई, हालांकि उसका उच्चारण सस्ता था, वह औसत अंग्रेजी बोलती थी लेकिन वह अपने दोनों से मेल नहीं खाती थी। इस विभाग में बच्चे और पति भले ही वह एक कामकाजी महिला थीं।

वह घर के सारे काम करती थी, हालाँकि उसके पास कपड़े धोने के लिए कपड़े धोने की मशीन थी। प्रतिभा पिछले 15 वर्षों से बॉम्बे लोकल ट्रेन में काम कर रही थी, पिछले कुछ वर्षों में उसने कुछ दोस्त बनाए जो उसके साथ महिला विशेष में नियमित थे, इसके अलावा कार्यालय में उसकी कुछ महिला मित्र थीं। उनका जीवन पूरी तरह से उनके परिवार के इर्द-गिर्द घूमता था। यहां अजीब शादी में शिरकत करने के अलावा उनका ज्यादा सामाजिक जीवन नहीं था। और वहाँ जैसे ही मेरे दिमाग में छवियां दौड़ीं, मैंने देखा कि मैंने एक हड्डी विकसित कर ली है। मैं अपराध बोध और शर्म से भस्म हो गया था, लेकिन मैंने जाने देने का फैसला किया।

मैं अपनी माँ से प्यार करता था, लेकिन मुझे यकीन था कि बाकी सभी ने भी किया, यहाँ तक कि जिसने अपनी माँ के बारे में नेट पर कहानियाँ लिखीं और जिन्होंने मेरे साथ अपनी तस्वीरें साझा कीं। मैंने अपनी मां को एक महिला के रूप में देखने का फैसला किया, न कि केवल अपनी मां के रूप में।

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मैं अपने गद्दे से उठा और अपने माता-पिता के बेडरूम से जुड़े बाथरूम में चला गया। वे तीनों गहरी नींद में थे, मैंने लाइट ऑन की और देखा कि मेरी माँ का इस्तेमाल किया हुआ अंडरवियर और ब्रा उसकी नाइटी के नीचे पड़ी थी, जो धोने के लिए रखी गई थी। मैंने अपने मुक्केबाजों को नीचे खींच लिया और मुझे मुर्गा बाहर जाने दिया, मैंने माँ की ब्रा अपने हाथ में ली और प्याले को मेरे डिक से रगड़ना शुरू कर दिया, मैंने उसका भूरा गंदा अंडरवियर लिया और उसे सूँघना शुरू कर दिया।

मेरी माँ ने 36 सी ब्रा पहनी थी, जैसे ही मैंने अपने डिक को उसकी ब्रा के खिलाफ रगड़ा, मैं उसके अंडरवियर के माध्यम से उसकी योनि की गंध को सूंघ सकता था, एक अजीब तरह का करंट मेरे अंदर से बह गया। मैं उसके ब्रा कप में आया और यह सोचने के लिए बैठ गया कि पिछले २० मिनट में क्या हुआ था जब मैंने पहली बार अपनी माँ को एक महिला के रूप में सोचा था, और मैं हैरान था कि मेरी कल्पनाएँ मुझे कहाँ ले जा सकती हैं।

मेरी माँ एक बहुत ही सुंदर मलयाली ब्राह्मण थीं, उनका रंग दूधिया सफेद था, और कूल्हों तक लंबे काले बाल थे। वह लगभग 5 फीट 2 इंच लंबी थी और मोटे दक्षिण भारतीयों की तरह थोड़ी भारी थी। उसने बहुत ही मध्यम कपड़े पहने और फैशन की एक बहुत ही रूढ़िवादी समझ थी, जो अन्य कारणों में से एक है, शायद मैंने उसे कभी इस तरह से क्यों नहीं देखा, वह बाहर और सेक्सी नहीं थी, लेकिन वह सेक्सी हो सकती थी यदि आप उसे अतीत में देख सकते थे सलवार कमीज.

वह आमतौर पर काम करने के लिए पहनती थी, या उसकी सुस्त रातें जो उसने घर पर पहनी थीं। वह पूजा, शादी या किसी त्योहार जैसे खास मौकों पर साड़ी पहनती थीं। वह साड़ियों में तेजस्वी दिखती थी, हालाँकि उसने वास्तव में बहुत अधिक त्वचा नहीं दिखाई थी, उसकी पीठ की त्वचा और छोटी पेट की त्वचा आपको उसके बारे में कल्पना करने के लिए पर्याप्त थी। यह सोचना असंभव था कि मेरी मां ने यौन संबंध बनाए हैं या इसके करीब किसी भी चीज में लिप्त हैं, वह बेहद धार्मिक और बहुत रूढ़िवादी थीं।

वह अन्य पुरुषों से बात करने में अजीब महसूस करती थी, और मेरे या उसकी कुछ महिला मित्रों की कंपनी के बिना अन्य पुरुषों के आसपास रहने से बचती थी। जब घर पर कोई नहीं होता तो वह प्लम्बर को घर में घुसने देने से भी डर जाती थी, इसलिए मेरे लिए वास्तव में मेरी माँ को चोदना असंभव था। मुझमें अपनी मां से संपर्क करने या उनके प्रति कोई भी कदम उठाने की हिम्मत नहीं थी, खासकर तब नहीं जब पिताजी आधे समय घर पर हों।

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पति के पास चोदने का वक्त ही नहीं था https://sexstories.one/gair-mard-se-chudai-karwai/ Mon, 06 Sep 2021 09:42:43 +0000 https://sexstories.one/?p=4247 रजत अपने ऑफिस के काम से कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर जा रहे थे तो मैंने रजत को कहा कि मुझे कुछ पैसे चाहिए थे रजत ने मुझे कहा कि ठीक है मैं ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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रजत अपने ऑफिस के काम से कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर जा रहे थे तो मैंने रजत को कहा कि मुझे कुछ पैसे चाहिए थे रजत ने मुझे कहा कि ठीक है मैं कल तुम्हें जाने से पहले पैसे दे दूंगा। अगले दिन सुबह जब रजत गए तो उन्होंने मुझे जाने से पहले पैसे दे दिए थे रजत और मेरी शादी को 10 वर्ष हो चुके हैं रजत और मेरा शादीशुदा जीवन अच्छे से चल रहा है। रजत ने हमेशा ही मुझे खुश रखने की कोशिश की है उन्होंने मुझे कभी किसी चीज की कोई कमी महसूस नहीं होने दी रजत और मैं एक दूसरे से जब भी बात करते हैं तो हमें बहुत ही अच्छा लगता। रजत कुछ दिनों के लिए घर से बाहर थे इसलिए मैं अपने आपको काफी अकेला महसूस कर रही थी वह अक्सर अपने काम के सिलसिले में बाहर जाते रहते थे। मैंने उस दिन सोचा कि मैं क्यों ना अपनी दोस्त सुमन के घर चली जाऊं और फिर मैं अपनी सहेली सुमन से मिलने के लिए चली गई। सुमन हमारे घर के पास ही रहती है और काफी दिनों बाद मैं सुमन से मिलने के लिए गई थी।

उस वक्त करीब 11:00 बज रहे थे मैं अपने घर का सारा काम कर के सुमन से मिलने के लिए गई और जब मैं सुमन के घर पहुंची तो सुमन घर पर ही थी सुमन ने मुझे देखते ही कहा कि राधिका तुम कितने दिनों बाद मुझसे मिलने के लिए आ रही हो। मैंने सुमन को कहा कि हां सुमन मैं तुमसे काफी दिनों बाद मिल रही हूं। हम दोनों साथ में बैठे हुए थे कि तभी मैंने देखा कि सुमन के घर पर कोई मेहमान भी आए हुए थे सुमन ने मुझे बताया कि वह उसके चाचा जी हैं सुमन ने मुझे अपने चाचा जी से मिलवाया। थोड़ी देर हम उनके साथ ही बैठे रहे और सुमन रसोई में चाय बनाने के लिए चली गई थी। सुमन चाय लेकर आई और हम लोग साथ में बैठे हुए थे तो सुमन के चाचा जी भी अब चाय पीकर रूम में चले गए। सुमन ने मुझे बताया कि उसके चचेरे भाई का सिलेक्शन हुआ है और वह कुछ दिनों के लिए हमारे साथ ही रहने वाला है लेकिन उस वक्त वह घर पर नहीं था क्योंकि वह अपने ऑफिस गया हुआ था।

Mastram chudai – तमन्ना कॉलेज की

सुमन ने मुझे बताया कि उसके चाचा जी कल रोहतक चले जाएंगे सुमन और मैं काफी देर तक साथ में बैठे रहे करीब दोपहर के 1:00 बज रहे थे तो मैंने सुमन से कहा कि मैं अब चलती हूं और मैं अपने घर चली आई। मैं जब घर आई तो उस वक्त मुझे रजत का फोन आया और रजत के साथ मैं फोन पर बात करने लगी रजत के साथ मैंने फोन पर काफी देर तक बात की। मैंने रजत से कहा कि आप वापस कब लौट रहे हैं तो उन्होंने कहा कि मैं बस दो दिनों बाद वापस लौट आऊंगा। उसके बाद मैं भी खाना बनाने की तैयारी करने लगी थी क्योंकि बच्चे भी थोड़ी देर बाद स्कूल से आने वाले थे। मैंने खाना बनाया ही था कि बच्चे भी घर पहुंच चुके थे बच्चे घर पहुंचते ही शरारत करने लगे मेरी सासू मां मुझे आवाज देते हुए कहने लगी कि राधिका बेटा जरा इन बच्चों को देखना। वह मेरी सासू मां को काफी ज्यादा परेशान कर रहे थे इसलिए मैं उन्हें उनके कमरे से बाहर ले आई और फिर उन्हें मैंने खाना खिलाया।

खाना खाने के बाद वह लोग कुछ देर आराम करने लगे फिर शाम के वक्त मैं उन्हें छोड़ने के लिए ट्यूशन चली गई मेरे दोनों ही बच्चे पड़ोस में ट्यूशन पढ़ने के लिए जाते हैं। मैं उन्हें लेने के लिए करीब 6:00 बजे गई, जब मैं उन्हें लेकर घर आ रही थी तो सुमन से मैंने कुछ देर बात की और फिर मैं अपने घर लौट आई। रजत भी दो दिन बाद वापस लौट आए थे रजत उस दिन घर पर ही थे तो मैंने रजत को कहा कि क्या आज आप ऑफिस नहीं जा रहे हैं तो रजत ने मुझे बताया कि नहीं आज वह ऑफिस नहीं जा रहे हैं। मैं और रजत एक दूसरे से बात कर रहे थे तो रजत ने मुझे कहा कि राधिका तुम मेरे लिए चाय बना देना मैंने रजत के लिए चाय बनाई। रजत अखबार पढ़ने में इतने व्यस्त थे कि वह मेरी तरफ देख ही नहीं रहे थे और उन्होंने जब अखबार पढ़ कर एक किनारे रखा तो मैंने रजत को कहा कि क्या आज हम लोग साथ में समय बिता सकते हैं? रजत कहने लगे क्यों नहीं। काफी समय बाद रजत मुझे और बच्चों को शॉपिंग कराने के लिए ले गए थे मुझे याद है करीब 6 महीने पहले हम लोग साथ में शॉपिंग करने के लिए गए थे।

उस दिन जब हम लोग साथ में थे तो हमें काफी अच्छा लगा बच्चे भी काफी खुश थे और जब हम लोग घर लौटे तो उस वक्त शाम हो चुकी थी शाम के करीब 7:00 बज रहे थे और हम लोग घर लौट आये थे। मैं रसोई में खाना बनाने की तैयारी करने लगी थी मैं खाना बनाकर करीब एक घंटे बाद फ्री हुई और 9:00 बजे के आसपास हम लोगों ने डिनर कर लिया था हम लोगों ने डिनर किया। रजत कहने लगे कि राधिका मुझे कल जल्दी ऑफिस जाना है मैंने रजत को कहा कि कल आप कितने बजे तक हो ऑफिस जाएंगे तो रजत कहने लगे कि मैं कल सुबह 8:00 बजे ही घर से निकल जाऊंगा। मैंने रजत से कहा ठीक है मैं आपके लिए सुबह नाश्ता बना दूंगी और अब रजत और मैं सो चुके थे। उस रात मुझे नींद नहीं आ रही थी और मेरे अंदर एक अलग ही बेचैनी सी हो रही थी। मैंने रजत को कहा कि मुझे आज आपके साथ सेक्स करना है तो रजत मुझे कहने लगे राधिका आज मेरा बिल्कुल भी मन नहीं है मैं तुम्हारे साथ सेक्स नहीं कर सकता। उस रात रजत ने मेरी तड़प अधूरा ही रखी जो कि मैं अगले दिन पूरा करवाने के लिए सुमन के घर चली गई। जब मैं सुमन के घर पर गई तो मैंने देखा कि उस दिन उसका चचेरा भाई संजय भी घर पर ही था संजय से मैं पहली बार ही मिली थी मुझे नहीं पता था कि संजय से मैं अपनी चूत की खुजली को मिटा दूंगी।

संजय को मैंने अपने बदन के मायाजाल में पूरी तरीके से फंसा लिया था और संजय मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो चुका था। मैंने उसे उस दिन अपने घर पर बुलाया वह भी घर पर आ गया वह घर पर आया तो संजय के लंड को मैं अपनी चूत में लेना चाहती थी मेरी सासू मां अपने कमरे में सो रही थी अब संजय और मैं ही मेरे रूम में थे हम दोनों बेडरूम में थे। मैंने संजय से कहा तुम अपने लंड को तो दिखाओ संजय ने मुझे अपने लंड को दिखाया। संजय का मोटा लंड देखते ही तुरंत उसे अपने हाथ में ले लिया जब मैंने उसे अपने हाथों में लेकर हिलाना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा। मैं संजय के लंड को बड़े अच्छे तरीके से अपने हाथों में लेकर हिला रही थी और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था लेकिन अब मेरे अंदर की गर्मी बढ़ चुकी थी। मैंने उसके मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया और उसे तब तक मैं चूसती रही जब तक संजय के लंड से मैंने पानी बाहर नहीं निकाल दिया। संजय पूरी तरीके से तड़पने लगा था और उसकी तड़प को मैंने इतना अधिक बढ़ा दिया था कि वह जल्दी से मेरी चूत मारने के लिए तैयार हो चुका था।

मैंने भी अपने बदन से कपड़े उतार दिए और जब मैंने अपने बदन के कपड़े उतारे तो उसने मेरी तरफ देखा और कहने लगा मैं आपकी चूत मारने के लिए तैयार हूं। मेरी चूत भी उसके मोटे लंड को लेने के लिए बेताब हो रही थी मैंने उसके सामने अपने पैरों को चौड़ा कर लिया जब उसने मेरी चूत की तरफ देखा तो उसने मेरी चूत के अंदर अपनी उंगली को घुसाया और काफी देर तक उसे वह अंदर बाहर करता रहा उसकी उंगली जब मेरी चूत के अंदर जा रही थी तो मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कि किसी का मोटा लंड मेरी चूत में जा रहा हो। उसने जब मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया तो मुझे और भी अधिक मज़ा आने लगा मुझे इतना अधिक मज़ा आने लगा था कि मैं उसके मोटे लंड को अपनी चूत में लेने के लिए बड़ी बेताब थी।

Desi Incest – सहेली के भाई की साथ घर पर चुदाई

उसने भी मेरी चूत पर अपने लंड को सटाया और धीरे धीरे अंदर की तरफ डलाना शुरू किया जैसे ही उसका मोटा लंड मेरी चूत के अंदर घुसा तो मुझे बहुत ही मजा आया मैंने अपनी चूतडो को थोड़ा सा ऊपर उठाया तो उसका मोटा लंड मेरी चूत के अंदर तक चला गया था अब मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था। वह मुझे बड़ी तीव्रता से चोद रहा था और मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि उसका मोटा लंड मेरी चूत का भोसड़ा बना देगा। यह पहला ही मौका था जब मैंने किसी गैर पुरुष के साथ संभोग किया था इससे पहले रजत ने ही मेरी चूत मारी थी और रजत ने ही मेरी इच्छा को पूरा किया था लेकिन अब मुझे संजय के साथ अपनी चूत मरवाने में मजा आ रहा था। संजय जिस प्रकार से मुझे धक्के देता उस से मेरी गर्मी में भी बढ़ोतरी होती जा रही थी और मेरी सिसकारी इतनी अधिक बढ़ने लगी थी कि संजय कहने लगा कि कहीं आपकी सासू मां ना सुन ले।

मैंने उसे कहा कोई बात नहीं तुम मुझे धक्के देते रहो। अब वह लगातार मुझे बड़े अच्छे से चोद रहा था और काफी देर तक उसने मेरी चूत का आनंद लिया लेकिन जब मुझे एहसास होने लगा कि मैं झड़ने वाली हूं तो मैंने उसे अपने दोनों पैरों के बीच में जकडना शुरू किया जब मैंने उसे अपने दोनों पैरों के बीच में जकड़ लिया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा। अब मेरी चूत कुछ ज्यादा ही टाइट हो गई थी इसलिए वह मुझे कहने लगा आपकी चूत बहुत ही ज्यादा टाइट हो चुकी है। मैंने उसे कहा कि तुम अपने माल को मेरी चूत के अंदर ही गिरा दो तो उसने भी अपने माल को मेरी चूत के अंदर ही गिरा दिया। जब उसने अपने माल को गिराया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा उस दिन संजय से अपनी चूत मरवाकर मैं बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी और वह भी बड़ा खुश था।

उसके बाद भी जब मेरा मन होता तो मैं उसे बुला लिया करती और वह मेरी इच्छा को पूरा कर दिया करता मेरे लिए तो बहुत ही अच्छी बात थी कि मै उसके साथ संभोग कर पाती थी क्योंकि रजत तो अक्सर अपने काम से थक जाते थे और उनके पास मुझे चोदने का वक्त ही नहीं होता था।

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অন্ধকারে শ্বশুরের চোদা খাওয়া https://sexstories.one/fucking-father-in-law-in-the-dark/ Mon, 09 Aug 2021 07:15:19 +0000 https://sexstories.one/?p=3134 মানুষের জীবন বড় বিচিত্র। আমার এই ২৫ বছরের জীবনে যে কত রকমের যৌন অভিজ্ঞতা সঞ্চয় হয়েছে তা বললে হয়তো অবাক হবেন। তবুও লিখতে বসলাম। ভালো/খারাপ যাই লাগুক কমেন্ট করে অথবা মেইলে জানাবেন 😊 আমার বয়স ... >> पूरी कहानी पढ़ें

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মানুষের জীবন বড় বিচিত্র। আমার এই ২৫ বছরের জীবনে যে কত রকমের যৌন অভিজ্ঞতা সঞ্চয় হয়েছে তা বললে হয়তো অবাক হবেন। তবুও লিখতে বসলাম। ভালো/খারাপ যাই লাগুক কমেন্ট করে অথবা মেইলে জানাবেন 😊

আমার বয়স ২৫ চলছে। এই সেপ্টেম্বারে ২৬ পরবে। ৫.৪ ইঞ্চি লম্বা। গায়ের রঙ ফরসা। কোমড় পরজন্ত হালকা বাদামী চুল। দেখতে শুণতেও বেশ ভালো। ৩৬ সাইজের বি কাপ ব্রা পড়ি। বাকিগুলাও জানতে হবে? হিহিহি। আচ্ছা কোমড় ৩১ আর নিতম্ব ৩৬। BanglaChoti new story

যেদিনের ঘটনা বলবো সেটা আমার চাচাতো ননদের বিয়ের দিনের। আমার শশুরবাড়িতে ঘটা। maa chele choti

আমার বরের চাচাতো বোনের বিয়ের প্রোগ্রাম। বলে রাখা ভালো আমার চাচাশ্বশুর এর অবস্থা একটু খারাপ। অন্যদিকে আমার শশুর হলেন এই গ্রামের শীর্ষ ৫ ধনীর একজন। তাই আমার শশুরবাড়ি থেকেই বিয়ের ব্যবস্থা করা হয়েছে। বিয়েবাড়ি। বুঝতেই পারতেছেন কি পরিমাণ ঝক্কি ঝামেলা। তাও ভালো বিয়ে মিটে যাবার পর যে সকল আত্মীয় এসেছিলো তারা অধিকাংশই চলে গেছে। যারা আছেন তাদের বেশির ভাগই চাচাশ্বশুর বাড়ি। আমাদের বাড়িতে অতিথি বলতে দুই ফুফু শাশুড়ি। বাকি সবাই এবাড়ির লোক ই। গ্রামের এই বাড়িতে এমনিতেও তেমন কেউ থাকেনা। আমি তো বরসহ ঢাকায় থাকি।

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গ্রামে থাকে আমার শশুর আব্বা। এলাকার রাজনীতি করেন উনি এখানে। বেশ নাম ডাক ওয়ালা মানুষ। শাশুড়ি মারা গেছেন বছরখানেক হলো। কাজের দুইটা লোক। আর দো তলা, তিন তলা ভাড়া দেয়া। ও হ্যা, আমরা তো পাচ বোন। আমার ইমিডিয়েট যে বড় বোন ওর আবার ডিভোর্স। হাসবেন্ডের সাথে ওর ডিভোর্স হয়ে জাওয়ার পর আমার শুশুর ই ওকে ওনার পরিচিত লিংকের মাধ্যমে একটা জবে ঢুকিয়ে দেয়। জাতায়াতের সুবিধারথে বাচ্চাসহ ও আমার শশুরবাড়িতেই একটা রুম নিয়ে থাকে।

বিয়েতে আমার বর জিহানের আমাকে এক জোড়া সোনার বালা বানিয়ে দেয়ার কথা ছিলো। কিন্তু শেষ মুহুর্তে হাতে টাকা নেই বলে ওটা ও দেয়নি। এই নিয়ে আমাদের টোনাটুনির মধ্যে হাল্কা মান অভিমান চলছে। মানে আমি রাগ দেখাচ্ছি আরকি। ওকে সাফ সাফ বলেছি বালা না নিয়ে এসে ও যেন আমাকে টাচ ও না করে। বরদেকরে একটু প্যারার মধ্যে রাখা সব বউএর ই অধিকার।  BanglaChoti new story

chodar golpo

জাই হোক আসল ঘটনায় আসি। বিয়েরদিন রাতের কথা। সারাদিন ব্যস্ততার পর ভীষণ ক্লান্ত আমি। রাত প্রায় ১২ টা হয়েছে। বাড়ির সবাই একরকম ক্লান্ত। আমি তো আমার জামাইয়ের সাথে শুবো না। তাই ভাবলাম আপুর রুমে গিয়ে শুই। আপু তখনও কিজেনো গোছানোর কাজ করছে। আমাকে বললো পিচ্চিকে আমার ফুপু শাশুড়ির কাছে দিছে ঘুম পাড়াইতে। হাতের কাজ শেষ করে ও শুতে আসবে। আমি জেন ঘুমিয়ে যাই। BanglaChoti new story

তো গেলাম ওর ঘরে। চার তলায় এক পাশের একটা রুম। পাশে কমন বাথরুম। অন্যদিকের ঘরে খুব সম্ভবত আজ ফুপুরা শুয়েছে। বিছানায় শোয়ার মিনিট পাচেকের মধ্যেই আমি ঘুমিয়ে গেছি। ঘুমের মাঝে অনুভব করলাম কারো একটা স্পর্শ। না এ স্পর্শ আপুর না। কোন পুরুষ মানুষের। আদর করার স্পর্শ। বুঝতে বাকি রইলো না বরটা আমার কামের জ্বালায় তার সব রাগ ভুলে আমাকে খুজে নিয়েছে। BanglaChoti new story

এক পাশ হয়ে শুয়ে আছি আমি। বুঝতে পারলাম একটা চঞ্চল হাত আমার বুক কে লক্ষ্য করে নড়াচড়া করছে। আমি নড়ার কোন চেষ্টা করলাম না। মুখ দিয়ে একটা শব্দও করলাম না। আসলে চোখ খোলার মত এনার্জি ও পাচ্ছিলাম না এতোটা ক্লান্ত। টের পেলাম ওর একটা হাত আমার একটা মাই টিপে চলেছে। জিহান এবার আমার পাশে এসে শুলো। ওর বাড়াটা আমার নিতম্বে এসো ঠেকলো। রুমে ঢুকেই প্যান্ট খুলে ফেলেছে বর আমার। আসলে গ্রামের বাড়িতে এসেছি চার দিন হলো। এতো সব গেস্ট, কাজের চাপ আর আমাদের মান অভিমানের কারঅণে মিলন হয়নি ৫ দিন। হয়তো তাই একটু অধৈর্য আমার বর।
আমাকে চিত করে দিলো জিহান। আমার বুকের উপর শুয়ে আমার ব্লাউজ খুলছে ও। ব্লাউজ খুলে মাই বার করে রীতিমতো খাবলাতে শুরু করে জিহান। এদিকে আমার ব্যথা লাগতেছিলো। ওকে ঠেলে সরাতে গেলাম কিন্তু পারলাম না। “জিহান আস্তে”, এই কথা যখন বলতে যাবো ঠিক তখনি ও ওর ঠোঁট দিয়ে আমার ঠোঁট চেপে ধরল। আমার হাত দুটোকে ওর হাতের তালুর নিচে ফেলে চুমু খেতে লাগলো অসম্ভব আকর্ষণে। BanglaChoti new story

যতই মান অভিমান হোক রাত হলে আদর ছাড়া আমার চলেনা। তবে ঘুমের ঘোরে জিহানের ছোয়াকে আজ কেমন জেন লাগছে আমার। ও তো এতোটা রাফ হয়না। অবশ্য লাস্ট কয়েকদিন সেক্স হয়না আমাদের। বরটার পাগলা ঘোড়া ক্ষেপেছে হয়তো। ও ততক্ষণে আমার জিভ চুষতে চুষতে তার মাই দুটোর বোটা নিয়ে খেলতে শুরু করে দিয়েছে। আমার শরীর ক্রমশ গরম হতে লাগল। আমিও ওর জিভ চোষনে সাড়া দিতে লাগলাম। কিন্তু, রাগ লাগতে শুরু করলো আমার। বদটাকে কতবার বলেছি আদর করতে আসার আগে সিগারেট খাবিনা। চুমুতে সিগারেটের গন্ধ পাচ্ছি আজ। BanglaChoti new story

বকা দিতে দিতেও থেমে গেলাম। জিহানের স্পর্শে আমার শরীরে ঝড় উঠেছে। অদ্ভুত একটা ভাল লাগার অনুভুতি আমার পুরো শরীর মন জুড়ে ছড়িয়ে পড়েছে। ক্রমশ অদ্ভুত একটা সুখের আবেশে তলিয়ে যেতে লাগলাম। ওর কাছে আত্মসমর্পন করলাম সম্পুর্ণভাবে। ওর জা খুশি করুক ও আমার যৌবন নিয়ে। দুমড়িয়ে মুচড়িয়ে শেষ করে দিক। আমি তো ওর ই দেনমোহর করা বউ। অমন গয়নার জন্য বরকে অভুক্ত রাখা অন্যায়। BanglaChoti new story

জিহানের জিভ ক্রমশ আমার ঠোঁট থেকে চিবুক ছুঁয়ে গলা দিয়ে নেমে মাই-এর বোটার চারপাশে চক্রাকারে ঘুরতে লাগল। এই অদ্ভুত চাটনটা আমার বরাবরই খুব পছন্দের। ওর মাথাটাকে চেপে ধরলাম নিজের মাইয়ের উপর আর ও আমার একটা স্তনবৃন্ত মুখে পুরে চো চো করে চুষতে লাগল। এই চোষনে আমার ভিতরটা থর থর করে কেঁপে উঠল। ও মাই চুষতে চুষতে একটা হাত দিয়ে আমার নগ্ন পেটের উপর বোলাতে লাগল। কখনো কখনো হাতটা পেটের নিচের শাড়ি সায়ার মধ্যে ঢুকিয়ে দিয়ে গুদের ছোট্ট ছোট্ট বালগুলোকে ছানতে লাগল। আবার হঠাত হাতটা বার করে নিয়ে পেটের নাভিতে আঙ্গুল দিয়ে খোঁচা দিতে লাগল। পরক্ষনেই আবার হাতটা পেটের নিচের শাড়ি সায়ার মধ্যে ঢুকিয়ে দিয়ে গুদটা একটু ঘেঁটে দিয়েই আবার হাতটা বার করে নিয়ে পেটের নাভিতে বুলাতে লাগল। এইরকম বারম্বার করার ফলে গুদ আমার পুরো রসিয়ে উঠল। ও আঙ্গুলে গুদের রসের অনুভব পেয়ে নিশ্চিন্ত হবার জন্যে একটা আঙ্গুল পুচ করে গুদে ঢুকিয়ে দিল। শিউরে উঠে কাঁধ খামচে ধরলাম জিহানের। “আহ!!!!”  BanglaChoti new story

ও শাড়ি সায়া পুরো খুলে দেবার চেষ্টা করতে নিজেই হাত দিয়ে শাড়ি সায়া তুলে কোমরের কাছে গুটিয়ে নিয়ে নিলাম। ও এবারে উঠে মেঝেতে হাঁটুগেড়ে বসে ঝুঁকে তলপেটে, গভীর নাভিতে চুমু খেতে খেতে আমার দু পা উঁচু করে কোমরের কাছে তুলে ধরে হাল্কা বালে ভরা গুদে মুখ রাখল। আমি শিউরে উঠলাম। ওর মাথা ধরে গুদের উপর চেপে ধরলাম। এবারো কেন জানি মনে হলো দাড়িগুলো বেশ ঘনো আর এক্টু বড়। রুমটা একদম ঘুটঘুটে অন্ধকার। কিচ্ছু দেখা যাচ্ছে না।

আমি এক হাতে শাড়ী-সায়া টেনে ধরে আছি, আর অন্যহাতে ওর মাথা গুদে চেপে ধরে রেখেছি। ও মুখ নিচু করে আমার গুদের ওপর একটা চুমু খেল, তারপরে দুই হাত দিয়ে গুদের পাঁপড়ি ছড়িয়ে ধরে ও জিভ চালালো আমার গুদে। আমি আবেশে চোখ বন্ধ করে হঠাত অনুভব করলাম জিহান ঊপরে উঠে গিয়ে আমার ঠোঁট চুষছে। BanglaChoti new story একটু চুষেই আবার নিচে নেমে গিয়ে আমার গুদ চাটতে লাগলো। কিছুক্ষণ গুদ চুষেই পাজিটা আবার ওপর উঠে গিয়ে আমার ঠোঁট চুষতে লাগল। ও কিছুক্ষণ আগেই হাত দিয়ে কখনো গুদের বালে বিলি কাটছিল আবার পরক্ষনেই হাতটা নাভিতে খোঁচা দিচ্ছিল ঠিক সেরকম ভাবেই এখন দুষ্টুটা কখনো গুদ চুষছে আবার পরক্ষনেই উপরে উঠে ঠোঁট চুষছে। এই অদ্ভুত কামকলা আমাকে যেন স্বর্গে পৌছে দিল। BanglaChoti new story

জিহান এবারে আমার শাড়ী-সায়া খুলতে গেল। পুরো লেংট হয়ে ওর সামনে শুয়ে আছি আমি। এবার ও ওর লম্বা ধোনটাকে আমার গুদে ঘষতে লাগলো। শক্ত ধোনের ঘষাঘষিতে আমার গুদ রসে ভরে উঠলো। আমি একটা হাত দিয়ে তার লম্বা বাঁড়া ধরে আমার গুদের মুখে লাগিয়ে দিলাম। তার লম্বা বাঁড়া হাতে ধরে আমি চমকে উঠলম। বুঝলাম এ তো জিহান নয়। কারণ এই বাঁড়া আমার হাসবেন্ডের বাঁড়ার থেকে অনেক মোটা লম্বা বাঁড়া। এতো মোটা বাঁড়া হাতে নিয়ে আমার ঘুম পুরোপুরি ভেঙ্গে গেলো।

এ কি হচ্ছে আমার সাথে। এটা তো জিহানের বাড়া নয়। এমনকি হাতের আংগুল, মুখের দাড়ি, মুখের আর গায়ের ঘ্রান সবটাই জেন জিহানের মতো কিন্তু ঠিক জিহানের না। চমকে উঠলাম আমি। চোর টর নয় তো। একে তো গ্রামের বাড়ি তারপর আবার বিয়ের রাত। ভয়ে কাঠ হয়ে জাবার উপক্রম আমার। বরের সাথে রাগ করে শেষে চোরের হাতে সব খোয়াতে বসলাম?

জেভাবে আমাকে ধরে এখান থেকে ছুটাবো কিকরে?? BanglaChoti new story

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আমি তাকে আমার উপর থেকে সরাতে চাইলাম সর্ব শক্তি দিয়ে। কিন্তু তখন অনেক দেরি হয়ে গেছে। আমি তার লম্বা বাঁড়া আমার গুদের মুখে লাগিয়ে দেয়ার সাথে সাথেই সে এক চাপে ধোনের অর্ধেকটা আমার রসে ভড়া গুদের ভেতর ঢুকিয়ে দিয়েছিলো। আমার গুদ রসে পিছলা হলেও তার মোটা লম্বা বাঁড়া আমার গুদের ভেতর খুব টাইট হয়ে আছে। আমি তাকে ঠেলে উঠিয়ে দিতে চেস্টা করলাম কিন্তু কোনভাবেই পারলমনা। আমি চিৎকার করতে যাবো হঠাৎ শুণতে পেলাম সে ফিশ ফিশ করে বলল ‘আজ এই রকম বাধা দিচ্ছো কেনো জেনি।’  BanglaChoti new story

আমি জেনো নিজের কানকে বিশ্বাস করতে পারছিলাম না। এটা আমার বর নয়। গ্রামের কোন চোর ও নয়। এ যে আমার শশুরের গলা। আর জেনি হলো আমারই নিজের বড় আপুর নাম। সেই আপু যে স্বামীর সাথে ছাড়াছাড়ির পর আমার শশুর বাড়িতেই ভাড়া থাজে। মাথায় একটা ঝাকুনি দিয়ে উঠলো আমার। তাহলে তলে তলে এই চলছে আমার আপু আর আমার শশুর আব্বার মধ্যে।

এই অবস্থায় আমি কি করবো বুঝে উঠতে পারছিলাম না। শশুর আব্বার সাথে রতিক্রিয়ায় মেতে উঠা। ছি ছি। আবার উনি এতোক্ষণ ধরে আমার শরীরে যে জোয়ার তুলেছেন তা সামলানোও আমার পক্ষে সম্ভব নয়। বিশেষ করে তার বাড়া। উফ হাতের মধ্যে ধরেই যে ফিলিংস পেয়েছি না জানি ভেতরে ঢুকলে কি হবে। কিন্তু না জাই হোক না কেন, উনি আমার শশুর। আমার স্বামীর বাবা। BanglaChoti new story

আমি বলে উঠলাম “বাবা, আমি স্নেহা।“ আমার কন্ঠস্বর শোণার সাথে সাথে উনি কেমন জেন অপ্রকৃতস্থ হয়ে গেলেন। বললেন ‘ভুল হয়ে গেছে মা, ‘তুমি কাওকে এই কথা বলবানা।“
আমি বললাম ‘জ্বি।’

তারপর কয়েক মুহুর্তের নিরবতা। নিরবতা ভেংগে আমিই বলে উঠলাম, “বাবা, আপনি আপুর সাথে…..। “
রুমে কোন আলো না থাকায় আমি উনার চেহারা দেখতে পাচ্ছিলাম না। কিন্তু ওনার কন্ঠস্বরে বুঝতে পারলাম উনি কতখানি লজ্জা পেয়েছেন। BanglaChoti new story
একটু থেমে উনি বললেন, “ আমি জোর করে কিছু করিনি বউমা। তোমার নামে শপথ। জেনির ও সম্মতি ছিলো এতে।“

আবার খানিকক্ষণের স্তব্ধতা। এই সময়ে আমি শুধু ভাবছিলাম কিভাবে আমার ভালো আপুটা রাতের পর রাত বাবার বয়সী শশুরের সাথে যৌনক্রিয়ায় লিপ্ত। নিরবতা ভেংগে এবার উনি বললেন ‘আমি এখন জাই। তুমি প্লিজ কাওকে এসব কথা বলোনা বউমা।“ বলে আমার উপর থেকে ধীরে ধীরে উঠতে লাগলেন। BanglaChoti new story

ঠিক এই সময়ে বাহিরে একটা শব্দ শোনা গেল। কেউ একজন বাথরুমে ঢুকলো। আর এই বাথরুমটা আমরা এখন যে ঘরে আছি তার সাথেই লাগানো। আমি ফিস ফিস করে আমার শশুরের কানে বললাম ‘এখন উঠবেন না বাবা। চুপ করে শুয়ে থাকুন, নইলে কেউ টের পেয়ে যাবে’। উনি চুপচাপ শুয়ে রইলেন।

তার মোটা লম্বা বাঁড়া আমার গুদের মুখে খানিকটা ঢুকে ছিলো। আমি জেনি নই, ওনার ছেলের বউ স্নেহা, এটা জানার পর মনে হলো তার বাঁড়াটা আরও শক্ত হয়ে ফুলে গেছে। আরও মোটা হয়ে আমার গুদের মুখ কাঁপতে লাগলো। আমার গুদও রসে ভরে উঠেছে। আমার অজান্তে আমার গুদ তার বাঁড়াটাকে কামড়ে ধরে আছে। উনি ‘জাই’ বললেও আমার উপর থেকে উঠলেন না। আমার মনে হলো তার বাঁড়াটা আমার রসালো গুদের মজ়া পায়ে গেছে। BanglaChoti new story

আমার শশুর আব্বা আমার অর্ধ নগ্ন শরীরের উপর শুয়ে আছেন। এভাবে তিন চার মিনিট কেটে গেছে। টয়লেটে ফ্লাস করার শব্দ পেলাম। তারপর লাইট নিভে গেলো। জিনি এসেছিলেন উনি চলে গেলেন। তার নিঃশ্বাস পড়ছে আমার নাকে। হঠাৎ কি জেন হয়ে গেলো আমার।
তার বড় মোটা লম্বা বাঁড়া মজ়া পেয়ে ওটাকে ছাড়তে ইচ্ছা করছে না। BanglaChoti new story

উনি আবার বললেন ‘আমি এখন যাই। কাওকে এই কথা বলবেনা কিন্তু’। আমি বললাম ‘আচ্ছা ঠিক আছে’। উনি কোমরটা একটু উচু করে বাঁড়াটা অর্ধেক গুদের ভিতর থেকে বাহির করলেন। আমি আমার গুদটা টাইট করে তার বাঁড়াটা চেপে ধরলাম। উনি আর পুরোটা বাঁড়া বাহির করলেন না। আমার কানে ফিশ ফিশ করে বললেন ‘তোমার বোনের চেয়েও তুমি বেশি রসালো বউমা”, বলেই কোমরটাকে নীচের দিকে চাপ দিলেন। BanglaChoti new story

তার বাঁড়াটা আবার পুরোটা আমার গুদের ভেতর ঢুকে গেলো। আমি কেকিয়ে উঠলাম, ‘আহহহ’। কেপে উঠলো আমার শরীর। হাত দিয়ে ঠেলে তার কোমরটা উচু করে দিলাম আমি। তার বাঁড়াটা আবার অর্ধেকটা গুদের ভেতর থেকে বাহির হয়ে গেল। উনি আবার আর একটা কথা বললেন, বলে এ কোমরটা আবার নীচের দিকে চাপ দিয়ে বাঁড়াটা পুরোটা ঢুকিয়ে দিলেন। আমি তখন চোদাচুদির মজ়া পেয়ে গেছি। সামনের আধা ঘন্টা যে কি ঘটতে যাচ্ছে ভাবতেই শিউরে উঠলাম আমি। BanglaChoti new story

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