Hindi Sex Stories (हिंदी सेक्स स्टोरीज) - Antarvasna Hindi https://sexstories.one/category/hindi-sex-stories/ Hindipornstories.org Sat, 26 Feb 2022 08:52:51 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.1 हालत की वजह से दोस्त की वाइफ की चुदाई https://sexstories.one/dost-ki-wife-ko-choda/ Sat, 26 Feb 2022 08:52:51 +0000 https://sexstories.one/?p=3532 मैंने भाभी को सीधा किया और मै उपर से आ गया, अपना लण्ड उसकी चूत के ऊपर सहलाने लगा, उसकी चूत पूरी गीली हो गयी थी, उसकी टाईट चूत को चोदने के लिए मैंने पहला झटका ही जोर से दिया पर गीली चुत की बजाह से लंड सतक रह था...

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Dost ki Wife ko Choda दोस्तो, मेरा नाम विकास ठाकुर है. मै हाजिर हू एक नयी कहानी लेकर जो मेघना नामक रीडर की विनांती सुनकर. आप तो जानते ही है फिर भी एक बार फिर से बता देता हू, वैसे तो मैं एक डॉक्टर हूँ. मुझे अन्तर्वासना पर सेक्स कहानी पढ़ना बहुत पसंद है. मैं एक 28 साल का युवक हूँ और मेरे लंड की साइज़ भी इतनी मस्त है कि ये किसी भी लड़की या भाबी को चुदाई का पूरा मज़ा दे सके. हालांकि मुझे लड़कियों से भाबियों की चुदाई करना ज्यादा पसंद है. मैं अपनी कहानी पर आने से पहले ही बता दूँ कोई भी दोस्त मेरे से भाबी का नंबर या आइडी ना मांगे. किसी भी लड़की या भाबी के लिए उसकी प्राइवेसी और गोपनीयता बनाए रखना बहुत ज़रूरी होता है. इसलिए ये देखते हुए मैंने कहानी में नाम बदल दिए हैं.

मै कहानी पे आता हू पर ये बता देता हू की मैने कोई गद्दारी नही की जो भी हुवा मर्ज़ी से एक बार की हुवा. ये कहानी है दोस्त की वाइफ की चुदाई की है. हम तीनो साथ मे ही काम करते है. पहले दोस्त की वाइफ के बारे मी बता डू वो एकदम सिंपल लड़की की जिसका फिगर जाड़ा नही है लेकिन उसकी पिछवाड़ा धेखकर बड़े बड़े लोगो के लंड खड़े हो जाते थे. उसकी गांड मे ऐसा जादू है की मरीज सिर्फ़ उसकी गांड धेकने के लिए बार बार आते थे. वो साड़ी पहनती उसकी आँखें भूरी ओर गाल एक दम गुलाबी थे। उसके बूब्स ओर गांड भी मस्त बाहर निकलती है.

मै कहानी पे आता हू हम लोगो को एक मेडिकल कॅंप के लिए नासिक जाना था. हम लोग लगभग १५ लोग थे. पल्लवी भाबी ओर मेरा दोस्त सागर भी साथ मे थे. सागर, मै, ओर भाभी हमेशा साथ मे घूमते थे ड्रिंक करते थे. मई उनके घर पर बोहोट बार रहा हू. हम लोग वाहा पे गये. वाहा पे हमे जंगल मे रहना था. मतलब टेंट लगा दिए थे पर दोनो तरफ़ से को भी ज़ाक सकता था. दो दिन के ब्बाद सागर के पैर मे मोच आने के कारण सागर वापिस आ गया ओर कॅंप ओर भाबी की ज़िमेदारी मूज़े दे दी. जहा हम गये थे वाहा पे जड़तर आदिवासी लोग रहते थे. सागर के जाने के बाद पल्लवी भाबी ने मूज़े बुलाया ओर बोला की आज रात को कल का प्लान डिसकस करते है. हमारा काम होने के बाद मै फ्रेश होके उनके टेंट मे गया. भाबी कपड़े चेंज कर रही थी अंदर ओर एक पड़दा था लेकिन मूज़े सब दिखा रहा था. भाबी ने ब्लाउस ओर ब्रा निकली ओर टिशियर्ट पहनी ओर नीचे कुछ नही पहना था पनटी निकल दी ओर सिर्फ़ नाइट पॅंट पहनी. उसके बूब्स ओर गांड को धेकते ही मेरा लिंड खड़ा हो गया. मेरा मंन किया की अभी जाके उसकी गांड मारू, उसे घोड़ी बनके शॉट लगाउ. मेरा लंड उसके मूह मे डाल डू.

मैने आवाज़ दी तो पल्लवी भाभी ने अंदर आने को कहा मै पहले से ही अंदर था मै गया तो भाभी को द्देखता रहा गया भाबी बहोट हॉट लग रही थी.
मैने ऊपर से नीचे तक पहले भाभी को घूरना शुरू किया. पल्लवी भाभी के कपड़े बहोत टाइट थे, उनके बुब्स ओर चुत एकदम शेप मे धिक रही थी. वो मुज़से बात कर रही थी ओर मेरी नज़र उनकी फूली हुई गांड पर थी. तभी बाकी लोग आ गये हम लोगो ने कल का प्लान डिसकस किया. सभी को सोने की जल्दी थी, बहोट सारी नर्स गांड मरवाने को बेकरार थी ओर सबकी अपना लंड को सेलेक्ट कर लिया था. ऐसा पहली बार हुवा था जब मैने भाभी के बारे मे ग़लत सोचा था. थोड़ी देर बाद सब लोग निकल गये भाभी ने मूज़े रुकने को कहा.

भाभी ने कहा की हुमने जिनको दवाई दी है. उन लोगो ने उनका आदिवासी डॅन्स धकने बुलाया है. बाकी सब नही आ रहे है. हम लोगो को जाना चाहिए. हम लोग उनके यहा जाने के लिए निकल गये. वो लोग पहाड़ो के बीच अपने भगवान के पास कुछ प्राथना कर रहे थे. फिर उनका डॅन्स सुरू हुवा. बहोत मज़ा आ रहा था. उन लोगो ने हुमे भी नाचया. फिर बाद मे एक बंदे ने मूज़े एक ग्लास लाकर दिया जिसमे कुछ था. पीने के बाद पता चला वो शराब जैसा कुछ था. पर वो लोग बहोट सिंपल थे तो मैने ओर भाभी ने पिया ओर मज़ा लेते रहे. वो लोग हुमे मिया बीबी समज रहे थे. उनके डॅन्स के हिसाब से भाबी मेरे आगे थी मेरा लंड भाभी की मक्खन की तरह गांड मे गुस रहा था. पर हम लोग नशे मे थे. फिर उनको बोलके हम वाहा से टेंट आने के लिए निकले.

हम रास्ता भटक गये ओर कुछ समज मे नही आ रहा था. मोबाइल मे नेटवर्क नही था. हम लोग २ घंटे से भटक रहे थे. भाभी थक गयी ओर बोली कही पे बैठेते है ओर फिर सोचते है. ठंड बोहोत जाड़ा थी. हम दोनो ने नॉर्मल कपड़े पहने थे. उतने मे भाभी को सामने एक खाली खंदर धीखा. हम डरते डरते वाहा पे गये. अंदर खाली कमरे थे. हमने सोचा यही पे कुछ देर रुकते है. मै दूसरे रूम मे गया तभी भाभी के चिल्लाने की आवाज़ आई मैने धेखा तो भाभी वाहा पे टंकी जैसा कुछ था जिसमे घिर गयी. मैने पानी के अंदर गया ओर उनको निकाला. हम दोनो भीग गये थे. ओर ठंड बोहोत थी. मूज़े वाहा पे दो चटाई मिली.

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हम लोगो ठंड के मारे कप रहे थे. तभी भाभी ने जो कहा वो सुनके मई हैरान था भाभी ने कहा हुमे कपड़े उतार के बैठना पड़ेगा नही तो हम ऐसे ही मार जाएगे. मैने उनकी तरफ धेखा, तो भाभी ने कहा हम डॉक्टर है तोड़ा दिमाग़ से सोचो. फिर अंधेरे मे हम दोनो ने अपने अपने गीले कपड़े उतार के एक दूसरे की तरफ पीठ करके बैठ गये. लेकिन कब तक ऐसे ही रहते ठंड तो अभी भी थी तो हम लोग चटाई पे सो गये ओर एक चटाई उपर से ले ली.

मेरा लंड खड़ा हो चुका था हमारा शरीर एक दूसरे को टच हो रहा था भाभी तोड़ा पीछे हो गयी मेरी शरीर की गर्मी की बाजसे उनकी तंदी कम हो गयी. भाभी ने कहा कोई दूसरा ऑप्षन नही है. एक दूसरे को लिपट के सोना पड़ेगा फिर मुज़से कंट्रोल नही हुवा मैने उनकी उनकी गोल ओर नरम गांड को अपने हाथों से दबाना शुरू कर दिया। उनकी गांड काफी बड़ी थी ओर एकदम मक्खन की तरह थी। उनकी गांडो को हाथों से दबाने ओर मसलने में काफी ज्यादा मजा आ रहा था। धीरे से फिर भाभी भी जोश मे आ रही थी. आ हू दबाओ ज़ोर से कुछ तो करो ऐसा बोल लेकिन २ मिनिट के बाद बोलने लगी ये सही नही है. मेरा लंड पूरा खड़ा हो चका था.
फिर मैने भाभी को समजाया की हुमे ये करना होगा वरना हम मर जाएँगे. तो भाभी ने मुज़ेसे प्रॉमिस लिया की ये एक ही बार होगा ओर किसी को पता नही चलेगा. मैने भाभी को प्रॉमिस किया ओर किस करना स्टार्ट किया.

मैं पीछे से उनकी गांड और बूब्स पर हाथ फेर रहा ओर दबा रहा था। हाय कितनी मुलायम ओर नरम बूब्स थे. मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था।भाभी भी इतने में काफी गर्म हो गयी थी उनके मुंह से आह,आह की धीमी आवाज निकल रही थी। कुछ देर बाद भाभी ने मुझसे कहा ”मुझे चुत चटवनी है सागर ने कभी नही किया प्लीज़ चॅटो ना मै नीचे चली गया.

मैं 69 पोजीसन होकर उसकी चूत के पास पहुंच गया और फ़िर मैं उसकी चूत जीभ से चाटने लगा. मै पूरा फील दे रहा था पूरा चुत के अंदर था जीभ डालके आइस्क्रीम की तारह छत रहा था. उसका वो चुत का खट्टा पानी मूज़े मस्त लग रहा था. फिर भाबी ने मेरा लण्ड हाथ में ले लिया. वो मेरे लण्ड को हिलने लगी अपने हाथ , ओर मेरी भी आहें निकलने मेरी हालत खराब हो रही थी और भाभी ने लन्ड मुंह मे लेकर चूसने लगी. उसने मेरे लण्ड को अपने मुंह में ले लिया ओर अंदर बाहर किए जा रही थी और मेरी जीभ उसकी चूत के साथ साथ ज़ट के बाल भी नोच रहा था.

भाभी ने मूज़े बोली की मूज़े लंड चूसना बहोत पसंद है. ओर वो बोली मेरे मुहफ़ मे निकल दो मूज़े माल को पीना है. मेरे लौड़े को चूस चूस कर और बड़ा कर दिया ओर कहने लगी मूज़े बड़ा ही पसंद है. मै भी काफ़ी जोश में आ गया था मै भाभी का सर दबा रहा था ओर लंड पूरा अंदर तक जा रह था. भाभी हाथों से मुठ मार मार कर चूस रही थी. ओर मेरा लौड़ा गरम हो गया ओर मैने सारा माल निकाल दिया भाभी के मुँह में गिरा दिया. भाभी ने मेरा सारा माल पी लिया ओर चाट कर सारा माल साफ कर दिया.

भाभी बोली, “अब तुम मुझे चोदो अपने लण्ड से ओर माल अंदर मत गिरना मूज़े हर एक स्टाइल मे चोदो, अब मुझसे रहा नहीं जाता जल्दी करो… चोदो मुझे ! चोदो मेरी चुत फाड़ के रख दो. अब मैंने अपने होंठों से उसके होंठों पर चूमना करना शुरू किया, मै बहोत सेरटाक किस कर रहा था ओर साथ मे उसको मसल रहा था. फ़िर गाल पर, गले पर, चूत, गाड़, बुब्बस हर जगह फ़िर और नीचे से हाथ डाल कर उसकी चूत को सहलाने लगा ओर अंदर उंगली डालने लगा. बड़े और सख्त बूब्स को पी रहा था !मैं उन्हें मसलने और जोर से दबाने लगा. मैंने उसके निप्पल को अपनी मुहा में लेकर दबाया, वो जोर से सिसकने लगी, “उह उह आह विकास आज मुझे पूरी तरह से चुदाई का मज़ा दे दो. मूज़े तेरा लंड चाहिया प्लीज़ डाल दो. चाहो तो माल अंदर ही दाल दो लेकिन अब सब्र नही होता.

मैंने भाभी को सीधा किया और मै उपर से आ गया, अपना लण्ड उसकी चूत के ऊपर सहलाने लगा, उसकी चूत पूरी गीली हो गयी थी, उसकी टाईट चूत को चोदने के लिए मैंने पहला झटका ही जोर से दिया पर गीली चुत की बजाह से लंड सतक रह था. फिर भाभी ने एक हाथ से लंड सेट किया मैने बूब्स को मुहा मे लिया ओर एक ज़ोर का शॉट लगया, भाभी ज़ोर से चिल्लाई, ओह मर गई, कितना बड़ा है तेरा, मूज़े दर्द हो रहा है . मेरा आधा लण्ड उसकी चूत में गया था, मैने बात करते हुवे ओर एक शॉट मारा मगर काफ़ी टाईट चूत थी, फिर भाभी ने गाड़ उपर की ओर बोला अब लगाओ शॉट, एक बार फिर जोर के झटके से अपना पूरा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया. वो बोल रही थी “आह धीरे धीरे करो मूज़े मज़ा लेनो दो, चप चप आवाज़ आनी चाहिए ! ” भाभी मेरे पीठ मे नाख़ून के निशान छोड़ रही थी.

मैने उसस्के बूब्स को डबते हुवे धीरे धीरे अपने लण्ड को आगे पीछे कर रह था साथ मे बीच मे ज़ोर से शॉट लगा रह था. कुछ देर बाद भाभी का दर्द भी कम हो गया और वो भी मज़ा लेने लगी ओर जो आवाज़े निकालने लगी ” ओहो! ह्म्म! आ ! जोर से ! और ज़ोर से करो, मूज़े तुम्हे अंदर लेना है, मर्द की तरह चोदो, आह प्लीज़ स्पीड बदाओ अपनी मै आने वाली हू. फिर मैंने अपने झटकों की ताकत बढ़ाई ओर स्पीड भी.
मैं और जोर से उसे चोदने लगा मैने भाभी के पैर गले मे ले लिए ओर स्टाइल चेंज कर दी. अब तो पच पच आवाज़ से सारा महॉल बन गया था. थोड़ी देर बाद वो झड़ गई फिर भी गांड उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी. उसकी चूत का रस टपकने लगा, मूज़े उसकी खुसबु आ रही थी,
मुझे और भाभी काफ़ी मज़ा आ रहा था. फ़च फ़च की आवाज़ ओर भी भाग रही थी. थोड़ी देर बाद मुझे लगने लगा कि मैं भी होने वाला है. फिर मैने उसे उल्टा कर से कुतिया बना कर पीछे से उसकी चूत में अपना लण्ड घुसा कर शॉट लगाना चालू किया.

मै पीछे से जोर जोर से धक्के लगा रहा था. अब मेरा लौड़ा रुकने वाला था नही, मैने भाभी को बोला मूज़े कंट्रोल नही हो रहा है, मेरा होने वाला है मै चुत मे निकल रहा हू, तो उसने कहा ठीक है निकल दो मई गोली ले लूंगी. मै पूरी ताकत से उसकी टाईट चूत में झटके लगा रहा था, ओर वो बहाल थी मेरा लंड मानने को तय्यार ही नही था फिर उसने गोतिया साहलाई और १०से १२ झटके के साथ मैंने अपना पूरा माल उसके चूत में डाल दिया. हम नंगे ही वाहा पे पड़े थे.

हमे अब ठंडी नही लग रही थी, पूरे पसीने से बहाल थे. भाभी ने मूज़े थॅंक्स कहा ओर मेरे लंड को चॅट कर साफ करने लगी. फिर १० मीं बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया इस टाइम पे भाभी ने बोला चुत मे दर्द हो रहा है. बाद मे करते है लेकिन भाभी मेरी तरफ गांड करके एकदम चिपके के सो गयी. मई सुबह जगा तो मेरा लंड खड़ा था मैने भाभी के गाड़ मे लंड डालने की कोशिश की लेकिन भाभी ने कभी गांड नही मरवाई थी. भाभी जाग गयी ओर आखरी टाइम मै करने दे रही हू. फिर भाभी ने बोला मूज़े मुहा मे लेना है. मैने दोनो बुब्बस के बॉच मे से मुहा मे लंड डाला ओर मूह मे चोदने लगा. ओर सारा माल भाभी के मुहा मे निकल दिया. भाभी ने मेरे लंड को किस किया ओर मिस यू कहा.

फिर हम दोनो ने अपने कपड़े पहने, भाभी ने कहा के ये बात कभी किसी को पता नही चलनी चाहिए, मैने उन्हे हग किया ओर प्रॉमिस किया की कभी किसी को पता नही चलेगा ओर ये दुबारा भी नही. फिर हमने एक दूसरे को हग किया एक लंबा किस किया भाभी ने मेरे लंड की तरफ़ देखा वो खड़ा था, भाभी ने कहा हाथ हिलाओ या कोई ओर ढूंड लो, ओर हम लोग टेंट मे चले गये. आज भी हम लोग दोस्त है ओर मस्त जी रहे है. कभी कभी भाभी को धेखकर मूड होता है मई उनको बोलता भी हू लेकिन फिर हम लोग कंट्रोल कर लेते है. कंट्रोल की बजाह है मेरा दोस्त ओर उनका पति सागर.

दोस्तो ये थी मेरी कहानी जो मैने एक पाठक की विनांती पर लिखी तो मूज़े मैल कीजिए ओर लिखिए ये कहानी कैसे लगी ओर कुछ ग़लती हो गयी है तो माफ़ कीजिए, चाहे तो गालिया दे सकते है. जाते जाते एक ही बात कहूँगा ओर औरतो का रेस्पेक्ट कीजिए, उनको प्यार ओर इज़्ज़त दीजिए. उनकी प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखें.

दोस्तो, कैसी लगी मेरी सेक्स कहानी. मूज़े अपने विचार बातये ओर कुछ भी हो जो शेर कर सकते हो कीजिए. मूज़े आपके प्यार भरे मेल का इंतज़ार रहेगा. नये साल की हार्दिक शुब्कामनाए, ये साल आपके जीवन मे ढेर सारी खुशिया लाए. अगली कहानी लेकर जल्द ही आउगा तब तक हिलाते रहिए, शॉट लगते रहिए ओट चुत मे उंगाली करना मत भूलना.

अपनी राय मुझे ज़रूर लिखें. मुझे इस मेल पर भेजें.

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मम्मी ने मुझे सेक्स करना सिखाया https://sexstories.one/mummy-ke-saath-lesbian-sex-stories/ Mon, 17 Jan 2022 06:35:22 +0000 https://sexstories.one/?p=3500 मम्मी ने जैसे ही ब्रा की हुक खोली वेसे ही मम्मी के दूध नीचे लटक गए | उसके दूध बहुत ही ढीले थे और मैं उनके दूध को मुंह में रख कर चूसने लगी | मैं उनके निप्पल को अपनी होठो से खीच खीच कर चूसने लगी तो...

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lesbian sex stories हाय फ्रेंड्स कैसे हो आप सभी लोग ? मैं आशा करती हूँ की आप सभी लोग ठीक ही होगे | मैं आज आप लोगो के सामने अपनी एक कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ | मैं अपनी कहानी शुरू करने से पहले आप लोगो को अपने बारे में बता देती हूँ |

मेरा नाम शीतल है | मेरी उम्र 18 साल है | मैं रहने वाली अमृतसर की हूँ | मेरे घर में मेरी मम्मी और मैं रहती हूँ क्यूंकि मेरे पापा काम की वजह से बाहर रहते हैं | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरा फिगर भी सेक्सी हैं | मेरी बूब्स काफी बड़े और गोल है और मेरी गांड भी मस्त चौड़ी है | फ्रेंड्स मैं आज आप लोगो को बताने जा रही हूँ की कैसे मेरी माँ ने मेरे साथ सेक्स किया | मैं उम्मीद करती हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयेगी और कहानी को पढने में मज़ा भी आयेगा | मैं आप अभी का ज्यादा समय न लेती हुई सीधे अपनी कहानी पर आती हूँ |

ये कहानी अभी कुछ दिन पहले की हैं अब मैं कहानी प्रस्तुत करती हूँ | मेरी मम्मी का नाम अनीता हैं और वो दिखने में गोरी हैं | उनका चेहरा हल्का गोल है | मेरी मम्मी और मैं अपने घर में अकेली रहती हूँ इसलिए मेरी मम्मी कभी कभी सेक्सी मूवी भी देखा करती हैं | मेरी मम्मी को चुदाई करना बहुत पसंद हैं और वो चुदाई कराने में एक्सपर्ट हैं उनको पता हैं कैसे आदमी को खुश किया जाता हैं | मैंने कई बार मम्मी को पापा से चुदते देखा है जब पापा मम्मी को चोदते हैं तब मम्मी पापा के लंड को मुंह में भी रख कर चूसती हैं |

एक दिन मैं और मम्मी घर पर बोर हो रहे थे तो मम्मी ने कहा चलो घूम के आते हैं | तब मैं मम्मी के साथ घुमने चली गयी और मैं मेरी मम्मी घूम ही रही थी की रास्ते में कोई आदमी मिला मैं उस आदमी को नही जानती हूँ पर मेरी मम्मी उस आदमी को जानती हैं इसलिए वो आदमी मम्मी को और मुझे एक रेस्टोरेन्ट में ले गया | फिर उसने कुछ खाने के लिए मंगाया और मैं खाना खाने लगी मैं खाना खा ही रही थी की मुझे उसका हाथ मम्मी की जांघों पर दिखा तो मैं समझ गयी की ये मम्मी का बॉयफ्रेंड होगा |

फिर मैं खाना खाती रही और मेरी मम्मी के साथ वो अन्दर चला गया और फिर 5 मिनट बाद मम्मी आई तो मैं ये सोच सोच के मेरी चूत में खुजली होने लगी की अन्दर क्या हुआ होगा | फिर मम्मी वहां से 5 मिनट बाद आई तो मैंने पूछा ये कौन हैं तक मम्मी ने कहा मेरा बहुत पुराना दोस्त है मेरे कॉलेज के टाइम का और फिर मैं और मम्मी बात करती हुई घर चली आई | तब मम्मी बाथरूम में गयी और नहाने लगी वो कुछ देर बाद नहा कर आई | फिर मैं भी फ्रेश होकर आई और फिर मैंने रेड कलर की टी शर्ट पहनी और रेड ही कलर की लिपस्टिक लगाई थी | मम्मी भी उस दिन मेक्सी में मस्त लग रही थी | फिर मैं और मम्मी सोफे पे बैठ कर टीवी देखने लगी | मैं कुछ देर तक मम्मी के साथ टीवी देखती रही और फिर मुझे नीद आ गयी तो मैं जाकर अपने रूम में लेट गयी |

फिर कुछ देर बाद मम्मी भी मेरे ही रूम में आई और मेरे पास लेट गयी | तब मैंने मम्मी से पूछा क्या हुवा अपने बेडरूम में नही गयी तो वो बोली कुछ नही और लेट गयी | फिर वो मेरी टी शार्ट के अन्दर हाथ डाल कर मेरे पेट को सहलाती हुई धीरे से मेरे स्तन पर हाथ ले गयी और मेरे निप्पल को ऊँगली से मसलने लगी | तब मैं कुछ देर तक तो कुछ नही बोली क्यूंकि मुझे अच्छा लग रहा था और कुछ देर बाद मम्मी ने मेरे होठो पर अपनी होठो को रख कर मेरी होठो को चूसने लगी और साथ मेरे गोल स्तन को भी मसल रही थी |

वो मेरे होठो की सारी लिपस्टिक को चूस लिया जिससे मैं कुछ दी देर में गर्म हो गयी और सेक्स करने में माँ का साथ देने लगी | मैं भी उनकी होठो को अपनी होठो से दबा दबा कर चूसने लगी | वो भी मेरे होठो को जोर जोर से चूस रही थी | वो ऐसे ही मेरी होठो को 5 मिनट तक चूसती रही और फिर मम्मी ने मेरी टी शार्ट निकाल दी | फिर वो मेरे एक दूध को मुंह में रख कर चूसने लगी | वो मेरे दूध को मुंह में रख कर दबाती हुई चूसने लगी तो मेरे मुंह से सी सी सी सी……. आ आ आ आ अ…… ऊ ऊ ऊ उ….. ई ई ई ई ई ई… ऊ ऊ ऊ ऊ…… उई उई उई माँ माँ माँ…… की सिसिकियाँ निकल गयी | वो मेरे निप्पल को अपनी होठो से दबा दबा कर खीच कर चूस रही थी और दुसरे दूध को अपने हाथ में पकड़ कर दबा रही थी | मेरे गोल और चिकने स्तन को वो अपने हाथो से पकड पकड़ कर मसल रही थी |

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फिर मम्मी ने अपने कपडे निकलने लगी और 1 ही मिनट में वो ब्रा और पेंटी में आ गयी | उनके दोनों दूध ब्रा के अन्दर से साफ दिख रहे थे और उनके बूब्स मेरे बूब्स से बहुत बड़े थे | उनके बड़ी काले निप्पल ब्रा के ऊपर उठे हुए थे और लग रहा था की अब ये ब्रा को फाड़ कर बाहर निकल आयेगे | फिर मैं उनके स्तन को ब्रा के ऊपर से ही दबाती हुई अपने मुंह में रख कर चूसने लगी | मैं उनके बूब्स के निप्पल को मुंह में दांतों से दबा कर खीच खीच कर चूसने लगी और तब मम्मी ने ब्रा की हुक खोल दी | मम्मी ने जैसे ही ब्रा की हुक खोली वेसे ही मम्मी के दूध नीचे लटक गए | उसके दूध बहुत ही ढीले थे और मैं उनके दूध को मुंह में रख कर चूसने लगी | मैं उनके निप्पल को अपनी होठो से खीच खीच कर चूसने लगी तो मम्मी के मुंह से गर्म सांसे लेती हुई ऊ ऊ ऊ… आह्ह्ह अह्ह्ह उई उई उई सी सी सी….. हाँ हाँ हाँ हाँ……. उई उई उई उई……. की सिसिकियाँ लेने लगी जिससे मुझमे और आग भड़क गयी और मैं उनकी बूब्स को मुंह से चूसती हुई उनकी चूत को भी सहलाने लगी | मैं उनकी चूत को कुछ देर तक ऐसे ही सहलाती रही | फिर मम्मी ने अपनी टांगो को फैला दिया और मैं उनकी चूत में मुंह को घुसा कर चाटने लगी |

मैं उनकी चूत की पंखुडियां को अपनी होठो से पकड पकड़ कर खीचने लगी तो उनके मुंह से ई ई ई ई……. ओह्ह ओह्ह….. उई उई उई उई….. सी सी सी सी…… उह्ह उह्ह उह्ह… की सिसिकियाँ लेने लगी | मैं उनकी चूत में अपनी जीभ को भी घुसा दिया और उनकी चूत की पंखुडियां को अपनी उँगलियों से फैला कर उनकी चूत में जीभ को घुसा कर चाटने लगी | मैं उनकी चूत में ऐसे ही जीभ से चाटने के साथ में उनकी चूत में ऊँगली को घुसा कर जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगी |

तब मम्मी मदहोश करने वाली आवाजे करने लगी और मैं सेक्स के नसे में उनकी चूत को जोर जोर से चाट रही थी | वो अपने दूध के निप्पल को अपने मुंह में रख कर चूसने लगी | मैं उनकी चूत में जोर जोर से ऊँगली को अन्दर बाहर करती हुई चाटने लगी | तब वो ह्ह्ह ह्ह्ह ऊ ऊ ऊ उ,…… सी सी सी…. उई उई उई…. हाँ हाँ हाँ…. आआआअ…….. करती हुई अपनी चूत को आगे पीछे करने लगी और साथ में अपनी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगी | मैं भी उनकी चूत में जोर जोर से चाट रही थी और वो बहुत ही जल्दी बेड से उठ कर मेरे मुंह पर अपनी चूत के मुंह को टीका दिया | फिर अपनी चूत जोर जोर से अपने हाथ से हिलाने लगी और कुछ ही देर में उनकी चूत से गर्म पानी की धार निकल पड़ी | मैं पानी सब पी गयी उस पानी का नमकीन सा स्वाद था |

फिर वो मुझे बेड पर लेटा कर मेरे ऊपर लेट गयी और मेरे स्तन के निप्पल को पकड कर मुंह में रख कर जोर जोर से खिचती हुई मेरे गोल चिकने दूधो को चुसने लगी तो मेरे मुंह से ऊ ऊ ऊ उ,…… सी सी सी…. उई उई उई…. हाँ हाँ हाँ…. आआआ…… की सिसिकियाँ निकल गई | फिर वो मेरी चूत में अपने मुंह को घुसा कर मेरी चूत में अपनी जीभ को घुसा का अन्दर बाहर करने लगी तो मैं ऊ ऊ .. सी सी सी…. उई उई उई…. हाँ हाँ हाँ…. आआआआआ… करती हुई अपने बूब्स को मसलने लगी |

वो मेरी चूत के दोनों पंखुड़ियों को फैला कर जोर जोर से अपनी जीभ को अन्दर बाहर करने लगी साथ में मेरी चूत को अपनी होठो से पकड़ पकड़ कर खीचने लगी तो मेरे जिस्म में आग सी लग गयी और मैं तदपने लगी | तब मम्मी ने मेरी चूत में अपनी उँगलियों को डाल कर जोर जोर से मेरी चूत में हिलाने लगी तो मैं ऊ ऊ ऊ उ… सी सी सी…. उई उई उई…. हाँ हाँ हाँ…. आआअ.. करती हुई अपने दूध के निप्पल को मसलती हुई चूत को चुसाने लगी | अब मुझसे रहा नही जा रहा था तो मैं मम्मी को सर को पकड कर दबाने लगी और वो मेरी चूत में अपनी उँगलियों को जोर जोर से हिला रही थी जिससे मेरी चूत से कुछ ही देर में गर्म पानी की धार निकल पड़ी | वो सब पानी गटक गयी और मेरी चूत को चाट चाट कर साफ कर दिया तब मैं मम्मी से बोली मम्मी मुझे अपनी चूत में लंड लेना है तब मम्मी ने कहा फिर कभी मैं तुम्हे लंड से चुदवाउंगी |

अब मैं आप लोगो को अगले भाग में बताउंगी की मम्मी ने मुझे किसके लंड से चुदवाया |

मैं उम्मीद करती हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई होगी |

कहानी पढने के लिए धन्यवाद |

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मां का प्यार https://sexstories.one/maa-ka-sexy-pyar/ Fri, 31 Dec 2021 07:32:23 +0000 https://sexstories.one/?p=3512 तभी मेरे मन मे माँ की सुबह वाली बात चेक करने का विचार आया और मैने अपनी लुंगी का सामने वाला हिस्सा थोडा खोल दिया जिस से मेरा लंड खड़ा होकर बाहर निकल गया और अपने हाथो को अपनी आँखो पर...

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Maa Ka Pyar – मेरे घर मे में, मेरी माँ, मेरी पत्नी और मेरी बहन है, मेरी बहन की शादी हो चुकी है और वो अपने ससुराल मे रहती है। में अपनी माँ और पत्नी के साथ यहाँ कोलकाता मे रहता हूँ, हम लोग बनारस (उ.प.) से यहाँ बचपन मे ही आ गये थे और यही बस गये. मेरी उम्र 28 साल की है और मेरी पत्नी 24 की है. मेरी सास और मेरी साली अभी भी बनारस के पास एक गांव मे रहते है. और साल मे 2-3 महीने हमारे यहाँ आते है. सच पूछो तो मेरा घर एक स्वर्ग है, जहाँ किसी भी तरह की कोई मना नही, में आपको शुरू से ही ये सारी बातें बताता हूँ।

यह बात मेरे बचपन की है, घर पर मेरी माँ, मेरी दीदी और में सब साथ रहते थे, मेरी उम्र करीब 18-19 के आस पास थी. मेरी लंबाई 5’7” की है. मेरी दीदी की उम्र 18 साल हे, उसकी स्पोर्ट्स मे रूचि थी और वो स्टेडियम जाती थी. मेरी माँ टीचर है, उसकी उम्र 37-38 की होगी, मगर देखने मे किसी भी हालत मे 31-32 से ज्यादा की नही लगती थी. माँ और दीदी एकदम गोरे है. माँ मोटी तो नही लेकिन भरे शरीर वाली थी और कुल्हे उनके चलने पर हिलते थे. उनकी शादी बहुत जल्दी हो गयी थी, मेरी माँ बहुत सुंदर और हँसमुख है।

वो जिंदगी का हर मज़ा लेने मे विश्वास रखती है, हालाकि वो सबसे ओपन नहीं होती है पर मैने उसे कभी किसी बात पर गुस्सा होते हुए नही देखा. ये बात उस समय की जब मैं 9th मे था और हर चीज के बारे मे मेरी इच्छा बढ़ रही थी स्पेशली सेक्स के बारे मे. मेरे स्कूल के दोस्त अक्सर लड़की पटा कर मस्त रहते थे उन्ही मे से दो तीन दोस्तो ने अपने परिवार के साथ सेक्स की बाते भी बताई तो मुझे बड़ा अज़ीब लगा. मैने माँ को कभी उस नज़र से नही देखा था पर इन सब की बातों को सुन-सुन कर मेरे मन मे भी इच्छा बढ़ने लगी और मै अपनी माँ को ध्यान से देखने लगा, चूँकि गर्मियों की छुट्टियाँ चल रही थी और में हमेशा घर पर ही रहता था।

घर मे, में माँ के साथ ही सोता था और दीदी अपने कमरे मे सोती थी, माँ मुझे बहुत प्यार करती थी, माँ, दीदी और में आपस मे थोड़ा खुले हुए थे, हालाकि सेक्स करने की कोई बात तो नही हुई थी पर माँ कभी किसी चीज का बुरा नही मानती थी और बड़े प्यार से मुझे और दीदी को कोई भी बात समझाती थी, कई बार अक्सर उत्तेजना की वजह से जब मेरा लंड खड़ा हो जाता था और माँ की नज़र उस पर पड़ती तो मुझे देख कर धीरे से मुस्कुरा देती और मेरे लंड की तरफ इशारा करके पूछती कोई परेशानी तो नही है, में कहता “नही” तो वो कहती कोई बात नही… तो में भी मुस्कुरा देता, वो खुद कभी-कभी हम दोनो के सामने बिना शर्माये एक पैर बेड पर रख कर साड़ी थोड़ा उठा देती और अन्दर हाथ डालकर अपनी चूत खुजलाने लगती, नहाते समय या हमारे सामने कपड़े बदलते वक़्त अगर उसका नंगा बदन दिखाई दे रहा हो तो भी कभी भी शरीर को ढकने या छुपाने की ज़्यादा कोशिश नही की, ऐसा नही था की वो जान बुझ कर दिखाने की कोशिश करती हो, क्यों की इन सब के बाद भी मैने उसकी या दीदी की नंगी चूत नही देखी थी, बस वो हमेशा हमे नॉर्मल रहने को कहती और खुद भी वैसे ही रहती थी।

धीरे धीरे में माँ के और करीब आने की कोशिश करने लगा, और हिम्मत कर के माँ से उस वक़्त पास आने की कोशिश करता जब मेरा लंड खड़ा होता, मेरा खड़ा लंड कई बार माँ के बदन से टच होता पर माँ कुछ नही बोलती थी. इसी तरह एक बार माँ किचन मे काम कर रही थी और माँ की हिलते हुए कुल्ले देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. मैने अपनी किस्मत आज़माने की सोची और भूख लगने का बहाना करते हुए किचन मे पहुँच गया, और माँ से बोला “माँ भूख लगी है कुछ खाने को दो.. ” और ये कहते हुए माँ से पीछे से चिपक गया, मेरा लंड उस समय पूरा खड़ा था और मैने अपनी कमर पूरी तरह माँ के कुल्हे से सटा रखी थी जिसके कारण मेरा लंड माँ के कुल्हो के बीच तोडा सा घुस गया था. माँ हंसते हुए बोली “क्या बात है आज तो मेरे बच्चे को बहुत भूख लगी है..” “हां माँ, बहुत ज्यादा, जल्दी से मुझे कुछ दो..” और मैने माँ को और ज़ोर से पीछे से पकड़ लिया और उनके पेट पर अपने हाथो को कस कर दबा दिया, कस कर दबाने की वज़ह से माँ ने अपने कुल्ले थोड़े पीछे किये जिससे मेरा लंड थोडा और माँ के कुल्हे के बीच मे घुस गया, उत्तेजना की वज़ह से मेरा लंड झटके लेने लगा पर में वैसे ही चिपका रहा और माँ ने हंसते हुए मेरी तरफ देखा पर बोली कुछ नही।

फिर माँ ने जल्दी से मेरा खाना लगाया और थाली हाथ मे लेकर बरामदे मे आ गई, में भी उसके पीछे पीछे आ गया, खाना खाते हुए मैने देखा तो माँ मुझे और मेरे लंड को देख कर धीरे धीरे हंस रही थी, जब मैने खाना खा लिया तो माँ बोली की अब तू जाकर आराम कर में काम कर के आती हूँ… पर मुझे आराम कहा था में तो कमरे मे आकर आगे का प्लान बनाने लगा की कैसे माँ को चोदा जाए. क्योंकि आज की घटना के बाद मुझे पूरा विश्वास था की अगर में कुछ करता भी हूँ तो माँ अगर मेरा साथ नही देगी तो भी कम से कम नाराज़ नही होगी, फिर ये ही हरकत मैने 5-6 बार की और माँ कुछ नही बोली तो मेरी हिम्मत बढ़ी।

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एक रात खाना खाने के बाद में कमरे मे आकर लाइट ऑफ कर के सोने का नाटक करने लगा, थोड़ी देर बाद माँ आई और मुझे सोता हुआ देख कर थोड़ी देर कमरे मे कपड़े और समान ठीक किया और फिर मेरे बगल मे आकर सो गई, करीब एक घंटे के बाद जब मुझे विश्वाश हो गया की माँ अब सो गयी होगी तो मै धीरे से माँ के ऊपर सरक गया और धीमे धीमे अपना हाथ माँ के कुल्हो पर रख कर माँ को देखा जब माँ ने कोई हरकत नही की तो में उनके कुल्हो को सहलाने लगा और उनकी साड़ी के ऊपर से ही दोनो कुल्हो और गांड को हाथ से धीमे धीमे दबाने लगा।

जब उसके बाद भी माँ ने कोई हरकत नही की तो मेरी हिम्मत थोड़ी और बढ़ी और मैने माँ की साड़ी को हल्के हल्के ऊपर खिचना शुरु किया, ऊपर करते करते जब साड़ी कुल्हो तक पहुँच गई तो मैने अपना हाथ माँ की कुल्हो और गांड के ऊपर रख कर थोड़ी देर माँ को देखने लगा, पर माँ ने कोई हरकत नही की, फिर में अपना हाथ उनकी गांड के छेड़ से धीरे धीरे आगे की और करने लगा, पर माँ की दोनो जांगे आपस मे सटी हुई थी जिससे में उन्हे खोल नही पा रहा था. फिर मैने अपनी दो उंगलिया आगे की और बड़ाई तो मेरी सास ही रुक गई. मेरी उंगलिया माँ की चूत के ऊपर पहुँच गई थी।

फिर मैने धीरे धीरे अपनी उंगलियो से माँ की चूत सहलाने लगा, माँ की चूत पर बाल महसूस हो रहे थे, चूँकि मेरे लंड पर भी झांटे थी तो में समझ गया की ये माँ की झांटे है, इतनी हरकत के बाद भी माँ कुछ नही कर रही थी तो मैने धीरे से अपनी पूरी हथेली माँ के चूत पर रख दी और चूत के दोनो होंठो को एक एक कर के छूने लगा, तभी मुझे महसूस हुआ की माँ की चूत से कुछ मुलायम सा चमड़े का टुकड़ा लटक रहा है।

जब मैने उसे हल्के से खींचा तो पता चला की वो माँ की चूत की पूरी लंबाई के बराबर चूत यानी ऊपर से नीचे तक की लंबाई मे बाहर की तरफ निकला हुआ था और जबरदस्त मुलायम था।

उस समय मेरा लंड इतना टाइट हो गया था की लगा जैसे फट जाएगा, में धीरे से उठ कर बैठ गया और अपनी शर्ट उतार कर लंड को माँ के कुल्हे से सटाने की कोशिश करने लगा पर कर नही पाया तो में एक हाथ से माँ की चूत मे उंगली डाल कर बाहर निकले चमड़े को सहलाता रहा और दूसरे हाथ से मुठ मारने लगा. 2-3 मिनट मे ही मैं झर गया पर जब तक में अपना जूस रोक पाता वो माँ के कुल्हो पर पूरा गिर चूका था, ये देख कर में बहुत डर गया और चुपचाप शर्ट पहन कर माँ को वैसा ही छोड़ कर सो गया. सुबह जब में उठा तो देखा की माँ रोज की तरह अपना काम कर रही थी और दीदी हाकी की प्रेक्टीस जो सुबह 6 बजे ही शुरू हो जाती थी, जा चुकी थी में डरते डरते बाथरूम की तरफ जाने लगा तो माँ ने कहा आज चाय नही मांगी तूने…

तो मैने बात पलटते हुए कहा की “हा पी रहा हूँ, पेशाब कर के आता हूँ..”, जब में बाथरूम से वापस आया तो देखा माँ बरामदे मे बैठी सब्जी काट रही थी और वही पर मेरी चाय रखी हुई थी. में चुपचाप बैठ कर चाय पीने लगा तो माँ मेरी तरफ देख कर हंसते हुए बोली की “आज बड़ी देर तक सोता रहा हां माँ नींद नही खुली..” तो माँ बोली “एक काम किया कर आज से रात को और जल्दी सो जाया कर..” ये कह कर वो हंसते हुए किचन मे चली गयी. जब मैने देखा की माँ कल रात के बारे मे कुछ भी नही बोली तो में खुश हो गया. उस दिन पूरे दिन मैने कुछ भी नही किया, मेने सोच रखा था की अब में रात को ही सब कुछ करूँगा जब तक या तो माँ मुझसे चुदाई के लिए तैयार ना हो या मुझे डाट नही देती. रात को में खाना खा कर जल्दी से रूम मे आकर सोने का नाटक करने लगा, थोरी देर मे माँ भी दीदी के साथ आ गई।

उस दिन माँ बहुत जल्दी काम ख़त्म करके आ गई थी, खैर में माँ के सोने का इंतजार करने लगा. थोरी ही देर मे दीदी के जाने के बाद माँ धीरे से बेड पर आकर लेट गई करीब एक घंटे तक लेटे रहने के बाद मैने धीरे से आँखे खोली और माँ की तरफ सरक गया, थोड़ी देर मे जब मैंने बरामदे की हल्की रोशनी मे माँ को देखा तो चौंक गया. माँ ने आज साड़ी की जगह नाईटी पहन रखी थी और उन्होने अपना एक पैर थोडा आगे की तरफ कर रखा था।

फिर मैने सोचा की अगर ये किस्मत से हुआ तो अच्छा है और अगर माँ जानबूझ कर यह कर रही है तो माँ जल्दी ही चुद जाएगी. उस रात मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ी हुई थी, थोड़ी देर नाईटी के ऊपर से माँ का कुल्ले सहलाने के बाद मैने धीरे से माँ की नाईटी के सामने का बटन खोल दिया और उसे कमर तक पूरा हटा दिया और धीरे से माँ के कुल्हो को सहलाने लगा. मैं जांघो को भी सहला रहा था, माँ की कुल्ले और जांघे इतने मुलायम थे की में विश्वास नही कर पा रहा था।

फिर मैने अपना हाथ उनकी जांगो के बीच डाला तो मैं हैरान रह गया, माँ की चूत एकदम चिकनी थी, उनके चूत पर बाल का नामोनिशान नही था. उनकी चूत बहुत फूली हुई थी और चूत के दोनो होंठ फैले हुए थे शायद एक जांग आगे करने के कारणउनकी चूत से निकला हुआ चंदा लटक रहा था (मेरे कई दोस्तों ने उसके बारे मे बताया था की उनके घर की ओंरतो की चूत से भी ये निकलता है और उन्हे इस पर बड़ा नाज़ होता है). में तो उत्तेजना की वज़ह से पागल हो रहा था. मैने लेटे-लेटे ही अपना शर्ट निकाल दिया और माँ की तरफ थोडा और सरक गया जिससे मेरा लंड माँ के कुल्ले से टच करने लगा, थोड़ी देर तक चुप रहने के बाद जब मैने देखा की माँ कोई हरकत नही कर रही है तो मेरी हिम्मत और बढ़ी।
में लेटे लेटे ही माँ की चूत को सहलाने का पूरा मज़ा लेने लगा.

थोड़ी ही देर मे मुझे लगा की माँ की चूत से कुछ चिकना चिकना पानी निकल रहा है. क्या खुशबु थी उसकी, मेरा लंड फूल कर फटने की इस्थिति मे हो गया. में अपना लंड माँ के कुल्ले, गांड के छेद, उनकी जांघो पर धीमे धीमे रगड़ने लगा. तभी मुझे एक आईडिया आया की क्यों ना आज थोडा और बढ़ कर माँ की चूत से अपना लंड टच करूं, जब मैने अपनी कमर को आगे खिसका कर माँ की जांघो से सटाया तो लगा जैसे करंट फैल गया हो, मुझे झड़ने का जबरदस्त मन कर रहा था पर मैने सोचा की एक बार माँ की चूत मे लंड डाल कर उनकी चूत के पानी से चिकना कर लूँगा और फिर बाहर निकाल कर मुठ मार लूँगा।

ये सोच कर मैने अपनी कमर थोडा ऊपर उठाया और अपना लंड माँ की चूत से लटके चमड़े को उंगलियों से फैलाते हुए उनके छेद पर रखा तो माँ की चूत से निकलते हुए चिकना पानी मेरे सूपडे पर लिपट गया और थोडा कोशिश करने पर मेरा सूपड़ा माँ की चूत के छेड़ मे घुस गया।

जैसे ही सूपड़ा अंदर गया उफ़ माँ की चूत की गर्मी मुझे महसूस हुई और जब तक में अपना लंड बाहर निकालता मेरे लंड से वीर्य का फव्वारा माँ की चूत मे पिचकारी की तरह निकलने लगा में घबरा तो गया पर ज्यादा हिलने से डर रहा था की कहीं माँ जग ना जाए. जब तक मैं धीमे से अपना लंड माँ की चूत से निकालता तब तक मेरे लंड का पानी माँ की चूत मे पूरा खाली हो चूका था और लंड निकलते वक़्त वीर्य की धारा माँ के गांड के छेद पर बहने लगी. मुझे लगा अब तो में पक्का पीटूँगा और डर के मारे जल्दी से शर्ट पहन कर सो गया. मुझे नींद नही आ रही थी पर मैं कब सो गया पता ही नही चला।

अगले दिन उठा तो देखा की हमेशा की तरह माँ सफाई कर रही थी पर दीदी स्टेडियम नही गई थी. मुझे देखते ही माँ ने दीदी से कहा “वीना, जा चाय गर्म करके भाई को देदे… और मुझे प्यार से वहीं बैठने के लिए कहा. मैने चोरी से माँ की तरफ देखा तो माँ मुझे देख कर पूछी आज नींद कैसी आई… मैने कहा की “अच्छी”, तो माँ हसने लगी और मेरी पैंट की ऊपर देखकर बोली की “अब तू रात मे सोते समय थोड़े ढीले कपड़े पहना कर… अब तू बड़ा हो रहा है.. देख में और वीनू भी ढीले कपड़े पहन कर सोते है… में यह सुन कर बड़ा खुश हुआ की माँ ने मुझे डाटा नही।

उस दिन मुझे पूरा विश्वास हो गया था की अब माँ मुझे रात मे पूरे मज़े लेने से मना नही करेगी भले ही दिन मे चुदाई के बारे मे खुल कर कोई बात ना करे. अब तो में बस रात का ही इंतजार करता था, खैर उस रात फिर जब में सोने के लिए कमरे मे गया तो मुझे माँ की ढीले कपड़े पहनने वाली बात याद आई पर मेरे पास कोई बड़ी शर्ट नही थी. फिर मैने आलमरी मे से एक पुरानी लुंगी निकाली और अंडरवेयर उतार कर पहन लिया और सोने का नाटक करने लगा।
तभी मेरे मन मे माँ की सुबह वाली बात चेक करने का विचार आया और मैने अपनी लुंगी का सामने वाला हिस्सा थोडा खोल दिया जिस से मेरा लंड खड़ा होकर बाहर निकल गया और अपने हाथो को अपनी आँखो पर इस तरह रखा की मुझे माँ दिखाई दे. थोरी ही देर मे माँ कमरे मे आई और नाईटी पहन कर बेड पर आने और लाइट ऑफ करने के लिए मूडी और मेरे लंड को देखते ही रुक गई।

थोड़ी देर वैसे ही मेरे लंड को जो की पूरे 6” लंबा और 1.5” मोटा था, देखती रही, फिर पता नही क्यों उसने लाईट बंद करके नाईट बल्ब जला दिया और बेड पर लेट गई वो मेरे लंड को बड़े प्यार से देख रही थी पर मेरे लंड को उसने छुआ नही. फिर दूसरी तरफ करवट बदल कर एक पैर को कल की तरह आगे फैला कर लेट गई. मुझे पक्का विस्वाश था की आज माँ जानबूझ कर नाईट बल्ब ऑन किया है ताकि में कुछ और हरकत करू।

आधे एक घंटे के बाद जब में माँ के ऊपर सरका तो लूँगी की गाँठ रगड से अपने आप ही खुल गई और में नंगे ही अपने खड़े लंड को लेकर माँ की तरफ सरक गया और नाईटी खोल कर कमर तक हटा दिया. उस रात मैने पहली बार माँ के कुल्हे, गांड और चूत को देख रहा था. मेरी खुशी का ठिखाना नही था, में झुक कर माँ की जांगो और कुल्हे के पास अपना चेहरा ले जाकर चूत को देखने की कोशिश करने लगा. मुझे अपनी आँखो पर विश्वास नही हो रहा था की कोई चीज इतनी मुलायम, चिकनी और सुन्दर हो सकती है, माँ की चूत से बहुत अच्छी भीनी भीनी खुशबु आ रही थी. में एकदम मदहोश होता जा रहा था. पता नही कैसे में अपने आप ही माँ की चूत को नाक से सटा कर सूंघने लगा। चूत से निकले हुए चंदे के दोनो पत्ते किसी गुलाब की पंखुड़ी से लग रहे थे. माँ की चूत का छेद थोडा लाल था और गांड का छेद काफ़ी टाइट दिख रहा था, पर सब मिला कर उनकी पुरे कुल्हे और जांघे बहुत मुलायम थी।

में उसी तरह कुछ देर सूंघने के बाद माँ के चूत के दोनो पत्तो को मुहँ मे भर लिया और चूसने लगा उनकी चूत से बेहद चिकना लेकिन नमकीन पानी निकलने लगा, में भी आज चुदाई के मज़े लेना चाहता था. फिर मैने माँ की चूत से निकलते हुए पानी को अपने सूपडे पर लपेटा और धीरे से माँ की चूत मे डालने की कोशिश करने लगा. पर पता नही कैसे आज मेरा लंड बड़ी आसानी से माँ की चूत के छेद मे घुस गया।

में वैसे ही थोड़ी देर रुका रहा फिर मैने लंड को अंदर डालना शुरू किया, दो तीन प्रयासो मे मेरा लंड माँ के चूत मे घुस गया ओह क्या मज़ा आ रहा था, माँ की चूत काफ़ी गर्म थी और मेरे लंड को चारो और से जकड़े हुए थी. थोड़ी देर उसी तरह रहने के बाद मैने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया ओह जन्नत का मज़ा मिल रहा था।

4-5 मिनट अंदर बाहर करते ही मुझे लगा की मैं झड़ने वाला हूँ तो मैने अपनी स्पीड और तेज़ कर दी और अपना वीर्य माँ की चूत मे डाल दिया…

अच्छा दोस्तों फिर मिलता हूँ….

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एक चुडक्कड़ परिवार की कहानी – 4 https://sexstories.one/ghar-me-chodai-kahaniya/ Thu, 23 Dec 2021 08:49:20 +0000 https://sexstories.one/?p=5032 शालिनी ने धीरे से बैग को अपने सिर के नीचे से बाहर निकाला और उसके सामने खड़े मांस को निगल लिया, आरव खुशी से कराह उठा जब उसे समझ में आया कि क्या हुआ है, शालिनी ने उसके लंड को चूसा...

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Ghar me Chodai story – “आरव, जल्दी से तैयार हो जाओ, मुझे किराना के लिए बाजार जाना है।” शालिनी ने कहा।

“आप पिता या आरती के साथ जा सकते हैं।” आरव ने चादर को सिर के ऊपर से खींचते हुए जवाब दिया।

“तुम्हारे पिता खेत में गए हैं और आरती नदी में कपड़े धोने गई है, हर किसी को तुम्हारे जैसा खाली समय नहीं मिलता।” उसकी मां ने मजाक में कहा, किसी ने भी आरव की घर पर बेकार बैठने के लिए आलोचना नहीं की क्योंकि वे जानते थे कि आरती के विपरीत जब वह शादी करेगा तो उसे दहेज मिलेगा, जिसके लिए उन्हें पैसे देने होंगे।

“वह अकेली क्यों नहीं जा सकती,” आरव ने निराश होकर अपनी साँसों में बड़बड़ाया।

“मैंने सुना है, ठीक है, मैं खुद सारा किराना नहीं ले जा सकता।”

“ठीक है माँ, बस मुझे तैयार होने दो।”

शामपुर गाँव की आबादी लगभग 200 लोगों की थी और इसके पीछे एक पर्वत श्रृंखला के साथ एक बहुत ही अलग स्थान था और सामने एक नदी बाहरी दुनिया से इसे अवरुद्ध करती थी, परिवहन का एकमात्र तरीका एक पुरानी बस थी।

Read Part 3 – एक चुडक्कड़ परिवार की कहानी – 3

जैसे ही पुराने बस के इंजन ने अपनी तेज आवाज को दूर किया, आरव खुश था कि वह अपनी माँ के साथ आया जो उसकी जांघ पर हाथ रखे उसके बगल में बैठी थी; बस बड़ी थी क्योंकि यह उनके गांव की एकमात्र बस थी जो 33 किमी दूर बाजार तक जाती थी। सौभाग्य से आरव अंतिम दो सीटें लेने में सक्षम था, क्योंकि कोई भी अंतिम सीट नहीं लेना चाहता था जो कि टायरों के ऊपर स्थित है और बहुत उछाल वाली है, लोगों ने आखिरी सीट पर बैठने के बजाय खड़े रहना पसंद किया।

आरव ने खिड़की वाली सीट ले ली थी और उसकी माँ उसके बगल में बैठी थी, उसने लाल साड़ी और मैचिंग ब्लाउज पहना था और उसके लंबे बाल खुले हुए थे जिसे उसने अपनी गर्दन की सेक्सी लंबाई को उजागर करते हुए अपनी गर्दन के किनारे पर ले जाया है। उनकी सीट से सटे (टिकट कलेक्टर के लिए एक अंतराल के बाद) एक लड़की के साथ एक बूढ़ा आदमी बैठा, जो उसकी बेटी की तरह लग रहा था।

जैसे-जैसे यात्रा जारी रही, बस में खर्राटे भरने लगे, ज्यादातर लोग सो रहे थे और जो नहीं सो रहे थे, वे मरने की कगार पर थे, सिवाय शालिनी जो आरव की पैंट की जिप टटोलने में व्यस्त थी, उसे मुश्किल हो रही थी ज़िप को नीचे खिसकाने में चाहे वह कितनी भी जोर से खींचे, वह नीचे नहीं आएगी, उसने हार मान ली और अपने नरम लंड को उसकी पैंट से पकड़ लिया, उसे अपने हाथों में निचोड़ लिया।

आरव ने महसूस किया कि उसका लंड अपनी माँ के हाथ में बढ़ रहा है, उसने अपनी आँखों के कोने से देखा और देखा कि उसकी माँ ने अपनी आँखें बंद कर ली हैं, जैसे ही उसने बूढ़े आदमी की ओर देखा, उसने लड़की की आँखों को सीधे अपनी माँ के हाथ की ओर देखा जब शालिनी जूट के थैले को स्टैंड से नीचे लाने के लिए उठी तो उसने अपनी आँखें बंद कर लीं।

जब उसकी माँ बैग नीचे लाने के लिए उठी तो आरव ने मौके का फायदा उठाकर अपनी ज़िप नीचे कर दी। शालिनी ने उस बैग को आरव की गोद में रख दिया और बैग के नीचे अपना हाथ उसके लंड पर रख दिया; जब उसने ज़िप खोली तो वह मुस्कराहट नहीं रख सकी और उसने अपना हाथ उसकी पैंट में सरका दिया और उसके अंडरवियर से उसका सीधा मुर्गा बाहर निकाल दिया, अब उसका मुर्गा केवल जूट के थैले से ढका हुआ था।

“बेटा, मुझे नींद आ रही है, मुझे अपनी गोद में लेटने दो, ठीक है?” इसके साथ ही माँ ने अपने शरीर को घुमाते हुए अपना सिर उनकी गोद में रख लिया।

“ठीक है माँ।” आरव समझ नहीं पा रहा था कि वह क्या करना चाह रही है।

शालिनी ने धीरे से बैग को अपने सिर के नीचे से बाहर निकाला और उसके सामने खड़े मांस को निगल लिया, आरव खुशी से कराह उठा जब उसे समझ में आया कि क्या हुआ है, शालिनी ने उसके लंड को चूसा, उसे निगल लिया, आरव ने उसके लंबे बालों को अपनी गोद में फैला लिया, उसमें से अपना सिर ढक लेती है। शालिनी उत्साह से भरी थी, उसकी कल्पना पूरी हो रही थी, किसी को चूसने की, सार्वजनिक रूप से, और यह सिर्फ कोई नहीं था, यह उसका बेटा था … तो यह उसके ऊपर एक बोनस की तरह था।

उसने सारा संकोच खो दिया, शालिनी ने अपना सिर थोड़ा ऊपर उठाया और उसके लंड के सिर को धीरे से चूमा, उसके चारों ओर चाटा, उसने अपनी जीभ से उसके छेद को छुआ, जिससे वह खुशी से उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा और फिर उसने उसे अपने मुँह में पूरी तरह से सरका दिया, आरव उसके बालों को पकड़ा और उसके सिर को अपने लिंग पर धकेल दिया, वह महसूस कर सकता था कि उसकी नाक उसके जघन बालों को खुरच रही है .. उसने उसे फिर से उसके बालों से उठा लिया .. और उसके मुंह को चोदना शुरू कर दिया … तेजी से ..

10 सेकेंड के बाद आरव सख्त हो गया… अपनी माँ के मुँह में वीर्य भर दिया, जबकि उसने सारा माल निगल लिया, एक बूँद भी बेकार नहीं गई, वे कुछ देर ऐसे ही रहे, उसके मुँह में उसका खर्चा मुर्गा। आरव ने ऊपर देखा और देखा कि लड़की उस पर मुस्कुरा रही है, उसने तुरंत अपनी निगाहें फेर लीं।

बस रुक गई और कंडक्टर ने घोषणा की कि वे अपने गंतव्य पर पहुंच गए हैं।

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गर्लफ्रेंड की बुआ को चोदा https://sexstories.one/girlfriend-ki-bua-ko-choda/ Mon, 20 Dec 2021 09:14:52 +0000 https://sexstories.one/?p=5047 हम दोनों उनके जाने के बाद फिर सेक्स करने लगे और करीब आधे घंटे तक उसे अलग अलग पोजीशन में चोदा और 5 मिनट तक उसके मुंह में लुंड डाल कर उसके मुंह को बेरहमी से चोदा और उसके मुंह में ही झड़ गया...

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Girlfriend ki bua ko choda – मेरा नाम राजदीप है मैं एक छोटे परिवार से हु। फल मैं आपलोग को अपने बारे में बता दूं कि मेरा हाइट 5’9 और हट्टा कट्टा नौजवान हु और मेरा लन्ड 6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है मैं दिखने में एवरेज हूं।
अब मैं सीधा अपने सच्ची कहानी बता रहा हु जिसके 2 और किरदार एक मेरी gf है और एक उसकी बुआ।

मेरी gf का फिगर 34-30_36 है और उसकी बुआ उससे वी ज्यादा सेक्सी है 36-32-40 है जो किसी का भी लन्ड खड़ा कर देती है।

ये बात अब से 2 साल पहले की है जब हम ( मैं और मेरी gf) gf की घर में ही सेक्स कर रहे थे चुकी उसके बेडरूम का 2 दरवाजा एक सीधा बाहर और एक घर के अंदर से था।

मैं और मेरी gf सेक्स कर रहे थे तो हम सेक्स कर रहे थे कि अचानक से मेरी नजर गेट की तरफ गया तो मैं नजारे देखता ही रह गया वहा पर gf की बुआ हमे देख रही थीं और उनका एक हाथ उनकी साड़ी के अंदर से अपनी चुत्त सहला रही थी।
मैं उठा तो उनका पूरा ध्यान मेरे 7 इंच के लन्ड पर टिका हुआ था जिसे मैं जान गया की वो भी मेरे लन्ड से चुदाने के लिए तैयार हैं में उठ कर उन्हें हग किया और किस करने लगा मेरा उनसे चिपके होने के कारण मेरा खड़ा लन्ड सीधा उनकी चुत्त से लग कर उनकी चुत्त को सलामी देने लगा।

उधर मेरी gf अब भी बेड पर लेट कर अपनी चुत्त को सहला रही थी मुझे उसकी बुआ से चिपका हुआ देख कर वो उठ कर आई और अपनी बुआ की चुत्त को जोड़ से मसलने लगी जिसका परिणाम यह हुआ कि उसकी बुआ जोर जोर से कामुक सीत्कार निकालने लगी और अब वो भी हमारे साथ मजे लेने लगी मैं उनको करीब 2 मिनट के अंदर सिर्फ ब्रा और पैंटी में छोड़ दिया वो काले रंग की ब्रा पैंटी पहनी थी जिसमे उनके 36 के चूचे और 40 की लन्ड खड़ा कर देने वाली गांड़ और वी ज्यादा सेक्सी लग रही थी।

फिर हम तीनो बेड पर लेट गए और लन्ड और चुत्त चुसाई का खेल स्टार्ट हो गया मैं gf की बुआ की चुत्त चूस रहा था जो उसकी बुआ बहुत मस्ती से चुसवा रही थी और धीमे स्वर में कामुक आवाज निकलने लगी।

मेरी जीएफ मेरा लन्ड चूस रही थी जिससे मैं आसमान परसैरकरने लगा था आपलॉग को बता दूं कि मैं और मेरी gf अक्सर सेक्स वीडियो देख कर सेक्स किया करते थे जिससे वो ब्लोजॉब देना सीख गई थी।

और gf की बुआ मेरी gf की चुत्त चाट रही थी और उससे पूछने लगीं कि इतना बड़ा और मोटा लुंड कैसे झेल ली थी पहली बार आप्लोग के लिए वो कहानी मैं फिर कभी लिखूंगा।

Desi Incest Sex Story – एक चुडक्कड़ परिवार की कहानी – 2

ये लन्ड और चुत्त चुसाई का खेल 20-25 मिनट तक चला फिर मैं झड़ गया और तब तक बुआ 2 बार झड़ चुकी थी। फिर हम तीनो 10 मिनट ऐसे ही लेटे रहे और थोड़ी देर बाद gf की बुआ ने मेरे लुंड को अपने मुंह में ले लिया और 5 मिनट तक मेरा लन्ड चूस कर खड़ा किया और मुझे kiss करते हुए कहा “इतना मस्त लन्ड सामने रख कर मुझे अब और मत तड़पाओ पेल दो इसे मेरी चुत्त मे ” मैं आपको बता दूं कि gf की बुआ की शादी उस वक्त तक नही हुए थी पर वो पहले से किसी और से चुद चुकी थी।

मैं उन्हें थोड़ा और तड़पने के लिए उन्हें मिशनरी पोजीशन में किया और चुत्त के दानों को चाटने लगा और वो मीठी व कामुक सीत्कार निकलने लगी।

5 मिनट बाद उनकी चुत्त में से प्रीकम निकलने लगा तो मैं और देर न करते हुए हटा कर लुंड सेट किया और धक्का लगा दिया और उन्हें चोदने लगा जिससे उनकी चीख निकलने वाली थी पर वो खुद पर काबू किया और कराहती हुई आवाज में बोली “धीरे कीजिए दमादजी” ये सुन कर मैं उन्हें और जोर से चोदने लगा और वो बहुत दर्द भरी कामुक सीत्कार करने लगी।

मेरी gf ने अपनी चूत्त उनके मुंह पर रगड़ने लगी। बुआ की चुदाई 20 मिनट मिसनर पोज में करने के बाद बुआ झड़ गई और मेरा भी होने वाला था तो मैं उनके चूचों पर बैठ गया तो मेरी gf की बुआ ने मेरे लन्ड को पकड़ कर अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी 1 मीन चाटने के बाद मैं बुआ के चेहरे पीआर ही झड़ गया और उनके चूचों पर ही बैठ कर अपनी gf को kiss करने लगा।

फिर 10 में बाद मेरा लन्ड लेटी हुई बुआ की मुंह पे लगा होने के कारण उन्होंने मेरा लन्ड चूसना शुरु कर दिया जिससे मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया में बुआ को डॉगी स्टाइल में होने को कहा तो वो तुरंत पोजीशन में आ गई।

मैं उनकी चुत्त और गांड़ को पीछे से चाटने लगा करीब 5 मीन चाटने के बाद मैं अपनी एक उंगली उनकी गांड़ में डाल दिया इस अचानक हुए हमले से वो चिहुंक गई और मेरा इरादा समझ कर मना करने लगी पर मैं तो काली पैंटी में उनके चूतड़ों को देख कर ही ठान लिया था की आज इनकी गांड़ जरूर मरूंगा।

मैं उनकी चुत्त को चाटते हुए उनके गांड़ मे अब 2 उंगली पेल दिया और gf को कहा की वैसलीन या तेल ले आए gf ने बोरोलिन ले आई और उनकी गांड़ मे घसते हुए मेरे लन्ड को चूसा और थोड़ा लुंड पर भी लगा दी।

मैं तैयार था उनकी गांड़ मारने को में अपना लुंड उनकी गांड़ पर सेट किया और धीरे धीरे अंदर बाहर कर के पहले थोड़ा रास्ता बना लिया अब उनका गांड़ थोड़ा खुल चुका था तो मैंने अपना लन्ड बाहर निकाला और फिर सेट किया और अपनी gf को कहा की बुआजी से अपनी चुत्त चतवालो तो उसने उनके मुंह पर अपना चुत्त रख दी।

बुआ उसकी चुत्त चाटने लगी तो मैंने मौका देख कर एक जोर का धक्का मार दिया जिससे मेरा लन्ड उनकी गांड़ में आधा घुस गया उनकी आंख से आंसू निकलने लगी मेरी gf ने उनके मुंह को अपनी चुत्त पर दबाए रखा जिससे वो चिल्ला नही सकी बीएस उंह उंह कर पा रही थी और एक हाथ पीछे कर के मुझे हटाने की कोशिश कर रही थी जिसमे वो असफल रहीं।

मैं रुका नही और लन्ड को बाहर खींचा और फिर पूरा दम लगा कर पूरा का पूरा लुंड उनकी गांड़ में पेल दिया जिससे वो बेहोश सी हो गई पर मैं रुका नही उन्हें पेलता रहा करीब 15 मिनट बाद वो फिर से दर्द भरी कामुक आवाज निकलने लगी करीब 20मिनट बाद मैं उनकी गांड़ में ही झड़ कर अपना लन्ड उनकी गांड़ के अंदर ही छोड़ कर उनके उपर ही लेट गया ।

करीब 20 मीन बाद मैं उठा और टाइम देखा तो 1 bj रहे थे मैं उनके उपर से हट कर देखा तो उनकी गांड़ खून से लतपत था।

में अपनी gf को उठा कर सोफा पर ले गया और उसे भी हचक कर चोद रहा था की बुआ उठी और मुझे kiss किया और बोली की मैं जानती हूं की तुमलोग हर week में 2-3 बार सेक्स करते हो मैंने तुमलोग को पिछले महीने से हर बार सेक्स करते देखती थी और अब से हर सप्ताह में एक बार मुझे जरूर चोदना मैं तुम लोगो के बारे में किसी को कुछ नही बताऊंगा और मेरे लौड़े को मेरी gf की चुत्त से बाहर निकाल कर 1 मिनट चूसी और एक kiss किया और i love you बोली और चली गई।

हम दोनों उनके जाने के बाद फिर सेक्स करने लगे और करीब आधे घंटे तक उसे अलग अलग पोजीशन में चोदा और 5 मिनट तक उसके मुंह में लुंड डाल कर उसके मुंह को बेरहमी से चोदा और उसके मुंह में ही झड़ गया।
हम सोफे पर ही लेटे थे तभी अचानक से मेरी gf ने मुझसे पूछ लिया की तुम्हे सेक्स में कौन पसंद आई मैं या बुआ जिसका जवाब में मैं उसे चिढ़ाने के लिए बुआ बोला और i love you बोल कर उसके माथे पर kiss किया और हम बेड पर सो गए।

करीब 2:30 घंटे बाद मुझे kiss किया गया जिससे मेरी नींद खुल गई और वो कोई और नही मेरी gf की बुआ थी उन्होंने मेरी जीएफ को भी उठाया और उसे बोली की मुझे दामादजी अच्छे लगे और मुझे टाइम बताया और घर जाने का बोला और मेरे लन्ड को kiss की तब तक मेरा लन्ड फिर से अपनी आकर में आने लगा था फिर दोनो ने मेरे लन्ड को चूस कर उसका वीर्य को बुआ ने अपने चुचियों पार गिराया जिसे मेरी gf और बुआ दोनो ने चाटा और बुआ bye बोल कर चली गई।

इसके बाद हम हर सप्ताह में एक दिन थ्रीसम सेक्स करने लगे और ये सिलसिला 1 साल तक चला फिर gf की बुआ की शादी हो गई है और वो अब वी मुझसे चुदाने के लिए बोल रही है आप लोग बताइए क्या अब मुझे उनके साथ सेक्स करना चाहिए या नहीं।

धन्यवाद ।

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माँ ने चुदवा लिया मुझसे – 3 https://sexstories.one/desi-mom-son-sex-kahani/ Fri, 17 Dec 2021 08:08:24 +0000 https://sexstories.one/?p=4998 मैंने खुद को राहत देने के लिए अपने हस्तमैथुन का सहारा लिया। तीसरे दिन बदल गई मेरी किस्मत! माँ ने आखिरकार मेरे रोमांटिक पक्ष को स्वीकार कर लिया...

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Desi mom son sex kahani – कहने की जरूरत नहीं है, हमारे पहले कमबख्त अनुभव ने हम दोनों के लिए एक पूरी नई दुनिया खोल दी। माँ ने हालांकि, हमारी पहली चुदाई के बाद भयानक अपराधबोध महसूस किया क्योंकि वह एक ही समय में अपनी शुद्धता और मातृत्व दोनों को खोने की चपेट में आ गई थी। वह अस्थिर थी और पिताजी के पास वापस जाना चाहती थी। मुझे इससे उबरने की कोशिश में बहुत समय लगाना पड़ा। मैं ज्यादा रोमांटिक होने लगा और प्रेमी से ज्यादा प्यार करने वाले बेटे की तरह व्यवहार करने लगा। अंत में वह दो दिनों के बाद शांत हो गई।

उन सभी दो दिनों में हमने कोई सेक्स नहीं किया। अगर मुझे अपनी माँ की योनी का स्वाद नहीं मिलता तो मैं शायद अपना पूरा जीवन बिना सेक्स के जी सकता। लेकिन उसके होने के बाद, मैं उसे और हर समय चाहता था! भले ही मुझे माँ के लिए खेद हुआ, लेकिन मेरी वासना को नियंत्रित करना कठिन था क्योंकि मैं हर समय उसके गर्म शरीर को देख रहा था। मैं मदद नहीं कर सकता था, लेकिन हर समय उसकी ओर देखता था और जब वह नहीं देख रही थी तो मेरे डिक को सहलाती थी। लेकिन मैं उसे अपने प्रेमी के रूप में स्वीकार करने के लिए दृढ़ था और मैं मूर्खतापूर्ण अभिनय करके अपनी योजनाओं को खराब नहीं करना चाहता था। इसलिए मैंने खुद को राहत देने के लिए अपने हस्तमैथुन का सहारा लिया। तीसरे दिन बदल गई मेरी किस्मत! माँ ने आखिरकार मेरे रोमांटिक पक्ष को स्वीकार कर लिया और मुझे अपने प्रेमी के रूप में स्वीकार कर लिया। मुझे नहीं पता था कि उस रात तक जब माँ ने पहली बार हमारे दोनों बिस्तरों को जोड़ा! मुझे यह देखकर खुशी हुई और सबसे अच्छी बात यह है कि माँ के चेहरे पर जो शर्मीला रूप था उसे मैं कभी नहीं भूल सकती। पहली रात अपने दूल्हे के पास दुल्हन का नजारा! वह रात हमारी पहली रात की तुलना में अधिक भावुक थी क्योंकि माँ की पारस्परिकता मुझे यौन परमानंद की नई ऊंचाइयों पर ले गई! पहली रात हम एक साथ नग्न सोए थे!

Part 2 – माँ ने चुदवा लिया मुझसे – 2

तब से जब भी हम अकेले होते हैं तो हमारे बिस्तर हमेशा एक साथ रहते हैं। और अब मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि मैं उसका स्थायी प्रेमी हूं। हमने अपने जननांगों को मिलाने का एक भी मौका नहीं छोड़ा। माँ को हमारे सेक्स की इतनी आदत हो गई कि उसने पिताजी के पास वापस जाने से इनकार कर दिया। दरअसल पापा को दो महीने बाद मेरे यहां आना था। वह एक रात अघोषित रूप से हमारे घर आया और आपने अनुमान लगाया! हम अपनी माँ और बेटे के पुनर्मिलन के बीच में थे। हमें दरवाजा खोलने में कुछ समय लगा क्योंकि माँ को तैयार होना था क्योंकि मैं अपने इरेक्शन से छुटकारा पाने के लिए बाथरूम गई थी। माँ ने दरवाजा खोला और पिताजी को वहाँ देखकर चौंक गई लेकिन उसने जल्दी से यह कहते हुए देरी को कवर किया कि वह सो रही है और सोचा कि रवि दरवाजा खोल देगा। पिताजी ने पूछा कि मैं कहाँ था और कहा कि मैं शायद शौचालय में हूँ।

जैसे ही मैंने पिताजी का अभिवादन करने के लिए अपना इरेक्शन ढीला किया, मैं मदद नहीं कर सका लेकिन हमारे कमरे में हमारे सेक्स की गंध आ रही थी। मुझे गंध से थोड़ा अजीब लगा क्योंकि इसकी उपस्थिति को समझाना मुश्किल है जहां एक मां और बेटा एक साथ रहते हैं। और दूसरी बात जब मेहमान माँ का पति हो। मुझे नहीं पता कि पिताजी ने इसे सूँघ लिया क्योंकि उन्होंने इसके बारे में कभी कुछ नहीं पूछा। माँ ने उसे सवाल पूछने में व्यस्त रखा क्योंकि मुझे लगा कि मैं अधूरा सेक्स से थोड़ा विचलित हूँ और माँ को हमारे काम को छिपाने की कोशिश कर रहा हूँ। मैं वास्तव में पिताजी को बाहर फेंकना चाहता था और माँ को वहाँ और वहाँ चोदना चाहता था! लेकिन मैंने नियंत्रित किया।

तब से, कहने की जरूरत नहीं है, मेरे लिए कोई माँ की योनी नहीं। मुझे वापस हस्तमैथुन का सहारा लेना पड़ा और वह भी बाथरूम में। तीन दिनों के बाद, मैं एक भूखे कुत्ते की तरह हो गया, अपनी माँ की प्यारी योनी को याद कर रहा था। मैं माँ की योनी के लिए बेताब हो रहा था और उसे पिताजी से दूर करने का अवसर की कभी खिड़की नहीं थी! मेरे हस्तमैथुन के बावजूद, मैं पागल होने लगा! हताश स्थितियों में हताश उपायों की आवश्यकता होती है! मैं अगले दिन कुछ नींद की गोलियां लेने के अलावा मदद नहीं कर सकता था ताकि पिताजी को अच्छी नींद आ सके। मैंने माँ को उन्हें अपने दूध में मिलाने के लिए मनाया जो वह हर रात सोने से पहले पीते हैं। हम सब बीच में डैड के साथ दोनों बेड मिलाकर सो गए और हम दोनों दोनों तरफ। लेकिन उस रात, जैसे ही नींद की गोलियों ने उस पर नियंत्रण किया, हम पिताजी को एक कोने में ले गए और हमने चुदाई की। माँ शुरू में झिझक रही थी लेकिन असली कुतिया बन गई क्योंकि उसे पता चला कि पिताजी गहरी नींद में हैं। संभवत: वह भी अपने पति के बगल में चोदने लगी क्योंकि वह गहरी नींद में है।

तब से, हम सुरक्षित रहने के लिए हर दूसरे दिन पिताजी को नींद की गोलियों का इस्तेमाल करते थे। एक हफ्ते के बाद माँ को मासिक धर्म हुआ, इसलिए हमें उन छह दिनों में कभी भी पिताजी पर गोलियों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ा। उसके पीरियड्स खत्म होने के बाद पिताजी शहर वापस जाना चाहते थे और माँ को अपने साथ जाने के लिए कहा। माँ ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वह मुझे कम से कम एक और महीने के लिए अकेला नहीं छोड़ सकती। पिताजी ने इसे कुछ समय के लिए स्वीकार नहीं किया और मुझे और माँ को उन्हें यह एहसास दिलाने के लिए कार्य करना पड़ा कि अगर माँ आसपास नहीं हैं तो मैं मुश्किल में पड़ जाऊँगा। पिताजी ने आखिरकार स्वीकार कर लिया और दो हफ्ते बाद हमें छोड़ दिया।

मेरे पास भी एक किस्सा है जो आपको बताना है जब वह भी चला गया था। जैसे ही वह शहर जा रहा था, हमने जाकर उसे बस स्टैंड पर विदा किया। बस 20 मिनट लेट थी और माँ बेचैन हो रही थी। शायद इसलिए कि माँ को अच्छी पैठ बनाए हुए एक सप्ताह से अधिक समय हो गया था। वह इंतजार नहीं कर सकती थी और पिताजी के बस के जाने से पहले निकल जाना चाहती थी। उसने सुरक्षा के प्ले कार्ड का इस्तेमाल किया। पिताजी ने अंत में कहा ठीक है और लेकिन मैंने माँ को उनकी बस के जाने तक प्रतीक्षा करने के लिए कहा। मैं यह सुनिश्चित करना चाहता था कि वह चला गया है। जैसे ही हम घर पहुंचे माँ ने खुद को उतारने के अलावा कुछ नहीं किया क्योंकि हमने एक गर्म भाप से भरा सेक्स किया था। उस रात हमारे पास कभी पर्याप्त नहीं था! हम दोनों लापरवाह सेक्स के मूड में थे और हमने पांच बार चुदाई की। हमें रुकना पड़ा क्योंकि हमारे गुप्तांग पूरी तरह से उखड़ गए थे क्योंकि हमें बहुत दर्द हो रहा था। माँ ने कहा कि उसने अपने जीवन में कभी भी एक ही रात में इतनी बार सेक्स नहीं किया और ऐसा लगता है कि उसने अपने पति को अपनी योनी दिखाने का मन किया और उसे बताया कि उसका बेटा उसके साथ अकेले में क्या करता है।

उस दिन से, माँ ने हमेशा मुझसे कहा कि जब पिताजी नहीं होंगे तो मैं उसे अपनी पत्नी के रूप में मान सकता हूँ। उसने कहा कि वह तभी मेरी मां बनेगी जब लोग आसपास होंगे। और मैंने भी उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया। पिताजी के जाने के एक महीने बाद माँ पिताजी के पास चली गई लेकिन वह हमेशा कहती थी कि वह मेरे साथ रहना पसंद करती है। तब से हम सब आगे-पीछे घूमते रहे लेकिन हमारे पास हमेशा सबसे अच्छा समय था जब माँ अकेले मुझसे मिलने आती थीं या जब पिताजी पर्यटन पर जाते थे।

मुझे अपनी माँ के साथ अपना नया रिश्ता शुरू किए हुए अब एक साल से अधिक समय हो गया है। मेरा कहना है कि मैं अब ज्यादा संतुष्ट हूं बेटा और मैं अपनी मां को पहले से भी ज्यादा प्यार करता हूं। मुझे यकीन नहीं है कि जब मेरी पत्नी होती है तो मैं भी ऐसा ही महसूस करता हूं, लेकिन मैं निश्चित रूप से अपने नियमित माँ-बेटे के रिश्ते की तुलना में माँ के लिए अधिक महसूस करता हूँ। माँ भी बहुत खुश है और वह अब हमारे रिश्ते के बारे में दोषी होने की बात नहीं करती है। वह कहती है कि वह पहले से कहीं ज्यादा खुश है और अपने जीवन में दोनों पुरुषों के साथ सोने से खुश है। वह कहती है कि उसका शरीर उसके पति और बेटे दोनों को सुख देने के लिए समायोजित हो गया है और उसकी योनी ने दो पुरुषों के लंड को समायोजित करना सीख लिया है।

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मामा की लड़की को घोड़ी बनाया.. https://sexstories.one/ghodi-bana-ke-choda-mama-ki-ladki-ko/ Wed, 15 Dec 2021 07:05:14 +0000 https://sexstories.one/?p=3467 उसने मेरी पेंट की ज़िप खोल कर मेरा लंड बाहर निकाला। और अपने मुहं मे भर लिया दोस्तो कसम ख़ाके कहता हूँ। क्या मज़ा आया मुझे और मैने कहा रूको अभी पहले देख लो कोई है तो नहीं फिर वो कमरे से बाहर गई...

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Ghodi Bana Ke Choda Mama Ki Ladki Ko – मेरी ये कहानी कहानी ही नहीं मेरी जिदगी का वो समय था जिसे में आज तक नहीं भुला पाया। दोस्तों मेरा नाम राहुल उम्र 23 साल लम्बाई 5’11 है। में उत्तराखंड का रहने वाला हूँ। बात उस समय की है जब में 12th मे पढ़ता था। और में छुट्टियों पर अपने मामा के घर पर गया हुआ था। मेरे मामा का परिवार बहुत बड़ा है।

परिवार के सभी लोग एक साथ रहते हैं। मामा का अपना खुद का व्यापार है। मामा के व्यापार में उनका बेटा भी साथ देता है। उनके साथ मे उनका बेटा भी जाता है। घर पर मेरी मामी और उनकी दो बेटीयाँ पलक और छाया और नाना नानी रह जाते हैं। छाया की उम्र 22 साल पलक की उम्र 18 साल की है। छाया की चूचियो का साइज़ पलक की चूचियो की साइज़ से कम है। पलक का फिगर होगा 34 28 34.. बड़ी चूची पतली कमर मोटी गांड बड़ी सेक्सी लगती थी। लेकिन में दोनो को कभी ग़लत नज़र से नहीं देखता था।

एक दिन की बात है जब मामी और छाया शॉपिंग करने बाहर गये थे और पलक को कह गये कि मेरा ख़याल रखे नाना नानी नीचे के कमरे में सो रहे थे। पलक अपने काम मे लगी थी स्कूल का और में वहाँ घर पर बहुत बोर हो रहा था। तो में उठा और उपर वाले कमरे मे चला गया। और में कुछ गाने सुनने लगा तब पलक भी मेरे पीछे उपर वाले कमरे मे आ गई वो कुछ किताबे ले कर आई। और मुझसे कुछ पूछने लगी उसने लाइट कलर की सलवार कमीज़ पहन रखी थी। और दरवाज़ा बंद करके मेरे पास बेड पर बैठ गई। में उसको देखता रह गया क्या लग रही थी वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी। इतने करीब से मैने उसको पहली बार देखा था।

इतने मे वो मुझसे बोली: भैया मुझे कुछ पूछना है। मैने कहा हाँ पूछो पलक बोली मुझे इसका उत्तर नहीं मिल रहा कुछ दिखाते हुए। वो किताब को बेड पर रख कर आगे की ओर झुकी तो उसकी कुरती ढीली होने के कारण उसकी मोटी मोटी चुचियो का उभर मुझे दिखा में देखता ही रह गया। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मेरा मन चाह रहा था की उसे पकडू और चोदू वो मुझे हिलाते हुए बोली भैया में कुछ कह रही हूँ। मैने कहा की कल में बताऊंगा आज मेरे सर मे दर्द है। तो उसने कहा लाओ में मालिश कर दूँ।

मैने मना किया तो उसने ज़बरदस्ती सर को पकड़ा और दबाने लगी। और कुछ समय के बाद मेरे दिमाग़ मे एक तरकीब आई मैने उसे कहा की तुम सामने बैठ कर पढ़ो। और में कांच की तरफ पीठ करके बैठ गया था। और मैने अपनी ज़ेब से मोबाईल निकाल कर उसमे ब्लू फिल्म चला दी। और में इस तरह बैठ गया की पीछे से शीशे मे उसको दिखे और मैने मोबाईल की अवाज बंद कर दी। मैने नोटीस किया की वो ये सब कुछ देख रही है। तभी पलक बोली भैया मोबाइल मे क्या कर रहे हो। मुझे भी दिखाओ वीडियो मैने कहा तुम अभी छोटी हो ये सिर्फ बड़े लोग ही देखते हैं।

Desi Incest Sex Kahani – माँ ने चुदवा लिया मुझसे

तभी पलक कहने लगी की मुझे दिख नहीं रहा क्या हो रहा है वीडियो मे फिर वो मेरे पास आकर बैठ गई। अब मैने मोबाईल की थोड़ी अवाज बड़ा दी और मोबाईल पर मैने गांड मारने वाला सीन चला दिया। वो कहने लगी भैया ऐसी वीडियो क्यों देखते हो। मैने कहा की मज़े के लिए तो वो कहने लगी। इसमे क्या मज़ा आता है उसमे लड़की रो रही है। दर्द से तुम्हे मज़े की सूझी है। मैने कहा नहीं पागल लड़की को भी मज़ा जब आता है तभी वो ऐसे करती है। तो पलक कहने लगी की अब अगर इसके बच्चा हो जाएगा तो। मैने कहा गांड मारने पर बच्चा नहीं होता है। वो ये सब देख कर गर्म हो चुकी थी। अब उससे रहा नहीं गया और तभी उसने मेरे पास आकर मेरे लंड को पकड़ लिया। और कहने लगी मेरी भी गांड मारो प्लीज भैया। फिर मैने उसको कहा ऐसे लंड थोड़ी ना घुस जाता है। गांड में पहले गांड को गीला करना पड़ता है। तभी पलक बोली में कर देती हूँ ना गीला बस आप तो लंड डाल दो।

फिर उसने मेरी पेंट की ज़िप खोल कर मेरा लंड बाहर निकाला। और अपने मुहं मे भर लिया दोस्तो कसम ख़ाके कहता हूँ। क्या मज़ा आया मुझे और मैने कहा रूको अभी पहले देख लो कोई है तो नहीं फिर वो कमरे से बाहर गई। और उसने देखा की सब सो रहे हैं कमरे मे वो आ गई और उसने दरवाजा अंदर से लॉक कर दिया। और तभी मैने उसे अपनी बाँहों मे भर कर उसके लिप्स अपने लिप्स मे भरकर उसका कुर्ता उतार दिया। और अब उसकी सलवार का नाड़ा खोल कर नीचे गिरा दी।

अब पलक अपने घुटनो पर बैठ कर मेरी पैंट नीचे खीँच कर मेरे लंड को पकड़ कर मुहं मे लेकर चूसने लगी। मैने उसकी ब्रा खोल दी आह दोस्तो वो मेरा पूरा लंड मुहं मे लेकर चूस रही थी। मैने उसे खड़ा किया और बेड पर लिप्स चूसते हुए उसे बेड पर लिटा दिया। और उसकी दोनो चुचियों को पकड़ लिया उसके बूब्स बहुत बड़े थे। और में उस पर चड़कर चूसने लगा और निप्पल को मुहं मे लेकर चूस रहा था। वो आह आह भैया चूसो आहै उईमाआ मज़ा आ रहा है कह रही थी। मैने थोड़ा नीचे आकर उसकी पेंटी को फाड़ दिया और दोनो पैरो को फैलाकर अब में उसकी चूत में एक उंगली डालकर आगे पीछे करने लगा और चूसने लगा वो आहैहा हा भैया चूसो प्लीज़ आहै आहै कर रही थी और मेरे मुहं मे ही झड़ गई और अब मैने उसको कहा क्या करू? तभी वो बोलने लगी चूत मे लंड मत डालना तो मैने कहा मेरा क्या होगा।

अब वो मुझसे बोली मेरी गांड मे अपना लंड डाल लो मैने कहा ठीक है मुझे लंड को चूत में लेने से डर लगता है। फिर उसको बेड से उठा कर जमीन पर लाकर के मैने उसे घोड़ी बनने को कहा। वो जल्दी से घोड़ी बन गई तभी मैने पीछे से आकर उसकी गांड के छेद को फैलाया। और उसे बहुत दर्द हुआ और मुझे भी तभी उसने कहा बेड के पास बॉक्स मे तेल है। तभी मैने तेल निकाल के कुछ अपने लंड पर लगाया और बाकी उसकी गांड के छेद पर लगा दिया था। मैने उसको गांड को फैलाने के लिए बोला उसने अपनी गांड अपने दोनो हाथो से फैला ली। तब मैने अपना 7 इंच के लंड का अगला हिस्सा उसकी गांड मे टिका कर एक हल्का सा धक्का दिया। अब लंड दो इंच अंदर गया था। वो ज़ोर से चीखी मरर गईइई मैने पीछे से उसका मुहं दबा दिया उसकी चीख दब गई थी।

फिर मैने थोडे समय रुकने के बाद जब वो शांत हो गई तब मैने पीछे से एक हाथ से उसका मुहं दबा दिया। और दूसरे हाथ उसकी चूची को भींच कर एक जोरदार झटका मारा मेरा पूरा लंड उसकी गांड मे समा गया। और उसकी गांड से थोड़ा खून निकल गया। और उसकी आँख से आँसू आ गये थे। और ऐसे ही बिना मुड़े हुए में हिला तक नहीं फिर उसने मेरा हाथ अपने हाथ से हटा कर बोली भैया चोदो अपनी बहन की गांड मारो मेरी चूत मुझे रंडी बना कर चोदो। तब में धीरे धीरे झटके मारते हुए अपनी स्पीड बड़ा दी।

दोस्तों आज मुझे जन्नत का मज़ा मिल रहा था। हर एक झटके मे अलग एहसास था। हम दोनों का दर्द से बुरा हाल हुआ उसकी गांड से अभी भी खून निकल रहा था। लेकिन मैने उसे नहीं बताया और फिर मैने अपनी स्पीड और तेज कर दी थी। क्योकि में कुछ देर के बाद में झड़ने वाला था। मैने उसकी गांड मे वीर्य निकाल दिया तभी पलक ने कहा की उसको वीर्य मुहं में लेना है। तभी मैने देर ना की और जल्दी से लंड को उसके मुहं में दिया अब वो लंड को चूस रही थी और बोली मैने पहले कभी लंड मुहं में नहीं लिया लेकिन आज मुझे लंड को चूसना अच्छा लगा।

हम दोनों उठे और साथ में बाथरूम में जाकर नहाए हमने वहाँ पर भी चुदाई की और बाहर आ गये। दोस्तों मैने छाया और पलक को एक साथ कई बार चोदा लेकिन जो मजा मुझे पलक की गांड में आया वो मुझे छाया और पलक की चूत में अभी तक नहीं आया वो दोनों इस चुदाई में हमेशा मेरा पूरा पूरा साथ देती थी। अब उन्हें बिना लंड लिये नींद नहीं आती और मेरी भी आदत हो गई। दोस्तों ये थी पलक और मेरी सच्ची कहानी थी।

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माँ ने चुदवा लिया मुझसे https://sexstories.one/maa-ne-chudwa-liya-mujhse/ Tue, 14 Dec 2021 08:02:14 +0000 https://sexstories.one/?p=4992 सारे सेक्स सीन दिखा रहे थे और पांच मिनट बाद मुझे और मां को थोड़ी बेचैनी होने लगी. मैंने माँ से पूछा कि क्या वह जाना चाहती है लेकिन उसने कहा कि अगर मैं चाहता हूँ! मैं बड़े पर्दे पर एक ब्लू फिल्म का मौका कैसे गंवा सकता हूं...

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Maa ne Chudwa liya Mujhse – मुझे हमेशा अपनी मां का सम्मान करना सिखाया गया। वास्तव में भारत में माताओं को भगवान से भी ऊंचा माना जाता है! इसलिए हम अपनी माताओं के प्रति बहुत सम्मान और निकटता रखते हैं। माताओं का भी अपने बेटे के साथ और पुरुष बनने के बाद भी बहुत करीबी रिश्ता विकसित होता है! वे अपने बेटे की पत्नी के प्रति भी बहुत सुरक्षात्मक हो जाते हैं।

मैंने हमेशा सोचा कि हर बेटे के लिए अत्यधिक सुरक्षात्मक माँ होना एक सामान्य बात है। लेकिन कुछ मनोविश्लेषण ग्रंथों को पढ़ने के बाद, मुझे पता चला कि भारतीय माताओं में ओडिपस कॉम्प्लेक्स का उलटफेर होता है। यानी माताएं अपने बेटों के प्रति भावनात्मक और यौन रूप से आकर्षित होती हैं। भारतीय माताओं की तुलना इतालवी और जापानी माताओं से भी की जाती है, जिनके अपने बेटे के साथ भी बहुत करीबी संबंध हैं। हालांकि वास्तविक जीवन में, यह सच हो भी सकता है और नहीं भी, क्योंकि हम अपनी माताओं की वास्तविक भावनाओं को नहीं जानते हैं।

लेकिन यह एक सिद्ध तथ्य है कि माताएं अपने बेटों को स्तनपान कराने में यौन आनंद लेती हैं। कुछ माताओं ने यह भी स्वीकार किया कि जब उनके बेटे उनके दूध से भरे स्तनों को चूस रहे थे, तब उन्हें कामोन्माद था। तो, वहाँ के सभी बेटों के लिए, हम सभी पहले ही आपकी माताओं के साथ यौन संबंध बना चुके होंगे और जब हम छोटे थे तब भी उन्हें संतुष्ट कर सकते थे!

मुझे स्वीकार करना होगा, मनोविश्लेषण को पढ़कर मैंने अपनी माँ को देखने का तरीका बदल दिया! अचानक वह मेरे लिए एक महिला बन गई। अब मैं उसका अधिक सम्मान करता हूं लेकिन मैं उसकी यौन प्रशंसा भी करता हूं। तब से मैंने उसके लिए यौन इच्छाएं पैदा कीं। हम पर्दे पर जितनी सेक्सी अभिनेत्रियों को देखते हैं, उससे कहीं ज्यादा वह मेरी वासना की वस्तु बन गई हैं। इसलिए जब भी मैं नग्न या कम पहने अभिनेत्रियों की तस्वीरें देखता हूं, तो मैं उन्हें अपने दिमाग में अपनी मां के साथ बदल देता हूं।

सच कहूं तो मेरी मां अभिनेत्रियों की तरह सेक्सी कुतिया नहीं हैं। वह 45 साल की हैं और एक गृहिणी के रूप में वह स्मृति ईरानी की तरह दिखती हैं। अब मैं आपको उसके शरीर की कल्पना करने दूँगा। यदि आप भारतीय माँ-घर-पत्नियों को उनके चालीसवें वर्ष में जानते हैं, तो आपने सूती साड़ी में लिपटी मोटी, रूखी और लटकी हुई कल्पना की होगी। ठीक ऐसी ही मेरी माँ है! लेकिन उसके पास एक महान और आकर्षक चेहरा है! लेकिन अगर आप उसके शरीर को देखें, तो वह एक सामान्य भारतीय माँ जैसी दिखती है; अच्छी तरह से गड़बड़ और बिस्तर पर इस्तेमाल किया, उसके पेट पर जन्म के बहुत सारे निशान हैं, और एक ऐसा चेहरा जिसने उसकी बढ़ती वासना को दबाना सीख लिया है।

हो सकता है कि वह आपको सेक्सी न लगे लेकिन वह मेरे लिए नॉकआउट है। मुझे यकीन है कि हर बेटा मेरे जैसा ही महसूस करेगा जब वे अपनी माँ को यौन इच्छा की वस्तु बना देंगे! मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि मुझे अपनी माँ के लिए यौन इच्छा है!

मेरी कहानी पर आने का समय! कहने की जरूरत नहीं है कि मेरी माँ का नाम करपगम है और मेरे पिताजी का नाम रामनाथन है! मैं उनका इकलौता बेटा हूं और मैं 23 साल का हूं। बूढ़ा है और मैंने अभी-अभी अपनी डिग्री पूरी की है और एक प्रशिक्षु के रूप में एक कंपनी में शामिल हुआ हूँ। मैं अपनी माँ के शरीर के लिए दो साल से अधिक समय से तरस रहा था और मैं हर रात उसके बारे में सोचकर हस्तमैथुन करता था। मैं लगातार उसे बहकाने के लिए एक मौके की तलाश में था लेकिन ऐसा करने की कभी हिम्मत नहीं हुई। ज्यादातर मेरे पापा की वजह से। मैं उसे चोट नहीं पहुँचाना चाहता था मुझे लगता है!

लेकिन मैंने कुछ ऐसा किया जो मेरे पापा कभी नहीं जान पाएंगे। मेरी माँ के गंदे कपड़े धोने की चोरी! हां! मेरी माँ हर दिन अपनी अंडरवियर बदलने के लिए काफी साफ-सुथरी हैं और मैंने हर दिन उनकी ताज़ा धुलाई का आनंद लिया। जब भी मैं उसे चोदना चाहता था, मैंने उसकी ब्रा, पैंटी और पेटीकोट चुराने की आदत बना ली। मैं उसके कपड़े अपने बिस्तर पर फैला देता था और उन पर हस्तमैथुन करता था। मैं उसकी ताज़ी इस्तेमाल की हुई जाँघिया और ब्रा जमा करता था और उसके पेटीकोट से अपना वीर्य भी मिटा देता था। मैं उन्हें अगली सुबह कपड़े धोने में वापस बदलने के लिए उपयोग करता हूं।

Desi Incest Porn – दो बार चुदाई एक रात में

कभी-कभी, मैं उसकी ताजी ब्रा, पैंटी और पेटीकोट भी चुरा लेता था और हस्तमैथुन के बाद उन पर अपना सह जमा कर देता था। जब वे पर्याप्त रूप से सूख जाते थे तो मैं उन्हें उसके ताजे कपड़ों में बदल देता था और उसे अपने सह भरे हुए कपड़े पहने देखने में मज़ा आता था। मैं अपने आप को इस तरह संतुष्ट करता था, कि कम से कम मेरा सह मेरी माँ के स्तनों और उसकी चूत को छू रहा है।

मेरी किस्मत बदल गई क्योंकि मेरा तबादला एक कस्बे में हो गया और यह हलवा के लिए बहुत प्रसिद्ध है। मेरे पिताजी और माँ ने फैसला किया कि मेरी माँ मेरे साथ आएगी। मैंने कभी भी इस फैसले को खारिज नहीं किया क्योंकि मैं अपनी मां को अकेले पाने के लिए उत्सुक था। एक साल पहले हम अप्रैल में वहां गए थे। गर्मी का समय है और बहुत गर्मी थी! हमने एक बेडरूम का घर किराए पर लिया। हम अपने साथ दो सिंगल गद्दे ले गए, जो हम एक ही कमरे में उन पर सोते थे। कहने की जरूरत नहीं है कि मैं पहले दिन से ही अपनी मां को चोदने का मौका ढूंढ रही हूं।

मौका तब आया जब मेरी मां एक शाम फिल्म देखना चाहती थीं। मैं 6 बजे के शो के लिए नहीं जा सका इसलिए हम 9 बजे के शो में गए। यह एक पारिवारिक फिल्म मानी जा रही थी लेकिन अचानक फिल्म के बीच में उन्होंने एक ब्लू फिल्म दिखानी शुरू कर दी। चूंकि हम इस शहर में नए थे, हमें उस थिएटर के बारे में पता नहीं था जो रात के शो के दौरान वयस्क बिट्स दिखाता है। यह एक धोखेबाज पत्नी की कहानी थी। वे सारे सेक्स सीन दिखा रहे थे और पांच मिनट बाद मुझे और मां को थोड़ी बेचैनी होने लगी. मैंने माँ से पूछा कि क्या वह जाना चाहती है लेकिन उसने कहा कि अगर मैं चाहता हूँ! मैं बड़े पर्दे पर एक ब्लू फिल्म का मौका कैसे गंवा सकता हूं और अपनी मां को ललचाने का एक संभावित मौका कैसे गंवा सकता हूं? मैं वापस बैठ गया और हमने देखा। मुझे पता है कि वह सेक्स सामग्री देखना पसंद करेगी क्योंकि मैं उसे देर रात टीवी पर देर रात की फिल्में देखता था। पैंतालीस मिनट के गर्म भाप से भरे सेक्स दृश्यों और धोखेबाज पत्नी को पांच से अधिक लोगों द्वारा चोदने के बाद, उन्होंने सामान्य फिल्म को फिर से शुरू किया।

जब फिल्म खत्म हुई तो मेरा दिमाग सेक्स सीन से भर गया था जो मैंने देखा था और मैं पूरी तरह भूल गया था कि असली फिल्म क्या थी। तब मैंने देखा कि हमारे आस-पास बहुत सारे जोड़े थे और वे सभी हमें अजीब तरह से देख रहे थे जब हम एक साथ बाहर निकले। जैसे ही हम घर आए, मैंने और माँ ने एक-एक मिनट ही बात की। हम घर आए, कपड़े बदले और माँ ने हमारे बिस्तर खोये हुए मोड में ठीक कर दिए। जैसे ही मैंने दरवाजे बंद किए और बेडरूम की लाइट बंद की, मैं माँ के नग्न मिड्रिफ मांस और चुतड़ को देखने के अलावा कुछ नहीं कर सका।

to be continued…

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माता-पिता बनने के लिए एक जोड़े की मदद की https://sexstories.one/maata-pita-banane-ke-liye-ek-jode-kee-madad-kee/ Tue, 14 Dec 2021 07:24:37 +0000 https://sexstories.one/?p=4975 मैं बड़े उत्साह के साथ उनके मास्टर बेडरूम की ओर चल पड़ा और वह बिस्तर पर बैठी थी। वह थोड़ी नर्वस भी थी। मैं बस अंदर गया और उसके पास बैठ गया और बातचीत शुरू कर दी...

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Couple sex story – नमस्कार दोस्तों, मैं दक्षिण भारत का एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति हूं। मैंने कुछ डेटिंग साइट में एक विज्ञापन दिया कि मैं असंतुष्ट महिलाओं, विधवाओं और निःसंतान दंपत्ति को माता-पिता बनने में मदद करना चाहता हूं। कुछ दिनों के बाद मुझे बैंगलोर के एक मारवाड़ी जोड़े सचिन और श्रद्धा (असली नाम नहीं) से जवाब मिला और उन्हें माता-पिता बनने के लिए मेरी मदद की जरूरत थी। वह एक बड़ी कंपनी में आईटी कर्मचारी है और वह एक होम मेकर है। उनकी शादी को छह साल हो चुके थे और अभी तक कोई बच्चा नहीं है।

उन्हें एक बच्चे की बहुत सख्त जरूरत थी। कोई बच्चा हो या बच्ची, उन्हें एक बच्चे की बहुत सख्त जरूरत थी। दंपति के पति ने बताया कि उन्हें एक मेडिकल समस्या है जिसके कारण वह अपनी पत्नी को गर्भवती नहीं कर सकते हैं और वे आईवीएफ नहीं कर सकते क्योंकि यह एक महंगा मामला है जिसे वे बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने सोचा कि उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति की मदद मिलेगी और दंपति की महिला गर्भवती होने के लिए स्वाभाविक रूप से एक/दो बार सेक्स करेगी। जब उन्हें इस तरह का विचार आ रहा था तो उन्होंने मेरा विज्ञापन देखा और उन्होंने मुझे जवाब दिया।

मैंने भी उन्हें जवाब दिया कि मैं वास्तव में इस संबंध में उनकी मदद कर सकता हूं और उन्हें यह पूरी तरह से गुप्त और गोपनीय रखना होगा। वे भी यही चाहते थे और मुझे कुछ निर्देश दिए कि इसे कैसे निष्पादित किया जाना है। मेरी पुष्टि से पहले, उन्होंने मेरी शक्ति के बारे में भी पूछा। मैं शर्मीला नहीं था, मैंने अपनी बेटी की तस्वीरें साझा कीं। मेरी बेटी की फोटो देखकर वे बहुत खुश हुए क्योंकि वह एक गुड़िया की तरह है और एक छोटी परी की तरह दिखती है। मेरी बेटी की तस्वीर देखने के बाद, दंपति वास्तव में खुश थे और उसी तरह के बच्चे की उम्मीद कर रहे थे। मैंने अपनी तरफ से पुष्टि दी और वे भी आगे बढ़ने के लिए तैयार थे।

हम दोनों आपसी शर्तों पर सहमत हुए हैं कि हमें जीवन में कभी भी एक दूसरे से नहीं मिलना चाहिए और यह हमेशा के लिए गुप्त रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह अफेयर अँधेरे में होगा और हमेशा अँधेरे में रहेगा।

दंपति के पति ने मुझे समय-समय पर निर्देशों का पालन करने के लिए कहा क्योंकि यह उनकी पत्नी को गर्भवती करने का एक जोखिम मुक्त तरीका था। मैंने उससे फिर से पुष्टि की कि उसकी पत्नी ने भी उसे इसके लिए स्वीकार किया था या नहीं। उसने मुझे पुष्टि की कि उसने अपनी स्वीकृति दे दी है क्योंकि वह एक महीने को याद करने के लिए बहुत उत्सुक है क्योंकि वह वास्तव में एक निःसंतान दंपति के रूप में अपने परिवार और अपने पति के परिवार के दबाव को सहन नहीं कर सकती है। उन दोनों ने मुझे बताया कि जीवन को खुशहाल बनाने के लिए उनके लिए एक बच्चा पैदा करना उनका सपना बन गया है और इसे हासिल करने के लिए उन्हें मेरी मदद की जरूरत है। मैंने उन्हें अपनी पूरी सहमति दी क्योंकि मुझे विश्वास है कि मैं एक असहाय जोड़े के लिए अच्छा काम कर रहा हूं और उनके जीवन को कुछ खुशियों से भर रहा हूं।

फिर ऐसे ही चल पड़ा….

सचिन ने मुझे 2 दिन के लिए उनके घर बंगलौर आने के लिए कहा और अगर कोई नोटिस करेगा तो वे मुझे अपनी पत्नी के चचेरे भाई के रूप में पेश करेंगे।

Couple sex story – शादी के बाद लडको से चुदाई के मजे लिए

वे 2 दिन उसके मासिक धर्म के 13-14 दिन होंगे जो गर्भाधान के लिए उपजाऊ दिन होंगे। उन्होंने मुझे तारीखें बताईं और मैंने बंगलौर जाने के लिए उन 2 दिनों की छुट्टी ली। सौभाग्य से 2 दिन सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) पर आ रहे थे। मैं शनिवार की सुबह तय किए गए अनुसार बैंगलोर में उतरा और मैं उनके द्वारा बुक की गई कैब में उनके घर गया। यह 2 बीएचके का फ्लैट था और उन्होंने मेरा बहुत अच्छे से स्वागत किया और वह महिला बिल्कुल सुंदर थी। वह एक हिंदी फिल्म की नायिका की तरह दिखने वाली एक पूर्ण मारवाड़ी सुंदरता थीं। मैं उनसे बात कर रहा था और अंतराल में उसकी जाँच कर रहा था। उसने लेगिंग और टॉप पहना था और अंदर कोई इनर नहीं था। उसके स्तन नाच रहे थे और मेरा लंड भी अंदर नाच रहा था और वह मुस्कुरा रही थी जैसे समझ रही हो। दंपति के पति ने मुझे रात तक इंतजार करने और आराम करने को कहा। मैंने दोपहर का भोजन किया और आराम किया और शाम को उठा। शाम को मुझे चाय दी गई और मुझे उनका एल्बम दिया गया।

मैंने उनकी शादी और ऊटी और मैसूर के दौरे की तस्वीरें चेक कीं। वह अपने सभी परिधानों में तेजस्वी सौंदर्य थी और मैं बिना वेशभूषा के सोच रहा था कि वह कितनी सुंदर होगी। मैं उसकी सुंदरता का आनंद लेने के लिए थोड़ी तेजी से आगे बढ़ने के लिए प्रार्थना कर रहा था। सचिन वहां आए और मुझसे बातें करने लगे और बताया कि उनकी शादी कैसे हुई और बैंगलोर में उनका जीवन कैसा रहा है, उनके कंधों पर उनके घर में एक बच्चे के लिए कितना दबाव है क्योंकि उनकी शादी 6 साल पहले हुई थी। उसे अपनी नपुंसकता पर थोड़ा दुख हुआ और उसने बताया कि उसकी नपुंसकता उसकी पत्नी के लिए अभिशाप नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आईवीएफ के लिए भी प्रयास किया जो बैंगलोर में बहुत महंगा था और वे इसे वहन नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने आईवीएफ के लिए जाने के बजाय यह कदम उठाने का फैसला किया। उन्होंने मेरी मदद के लिए सामने आने के लिए मुझे धन्यवाद दिया। उसने कहा कि लगभग 9 बजे वह घर से बाहर निकलेगा और 11 बजे आएगा और वह समय हमारे लिए पर्याप्त होना चाहिए क्योंकि उसकी उपस्थिति उसकी पत्नी को स्वतंत्रता नहीं दे सकती है। उनकी भी यही राय थी। जल्द ही रात के 9 बजे का समय हो गया और वह फिर से मेरे कमरे में आया और मुझसे कहा कि वह बाहर जा रहा है और मुझे सारी शुभकामनाएं दीं। मैंने उसे खुश रहने के लिए बधाई दी। सब कुछ ठीक हो जाएगा। उसने मुझे बताया कि उसकी पत्नी अपने बेडरूम में मेरा इंतजार कर रही है और बाहर चली गई।

मैं बड़े उत्साह के साथ उनके मास्टर बेडरूम की ओर चल पड़ा और वह बिस्तर पर बैठी थी। वह थोड़ी नर्वस भी थी। मैं बस अंदर गया और उसके पास बैठ गया और बातचीत शुरू कर दी। मैंने उससे कहा कि वह हिंदी हीरोइनों की तरह बहुत खूबसूरत है। मैं उसकी सुंदरता की बहुत प्रशंसा कर रहा था ताकि वह मानसिक और शारीरिक रूप से भी खुल सके क्योंकि मुझे पता था कि एक शानदार मैथुन के लिए मानसिक तैयारी एक मजबूरी है। मैंने कहा कि वह अपनी शादी की सभी तस्वीरों में और उनके दौरे की तस्वीरों में भी बहुत खूबसूरत थी। उसका पति एक भाग्यशाली व्यक्ति है जिसके पास ऐसी सुंदरता है। उसके पति ने अपने पिछले अवतार में बहुत अच्छे काम किए होंगे जिसके कारण उसे इतनी सुंदर पत्नी मिली। यह कहकर मैंने उसका हाथ अपनी हथेली में लिया और उसे किस कर लिया। उसने मेरा चुंबन लिया और अपना हाथ केवल मेरे हाथ में रखा। मैंने उसके दोनों हाथों पर करीब 20 किस किए। उसने अपनी आँखें बंद कर लीं और मेरे चुंबन का आनंद ले रही थी।

to be continued…

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भाभी और उसकी सहेली रीना https://sexstories.one/bhabhi-aur-uski-saheli-rina-ki-mast-chudai/ Sat, 04 Dec 2021 06:32:44 +0000 https://sexstories.one/?p=3367 मुझसे अब रहा नहीं गया और में उसके मुँह में झड़ गया, उसने चूस चूसकर मेरा सारा वीर्य पी लिया, आअहह मेरी तो जैसे जन्नत की सैर हो गयी। फिर उसने अपना चेहरा साफ किया और बाहर जाने लगी...

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Bhabhi Aur Uski Saheli Rina Ki Mast Chudai – मेरा नाम आशीष है और में चंडीगढ़ में किराए से एक रूम लेकर रहता हूँ। दोस्तों मेरी उम्र 41 साल और में शादीशुदा हूँ, लेकिन मेरी पत्नी हिमाचल के एक छोटे से गावं में रहती है और में यहाँ पर रहकर अपनी एक प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करता हूँ। मेरे पड़ोस वाले रूम में एक बहुत सेक्सी भाभी रहती है, उनका नाम रिचा है और उनकी उम्र लगभग 32 साल के आसपास होगी, लेकिन वो फिर भी दिखने में बहुत हॉट, सेक्सी है और उनके चेहरे से उनकी उम्र का अंदाजा नहीं लगता और उसके फिगर का साईज़ 34-30-36 है, उनका वो भरा हुआ बदन, मोटी गांड और बड़े बड़े बूब्स..

में जब भी देखता तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था, हालाँकि बिल्कुल पास वाले कमरे होते हुए भी में उनसे शुरू शुरू में ज्यादा बात नहीं करता था, लेकिन में कभी कभी उसकी मटकती हुई गांड, झूलते हुए बड़े बड़े बूब्स के मज़े जरुर लेता था। फिर जब वो कपड़े धोती या झाड़ू लगाती तो उसके बड़े बड़े बूब्स उछल उछलकर ब्रा से बाहर आने को तैयार हो जाते थे और उसका यह नज़ारा देखकर मैंने कई बार मुठ मारी, लेकिन डर की वजह से मेरी कभी उन्हें छूने की हिम्मत नहीं हुई, में बस उन्हें दूर से देखकर मज़े लेता था।

एक दिन मेरे ऑफिस की छुट्टी थी तो में सुबह देर से उठा और सीधा ब्रश करने वॉशरूम की तरफ़ चला गया। मैंने देखा कि वो उस समय वहाँ पर बैठकर कपड़े धो रही थी और झुककर कपड़े धोने की वजह से उनके आधे आधे बूब्स बाहर आ रहे थे। फिर में भी वहाँ पर जाकर पास ही खड़ा होकर ब्रश करने लगा और उस नज़ारे के मज़े लेने लगा। कुछ देर खड़े रहकर मज़े लेने के बाद अब मुझे पानी चाहिए था, लेकिन नल के नीचे उनकी बाल्टी लगी हुई थी। फिर वो समझ गई और जैसे ही वो अपनी बाल्टी को उठाने के लिए झुकी तो मुझे उसके झूलते, लटकते हुए पूरे बूब्स के दर्शन हो गये और मेरा लंड वो सब देखकर एकदम तनकर खड़ा हो गया। मैंने उस समय लोवर पहन रखा था और उसमें मेरा लंड खड़ा होकर पूरा टेंट बन गया, उसको शायद उसने भी देख लिया था। फिर उसने मुझसे पूछा कि आपका घर कहाँ है?

मैंने कहा कि हिमाचल और वो मुझसे कहने लगी कि हिमाचल से ही है। फिर हमारे बीच थोड़ी देर बहुत इधर उधर की बात हुई और उसके बाद में अपने कमरे में चला गया और फिर में खाना ख़ाकर और उसके नाम की मुठ मारकर सो गया। फिर उसके बाद से हमारे बीच धीरे धीरे थोड़ी बहुत बातें होने लगी। फिर एक बार उसने मुझसे पूछा कि क्यों तुम्हें कभी अपनी बीवी की याद नहीं आती क्या? तो मैंने भी हंसते हुए कहा कि भाभी क्या करूं आती तो बहुत है? और अब शादीशुदा होते हुए भी मुझे मजबूरी में इतनी सर्दियों में अकेला सोना पड़ता है तो भाभी हँसने लगी और बोली कि इसमें क्या है, तुम अपनी वाईफ को भी यहाँ पर ले आओ? फिर मैंने कहा कि जब तक में पूरी तरह से सेट नहीं हो जाता तब तक उसे यहाँ पर लाना बहुत मुश्किल है।

भाभी : तो क्या हुआ यहाँ कोई सहेली बना लो।

में : अब हमे लड़कियाँ पटाने का टाईम मिलता ही कहाँ है? और वैसे भी लड़कियाँ हम जैसे शादीशुदा लोगों में कम रूचि लेती है भला वो हम शादीशुदा से बात क्यों करने लगी?

भाभी : (शरारती मुस्कान के साथ मुझसे बोली) तो क्या हुआ तुम भी कोई अच्छी सी शादीशुदा सहेली देखकर पटा लो यहाँ कौन सी कमी है?

फिर मैंने कहा कि बात तो आप एकदम सही कह रही है, लेकिन मेरे पास इतना टाईम ही नहीं होता और आप ही अपने जैसी अपनी कोई एक सहेली से मेरी सेटिंग करवा दो। अब भाभी मुस्कुराने लगी और बोली कि मेरे जैसी ही क्यों? फिर मैंने कहा कि मेरी नई सहेली आपकी तरह सुंदर, अनुभवी भी तो होनी चाहिए तभी तो मज़ा आएगा। फिर भाभी मुझसे पूछने लगी कि कैसा मज़ा? तो मैंने कहा कि आप तो मुझसे ऐसे अंजान बनकर पूछ रही हो जैसे आपको कुछ पता ही नहीं।

फिर भाभी ज़ोर से हँसने लगी और वो किसी काम से अपने रूम में चली गई और अब मुझे लगा कि मेरी लाईन साफ है और में भी अब उसके साथ थोड़ी बहुत डबल मतलब की बातें करने लगा और वो भी जानबूझ कर बिल्कुल अंजान बनकर पूरे मज़े लेती थी। एक दिन मैंने उनसे पूछा कि क्यों भाभी क्या आपने मेरी बात कहीं चलाई? तो वो मुझसे बोली कि जो भी मेरी दोस्त मेरे पास आती है तो तुम देखकर बता देना कौन सी ठीक है, में सेट करा दूँगी। फिर मैंने कहा कि वो भाभी में कल ही आपको बता देता हूँ। दोस्तों वैसे तो मैंने उनकी दोस्त को देखा नहीं था और अगले दिन में बाथरूम में नहा रहा था तो भी भाभी वहाँ पर पास में आ गई और ज्यादातर समय में दरवाज़ा बंद नहीं करता, क्योंकि में अंडरवियर पहनकर ही नहाता हूँ।

अब भाभी बाथरूम के बाहर बाल्टी में कपड़े भिगोने लगी और चोरी चोरी तिरछी निगाहों से मुझे देखने लगी और उसको ऐसे घूरते हुए देख सर्दियों के दिनों में भी ठंडे पानी से नहाते हुए मेरा लंड खड़ा हो गया और में अपने लंड पर रगड़ रगड़कर साबुन लगाने लगा, लेकिन मेरा हाथ मेरी पीठ तक नहीं पहुँच रहा था और यह देखकर वो मुझसे बोली कि क्या हुआ आशु हाथ नहीं पहुँच रहा क्या? मैंने कहा कि नहीं भाभी वो बोली कि में लगा दूँ क्या और हँसने लगी? फिर मैंने कहा कि नेकी और पूछ पूछ, प्लीज लगा दो। फिर वो बोली कि में तो मज़ाक कर रही थी, नहीं कोई देख लेगा।

Desi Group Sex Story पति के पीठ पीछे, मीनू अपने बेस्ट फ्रेंड से चुद रही गई

फिर मैंने कहा कि हम दरवाजा बंद कर लेंगे, वो तुरंत अंदर आ गई और दरवाज़ा बंद कर दिया और साबुन लेकर मेरी पीठ पर लगाने लगी, वाह क्या मजा आ रहा था, मुझे लगा वो भी गरम हो गयी है इसलिए बड़े प्यार से सहला रही थी, लेकिन मुझे सीधा हाथ डालने में डर लग रहा था। फिर मैंने भाभी से पूछा कि आप कैसे नहाती हो आपके हाथ भी पीठ पर नहीं पहुंचते होंगे? तो वो बोली कि हाँ मैंने कहा कि आपने मेरी मदद की है और में आपकी मदद कर देता हूँ, आपकी पीठ पर साबुन लगा देता हूँ और बाकी आप खुद नहा लेना। फिर वो शरमाते हुए बोली कि नहीं। फिर मैंने बोला कि कोई बात नहीं भाभी में लगा देता हूँ और वो ज्यादा  मना करते हुए बोली कि ठीक है तुम अपना मुँह दूसरी साईड करो। फिर मैंने अपना मुहं दूसरी तरफ कर लिया। फिर उसने अपनी कमीज़ खोली और मेरी तरफ पीठ करके बैठ गयी और फिर मुझसे बोली कि लगाओ और में जैसे मुड़ा वाह क्या सीन था? में उसकी नंगी पीठ और सफेद ब्रा की डोरी देखकर पागल हो गया और में उसकी पीठ पर साबुन लगाने लगा। उसने आँखे बंद कर ली और में उसकी पीठ सहलाने लगा।

फिर कुछ देर बाद मैंने उनसे कहा कि भाभी आपकी ब्रा की डोरी दिक्कत कर रही है। फिर उसने तुरंत बोला कि खोल दो और मैंने जल्दी से उसकी ब्रा को खोल दिया और उसने अपने बूब्स पर हाथ रख लिए। अब उसकी सलवार पूरी तरह भीग गयी थी और पैरों से चिपक गयी थी और जिसकी वजह से उसकी काली कलर की पेंटी साफ साफ दिख रही थी और मेरा लंड बिल्कुल टाईट हो गया था और में साबुन लगते हुए उसके पेट पर हाथ घुमाने लगा और उसकी नाभि को सहलाते हुए में उसके बूब्स की तरफ अपना हाथ ले गया जो उसने अपने हाथों से ढक रखे थे। फिर मैंने पीछे से सलवार के अंदर हाथ डाल दिया और में उसके गोल गोल चूतड़ को मसलने लगा और वो सिसकियाँ लेने लगी और मेरे हाथ पकड़कर बाहर निकालने लगी। जैसे ही उसने मेरा हाथ पकड़ने के लिए अपने बूब्स से हाथ हटाया तो मैंने उसके बूब्स पकड़ लिए और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और अपना लंड अंडरवियर से बाहर निकालकर उसकी पीठ पर रगड़ने लगा और वो मोनिंग करते हुए अभी भी हटाने लगी।

भाभी : आशु प्लीज यह सब मत करो, आहह।

में : ( में उसके बूब्स मसलते हुआ गर्दन पर किस करते हुए) भाभी इस दिन का तो मुझे कई दिनों से इंतज़ार था तो में ऐसे कैसे इस मौके को अपने हाथ से जाने दूंगा।

अब भाभी बिल्कुल गरम हो गई थी, उसने भी अपने हथियार डाल दिए और खड़ी होकर मुझसे चिपक गई और मेरे होंठो को अपने होंठो से चूसने लगी। फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया। दोस्तों भाभी क्या सेक्स की देवी लग रही थी, उसका वो भीगा बदन। वो अब सिर्फ़ काली कलर की पेंटी में खड़ी थी, उसके गीले बाल उभरे और कसे हुए बूब्स गोल गांड, हम दोनों बस मदहोश होकर एक दूसरे को अपनी गरमी दे रहे थे। अब मैंने उसकी पेंटी को भी खोल दिया और मैंने देखा कि उसकी काली झांटो से चूत पूरी तरह ढकी हुई थी। फिर मैंने उसकी झांटो को एक साईड किया और अपनी उंगली को उसकी चूत में डाल दिया तो वो एकदम से तड़प उठी और मेरे लंड को पकड़कर दबाने लगी, जितनी स्पीड से में उसकी चूत में उंगली डाल रहा था उतनी स्पीड से वो मेरे लंड को हिला रही थी। फिर वो मेरे आगे झुक गयी और मेरे लंड को चाटने लगी। दोस्तों वो बिल्कुल ब्लूफिल्म की तरह मेरा लंड चाट रही थी और फिर वो मेरा पूरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और इतनी देसी भाभी को लंड चूसते देख में बिल्कुल हैरान हो गया।

फिर मैंने उनसे पूछा कि क्यों भाभी कभी अपने पति का चूसा है? तो वो बोली कि नहीं। फिर मैंने कहा कि इतनी अच्छी तरह कैसे चूस लेती हो? फिर वो बोली कि मैंने अपने फोन पर चोरी से ब्लूफिल्म देखी है और मुझे बहुत दिल करता था किसी का लंड चूसने का, लेकिन में अपने पति के सामने इतनी खुलकर कह नहीं सकती और आज मुझे यह मौका मिला है। फिर मैंने कहा कि आआहह भाभी चूसो आज पूरी कर लो अपनी सब इच्छाए, वो पूरा मन लगाकर चूस रही थी, उसने मेरे लंड पर थूका और उसे अपनी जीभ से मेरे लंड पर गोल गोल घुमाने लगी और में सच में बिल्कुल हैरान था और में अब इतना उत्तेजित था जैसे कोई चुदाई का भूखा हो। अब वो मेरा लंड पूरा गले तक ले रही थी। दोस्तों वाह क्या नज़ारा था? फिर मेरी नज़र उसकी चूत पर पड़ी और मैंने कहा कि बस भाभी चोदने दो। अब वो मुझे शरारत भरी नज़र से देखती हुई मेरा लंड चूसती रही। फिर मैंने ज़बरदस्ती उसे वहाँ से हटाया और उसे वाशबेसिन पकड़कर घोड़ी बना दिया और वो अपनी गांड को हिलाते हुए मेरे लंड को अपनी चुदाई करने की दावत दे रही थी।

फिर मैंने उसकी कमर को पकड़कर उसकी चूत पर लंड रखा और उसने अपने एक हाथ से मेरा लंड अपनी चूत पर सेट करते हुए पीछे से धक्का मारा, आअहह क्या गरम चूत थी, मेरा आधा लंड अंदर घुस गया तो वो थोड़ी सी चीखी और उसने दूसरा धक्का मारा और मेरा पूरा लंड अपनी चूत के अंदर ले लिया और रुक गयी। दोस्तों अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मैंने उसकी गांड को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा और भाभी आहह आईईईइ उह्ह्ह्हह्ह मेरे राजा चोद मुझे फाड़ दे आज अपनी भाभी की चूत को और ज़ोर से धक्का मार आह्ह्ह्हह हाँ और थोड़ा अंदर डाल उह्ह्ह्ह।

अब में दनादन लंड उसकी चूत में डाल रहा था और उसके बूब्स ज़ोर ज़ोर से हिल रहे थे और वो भी पूरे मज़े लेकर मुझसे चुदवा रही थी और सिसकियाँ लेते हुए बड़बड़ा रही थी, ऊह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह आशु डाल अपना पूरा लंड मेरी चूत में आह्ह्ह चोद और फिर वो गालियाँ बकने लगी साले चोद भाभीचोद। में करीब दस मिनट तक लगातार उसे चोदता रहा और अब भाभी की चीखने, चिल्लाने की आवाज़ तेज होने लगी और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी आअहह और उसके पैर अकड़ गए और वो मेरे लंड को अपनी चूत से भींचने लगी तो में समझ गया कि भाभी झड़ रही है। फिर मैंने और तेज धक्के मारने शुरू कर दिए और फिर भाभी झड़ गयी और मेरा लंड पूरा गीला हो चुका था। फिर मैंने कहा कि भाभी क्या में अंदर ही निकाल दूँ? तभी वो एकदम से हटी और उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी और बोली कि मुझे तेरा माल पीना है और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी।

मुझसे अब रहा नहीं गया और में उसके मुँह में झड़ गया, उसने चूस चूसकर मेरा सारा वीर्य पी लिया, आअहह मेरी तो जैसे जन्नत की सैर हो गयी। फिर उसने अपना चेहरा साफ किया और बाहर जाने लगी, लेकिन मेरा मन अभी भी भरा नहीं था तो मैंने कहा कि भाभी अब मेरे रूम में चलो तो वो भी तुरंत समझ गई कि अभी भी उसकी और चूत घिसाई होनी है और उसने अपनी कमीज़ पहनी सलवार तो गीली थी तो कमीज़ पहनकर ही मेरे रूम में भागती हुई पहुंच गई। मैंने भी टावल लपेटा और उसके पीछे रूम में पहुँच गया।

फिर मैंने अंदर जाते ही दरवाज़ा बंद कर दिया और भाभी से बाथरूम में मज़ा लेने के बाद अब में उसे बेड पर चोदना चाहता था, लेकिन हम दोनों इतने गर्म हो चुके थे कि मैंने उसे वही दीवार से चिपका दिया। अब में उसके हाथ पकड़कर उसे स्मूच करने लगा और अब भाभी भी पूरी तरह से गर्म थी, अब वो भी पूरा मज़ा ले रही थी। अब हम एक दूसरे के मुहं में अपनी जीभ डाल रहे थे, वो अपनी गीली सलवार बाथरूम में ही छोड़ आई थी और में भी सिर्फ़ टावल में था।
अब मैंने उसे दीवार से चिपका कर अपना पूरा वजन उस पर डाल दिया और अब मेरे टावल में टेंट बन गया था जो कि मेरे लंड के हार्ड होने की वज़ह से था। अब भाभी पागलों की तरह तड़पती मछली की तरह हो गयी थी और मौन कर रही थी। फिर उसने टावल के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया और ज़ोर-ज़ोर से भींचने लगी।

फिर में भी उसकी कमीज़ ऊपर उठाकर उसकी चूत में उंगली करने लगा। अब में भाभी को और तड़पाना चाहता था, लेकिन वो इतनी गर्म थी कि वो मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर रगड़ने लगी और खड़े-खड़े ही अंदर घुसाने लगी। दोस्तों अब में सातवें आसमान पर था, अब में अपनी तरफ़ से लंड घुसाने की कोई हरकत नहीं कर रहा था बस उसकी तड़प का मज़ा ले रहा था।

अब वो कभी अपनी टाँगे चौड़ी करके मेरे लंड को पकड़कर चूत में डालती तो कभी अपनी टाँगे उठाकर खुद ही खड़े-खड़े धक्के मारती, लेकिन एक दो धक्को के बाद मेरा लंड बाहर निकला जा रहा था। अब वो कुछ नहीं बोल रही थी, बस मौन कर रही थी। अब उसकी चूत से रस टपक कर फर्श पर गिर रहा था, अब काफ़ी तड़पने के बाद उसने अपनी चुप्पी तोड़ी और बोली कि आशु बहुत हो गया अब चोदेगा या में खुद चूत में उंगली कर लूँ। अब यह बात सुनकर मुझे मज़ा भी आया और मेरा लंड भी और तन गया।  फिर मैंने उसे वहीं किचन पट्टी पकड़कर घोड़ी बना दिया और उसकी कमर पकड़कर सीधा अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। अब उसकी चूत के पानी से उसकी चूत एकदम चिकनी हो चुकी थी और मेरा लंड सीधा उसकी चूत को चीरता हुआ जड़ तक जा घुसा और मैंने ताबड़तोड़ धक्के मारने शुरू कर दिए आआहह, अब वो ज़ोर-जोर से मौन करने लगी थी।

फिर मैंने उसके मुँह पर हाथ रखा ताकि पड़ोसी सुन ना ले और उसे चोदने लगा। अब वो भी अपनी गांड हिला-हिलाकर मेरे लंड को अंदर ले रही थी, अब पूरे रूम में फ़च-फच की आवाज़ आने लगी थी। अब मेरी टाँगे उसकी जांघो पर हर धक्के के साथ तपाक से टकरा रही थी और वो ज़ोर-जोर से बड़बड़ाये जा रही थी। अब में अपनी पूरी स्पीड से उसे चोद रहा था। फिर वो वहाँ से हटी और मेरे बेड पर टांगे चौड़ी करके लेट गयी और बोली कि आशु आज फाड़ दे मेरी चूत को, मेरी चूत का भोसड़ा बना दे। फिर मैंने उसकी टाँगे अपने कंधे पर उठाई और उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया। अब वो बहुत जोर से चिल्ला रही थी, आआआआआअ आशु फाड़ और घुसा दे। अब उसकी टांगे अकड़ने लगी थी और वो उसके नाख़ून मेरी पीठ पर चुभा रही थी तो अब में समझ गया कि उसका होने वाला है, शायद उसका पहले भी हुआ हो, लेकिन इस बार तो मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे इतना पानी निकलेगा कि मेरा लंड पूरा भीग जायेगा।

अब उसकी आँखें बंद हो गयी और वो नीचे से धक्के मारने लगी। तभी मेरी नज़र खिड़की पर पड़ी जो कि आधी खुली थी, अब उसमें से हमें कोई देख रहा था। अब मेरा भी होने वाला था तो में रुक नहीं पाया और उसे चोदता ही रहा। अब वो ज़ोर-ज़ोर से साँस लेती हुई और मौन करते हुए झड़ गयी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने भी अपना सारा पानी उसके मुँह पर छोड़ दिया। अब हम हांफते हुए बेड पर लेट गये। फिर उसने अपनी कमीज़ के साथ मेरा पजामा पहना और अपने रूम में जाने लगी। हमारा रूम पास-पास में ही था तो जैसे ही उसने दरवाज़ा खोला तो उसकी सहेली रीना बाहर खड़ी थी। रीना भी शादीशुदा थी, गोरी और सुडोल शरीर, बड़े-बड़े बूब्स और उसकी गांड पीछे से बाहर निकली हुई थी, क्योंकि वो ज्यादातर स्किन टाईट कपड़े पहनती है तो इसलिए उसकी गांड बाहर निकली हुई लगती थी, लेकिन कमाल की गांड है उसकी, फिगर 34-30-36 है। अब में समझ गया था कि ये वही है जो हमें खिड़की से देख रही थी, लेकिन मैंने सब अनसुना कर दिया। अब रिचा उसे देखकर डर गयी और उससे नज़रे मिलाए बिना ही वहाँ से जाने लगी। अब रीना उसे देखकर हंस रही थी और उसके पीछे-पीछे उसके रूम में चली गयी। फिर मैंने भी अपने कपड़े पहने और यह जानने के लिए कि रीना अब क्या करेंगी? उनकी खिड़की के पास छुप गया।

रीना : अरे वाह, रिचा तू तो बहुत बड़ी खिलाड़ी निकली अकेले-अकेले मज़े ले रही है तो रिचा डरते हुए बोली किसी को मत बताना। फिर रीना ने उसकी गांड पर एक शरारती थप्पड़ मारा और अपनी चूत पर  हाथ फैरते हुए बोली कि यार तुम दोनों की चुदाई देखने का मज़ा आ गया। अब मुझे रिचा की सहेली की आँखो में हवस नज़र आ रही थी और मुझे लगा कि अब तो किस्मत खुल गयी और दूसरी भी तैयार है। फिर रिचा अपने बेड पर लेट गयी और उसकी सहेली उसकी सलवार में उसकी चूत के पास अपना मुँह करके लेट गयी।

रिचा बोली क्या कर रही है? तो वो बोली कि तेरी चूत से तेरे यार के लंड की खुशबू ले रही हूँ, अब मुझे तो ये सब सपना सा लग रहा था। फिर उसकी सहेली ने उसका नाडा खोला और उसकी चूत सूंघने लगी। अब में यह सब देखकर हैरान हो गया और अब में समझ नहीं पा रहा था कि यह कहीं लेस्बियन तो नहीं है। फिर वो उसकी चूत का रस अपने हाथ से लगाकर अपनी सलवार के अंदर डालकर अपनी चूत पर मलने लगी और सिसकारी लेती हुई बड़बडाई कि उसका लंड ना सही, लेकिन उसका पानी तो मेरी चूत तक पहुँच गया और वो दोनों हंसने लगी। अब रिचा जो काफ़ी देर से उसे देख रही थी, अब हंसते हुए नॉर्मल लग रही थी। फिर रिचा कपड़े बदलने लगी और उसकी सहेली वहीं लेटी हुई थोड़ी-थोड़ी देर में सलवार के ऊपर से ही अपनी चूत पर हाथ घुमा रही थी। अब उसकी आँखे हवस से भरी हुई थी और अब मेरा दिल तो किया कि वहीं जाकर उसे चोद दूँ, लेकिन मुझे लगा कि रिस्क क्यों लेना?

फिर उसने रिचा से कहा कि यार तेरा तो पति से भी सुंदर है। फिर इसके चक्कर में कैसे पड़ी? तो रिचा बोली कि एक बार इससे चुदकर देख सब पता चल जायेगा। फिर उसकी सहेली ने आह भरते हुए कहा कि हाय वो दिन कब आयेगा? तुम दोनों की पलंगतोड़ चुदाई देखकर मेरा मन भी चुदने का हो रहा है, यह कहकर वो अपनी चूत को ज़ोर-जोर से रग़ड रही थी। अब में आउट ऑफ कंट्रोल हो गया और कमरे में चला गया तो उसने हड़बड़ा कर चादर अपने ऊपर खींच ली। फिर मैंने कहा कि यार मैंने सब कुछ सुन लिया है और देख लिया है, अब छुपाने का क्या फायदा है? फिर में उसके ऊपर चढ़ गया। अब रिचा हमें आश्चर्य से देखे जा रही थी। फिर रीना कुछ नहीं बोली और चुपचाप मेरी आँखो में देख रही थी, जैसे उसे वो मिल गया हो जो वो चाहती थी।

फिर मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए और उसके गुलाबी होंठो को जी भरकर चूसने लगा। अब वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी। अब में अपने पूरे शरीर को उसके शरीर पर रग़ड रहा था। मुझे सबसे ज्यादा प्यारी उसकी गांड लगती है। फिर मैंने उसे उल्टा करके लेटा दिया और उसकी गांड की दरार में अपना लंड घुसाने लगा, अयाया क्या मज़ा आ रहा था? और उसके बूब्स दबा रहा था।

फिर मैंने एक हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया, अया क्या गर्म चूत थी उसकी? बिल्कुल गीली हो चुकी थी।  फिर मैंने उसकी कमीज़ उतारी और उसकी पीठ चाटने लगा, अब वो भी अपनी आँखे बंद करके मज़े ले रही थी। फिर मैंने उसकी सलवार भी उतार दी, अब वो मेरे सामने वाईट ब्रा और ब्लू पेंटी में उल्टी लेटी हुई थी। फिर मैंने उसकी पेंटी को थोड़ा साईड में करके उसकी गांड पर थूक लगाया और अपना लंड टिका दिया, उसकी चूत पर थोड़ी-थोड़ी झांटे थी। फिर मैंने उसकी गांड पर धक्का मारा तो वो बहुत ज्यादा टाईट थी तो मेरा लंड अंदर नहीं गया और वो ज़ोर से चिल्लाई और वो मेरे नीचे से फिसल कर साईड में हो गयी और बोली कि गांड में नहीं सीधा चूत में डाल नहीं तो में चली जाउंगी।

फिर मैंने उसे ओके बोला और उसे घोड़ी बनने को कहा तो वो बन गयी और बोली कि कहा ना गांड में मत डालना तो मैंने कहा कि ओके। फिर मैंने पीछे से उसकी चूत पर अपना लंड रखा, उसकी चूत बहुत गीली थी और ज़ोर से धक्का मारा तो वो थोड़ी चिल्लाई और मेरा लंड पूरा अंदर घुस गया। वो शादीशुदा होते हुए भी उसकी चूत टाईट थी। फिर में उसकी कमर पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। अब वो मौन करने लगी, हाईईई उउउईईई माँ, चोद मुझे, पूरा डाल जड़ तक, डाल आआआआ। अब में उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा था, उधर रिचा भी हमारी चुदाई देखकर गर्म हो गयी थी और कुर्सी पर बैठकर अपनी चूत में उंगली कर रही थी। फिर मैंने उसे पास में बुलाया और अब वो मेरे पास में आकर बैठ गयी। अब मेरा लंड रीना की चूत में था और रिचा के बूब्स मेरे मुँह में थे, आअहह दोस्तों क्या मज़ा था? एक साईड में रीना की चुदाई कर रहा था तो दूसरी साईड में रिचा के बूब्स चूस रहा था और उसकी चूत में उंगली कर रहा था।

अब वो दोनों बहुत गर्म हो चुकी थी और ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ ले रही थी, अब मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था। तब रीना अपनी गांड आगे पीछे करके मेरा लंड अपने आप ले रही थी, तभी मुझे शरारत सूझी तो मैंने रिचा के कान में कहा कि रीना की टांगे पकड़ो और उसे हिलने मत देना। फिर रिचा ने मेरी तरफ शरारत भरी नज़र से देखा और उसकी टाँगे पकड़ ली। अब मैंने रीना की चूत से लंड बाहर निकाला जो पूरा गीला था और उसकी गांड पर रख दिया। फिर वो बोली कि कहा था ना गांड में मत डालना, लेकिन तब तक मैंने एक ज़ोर का धक्का मारा और मेरा आधा लंड उसकी गांड में जाकर फँस गया। फिर वो ज़ोर से चिल्लाई उूउउइईई माँ माररर डाला निकाल इसे, अब वो भागने लगी थी, लेकिन रिचा ने उसे कसकर पकड़ा हुआ था, अब वो छटपटाने के अलावा कुछ नहीं कर सकती थी।

रीना : रिचा छोड़ मुझे, यह मेरी गांड फाड़ देगा, आआअहह बहुत दर्द हो रहा है।

फिर रिचा हँसने लगी और मैंने अपना पूरा दवाब उसकी गांड पर डाल दिया। अब मेरा लंड पूरे से थोड़ा कम उसकी गांड में था। अब वो चिल्ला रही थी, मुझे नहीं चुदवाना, छोड़ो मुझे। फिर मैंने बुरी तरह से उसकी गांड मारनी शुरू कर दी। अब उसकी चीखे निकल रही थी। फिर धीरे-धीरे उसका दर्द कम हुआ और उसकी चीखे सिसकियों में बदलने लगी। अब वो मजे लेने लगी थी और बोलने लगी कि आशु फाड़ मेरी गांड, मेरे राजा मुझे ज़ोर से चोद। अब रिचा बहुत गर्म हो गयी थी। फिर उसने अपनी चूत रीना के मुँह पर लगा दी, आआहह क्या नज़ारा था? अब में रीना की गांड मार रहा था और रिचा अपनी चूत रीना से चटवा रही थी। अब मेरा होने वाला था फिर मैंने कहा कि कहाँ निकालूं? तो रीना बोली कि मेरी चूत में निकाल दो।

फिर मैंने उसे सीधा किया और अब मैंने उसकी एक टाँग उठाकर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और रिचा रीना के मुँह पर बैठ गयी। अब रीना बड़े मज़े से अपनी जीभ उसकी चूत में डाल रही थी और में रीना को चोदने लगा, आआहह आआआ आज़ा मेरे राजा आज तूने मेरी चूत और गांड फाड़कर रख दी और फाड़ आआआहह। अब में लगातार उसे चोदता रहा और रीना झड़ गयी और में भी उसकी चूत में ही झड़ गया और साईड में होकर लेट गया। अब सब बेड पर पड़े थे, तभी मेरा माल रीना की चूत से थोड़ा-थोड़ा टपकने लगा था। अब रिचा यह देखकर रीना की चूत चाटने लगी और पूरा रस अपने मुँह में भरकर रीना को किस करते हुए उसके मुँह में छोड़ दिया। फिर उन दोनों ने मेरा माल पिया और फिर मेरे लंड को चाटकर साफ किया ।।

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