Maa ki Chudai - Mom Sex Stories (माँ की चुदाई) - Antarvasna https://sexstories.one/category/maa-ki-chudai/ Hindipornstories.org Sat, 29 Jan 2022 07:33:10 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 दोस्त की माँ को चोदने का प्लान बनाया https://sexstories.one/plan-dost-ki-maa-ko-chodne-ka/ Sat, 29 Jan 2022 07:33:10 +0000 https://sexstories.one/?p=4531 मैं पूरी तैयारी में था मेरा लंड खड़ा था. सेक्स बडाने के लिए सेक्सी किताब पड़ रहा था, उतने में आंटी आई, बोली क्या पड़ रहे हो, तो मैं जोश में बोला कि आज अपनी सुहागरात है ना इसलिए सेक्सी किताबे पड़ रहा हूँ..

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Plan Dost Ki Maa Ko Chodne Ka सोनू और मैं अच्छे दोस्त थे मुझे पता था सोनू भी मेरी तरह चूत का प्यासा है. हम दोनो ने कुछ कॉल गर्ल को भी चोदा है. अब तो रोज मुझे उषा आंटी को चोदने के सपने आने लगे. मुझे पता था सोनू अपनी माँ को चोदने नहीं देगा और आंटी भी ऐसी औरत नहीं है, तो मैंने सोनू को फंसाने कि सोची और उसे कहा कि मेरी माँ आ रही है और सीमा आंटी (मेरे दूसरे दोस्त कि माँ जो गावं में रहती है जिसे मैं पहले चोद चुका था) को बुला लिया, मैंने सीमा आंटी को पहले ही प्लान बता दिया था कि आप मेरी माँ है।

फ़िर एक दिन सोनू मेरे से मिलने आया मैं जानबुझ कर थोड़ी देर के लिए बाहर गया और इसी बीच सीमा ने सारे घर में झाड़ू और पोछा लगाया जिससे उसके मस्त बोबे सोनू को दिखे. उसके बाद वो रोज आने लगा और माँ के शरीर के मज़े लेने लगा. एक दिन मैंने उससे कहा कि कल मैं अपनी गर्लफ़्रैन्ड के साथ मसुरीं जा रहा हूँ.

अगले दिन सोनू घर आया और माँ से पूछा राहुल कहाँ है. तो वो बोली वो तो कहीं गया है शाम तक आयेगा उस दिन मैंने माँ को कुछ इस तरह से तरिके बताये ताकी वो आसानी से माँ को चोद ले. पहले माँ ने उसके कपड़ो पर पानी डाल दिया, सोनू ने अपने कपड़े बदल लिए फ़िर माँ ने बाथरुम में फ़िसलने का नाटक किया और सोनू उन्हें रूम में उठा के ले आया फ़िर माँ ने सोनू से मालिश करवाई और फ़िर चुदाई भी. मेरे घर में लगे केमरे में उनकी चुदाई रिकार्ड हो रही थी.
तभी मैं घर आ गया और उन दोनो को रंगे हाथो पकड़ लिया सोनू मेरे घर से चला गया.

अगले दिन मैं उससे मिलने उसके घर गया वो बहुत झिजक रहा था मैंने उसे बहुत बुरा भला कहा और वो कुछ ना बोला. अगले दिन सोनू ने मुझसे माफ़ी माँगी तो मैंने कहा कि एक शर्त पर माफ़ कर सकता हूँ वो बोला क्या मैंने कहा माँ के बदले माँ चाहिए, वो तो चोक गया और बोला ये क्या कह रहा है. ऐसा नहीं हो सकता मैंने कह अच्छा मेरी माँ को चोदते वक्त नहीं सोचा, फ़िर मैंने उसको अपनी माँ कि और उसकी चुदाई कि विडिओ दिखाई और कहा कि ये तेरी माँ को भी दिखाउगां. वो थोड़ा शांत हुआ और सोचने लगा और बोला मैं कल सोच के बताऊंगा, मुझे पता था अगर ये सोचेगा तो ना ही कहेगा. तो मैंने उसे समझाया कि उसके पापा को मरे हुये 6 साल हो गये उसकी माँ को भी तो इन सब कि जरुरत है और अगर वो मेरी माँ को सुख दे सकता है तो उसकी माँ को मैं क्यों नहीं.

वो तैयार तो हो गया पर डरा हुआ था कि माँ कैसे मानेगी. मैंने उससे कहा कि वो मेरे ऊपर छोड़ दे पर दोस्तो उसकी माँ को मनाना इतना आसान नहीं था. मैंने बहुत सोचा फ़िर एक प्लान समझ में आया मैंने एक दिन सोनू को कहा कि किसी शादी में अगर जाना हो तो आंटी के साथ मैं जाऊँगा तभी एक दिन शादी में जाना था तो सोनू ने कहा कि माँ मुझे बुखार है आप राहुल को ले जाये उषा आंटी तैयार हो गयी, मैं उन्हें उनकी गाड़ी में ले के शादी में गया दोस्तो आज वो परी से कम नहीं लग रही थी ब्राउन कलर कि साड़ी में मस्त माल लग रही थी मन कर रहा था कि अभी चोद दूँ, फ़िर हम शादी में पहुँचे वहाँ डिनर करते वक्त मैं आंटी से कई बार टच हुआ.

फ़िर मैंने एक कोल्ड ड्रिन्क ली और सफाई के साथ उसमे नींद कि गोली डालकर आंटी को पिला दी, हम वहाँ से लोटने लगे तो राते में सुनसान राता पड़ता है. और थोड़ा सा जंगल भी है शादी भलावला में थी, आंटी नींद में थी मैंने गाड़ी रोकी और देखा आंटी सो चुकी है. मैंने आंटी को उठाया और जंगल में पेड़ो के पास ले जाकर उनके कपड़े उतारे और उनकी नंगी विडिओ बना ली (दोस्तो मैं चाहता तो उन्हें चोद भी सकता था पर मेरा लंड औरत को जागते हुये ही चोदता है और वो भी उसकी मर्जी से) फ़िर मैंने आंटी को ऐसे ही गाड़ी में डाला और उनके ऊपर उनके कपड़े डाल दिए और गाड़ी को वहीं झाडियों में पेड़ से टकर मारी और अपने माथे में थोड़ी चोट भी लगा ली..

फ़िर वहाँ से गाड़ी निकाली और घर ले आया. सोनू और उसकी बहन आई और आंटी को घर ले गयी वहाँ मैंने बताया कि हमारी गाड़ी का एक्सीडेन्ट हो गया और मैंने कुछ लोगो से मदद माँगी तो उन्होने मुझे बाँध कर आंटी के साथ रेप किया. सुबह आंटी को होश आया तो हमने उन्हें सारी बात बताई पर आंटी को यकीं नहीं हुआ तो मैंने कहा आप सो गयी थी और फ़िर एक्सीडेन्ट के कारण बेहोश हो गयी थी.अगले दिन एक कोरियर में आंटी कि नंगी विडिओ उनके पास भेजी और कहा अगर विडिओ चाहिए तो 2 लाख रुपए चाहिए…

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आंटी रोने लगी और वो ये बात अपने रिशतेदारों को भी नहीं बता सकती थी ओर 2 लाख केश कहाँ से आते मैंने कहा आंटी मैं आपकी मदद करुगां और वो विडिओ ले आऊँगा.फ़िर मैंने आंटी को वो विडिओ ला के दी जिसमें सोनू मेरी माँ को चोद रहा था, आंटी ने अकेले में वो विडिओ देखी और मुझे फोन किया कि ये वो विडिओ नहीं है तो मैंने कहा कि इसमे सोनू जिसे चोद रहा है वो मेरी माँ है और वो विडिओ मेरे पास है अगर वो भी मुझसे चूदेगी तो मैं ये विडिओ उसे दूँगा, वो मना करने लगी मैंने फोन काट दिया उसने कई बार मिलाया मैंने फोन स्विच ऑफ कर दिया, तब उसने सोनू को बहुत डाटा और कहा कि उसने ऐसा क्यों किया और अब क्या होगा। फ़िर सोनू ने कहा कि अब राहुल कि बात माननी पड़ेगी.

सोनू अपनी मम्मी को लेकर मेरे घर आया उसकी मम्मी ने मुझे समझाया कि सोनू से ग़लती हो गयी उसे माफ़ कर दो, मैंने मना किया तो वो कहने लगी कि इसमे तेरी मम्मी कि भी ग़लती है तो मैंने कहा मुझे कुछ नहीं पता मुझे माँ के बदले माँ को चोदना है. जब मैं नहीं माना तो वो गुस्से में चली गयी, मैंने सोनू को फोन करके कहा कि वो अपनी माँ को मना ले सोनू ने अपनी माँ को कहा कि माँ केवल एक बार उससे वो विडिओ ले लो फ़िर मैं सब देख लूँगा, उसकी माँ तैयार हो गयी. और उसने मुझे फोन किया मैंने उससे कहा कि आज रात कहीं जाने का बहाना बना कर अपनी माँ को मेरे घर छोड़ दे और मेरी माँ के साथ किसी होटल में रंगरलियां मना ले.

ऐसा ही हुआ सोनू ठीक 8 बजे उषा को लेकर मेरे घर आ गया और थोड़ी देर बाद मेरी माँ को लेकर जाने लगा उसकी माँ ने कहा कि तुम कहाँ जा रहे हो तो मैंने कहा कि ये लोग होटल में रात बिताएगें यहां मेरे रूम में ज्यादा जगह नहीं है. वो चले गये आंटी एक सादा साड़ी पहन कर आई थी, मैंने उन्हें माँ कि लाल साड़ी दी और तैयार होने को कहा वो थोड़ा डरी हुई थी और शर्म भी आ रही थी, मैंने उन्हें समझाया और कह कि अपनी दूसरी सुहागरात का मजा लो. फ़िर वो थोड़ा सही हुई और तैयार होने लगी मैं इतने में ऊपर चला गया.मैं ऊपर बिस्तर डाल के आंटी का इन्तजार कर रहा था. मैंने सारा इंतज़ाम कर रखा था, जैसे कि मेरी सुहागरात हो, कोंडोम भी रखा था. मैं बनियान में था. उतने में आंटी आई लेकिन आंटी भूल गयी कि आज चुदवाना है,

मैं पूरी तैयारी में था मेरा लंड खड़ा था. सेक्स बडाने के लिए सेक्सी किताब पड़ रहा था, उतने में आंटी आई, बोली क्या पड़ रहे हो, तो मैं जोश में बोला कि आज अपनी सुहागरात है ना इसलिए सेक्सी किताबे पड़ रहा हूँ. मेरा लंड खड़ा था. आंटी सिर्फ़ मेक्सी पहनकर आई थी और अंदर कुछ भी नहीं था, मेक्सी में वो एकदम सेक्सी दिख रही थी, आंटी मेरे बाजू में आ के लेट गई, मैंने हल्के से आंटी कि चूत के ऊपर हाथ फेरा मुझे मज़ा आ रहा था, मैंने आंटी कि मेक्सी को नीचे से उठाया, तो मुझे गोरी टाँगे देखी.

देखते ही मैंने चाटना शुरू किया आंटी भी मेक्सी पूरी निकाल के नंगी हो गयी, अंदर चडी नहीं थी, मैं चाट रहा था, चाटते-चाटते मैं उनकी चूत के पास गया, क्या मस्त गोरी चूत थी, क्लीन शेव था, मैं अपनी उंगली अंदर घुसा रहा था लेकिन अंदर जा नहीं पा रही थी, आंटी बोली अभी 10 साल से कुँवारी है ऐसे नहीं घुसेगी. मैं अपनी टांग आंटी के चूत पर रगड़ने लगा, आंटी के मुहँ से आआहह कि आवाज़ निकल रही थी मस्त 5 मिनट तक चाट रहा था, बाद में आंटी बोली, तड़पाओ मस्त चोदो मेरे पतिदेव, आज मुझे बहन से बीवी बनाओ, मैं आंटी के ऊपर चड़ने लगा, आंटी के बोबे एकदम टाइट थे…

मैंने एक मुहँ में लिया और एक को मसलने लगा, आंटी के पूरे बदन में आग लग गयी थी, मेरे को बहुत मज़ा आ रहा था, बाद में आंटी को मुहँ मैं फ़्रैन्च किस किया, 5 मिनट तक आंटी के लिप्स चूस रहा था.बाद में आंटी बोली तेरा लंड चुसवायेगा तो मैं जल्दी से नंगा हो गया और टाइट लंड आंटी के हाथ में दिया, आंटी ने उसे सहलाया फ़िर मुहँ में लिया और चूसने लगी, मैं तो खुशी के मारे उछल रहा था, मैं आंटी के मुहँ को चोद रहा था, आंटी बहुत टाइम तक चूस रही थी. मैं भी आंटी के मुहँ में चोद रहा था, अचानक मेरा विर्य गिरने को आया आंटी कि गदन पकड़ के ज़ोर ज़ोर से चोदा बाद में मेरा विर्य आंटी के मुहँ में गिर गया..

आंटी उसे पूरा पी गयी. मेरा लंड सकुड गया. 5 मिनट के बाद आंटी ने वापस मेरा लंड चूस के कड़क बनाया और बोली मेरी चूत में डाल दे और मेरी चूत को फाड़ दे, मैंने आंटी कि चूत के नीचे एक तकिया लगाया और मैं उसके ऊपर चड़ गया लंड को चूत के ऊपर सेट किया और लंड को घुसाने लगा लेकिन आंटी कि चूत टाइट होने के कारण चूत में लंड नहीं घुस रहा था. अभी मैं आंटी के ऊपर था, चूत में लंड को बराबर सेट करके और जोर जोर से धक्के दे रहा था आंटी भी मेरा साथ दे रही थी. मुझ से रहा नहीं गया और मैंने मुहँ में रखकर एक जोरदार शॉट लगाया वैसे आंटी दर्द के मारे चिल्ला उठीं मगर मेरे किस और बोबे दबाने से उसे मज़ा आ रहा था, आंटी कि चूत फट गई. मैं जोर ज़ोर से चोद रहा था. आंटी आआहह आआहह करके तड़प रही थी मैं पूरे जोश में था.मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा, आंटी भी चूत उठा के साथ दे रही थी,

बटर कि वजह से पिच-पिच-पिच कि आवाज रूम में गूँज रही थी. बाद में आंटी ने मुझे कस के पकड़ लिया और बोली जोर ज़ोर से चोद मेरी चूत को भोसड़ा बना दे बहनचोद, मैं समझ गया आंटी झड़ने वाली है मैं भी जोर ज़ोर से चोदने लगा, और आंटी कि चूत से गरम वीर्य निकल गया. उसके बाद मैंने आंटी को खूब चोदा बाद में मैंने आंटी को कहा आंटी मैं झड़ने वाला हूँ, तो आंटी बोली मेरी चूत में झड़ ज़ा मैंने अपनी रफ़्तार बड़ाई और आंटी कि चूत में झड़ गया, और मैं शांत हो गया और आंटी के ऊपर सो गया, बाद में आंटी को मैं रोजाना चोदता और वीर्य चूत में छोड़ देता.

आंटी भी आई -पिल खाती थी.

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मम्मी ने मुझे सेक्स करना सिखाया https://sexstories.one/mummy-ke-saath-lesbian-sex-stories/ Mon, 17 Jan 2022 06:35:22 +0000 https://sexstories.one/?p=3500 मम्मी ने जैसे ही ब्रा की हुक खोली वेसे ही मम्मी के दूध नीचे लटक गए | उसके दूध बहुत ही ढीले थे और मैं उनके दूध को मुंह में रख कर चूसने लगी | मैं उनके निप्पल को अपनी होठो से खीच खीच कर चूसने लगी तो...

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lesbian sex stories हाय फ्रेंड्स कैसे हो आप सभी लोग ? मैं आशा करती हूँ की आप सभी लोग ठीक ही होगे | मैं आज आप लोगो के सामने अपनी एक कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ | मैं अपनी कहानी शुरू करने से पहले आप लोगो को अपने बारे में बता देती हूँ |

मेरा नाम शीतल है | मेरी उम्र 18 साल है | मैं रहने वाली अमृतसर की हूँ | मेरे घर में मेरी मम्मी और मैं रहती हूँ क्यूंकि मेरे पापा काम की वजह से बाहर रहते हैं | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरा फिगर भी सेक्सी हैं | मेरी बूब्स काफी बड़े और गोल है और मेरी गांड भी मस्त चौड़ी है | फ्रेंड्स मैं आज आप लोगो को बताने जा रही हूँ की कैसे मेरी माँ ने मेरे साथ सेक्स किया | मैं उम्मीद करती हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयेगी और कहानी को पढने में मज़ा भी आयेगा | मैं आप अभी का ज्यादा समय न लेती हुई सीधे अपनी कहानी पर आती हूँ |

ये कहानी अभी कुछ दिन पहले की हैं अब मैं कहानी प्रस्तुत करती हूँ | मेरी मम्मी का नाम अनीता हैं और वो दिखने में गोरी हैं | उनका चेहरा हल्का गोल है | मेरी मम्मी और मैं अपने घर में अकेली रहती हूँ इसलिए मेरी मम्मी कभी कभी सेक्सी मूवी भी देखा करती हैं | मेरी मम्मी को चुदाई करना बहुत पसंद हैं और वो चुदाई कराने में एक्सपर्ट हैं उनको पता हैं कैसे आदमी को खुश किया जाता हैं | मैंने कई बार मम्मी को पापा से चुदते देखा है जब पापा मम्मी को चोदते हैं तब मम्मी पापा के लंड को मुंह में भी रख कर चूसती हैं |

एक दिन मैं और मम्मी घर पर बोर हो रहे थे तो मम्मी ने कहा चलो घूम के आते हैं | तब मैं मम्मी के साथ घुमने चली गयी और मैं मेरी मम्मी घूम ही रही थी की रास्ते में कोई आदमी मिला मैं उस आदमी को नही जानती हूँ पर मेरी मम्मी उस आदमी को जानती हैं इसलिए वो आदमी मम्मी को और मुझे एक रेस्टोरेन्ट में ले गया | फिर उसने कुछ खाने के लिए मंगाया और मैं खाना खाने लगी मैं खाना खा ही रही थी की मुझे उसका हाथ मम्मी की जांघों पर दिखा तो मैं समझ गयी की ये मम्मी का बॉयफ्रेंड होगा |

फिर मैं खाना खाती रही और मेरी मम्मी के साथ वो अन्दर चला गया और फिर 5 मिनट बाद मम्मी आई तो मैं ये सोच सोच के मेरी चूत में खुजली होने लगी की अन्दर क्या हुआ होगा | फिर मम्मी वहां से 5 मिनट बाद आई तो मैंने पूछा ये कौन हैं तक मम्मी ने कहा मेरा बहुत पुराना दोस्त है मेरे कॉलेज के टाइम का और फिर मैं और मम्मी बात करती हुई घर चली आई | तब मम्मी बाथरूम में गयी और नहाने लगी वो कुछ देर बाद नहा कर आई | फिर मैं भी फ्रेश होकर आई और फिर मैंने रेड कलर की टी शर्ट पहनी और रेड ही कलर की लिपस्टिक लगाई थी | मम्मी भी उस दिन मेक्सी में मस्त लग रही थी | फिर मैं और मम्मी सोफे पे बैठ कर टीवी देखने लगी | मैं कुछ देर तक मम्मी के साथ टीवी देखती रही और फिर मुझे नीद आ गयी तो मैं जाकर अपने रूम में लेट गयी |

फिर कुछ देर बाद मम्मी भी मेरे ही रूम में आई और मेरे पास लेट गयी | तब मैंने मम्मी से पूछा क्या हुवा अपने बेडरूम में नही गयी तो वो बोली कुछ नही और लेट गयी | फिर वो मेरी टी शार्ट के अन्दर हाथ डाल कर मेरे पेट को सहलाती हुई धीरे से मेरे स्तन पर हाथ ले गयी और मेरे निप्पल को ऊँगली से मसलने लगी | तब मैं कुछ देर तक तो कुछ नही बोली क्यूंकि मुझे अच्छा लग रहा था और कुछ देर बाद मम्मी ने मेरे होठो पर अपनी होठो को रख कर मेरी होठो को चूसने लगी और साथ मेरे गोल स्तन को भी मसल रही थी |

वो मेरे होठो की सारी लिपस्टिक को चूस लिया जिससे मैं कुछ दी देर में गर्म हो गयी और सेक्स करने में माँ का साथ देने लगी | मैं भी उनकी होठो को अपनी होठो से दबा दबा कर चूसने लगी | वो भी मेरे होठो को जोर जोर से चूस रही थी | वो ऐसे ही मेरी होठो को 5 मिनट तक चूसती रही और फिर मम्मी ने मेरी टी शार्ट निकाल दी | फिर वो मेरे एक दूध को मुंह में रख कर चूसने लगी | वो मेरे दूध को मुंह में रख कर दबाती हुई चूसने लगी तो मेरे मुंह से सी सी सी सी……. आ आ आ आ अ…… ऊ ऊ ऊ उ….. ई ई ई ई ई ई… ऊ ऊ ऊ ऊ…… उई उई उई माँ माँ माँ…… की सिसिकियाँ निकल गयी | वो मेरे निप्पल को अपनी होठो से दबा दबा कर खीच कर चूस रही थी और दुसरे दूध को अपने हाथ में पकड़ कर दबा रही थी | मेरे गोल और चिकने स्तन को वो अपने हाथो से पकड पकड़ कर मसल रही थी |

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फिर मम्मी ने अपने कपडे निकलने लगी और 1 ही मिनट में वो ब्रा और पेंटी में आ गयी | उनके दोनों दूध ब्रा के अन्दर से साफ दिख रहे थे और उनके बूब्स मेरे बूब्स से बहुत बड़े थे | उनके बड़ी काले निप्पल ब्रा के ऊपर उठे हुए थे और लग रहा था की अब ये ब्रा को फाड़ कर बाहर निकल आयेगे | फिर मैं उनके स्तन को ब्रा के ऊपर से ही दबाती हुई अपने मुंह में रख कर चूसने लगी | मैं उनके बूब्स के निप्पल को मुंह में दांतों से दबा कर खीच खीच कर चूसने लगी और तब मम्मी ने ब्रा की हुक खोल दी | मम्मी ने जैसे ही ब्रा की हुक खोली वेसे ही मम्मी के दूध नीचे लटक गए | उसके दूध बहुत ही ढीले थे और मैं उनके दूध को मुंह में रख कर चूसने लगी | मैं उनके निप्पल को अपनी होठो से खीच खीच कर चूसने लगी तो मम्मी के मुंह से गर्म सांसे लेती हुई ऊ ऊ ऊ… आह्ह्ह अह्ह्ह उई उई उई सी सी सी….. हाँ हाँ हाँ हाँ……. उई उई उई उई……. की सिसिकियाँ लेने लगी जिससे मुझमे और आग भड़क गयी और मैं उनकी बूब्स को मुंह से चूसती हुई उनकी चूत को भी सहलाने लगी | मैं उनकी चूत को कुछ देर तक ऐसे ही सहलाती रही | फिर मम्मी ने अपनी टांगो को फैला दिया और मैं उनकी चूत में मुंह को घुसा कर चाटने लगी |

मैं उनकी चूत की पंखुडियां को अपनी होठो से पकड पकड़ कर खीचने लगी तो उनके मुंह से ई ई ई ई……. ओह्ह ओह्ह….. उई उई उई उई….. सी सी सी सी…… उह्ह उह्ह उह्ह… की सिसिकियाँ लेने लगी | मैं उनकी चूत में अपनी जीभ को भी घुसा दिया और उनकी चूत की पंखुडियां को अपनी उँगलियों से फैला कर उनकी चूत में जीभ को घुसा कर चाटने लगी | मैं उनकी चूत में ऐसे ही जीभ से चाटने के साथ में उनकी चूत में ऊँगली को घुसा कर जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगी |

तब मम्मी मदहोश करने वाली आवाजे करने लगी और मैं सेक्स के नसे में उनकी चूत को जोर जोर से चाट रही थी | वो अपने दूध के निप्पल को अपने मुंह में रख कर चूसने लगी | मैं उनकी चूत में जोर जोर से ऊँगली को अन्दर बाहर करती हुई चाटने लगी | तब वो ह्ह्ह ह्ह्ह ऊ ऊ ऊ उ,…… सी सी सी…. उई उई उई…. हाँ हाँ हाँ…. आआआअ…….. करती हुई अपनी चूत को आगे पीछे करने लगी और साथ में अपनी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगी | मैं भी उनकी चूत में जोर जोर से चाट रही थी और वो बहुत ही जल्दी बेड से उठ कर मेरे मुंह पर अपनी चूत के मुंह को टीका दिया | फिर अपनी चूत जोर जोर से अपने हाथ से हिलाने लगी और कुछ ही देर में उनकी चूत से गर्म पानी की धार निकल पड़ी | मैं पानी सब पी गयी उस पानी का नमकीन सा स्वाद था |

फिर वो मुझे बेड पर लेटा कर मेरे ऊपर लेट गयी और मेरे स्तन के निप्पल को पकड कर मुंह में रख कर जोर जोर से खिचती हुई मेरे गोल चिकने दूधो को चुसने लगी तो मेरे मुंह से ऊ ऊ ऊ उ,…… सी सी सी…. उई उई उई…. हाँ हाँ हाँ…. आआआ…… की सिसिकियाँ निकल गई | फिर वो मेरी चूत में अपने मुंह को घुसा कर मेरी चूत में अपनी जीभ को घुसा का अन्दर बाहर करने लगी तो मैं ऊ ऊ .. सी सी सी…. उई उई उई…. हाँ हाँ हाँ…. आआआआआ… करती हुई अपने बूब्स को मसलने लगी |

वो मेरी चूत के दोनों पंखुड़ियों को फैला कर जोर जोर से अपनी जीभ को अन्दर बाहर करने लगी साथ में मेरी चूत को अपनी होठो से पकड़ पकड़ कर खीचने लगी तो मेरे जिस्म में आग सी लग गयी और मैं तदपने लगी | तब मम्मी ने मेरी चूत में अपनी उँगलियों को डाल कर जोर जोर से मेरी चूत में हिलाने लगी तो मैं ऊ ऊ ऊ उ… सी सी सी…. उई उई उई…. हाँ हाँ हाँ…. आआअ.. करती हुई अपने दूध के निप्पल को मसलती हुई चूत को चुसाने लगी | अब मुझसे रहा नही जा रहा था तो मैं मम्मी को सर को पकड कर दबाने लगी और वो मेरी चूत में अपनी उँगलियों को जोर जोर से हिला रही थी जिससे मेरी चूत से कुछ ही देर में गर्म पानी की धार निकल पड़ी | वो सब पानी गटक गयी और मेरी चूत को चाट चाट कर साफ कर दिया तब मैं मम्मी से बोली मम्मी मुझे अपनी चूत में लंड लेना है तब मम्मी ने कहा फिर कभी मैं तुम्हे लंड से चुदवाउंगी |

अब मैं आप लोगो को अगले भाग में बताउंगी की मम्मी ने मुझे किसके लंड से चुदवाया |

मैं उम्मीद करती हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई होगी |

कहानी पढने के लिए धन्यवाद |

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मां का प्यार https://sexstories.one/maa-ka-sexy-pyar/ Fri, 31 Dec 2021 07:32:23 +0000 https://sexstories.one/?p=3512 तभी मेरे मन मे माँ की सुबह वाली बात चेक करने का विचार आया और मैने अपनी लुंगी का सामने वाला हिस्सा थोडा खोल दिया जिस से मेरा लंड खड़ा होकर बाहर निकल गया और अपने हाथो को अपनी आँखो पर...

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Maa Ka Pyar – मेरे घर मे में, मेरी माँ, मेरी पत्नी और मेरी बहन है, मेरी बहन की शादी हो चुकी है और वो अपने ससुराल मे रहती है। में अपनी माँ और पत्नी के साथ यहाँ कोलकाता मे रहता हूँ, हम लोग बनारस (उ.प.) से यहाँ बचपन मे ही आ गये थे और यही बस गये. मेरी उम्र 28 साल की है और मेरी पत्नी 24 की है. मेरी सास और मेरी साली अभी भी बनारस के पास एक गांव मे रहते है. और साल मे 2-3 महीने हमारे यहाँ आते है. सच पूछो तो मेरा घर एक स्वर्ग है, जहाँ किसी भी तरह की कोई मना नही, में आपको शुरू से ही ये सारी बातें बताता हूँ।

यह बात मेरे बचपन की है, घर पर मेरी माँ, मेरी दीदी और में सब साथ रहते थे, मेरी उम्र करीब 18-19 के आस पास थी. मेरी लंबाई 5’7” की है. मेरी दीदी की उम्र 18 साल हे, उसकी स्पोर्ट्स मे रूचि थी और वो स्टेडियम जाती थी. मेरी माँ टीचर है, उसकी उम्र 37-38 की होगी, मगर देखने मे किसी भी हालत मे 31-32 से ज्यादा की नही लगती थी. माँ और दीदी एकदम गोरे है. माँ मोटी तो नही लेकिन भरे शरीर वाली थी और कुल्हे उनके चलने पर हिलते थे. उनकी शादी बहुत जल्दी हो गयी थी, मेरी माँ बहुत सुंदर और हँसमुख है।

वो जिंदगी का हर मज़ा लेने मे विश्वास रखती है, हालाकि वो सबसे ओपन नहीं होती है पर मैने उसे कभी किसी बात पर गुस्सा होते हुए नही देखा. ये बात उस समय की जब मैं 9th मे था और हर चीज के बारे मे मेरी इच्छा बढ़ रही थी स्पेशली सेक्स के बारे मे. मेरे स्कूल के दोस्त अक्सर लड़की पटा कर मस्त रहते थे उन्ही मे से दो तीन दोस्तो ने अपने परिवार के साथ सेक्स की बाते भी बताई तो मुझे बड़ा अज़ीब लगा. मैने माँ को कभी उस नज़र से नही देखा था पर इन सब की बातों को सुन-सुन कर मेरे मन मे भी इच्छा बढ़ने लगी और मै अपनी माँ को ध्यान से देखने लगा, चूँकि गर्मियों की छुट्टियाँ चल रही थी और में हमेशा घर पर ही रहता था।

घर मे, में माँ के साथ ही सोता था और दीदी अपने कमरे मे सोती थी, माँ मुझे बहुत प्यार करती थी, माँ, दीदी और में आपस मे थोड़ा खुले हुए थे, हालाकि सेक्स करने की कोई बात तो नही हुई थी पर माँ कभी किसी चीज का बुरा नही मानती थी और बड़े प्यार से मुझे और दीदी को कोई भी बात समझाती थी, कई बार अक्सर उत्तेजना की वजह से जब मेरा लंड खड़ा हो जाता था और माँ की नज़र उस पर पड़ती तो मुझे देख कर धीरे से मुस्कुरा देती और मेरे लंड की तरफ इशारा करके पूछती कोई परेशानी तो नही है, में कहता “नही” तो वो कहती कोई बात नही… तो में भी मुस्कुरा देता, वो खुद कभी-कभी हम दोनो के सामने बिना शर्माये एक पैर बेड पर रख कर साड़ी थोड़ा उठा देती और अन्दर हाथ डालकर अपनी चूत खुजलाने लगती, नहाते समय या हमारे सामने कपड़े बदलते वक़्त अगर उसका नंगा बदन दिखाई दे रहा हो तो भी कभी भी शरीर को ढकने या छुपाने की ज़्यादा कोशिश नही की, ऐसा नही था की वो जान बुझ कर दिखाने की कोशिश करती हो, क्यों की इन सब के बाद भी मैने उसकी या दीदी की नंगी चूत नही देखी थी, बस वो हमेशा हमे नॉर्मल रहने को कहती और खुद भी वैसे ही रहती थी।

धीरे धीरे में माँ के और करीब आने की कोशिश करने लगा, और हिम्मत कर के माँ से उस वक़्त पास आने की कोशिश करता जब मेरा लंड खड़ा होता, मेरा खड़ा लंड कई बार माँ के बदन से टच होता पर माँ कुछ नही बोलती थी. इसी तरह एक बार माँ किचन मे काम कर रही थी और माँ की हिलते हुए कुल्ले देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. मैने अपनी किस्मत आज़माने की सोची और भूख लगने का बहाना करते हुए किचन मे पहुँच गया, और माँ से बोला “माँ भूख लगी है कुछ खाने को दो.. ” और ये कहते हुए माँ से पीछे से चिपक गया, मेरा लंड उस समय पूरा खड़ा था और मैने अपनी कमर पूरी तरह माँ के कुल्हे से सटा रखी थी जिसके कारण मेरा लंड माँ के कुल्हो के बीच तोडा सा घुस गया था. माँ हंसते हुए बोली “क्या बात है आज तो मेरे बच्चे को बहुत भूख लगी है..” “हां माँ, बहुत ज्यादा, जल्दी से मुझे कुछ दो..” और मैने माँ को और ज़ोर से पीछे से पकड़ लिया और उनके पेट पर अपने हाथो को कस कर दबा दिया, कस कर दबाने की वज़ह से माँ ने अपने कुल्ले थोड़े पीछे किये जिससे मेरा लंड थोडा और माँ के कुल्हे के बीच मे घुस गया, उत्तेजना की वज़ह से मेरा लंड झटके लेने लगा पर में वैसे ही चिपका रहा और माँ ने हंसते हुए मेरी तरफ देखा पर बोली कुछ नही।

फिर माँ ने जल्दी से मेरा खाना लगाया और थाली हाथ मे लेकर बरामदे मे आ गई, में भी उसके पीछे पीछे आ गया, खाना खाते हुए मैने देखा तो माँ मुझे और मेरे लंड को देख कर धीरे धीरे हंस रही थी, जब मैने खाना खा लिया तो माँ बोली की अब तू जाकर आराम कर में काम कर के आती हूँ… पर मुझे आराम कहा था में तो कमरे मे आकर आगे का प्लान बनाने लगा की कैसे माँ को चोदा जाए. क्योंकि आज की घटना के बाद मुझे पूरा विश्वास था की अगर में कुछ करता भी हूँ तो माँ अगर मेरा साथ नही देगी तो भी कम से कम नाराज़ नही होगी, फिर ये ही हरकत मैने 5-6 बार की और माँ कुछ नही बोली तो मेरी हिम्मत बढ़ी।

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एक रात खाना खाने के बाद में कमरे मे आकर लाइट ऑफ कर के सोने का नाटक करने लगा, थोड़ी देर बाद माँ आई और मुझे सोता हुआ देख कर थोड़ी देर कमरे मे कपड़े और समान ठीक किया और फिर मेरे बगल मे आकर सो गई, करीब एक घंटे के बाद जब मुझे विश्वाश हो गया की माँ अब सो गयी होगी तो मै धीरे से माँ के ऊपर सरक गया और धीमे धीमे अपना हाथ माँ के कुल्हो पर रख कर माँ को देखा जब माँ ने कोई हरकत नही की तो में उनके कुल्हो को सहलाने लगा और उनकी साड़ी के ऊपर से ही दोनो कुल्हो और गांड को हाथ से धीमे धीमे दबाने लगा।

जब उसके बाद भी माँ ने कोई हरकत नही की तो मेरी हिम्मत थोड़ी और बढ़ी और मैने माँ की साड़ी को हल्के हल्के ऊपर खिचना शुरु किया, ऊपर करते करते जब साड़ी कुल्हो तक पहुँच गई तो मैने अपना हाथ माँ की कुल्हो और गांड के ऊपर रख कर थोड़ी देर माँ को देखने लगा, पर माँ ने कोई हरकत नही की, फिर में अपना हाथ उनकी गांड के छेड़ से धीरे धीरे आगे की और करने लगा, पर माँ की दोनो जांगे आपस मे सटी हुई थी जिससे में उन्हे खोल नही पा रहा था. फिर मैने अपनी दो उंगलिया आगे की और बड़ाई तो मेरी सास ही रुक गई. मेरी उंगलिया माँ की चूत के ऊपर पहुँच गई थी।

फिर मैने धीरे धीरे अपनी उंगलियो से माँ की चूत सहलाने लगा, माँ की चूत पर बाल महसूस हो रहे थे, चूँकि मेरे लंड पर भी झांटे थी तो में समझ गया की ये माँ की झांटे है, इतनी हरकत के बाद भी माँ कुछ नही कर रही थी तो मैने धीरे से अपनी पूरी हथेली माँ के चूत पर रख दी और चूत के दोनो होंठो को एक एक कर के छूने लगा, तभी मुझे महसूस हुआ की माँ की चूत से कुछ मुलायम सा चमड़े का टुकड़ा लटक रहा है।

जब मैने उसे हल्के से खींचा तो पता चला की वो माँ की चूत की पूरी लंबाई के बराबर चूत यानी ऊपर से नीचे तक की लंबाई मे बाहर की तरफ निकला हुआ था और जबरदस्त मुलायम था।

उस समय मेरा लंड इतना टाइट हो गया था की लगा जैसे फट जाएगा, में धीरे से उठ कर बैठ गया और अपनी शर्ट उतार कर लंड को माँ के कुल्हे से सटाने की कोशिश करने लगा पर कर नही पाया तो में एक हाथ से माँ की चूत मे उंगली डाल कर बाहर निकले चमड़े को सहलाता रहा और दूसरे हाथ से मुठ मारने लगा. 2-3 मिनट मे ही मैं झर गया पर जब तक में अपना जूस रोक पाता वो माँ के कुल्हो पर पूरा गिर चूका था, ये देख कर में बहुत डर गया और चुपचाप शर्ट पहन कर माँ को वैसा ही छोड़ कर सो गया. सुबह जब में उठा तो देखा की माँ रोज की तरह अपना काम कर रही थी और दीदी हाकी की प्रेक्टीस जो सुबह 6 बजे ही शुरू हो जाती थी, जा चुकी थी में डरते डरते बाथरूम की तरफ जाने लगा तो माँ ने कहा आज चाय नही मांगी तूने…

तो मैने बात पलटते हुए कहा की “हा पी रहा हूँ, पेशाब कर के आता हूँ..”, जब में बाथरूम से वापस आया तो देखा माँ बरामदे मे बैठी सब्जी काट रही थी और वही पर मेरी चाय रखी हुई थी. में चुपचाप बैठ कर चाय पीने लगा तो माँ मेरी तरफ देख कर हंसते हुए बोली की “आज बड़ी देर तक सोता रहा हां माँ नींद नही खुली..” तो माँ बोली “एक काम किया कर आज से रात को और जल्दी सो जाया कर..” ये कह कर वो हंसते हुए किचन मे चली गयी. जब मैने देखा की माँ कल रात के बारे मे कुछ भी नही बोली तो में खुश हो गया. उस दिन पूरे दिन मैने कुछ भी नही किया, मेने सोच रखा था की अब में रात को ही सब कुछ करूँगा जब तक या तो माँ मुझसे चुदाई के लिए तैयार ना हो या मुझे डाट नही देती. रात को में खाना खा कर जल्दी से रूम मे आकर सोने का नाटक करने लगा, थोरी देर मे माँ भी दीदी के साथ आ गई।

उस दिन माँ बहुत जल्दी काम ख़त्म करके आ गई थी, खैर में माँ के सोने का इंतजार करने लगा. थोरी ही देर मे दीदी के जाने के बाद माँ धीरे से बेड पर आकर लेट गई करीब एक घंटे तक लेटे रहने के बाद मैने धीरे से आँखे खोली और माँ की तरफ सरक गया, थोड़ी देर मे जब मैंने बरामदे की हल्की रोशनी मे माँ को देखा तो चौंक गया. माँ ने आज साड़ी की जगह नाईटी पहन रखी थी और उन्होने अपना एक पैर थोडा आगे की तरफ कर रखा था।

फिर मैने सोचा की अगर ये किस्मत से हुआ तो अच्छा है और अगर माँ जानबूझ कर यह कर रही है तो माँ जल्दी ही चुद जाएगी. उस रात मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ी हुई थी, थोड़ी देर नाईटी के ऊपर से माँ का कुल्ले सहलाने के बाद मैने धीरे से माँ की नाईटी के सामने का बटन खोल दिया और उसे कमर तक पूरा हटा दिया और धीरे से माँ के कुल्हो को सहलाने लगा. मैं जांघो को भी सहला रहा था, माँ की कुल्ले और जांघे इतने मुलायम थे की में विश्वास नही कर पा रहा था।

फिर मैने अपना हाथ उनकी जांगो के बीच डाला तो मैं हैरान रह गया, माँ की चूत एकदम चिकनी थी, उनके चूत पर बाल का नामोनिशान नही था. उनकी चूत बहुत फूली हुई थी और चूत के दोनो होंठ फैले हुए थे शायद एक जांग आगे करने के कारणउनकी चूत से निकला हुआ चंदा लटक रहा था (मेरे कई दोस्तों ने उसके बारे मे बताया था की उनके घर की ओंरतो की चूत से भी ये निकलता है और उन्हे इस पर बड़ा नाज़ होता है). में तो उत्तेजना की वज़ह से पागल हो रहा था. मैने लेटे-लेटे ही अपना शर्ट निकाल दिया और माँ की तरफ थोडा और सरक गया जिससे मेरा लंड माँ के कुल्ले से टच करने लगा, थोड़ी देर तक चुप रहने के बाद जब मैने देखा की माँ कोई हरकत नही कर रही है तो मेरी हिम्मत और बढ़ी।
में लेटे लेटे ही माँ की चूत को सहलाने का पूरा मज़ा लेने लगा.

थोड़ी ही देर मे मुझे लगा की माँ की चूत से कुछ चिकना चिकना पानी निकल रहा है. क्या खुशबु थी उसकी, मेरा लंड फूल कर फटने की इस्थिति मे हो गया. में अपना लंड माँ के कुल्ले, गांड के छेद, उनकी जांघो पर धीमे धीमे रगड़ने लगा. तभी मुझे एक आईडिया आया की क्यों ना आज थोडा और बढ़ कर माँ की चूत से अपना लंड टच करूं, जब मैने अपनी कमर को आगे खिसका कर माँ की जांघो से सटाया तो लगा जैसे करंट फैल गया हो, मुझे झड़ने का जबरदस्त मन कर रहा था पर मैने सोचा की एक बार माँ की चूत मे लंड डाल कर उनकी चूत के पानी से चिकना कर लूँगा और फिर बाहर निकाल कर मुठ मार लूँगा।

ये सोच कर मैने अपनी कमर थोडा ऊपर उठाया और अपना लंड माँ की चूत से लटके चमड़े को उंगलियों से फैलाते हुए उनके छेद पर रखा तो माँ की चूत से निकलते हुए चिकना पानी मेरे सूपडे पर लिपट गया और थोडा कोशिश करने पर मेरा सूपड़ा माँ की चूत के छेड़ मे घुस गया।

जैसे ही सूपड़ा अंदर गया उफ़ माँ की चूत की गर्मी मुझे महसूस हुई और जब तक में अपना लंड बाहर निकालता मेरे लंड से वीर्य का फव्वारा माँ की चूत मे पिचकारी की तरह निकलने लगा में घबरा तो गया पर ज्यादा हिलने से डर रहा था की कहीं माँ जग ना जाए. जब तक मैं धीमे से अपना लंड माँ की चूत से निकालता तब तक मेरे लंड का पानी माँ की चूत मे पूरा खाली हो चूका था और लंड निकलते वक़्त वीर्य की धारा माँ के गांड के छेद पर बहने लगी. मुझे लगा अब तो में पक्का पीटूँगा और डर के मारे जल्दी से शर्ट पहन कर सो गया. मुझे नींद नही आ रही थी पर मैं कब सो गया पता ही नही चला।

अगले दिन उठा तो देखा की हमेशा की तरह माँ सफाई कर रही थी पर दीदी स्टेडियम नही गई थी. मुझे देखते ही माँ ने दीदी से कहा “वीना, जा चाय गर्म करके भाई को देदे… और मुझे प्यार से वहीं बैठने के लिए कहा. मैने चोरी से माँ की तरफ देखा तो माँ मुझे देख कर पूछी आज नींद कैसी आई… मैने कहा की “अच्छी”, तो माँ हसने लगी और मेरी पैंट की ऊपर देखकर बोली की “अब तू रात मे सोते समय थोड़े ढीले कपड़े पहना कर… अब तू बड़ा हो रहा है.. देख में और वीनू भी ढीले कपड़े पहन कर सोते है… में यह सुन कर बड़ा खुश हुआ की माँ ने मुझे डाटा नही।

उस दिन मुझे पूरा विश्वास हो गया था की अब माँ मुझे रात मे पूरे मज़े लेने से मना नही करेगी भले ही दिन मे चुदाई के बारे मे खुल कर कोई बात ना करे. अब तो में बस रात का ही इंतजार करता था, खैर उस रात फिर जब में सोने के लिए कमरे मे गया तो मुझे माँ की ढीले कपड़े पहनने वाली बात याद आई पर मेरे पास कोई बड़ी शर्ट नही थी. फिर मैने आलमरी मे से एक पुरानी लुंगी निकाली और अंडरवेयर उतार कर पहन लिया और सोने का नाटक करने लगा।
तभी मेरे मन मे माँ की सुबह वाली बात चेक करने का विचार आया और मैने अपनी लुंगी का सामने वाला हिस्सा थोडा खोल दिया जिस से मेरा लंड खड़ा होकर बाहर निकल गया और अपने हाथो को अपनी आँखो पर इस तरह रखा की मुझे माँ दिखाई दे. थोरी ही देर मे माँ कमरे मे आई और नाईटी पहन कर बेड पर आने और लाइट ऑफ करने के लिए मूडी और मेरे लंड को देखते ही रुक गई।

थोड़ी देर वैसे ही मेरे लंड को जो की पूरे 6” लंबा और 1.5” मोटा था, देखती रही, फिर पता नही क्यों उसने लाईट बंद करके नाईट बल्ब जला दिया और बेड पर लेट गई वो मेरे लंड को बड़े प्यार से देख रही थी पर मेरे लंड को उसने छुआ नही. फिर दूसरी तरफ करवट बदल कर एक पैर को कल की तरह आगे फैला कर लेट गई. मुझे पक्का विस्वाश था की आज माँ जानबूझ कर नाईट बल्ब ऑन किया है ताकि में कुछ और हरकत करू।

आधे एक घंटे के बाद जब में माँ के ऊपर सरका तो लूँगी की गाँठ रगड से अपने आप ही खुल गई और में नंगे ही अपने खड़े लंड को लेकर माँ की तरफ सरक गया और नाईटी खोल कर कमर तक हटा दिया. उस रात मैने पहली बार माँ के कुल्हे, गांड और चूत को देख रहा था. मेरी खुशी का ठिखाना नही था, में झुक कर माँ की जांगो और कुल्हे के पास अपना चेहरा ले जाकर चूत को देखने की कोशिश करने लगा. मुझे अपनी आँखो पर विश्वास नही हो रहा था की कोई चीज इतनी मुलायम, चिकनी और सुन्दर हो सकती है, माँ की चूत से बहुत अच्छी भीनी भीनी खुशबु आ रही थी. में एकदम मदहोश होता जा रहा था. पता नही कैसे में अपने आप ही माँ की चूत को नाक से सटा कर सूंघने लगा। चूत से निकले हुए चंदे के दोनो पत्ते किसी गुलाब की पंखुड़ी से लग रहे थे. माँ की चूत का छेद थोडा लाल था और गांड का छेद काफ़ी टाइट दिख रहा था, पर सब मिला कर उनकी पुरे कुल्हे और जांघे बहुत मुलायम थी।

में उसी तरह कुछ देर सूंघने के बाद माँ के चूत के दोनो पत्तो को मुहँ मे भर लिया और चूसने लगा उनकी चूत से बेहद चिकना लेकिन नमकीन पानी निकलने लगा, में भी आज चुदाई के मज़े लेना चाहता था. फिर मैने माँ की चूत से निकलते हुए पानी को अपने सूपडे पर लपेटा और धीरे से माँ की चूत मे डालने की कोशिश करने लगा. पर पता नही कैसे आज मेरा लंड बड़ी आसानी से माँ की चूत के छेद मे घुस गया।

में वैसे ही थोड़ी देर रुका रहा फिर मैने लंड को अंदर डालना शुरू किया, दो तीन प्रयासो मे मेरा लंड माँ के चूत मे घुस गया ओह क्या मज़ा आ रहा था, माँ की चूत काफ़ी गर्म थी और मेरे लंड को चारो और से जकड़े हुए थी. थोड़ी देर उसी तरह रहने के बाद मैने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया ओह जन्नत का मज़ा मिल रहा था।

4-5 मिनट अंदर बाहर करते ही मुझे लगा की मैं झड़ने वाला हूँ तो मैने अपनी स्पीड और तेज़ कर दी और अपना वीर्य माँ की चूत मे डाल दिया…

अच्छा दोस्तों फिर मिलता हूँ….

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माँ के मुंह में लंड https://sexstories.one/maa-ke-muh-me-lund/ Thu, 30 Dec 2021 07:51:28 +0000 https://sexstories.one/?p=3570 साडी भी खोल दी और नंगी हो गयी मेरे सामने.. मैंने अपनी माँ को पहली बार नंगा देखा था.. क्या गोरा चाँद जैसा रंग... माँ में अपने बाल भी खोल दिए.. और नंगी ही निचे झुककर मेरे दोनों पैर पकड़कर मेरा लंड चूसने लगी...

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Maa ke Muh me Lund Daala – पहले ही बोलता हूं, ये कोई कहानी नहीं, मेरे जिंदगी का सच है…. मेरा नाम बृजेश कुमार है..मैं और मेरी मां बिहार के एक छोटे से गांव में रहते हैं। मेरा उमर अभी 28 साल है और मेरी मां की उमर है 50 साल.. मेरे मां का नाम है सुशीला यादव। पापा बचपन में गुजर गए थे.. उसके बाद से मैं और मेरी मां अकेले रहते हैं। माँ ने मेरे लिए कभी दसरी शादी नहीं की।

मेरा मां दिखने में गोरी है और मोटी भी… उनके बल ज्यादा तार सफेद हो गए हैं उमर की वजह से। मुझे पे झुरिया पर गई है… पर उनका बड़े बड़े बूब्स, साइज में 36 है…. और चुतड़, जैसे की कोई गमला। जब मां चलती हैं, तब उनके स्तन और चुतड़, इतना ऊपर आला हिलती है की कोई भी इंसान पागल हो सकता है… मां को पाने के लिए।

मेरा दोनो हाथ जनम से ही लकवा मारा हुआ है.. इस लिए छोटे उमर से न मेरा पढाई बराबर से हो पाया न कोई लड़की मिली न काम काज मिला। मेरा मां मुझे लेकर बहुत चिंता में रहती है।

एक तो मेरा हाथ कम नहीं करता, ऊपर से मैं बहुत स्लिम हूं। छोटे उमर में मुझे काला बुखार हुआ था… तब से मेरा रंग भी थोड़ा काला पड़ गया… कोई भी लर्डी मुझे पसंद नहीं करेगा…

मैं खुद से कोई भी काम कर नहीं पाता हूं। मेरी माँ छोटे उम्र से ही मुझे खिलाती है, पैंट पहनाती है, हर रोज़ बाथरूम में नहलाती है..

जब माँ मुझे नहलाती है, तब मैं बहुत गरम हो जाता हूँ… तब मुझे मेरी माँ के बारे में गंदे-गंदे ख्याल आते हैं.. छोटे से उम्र से ही मेरा लंड थोड़ा लम्बा है.. माँ जब नहलाती है तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है.. जब पहली बार ऐसा हुआ तब मेरी उम्र थी ६ साल..

हर रोज़ की तरह उस दिन भी मुझे नेहला रही थी.. माँ ने मेरे लंड पर साबुन लगते ही मेरा लंड फुल गया… उस दिन माँ मुझे बहुत बुरा-भला कहा और थप्पड़ भी लगाया… और बहुत रोइ भी.. क्या करे? हो जाता है ऐसा..

उसके बाद से माँ मुझे चड्डी पर ही नेहलाती है.. दूसरे तरफ मुंह घुमा के मेरे चड्डी के अंदर पानी डाल के फिर बांध कर देती है.. इस तरह से २८ साल निकल गए.. अब माँ की उम्र हो गयी है..

मुझे पूछती है – बेटा.. मैं क्या करूँ? मेरे बाद तू क्या करेगा? क्या होगा तेरा? कैसे चलेगा?

माँ के उम्र हुआ तो क्या? मैं देखता हूँ तो मेरा लंड लोहे की तरह सख्त हो जाता है..

माँ हमेशा मुझे चड्ढी में रखती है.. माँ जानती है मैं एक जवान लड़का हूँ.. मेरा लंड खड़ा होता है.. और मेरा लंड का साइज १० इंच है.. शरीर के तुलना में लंड कुछ ज़्यादा ही काल हैं.. हमेशा चड्डी पहनते-पहनते मेरे लंड में घाव हो गया.. मेरे लंड में खुजली के साथ जलन हो रहा था.. चमड़ी उठ के खून निकलने लगा..

माँ को पता चला तो माँ डर गयी.. जल्दी से डॉक्टर को बुलाया.. डॉक्टर कुछ मरहम दे कर बोले – इस जेल को हर रोज़ दो बार लंड पर लगाना और मालिश करना.. जेल ठंडा है.. जितना मालिश करोगे, उतने जल्दी घाव भरेगा.. और बोला अभी जितना दिन ये न सूखे, उतने दिन चड्डी पहनना मना है..

डॉक्टर के जाने के बाद माँ बोली – तुझे तकलीफ होता था, तूने क्यों नहीं बोलै बेटा?

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मैं बोला – माँ.. तुमको तकलीफ नहीं देना चाहता था.. तुम मेरे लिए बहुत करती हो… मेरा कोई नहीं है तुम्हारे बिना…

माँ ने मुझे सर पर चूमा.. फिर बोली – आज से तुझे और कभी घर पर चड्ढी नहीं पहनना पड़गा..

मेरे बगल में माँ बैठी और मुझे नंगा बिस्तर पर सुला दिया.. माँ ने मेरे लंड को देखा.. बोली – कितना तकलीफ दिया मैंने मेरे बच्चे को…

फिर मरहम जेल हाथ में लेके मेरे लंड पे मलने लगी.. माँ के हाथ इतने नरम है के क्या बताऊँ…. साथ ही साथ मेरा लंड और ज़्यादा फूलने लगा..

माँ मेरे लंड की मालिश करने लगी.. पच्च-पच्च की आवाज़ें होने लगी.. लंड का जलन कम होने लगा…. माँ जानती थी क्या होने वाला है.. इसलिए जब भी मेरा माल निकलने वाला होता है, माँ हाथ हटा ले रही थी… इस तरीके से मेरे ५० साल की बूढी माँ, २८ साल के बेटे का काला लंड मालिश कर रही थी.. ये सोच के मेरा लंड का ज़ोर बढ़ गया.. माँ के कुछ सोचने से पहले ही, माँ की हांथों में मैंने गर्मागर्म माल छोड़ दिया..

माँ ने साथी-साथ हाथ हटा के बोली – तुझे ऐसा नहीं करना चाहिए ब्रिजस्ट… मैं तेरी माँ हूँ.. मैं जो भी करती हूँ, वो मजबूरी में कर रही हूँ..

मेरी तब हालत ख़राब हुई.. माँ दुखी होक वह से उठ गयी.. मैं चुप-चाप सोया रहा..

अगला दिन माँ मुझे स्नान करवा रही थी.. मेरा लंड पर २२ साल में पहली बार साबुन लगा रही थी.. बहुत मेल निकल रहा था.. ये देखकर माँ और ज़ोर से रगड़ने लगी.. मेरी हालत ख़राब हो गयी..

मैं बोला – माँ छोड़ दो.. नहीं तो निकल जायेगा मेरा..

माँ फिर भी ज़ोर-ज़ोर से रगड़ती रही.. मैं देख के भौचक्का रह गया.. माँ मेरा १० इंच का काला लंड रगड़ रही है.. मैं रह ने सका… माँ के मुंह पर अपना गाढ़ा माल फेक दिया.. माँ का चेहरा मेरे घने माल से ढक गया… वीर्य गिर के माँ की ब्लाउज के अंदर चला गया.. माँ फिर भी आहिस्ता आहिस्ता मेरे लंड में साबुन लगा रही थी और मल रही थी.. मेरे लंड का टोपा काला से लाल होने लगी.. फिर माँ ने मुझे स्नान करवाके अपने चेहरे पर से मेरे माल को साफ़ किया..

उसके अगले दिन माँ ने बोला – तू आज से लुंगी पहनेगा..

पापा की एक पुरानी लुंगी माँ ने मुझे पहना दी.. पर निचे चड्डी न रहने के कारण हर वक़्त लंड टनटनाया रहता था.. एक रात की माँ मेरे साथ टीवी देख रही थी.. चैनल चेंज करते करते एक पर ब्लू फिल्म चल रहा था.. माँ और मैंने वो ब्लू फिल्म देखि.. उसी समय टीवी का रिमोट ख़राब हो गया.. इसलिए मैं चैनल को चेंज नहीं कर पाया.. ब्लू फिल्म में एक लड़की अपने मर्द का लंड चूस रही थी.. लंड का साइज मेरे जैसा था.. लड़का आअह्ह्ह…. आह्हः… आवाज़ कर रहा था.. माँ ने उठकर टीवी बंद कर दिया..

अगले दिन माँ जब मुझे स्नान करवा रही थी और मेरे जांघ पर साबुन लगा रही थी तब मेरा लंड खड़ा होने लगा… मैं माँ के मुंह के पास लंड ले गया.. माँ कुछ नहीं बोली… मैंने सोच लिया की आज इस पार या उस पास.. मैंने माँ के गाल पर अपना लंड घासना शुरू किया..

माँ बोली – क्या हुआ बेटा? तू क्या करना चाहता है?

मैं बोला – माँ.. तुम मेरा एक सपना पूरा कर सकती हो क्या?

माँ बोली – क्या सपना है तेरा, बोल?

मैं बोला – माँ, छोटा सा ही है.. तुम मेरे लंड को चुसो हर रोज़.. मुझे और कुछ नहीं चाहिए माँ… तुम्हारे मुंह के अंदर मेरा लंड हो, यही सपना है मेरा… क्या तुम मेरा सपना पूरा करोगी?

माँ बोली – अगर तेरे जीवन का एक ही सपना है की मैं तेरा लंड चूस दूँ हर रोज़, तो ठीक है.. वैसे भी तुझे कोई लड़की नहीं मिलेगी, जो तेरे लिए ये कर सके.. मैं जितना दिन ज़िंदा हूँ, करुँगी..

मैं बोला – माँ.. मैंने सुना है की औरत अगर मर्दों का वीर्य पीती है तो उनका स्किन ठीक रहता है.. बाल कम झड़ते है.. तुम भी करो.. मेरे लंड को अच्छे से चूस के मेरा वीर्य पि लो..

माँ ने इसके बाद मेरा लंड के टोपे को मुंह में ले लिया और चूसने लगी… मेरे लंड की चमड़ी छोटे उम्र में कट के उल्टा दिया था डॉक्टर ने, इसलिए अभी एक मशरुम के तरह दिख रहा था.. लंड की मुंडी के निचे का भाग पतला और लम्बाई १० इंच की है.. मेरा सपना आज पूरा हो रहा था.. मेरी माँ, मेरा लंड चूस रही थी.. माँ की होंठ इतने नरम है की कोई गुलाब की पंखुरी… माँ मेरा लंड मुंह में लेके ऊपर निचे करने लगी.. मैं भी माँ की मुंह में लंड को ज़ोर से घुसाने लगा.. माँ ने अपना ब्लाउज खोल दिया..

साडी भी खोल दी और नंगी हो गयी मेरे सामने.. मैंने अपनी माँ को पहली बार नंगा देखा था.. क्या गोरा चाँद जैसा रंग… माँ में अपने बाल भी खोल दिए.. और नंगी ही निचे झुककर मेरे दोनों पैर पकड़कर मेरा लंड चूसने लगी… माँ लंड ऐसा चूस रही थी, जैसे कोई वैक्यूम-क्लीनर… माँ के ३६ साइज के गोर चूचे मेरे जांघ में झपट्टा मार रहे थे.. मेरा लंड माँ के लार और थूक से चमकने लगा..

पच्च-पच्च-पच्च करके आवाज़ होने लगा.. मेरे लंड की नसें फूलने लगी.. ऐसा १५ मिनट चला.. माँ के मेरे लंड को चूसने से मेरे बदन में एक अनोखी आग भड़क उठी और मैं सहन नहीं कर पाया.. माँ की मुंह में मेरे लंड को थोड़ा और घुसा दिया और अपना गर्म माल उनके मुंह में छोड़ दिया.. करीं ४०० मिलीलीटर कागाढ़ा माल होगा माँ की मुंह के अंदर…

माँ ने पूरा माल पी लिया..

मैं बेहोश होकर बाथरूम में गिर गया.. जब होश आया तब देखा की मैं बिस्तर पर सोया हुआ था और माँ मेरे सर पर हाथ रखकर सेहला रही है.. और रो रही है..

क्या बताऊ दोस्तों! ये तो मेरे ज़िन्दगी का सच है.. कहानी नहीं.. सिर्फ नाम ही बदला है.. क्योंकि किसी की अगर पता चला की माँ और बेटे का रिश्ता ऐसा है तो शायद हम दोनों को समाज में रहने नहीं देंगे.. कुछ भी हो.. मेरा सपना पूरा हुआ.. माँ की मुंह में लंड घुसा के चुसवाने का.. माँ से बेहतर लंड कोई नहीं चूस सकती है.. अपनी बीवी भी नहीं.. मुझे ऐसा लगता है..

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एक चुडक्कड़ परिवार की कहानी – 4 https://sexstories.one/ghar-me-chodai-kahaniya/ Thu, 23 Dec 2021 08:49:20 +0000 https://sexstories.one/?p=5032 शालिनी ने धीरे से बैग को अपने सिर के नीचे से बाहर निकाला और उसके सामने खड़े मांस को निगल लिया, आरव खुशी से कराह उठा जब उसे समझ में आया कि क्या हुआ है, शालिनी ने उसके लंड को चूसा...

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Ghar me Chodai story – “आरव, जल्दी से तैयार हो जाओ, मुझे किराना के लिए बाजार जाना है।” शालिनी ने कहा।

“आप पिता या आरती के साथ जा सकते हैं।” आरव ने चादर को सिर के ऊपर से खींचते हुए जवाब दिया।

“तुम्हारे पिता खेत में गए हैं और आरती नदी में कपड़े धोने गई है, हर किसी को तुम्हारे जैसा खाली समय नहीं मिलता।” उसकी मां ने मजाक में कहा, किसी ने भी आरव की घर पर बेकार बैठने के लिए आलोचना नहीं की क्योंकि वे जानते थे कि आरती के विपरीत जब वह शादी करेगा तो उसे दहेज मिलेगा, जिसके लिए उन्हें पैसे देने होंगे।

“वह अकेली क्यों नहीं जा सकती,” आरव ने निराश होकर अपनी साँसों में बड़बड़ाया।

“मैंने सुना है, ठीक है, मैं खुद सारा किराना नहीं ले जा सकता।”

“ठीक है माँ, बस मुझे तैयार होने दो।”

शामपुर गाँव की आबादी लगभग 200 लोगों की थी और इसके पीछे एक पर्वत श्रृंखला के साथ एक बहुत ही अलग स्थान था और सामने एक नदी बाहरी दुनिया से इसे अवरुद्ध करती थी, परिवहन का एकमात्र तरीका एक पुरानी बस थी।

Read Part 3 – एक चुडक्कड़ परिवार की कहानी – 3

जैसे ही पुराने बस के इंजन ने अपनी तेज आवाज को दूर किया, आरव खुश था कि वह अपनी माँ के साथ आया जो उसकी जांघ पर हाथ रखे उसके बगल में बैठी थी; बस बड़ी थी क्योंकि यह उनके गांव की एकमात्र बस थी जो 33 किमी दूर बाजार तक जाती थी। सौभाग्य से आरव अंतिम दो सीटें लेने में सक्षम था, क्योंकि कोई भी अंतिम सीट नहीं लेना चाहता था जो कि टायरों के ऊपर स्थित है और बहुत उछाल वाली है, लोगों ने आखिरी सीट पर बैठने के बजाय खड़े रहना पसंद किया।

आरव ने खिड़की वाली सीट ले ली थी और उसकी माँ उसके बगल में बैठी थी, उसने लाल साड़ी और मैचिंग ब्लाउज पहना था और उसके लंबे बाल खुले हुए थे जिसे उसने अपनी गर्दन की सेक्सी लंबाई को उजागर करते हुए अपनी गर्दन के किनारे पर ले जाया है। उनकी सीट से सटे (टिकट कलेक्टर के लिए एक अंतराल के बाद) एक लड़की के साथ एक बूढ़ा आदमी बैठा, जो उसकी बेटी की तरह लग रहा था।

जैसे-जैसे यात्रा जारी रही, बस में खर्राटे भरने लगे, ज्यादातर लोग सो रहे थे और जो नहीं सो रहे थे, वे मरने की कगार पर थे, सिवाय शालिनी जो आरव की पैंट की जिप टटोलने में व्यस्त थी, उसे मुश्किल हो रही थी ज़िप को नीचे खिसकाने में चाहे वह कितनी भी जोर से खींचे, वह नीचे नहीं आएगी, उसने हार मान ली और अपने नरम लंड को उसकी पैंट से पकड़ लिया, उसे अपने हाथों में निचोड़ लिया।

आरव ने महसूस किया कि उसका लंड अपनी माँ के हाथ में बढ़ रहा है, उसने अपनी आँखों के कोने से देखा और देखा कि उसकी माँ ने अपनी आँखें बंद कर ली हैं, जैसे ही उसने बूढ़े आदमी की ओर देखा, उसने लड़की की आँखों को सीधे अपनी माँ के हाथ की ओर देखा जब शालिनी जूट के थैले को स्टैंड से नीचे लाने के लिए उठी तो उसने अपनी आँखें बंद कर लीं।

जब उसकी माँ बैग नीचे लाने के लिए उठी तो आरव ने मौके का फायदा उठाकर अपनी ज़िप नीचे कर दी। शालिनी ने उस बैग को आरव की गोद में रख दिया और बैग के नीचे अपना हाथ उसके लंड पर रख दिया; जब उसने ज़िप खोली तो वह मुस्कराहट नहीं रख सकी और उसने अपना हाथ उसकी पैंट में सरका दिया और उसके अंडरवियर से उसका सीधा मुर्गा बाहर निकाल दिया, अब उसका मुर्गा केवल जूट के थैले से ढका हुआ था।

“बेटा, मुझे नींद आ रही है, मुझे अपनी गोद में लेटने दो, ठीक है?” इसके साथ ही माँ ने अपने शरीर को घुमाते हुए अपना सिर उनकी गोद में रख लिया।

“ठीक है माँ।” आरव समझ नहीं पा रहा था कि वह क्या करना चाह रही है।

शालिनी ने धीरे से बैग को अपने सिर के नीचे से बाहर निकाला और उसके सामने खड़े मांस को निगल लिया, आरव खुशी से कराह उठा जब उसे समझ में आया कि क्या हुआ है, शालिनी ने उसके लंड को चूसा, उसे निगल लिया, आरव ने उसके लंबे बालों को अपनी गोद में फैला लिया, उसमें से अपना सिर ढक लेती है। शालिनी उत्साह से भरी थी, उसकी कल्पना पूरी हो रही थी, किसी को चूसने की, सार्वजनिक रूप से, और यह सिर्फ कोई नहीं था, यह उसका बेटा था … तो यह उसके ऊपर एक बोनस की तरह था।

उसने सारा संकोच खो दिया, शालिनी ने अपना सिर थोड़ा ऊपर उठाया और उसके लंड के सिर को धीरे से चूमा, उसके चारों ओर चाटा, उसने अपनी जीभ से उसके छेद को छुआ, जिससे वह खुशी से उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा और फिर उसने उसे अपने मुँह में पूरी तरह से सरका दिया, आरव उसके बालों को पकड़ा और उसके सिर को अपने लिंग पर धकेल दिया, वह महसूस कर सकता था कि उसकी नाक उसके जघन बालों को खुरच रही है .. उसने उसे फिर से उसके बालों से उठा लिया .. और उसके मुंह को चोदना शुरू कर दिया … तेजी से ..

10 सेकेंड के बाद आरव सख्त हो गया… अपनी माँ के मुँह में वीर्य भर दिया, जबकि उसने सारा माल निगल लिया, एक बूँद भी बेकार नहीं गई, वे कुछ देर ऐसे ही रहे, उसके मुँह में उसका खर्चा मुर्गा। आरव ने ऊपर देखा और देखा कि लड़की उस पर मुस्कुरा रही है, उसने तुरंत अपनी निगाहें फेर लीं।

बस रुक गई और कंडक्टर ने घोषणा की कि वे अपने गंतव्य पर पहुंच गए हैं।

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एक चुडक्कड़ परिवार की कहानी – 2 https://sexstories.one/desi-chudakkad-parivar-ki-chudai-story/ Sun, 19 Dec 2021 08:10:45 +0000 https://sexstories.one/?p=5025 आरव ने अपनी उँगली तेल में डुबाकर अपनी हथेली पर मला और अपने तैलीय हाथों को उसकी पीठ के छोटे हिस्से पर रख दिया, उसका लंड अपनी पैंट से बाहर निकलने के लिए लड़ रहा था...

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Desi chudakkad parivar ki chudai story – शालिनी अपने पति के कुछ ही झटके में आने के बाद सींग का बना हुआ था, और उसे अपने बगल में अपनी उंगलियों का उपयोग करने में शर्म महसूस हुई, उनकी शादी को 19 साल हो गए हैं और उन्हें एक दिन भी याद नहीं आया जब उन्होंने उसे संतुष्टि के लिए चोदा, उसने वहां उसे छुआ तक नहीं।

एक युवा लड़की के रूप में जब वह गांव की प्रधान हवेली में काम करती थी, तो उसने देखा कि उसका बेटा अपनी पत्नी को चोद रहा है। वह उत्सुक थी कि उन्होंने उसके माता-पिता (मिशनरी स्थिति) की तरह चुदाई नहीं की। उसने जो देखा उसने उसे जड़ों तक हिला दिया, उसने ऐसा कुछ नहीं सुना और न ही देखा, महिला चारों तरफ थी और आदमी ने उसके डिक को उसके गधे में बहुत मुश्किल से पंप किया था। वह अपने सामने का नजारा देखकर स्तब्ध महसूस कर रही थी, लेकिन इसने उसे भी उत्साहित किया, उस दिन से वह उनके कमरे में घुसकर उनकी गतिविधियों को देखेगी।

वह हर तरह की गतिविधियों को देखती थी, देखती थी और सीखती थी और सपना देखती थी कि जब उसकी शादी होगी तो वह ये सब काम करेगी, लेकिन यहां उसकी शादी को 19 साल हो गए थे और उसके पति ने उसे वहां छुआ तक नहीं था। लेकिन वह अपने पति से प्यार करती थी, चाहे कुछ भी हो और वह उसे कभी भी धोखा नहीं देगा, कई पुरुषों ने उसे बहकाने की कोशिश की।

कुछ साल पहले गर्मियों की सुबह में वह पानी भरने के लिए कुएँ पर निकली थी, रमेश (उसका साला) भी वहाँ अपने दाँत ब्रश कर रहा था, शालिनी ने पानी भरने के लिए कुएँ के किनारे पर कदम रखा, वह नीचे झुकी और बाल्टी को कुएँ में फेंक दिया जब वह खींच रही थी पानी से भरी बाल्टी रमेश उसके पीछे आ गया और उसके गालों को दोनों हाथों से टटोल लिया, शालिनी जनता में टटोलने के उत्साह से झूम उठी।

“अरे, मैं गीर जाउंगी, कृपया मुझे छोड़ दो।” उसने उससे भीख मांगी।

“चिंता मत करो भाभी, मैंने तुम पर अच्छी पकड़ बना ली है।” रमेश ने अपनी साड़ी से उसकी गांड निचोड़ते हुए कहा।

“बाद में, कोई देखेगा।” शालिनी ने उससे छुटकारा पाने के लिए कहा।

‘वह आसानी से मान गई’ रमेश को बेतहाशा खुशी हुई

कि उसे पाना इतना आसान होगा, इतने वर्षों की लालसा के बाद आखिरकार उसे उसकी कल्पना की देवी मिल गई।

शालिनी ने तुरंत अपनी टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया; उसने इतनी आसानी से हेरफेर करने के लिए खुद को शाप दिया, वह जानती थी कि रमेश उसे इतनी आसानी से नहीं छोड़ेगा; वह उसे तब तक तंग करता रहेगा जब तक वह अपना वादा पूरा नहीं कर लेती।

उस दिन बाद में, जब आरती नदी पर गई थी और आरव और उसका पति बाहर थे, रमेश ने उसके घर में प्रवेश किया और उसके पीछे लकड़ी का दरवाजा बंद कर दिया। शालिनी खाना बना रही थी; वह फर्श पर लकड़ी के स्टूल पर बैठी थी। रमेश शादीशुदा था लेकिन उसकी पत्नी शालिनी की सुंदरता से मेल नहीं खाती थी और उसने उसे रात के अलावा कभी अपने पास नहीं आने दिया।

5″6′ के साथ शालिनी गाँव की सबसे लंबी महिला थी, गोल गाल की हड्डियों के साथ उसका एक कोमल चेहरा था और उसकी आनुपातिक रूप से पतली नाक और उसके चेहरे का सबसे अच्छा हिस्सा वहीं बैठी थी; उसका गुलाबी गुलाबी गुलाब, लेकिन रमेश उसके सुडौल गधे की ओर आकर्षित था, रमेश उन्हें नग्न देखने के लिए तरस गया, वह हमेशा कुएं पर मौजूद रहेगा जब वह उसका नग्न मांस देखने के लिए स्नान करेगी।

“भाभी, मैं वादे के मुताबिक आया।” रमेश ने शर्म से घोषणा की।

Part 1 of Desi Incest Story – एक चुडक्कड़ परिवार की कहानी

“देखो रमेश, मैं अपने पति को धोखा नहीं दे सकती।” शालिनी ने खाना बनाते समय झिझकते हुए कहा, उसने उसकी तरफ देखने की हिम्मत नहीं की।

रमेश जानता था कि अपराधबोध से ग्रस्त होने से पहले उसे कार्य करना होगा; वह उसके पीछे बैठ गया और उसके स्तन को दोनों हाथों से पकड़ लिया और उसे मोटे तौर पर निचोड़ लिया, शालिनी ने महसूस किया कि उसका कठिन मुर्गा उसकी पीठ पर थपथपा रहा है, उसने खुद को वापस अपने डिक पर दबाते हुए खुद को पीछे की ओर झुका लिया। रमेश ने इसे स्वीकृति के रूप में लेते हुए अपने स्तनों को गूंथना जारी रखा। रमेश ने ब्लाउज में से उसके निप्पल को पिंच किया और वह सराहना के साथ खड़ा हो गया।

“Nooooooo … कृपया मुझे छोड़ दो, कृपया…” उसने उससे भीख माँगी। रमेश के पास शैतान था, अब उसे रोक सकता है, शालिनी को इससे बाहर निकलने का रास्ता सोचना था, वह चिल्लाना चाहती थी लेकिन यह बुद्धिमानी नहीं होगी, वह भागना चाहती थी लेकिन वह नहीं कर सकती थी और वह उससे लड़ नहीं सकती थी।

रमेश उत्साह से एक जानवर की तरह बहुत जोर से सांस ले रहा था, उसने उसे फर्श पर चूल्हे से दूर धकेल दिया और वह उसकी साड़ी को पर्दे के एक छोर से खींचने लगा और थोड़े प्रयास के बाद उसे निकालने में सफल हो गया।

शालिनी ने इस अचानक बल प्रयोग पर उत्तेजित महसूस किया, वह खुद को हमलावर के सामने प्रस्तुत करना चाहती थी, वह चाहती थी कि वह उसे वैसे भी इस्तेमाल करे, वह चाहती थी कि वह उसकी प्यारी गांड को थपथपाए, वह चाहती थी कि वह उसे जंगली चोद दे, लेकिन उसने अपने आग्रह को नियंत्रित किया, वह उसे उसे चोदने नहीं देगी, वह अपनी इच्छाओं में देने के लिए बहुत मजबूत है।

रमेश ने ऊपर देखा और अपने सपनों की देवी को उसके सामने अपनी पतली अंडरस्कर्ट और ब्लाउज में देखा, शालिनी लाल हो गई जब उसने देखा कि रमेश ने अपना काला राक्षसी डिक निकाला था, जो उसने अपने पूरे जीवन में देखा था आसानी से उन सभी में सबसे बड़ा और यह उसके बड़े शरीर में फिट बैठता है, शालिनी अपने डिक से अपनी आँखें नहीं हटा सकती थी, उसने अपने होंठ चाटे, फिर उसे मारा अगर वह उसे अपने मुंह से सह बनाती है तो वह उसे चोद नहीं पाएगा फिर।

इससे पहले कि शालिनी अपनी योजना को क्रियान्वित कर पाती, रमेश ने एक तेज़ टग में उसके अंडरस्कर्ट को नीचे खींच लिया, जिससे उसकी पूज्यनीय गांड उजागर हो गई, उसके गाल चिकने और कोमल थे, उसके गालों का हिलना उसकी रीढ़ को सिकोड़ रहा था, वह प्रवेश की स्थिति में बंद था उसकी गांड, वह हिलना चाहता था लेकिन वह नहीं कर सका, किसी तरह वह उसके पीछे गया और अपने घुटनों पर बैठ गया और कांपते हाथों से उसने उसके चिकने गालों को हल्के से छुआ।

“उउंगग्घ्ह …” वह अपने सह के साथ उसके गालों को मारते हुए एक कराह के साथ आया, दूसरा स्पर्ट उसके पैरों पर उतरा, शालिनी गर्व और राहत के साथ मुस्कुराई। उसका मर्दाना अभिमान आहत हुआ, वह उसे छूता हुआ आया। घटना के बाद रमेश ने शालिनी को अकेला छोड़ दिया, उसे जब भी देखा तो शर्मिंदगी महसूस हुई।

“आह…” आरव बाहर भागा जब उसने अपनी माँ की पुकार सुनी, वह उसकी पीठ पर फैला हुआ था, वह पानी खींचते हुए कुएँ से फिसल गया और जमीन से चिपके एक पत्थर पर जा गिरा।

“मैं हमेशा कुएं को सूखा रखने के लिए कहता हूं, मैं भाग्यशाली था कि मैं कुएं से गिर गया।” उसने दर्द भरी आवाज में कहा, उसके गालों से आंसू छलक रहे हैं।

“माँ, आपको कहाँ चोट लगी है।” आरव ने पूछा, आरव अपनी मां से बहुत प्यार करता था और उसे दर्द में देखकर वह तड़प रहा था।

“मेरी पीठ में चोट आ गयी।” शालिनी ने अपनी ठुड्डी को सहलाते हुए जवाब दिया।

आरव ने अपनी माँ के चरणों में उसकी सहायता की और उसे घर में ले गया; उसने फर्श पर एक चटाई बिछाई और उसे उस पर लेटने में मदद की।

“कहाँ है आरती, उसे बुलाओ वह मेरी पीठ पर थोड़ा तेल मालिश करेगी।” शालिनी ने आरव से कहा। आरव घर से बाहर निकला लेकिन वह उसे कहीं नहीं मिला।

“माँ, मुझे लगता है कि वह कपड़ा धोने के लिए नदी पर गई है, क्या मैं पिता को खेत से बुलाऊँ।” आरव ने अपनी मां की स्थिति के बारे में चिंतित होकर कहा।

“नहीं नहीं … वह काम कर रहा होगा, उसे परेशान मत करो।”

“रसोई से थोड़ा सा तेल लो और उसे प्याले में कुछ देर के लिए गरम करो, फिर मेरे पास ले आओ।”

आरव तेल लेकर वापस आया, शालिनी अपने सामने लेटी हुई थी, आरव ने पहली बार उसकी गांड पर ध्यान दिया। उसने उसकी गोलाई देखी और जिस तरह से उसने अपनी साड़ी को भर दिया था, उसकी गांड आरती की तुलना में बहुत बड़ी और बेहतर थी, यह पहली बार था जब आरव ने एक महिला के दक्षिण का पता लगाना चाहा अन्यथा उसे हमेशा उसकी माँ या आरती के स्तनों की एक झलक पाने की कोशिश की गई। .

“बेटा, क्या तुम मेरी पीठ पर तेल लगा सकते हो और मैं खुद मेरी पीठ पर तेल नहीं लगा सकता।” उसने धीमी आवाज में पूछा, वह जानती थी कि उसे काम करना पसंद नहीं है और वह इससे बाहर निकलने का रास्ता खोजने की कोशिश करेगा।

“कोई बात नहीं माँ।” यह सुनकर शालिनी खुश भी हुई और हैरान भी।

शालिनी ने हरे रंग की साड़ी और नीले रंग का ब्लाउज पहना हुआ था, उसने अपनी साड़ी ढीली कर दी। आरव उसे देख रहा था कि वह सिर्फ प्रत्याशा से कठिन था और वह खुश था कि उसकी माँ उससे दूर हो रही थी अन्यथा कोई रास्ता नहीं था कि वह अपने 7″ लवडे को अपनी पैंट को दबाते हुए नहीं देख पाएगी।

“मेरी साड़ी को थोड़ा खींचो, लेकिन बहुत नीचे नहीं और तेल लगाओ।” शालिनी को अपने बेटे से ऐसा करने के लिए कहने में शर्मिंदगी उठानी पड़ी लेकिन उसके पास और कोई विकल्प नहीं था।

आरव ने कांपते हाथों से उसकी साड़ी के दोनों ओर पकड़ लिया और उसे थोड़ा नीचे खींच लिया और उसकी निचली कमर को उजागर कर दिया और अपनी माँ की प्रतीक्षा करने लगा।

“थोड़ा और नीचे।”

हाथ मिलाते हुए उसने उसकी बेदाग कमर को और भी अधिक उजागर करते हुए उसकी साड़ी को नीचे खींच लिया और उसकी दरार का एक संकेत दिया, और उसके संकेत की प्रतीक्षा करने लगा।

“थोड़ा और नीचे।”

क्या उसने सही सुना, क्या उसने ‘निचला’ कहा? आरव जोश से पागल हो रहा था; अपनी बहन को छूना एक बात थी लेकिन उसकी मां को छूना और वह भी उसकी मर्जी से छूना, यह एक अलग स्तर था। तेज़ दिल से उसने उसकी साड़ी को पकड़ लिया और उसे और भी नीचे खींच लिया, जिससे उसके आधे नितंब और गांड फट गई। आरव उसके सामने यह देखकर हांफने लगा कि उसकी चिकनी-सुंदरी त्वचा उसे पागल कर रही थी।

“अपने हाथों में थोड़ा तेल लो और इसे मेरी पीठ पर मलो।” शालिनी ने अपना निरीक्षण बाधित करते हुए कहा।

आरव ने अपनी उँगली तेल में डुबाकर अपनी हथेली पर मला और अपने तैलीय हाथों को उसकी पीठ के छोटे हिस्से पर रख दिया, उसका लंड अपनी पैंट से बाहर निकलने के लिए लड़ रहा था। उसने अपने हाथों से उसकी पीठ की मालिश की, ध्यान रहे कि उसकी गांड में दरार न पड़े।

“बीच पर दबाव बनाओ, दर्द है।” शालिनी बुदबुदाई, उसकी नंगी पीठ पर आरव के हाथ उसे जगा रहे थे और सुख में मिश्रित दर्द उसे पागल कर रहा था।

कांपते हाथों से आरव ने अपनी उँगलियों से दबाव डालते हुए उसकी दरार को छुआ, उसने साड़ी से चिपके हुए उसके बट के मांस को चुटकी बजाई।

“आह्ह्ह्ह, वहीं,” उसकी माँ कराह उठी।

आरव को अपने हाथों को हिलाने और उसे पूरी तरह से नग्न देखने की अपनी इच्छा को पूरा करते हुए अपनी साड़ी को नीचे खींचने के लिए संघर्ष करना पड़ा। लेकिन वह अपने नए पाए गए खिलौने को रोकना नहीं चाहता था और अपनी माँ को पेशाब करना चाहता था।

“मुझे लगता है कि दर्द कम फैल गया है, क्या आप थोड़ा कम तेल मालिश कर सकते हैं।” शालिनी बौखला गई; बाद में उसने खुद को शाप दिया कि वह अपने बेटे से उत्तेजित हो रही है।

इस बार उसे उसकी स्वीकृति की आवश्यकता नहीं थी, उसने बस उसके पूरे भव्य बट को उजागर करते हुए उसकी साड़ी को नीचे खींच लिया, उसने अपने तैलीय हाथों को हिलाया और उसके ग्लोब पर रख दिया और उसकी गांड की चिकनी त्वचा को महसूस करते हुए अपने तैलीय हाथों की परिक्रमा की। उसने हाथ नीचे सरकाए और उसके दोनों गालों को एक साथ निचोड़ा, जिससे वह हिलने लगा, वह आंदोलन से मंत्रमुग्ध हो गया, वह इसे बार-बार करना चाहता था लेकिन उसने खुद को नियंत्रित किया और उसकी गांड की मालिश करने लगा।

“आरव, बीच में तेल लगाओ, दर्द टेलबोन के नीचे है।”

“क्या,” आरव अपनी माँ के बारे में सोच ही नहीं पाया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि क्या उसने सही सुना है, उसने फिर से पूछा।

“मेरे टेलबोन के नीचे का क्षेत्र बुरी तरह से दर्द कर रहा है, वहाँ भी थोड़ा तेल लगाएँ।” उसकी माँ ने कहा।

उसने अपनी उंगलियों को तेल में डुबोया और अपने दाहिने हाथ की तर्जनी को उसकी टेलबोन पर रख दिया, तेज़ दिल से उसने उसकी टेलबोन को नीचे की ओर ट्रेस करना शुरू कर दिया, आरव को यकीन नहीं था कि ‘टेलबोन के नीचे’ का क्या मतलब है, आरव ने अपनी उंगली नीचे खिसका दी और उसने उसके पके हुए छेद की शुरुआत महसूस कर सकती थी। उसने बहुत हल्के से उसके छेद को छूते हुए अपनी उंगली नीचे खिसका दी; किसी भी आपत्ति के मामले में अपनी उंगलियों को वापस सुरक्षा के लिए वापस लेने के लिए सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने इसे अभी भी रखा।

to be continued..

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माँ ने चुदवा लिया मुझसे – 3 https://sexstories.one/desi-mom-son-sex-kahani/ Fri, 17 Dec 2021 08:08:24 +0000 https://sexstories.one/?p=4998 मैंने खुद को राहत देने के लिए अपने हस्तमैथुन का सहारा लिया। तीसरे दिन बदल गई मेरी किस्मत! माँ ने आखिरकार मेरे रोमांटिक पक्ष को स्वीकार कर लिया...

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Desi mom son sex kahani – कहने की जरूरत नहीं है, हमारे पहले कमबख्त अनुभव ने हम दोनों के लिए एक पूरी नई दुनिया खोल दी। माँ ने हालांकि, हमारी पहली चुदाई के बाद भयानक अपराधबोध महसूस किया क्योंकि वह एक ही समय में अपनी शुद्धता और मातृत्व दोनों को खोने की चपेट में आ गई थी। वह अस्थिर थी और पिताजी के पास वापस जाना चाहती थी। मुझे इससे उबरने की कोशिश में बहुत समय लगाना पड़ा। मैं ज्यादा रोमांटिक होने लगा और प्रेमी से ज्यादा प्यार करने वाले बेटे की तरह व्यवहार करने लगा। अंत में वह दो दिनों के बाद शांत हो गई।

उन सभी दो दिनों में हमने कोई सेक्स नहीं किया। अगर मुझे अपनी माँ की योनी का स्वाद नहीं मिलता तो मैं शायद अपना पूरा जीवन बिना सेक्स के जी सकता। लेकिन उसके होने के बाद, मैं उसे और हर समय चाहता था! भले ही मुझे माँ के लिए खेद हुआ, लेकिन मेरी वासना को नियंत्रित करना कठिन था क्योंकि मैं हर समय उसके गर्म शरीर को देख रहा था। मैं मदद नहीं कर सकता था, लेकिन हर समय उसकी ओर देखता था और जब वह नहीं देख रही थी तो मेरे डिक को सहलाती थी। लेकिन मैं उसे अपने प्रेमी के रूप में स्वीकार करने के लिए दृढ़ था और मैं मूर्खतापूर्ण अभिनय करके अपनी योजनाओं को खराब नहीं करना चाहता था। इसलिए मैंने खुद को राहत देने के लिए अपने हस्तमैथुन का सहारा लिया। तीसरे दिन बदल गई मेरी किस्मत! माँ ने आखिरकार मेरे रोमांटिक पक्ष को स्वीकार कर लिया और मुझे अपने प्रेमी के रूप में स्वीकार कर लिया। मुझे नहीं पता था कि उस रात तक जब माँ ने पहली बार हमारे दोनों बिस्तरों को जोड़ा! मुझे यह देखकर खुशी हुई और सबसे अच्छी बात यह है कि माँ के चेहरे पर जो शर्मीला रूप था उसे मैं कभी नहीं भूल सकती। पहली रात अपने दूल्हे के पास दुल्हन का नजारा! वह रात हमारी पहली रात की तुलना में अधिक भावुक थी क्योंकि माँ की पारस्परिकता मुझे यौन परमानंद की नई ऊंचाइयों पर ले गई! पहली रात हम एक साथ नग्न सोए थे!

Part 2 – माँ ने चुदवा लिया मुझसे – 2

तब से जब भी हम अकेले होते हैं तो हमारे बिस्तर हमेशा एक साथ रहते हैं। और अब मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि मैं उसका स्थायी प्रेमी हूं। हमने अपने जननांगों को मिलाने का एक भी मौका नहीं छोड़ा। माँ को हमारे सेक्स की इतनी आदत हो गई कि उसने पिताजी के पास वापस जाने से इनकार कर दिया। दरअसल पापा को दो महीने बाद मेरे यहां आना था। वह एक रात अघोषित रूप से हमारे घर आया और आपने अनुमान लगाया! हम अपनी माँ और बेटे के पुनर्मिलन के बीच में थे। हमें दरवाजा खोलने में कुछ समय लगा क्योंकि माँ को तैयार होना था क्योंकि मैं अपने इरेक्शन से छुटकारा पाने के लिए बाथरूम गई थी। माँ ने दरवाजा खोला और पिताजी को वहाँ देखकर चौंक गई लेकिन उसने जल्दी से यह कहते हुए देरी को कवर किया कि वह सो रही है और सोचा कि रवि दरवाजा खोल देगा। पिताजी ने पूछा कि मैं कहाँ था और कहा कि मैं शायद शौचालय में हूँ।

जैसे ही मैंने पिताजी का अभिवादन करने के लिए अपना इरेक्शन ढीला किया, मैं मदद नहीं कर सका लेकिन हमारे कमरे में हमारे सेक्स की गंध आ रही थी। मुझे गंध से थोड़ा अजीब लगा क्योंकि इसकी उपस्थिति को समझाना मुश्किल है जहां एक मां और बेटा एक साथ रहते हैं। और दूसरी बात जब मेहमान माँ का पति हो। मुझे नहीं पता कि पिताजी ने इसे सूँघ लिया क्योंकि उन्होंने इसके बारे में कभी कुछ नहीं पूछा। माँ ने उसे सवाल पूछने में व्यस्त रखा क्योंकि मुझे लगा कि मैं अधूरा सेक्स से थोड़ा विचलित हूँ और माँ को हमारे काम को छिपाने की कोशिश कर रहा हूँ। मैं वास्तव में पिताजी को बाहर फेंकना चाहता था और माँ को वहाँ और वहाँ चोदना चाहता था! लेकिन मैंने नियंत्रित किया।

तब से, कहने की जरूरत नहीं है, मेरे लिए कोई माँ की योनी नहीं। मुझे वापस हस्तमैथुन का सहारा लेना पड़ा और वह भी बाथरूम में। तीन दिनों के बाद, मैं एक भूखे कुत्ते की तरह हो गया, अपनी माँ की प्यारी योनी को याद कर रहा था। मैं माँ की योनी के लिए बेताब हो रहा था और उसे पिताजी से दूर करने का अवसर की कभी खिड़की नहीं थी! मेरे हस्तमैथुन के बावजूद, मैं पागल होने लगा! हताश स्थितियों में हताश उपायों की आवश्यकता होती है! मैं अगले दिन कुछ नींद की गोलियां लेने के अलावा मदद नहीं कर सकता था ताकि पिताजी को अच्छी नींद आ सके। मैंने माँ को उन्हें अपने दूध में मिलाने के लिए मनाया जो वह हर रात सोने से पहले पीते हैं। हम सब बीच में डैड के साथ दोनों बेड मिलाकर सो गए और हम दोनों दोनों तरफ। लेकिन उस रात, जैसे ही नींद की गोलियों ने उस पर नियंत्रण किया, हम पिताजी को एक कोने में ले गए और हमने चुदाई की। माँ शुरू में झिझक रही थी लेकिन असली कुतिया बन गई क्योंकि उसे पता चला कि पिताजी गहरी नींद में हैं। संभवत: वह भी अपने पति के बगल में चोदने लगी क्योंकि वह गहरी नींद में है।

तब से, हम सुरक्षित रहने के लिए हर दूसरे दिन पिताजी को नींद की गोलियों का इस्तेमाल करते थे। एक हफ्ते के बाद माँ को मासिक धर्म हुआ, इसलिए हमें उन छह दिनों में कभी भी पिताजी पर गोलियों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ा। उसके पीरियड्स खत्म होने के बाद पिताजी शहर वापस जाना चाहते थे और माँ को अपने साथ जाने के लिए कहा। माँ ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वह मुझे कम से कम एक और महीने के लिए अकेला नहीं छोड़ सकती। पिताजी ने इसे कुछ समय के लिए स्वीकार नहीं किया और मुझे और माँ को उन्हें यह एहसास दिलाने के लिए कार्य करना पड़ा कि अगर माँ आसपास नहीं हैं तो मैं मुश्किल में पड़ जाऊँगा। पिताजी ने आखिरकार स्वीकार कर लिया और दो हफ्ते बाद हमें छोड़ दिया।

मेरे पास भी एक किस्सा है जो आपको बताना है जब वह भी चला गया था। जैसे ही वह शहर जा रहा था, हमने जाकर उसे बस स्टैंड पर विदा किया। बस 20 मिनट लेट थी और माँ बेचैन हो रही थी। शायद इसलिए कि माँ को अच्छी पैठ बनाए हुए एक सप्ताह से अधिक समय हो गया था। वह इंतजार नहीं कर सकती थी और पिताजी के बस के जाने से पहले निकल जाना चाहती थी। उसने सुरक्षा के प्ले कार्ड का इस्तेमाल किया। पिताजी ने अंत में कहा ठीक है और लेकिन मैंने माँ को उनकी बस के जाने तक प्रतीक्षा करने के लिए कहा। मैं यह सुनिश्चित करना चाहता था कि वह चला गया है। जैसे ही हम घर पहुंचे माँ ने खुद को उतारने के अलावा कुछ नहीं किया क्योंकि हमने एक गर्म भाप से भरा सेक्स किया था। उस रात हमारे पास कभी पर्याप्त नहीं था! हम दोनों लापरवाह सेक्स के मूड में थे और हमने पांच बार चुदाई की। हमें रुकना पड़ा क्योंकि हमारे गुप्तांग पूरी तरह से उखड़ गए थे क्योंकि हमें बहुत दर्द हो रहा था। माँ ने कहा कि उसने अपने जीवन में कभी भी एक ही रात में इतनी बार सेक्स नहीं किया और ऐसा लगता है कि उसने अपने पति को अपनी योनी दिखाने का मन किया और उसे बताया कि उसका बेटा उसके साथ अकेले में क्या करता है।

उस दिन से, माँ ने हमेशा मुझसे कहा कि जब पिताजी नहीं होंगे तो मैं उसे अपनी पत्नी के रूप में मान सकता हूँ। उसने कहा कि वह तभी मेरी मां बनेगी जब लोग आसपास होंगे। और मैंने भी उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया। पिताजी के जाने के एक महीने बाद माँ पिताजी के पास चली गई लेकिन वह हमेशा कहती थी कि वह मेरे साथ रहना पसंद करती है। तब से हम सब आगे-पीछे घूमते रहे लेकिन हमारे पास हमेशा सबसे अच्छा समय था जब माँ अकेले मुझसे मिलने आती थीं या जब पिताजी पर्यटन पर जाते थे।

मुझे अपनी माँ के साथ अपना नया रिश्ता शुरू किए हुए अब एक साल से अधिक समय हो गया है। मेरा कहना है कि मैं अब ज्यादा संतुष्ट हूं बेटा और मैं अपनी मां को पहले से भी ज्यादा प्यार करता हूं। मुझे यकीन नहीं है कि जब मेरी पत्नी होती है तो मैं भी ऐसा ही महसूस करता हूं, लेकिन मैं निश्चित रूप से अपने नियमित माँ-बेटे के रिश्ते की तुलना में माँ के लिए अधिक महसूस करता हूँ। माँ भी बहुत खुश है और वह अब हमारे रिश्ते के बारे में दोषी होने की बात नहीं करती है। वह कहती है कि वह पहले से कहीं ज्यादा खुश है और अपने जीवन में दोनों पुरुषों के साथ सोने से खुश है। वह कहती है कि उसका शरीर उसके पति और बेटे दोनों को सुख देने के लिए समायोजित हो गया है और उसकी योनी ने दो पुरुषों के लंड को समायोजित करना सीख लिया है।

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माँ ने चुदवा लिया मुझसे https://sexstories.one/maa-ne-chudwa-liya-mujhse/ Tue, 14 Dec 2021 08:02:14 +0000 https://sexstories.one/?p=4992 सारे सेक्स सीन दिखा रहे थे और पांच मिनट बाद मुझे और मां को थोड़ी बेचैनी होने लगी. मैंने माँ से पूछा कि क्या वह जाना चाहती है लेकिन उसने कहा कि अगर मैं चाहता हूँ! मैं बड़े पर्दे पर एक ब्लू फिल्म का मौका कैसे गंवा सकता हूं...

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Maa ne Chudwa liya Mujhse – मुझे हमेशा अपनी मां का सम्मान करना सिखाया गया। वास्तव में भारत में माताओं को भगवान से भी ऊंचा माना जाता है! इसलिए हम अपनी माताओं के प्रति बहुत सम्मान और निकटता रखते हैं। माताओं का भी अपने बेटे के साथ और पुरुष बनने के बाद भी बहुत करीबी रिश्ता विकसित होता है! वे अपने बेटे की पत्नी के प्रति भी बहुत सुरक्षात्मक हो जाते हैं।

मैंने हमेशा सोचा कि हर बेटे के लिए अत्यधिक सुरक्षात्मक माँ होना एक सामान्य बात है। लेकिन कुछ मनोविश्लेषण ग्रंथों को पढ़ने के बाद, मुझे पता चला कि भारतीय माताओं में ओडिपस कॉम्प्लेक्स का उलटफेर होता है। यानी माताएं अपने बेटों के प्रति भावनात्मक और यौन रूप से आकर्षित होती हैं। भारतीय माताओं की तुलना इतालवी और जापानी माताओं से भी की जाती है, जिनके अपने बेटे के साथ भी बहुत करीबी संबंध हैं। हालांकि वास्तविक जीवन में, यह सच हो भी सकता है और नहीं भी, क्योंकि हम अपनी माताओं की वास्तविक भावनाओं को नहीं जानते हैं।

लेकिन यह एक सिद्ध तथ्य है कि माताएं अपने बेटों को स्तनपान कराने में यौन आनंद लेती हैं। कुछ माताओं ने यह भी स्वीकार किया कि जब उनके बेटे उनके दूध से भरे स्तनों को चूस रहे थे, तब उन्हें कामोन्माद था। तो, वहाँ के सभी बेटों के लिए, हम सभी पहले ही आपकी माताओं के साथ यौन संबंध बना चुके होंगे और जब हम छोटे थे तब भी उन्हें संतुष्ट कर सकते थे!

मुझे स्वीकार करना होगा, मनोविश्लेषण को पढ़कर मैंने अपनी माँ को देखने का तरीका बदल दिया! अचानक वह मेरे लिए एक महिला बन गई। अब मैं उसका अधिक सम्मान करता हूं लेकिन मैं उसकी यौन प्रशंसा भी करता हूं। तब से मैंने उसके लिए यौन इच्छाएं पैदा कीं। हम पर्दे पर जितनी सेक्सी अभिनेत्रियों को देखते हैं, उससे कहीं ज्यादा वह मेरी वासना की वस्तु बन गई हैं। इसलिए जब भी मैं नग्न या कम पहने अभिनेत्रियों की तस्वीरें देखता हूं, तो मैं उन्हें अपने दिमाग में अपनी मां के साथ बदल देता हूं।

सच कहूं तो मेरी मां अभिनेत्रियों की तरह सेक्सी कुतिया नहीं हैं। वह 45 साल की हैं और एक गृहिणी के रूप में वह स्मृति ईरानी की तरह दिखती हैं। अब मैं आपको उसके शरीर की कल्पना करने दूँगा। यदि आप भारतीय माँ-घर-पत्नियों को उनके चालीसवें वर्ष में जानते हैं, तो आपने सूती साड़ी में लिपटी मोटी, रूखी और लटकी हुई कल्पना की होगी। ठीक ऐसी ही मेरी माँ है! लेकिन उसके पास एक महान और आकर्षक चेहरा है! लेकिन अगर आप उसके शरीर को देखें, तो वह एक सामान्य भारतीय माँ जैसी दिखती है; अच्छी तरह से गड़बड़ और बिस्तर पर इस्तेमाल किया, उसके पेट पर जन्म के बहुत सारे निशान हैं, और एक ऐसा चेहरा जिसने उसकी बढ़ती वासना को दबाना सीख लिया है।

हो सकता है कि वह आपको सेक्सी न लगे लेकिन वह मेरे लिए नॉकआउट है। मुझे यकीन है कि हर बेटा मेरे जैसा ही महसूस करेगा जब वे अपनी माँ को यौन इच्छा की वस्तु बना देंगे! मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि मुझे अपनी माँ के लिए यौन इच्छा है!

मेरी कहानी पर आने का समय! कहने की जरूरत नहीं है कि मेरी माँ का नाम करपगम है और मेरे पिताजी का नाम रामनाथन है! मैं उनका इकलौता बेटा हूं और मैं 23 साल का हूं। बूढ़ा है और मैंने अभी-अभी अपनी डिग्री पूरी की है और एक प्रशिक्षु के रूप में एक कंपनी में शामिल हुआ हूँ। मैं अपनी माँ के शरीर के लिए दो साल से अधिक समय से तरस रहा था और मैं हर रात उसके बारे में सोचकर हस्तमैथुन करता था। मैं लगातार उसे बहकाने के लिए एक मौके की तलाश में था लेकिन ऐसा करने की कभी हिम्मत नहीं हुई। ज्यादातर मेरे पापा की वजह से। मैं उसे चोट नहीं पहुँचाना चाहता था मुझे लगता है!

लेकिन मैंने कुछ ऐसा किया जो मेरे पापा कभी नहीं जान पाएंगे। मेरी माँ के गंदे कपड़े धोने की चोरी! हां! मेरी माँ हर दिन अपनी अंडरवियर बदलने के लिए काफी साफ-सुथरी हैं और मैंने हर दिन उनकी ताज़ा धुलाई का आनंद लिया। जब भी मैं उसे चोदना चाहता था, मैंने उसकी ब्रा, पैंटी और पेटीकोट चुराने की आदत बना ली। मैं उसके कपड़े अपने बिस्तर पर फैला देता था और उन पर हस्तमैथुन करता था। मैं उसकी ताज़ी इस्तेमाल की हुई जाँघिया और ब्रा जमा करता था और उसके पेटीकोट से अपना वीर्य भी मिटा देता था। मैं उन्हें अगली सुबह कपड़े धोने में वापस बदलने के लिए उपयोग करता हूं।

Desi Incest Porn – दो बार चुदाई एक रात में

कभी-कभी, मैं उसकी ताजी ब्रा, पैंटी और पेटीकोट भी चुरा लेता था और हस्तमैथुन के बाद उन पर अपना सह जमा कर देता था। जब वे पर्याप्त रूप से सूख जाते थे तो मैं उन्हें उसके ताजे कपड़ों में बदल देता था और उसे अपने सह भरे हुए कपड़े पहने देखने में मज़ा आता था। मैं अपने आप को इस तरह संतुष्ट करता था, कि कम से कम मेरा सह मेरी माँ के स्तनों और उसकी चूत को छू रहा है।

मेरी किस्मत बदल गई क्योंकि मेरा तबादला एक कस्बे में हो गया और यह हलवा के लिए बहुत प्रसिद्ध है। मेरे पिताजी और माँ ने फैसला किया कि मेरी माँ मेरे साथ आएगी। मैंने कभी भी इस फैसले को खारिज नहीं किया क्योंकि मैं अपनी मां को अकेले पाने के लिए उत्सुक था। एक साल पहले हम अप्रैल में वहां गए थे। गर्मी का समय है और बहुत गर्मी थी! हमने एक बेडरूम का घर किराए पर लिया। हम अपने साथ दो सिंगल गद्दे ले गए, जो हम एक ही कमरे में उन पर सोते थे। कहने की जरूरत नहीं है कि मैं पहले दिन से ही अपनी मां को चोदने का मौका ढूंढ रही हूं।

मौका तब आया जब मेरी मां एक शाम फिल्म देखना चाहती थीं। मैं 6 बजे के शो के लिए नहीं जा सका इसलिए हम 9 बजे के शो में गए। यह एक पारिवारिक फिल्म मानी जा रही थी लेकिन अचानक फिल्म के बीच में उन्होंने एक ब्लू फिल्म दिखानी शुरू कर दी। चूंकि हम इस शहर में नए थे, हमें उस थिएटर के बारे में पता नहीं था जो रात के शो के दौरान वयस्क बिट्स दिखाता है। यह एक धोखेबाज पत्नी की कहानी थी। वे सारे सेक्स सीन दिखा रहे थे और पांच मिनट बाद मुझे और मां को थोड़ी बेचैनी होने लगी. मैंने माँ से पूछा कि क्या वह जाना चाहती है लेकिन उसने कहा कि अगर मैं चाहता हूँ! मैं बड़े पर्दे पर एक ब्लू फिल्म का मौका कैसे गंवा सकता हूं और अपनी मां को ललचाने का एक संभावित मौका कैसे गंवा सकता हूं? मैं वापस बैठ गया और हमने देखा। मुझे पता है कि वह सेक्स सामग्री देखना पसंद करेगी क्योंकि मैं उसे देर रात टीवी पर देर रात की फिल्में देखता था। पैंतालीस मिनट के गर्म भाप से भरे सेक्स दृश्यों और धोखेबाज पत्नी को पांच से अधिक लोगों द्वारा चोदने के बाद, उन्होंने सामान्य फिल्म को फिर से शुरू किया।

जब फिल्म खत्म हुई तो मेरा दिमाग सेक्स सीन से भर गया था जो मैंने देखा था और मैं पूरी तरह भूल गया था कि असली फिल्म क्या थी। तब मैंने देखा कि हमारे आस-पास बहुत सारे जोड़े थे और वे सभी हमें अजीब तरह से देख रहे थे जब हम एक साथ बाहर निकले। जैसे ही हम घर आए, मैंने और माँ ने एक-एक मिनट ही बात की। हम घर आए, कपड़े बदले और माँ ने हमारे बिस्तर खोये हुए मोड में ठीक कर दिए। जैसे ही मैंने दरवाजे बंद किए और बेडरूम की लाइट बंद की, मैं माँ के नग्न मिड्रिफ मांस और चुतड़ को देखने के अलावा कुछ नहीं कर सका।

to be continued…

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विधवा माँ की चुदाई की दास्ताँ… https://sexstories.one/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d/ Fri, 26 Nov 2021 07:52:17 +0000 https://sexstories.one/?p=3347 रात को अचानक मेरी नींद खुली तो मैंने देखा की मम्मी की मैक्सी ऊपर तक थी और उनके गोर चूतड़ साफ़ दिख रहे थे.. उनकी पतली गांड और गांड का होल मस्त दिख रहा था.. मैं सो गया मुँह फेर के पर मेरे अंदर कब ये हवस पैदा हुई...

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Vidhwa Maa Pushpa ki Chudai – हेलो दोस्तों! मेरा नाम रोनित है. मैं दिल्ली में रहता हूँ. मेरे परिवार में माँ, जिनका नाम पुष्प है.. वो ५ फुट ४ इंच लम्बी है. रंग गोरा और फिगर ३० – २६ -३४ है.. शरीर से पतली है पर सेक्सी बहुत हैं.. मेरे पापा का देहांत २००७ में हुआ था और हम गरीबी से जूझ रहे थे. फिर एक दिन मेरे माँ की नौकरी एक छोटी सी कंपनी में लग गयी. वो अपने काम पर आने-जाने लगी..

मेरी माँ पहले से ही चरित्रहीन थी.. क्योंकि जब मैं छोटा था, वो मुझे बाजार लेके जाती थी. वह एक दुकानवाला मम्मी को देख के मुस्कुराता था.. और फिर पीछे आ जाता था.. मम्मी मुझे साइड में करके उसके साथ अँधेरी गली में जा के किश करती थी.. पापा के देहांत के बाद तो उनका अफेयर और बढ़ गया था.. मुझे इस बारे में पता था…

जब मैं १२ क्लास में आया तो माँ रात भर आदमियों से फ़ोन पर बातें करती थीं… और मुझे गुस्सा आता था.. लोग उन्हें गंदे मैसेज भेजते और लंड के फोटो भी व्हाट्सप्प करते थे.. माँ अपने बोबे के पिक्स उनके भेजती थी.. और जब मैं बोलता के क्या कर रही हो तो वो कहती की उन्हें इस बारे में नहीं पता… तो एक बार मैं रात को पार्टी करके आया.. मैंने शराब पी हुई थी.. मैं और मम्मी एक ही कमरे में सोते थे.. क्योंकि एक ही रूम था हमारे पास.. गर्मी के वक़्त था.. मम्मी मैक्सी में सोती थी..

मैं उनके बगल में सो गया..रात को अचानक मेरी नींद खुली तो मैंने देखा की मम्मी की मैक्सी ऊपर तक थी और उनके गोर चूतड़ साफ़ दिख रहे थे.. उनकी पतली गांड और गांड का होल मस्त दिख रहा था.. मैं सो गया मुँह फेर के पर मेरे अंदर कब ये हवस पैदा हुई.. पता नहीं..

अगले दिन, रात के २ बजे मैं पोर्न फिल्म देख रहा था और हवस उफान पर थी मेरी.. मैंने देखा की कूलर चल रहा है.. और वो फिर उसी हालत में है.. तो मुझसे रहा नहीं गया.. मैंने बस टच किया.. उनके चूतड़ को.. मुझे अच्छा लगा.. मैंने अपना लंड उनके हांथों में रखा और आगे-पीछे करने पगा.. मुझे ऐसा एहसास हुआ की उनके उंगलियां हिल रही थी.. पर मैं रुका नहीं.. करता रहा.. अचानक उन्होंने करवट लो तो मैं हट गया.. फिर ५ मिनट बाद दुबारा आगे आया और उनके लिप्स पे लंड रगड़ने लगा..

उन्होंने हाथ मारा तो मैं फिर पीछे हट गया.. इस रात इतना करके मैं सो गया…

फिर एक दिन माँ रात में अपने फ्रेंड से बात कर रही थी और रो रही थी.. देर रात जब मैंने पुछा, तो उन्होंने कुछ बताया नहीं.. अगले दिन माँ ड्यूटी पर जा रही हूँ, बोलकर चली गयी.. मैंने उनका पीछा किआ.. वो रेलवे स्टेशन गई और वह से ट्रैन पकड़ के चली गई.. रात को ९ बजे घर आयी.. मैंने पुछा लेट क्यों हुआ तो ओवरटाइम का बहाना किया माँ ने..

Chudai ki kahani – बीवी को कज़िन से चुदवाया

दो-तीन दिन बाद, मेरे अंदर माँ को चोदने की इच्छा आने लगी.. वो रात में सोई थी.. १ बजे मै उठा और नंगा होक उनके करीब आया.. उनका फेस दूसरी तरफ था.. मुझे शक हुआ की को जगी है.. उन्होंने शायद नोटिस कर लिया था.. आज उनकी मैक्सी निचे थी… मैंने मैक्सी ऊपर उठायी तो आसानी से वो ऊपर हो गयी क्योंकि मम्मी ने शायद लूस मैक्सी पहनी थी.. माइए आगे आया और उनके चूतड़ पर अपना लंड रखा.. उस दिन में बता नहीं सकता के कैसे मेरा लंड तना हुआ था.. ऐसा लगा की जस्ट अभी माल गिर जाएगा… मैं बहुत खुश था.. डर भी था.. फिर मैंने प्लान किआ की माँ तो रंडी है.. और रंडी चाहे माँ हो या कोई और.. चोदने में कोई बुराई नहीं.. मज़ा लेना चाहिए इस मौके का..

मैंने उनके चूतड़ की तरफ फेस किआ और उनकी काली चुत दिखी मुझे.. मैंने मोबाइल का लाइट चालू किया और उनकी काली चुत ५ मिनट तक चाटी। चाट-चाट कर उनकी चुत एकदम से गीली कर दी मैं… फिर मैंने उनकी गांड भी चाटी। शायद मुम्मु को एहसास हुआ.. वो इतने शातिर औरत थी के क्या बताऊँ… उन्होंने अपने पैर खोल गए और चादर ओढ़ के सो गयी… फिर नेक्स्ट डे मैंने उनके आनपर उनके पानी में नींद की गोली और वियाग्रा दाल दी.. उसे पि कर वो सो गयीं.. ११ बजे मैंने उनको चेक किया… थप्पड़ मारा.. वो नहीं उठी.. मैं समझ गया की दवा का असर है.. फिर मैंने उनकी मैक्सी ऊपर कर दी.. और उनकी चुत चाटने लगा..

वो इतनी गीली थी, जैसे की वो मूत रही हो.. उनकी साँसे भी तेज़ थी.. वो बस नशे में लग रही थी.. हाथ मार रही थी… इधर-उधर.. मुझे डर लगा के कमज़ोर पतला शरीर है उनका.. कहीं दवाई हैवी हो गयी तो लेने के देने पढ़ जायेंगे…. फिर कुछ दिर फोरप्ले करने के बाद मैंने अपना लंड निकाला और उनकी चूत में डाल दिया.. उनकी चूत बहुत लूस और गीली थी.. मुझे गुस्सा आया क्योंकि वो किसी और से सेक्स करती थी और उनकी चूत के ऊपर एक दांत का या शायद नाखून का निशाँ था.. मुझे ऐसे लगा की उनकी आँखें खुली थी.. दर्द में.. पर दवा का नशा इतना था की वो लेटी रहीं.. मैंने उस पोजीशन में खूब चुदाई की उनकी.. फिर मैंने बड़ी मशक्कत करके उनको पलटा और डॉगी पोजीशन में ला कर उनको पीछे से चोदा। बीच बीच में उनके छोटे बोबे भी मसल और चूस रहा था मैं..

उस रात मैंने २ बार चोदा अपनी चरित्रहीन माँ को.. अगले दिन उनकी तबियत ख़राब हो गयी.. उन्हें शक हुआ की कुछ हुआ है उनके साथ पर वो इग्नोर कर दी.. के उनके साथ उनका बीटा ऐसा नहीं कर सकता.. पर उनको तब कन्फर्म हुआ जब उनके चूत में दर्द होने लगा.. उसके बात उनका मेरे साथ नफरत वाला व्यव्हार हो गया..

मैंने कई बार उनको गोली दे कर चोदा और एक दिन तो उनकी पतली गांड के होल में भी अपना लंड डाल दिया…

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मां बेटी के साथ चुदाई का खेल https://sexstories.one/maa-beti-ke-sath-chudai-khel/ Thu, 11 Nov 2021 06:06:57 +0000 https://sexstories.one/?p=3309 मैने उसको नंगा कर दिया और मैने उसकी जांघ को चूमना शुरु कर दिया। भरपूर जवान लड़की थी 17 साल की मैने उसको मस्त कर दिया चूम चूम के मैने उसको पलट के उसके छोटे छोटे कुल्हो को मुहँ मे भर के चूसा वो और चूम लो मज़ा आ रहा हे कहने लगी...

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Maa Beti Ki chudai ka khel – आज से 5 महीने पहले मैने करीब 10-11 दिन से चुदाई नहीं की थी। कोई जुगाड़ नहीं लग रहा था मुझे समझ में नहीं आ रहा था की क्या करूँ। तभी मुझे पता चला की यहाँ कुछ बंजारे लोग अपना डेरा डाले है में ये अच्छे से जानता था की इन फैमिली की औरते दिन मे भीख माँगने के साथ अपने ग्राहक सेट करती है और रात मे उनसे चुदवाती है जबकि उनके पति टेंट मे रह के झाड़ू बनाते है या खाना पकाते है अगले दिन सुबह। मैने तुरंत अपनी बाइक उठाई और उनके टेंट के पास पहुचं गया दूर से खड़े हो के सिगरेट पीते हुये। वहाँ मौजूद लडकियों और औरतो मे से अपने लायक औरत तलाश रहा था।

उनमे कई लडकियाँ थी जिनकी उम्र 12 या 13 साल थी लेकिन उनके स्तन इतने बड़े लग रहे थे साफ था की उनको कई मजबूत हाथो ने बड़ा किया था। में उनमे से कोई अपने लायक नही पा सका फिर भी मैने सोचा कोई भी हो यार अब तो चाहिये ही है मैने पास जाकर वहाँ खड़ी एक लड़की को बुलाया थोड़ी देर यहाँ वहाँ की बाते की फिर मैने ऑफर किया चलना है मेरे साथ लेती हो ले लेना वो बोली में अम्मा से पूछ के बताऊँगी। मैने कहाँ जल्दी से जाकर पूछो वो गई।
थोड़ी देर बाद वो आती दिखी लेकिन उसके पीछे पीछे से एक औरत आई। मेंरी उस पर नज़र पड़ते ही सोच लिया लड़की नहीं चाहिये।

अब तो ये औरत चाहिये वो भरे जिस्म की औरत ऊँचे कद की बड़े बड़े स्तन मोटी गांड का अंदाज़ा तो उसको सामने से देख के ही लग रहा था वो पास आई मेरे से बोली क्या कह रहे थे ये अभी कही नहीं जायेगी। मैने लड़की की तरफ देख के कहाँ अरे तो जितने पैसे लगते हो उससे 100 ज़्यादा दूगां। लेकिन मुझे ये लड़की नहीं चाहिये। मुझे तू चाहिये वो एकदम से देख के बोली में, मैने कहाँ हाँ तुम वो बोली कहाँ चलना है मैने उसको अपने घर का पता दिया और 50 रुपये एड्वान्स के दिये वो बोली दोपहर मे आऊँगी अभी (उस लड़की के पापा) बापू के साथ दंवाई बनानी है रविवार को बाजार मे बेचने के लिए मैने ठीक है कहाँ और 1 बजे आ जाने के लिए कहाँ में वापस आ गया।

1 बज गये में दरवाजे के पास खड़ा होकर उसका इन्तजार कर रहा था लेकिन उसका पता नहीं था मेरा दिमाग़ खराब हो रहा था मैने सिगरेट जलाई टाइम देखा ओर फिर से बाहर आया। तो मुझे वो लड़की आती दिखी मैने कहाँ चलो लड़की ही सही चूत तो मिलेगी पर उसके पीछे पीछे उसकी माँ आती दिखी में खुश हो गया वो मुझे देख के मेरे पास आ गई में उनको अंदर ले गया खिड़की दरवाजा लगा के उनको बेड मे बिठा के पानी के लिऐ पूछा उन्होंने मना कर दिया मैने पूछा देर क्यों कर दी वो बोली हम पढ़े लिखे नहीं है कई लोगो से पूछा तब जाकर आ पाये है में उन दोनो के बीच मे जाकर बैठ गया और दोनो की एक एक जाँघ पर अपना हाथ रख दिया। लेकिन उनके शरीर से बदबू आ रही थी। मैने कहाँ बाथरूम मे जाकर नहा ले वो लड़की को मैने कहाँ पहले तू जाकर नहा ले वो कपड़े नहीं लाई थी मैने अपने कपड़े देकर कहाँ ये पहन लेना वो नहाने जाने लगी और पूछने लगी कहाँ जाना है तो मैने जाकर उसको साबुन दिया बाथरूम दिखाया।

मैने कहाँ रूको और दौड़ के वापस आया अपना रेजर ब्लेड दिया कहाँ चूत के बाल हटा ले और उसके स्तन और गांड को अच्छे से साफ करना और जल्दी से नहाना वो हँसने लगी तो में वहाँ से उसकी अम्मा के पास आ गया उसकी अम्मा को देख के मैने उसके शरीर से आने वाली बदबू की परवाह नहीं की ओर पास मे जाकर स्तन दबाने लगा मैने पूछा कितने कमा लेती है वो बोली ग्राहक अच्छा मिल गया तो 200 या 300 रुपये मिल जाते है मैने कहाँ तुम लोगो का अच्छा है दिन मे चुदो तो पैसे लो और रात मे पति से चुदो तो……..

वो बोली नहीं ऐसा नहीं है रात मे हरामी पुलिस वाले आकर लडकियों को चोदते है और पैसे भी नहीं देते लड़की से मन नही भरा तो हम लोगो पर चढ़ जाते हे।

chudai ka khel मामी की चुदाई 

मैने कहाँ कोई बात नहीं मैने उसकी फटी हुई साड़ी उतारी नीचे से वो नंगी हो गई कुछ नहीं पहने थी मैने ब्लाउज भी उतार दिया उसका पूरा काला जिस्म मादक लग रहा था। उसका जिस्म सुडोल था। मैने उसकी चूत को देखा काली एकदम बालो से भरी थी जैसी भी थी लेकिन उसकी चूत अच्छी लग रही थी मैने सोचा जब तक लड़की नहा रही है। तब तक इसको चोद लेता हूँ वो सुंदर तो थी नही लेकिन उसके बदन का आकार लंड खड़ा कर रहा था में उसके उपर ही लेट गया स्तन को दबाने का मज़ा लेने लगा वो भी मज़ा ले रही थी मैने स्तन पर किस किया और फिर मैने अपने लंड को चूसने को कहाँ वो मुहँ में थोड़ा सा लंड भर के चूसने लगी में जोश मे आ रहा था मैने तुरंत कन्डोम लिया और लंड पर चड़ाया जब पलट के उसकी तरफ देखा तो वो टाँगे फैला के चूत खोल के चुदने के लिऐ तैयार थी बोली आओ मारो।

मैने लंड को पकड़ा और उसकी चूत मे लगाकर अंदर करता गया उसकी चूत मे मेरा सवा सात इंच का लंड आसानी से पूरा चला गया वो इतनी चूत चुकी थी की लंड की लंबाई शायद कम पड़ रही थी लेकिन जब मैने लंड को खीचके दोबारा झटका मारा तो उसकी सिसक शुरू हो गई तो मैने चुदाई शुरू कर दी में उसके स्तन दबाते हुये उसे चोद रहा था। ओ आआह्ह्ह्ह आह आहहहहहहः अहहहाः आआ करने लगी तो में और चोदने लगा मुझे अब कुछ कुछ मज़ा आने लगा था उसकी चूत के बाल मेरे लंड की जड़ के पास टकरा रहे थे तो मुझे गुदगुदी हो रही थी में चोद ही रहा था। तभी वो बोली गांड मारोगे मैने कहा हाँ मारनी है तुम्हे देखते ही मैने तुम्हारी गांड मारने के बारे मे सोच लिया था अच्छी मोटी गांड है तुम्हारी। वो उल्टी लेट गई उसकी गांड के पहाड़ जैसे कूल्हे मस्त लग रहे थे

मैने कुल्हो को फैलाया ओर गांड के छेद मे थूक दिया और लंड लगा के गांड मे डालने लगा। वहाँ भी आसानी से लंड घुस गया मैने उसकी गांड मारनी चालू कर दी वो सस्स्स्स्स्स्स्स्सस्स सस्ससा आ आ आह्ह्ह्हह्हह्ह्ह सस्स्स्स्स्स्स्सिस… सिसीसिस कहती रही में गांड मारता रहा…. मज़ा आ रहा था वो हाथ फैला के लेटी थी मैने पीछे से उसके हाथो को दबाया ओर पंपिंग स्टाइल मे गांड मारने लगा। वो हा अहहः अहहः हः हाही आ कह के मारो गांड मार… मार गांड कह रही थी। तभी उसकी लड़की आ गई मैने उसको देखा लोवर टी शर्ट मे गीले बालो मे तौलिया लपेटे खूबसूरत लग रही थी।

वो चुदाई देख के शरमा गई उसकी अम्मा उसको बोली तू थोड़ी देर बैठ। में गांड मरवा लू तो वो हाँ कह के मुझे गांड मारते हुये गोर से देखने लगी मैने उसको दिखाने के लिऐ लंड को निकाला और एक ही बार मे लंड को अंदर किया तो वो ज़ोर से आहह चीखी लड़की मुस्कुराने लगी मैने जल्दी जल्दी अम्मा की गांड मारी और अपना पानी गांड मारते वक़्त निकाल दिया और तुरंत ही हट गया कन्डोम उतार के लंड को बाथरूम मे जाकर साफ किया वापस आया तो वो कपड़े पहन चुकी थी।

मैने कहा जा रही हो, वो हाँ बोली तो मैने उसको 100 का नोट दिया कहाँ बाकी में इसको दे दूगां। तो वो लड़की से बोली रज्जो जब इनका हो जाये तो सीधा आ जाना उसने हाँ मे सर हिलाया तो वो जाने लगी मैने तौलिया लपेटा और दरवाजे तक आया वो मुझसे बोली आराम से करना मैने हाँ कहा। वो चली गई। में दरवाजा बंद करके आया उसकी लड़की से कहाँ रज्जो तू अच्छी लगती है इन कपड़ो मे तो तू शहर की छोरी लग रही है वो हँसने लगी। मैने उसका लोवर उतारा तो चिकनी चूत थी में खुश हो गया और मैने कहाँ तुम्हारी चूत तो चिकनी हो गई मैने उसका लोवर ऊपर करके कहाँ। कुछ खायेगी वो हाँ बोली तो मैने उसको अपने पास रखे चिप्स के 2 पैकट दिये और एक बिस्कीट का पैकट दिया और टी.वी. चालू कर दी और नहाने चला गया उसने खा लिया पानी पिया तब तक में वापस आ गया।

मैने खुद को तौलिया से पोछा ओर नंगा ही उसके पास जाकर कहाँ इससे खेलो वो हाथ मे लेकर सहलाने लगी वो दोनो हाथो मे पकड़ कर सहलाने लगी लंड अपने आकार मे आने लगा था तब तक मैने उसकी टी शर्ट उतार दी नंगे स्तन खिल गये। मैने उनको मसलना चालू कर दिया मैने पूछा कितनी बार चुदाई की तुमने.. वो बोली याद नहीं पहले नहीं करवाती थी एक दो साल से करवाने लगी हूँ। मैने कहाँ तुम्हे किसने पहली बार चोदा था याद है वो बोली हाँ काका ने… मैने कहा कौन काका वो बोली बापू का भाई यानी की उसके चाचा ने… मैने कहा किसी ने कुछ नहीं कहा उसको… तो वो बोली नहीं यहाँ तो सब एक दूसरे की छोरी पकड़ते है

मैने उसको नंगा कर दिया और मैने उसकी जांघ को चूमना शुरु कर दिया। भरपूर जवान लड़की थी 17 साल की मैने उसको मस्त कर दिया चूम चूम के मैने उसको पलट के उसके छोटे छोटे कुल्हो को मुहँ मे भर के चूसा वो और चूम लो मज़ा आ रहा हे कहने लगी। मैने उसको पकड़ के पलटाया और चूत को मुहँ मे लेकर चूसने लगा वो आआईईईईई आ कहँती रही। मैने उसको लंड चुसवाया अम्मा जितने खराब तरीके से लंड चूस के गई थी। ये उतने ही अच्छे तरीके से चूस रही थी में जान रहा था की इसको नये लड़को ने चोद के ये सब सिखाया है उस लड़की ने मुझे जोश मे ला दिया था मैने तुरंत कन्डोम चड़ाया।

उसको लेटा कर उसकी टाँगे अपने दोनो कंधो पे रखी आगे को होकर चूत के पास लंड किया और धक्का देने लगा लंड घुसने लगा वो आममामा आ आहः अहहाहा मममा कहने लगी। मैने और अंदर किया तो वो आ अहाहाः कहने लगी में काफ़ी जोश मे था तो शुरुआत से ही लंबे लंबे धक्के मारने लगा वो सीसी सिस सीसीसी आह आहा आहा हा आह कहती गई और में डालता रहा। में उसकी चूत को जल्दी जल्दी चोद रहा था गजब की लड़की थी यार कसम से ऐसा जोश चड़ाया था जो उसी को भारी पड़ रहा था।

मैने हालत खराब कर दी थी मैने उसको थका दिया था और 10 मिनिट बाद में खुद थक गया मैने पूरी ताक़त से पूरे दम से चुदाई की उसके मुहँ में मुहँ लगा के होठों को चूसते हुए जो चोदा उसको हिला के रख दिया मैने 4,5 लंबे धक्के मार के उसको जकड़ के लिपट गया वो भी मुझसे लिपट गई कुछ देर हम दोनो लिपटे पड़े रहे फिर अलग हुये। वो वैसे ही लेटी रही मैने पूछा कैसी लगी चुदाई वो हल्की सी मुस्कान लिये मुझे देखने लगी फिर बोली मज़ा आया, में खुश था। लेकिन अभी तो उसकी गांड मारनी थी। मैने उसको करीब आधे घंटे तक नंगा लेटाया फिर उसकी गांड मारने लगा छोटे छोटे कुल्हो के बीच की गांड मैने अपने लंड से जम के चोदी.. वो सिर्फ़ चिल्हाती रही मैं गांड मारता रहा। हालांकी वो गांड मरवा चुकी थी। लेकिन मेरा लंड शायद उसके लिए बड़ा था इसी कारण वो दर्द महसूस कर रही थी। लेकिन शायद में उस वक़्त कई दिनों की चुदाई की प्यास बुझाने मे भूल गया और जोर से चोद के माना। मैने उसकी गांड से लंड निकाल के पूरा वीर्य उसकी पीठ मे गिरा दिया।

उसने तौलिया से पोछा ओर थक के आराम से कपड़े पहन के लेट गई। थोड़ी देर बाद वो बोली अब में जाऊँगी। मैने उसको 500 रूपये दिऐ शायद उसको पहली बार इतने रुपये मिले थे। वो खुश हो गई मैने कहाँ अगर रात मे वो यही रुक जाये तो 500 रुपये और दूगाँ वो बोली अम्मा मारेगी मैने कहाँ तब तो तुम रुक जाओ अम्मा आयेगी तो उसको पैसे देकर लौटा दूगाँ। वो मान गई और सच मे थोड़ी ही देर मे अम्मा आ गई वो उसको डाटने लगी। मैने उसको कहा चिल्ला के बात मत करो ये पैसे लो आज रात इसको यही रहने दो वो कुछ सोचने लगी लेकिन 500 के नोट ने अपना दम दिखा दिया उसने कहा रज्जो रुकना है रज्जो हाँ बोली… तो वो चुपचाप चली गई मैने उसको ठीक ठाक कपड़े पहनाये शाम को घूमने ले गया खाया पीया घर आ गये वो काफ़ी खुश थी। वो बोली तुम अच्छे हो। मैने कहाँ तुम अच्छे से चुदी हो इसीलिए ये सब किया वो बोली अच्छा तो इस बार और मज़ा दूंगी चोद लेना ओर ऐसा ही किया उसने मुझे इतना मज़ा दिया की दिल खुश हो गया।

मैने रात में उसको ब्लू फिल्म दिखा के उन सब पोज़ मे चोदा वो इतनी मस्ती मे आ गई थी की अगर वो कोई नया पोज़ देखती तो उसी तरह से चुदवाने को कहती। में भी तो यही चाहता था उस रात मैने 2 बार उसको चोदा लेकिन मुझमे ताक़त ख़त्म हो गई थी हम रात मे 3:30 बजे लिपट के पति पत्नी की तरह सो गये। सुबह 9 बजे जागे मैने जागते ही उसको पकड़ लिया क्योकि में जब जगा तो वो मेरे लंड से खेल रही थी। मैने उसको फिर से चोद लिया वो बोल रही थी कितना चोदोगे। अब बहुत हो गया जबकि वो खुद चुद रही थी मैने उसको चोद दिया फिर ब्रश किया उसके बाद चाय बनाई और हम दोनों ने पी तब तक उसकी अम्मा आ गई।

मैने फिर 500 रुपये दिये और किसी दिन फिर से आने को कह के जाने दिया करीब 1 हफ्ते बाद पूरी रात को उसने फिर से रंगीन किया उसके बाद वो चली गई और ऐसी गई की शहर से ही चली गई ये थी मेरी कहानी।

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